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सिवनी कलेक्टर की कार्यवाही :शराब के नशे में उपस्थित 2 कर्मचारी सहित कुल 10 कर्मचारी निलंबित

लापरवाही बरतने वाले 10 कर्मचारी निलंबित

सिवनी । कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी प्रवीण सिंह द्वारा मतदान दलों में नियुक्त कर्मचारियों के विगत 19 अप्रैल से प्रारंभ हुए प्रशिक्षण कार्यक्रम में अनुपस्थित पाये गये 8 तथा शराब पीकर उपस्थित रहने वाले 2 कर्मचारियों सहित कुल 10 कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

इसमें सहायक शिक्षक मो.इकबाल खान प्राथमिक शाला उमरिया, प्रधान पाठक फत्तूराम उइके शा. उच्च.माध्य. विधालय मोहबर्रा, सहायक अध्यापक श्रीमति गीता उइके शा. प्राथमिक शाला बरेलीपार, सहायक ग्रेड-3 मुकेश श्रीवास्तव कार्यपालन यंत्री लो.नि.वि. (भ/स), सहायक अध्यापक श्रीमति अजरा खान शासकीय हाई स्कूल डूण्डा सिवनी, कृपाल शाह कुमरे ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी कुरई, सुरेश मर्सकोले प्रधान पाठक शास.माध्य. शाला जेवनारा, सहायक अध्यापक अमर सिंह उइके प्राथमिक शाला कोपीझोला द्वारा प्रशिक्षण कार्यक्रम में अनुपस्थित रहने के कारण एवं सहायक अध्यापक घनश्याम लाल मरकाम शासकीय प्राथमिक शाला ईशापुर तथा लेखापाल राकेश ठाकुर शा कन्या हाई स्कूल उगली द्वारा शराब का सेवन कर प्रशिक्षण कार्यक्रम में उपस्थित होने पर सभी को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है।

लोकायुक्त ने रंगे हाथों पकड़ा वनरक्षक को

कुरई । अंर्तराष्ट्रीय स्तर पर ख्यातिलब्ध पेंच टाईगर रिज़र्व में सबकुछ ठीक नहीं चलता दिख रहा है। पेंच से लकड़ी की तस्करी करने के आरोप में तीन कर्मचारियों का नाम सामने आने के बाद अब एक वनरक्षक पर लकड़ी पकड़ने के बाद प्रकरण नहीं बनाने के लिये रिश्वत माँगने का मामला सामने आया है।

इस मामले में लोकायुक्त की टीम ने विगत दिनों आरोपी वनरक्षक को दो हजार रूपये रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ पकड़ा है। आरोपी के खिलाफ संबंधित मामले में प्रकरण दर्ज कर लोकायुक्त ने आगे की कार्यवाही आरंभ कर दी है। इसकी पुष्टि लोकायुक्त के डीएसपी श्री झरवड़े ने की है।

डीएसपी दिलीप झरवड़े ने बताया कि आरोपी वनरक्षक पेंच टाईगर रिज़र्व, घाटकोहका परिक्षेत्र के एक बीट पर तैनात है। उसने विगत दिनों मन्नूाटोला निवासी राजू इनवाती के पास से लकड़ी पकड़ी और कोई प्रकरण नहीं बनाया। आरोपी के द्वारा प्रकरण नहीं बनाने के एवज में राजू से 3500 रूपये रिश्वत की माँग की गयी।

राजू ने उसकी ऑडियो रिकॉर्डिंग सहित अन्य साक्ष्य जुटाकर लोकायुक्त से शिकायत कर दी। लोकायुक्त की टीम डीएसपी झरवड़े के नेत्तृत्व में पहुँची और राजू से रिश्वते लेते हुए आरोपी वनरक्षक मनोज सकरौले को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के पास से लोकायुक्त ने रिश्वत के पैसे बरामद करते हुए संबंधित धाराओं में प्रकरण दर्ज किया। इसके बाद आगे की कार्यवाही आरंभ कर दी गयी। कार्यवाही करने वाली टीम में निरीक्षक आस्कर किंडो, जुबेर खान, शरद पांडेय, अतुल श्रीवास्तव, सोनू चौकसे एवं राकेश विश्वकर्मा आदि शामिल रहे।

