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म.प्र. स्थापना दिवस के अवसर पर एक नवम्बर से आमजन के लिए खुला रहेगा राजभवन

भोपाल// राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने मध्यप्रदेश के स्थापना दिवस के अवसर पर एक नवम्बर, 2018 से राजभवन आमजन के भ्रमण के लिए हर सप्ताह के मंगलवार और गुरूवार को अपरान्ह 4 बजे से शाम 6 बजे तक खोलने के निर्देश दिये हैं।

राज्यपाल श्रीमती पटेल ने एक नवम्बर 2018 से स्कूली छात्र-छात्राओं के लिए राजभवन में प्रतिदिन प्रात: 9 बजे से शाम 5 बजे तक प्रवेश की अनुमति दी है। इस संबंध में स्कूल प्रबंधन तथा शिक्षकों को छात्र-छात्राओं की संख्या एवं समय के बारे में राजभवन को पूर्व में सूचित करना होगा। अनुमति लेकर ही राजभवन भ्रमण के लिए प्रवेश किया जा सकेगा

पुलिस वाले भी अच्छे होते हैं

सबसे पहले तो अपनी बचपन की सोच पर क्षमा चाहूंगी। बचपन में कितनी ही ऐसी फिल्म देखि जिनमे पुलिस वाले अच्छे रोल में नहीं होते थे।वो खलनायक की भूमिका निभाते थे।शायद तभी से मन में ये विचार घर कर गए थे की पुलिस वाले अच्छे इंसान नहीं होते।फिर जन्म भी यूपी में हुआ जहाँ कुछ चंद ही ऐसे पुलिस वाले थे जो बिना रिश्वत के अपना काम करते होंगे।जो भी हो मगर पुलिस को लेकर कुछ अच्छी छवि नहीं थी मेरे मन में।मगर एक दिन मेरी सोच मुझे गलत लगी।उस दिन कुछ ऐसा हुआ की पुलिस वालो के लिए दिल में इज़्ज़त बढ़ गयी ।और उस दिन मुझे लगा की पुलिस वाले भी अच्छे होते हैं।

बात 6 अक्टूबर 2014 की है जब मेरा दोस्त कश्मीर से छुट्टी आया था।दिन में ढाई बजे थे मेरी कोचिंग तीन बजे से होती थी।घर का सारा काम खत्म करके सब को लंच करने के बाद हर रोज की तरह मैं जल्दबाज़ी में ऊपर अपने कमरे में आई थी आते ही नजर घडी पर पड़ी ठीक 2 बज कर 35 मिनट हो रही थी।आज कहीं देर न हो जाये ,,मैं मन ही मन बड़बड़ा रही थी।मैं बस पूरीतरह तैयार ही थी अपना पर्स उठा कर जाने के लिए की तभी मेरा फ़ोन बज उठा ,नंबर देखा तो नीरज का था।

हेल्लो….मैंने मुस्कुराते हुए बोला था।

प्रीती मेरा एक्सीडेंट हो गया है ,काफी लग गयी है ,एक्टिवा भी टूट गयी है,क्या तुम आ सकती हो? नीरज की आवाज में दर्द साफ़ सुनाई दे रहा था। कैसे,क्या हुआ?ज्यादा लग गयी क्या?मेरा दिल बैठा जा रहा था ,जब से रोड एक्सीडेंट में अपने पापा को खोया एक्सीडेंट के नाम से साँसे थमने सी लगी थी मेरी। अरे पीछे से एक गाडी वाले ने मार दिया ,इतनी ज्यादा नहीं लगी मगर मुझे हेल्प की जरुरत है।प्रिंस चौक पर एक बाइक रिपेयरिंग वाली शॉप पर खड़ा हूँ,तुम आ पाओगी?

