सिवनी- लोकसभा निर्वाचन में अधिक से अधिक मतदाताओं को सहभागी बनाते हुए मतदाता जागरूकता हेतु जिला निर्वाचन अधिकारी एवं कलेक्टर श्री प्रवीण सिंह के निर्देशन में लगातार मतदाता जागरूकता गतिविधियों का संचालन किया जा रहा है।
इसी तारतम्य में आज 10 अप्रैल को जिला स्तरीय शैला नृत्य कार्यक्रम एवं 11अप्रैल गुरुवार को नगरीय क्षेत्र सिवनी के सभी 87 मतदान केंद्रों में शाम 6 बजे मशाल रैली का आयोजन किया जाएगा ।
इसी तरह 12 अप्रैल शुक्रवार को प्रातः 7:30 बजे जिला स्तरीय रन फ़ॉर डेमोक्रेसी कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। जो कोतवाली थाना सिवनी से प्रारंभ होकर बसस्टैंड, दलसागर से होती हुई पुलिस ग्राउंड में समाप्त होगी ।
सिवनी – श्रीराम मंदिर शुक्रवारी, श्रीबाल स्वरूप हनुमान मंदिर महावीर टॉकीज के सामने एवं श्रीराम जन्मोत्सव समिति के तत्वाधान में भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव का कार्यक्रम आयोजित किया गया है। उक्त कार्यक्रम के तहत आज 9 अपै्रल को नगर के गांधी चौक में रात्रि 9 बजे श्रीराम दरबार की स्थापना की जायेगी।
आयोजन समिति द्वारा बताया गया कि श्रीराम दरबार की स्थापना के पश्चात 12 अपै्रल प्रतिदिन प्रात: 8 बजे से रात्रि 8 बजे तक संगीतमय महाआरती का आयोजन भी किया जायेगा। श्रीराम मंदिर शुक्रवारी में 13 अपै्रल को प्रात: 11 बजे श्रीराम लला का जन्मोत्सव मनाया जायेगा। इसी दिन दोपहर 3 बजे से भगवान श्रीराम की शोभायात्रा भी निकाली जायेगी।
समिति द्वारा दोपहर 3 बजे से समस्त व्यापारी बंधुओं से अपने प्रतिष्ठान बंद रख शोभायात्रा में शामिल होने का विनम्र आग्रह किया गया है।
भोपाल। माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) का दावा है कि 10वीं व 12वीं की परीक्षाओं का रिजल्ट 12-15 मई तक आ जाएगा लेकिन प्रदेशभर में शिक्षकों की कमी के चलते अभी मूल्यांकन का प्रथम चरण ही पूरा हो पाया है। ऐसे में जानकारों का कहना है कि मई आखिर में रिजल्ट आ पाएगा।
जानकारी के मुताबिक माशिमं ने बोर्ड परीक्षाओं के उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन का प्रथम चरण 20 मार्च से शुरू कर दिया था, जो 5 अप्रैल तक चला, लेकिन कई जिलों में शिक्षकों की कमी के कारण अभी तक पहला चरण भी पूरा नहीं हो पाया है। हालांकि राजधानी में मूल्यांकन 60 फीसदी पूरा हो चुका है लेकिन अन्य जिलों के जिन कर्मचारियों और अधिकारियों पर रिजल्ट की पूरी जिम्मेदारी है, उनमें से 280 की चुनाव ड्यूटी लगा दी गई है। ऐसे में नतीजे लेट आने की आशंका बन रही है।
बता दें कि प्रदेश के सभी जिलों की समन्वयक संस्थाओं पर मूल्यांकन किया जा रहा है। राजधानी में मूल्यांकन केंद्र समन्वयक संस्था मॉडल स्कूल टीटी नगर को बनाया गया है। 30 अप्रैल तक 25 हजार शिक्षकों को 18 करोड़ से अधिक कापियों का मूल्यांकन करना है। हालांकि मामिशं ने दावा किया है कि तत्काल मूल्यांकन कार्य पूरा कर लिया जाएगा और 12 से 15 मई के बीच दोनों कक्षाओं का रिजल्ट घोषित होने की संभावना है।
दूसरे जिलों में करीब 30 फीसदी मूल्यांकन
राजधानी के टीटी नगर मॉडल स्कूल में बने मूल्यांकन केंद्र में निर्धारित समय के अनुसार पहला चरण पूरा हो चुका है। 60 फीसदी मूल्यांकन पूरा होने के साथ यहां दूसरा चरण शुरू हो चुका है। लेकिन कई जिलों में 30 से 40 फीसदी मूल्यांकन होने के कारण दूसरा चरण शुरू नहीं हो पाया है।