दो आदतन अपराधी जिला बदर

सिवनी । कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी प्रवीण सिंह द्वारा जिले के आदतन अपराधी दीपक उर्फ बड्डा को पुलिस अधीक्षक के प्रतिवेदन के आधार पर 1 वर्ष के लिये जिला बदर कर दिया गया है।

छपारा निवासी आदतन अपराधी पर पुलिस अधीक्षक द्वारा प्रतिवेदित किया गया है कि यह आदतन रूप से छपारा के क्षेत्र में आपराधिक गुण्डा प्रवृत्ति का व्यक्ति है। जिस पर कुल 12 आपराधिक प्रकरण तथा 8 प्रतिबंधात्मक कार्यवाही विचाराधीन है।

इसी प्रकार सलीम उर्फ भैया पटरी उर्फ नस्सू (40) पिता नजरूज्जमा खान निवासी जगदंबा सिटी कटंगी रोड सिवनी के विरूद्व आर्म्स एक्ट, बलवा, अवैध शराब बेचना, गौ वंश वध एवं मारपीट करने जैसे अपराधों के कुल 22 प्रकरण दर्ज हैं।

उक्त दोनों आपराधियों आदतन प्रवृति एवं अपराधों की गंभीरता के मद्देनजर जिला दण्डाधिकारी प्रवीण सिंह द्वारा जिले की लोक शांति व्यवस्था हेतु दोनों आदतन अपराधियों को म.प्र. राज्य सुरक्षा अधिनियम 1990 की धारा 5 (ख) के अंतर्गत सिवनी जिले के साथ ही निकटवर्ती जिले छिन्दवाड़ा, नरसिंहपुर, जबलपुर, बालाघाट एवं मण्डला की राजस्व सीमाओं से एक वर्ष के लिये निष्कासित कर दिया है।

पकड़ा आईपीएल सट्टेबाजों का गिरोह, 500 करोड़ तक का लगता था सट्टा

भोपाल पुलिस को जानकारी मिली थी कि शहर में आईपीएल पर बड़े पैमाने पर सट्टा लगाया जा रहा है। पुलिस ने इस सिलसिले में अब तक 10 लोगों को अरेस्‍ट किया है। उनके पास से करोड़ों रुपये बरामद किए गए हैं।

Hathkadi

भोपाल :भोपाल पुलिस ने सोमवार को हाई प्रोफाइल ऑनलाइन इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) सट्टेबाजी में शामिल सट्टेबाज गिरोह के तीन और लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक इस गिरोह का संचालन दुबई से होता था। इसमें सट्टे की रकम करीब 500 करोड़ तक बताई जा रही है। 

पुलिस ने बताया कि आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। पकड़े गए सात लोगों से 1.16 करोड़ रुपये बरामद किए गए हैं। इनकम टैक्‍स विभाग भी इस पर नजर रखे हुए है। भोपाल पुलिस की स्‍पेशल टीमों ने शनिवार को सात लोगों को गिरफ्तार किया था। अब तक पुलिस कुल 10 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। 

पुलिस का कहना है कि आरोपी ऑनलाइन सट्टा लगाते थे और हवाला के जरिए पैसा इधर से उधर करते थे। कुछ वेबसाइटों और मोबाइल ऐप का इस्‍तेमाल करके दुबई स्थित ऑपरेटर सट्टा लगवाते थे। दुबई में मौजूद ऑपरेटर इस गिरोह का कर्ता-धर्ता और गिरफ्तार आरोपियों में से एक का रिश्‍तेदार है। 

भोपाल के डीआईजी इरशाद वली का कहना है कि पुलिस को ऐसी खुफिया जानकारी मिली थी कि शहर में सट्टेबाजी की जा रही है। संदिग्‍धों को पकड़ने के लिए नौ टीमें बनाई गई थीं। पुलिस ने इसी सिलसिले में छह जगहों पर छापेमारी की है। 

मद्रास हाईकोर्ट ने TikTok पर लगा बैन हटाया, कंपनी ने अश्‍लील सामग्री अपलोड न होने देने का किया वादा

