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बरघाट विधायक ने क्या कर दिया

सिवनी- विधानसभा के इतिहास में संभवतः पहला ही मौका रहा होगा जबकि किसी विधायक के द्वारा अपनी मूल आदिवासी भाषा में शपथ ग्रहण की गयी हो। बरघाट विधायक अर्जुन सिंह काकोड़िया के द्वारा विधायक पद की शपथ गौंडी भाषा में ली गयी।

ज्ञातव्य है कि कभी काँग्रेस का अभैद्य दुर्ग रहा बरघाट विधान सभा क्षेत्र पिछलें तीन दशकों से भाजपा के कब्जे में आ गया था। इस विधान सभा से काँग्रेस की जीत की बातें सोचना दिन में सपने देखने जैसी मानी जाती थीं। इसका कारण बरघाट क्षेत्र में काँग्रेस के अंदर की गुटबाजी को ही माना जाता था।

हाल ही में संपन्न हुए विधान सभा चुनावों में काँग्रेस के अर्जुन काकोड़िया के द्वारा इस मिथक को तोड़ते हुए भाजपा के गढ़ में सेंध लगाते हुए विजय पताका फहरायी गयी है। उन्होंने विधान सभा में गौंडी भाषा में शपथ लिया | गौंडी भाषा को विधान सभा की शपथ प्रक्रिया में अधिकृत न होने के कारण उन्हें हिन्दी में दुबारा शपथ लेना पड़ा।

ट्राला में घुसी कार -एक की मौत

सिवनी-राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमाँक-7 पर बण्डोल थाना क्षेत्र में स्थित अलोनिया टोल नाका के समीप ट्राला से कार की टक्कर हो जाने के कारण कार में सवार एक व्यक्ति की मृत्यु हो गयी। इसी दुर्घटना में कार सवार दो अन्य घायल हो गये हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार नयी बस्ती कटनी निवासी प्रकाश (45) पिता लालचंद पंजवानी अपने पिता लालचंद पंजवानी (65) का उपचार कराने अपने भाई राजेश (40) पिता लालचंद पंजवानी के साथ कार में सवार होकर मंगलवार की सुबह लगभग 05 बजे कटनी से नागपुर जाने के लिये रवाना हुये थे।

उनका वाहन जैसे ही सुबह लगभग साढ़े 09 बजे बण्डोल थाना के अलोनिया टोल नाके के समीप पहुँचा, वैसे ही एक ट्राले से वह टकरा गया। इस दुर्घटना के चलते कार में सवार तीनों लोग गंभीर रूप से घायल हो गये। घायलों को जिला चिकित्सालय ले जाया गया, जहाँ पर प्रकाश को चिकित्सक के द्वारा मृत घोषित कर दिया गया। पुलिस द्वारा मर्ग कायम कर मृतक के शव का पंचनामा बनाकर, पीएम के उपरांत मृतक का शव उसके परिजनों को सौंप दिया गया है।

ऋण माफी योजना : किसान ध्यान दे

सिवनी- मुख्यमंत्री फसल ऋण माफी योजना अंतर्गत सहकारी, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक तथा राष्ट्रीय बैंक से फसल ऋण प्राप्त करने वाले कृषकों के अधिकतम ₹200000 सीमा तक के ऋण योजना पात्रता अनुसार 31 मार्च की स्थिति में माफ किया जाना है।

साथ ही ऐसे कृषक जिन्होंने 12 दिसंबर 2018 की स्थिति में अपना ऋण पूर्णतः या आंशिक रूप से जमा करवा दिया है उन्हें भी इस योजना का लाभ दिया जाना है।

योजना का लाभ लेने के लिए कृषकों के ऋण खातों का आधार सीडिंग एवं मोबाइल नंबर से लिंक होना आवश्यक है।

अतः कृषकों से आग्रह है कि संबंधित बैंक शाखा में संपर्क कर अपने ऋण खातों में आधार सीडिंग एवं मोबाइल नंबर दर्ज करवाएं।