मैं ना भला कैसे कर सकती थी ।मैंने एक्टिवा उठाई और निकल पड़ी।कहने को 7 साल से मैं इस शहर में रहती हूँ मगर आज मैं कंफ्यूज थी की किस रस्ते से प्रिंस चौक पहुँचूँ।शायद मैं घबरा गयी थी ।अजीव सी बाते दिल में आरही थी।पूछते पूछते आधा रास्ता तय कर लिया था।फिर मुझे एक रोड क्रॉस करनी थी वहां कोई सिग्नल लाइट नहीं थी पुलिस के कुछ जवान हाथ से ही आने जाने की अनुमति दे रहे थे।काफी देर हो गयी थी मुझे मगर रोड खचाखच भरी थी और मैं सड़क पार नहीं कर पा रही थी।तभी उस पुलिस वाले ने मेरा चेहरा देखा जिस पर साफ़ नजर आ रहा था की मैं परेशां हूँ, और जल्दी जाना चाहती हूँ फिर मैंने अपने चेहरे के भावों से उसे बोला की मुझे जाने दीजिये।उसने भी बहुत जल्दी मेरी परेशानी भांप ली थी।तभी उसने पूरा ट्रैफिक वहीँ का वहीँ रोक दिया।और मुझे इशारा करते हुए कहा'””जाइये मैडम”।

मुझे उस वक्त लगा की रुक कर उसे बोलूं की आज तुम्हारी इस बात ने मेरी सालों की गलत फहमी दूर कर दी की पुलिस वाले सिर्फ खलनायक होते हैं।मगर मैं कुछ नहीं कह पाई बस मैंने गर्दन झुका कर और हल्का सा मुस्कुराकर उसे थैंक यू बोला और निकल पड़ी।

मगर उस दिन की उस पुलिस वाले की हेल्प ने मेरे सारे विचार बदल कर रख दिए थे। उस दिन यकीन हो गया की “पुलिस वाले भी अच्छे होते हैं

प्रीति राजपूत शर्मा

लेखक के बारे में : एक साधारण सी लड़की हूँ।एक जिम्मेदार बहु,पत्नी और माँ भी हूँ।

हटाये गये अतिक्रमण

सिवनी-जिला मुख्यालय के सरकारी बस स्टेंड के मुख्य प्रवेश द्वार पर वर्षो से अवैध कब्जा धारीयो के खिलाफ तहसीलदार सिवनी राजस्व मंडल प्रभात मिश्रा के नेतृत्व में कार्यवाही की गई हैं। इस दौरान पान चाय एवं होटलों एवं अन्य दुकानों को नपा के अमले की मदद से हटाया गया ।

अर्पित मिश्रा कर रहे सर्पो का संरक्षण

सिवनी-गत 27 अक्टूम्बर की देर रात सिवनी जिले के ग्राम गहरानाला के पास एक घर मे अजगर के घुस जाने की सूचना प्राप्त हुई उड़न दस्ता प्रभारी के के तिवारी के निर्देश पर दल में पदस्थ सर्प विशेषज्ञ अर्पित मिश्रा ने घटना स्थल पर पहुंच कर अजगर को सुरक्षित रेस्क्यू किया वहाँ काफी लोग उपस्थित थे जिनमे से कुछ लोग के द्वारा पुछे जाने पर जानकारी दी की यह जहरीला सर्प नही है ,लेकिन सर्प के काट लेने पर तत्काल अस्पताल जाए झाड़फूंक में समय बरबाद न करें देरी होने से जान भी जा सकती है ।

भारत मे 280 प्रजातिया पाई जाती है जिनमे से सिर्फ 4 सर्प ऐसे है जिनकी पहचान होना बहुत जरूरी है जिन्हें BIG FOUR SNAKES भी कहा जाता है कोबरा – नाग , रसल वाइपर (पर्रामन ,कोडिया) , करैत (दांडेकार ) , सॉ स्केल्ड वाइपर (फुर्सा ) , जो कि जहरीले सर्प है आप गूगल पर BIG FOUR SNAKES सर्च कर इन साँपो की पहचान अच्छी तरीके से कर सकते है |

, सर्प वन्यप्राणी संरक्षण अधिनियम 1972 के अंतर्गत है अजगर और मॉनिटर लिजर्ड (गोहटा,गोहेरा) शेडयूल 1 में आता है साथ ही कोबरा- (नाग), रसल वाइपर – (पर्रामन ,कोडिया) ,शेडयूल 2 में एवं अन्य सर्प 3 और 4 के अंतर्गत है सांपो के साथ खिलवाड़ करने या मारने पर 3 से 7 साल तक कि सजा का प्रावधान है ।
साथ ही समझाया गया की साँप चूहों को खाकर फसलों की रक्षा एवं चुहों से होने वाली खतरनाक बीमारियों से भी मानव जीवन की रक्षा करते है ,सांप के जहर से खतरनाक बीमारियों की दवाएं भी बनाई जाती है, सर्प प्राकृतिक संतुलन बनाये रखने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाते है इनका संरक्षण करें।