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नई दिल्‍ली। मद्रास हाईकोर्ट ने शॉर्ट वीडियो एप TikTok पर लगा प्रतिबंध समाप्‍त कर दिया है। इससे पहले पोर्नोग्राफी और अश्‍लील कंटेंट के आरोप में मद्रास हाईकोर्ट ने तीन अप्रैल को केंद्र को टिकटॉक एप पर पाबंदी लगाने का निर्देश दिया था। तब कोर्ट ने कहा था कि मीडिया रिपोर्ट से यह पता चलता है कि एप के जरिये अश्लील और अनुचित सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है।

टिकटॉक की ओर से वरिष्‍ठ वकील इसाक मोहनलाल ने कोर्ट को बताया कि कंपनी ने न्‍यूड/आपत्तिजनक कंटेंट एप पर अपलोड न हो यह सुनिश्चित करने के लिए नई टेक्‍नोलॉजी को अपनाया है। टिकटॉक ने कोर्ट में हलफनामा दायर कर कोर्ट को यह विश्‍वास दिलाया है कि उसके एप पर अश्‍लील और आपत्तिजनक सामग्री पर प्रतिबंध सुनिश्चित किया जाएगा।

सुप्रीम कोर्ट द्वारा मद्रास हाई कोर्ट के आदेश पर रोक लगाने से इनकार करने के बाद गूगल और एप्‍पल ने टिकटॉक को अपने एप स्टोर से हटा दिया था ताकि उसे डाउनलोड नहीं किया जा सके। 22 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट ने मद्रास हाईकोर्ट से कहा था कि वह 24 अप्रैल तक कोई फैसला ले, यदि वह कोई फैसला नहीं लेती है तो टिकटॉक पर लगा प्रतिबंध स्‍वत: समाप्‍त हो जाता।

नुकसान होने और नौकरी जाने का दिखाया था डर

बाइटडांस ने 22 अप्रैल को एक बयान में कहा था कि भारत में टिकटॉक पर प्रतिबंध लगने से उसे रोजाना 5 लाख डॉलर तकरीबन 3.5 करोड़ रुपए का नुकसान हो रहा है और इससे भारत में कार्यरत उसके 250 कर्मचारियों पर नौकरी जाने की तलवार लटक रही है।

प्रतिबंध लगने के बाद कंपनी ने किया था एक अरब डॉलर निवेश करने का ऐलान

मोबाइल एप टिकटॉक की मूल कंपनी बाइटडांस ने भारत में अपने एप पर प्रतिबंध लगने के बाद कहा था कि वह भारत में अपने एप पर पाबंदी से परेशान नहीं है और यहां के भारतीय बाजार के प्रति उत्साहित है। चीन की इस कंपनी ने अगले तीन साल में भारत में एक अरब डॉलर से अधिक के निवेश की योजना का खुलासा किया था।

बाइटडांस की निदेशक अंतरराष्ट्रीय सार्वजनिक नीति) हेलेना लर्श्च ने कहा कि कंपनी पिछले कई महीनों से अपनी सामग्री नीति को सुदृढ़ बना रही है। उन्होंने कहा था कि हम निश्चित रूप से मौजूदा गतिविधियों से दु:खी हैं लेकिन हमें मसले को सुलझाने की उम्मीद है। हम भारतीय उपयोगकर्ताओं के प्रति प्रतिबद्ध हैं। कंपनी के रूप में हम अगले तीन साल में भारत में एक अरब डॉलर निवेश पर विचार कर रहे हैं।

कंपनी ने कहा था कि वह अपने कर्मचारियों की संख्या भी बढ़ाएगी और इस साल के अंत तक इसे बढ़ाकर 1,000 करेगी। टिकटॉक एप अपने उपयोगकर्ताओं को छोटी अवधि का वीडियो बनाने और उसे साझा करने की सुविधा देता है। इसके उपयोगकर्ताओं की संख्या 12 करोड़ है।