सायकल ऑन प्रमोशन

देवश्य, वेद एवं प्रखर जैन ने जीत आकर्षक पुरूस्कार

सिवनी। आगामी 2 फरवरी 2019 को मिशन स्कूल मैदान से आरंभ होने वाली सिवनी सायकल-ऑन रैली के लिये प्रमोशन का दौर जारी है। आज 6 जनवरी की सुबह बड़े मिशन स्कूल मैदान में हुई प्रतियोगिताओं में अक्षत पटेल, देवश्य राजपूत, वेद तिव्हन, आदित्य त्रिवेदी, प्रखर जैन, शिवम डहेरिया, दिक्षा सोनी, सुमन रजक, शांतनु मोरे व यश पटेल ने स्लो एवं फास्ट सायकल प्रतियोगिता में हिस्सा लिया।

आज हुई प्रतियोगिता में प्रथम पुरूस्कार देवश्य राजपूत ने प्राप्त किया, वहीं द्वितीय पुरूस्कार वेद तिव्हन एवं तीसरा इनाम प्रखर जैन को समिति के माध्यम से दिया गया। कार्यक्रम में अंत में सभी प्रतिभागियों को श्रीमति अर्चना त्रिवेदी एवं मीना जायसवाल द्वारा पुरूस्कार वितरण किया गया।

आगामी 13 जनवरी को पुन: बड़े मिशन स्कूल मैदान में ही रैली को भव्य एवं आकर्षक बनाने के लिये प्रमोशन का कार्य सुबह 8 बजे से होगा। आयोजन समिति द्वारा इस अवसर पर सभी स्कूली छात्र-छात्राओं एवं स्वास्थ्य के प्रति जागरूक आम नागरिक शामिल हो ताकि नगर को स्वस्थ्य एवं प्रदूषण मुक्त बनाने के लिये जागरूकता अभियान के लिये निकाली जाने वाली रैली सफल हो सके।

सवर्णों को मिलेगा 10% आरक्षण, जानिए क्‍या होंगी लाभ की शर्तें?

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8 लाख से कम आदमनी वाले गरीब सवर्णों को मिलेगा 10% आरक्षण, जानिए क्‍या होंगी लाभ की शर्तें?

इसी तरह 1000 स्‍क्‍वायर फीट से छोटे मकान वालों को आरक्षण का मिलेगा.

नई दिल्‍ली: मोदी सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर सवर्णों को सरकारी नौकरियों और उच्‍च शिक्षा संस्‍थानों में 10 प्रतिशत आरक्षण देने का फैसला लिया है. सूत्रों के मुताबिक पीएम मोदी के नेतृत्‍व में कैबिनेट की बैठक में इस पर मुहर लगाई गई. इसको लोकसभा चुनावों से पहले मोदी सरकार का बड़ा तोहफा माना जा रहा है.

अब बड़ा सवाल उठता है कि गरीब सवर्ण के रूप में पहचान किस तरह होगी? इस संबंध में सूत्रों के मुताबिक आठ लाख से कम वार्षिक आमदनी वाले सवर्णों को आरक्षण का लाभ मिलेगा. इसी तरह 1000 स्‍क्‍वायर फीट से छोटे मकान वालों को आरक्षण का मिलेगा.

सूत्रों के मुताबिक इस फैसले को लागू करने के लिए मोदी सरकार आरक्षण के मौजूदा कोटे को 50% से बढ़ाकर 60 फीसद तक कर सकती है.

इसी तरह जिनके पास 5 हेक्‍टेयर से कम ज़मीन होगी उनको आरक्षण का लाभ मिलेगा. इसी तरह अधिसूचित नगरपालिका क्षेत्र के भीतर यदि 100 गज से कम का और गैर-अधिसूचित क्षेत्र में 200 गज के आवासीय प्‍लॉट वालों को आर्थिक रूप से पिछड़े सवर्णों के रूप में चिन्हित किया जाएगा. इसका मतलब यह हुआ कि इस तबके के सवर्ण समुदाय को आरक्षण का लाभ मिलेगा.

बताया जा रहा है कि आरक्षण का फॉर्मूला 50%+10 % का होगा. सूत्रों का कहना है कि लोकसभा में मंगलवार को मोदी सरकार आर्थिक रूप से पिछड़े सवर्णों को आरक्षण देने संबंधी बिल पेश कर सकती है. सूत्रों का यह भी कहना है कि सरकार संविधान में संशोधन के लिए बिल ला सकती है. इसके तहत आर्थिक आधार पर सभी धर्मों के सवर्णों को दिया जाएगा आरक्षण. इसके लिए संविधान के अनुच्‍छेद 15 और 16 में संशोधन होगा.

पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन ने कहा कि गरीब सवर्णों को आरक्षण मिलना चाहिए. पीएम मोदी की नीति है कि सबका साथ सबका विकास.(फाइल फोटो)

सरकार के इस बड़े फैसले का भारतीय जनता पार्टी ने स्वागत किया है. पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन ने कहा कि गरीब सवर्णों को आरक्षण मिलना चाहिए. पीएम मोदी की नीति है कि सबका साथ सबका विकास. सरकार ने सवर्णों को उनका हक दिया है. पीएम मोदी देश की जनता के लिए काम कर रहे हैं.

मालूम हो कि करीब दो महीने बाद लोकसभा चुनाव होने हैं. ऐसे में सवर्णों को आरक्षण देने का फैसला बीजेपी के लिए गेम चेंजर साबित हो सकता है. हाल ही में संपन्न हुए मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनावों में बीजेपी की हार हुई थी. इस हार के पीछे सवर्णों की नाराजगी को अहम वजह बताया जा रहा है.

पिछले लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में बीजेपी+ को 80 में से 73 सीटें मिली थीं. इस बार बीजेपी को चुनौती देने के लिए समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी ने हाथ मिला लिया है. इसके बाद माना जा रहा था कि बीजेपी इस गठबंधन से निपटने के लिए कोई बड़ा कदम उठा सकती है. सवर्णों को आरक्षण देने के फैसले को सरकार का मास्टस्ट्रोक माना जा रहा है.

दरअसल सियासी विश्‍लेषकों के मुताबिक सपा-बसपा ने यूपी में अपने चुनावी गठबंधन में कांग्रेस को रणनीति के तहत शामिल नहीं करने का फैसला किया है. उसके पीछे बड़ी वजह मानी जा रही है कि बीजेपी के सवर्ण तबके में बंटवारे के लिहाज से कांग्रेस और सपा-बसपा अलग-अलग चुनाव लड़ने जा रहे हैं ताकि सवर्णों का वोट बीजेपी और कांग्रेस में विभाजित हो जाए. लेकिन लंबे समय से गरीब सवर्णों के लिए आरक्षण की मांग के चलते इस घोषणा से बीजेपी को सियासी लाभ मिल सकता है.

कलेक्टोरेट परिसर में हुआ वंदे मातरम का गायन

सिवनी- आज जिला मुख्यालय सिवनी में जिला भाजपा द्वारा पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार एक रैली निकाली गई। जिला कार्यलाय से निकली इस रैली में भाजपा के वरिष्ठ पद अधिकारी,नगर भाजपा ,महिला मोर्चा, सहित युवा मोर्चा के कार्यकर्ता शामिल हुए , रैली के समापन अवसर पर सभी भाजपाइयों ने कलेक्टर परिसर सिवनी में सामूहिक राष्ट्र गीत का गान किया ।

खदान धसकने से युवक की मौत

सिवनी । बंद खदान में अपने साथियों के साथ बैठा एक शख्स खदान धसक जाने के कारण मौत का शिकार हो गया। घटना घंसौर थाना क्षेत्र में घटित हुई।

पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार घंसौर थाना के अंतर्गत आने वाले ग्राम ईश्वरपुर निवासी अन्नीलाल (40) पिता दलपत मरकाम रविवार 06 जनवरी की सुबह लगभग दस बजे, गिट्टी की एक खदान में अपने साथियों के साथ बैठे हुए थे। बताया जाता है कि उसी दौरान उक्त खदान का एक हिस्सा धसक जाने के कारण अन्नी लाल उसकी चपेट में आ गये।

इसके बाद आनन – फानन में गिरे हुए मलबे को हटाया गया लेकिन तब तक अन्नी लाल की मौके पर ही मौत हो चुकी थी। बताया जाता है कि गिट्टी की जिस खदान में उक्त दुर्घटना घटित हुई वह वर्तमान में बंद है। प्राप्त जानकारी के अनुसार पुलिस जाँच में जुटी हुई है।