नई व्यवस्था में लग रहा दोगुना समय
माशिमं ने नई गाइडलाइन के अनुसार किसी भी विषय में जीरो या 90 से अधिक अंक पाने वाले विद्यार्थियों की कापियों पर शिक्षकों को विशेष नजर रखना है। ऐसे परीक्षार्थियों की कापियां दोबारा चेक की जा रही हैं। इसलिए भी समय अधिक लग रहा है। इसके अलावा एक या दो नंबर से किसी विषय में विशेष योग्यता या प्रथम श्रेणी की पात्रता से वंचित होने वाले परीक्षार्थियों पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। ऐसे सभी विद्यार्थियों की कॉपी दोबारा जांच कर अंकों को ध्यान से जोड़ने के निर्देश दिए गए हैं। यही नहीं मुख्य परीक्षक और उप मुख्य परीक्षक को परीक्षक की 10 फीसदी कॉपियों की सैम्पलिंग जांच करनी होगी।
पत्र लिखा था फिर भी चुनाव ड्यूटी लगा दी
हमने कलेक्टर को पत्र लिखकर मूल्यांकन कार्य में लगे कर्मचारियों व शिक्षकों को चुनाव कार्य से मुक्त रखने का आग्रह किया था। इसके बाद भी कई जिलों में कर्मचारियों व शिक्षकों की ड्यूटी लगने से मूल्यांकन कार्य प्रभावित हो रहा है। फिर भी रिजल्ट 15 मई तक घोषित करने की संभावना है।अजय सिंह गंगवार, सचिव, माशिमं
30 प्रतिशत कर्मचारी चुनाव ड्यूटी में
समन्वय केंद्र पर करीब 700 मूल्यांकनकर्ताओं को लगाया है। इसमें से सिर्फ 30 फीसदी शिक्षक चुनाव की ट्रेनिंग में जाते हैं। पहले चरण का मूल्यांकन पूरा होने के बाद दूसरे चरण की प्रक्रिया चल रही है।धर्मेन्द्र शर्मा, जिला शिक्षा अधिकारी
सिवनी- भाजपा प्रत्याशी ढालसिंह बिसेन ने आज अपना नामांकन बालाघाट में जमा किया। इस दौरान राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रभात झा एवं मप्र शासन के पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा एवं जिला भाजपा अध्यक्ष प्रेम तिवारी, पूर्व विधायक नरेश दिवाकर, पूर्व जिलाध्यक्ष सुजीत जैन,राजेश त्रिवेदी,मीना बिसेन, नगराध्यक्ष नरेन्द्र ठाकुर गुड्डू, संजू मिश्रा, प्रहलाद पटेल, सुरेश भांगरे, रमेश तिवारी, दिलीप अग्रवाल, दीपक नगपुरे सहित अनेक लोग उपस्थित थे।
इस कार्यक्रम में लगभग 7 हजार लोग शामिल हुए और इस दौरान कांग्रेस द्वारा किये गये कार्यो की समीक्षा करते हुये प्रभात झा ने उन्हें कटघरे में खड़ा किया। इसी तरह नरोत्तम मिश्रा ने भी प्रदेश के मुख्यमंत्री पर वार करते हुए चुनाव के पूर्व छापे पर अपनी बात रखी कार्यक्रम के दौरान संचालन गौरीशंकर बिसेन, मौसम बिसेन, रेखा बिसेन, मीना बिसेन,गोमती ठाकुर, रूद्रकांत ठाकुर, राधेश्याम राहंगडाले सहित अनेक लोग उपस्थित थे।
Seoni News: आंधी-तूफान के दौरान खेत में आग भड़क गई और उसने सैकड़ों एकड़ में फैली फसल को अपनी चपेट में ले लिया।
अभिषेक बघेल | सिवनी | रविवार रात तेज आंधी-तूफान के समय खेत में आग भड़क गई और उसने सैकड़ों एकड़ में फैली फसल को आग ने अपनी चपेट में ले लिया। देर रात भड़की आग को काबू करने में दमकलकर्मी के साथ साथ ग्रामीण घंटों मशक्कत करते रहे। बिजली बंद होने के कारण फायर ब्रिगेड वाहनों को पानी भरने में परेशानी का सामाना करना पड़ा। आगजनी की घटना में मुंगवानी और सिंगोली गांव के कई किसानों के खेत में लगी फसल जलकर बरबाद हो गई है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक रात करीब 12 से 1 बजे के बीच भड़की आग की लपटें कई किलोमीटर दूर से भी दिखाई दे रहीं थी। आग के जलती फसलों के बीच काला धुंआ क्षेत्र में फैल गया।