Loksabha Election 2019 : मतदान को लेकर विशाल रैली 25 अप्रैल को

सिवनी –  मतदान हमारा मौलिक अधिकार है और इसी बात को जन,जन तक पहुंचाने के लिये स्वीप प्लान के अंतर्गत जिला निर्वाचन विभाग द्वारा अनेक कार्यक्रम आयोजित किये गये। इसी श्रृंखला में नेताजी सुभाष चन्द्र बोस हॉयर सेकेण्डरी शाला में 25 अप्रैल को प्रात:7 बजे सभी विभागों के सहयोग से एक विशाल रैली निकाली जायेगी जो भगत सिंह वार्ड में जाकर लोगों को मतदान के लिये प्रेरित करेगी।

जिसमें जिला कलेक्टर, जिला पंचायत कार्यपालन अधिकारी,जिला पुलिस अधीक्षक, जिला शिक्षा अधिकारी,जनशिक्षा केन्द्र अधिकारी तथा नगर की शासकीय, अशासकीय की शैक्षणिक संस्थाओं के शिक्षक एवं छात्र,छात्रायें घर-घर जाकर लोगों से अपील करेंगी कि सभी अधिक से अधिक मतदान करें। इसी कड़ी में विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी प्रेम नारायण बारेश्बा ने बताया कि आज हमारे भारत देश में औसतन 50 प्रतिशत से 60 प्रतिशत ही मतदान होता है।

इसमें छोटी-बड़ी राजनैतिक पार्टियों व निर्दलीय उम्मीदवारों में वोट बंटते या पड़ते हैं। जिसको भी 10 प्रतिशत-20 प्रतिशत वोट पड़ जाते हैं वो जीत जाता है, अत: आज कल के नेता शराब पिला कर व पैसे बाँट कर इन 10 से 20 प्रतिशत लोगों को अपने प्रभाव से वोट करवा लेते हैं व चुनाव जीत जाते है जिस कारण ऐसे लोग चुनकर आते है जो पूर्णतया भ्रष्ट होते है व जिनका चुनाव  जीतने का एक मात्र उद्देश्य सत्ता पाना और धन कमाना होता है, तथा चुनाव जीतने के बाद वह अगले 5 वर्ष तक देश के संसाधनों का खूब शोषण करते है व खूब भ्रष्टाचार करते है।

अब यदि इस वर्तमान भ्रष्ट व्यवस्था को बदलना है तो देश के लोगों को यह भी समझना होगा की आज हमारे देश में जो भ्रष्ट व्यवस्था चल रही है व चारो ओर जो अव्यवस्था का वातावरण है उसका एक बहुत बड़ा कारण हमारा चुनाव के दौरान मतदान नहीं करना है.

Bhopal Loksabha 2019: दिग्विजय सिंह: एक साध्वी से हार चुके हैं, क्या दूसरी से जीत पाएंगे |

भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में इस बार कांग्रेस का सबसे ताकतवर नेता दिग्विजय सिंह चुनाव लड़ रहे हैं। भोपाल की चुनौती स्वीकारने से पहले शायद उन्होंने अनुमान भी नहीं लगाया था कि उनका मुकाबला साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर से होगा परंतु भाजपा ने एन मौके पर साध्वी प्रज्ञा सिंह को ​भाजपा ज्वाइन कराई और टिकट दे दिया। सवाल यह है कि जो दिगिवजय सिंह साध्वी उमा भारती के सामने टिक नहीं पाए क्या वो साध्वी प्रज्ञा सिंह से चुनाव जीत पाएंगे। 

दिग्विजय सिंह: सरला मिश्रा मामले में तो आज भी संदिग्ध हैं

राजनीति के पंडितों के इस मानसिक व्यायाम का कोई ठोस परिणाम नहीं होता परंतु सट्टा बाजार की तरह ये अनुमान और आंकलन होते बड़े मजेदार हैं। जहां तक बात दिग्विजय सिंह की है तो निश्चित रूप से वो मध्यप्रदेश की राजनीति के दंगल में सबसे मजबूत पहलवान हैं परंतु जब-जब उनका सामना महिलाओं से हुआ, उनकी रणनीतियां फेल होतीं रहीं। कांग्रेस संगठन में भी वो समकक्ष महिला नेताओं से पराजित नहीं कर पाए। सरला मिश्रा मामले में तो बड़ी मुश्किल से बचे थे। 