मीसाबंदी पेंशन बंद, विरोध चालू

सरकार के निर्णय के विरोध में सौंपेंगे ज्ञापन

25 जून 1975 से 21 मार्च 1977 तक देश में इंदिरा काँग्रेस के द्वारा लगाये गये आपात काल के दौरान एमआईएसए मीसा, डीआई के तहत जेलों में निरूद्ध कर रखे गये लोगों को प्रदेश की भाजपा सरकार द्वारा उन्हें लोकतंत्र सेनानी की श्रेणी में रखा जाकर निरूद्ध अवधि के आधार पर उन्हें जय प्रकाश नारायण सम्मान निधि प्रतिमाह दिये जाने का प्रावधान सुनिश्चित किया गया था, जो प्रदेश की नयी सरकार द्वारा समीक्षा किये जाने के नाम पर फिलहाल रोक दी गयी है।

लोकतंत्र सेनानी संगठन के द्वारा प्रदेश सरकार के इस निर्णय के विरोध में कल 07 जनवरी को जिला कलेक्टर के माध्यम से प्रदेश के राज्यपाल के नाम एक ज्ञापन सौंपा जायेगा और उनसे प्रदेश सरकार द्वारा लगायी गयी सम्मान निधि की रोक को बहाल किये जाने की माँग की जायेगी।

संगठन के जिला अध्यक्ष सुदर्शन बाझल द्वारा मीडिया प्रभारी के माध्यम से जारी की गयी विज्ञप्ति में उक्ताशय के साथ कहा गया है कि 25 जून 1975 को पूरे देश में लोकनायक जय प्रकाश नारायण के नेत्तृत्व में चलाये गये आंदोलन को कुचलने के लिये यह आपात काल लागू किया गया था और पूरे देश के काँग्रेस विरोधी राजनैतिक दलों के नेताओं उनके कार्यकर्त्ताओं विभिन्न धार्मिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक संगठनों पर प्रतिबंध लगाया जाकर उनके पदाधिकारियों और कार्यकर्त्ताओं को जेलों में बंद कर दिया गया था।

संगठन के मीडिया प्रभारी द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार इस दौरान जब विरोधी नेताओं, कार्यकर्त्ताओं और प्रतिबंधित संगठनों के लोगों को जेलों में बंद किया जा रहा था तो उस समय कई लोगों के साथ बड़ा ही अमानवीय व्यवहार भी किया गया। पुलिस द्वारा लोगों को थानों में लॉकप में बंद किया जाकर बुरी तरह पीटा गया, जब व्यक्ति ने पीने को पानी माँगा तो उसे पानी की बजाय पेशाब तक पिलायी गयी थी।

विज्ञप्ति के अनुसार इतना ही नहीं जेलों में बंद मीसा बंदियों को यातना देने के उद्देश्य से जेलों के गुनाह खानों में तक बंद रखा गया था। इतना ही नहीं इस बंदी के दौरान उन्हें जेलों में पर्याप्त चिकित्सा सुविधा तक उपलब्ध नहीं करवायी गयी थी। परिणाम स्वरूप सिवनी नगर के एक होनहार युवक सोमनाथ हेडाऊ की जेल में चिकित्सा सुविधा समय पर न मिलने के कारण मृत्यु तक हो गयी थी। यातना की पराकाष्ठा ऐसी थी कि उस समय जेल में निरूद्ध सिवनी जिले के एक मीसा बंदी गनपत बेसले की पत्नि का देहावसान हो गया था, लेकिन उन्हें अंतिम संस्कार हेतु पैरोल (जेल से छोड़ने की अनुमति) नहीं दी गयी थी।

विज्ञप्ति के अनुसार जो लोग जेलों में बंद थे उनमें कोई डॉक्टर था, कोई वकील तो कोई व्यापारी और जो युवा थे उनमें से अधिकांश हाई स्कूल या महाविद्यालय के विद्यार्थी थे। लगभग 19 माह की इस मीसा बंदी के दौरान इन सब का कारोबार और भविष्य प्रभावित हुए बिना नहीं रहा।

विज्ञप्ति के अनुसार अब यदि प्रदेश सरकार ने आपातकाल के इन पीड़ित और प्रभावित लोगों को सम्मान निधि देने के साथ ही यदि उन्हें लोकतंत्र सेनानी की उपाधि दी है तो भला यह कैसे अनुचित कहा या माना जा सकता है। फिर सरकार ने ये फैसले सदन की अनुमति से लिये हैं और उसके लिये बजट का प्रावधान भी सुनिश्चित कर रखा है।

