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लखनादौन का विकास-72 वर्षो में भी नही बन पाई 7 किमी की सड़क

सिवनी – लखनादौन के अंतर्गत आने वाले ग्राम पतरई से भानेरी के बीच 7 किमी का मार्ग है जहां से प्रतिदिन लोगों का आना, जाना होता है आजादी के 72 वर्ष बाद भी अभी तक यहां पर मार्ग का निर्माण कार्य नही किया गया है जिससे लोगों को आने,जाने में दिक्कत का सामना करना पड़ता है।

गौरतलब है कि राष्ट्रीय राजमार्ग क्रं.26 पर स्थित ग्राम परासिया से भनेरी तक 7 किमी की दूरी है और परासिया से 2 किमी की दूरी पर हाईस्कूल है जिसमें ग्राम भनेरी छिपकना, भराडदोह,खूटखमरिया, पाथरकाठी, खूबी, जमकोना आदि के बच्चे यहां पर पढऩे आते है।

उल्लेखनीय है कि यह क्षेत्र चारो तरफ से जंगलों से घिरा हुआ है और जंगली जानवर यहां पर विचरण करते रहते है बीच में दोबार जंगली जानवरों ने भी राहगीरों पर हमला कर चुके है इसके बावजूद भी शासन ने आज तक सुध नही ली बारिश के दिनों में बच्चों व ग्रामवासियों को आने,जाने में परेशानी का सामना करना पडता है रास्ते में दो बड़े नाले भी है जिसके कारण बारिश में आवागमन भी बंद हो जाता है और बच्चों की पढाई भी प्रभावित होती है।

ग्रामवासियों ने कई वर्षो से उक्त सड़क बनाये जाने की मांग की है परंतु अभी तक सड़क की स्वीकृति नही दी गई ग्रामवासियों का कहना है कि अगर व्यक्ति बीमार पड़ जाता है तो जर्जर मार्ग के कारण बीमार व्यक्ति को खाट में डालकर पैदल परासिया तक लाते है कई बार तो डॉक्टर के पास पहुंचने से पूर्व ही बीमार व्यक्ति की मृत्यु हो चुकी है अत:इस समस्या का तत्काल निदान को लेकर सरपंच नारायण एवं जनपद सदस्य वार्ड क्रं.19 अखिलेश इनवाती व गहनसिंह,कोमल महेश कुमार, जगत,मानक,गयाराम,शोभाराम,सुमरन,सियाराम, रामचंद, शिवप्रसाद आदि ने मांग की है कि मार्ग का निर्माण तत्काल कराया जाये।

जलाई विकल्प प्रारूप की होली

सिवनी-पिछले 20 वर्षों से शिक्षाकर्मी और संविदा के रूप में भर्ती हुये और वर्तमान में अध्यापक संवर्ग में कार्यरत स्थानीय निकाय के कर्मचारियों के साथ मप्र शासन लगातार दोयम दर्जे का व्यवहार करते आ रहा है।

विगत 21 जनवरी 2018 को राज्य अध्यापक संघ मप्र के नेतृत्व में और हजारों आध्यपको की उपस्थिति में प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने घोषणा की थी कि अब शिक्षा विभाग में केवल एक केडर होगा और सभी केवल और केवल शिक्षक होंगे।सभी को नियमित शिक्षको के सामान सुविधा मिलेंगी।किसी के साथ कोई भेदभाव नही होगा।

मुख्यमंत्री की घोषणा के कार्यरूप में परिणित होते होते सब कुछ बदल गया और मप्र शासन स्कूल शिक्षा विभाग ने कैविनेट में राज्य शिक्षा सेवा के अंतर्गत शैक्षणिक संवर्ग में भर्ती और सेवा नियम का प्रस्ताव लाकर अधयापक सम्वर्ग को नया नाम प्राथमिक शिक्षक,माध्यमिक शिक्षक,उच्च माध्यमिक शिक्षक देकर प्रस्ताव पर मोहर लगवा ली और समस्त अध्यापक सम्बर्ग को शिक्षा विभाग में नियुक्ति कर एक और नया कैडर बना डाला जो कि मुख्यमंत्री की घोषणा के विपरीत है।