2003 में आत्मविश्वास से भरे हुए थे दिग्विजय सिंह

2003 चुनाव के गवाहों से पूछो तो वो बताते हैं कि दिग्विजय सिंह उन दिनों आत्मविश्वास से भरे हुए थे। उनके आत्मविश्वास का स्तर इतना अधिक था कि वो चुनावी चुनौतियों तक को देख नहीं पा रहे थे और यहां तक कह दिया था कि यदि वो यह चुनाव जीत नहीं पाए तो सन्यास ले लेंगे। हालांकि इससे पहले 1998 के चुनाव में भाजपा को भरोसा था कि वो हर हाल में जीतेगी परंतु हार गई। 2003 में भाजपा ने साध्वी उमा भारती को मैदान में उतारा और दिग्विजय सिंह की सारी रणनीति फेल हो गई। 

2019 में साध्वी प्रज्ञा सिंह चुनौती बन गईं

चुनावी रणनीति के समय प्रज्ञा सिंह का नाम चल जरूर रहा था परंतु कोई इस बात पर विश्वास करने को तैयार नहीं था कि मालेगांव बल ब्लास्ट की आरोपी जो कोर्ट से निर्दोष प्रमाणित नहीं हुई है, को भाजपा टिकट देगी लेकिन भाजपा ने ऐसा कर डाला। दिग्विजय सिंह के सामने साध्वी प्रज्ञा सिंह चुनौती बनकर खड़ी है। दिग्विजय सिंह काफी संभलकर चल रहे हैं परंतु फिर भी भोपाल में साध्वी की लहर नजर आ रही है। भोपाल सहित देश भर में चर्चा का केंद्र अब दिग्विजय सिंह नहीं बल्कि साध्वी प्रज्ञा सिंह है। देखना रोचक होगा कि क्या इस बार दिग्विजय सिंह, साध्वी के सामने अपना मान बचा पाएंगे। 

रिश्वत लेने के आरोप में पटवारी को जेल

Hathkadi

सिवनी । जिला न्यायालय की विशेष न्यायाधीश ने बही बनाने के बदले 1500 रुपये की रिश्वत लेते पकड़े गये पटवारी को चार साल कारावास की सजा सुनायी है।

कोर्ट ने सोमवार को दो अलग – अलग धाराओं में दोषी पटवारी राधेश्याम डहरवाल पर 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। पटवारी को जबलपुर लोकायुक्त ने 10 सितंबर 2014 को रिश्वत लेने के जुर्म में पकड़ा था।

विशेष लोक अभियोजक दीपा मर्सकोले ने बताया कि भोमा सर्किल में पदस्थ पटवारी राधेश्याम डहरवाल को लोकायुक्त जबलपुर की टीम ने विनय कुमार मोदी से 1500 रुपये की रिश्वत लेते हुए घर से गिरफ्तार किया था। आरोपी ने पैतृक जमीन की बही बनाने के बदले रिश्वत माँगी थी।

विशेष न्यायाधीश राज ऋषि श्रीवास्तव ने दोषी पटवारी को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा-7 में तीन साल व 05 हजार रूपये के जुर्माने की सजा सुनायी है, जबकि धारा 13(1)(डी), 13(2) के तहत 04 साल कारावास व 05 हजार रूपये के अर्थदण्ड से पटवारी को दण्डित किया है।

मध्य प्रदेश बोर्ड 10वीं- 12वीं रिजल्ट, Mp Board 10th-12th Result, www.mpresults.nic.in

नई दिल्ली :  मध्य प्रदेश बोर्ड 10वीं-12वीं रिजल्ट 2019 : MPBSE 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा का आयोजन और परीक्षा का परिणाम, मध्य प्रदेश बोर्ड ऑफ सेकेंड्री एजुकेशन (Madhya Pradesh Board of Secondary Education-MPBSE) निकालता है. इस साल मध्य प्रदेश बोर्ड (MP Board) की 10वीं की परीक्षाएं 1 से 27 मार्च तक आयोजित की गईं जबकि 12वीं की परीक्षाएं 1 मार्च से 2 अप्रैल तक आयोजित की गई.