सोरायसिस का रामबाण इलाज है घृतकुमारी, निशान से भी मिलता है छुटकारा

सर्दियों में सोरायसिस नामक रोग के मामले कुछ ज्यादा ही बढ़ जाते हैं। सोरायसिस एक वंशानुगत बीमारी है लेकिन यह कई अन्य कारणों से भी हो सकता है। आयुर्वेद के अनुसार, सोरायसिस एक गैर-संक्रामक त्वचा रोग है। इसमें शरीर में वात व पित्त की अधिकता के कारण त्वचा के टिश्यूज में विषैले तत्व फैल जाते हैं, जो सोरायसिस की समस्या पैदा करते हैं। जिन लोगों को सोरायसिस होता उन्हें त्वचा में जलन, खुजली, त्वचा का लाल पड़ना और सूजन जैसे लक्षण दिखते हैं।

कैसे होता है सोरायसिस

हमारे शरीर में दिन-प्रतिदिन बदलाव होते रहते हैं जिनमें से अधिकांश का हमें अंदाजा भी नहीं होता। जैसे हमारे, नाखून, बाल इत्यादि बढ़ते हैं ठीक वैसे ही हमारी त्वचा में भी परिवर्तन होता है। जब हमारे शरीर में पूरी नयी त्वचा बनती है, तो उस दौरान शरीर के एक हिस्से में नई त्वचा 3-4 दिन में ही बदल जाती है। यानी सोरायसिस के दौरान त्वचा इतनी कमजोर और हल्की पड़ जाती है कि यह पूरी बनने से पहले ही खराब हो जाती है। इस कारण सोरायसिस की जगह पर लाल चकते और रक्त की बूंदे दिखाई पड़ने लगती है। हालांकि सोरायसिस कोई छूत की बीमारी नहीं हैं और ये ज्यादातर पौष्टिक आहार ना लेने की वजह से होती है।

यदि आपके खानपान में पौष्टिक तत्वों की कमी है और आप घी-तेल भी बिल्कुल ना के बराबर खाते हैं तो आपको यह रोग हो सकता है। सोरायसिस त्वचा पर मॉश्चराइजर ना लगाने, त्वचा को चिकनाहट और पर्याप्त नमी ना मिलने के कारण भी होता है। त्वचा की देखभाल ना करना, बहुत अधिक तेज धूप में बाहर रहना, सुबह की हल्की धूप का सेवन न कर पाना इत्यादि कारणों से सोरायसिस की समस्या होने लगती हैं। सोरायसिस के उपचार के लिए कुछ दवाईयां का सेवन किया जा सकता है लेकिन इससे निजात पाने के लिए आपको त्वचा की सही तरह से देखभाल करना जरूरी है।

क्या हैं सोरायसिस के कारण

  • सोरायसिस होने का कारण आनुवांशिक भी हो सकता है।
  • यदि माता-पिता दोनों इससे ग्रस्त हैं, तो बच्चे को भी सोरायसिस होने की संभावना 60 प्रतिशत तक बढ़ जाती है।
  • इसके अलावा प्राकृतिक वेगों (मल व पेशाब) को कई बार रोकना भी कालांतर में इस रोग का कारण बन सकता है।
  • इसी प्रकार मसालेदार, तैलीय, चिकनाईयुक्त व जंक फूड्स खाने, चाय काफी और शराब का सेवन व धूम्रपान भी सोरायसिस के कारण बन सकते हैं।