1 जुलाई 2018 से अस्तित्व में आये राज्य शिक्षा सेवा शैक्षणिक संवर्ग की सेवा शर्तों के आदेश तो विभाग जारी नही कर पाया परंतु नियुक्ति प्रक्रिया निर्देश जारी कर आध्यपको को स्वयं अपनी सर्विस बुक अपडेट करने के लिये निर्देशित किया गया।

इस राज्य शिक्षा सेवा में आने के लिये सभी आध्यपको को एक विकल्प प्रारूप भरकर अपलोड कराना होगा जिसमें लिखा है कि अध्यापक 1 जुलाई 2018 के पूर्व की सेवा के लिये किसी भी प्रकार के लाभ की मांग नही कर सकते है।

आध्यपको को इस शर्त से 20 वर्षो की सेवा अवधि 0 होने का भय सता रहा है जिससे अध्यापक में भारी आक्रोश व्यापत है।

विकल्प प्रारूप के विरोध में जिले के आध्यपको ने कचहरी चौक में एकत्र होकर प्रारूप की होली जलाई और मुख्यमंत्री के नाम जिला प्रशासन को ज्ञापन सौपा।

VIDEO में देखे कैसे बनी जलावर्धन योजना खतरनाक

सिवनी- करोड़ो की लागत से नपा सिवनी के नागरीको के लिये दो समय पेय जल उपलब्ध कराने के लिये 68 करोड़ की लागत से बबरिया जल अवार्धन योजना में जारी अनिमियता चरम पर हे। नियंम अनुसार बारिस के मौसम में व्यस्तम इलाको में पेयजल विषात्तर हेतु कार्य हेतु अनुमिति नही है, फिर भी ठेकेदार ने नेहरू रोड में पाइप लाइन बिछाने के लिये खोदे गए गड्ढे परेसानी का कारण बन गए जहा जगह जगह वाहन फस रहे हे।। खोदे गये गड्ढो में डाली गई डस्ट कोई काम नही आ रही जिससे यातायात भी बाधित हो रहा है।

नागपुर जा रहे हो तो ये पढे

सिवनी-जबलपुर – नागपुर मार्ग पर कुरई घाट में जाम लगा हुआ है,आज सुबह से तेज बारिश व्. खराब मौसम के बाद, चली तेज हवाओं के चलते पेड़ गिरकर रोड पर आ गए जबकि व एक बड़ा ट्राला भी घाटी में उतरकर फस गया जिसके चलते लगा लंबा जाम देर रात तक खुलने के आसार नजर नही आ रहे हे। समाचार लिखने तक सेकडो यात्री बसें, चौपहिया वाहन व ट्र्क जाम में फंसे हे जिससे दोनों ऒर लम्बा जाम लगा है

हाई अलर्ट-भारी बारिश का अनुमान

भोपाल- आज दिनांक 28 अगस्त 2018 को मध्य प्रदेश में आगामी 5 घंटे के लिए भारी बारिश की चेतावनी दी है जो भोपाल इंदौर विदिशा सागर कटनी दमोह इटारसी होशंगाबाद ग्वालियर जबलपुर मैं भारी बारिश हो सकती है भोपाल इंदौर और जबलपुर में बादल फटने के आसार बन रहे हैं इसलिए सभी लोगों और प्रशासन से अपील की जाती है की आप सभी लोग अपने घर में रहने का प्रयास करें और आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए तत्पर रहें

अज्ञात कारणों से हुई युवक की मौत

सिवनी। जिले के बरघाट थाना अंतर्गत आने वाले ग्राम मगरकठा के समीप गत 27 अगस्त की शाम पुलिया के समीप एक मोटरसाइकिल सहित मृत युवा देखा गया, जिसकी जानकारी सोशल मीडिया के माध्यम से प्रसारित होने के बाद आज प्रात: मृतक का शव बरघाट पुलिस को स्थानीय शासकीय स्वास्थ्य केंद्र में सौंपा गया।