छिंदवाड़ा। मुख्यमंत्री कमलनाथ के ओएसडी प्रवीण कक्कड़, निजी सलाहकार राजेंद्र कुमार मिगलानी, भांजे रतुल पुरी, अश्विनी शर्मा और प्रदीप जोशी के आवासों पर आयकर के छापों के बाद छिंदवाड़ा में मुख्यमंत्री के निवास में भी सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता कर दी गई है। मुख्यमंत्री कमलनाथ का निवास छिंदवाड़ा के शिकारपुर में है। दिन भर तो मुख्यमंत्री निवास में सामान्य गतिविधियां थीं, लेकिन शाम होते ही मुख्यमंत्री निवास से करीब एक किलोमीटर दूरी तक पुलिस के जवानों को तैनात कर दिया। सीएम के घर के आसपास भारी तादाद में पुलिस के जवान तैनात हैं। नाकाबंदी कर दी गई है। अब आम लोग इस रास्ते पर नहीं जा पा रहे हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक मुख्यमंत्री से जिन लोगों का अपॉइंटमेंट है या फिर जिसे मुख्यमंत्री के निवास से अंदर जाने की अनुमति है, वही यहां से जा पा रहे हैं।
आम रास्ता सील कर दिया, रूट डायवर्ट
आम लोगों को आने जाने के लिए रूट डायवर्ट कर दिया गया है। छिंदवाड़ा नागपुर मार्ग से शिकारपुर गांव को जाने वाली सड़क आम रास्ता है। इसी रास्ते में मुख्यमंत्री कमलनाथ का निवास है लेकिन उनके ओएसडी के घर पर आयकर की कार्रवाई के बाद इस रास्ते को पूरी तरह से सील कर दिया गया है
भोपाल। शुक्रवार शाम अचानक मध्यप्रदेश के कई इलाकों में तेज आंधी आई। हालात यह थे कि कई पेड़ गिर गए। कई घरों का सामान और कच्चे मकानों की छत तक उड़ गए। मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है कि आने वाले 24 घंटों में मध्यप्रदेश के 3 संभागों के 15 जिलों में इसी तरह की आंधी आ सकती है। हवा की स्पीड 30 से 40 किलोमीटर प्रतिघंटा रहेगी।
पूरा प्रदेश भारी गर्मी की चपेट में
मौसम विभाग से मिली जानकारी के अनुसार पिछले 24 घंटों में दौरान होशंगाबाद, भोपाल तथा ग्वालियर संभाग के सभी जिलों में तेज हवा के साथ बूंदाबांदी हुई। प्रदेश के बाकी जिलों में मौसम शुष्क रहा। ग्वालियर, सागर संभाग और रीवा, शहडोल, होशंगाबाद तथा उज्जैन संबाग में शनिवार को भी लू चल रही है। शहडोल, चंबल एवं सागर, ग्वालियर संभाग में आज भी तेज हवाओं के साथ हल्की बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। वहीं, ग्वालियर-चंबल संभाग के सभी जिले शनिवार को लू की चपेट में हैं। मौसम विज्ञानी जीडी मिश्रा के अनुसार दिन के तापमान के साथ-साथ प्रदेश के अधिकांश सभी जिलों में अधिकतम तापमान के साथ न्यूनतम तापमान में भी 3 से 4 डिग्री का इजाफा हुआ है। भोपाल में शनिवार को न्यूनतम तापमान 24 डिग्री रिकॉर्ड किया गया जो सामान्य से 3.1 डिग्री अधिक रहा।
बदला मौसम की मिजाज:
दिनभर लू चलने से पूरा अंचल भीषण गर्मी की चपेट में है। शुक्रवार को ग्वालियर में 42.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जो सीजन का सबसे अधिक है। वहीं श्योपुर 43.4 डिग्री के साथ अंचल में सबसे ज्यादा गर्म रहा। हालांकि शाम 7 बजे के बाद अचानक मौसम में बदलाव आ गया। पहले बिजली चमकने के साथ बूंदाबांदी और करीब 30 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से धूल भरी आंधी चली। इससे कई जगह पेड़ भी गिर गए। इस दौरान शहर के कई क्षेत्रों की बिजली गुल भी हो गई। मौसम विज्ञानी एसके डे के अनुसार अगले दो दिन तक बादल छाने व बूंदाबांदी के आसार बने हुए हैं।