सोरायसिस के लिए बचाव

  • स्व-चिकित्सा (सेल्फ मेडिकेशन) से दूर रहें। अनुभवी आयुर्वेद चिकित्सक से परामर्श लेने के बाद ही उपचार शुरू करें।
  • पानी में साबुत अखरोट उबालकर और इसे हल्का ठंडाकर त्वचा के प्रभावित अंगों पर लगाएं। प्रभावित अंग को ताजे केले के पत्ते से ढक दें।
  • 15 से 20 तिल के दाने एक गिलास पानी में भिगोकर पूरी रात रखें। सुबह खाली पेट इनका सेवन करें।
  • पांच से छह महीने तक प्रात: 1 से 2 कप करेले का रस पिएं। यदि यह रस अत्यधिक कड़वा लगे, तो एक बड़ी चम्मच नींबू का रस इसमें डाल सकते हैं।
  • खीरे का रस, गुलाब जल व नींबू के रस को समान मात्रा में मिलाएं। त्वचा को धोने के बाद इसे रातभर के लिए लगाएं।
  • आधा चम्मच हल्दी चूर्ण को पानी के साथ दिन में दो बार लें।
  • घृतकुमारी का ताजा गूदा त्वचा पर लगाया जा सकता है या इस गूदे का प्रतिदिन एक चम्मच दिन में दो बार सेवन करें।
  • यदि आपको उपर्युक्त उपचार विधियों से राहत नहीं मिलती है, तो आयुर्वेद चिकित्सक से सलाह अवश्य लें। आयुर्वेद चिकित्सा के माध्यम से सर्वप्रथम रक्त व टिश्यूज की शुद्धि की जाती है। फिर यह पद्धति पाचन तंत्र को मजबूत कर त्वचा के टिश्यूज को सशक्त करती है।
  • सुबह टहलें और नियमित रूप से पेट साफ रखें।

स्मार्टफोन या टैबलेट को ऐसे बनाएं बेबी मॉनिटर, बच्चे पर रखें नजर

अगर आपके पास छोटा बच्चा है और आप घर पर अकेलें हैं तो ऐसे में बच्चे को संभालना उस समय और भी कठिन हो जाता है जब आपके पास घर में कोई दूसरा काम भी हो। आपका बच्चा दूसरे कमरे में अकेला होता है और किसी भी तरह की गड़बड़ी से बचने के लिए आप उसे अकेला नहीं छोड़ना चाहते तो इसका भी हल है। आपने स्मार्टफोन या टैबलेट की मदद से आप बच्चे पर नजर रख सकते हैं। यहां हम आपको बता रहे हैं कि आप किस तरह से अपने स्मार्टफोन या टैबलेट की मदद से ऐसा कर सकते हैं।

ऐसे बनाएं बेबी मॉनिटर
बेबी मॉनिटर बनाने के लिए पहले अपने स्मार्टफोन और उस डिवाइस पर स्काइप डाउनलोड करें जिसे आप बेबी मॉनिटर बनाना चाहते है यह स्मार्टफोन या टैबलेट हो सकता है। बेबी मॉनिटर के स्काइप अकाउंट पर ऑटोमैटिक कॉल आंसर के विकल्प को ऐक्टिवेट करें। ऐसा करने से आप जब भी बेबी मॉनिटर पर कॉल करेंगे, कॉल अपने आप चालू हो जाएगी और आप अपने बच्चे को जब चाहे लाइव देख सकेंगे क्योंकि बच्चा तो कॉल का जवाब दे नहीं सकता है। 

ऐंड्रॉयड पर ऐसे करें ऐक्टिवेट
1.स्काइप को खोलें 
2. Setting पर क्लिक करें। 
3. Voice and Video calls settings में उस बॉक्स पर क्लिक करें जहां Answer calls automatically लिखा हो। 

iPhone पर ऐसे करें ऐक्टिवेट
1. स्काइप को खोलें और Skype > Preferences > Calls > Answer automatically > Configure पर जाएं 
2. अब यहां Answer automatically with video को चुनें 

अब मॉनिटर को लगाने की जगह चुनें
मॉनिटर ऐसी जगह पर होना चाहिए जहां से बच्चे की पूरी ऐक्टिविटी दिखे। ऐसा करने के लिए आप दोनो डिवाइस में स्काइप को चालू करें और अपने स्मार्टफोन देखकर मॉनिटर के लिए सही लोकेशन चुनें। आप चाहें तो इसके लिए ट्राइपॉड भी खरीद सकते हैं। यह भी ध्यान रखें कि मॉनिटर बच्चे की पहुंच से दूर हो।

UPSSSC जूनियर इंजिनियर भर्ती 2018-19 – UPSSSC Junior Engineer Recruitment 2018


UPSSSC Junior Engineer Recruitment 2018-19 ( UP Subordinate Service Selection Commission Vacancy 2018 ) UPSSSC Junior Engineer Recruitment 2018