बरघाट थाने से मिली जानकारी के अनुसार मृतक की पहचान आकाश पिता जागेश्वर मेश्राम उम्र 19 वर्ष निवासी वार्ड क्रमांक-13 मढिय़ा वार्ड बरघाट के रूप में हुई है। मृतक के पिता के अनुसार आकाश गत 27 अगस्त की शाम 4 बजे मोटरसाइकिल लेकर घूमने गया था, जिसके बाद से वह सुबह तक नहीं आया तो उसकी खोजबीन की गई। किसी परिचित ने बताया कि स्वास्थ्य केंद्र बरघाट में एक युवक की लाश रखी हुई है, जिसके बाद उन्होनें अपने पुत्र की पहचान की।

चूंकि पुलिस को घटना स्थल एवं घटना का कारण की अभी तक कोई जानकारी नहीं है ऐसे में पुलिस द्वारा मर्ग कायम कर पंचनामा कार्यवाही के पश्चात पोस्टमार्टम हेतु समाचार लिखे जाने तक कार्यवाही की जा रही थी सारे मामले को बरघाट पुलिस ने जांच में ले लिया है, जिसके बाद ही यह खुलासा हो पायेगा की आखिर आकाश की मौत किन कारणों से हुई।

अचार पुडी के लिये हुआ लाखो का भुगतान

सिवनी-केवलारी जनपद पंचायत में किस तरह अधिकारी जनता के टेक्स से एकत्र राशि का दुरूपयोग कर रहे हे उसका एक बड़ा प्रमाण उस समय मिला जब आचार पूड़ी का के लिये एक लाख बीस हजार रूपये एक रेस्टोरेंट सचालक को भुगतान किये गये। जनता की गाढ़ी कमाई का खुला दुरुपयोग कर रहे केवलारी जनपद पंचायत सीईओ विनोद मारवी जी सिर्फ एक पैकेट आचार पूड़ी का 100 रुपयों के हिसाब से कर दिया।

जबकि उक्त रेस्टारेंट का ना ही टीन /जीएसटी नंबर है इसके बाद भी जनपद सीईओ द्वारा 1200 आचार पूड़ी के पैकेट का भुगतान नियमो को ताक पर रख किया गया है इस मामले पर जनपद पंचायत केवलारी के निर्वचित जन प्रति निधि भी मौन है।

VIDEO डिप्टी रेंजर को बचा रहे हैं वरिष्ठ अधिकारी | मातृशक्ति को शर्मसार करने वाली घटना

सिवनी – मातृशक्ति को शर्मसार करने वाली घटना। सरेआम महिला वन कर्मी का माफी वाला वीडियो हुआ वायरल अधिकारियों की दम्बनगई अधिनस्त महिला कर्मचारी से मंगवाई सार्वजनिक माफी। कहा है महिलाओं के हक में कसीदे पड़ने वाली संस्था शक्ति ,समर्पण और ममता का प्रतीक नारी होती है इस देश में कहीं दुर्गा की तो कहीं काली की पूजा होती है इन सब के बाद भी नारी अबला बानी हुई है एक तरफ तो सरकार महिलाओं के लिए कई महत्पूर्ण कदम उठा रही वही दूसरी तरफ महिलाओं के शोषण के कई मामले सामने आ रहे है ताज़ा मामला सिवनी का है ।

सोशल मीडिया में इन दिनों एक महिला वनकर्मी का सार्वजनिक रूप से हाथ जोड़कर गाव के सेकड़ो ग्रामीणों के सामने माफी मांगने का वीडियो सुर्खियों पर है ।ये वीडियो सिवनी जिले के कोकिवाड़ा गाव का बताया जा रहा है ।वीडियो के पीछे की कहानी जो बताई जा रही है वो इस प्रकार है की जिले वन परिक्षेत्र सिवनी के ग्राम कोकिवाड़ा में विगत कुछ दिनों पूर्व समीप के जंगल में बकरी चारने गए वर्ध आदिवासी रमलू गोंड को महिला बीट गार्ड द्वारा ठप्पड मारे गये, जिसके बाद आदिवासी बहुल्य इस ग्राम के कई महिला पुरुष थाना डुंडा सिवनी पहुचे जहा उनके द्वारा आरोपी महिला कर्मी के खिलाफ वैधानिक कार्यवाही करने का आवेदन भी दिया।