क्यों हुआ ऐसा:
वरिष्ठ मौसम विज्ञानी अजय शुक्ला ने बताया कि राजधानी सहित पूरे प्रदेश में तापमान बढ़ा हुआ हैं। साथ ही पश्चिमी राजस्थान पर एक ऊपरी हवा का चक्रवात बना है। राजस्थान से उत्तरी मध्य प्रदेश से होकर उत्तरी छत्तीसगढ़ तक एक ट्रफ बना है। इसी तरह विदर्भ से उत्तरी मराठवाड़ा तक भी एक ट्रफ बना हुआ है। इससे कुछ नमी भी आ रही है। लेकिन तापमान अधिक होने और वातावरण में नमी कम रहने से ठंडी और गर्म हवा का टकराव होने से आंधी के साथ ही गरज-चमक की स्थिति बन रही है। यह प्री मानसून एक्टिविटी का हिस्सा है। आगे भी इस तरह की स्थिति समय-समय पर बनती रहेगी।
सिवनी- जिला कलेक्टर प्रवीण सिंह के कुशल नेतृत्व एवम श्री बी.आर. वैद्य जिला आबकारी अधिकारी सिवनी के कुशल मार्गदर्शन में अवैध शराब पर अंकुश लगाए जाने हेतु जिला स्तरीय उड़नदस्ता प्रभारी श्री प्रणय श्रीवास्तव द्वारा बरघाट क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में लोकसभा चुनाव 2019 के परिप्रेक्ष्य आबकारी शहर वृत , उत्तर वृत एवम दक्षिण वृत के स्टॉफ के साथ संयुक्त दबिश की गई ।
दबिश के दौरान बरघाट थाना क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम मोहगांव में अवैध शराब बनाने के बड़े अड्डे पर छापा मारा गया जिसमें अवैध शराब बनाने में प्रयुक्त होने वाले सामान के अलावा 45 लीटर अवैध शराब और 450 किलोग्राम महुआ लाहन जप्त किया गया। मौके से आरोपी फरार हो गए जिनकी तलाश की जा रही है। जप्त सामग्रियों की अनुमानित कीमत करीब 50,000 /- रुपए है।
कार्यवाही में प्रणय श्रीवास्तव के साथ सुश्री खुशबू प्रिया मरावी , सेवकराम झारिया और वर्षा डोंगरे आबकारी उप निरीक्षक व स्टॉफ मुख्य आरक्षक होरीलाल वाचक व आरक्षक सन्तराम मरावी, लेखसिंह टेकाम , आनंद मरावी , व्यास नारायण और विशाल राव , सेवक भलावी का उल्लेखनीय योगदान रहा।
सिवनी– जिले के केवलारी विकासखंड में शिक्षक ने अपने पुत्र के विवाह के निमंत्रण पत्र में लोकसभा चुनाव में मतदान के लिए अपील की है। एक ऒर जिला प्रशसान स्वीप प्लान के तहत मतदान के लिये आम नागरीको को जागरूक किया जा रहा है वही ग्राम ऊगली निवासी लीलाधर हनवत ने आगमी 18 अप्रैल को होने वाले अपने पुत्र के विवाह कार्ड में मतदान करने की अपील कर एक नया प्रयास किया है।
अगर आप ब्लड प्रेशर या डायबिटीज से पीडि़त हैं और इसके बावजूद नवरात्र में उपवास रखना चाहते हैं, तो आपको कुछ विशेष सावधानियों का पालन करना चाहिए।
नवरात्र के दौरान किए जाने वाले उपवास का धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व तो है ही, यह सेहत से जुड़ा मसला भी है। अगर आप स्वस्थ हैं तो यह बॉडी की डिटॉक्सिफिकेशन का अवसर है। पर अगर आप ब्लड प्रेशर , डायबिटीज या ब्लड शुगर जैसी किसी समस्या से पीडि़त हैं तो उपवास के दौरान आपको बहुत सावधान रहने की जरूरत है। आइए जानते हैं वे खास बातें जिन्हें नजरंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
जरूरी है डॉक्टर से परामर्श
डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर से ग्रस्त व्यक्तियों को नवरात्र के उपवास से पूर्व अपने डॉक्टर की सलाह लेना अनिवार्य है ताकि डॉक्टर आपकी दवाओं की खुराक में परिवर्तन कर सके और स्वास्थ्य संबंधी अन्य जानकारी प्रदान कर सके । यह जरूरी है कि आप डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही दवा लें।