यहाँ यह भी उल्लेखनीय होगा कि प्रदेश सरकार द्वारा लोकतंत्र सेनानियों को सम्मान निधि देने के लिये 60 करोड़ रूपये का जो प्रावधान किया गया है वह पूरा खर्च भी नहीं हो रहा है। ऐसी स्थिति में प्रदेश की नयी सरकार का यह दावा गलत साबित हो जाता है कि इसमें बजट से अधिक की राशि खर्च की जा रही है।

दमदार ट्रिक, Whatsapp पर डिलीट हुआ मैसेज पढ़ना हो तो करें ऐसा…

अगर आप व्हाट्सएप (Whatsapp) की बात करें तो सबसे पहले दिमाग में वीडियो कॉलिंग और दोस्तों से ग्रुप चैट का दिमाग में आता है. आज के समय में यह मैसेजिंग का सबसे अच्छा और सस्ता साधन बन चुका है.

नई दिल्ली : अगर आप व्हाट्सएप (Whatsapp) की बात करें तो सबसे पहले दिमाग में वीडियो कॉलिंग और दोस्तों से ग्रुप चैट का दिमाग में आता है. आज के समय में यह मैसेजिंग का सबसे अच्छा और सस्ता साधन बन चुका है. इस पर करोड़ों यूजर्स अपने फ्रेंड और फैमिली की फोटो और वीडियो शेयर कर सकते हैं. व्हाट्सएप स्टेटस आने के बाद इसे यूज करने का मजा और बढ़ गया है. लेकिन अगर आप इसके कुछ हिडेन फीचर्स जानते हैं तो आपको और भी ज्यादा मजा आएगा. आपसे पूछा जाए कि क्या आप व्हाट्सएप के डिलीट हुए मैसेज को रिकवर कर सकते हैं तो शायद आपका जवाब न में हो.

मैसेज को रिकवर करना है आसान
लेकिन कुछ ऐसे भी फीचर्स है जिनसे मैसेज को रिकवर करना आसान हो जाता है. आगे आप पढ़िए ऐसी ट्रिक जिससे आप व्हाट्सएप पर डिलीट किए गए मैसेज को पड़ सकते हैं. इसके लिए सबसे पहले तो यह जरूरी है कि आपका स्मार्टफोन एंड्रायड किटकैट से ऊपर वेरिएंट का होना चाहिए. डिलीट हुए मैसेज को पढ़ने के लिए आप नोटिफिकेशन हिस्ट्री एप डाउनलोड करें. एप डाउनलोड होने पर इसमें दिए गए नोटिफिकेशन और एडमिनिस्ट्रेटर ऐक्सेस को ऑन कर दें. अब डाउनलोड और इंस्टॉल होने के बाद यह एप नोटिफिकेशन हिस्ट्री को रिकॉर्ड करने लगेगा.

शुरुआती 100 करेक्टर ही पढ़ने की सुविधा
इसके बाद आप एप को खोलें और व्हाट्सएप आइकन पर क्लिक कर दें. नोटिफिकेशन हिस्ट्री एप पर व्हाट्सएप आइकन को खोलने के बाद उस कॉन्टैक्ट को सर्च करें जिसके डिलीट किए गए मैसेज को आप पढ़ना चाहते हैं. कॉन्टैक्ट पर सिलेक्ट करते ही आप डिलीट किए गए मैसेज को आसानी से पढ़ सकते हैं. इस एप से आप किसी भी मैसेज के शुरुआती 100 करेक्टर ही रिकॉर्ड कर सकते हैं. साथ ही फोन के री-स्टार्ट होने पर इस एप में रिकॉर्ड हुए सभी मैसेज डिलीट हो जाएंगे.



पार्षद के प्रयास से बने आयुष्मान कार्ड

सिवनी-आज दिनांक 6 दिन रविवार को प्रधानमंत्री आयुष्मान योजना का लाभ अकबर वार्ड वासियों को मिला जिसमें हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी एवं बाबरिया स्कूल आदिवासी टोला में शिविर लगाया गया लगभग 370 लोगों ने अपना पंजीयन कराया इस कार्य में सहयोगी समाजसेवी महिला मोर्चा की सदस्य अंजू दीदी वार्ड पार्षद गप्पू तिवारी मनीष सूर्यवंशी देबू भैया बंदना ,उमाशंकर चौधरी जी एवं अन्य लोगों का सहयोग रहा