बदले घटना क्रम के मध्य इसी रेज में पदस्थ डिप्टी रेंजर सक्रिय हुआ और मामले को ग्राम वासियो के साथ पुलिस व वन अधिकारियों की उपास्थि में मामले सुलझाने पर सहमति बनी ।

सोशल मीडिया की खबर के अनुसार 25 अगस्त को ग्राम कोकिवाड़ा में खुले आसमान के नीचे चर्चा हुई जहा एस डी ओ पी वीं पांडेय ,वन परीछेत्र अधिकारी बी पी तिवारी भी मौजूद थे पीड़ित व्रद्ध रमलू तराम ओर कौशल्या के अनुसार उनके साथ वन विभाग के डिप्टी रेंजर बघेल ओर बीट गार्ड मधुलिका भी मौजूद थी

कुछ घण्टे चली चर्चा के बाद ग्रामीणों के सामने बीट गार्ड मधुलिका से भरी सभा मे हाथ जोड़कर माफी मंगवाई गयी। जिसका वीडियो सोशल मीडिया में भी जारी हुआ।

वीडियो और पूरे घटना क्रम की पड़ताल की गई तो कुछ और ही तथ्य सामने आए जो अपने दर्शकों के सामने रखना जरूरी है

इस वीडियो में एक महिला जो कि वन कर्मी की ड्रेस में है जिसके साथ उसके सीनियर अधिकारी भी कुर्सी में बैठे है साथ ही उनके साथ कुछ और लोग विराजमान है जो कि अपने आप को किसी जज से कम नही समझ रहे है वही कुछ राहचलते लोग भी इस घटना के गवाह बनने की चाहत में मोटरसाइकलों में तमाशबीन की तरह बैठे है। वीडियो में आप देखेंगे कि महिला वन कर्मी अपने अधिकारियों और सामने बैठे लोगों से बड़ी विनम्रता से पहले तो अपने दोनों हाथ जोड़ती है फिर उनसे अपने अधिकारियों से हुई गलती कि माफी मांगती है जिसमे उन्होंने डिप्टी साहब का ज़िक्र किया है। साथ मे रमलू काका और फिर कौशल्या बाई के तरफ देख कर अधिकारियों से हुई गाली गलौच और मारपीट की बार बार माफी मांगी ।इसी बीच सामने बैठे किसी युवक की आवाज़ आती है कि मैडम थोड़ा शर्मिन्दा भी हो ।जिसके बाद महिला कर्मी कहती है कि हाथ जोड़कर माफी मांग रही हूँ भैय्या।

तो देखा आपने एक महिला को

वन विभाग के कर्मचारी अधिकारी और गाव के दबंग लोग कैसे शर्मिंदा कर रहे क्या ये मध्यप्रदेश में कोई खाप पंचायत या तालिबानी कानून की जीती जागती तस्वीर नही दिख रही हम मानते है कि गलती की माफी मांगना संस्कार के दायरे में आता है लेकिन इस तरह से किसी महिला से माफी मंगवाना कोनसे से संस्कार या कानून में है?

अब हम आपको जो दस्तावेज़ दिखाने जा रहे है ये दस्तावेज़ इसी प्रकरण से जुड़े हुए है ।

1-थाने की प्राथमिकी

इस थाने की रिपोर्ट में कही भी महिला कर्मचारी का नाम नही है इसमें साफ साफ स्पस्ट है कि आदिवासी रमलू वर्ध के साथ डिप्टी रेंजर बघेल ने मार पीठ की है। जिसके गवाह अनेको लोग है जिनके द्वारा ये शिकायत सिवनी के डूंडा सिवनी थाने में दर्ज की गई है।

2 -पुलिस अधिकछ सिवनी को शिकायत

दूसरे दस्तावेज में भी जो की शिकायत के तौर पर पुलिस कप्तान को दिया गया है उसमें भी महिला कर्मचारी का कही नाम नही है उसमें फारेस्टर हरवेंद्र बघेल डिप्टी रेंजर का नाम है।

3 हस्ताक्षर युक्त पंचनामा

ग्रामीणों और वन समिति के सदस्यों के द्वारों जो पंचनामा बनाया गया है उसमें भी बघेल के द्वारा मारपीट और गाली गलौच का ज़िक्र किया गया है ।