UPSSSC Junior Engineer Recruitment 2018-19 ( UP Subordinate Service Selection Commission Vacancy 2018 ) उत्तरप्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड (UPSSSC JE 2018) ने जूनियर इंजिनियर (Junior Engineer) के 1477 पदों के लिए भर्ती ( UPSSSC Notification 2018 ) निकाली हैं ! यह बेरोजगार उम्मीदवारो के लिए सुनहरा मौका है |भर्ती के लिए योग्य उम्मीदवार 30 नवम्बर 2018 तक आवेदन कर सकते है | सभी आवेदकों को सूचित किया जाता हैं कि इस  UPSSSC JE Recruitment 2018 Uttar Pradesh Service Selection Commission Recruitment 2018 सरकारी भर्ती के लिए आवेदन करने से पहले आवश्यक जानकारी और नोटिफिकेशन पड़ ले , फिर आवेदन करे क्योकि हम जानते हे कि एक छोटी सी गलती बहुत बड़ी परेशानी बन जाती हैं !

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UPSSSC Junior Engineer Recruitment 2018

UPSSSC JE Vacancy 2018

विभाग का नाम (Name Of Department) – उत्तरप्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड (UPSSSC)

पद का नाम (Name Of Post) – जूनियर इंजिनियर (Junior Engineer)

शैक्षणिक योग्यता एवं अनुभव (Qualification & Experiences)- इंजीनियरिंग डिप्लोमा (Engineering Deploma) / इंजीनियरिंग डिग्री (Engineering Degree) अथवा इसके समकक्ष  डिग्री होने पर भी मान्य है ऑफिशल जानकारी के लिए कृपया नोटिफिकेशन देखें ! , शेक्षणिक योग्यता सम्बंधित समस्त जानकारी लिए कृपया विभाग द्वारा नोटिफिकेशन देखें , जो निचे दिया गया है |

UPSSC Junior Engineer Notofication 2018

पद संख्या (Number Of Posts) – कुल 1477 पद

आयु सीमा (Age Limits) – इस UP junior Engineer Recruitment 2018 के लिए कैंडिडेट की आयु 21 से 40 वर्ष तक होना चाहिए। कृपया आयु में छूट के लिए ऑफिसियल नोटिफिकेशन देखे !

परीक्षा शुल्क (Exam Fee/Application Fee) – इस UP जूनियर इंजिनियर भर्ती के लिए आवेदन की फीस सामान्य वर्ग (General/OBC) लिए 225/- रूपये  / SC/ST के लिए 125/- रूपये तथा PH (Pwd) के लिए 25/- रूपये  रहेगी |

चयन प्रक्रिया (Selection Process)- इस UPSSSC JE 2018 के लिए ऑनलाइन एग्जाम इंटरव्यू के आधार पर कैंडिडेट का चयन होगा।

नौकरी करने का स्थान (Job Location)- उत्तरप्रदेश (UP Govt Jobs)

सैलरी (UP Junior Engineer Salary) – UPSSC JE Notification के नोटिफिकेशन के अनुसार UPSSSC JE Recruitment 2018 में चयनित आवेदकों को Pay Scale 9300-34,00/- रूपये प्रतिमाह मिलेगी |

आवेदन करने की प्रारंभ तिथि (Start Date)- 30 अक्टुम्बर 2018

आवेदन करने की अंतिम तिथि (End Date) – 30 नवम्बर 2018

आवेदन पत्र में संशोधन करने की अंतिम तिथि – 07 दिसम्बर 2018

आवदेन कैसे करे (How To Apply)- इस  पोस्ट UP Jail Prahari Recruitment 2018 के लिए आपको ऑनलाइन आवेदन करना होगा।  निचे दी गयी ऑफिसियल वेबसाइट पर जा कर समस्त जानकारी भरें तथा उपलब्ध माध्यमो से फीस भरे | फीस का भुगतान क्रेडिट कार्ड / डेबिट कार्ड / नेट बैंकिंग द्वारा किया जा सकता है|

ऑफिसियल नोटिफिकेशनक्लिक करें
ऑनलाइन आवेदनक्लिक करें (यह लिंक 30/10/2018 से एक्टिवेट होगी)

महत्वपूर्ण नोटिस- UP JE 2018 आवेदन से जुड़ी सभी जानकारी के लिए कृपया ऑफिसियल नोटिस देखे , यह जानकारी अपने दोस्तों को भी भेजे और नयी भर्ती के लिए हमारी वेबसाइट पर हमेशा बने रहे !