कम हो जाता है ब्लड शुगर
अचानक पसीना आना, शरीर में कमजोरी या कंपन होना, दिल की धड़कनें तेज होना … ये संकेत बताते हैं कि आपका ब्लड शुगर लेवल कम हो रहा है। जब डायबिटीज से ग्रस्त व्यक्ति नवरात्र में उपवास करते हैं, तो उन्हें आम दिनों की तुलना में कई घंटों तक खाली पेट रहना पड़ता है। इस वजह से उनके खून में ग्लूकोज की मात्रा कम हो सकती है, जिसे हाइपोग्लाइसीमिया कहते हैं। यह स्थिति खतरनाक साबित हो सकती है। रक्त शर्करा (ब्लड शुगर) कम होने के लक्षण आसानी से पहचाने जा सकते हैं। आमतौर पर 70 या इससे कम ब्लड शुगर आने पर कुछ लक्षण महसूस होने लगते हैं।
ऐसे करें नियंत्रित
हाइपोग्लाइसीमिया की स्थिति में शहद, चीनी, ग्लूकोज लेकर ब्लड शुगर में आई कमी को दूर किया जा सकता है। हाइपोग्लाइसीमिया की स्थिति से बचने के लिए नियमित रूप से अपनी ब्लड शुगर के स्तर को नापते रहना अनिवार्य है।
वसायुक्त खाद्य पदार्थों से भी है खतरा
नवरात्र के उपवास के दौरान कुछ लोगों में ब्लड शुगर का स्तर बढ़ जाता है, जिसे मेडिकल भाषा में हाइपरग्लाइसीमिया कहते हैं। हाइपरग्लाइसीमिया का मुख्य कारण कार्बोहाइड्रेट और वसायुक्त खाद्य पदार्थों जैसे तली हुई पकौड़ियों का सेवन, आलू और साबूदाना आदि का सेवन अधिक मात्रा में करना या फिर दवाओं को सही मात्रा या समय पर न लेना है। इसलिए इस दौरान नियमित रूप से ब्लड शुगर की जांच करना और उसे नियंत्रण में रखने का यथासंभव प्रयास करना अनिवार्य है।
अगर रखें नवरात्र में उपवास
डायबिटीज से ग्रस्त ऐसे लोग जो केवल संतुलित आहार और व्यायाम से ब्लड शुगर को नियंत्रित रखते हैं या ऐसे व्यक्ति जिन्हें डायबिटीज को नियंत्रित करने के लिए दवाओं की आवश्यकता पड़ती है। ये लोग नवरात्र के उपवास तभी रखें, जब उनकी ब्लड शुगर नियंत्रण में हो।
इन बातों का जरूर रखें ध्यान
नवरात्र के उपवास के दौरान फाइबर युक्त, धीरे धीरे अवशोषित होने वाले खाद्य पदार्थों का सेवन करें। जैसे सब्जियां, सूखे मेवे (बादाम, अखरोट, पिस्ता आदि), छाछ, मखाना, भरवां कुट्टू रोटी, कुट्टू चीला, खीरे का रायता, ताजा पनीर और फल आदि। इससे पेट भरा हुआ रहता है और खून में ग्लूकोज की मात्रा भी नियंत्रित रहती है।
ऐसे व्यक्ति जो डायबिटीज को नियंत्रित करने के लिए मेटफोर्मिन या ग्लिप्टिन ग्रुप की दवाएं लेते हैं, वे नवरात्र के उपवास रख सकते हैं क्योंकि इन दवाओं से हाइपोग्लाइसीमिया होने का खतरा कम होता है। सल्फोनिलयूरिया ग्रुप की दवाएं लेने वाले व्यक्तियों में ब्लड शुगर सामान्य से नीचे जा सकती है। इसलिए इस दवा की खुराक और समय के लिए डॉक्टर से सलाह अवश्य लें।
उपवास तोड़ने के बाद आवश्यकता से अधिक न खाएं। कुछ लोग उपवास तोड़ते समय बहुत अधिक कैलोरी युक्त आहार लेते हैं, परंतु डायबिटीज से ग्रस्त व्यक्तियों को इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि वे उपवास तोड़ते समय ऐसे खाद्य पदार्थों का सेवन करें जिनमें वसा और चीनी जैसे कार्बोहाइड्रेट कम मात्रा में हों। बेक किए हुए पदार्थ सबसे अच्छे होते हैं। उपवास में तले हुए आलू, मूंगफली, चिप्स, पापड़ और पूड़ी-कचौड़ी आदि खाने से सख्त परहेज करना चाहिए।
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