अब पूरे मामले में चोकाने वाली बात यह है कि इस घटना क्रम दौरान मार पीट और गालीगलौच के मुख्यआरोपी डिप्टी रेंजर बघेल के खिलाफ अभी तक कोई कार्यवाही क्यो नही हुई जबकि सारे दस्तावेज़ डिप्टी रेंजर बघेल के खिलाफ है ।

पूरे घटना क्रम से स्पष्ठ होता है कि कोई भी रसूखदार अधिकारी अपने अधिनस्त कर्मचारियों का किस तरह से शोषण करता है अपनी की हुई गलती का ठीकरा किसी अधिनस्त कर्मचारी पर कैसे फोड़ता है अपनी तानाशाही के दम पर महिला कर्मचारियों का शोषण करना भी नही छोड़ते।

कांग्रेस के नेता लगातार आशब्दों का प्रयोग कर रहे- भूपेंद्र सिंह

सिवनी-मुख्यमंत्री जन आशीर्वाद यात्रा को लेकर प्रदेश के गृहमंत्री भूपेंद्र सिंह ने पत्रकारों को जानकारी देते हुए बताया कि 29 अप्रैल को रहली से होते हुए देवरी देवरी से होते हुए सुर्खी और सुर्खी से जन यात्रा सागर पहुंचेगी सागर में सभी स्थानों पर मुख्यमंत्री की जन यात्रा का जगह-जगह स्वागत होगा और गृहमंत्री ने बताया कि सुरक्षा की दृष्टि से देश में सबसे सुरक्षित शहरों में पहले स्थान पर सागर का चयन हुआ है यह सफलता मिली है तो माननीय मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में मिली है।

पत्रकारों द्वारा पूछे गए सवाल की मुख्यमंत्री की जन आशीर्वाद यात्रा को लेकर जो हमले हो रहे हैं अभी तक भाजपा की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई

जवाब देते हुए गृहमंत्री ने कहां की यात्रा की सफलता से कांग्रेस में निराशा है हताशा है इसीलिए जन यात्रा के बारे में मुख्यमंत्री जी के बारे में कांग्रेस के नेताओं के द्वारा अपशब्दों का प्रयोग लगातार किया जा रहा है गालियां दी जा रही है कभी नालायक कहां जा रहा है कभी वेश्या कहां जा रहा है कभी मदारी भी कहा गया कभी हिटलर या क्या कुछ कहा जो प्रभारी है मध्य प्रदेश के दीपक बावरिया जी ने हिटलर कहा जितने अपशब्द हो सकते हैं कांग्रेस के नेता मुख्यमंत्री जी के बारे में कर रहे हैं इतनी भी मर्यादा नहीं है कि वह राज्य के मुख्यमंत्री हैं हमारी संस्कृति में राजनीति में विरोध होता है और यहां सारी मर्यादाएं भूलकर आशब्दों का प्रयोग कर रहे है गालियां दे यह कांग्रेस के नेता लगातार कर रहे हैं यह हताशा में निराशा का कारण है।

कल खुले रहेंगे स्कूल-अशासकीय शैक्षणिक संगठन

सिवनी- विगत दिनों प्राइवेट स्कूलों के सगटनो द्वारा फ़ीस वर्द्धि की मांग को लेकर एक दिवस की हड़ताल की गई थी, जिसके बाद कल 28 अगस्त को पुनः स्कुल बंद का आह्वान किया गया है, इसे लेकर आज एक प्रेस विज्ञप्ति अध्यक्ष अशेष के के चतुर्वेदी में बताया को फीस वृद्धि पर्याप्त है,एक वर्ष में इससे अधिक वृद्धि करना,अभिभावक को ठगना है।

निजी विद्यालय फीस नियामक आयोग की सिफारिश सही,अतः अशासकीय शैक्षणिक संगठन सरकार के साथ,कल 28/8/18 का बंद औचित्यहीन,अशैस के सभी स्कूल खुले रहेगे।आयोग की सिफारिशों में किसी संगठन को गलत लगता है तो धरने पर,अनशन पर बैठ कर रखें अपनी मांगें । बच्चों की पढ़ाई चौपट ना करें।