आप सभी को सूचित किया जाता हैं कि इस सरकारी भर्ती (UP Jail Warder 2018 ) के लिए आवेदन करने से पहले आवश्यक जानकारी , शेक्षणिक योग्यता ,आयु सीमा भर्ती प्रक्रिया आवेदन की फीस और ऑफिसियल नोटिफिकेशन पड़ ले , फिर आवेदन करे क्योकि हम जानते हे कि एक छोटी सी गलती बहुत बड़ी परेशानी बन जाती हैं |

VIDEO : अमृता दुबे ने की लोकतंत्र को मजबूत बनाने की अपील

यदि आप भी खबरसत्ता परिवार से जुड़कर आमजनो तक अपनी बात पहुचना चाहते है तो हमे ईमेल करे और कमेंट बॉक्स में अपनी राय अवश्य दे । अभियान से जुड़ने के लिए यहाँ क्लिक करे |

“मतदान व्यवस्था” दिव्यांगजनों की सुविधा के लिये बनेगा “सुगम्य” एप्प : श्री कांता राव

भोपाल// दिव्यांग व्यक्तियों के लिये सुगम एवं समावेशी मतदान की व्यवस्था के पर्यवेक्षण के लिये राज्य स्तरीय समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री व्ही.एल. कान्ता राव ने कहा कि हर संभव प्रयास करें कि अधिक-से-अधिक संख्या में दिव्यांगजन मतदान कर सकें। उन्होंने कहा कि समाज का प्रत्येक व्यक्ति दिव्यांगजनों की मदद करना चाहता है। प्रत्येक विधानसभा तथा मतदान केन्द्र वार ऐसे स्वयं सेवकों का चयन किया जाये। श्री राव ने बैठक में दिव्यांग व्यक्तियों के सुगम मतदान के लिये वाहन व्यवस्था, व्हीलचेयर, ब्रेल लिपि व्यवस्था की जानकारी ली।

श्री कांता राव ने दिव्यांजनों के सुगम मतदान लिये ‘सुगम्य’ एप्प बनाने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि इसमें दिव्यांगजनों का रजिस्ट्रेशन किया जाएगा और दिव्यांगजनों को मतदान केन्द्र तक लाने के लिये वाहन, वाहन चालक एवं स्वयं-सेवक को पास दिये जायेंगे।

संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री विकास नरवाल ने बैठक में दिव्यांगजनों के लिये की जा रही व्यवस्थाओं एवं प्रचार-प्रसार की गतिविधियों की जानकारी से समिति सदस्यों को अवगत कराया। बैठक में आयुक्त सामाजिक न्याय एवं नि:शक्तजन कल्याण श्री के.जी. तिवारी, प्रोफेसर सरोजनी नायडू कन्या महाविद्यालय श्री रोहित द्विवेदी, संचालक राष्ट्रीय दृष्टिहीन कल्याण संघ श्री उदय हतवलने, संचालक आरूषि संस्था श्री अनिल मुद्गल तथा स्कूल शिक्षा एवं लोक निर्माण विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।

2 लाख से अधिक शस्त्र थानों में जमा करवायें गये

भोपाल // मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री व्ही.एल. कान्ता राव ने बताया कि आदर्श आचरण संहिता लगने के बाद 6 अक्टूबर से 25 अक्टूबर 2018 तक प्रदेश में कानून एवं सुरक्षा व्यवस्था के लिये 18 हजार 274 गैर जमानती वारंट तामील कराये गये है। 1 हजार 699 अवैध हथियार जब्त किये गये है। 2 लाख 22 हजार 850 शस्त्र थानों में जमा कराये गये है। 45 हजार 702 लोगो पर प्रतिबंधात्मक कार्यवाही की गई है।

सम्पत्ति विरूपण के अन्तर्गत 14 लाख 1 हजार 49 प्रकरण पंजीबद्ध किये गये है। जिनमें से 13 लाख 55 हजार 880 प्रकरणों में कार्यवाही की गयी। शासकीय सम्पत्ति विरूपण में 11 लाख 9 हजार 998 प्रकरण पंजीबद्ध कर 10 लाख 82 हजार 900 प्रकरणों में कार्यवाही की गई। निजी सम्पत्ति विरूपण के अंतर्गत 2 लाख 91 हजार 51 प्रकरण पंजीबद्ध कर 2 लाख 72 हजार 980 प्रकरणों में कार्यवाही की गई।

वाहनों के दुरूपयोग पर 7 हजार 91 प्रकरण पंजीबद्ध किये गये हैं।