परीक्षा खत्म होने के बाद अब छात्रों को रिजल्ट का बेसब्री से इंतजार है. पिछले साल 10वीं और 12वीं का रिजल्ट 14 मई 2018 को घोषित किया गया था. लेकिन इस बार मध्य प्रदेश बोर्ड 10वीं-12वीं का रिजल्ट कुछ जल्द ही घोषित किए जा सकते हैं. परीक्षार्थियों से निवेदन है कि इस पेज को बुकमार्क कर लें और नियमित रूप से लेटेस्ट अपडेट के लिए हमारे वेबसाइट पर विजिट करें.

इस आर्टिकल में हम आपको मध्य प्रदेश 10वीं-12वीं बोर्ड के रिजल्ट से जुड़ी सारी जानकारियां दे रहे हैं ताकि आप छात्रों को रिजल्ट देखने के लिए कहीं भटकना ना पड़े.

मध्य प्रदेश बोर्ड 10वीं-12वीं रिजल्ट से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां (Important Updates of Madhya Pradesh Board)

राज्य – मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh)
परीक्षा का नाम – मध्य प्रदेश 10वीं (SSC) बोर्ड परीक्षा
परीक्षा की तारीख – 1 मार्च से 27 मार्च
रिजल्ट आने की संभावित तारीख – 14 मई 2019

परीक्षा का नाम – मध्य प्रदेश 12वीं बोर्ड परीक्षा
परीक्षा की तारीख – 1 मार्च से 2 अप्रैल
रिजल्ट आने की संभावित तारीख – 14 मई 2019

ऐसे चेक करें मध्य प्रदेश बोर्ड 10वीं-12वीं का रिजल्ट (Step Wise Guide To check Results)
Step 1. MP Board का रिजल्ट चेक करने के लिए सबसे पहले Khabar Satta वेबसाइट के रिजल्ट पेज 
https://khabarsatta.com/mp-board-result-2019/ पर विजिट करें या इस लिंक पर क्लिक करें.
Step 2. Admit Card पर लिखे रोल नंबर को दर्ज करें और Submit के बटन पर क्लिक करें.
Step 3. Submit के बटन पर क्लिक करते ही आपका रजिस्ट्रेशन हो जायगा .
Step 4. MPBSE द्वारा रिजल्ट घोषित होते ही आपको आपका रिजल्ट मोबाइल पर प्राप्त हो जायगा
Step 5.
 रिजल्ट को डाउनलोड कर Print Out करा लें.

मध्य प्रदेश बोर्ड पिछले साल का एनालिसिस (MP Board Last Year Analysis)

मध्य प्रदेश बोर्ड 10th एनालिसिस

एमपी बोर्ड 10 वीं का रिजल्ट 14 मई को घोषित किया गया था. 10 वीं कक्षा के कुल 11.48 लाख छात्रों ने अपना परिणाम प्राप्त किया. एमपी बोर्ड 10 वीं परिणाम के लिए कुल पास प्रतिशत 66% रहा. अनामिकाशाद और हर्षवर्धनपरमार कक्षा 10 बोर्ड परीक्षा के संयुक्त टॉपर्स के रूप में उभरे.

  • Result Declaration Date: 14th May
  • Total Number of Students: 11,48,098
  • Pass Percentage: 66%
  • Toppers: AnamikaSadh&HarshwardhanParmar

मध्य प्रदेश बोर्ड 12th एनालिसिस

एमपी बोर्ड एचएसएससी परिणाम या कक्षा 12 का परिणाम भी 14 मई को घोषित किया गया था. एमपीबीएसई ने नियमित उम्मीदवारों और निजी उम्मीदवारों दोनों के लिए एक साथ परिणाम घोषित किया. MP Board 12th Result प्राप्त करने वाले छात्रों की कुल संख्या 7,65,358 थी, जिनमें से 4,05,122 नियमित छात्र और 41030 निजी छात्रों ने परीक्षा उत्तीर्ण की. एमपी बोर्ड 12 वीं के रिजल्ट का कुल उत्तीर्ण प्रतिशत 68% रहा.

  • Number of Appeared Regular Students: 6,00,065
  • Number of Passed Regular Students: 4,05,122
  • Number of Failed Regular Students: 1,08,358
  • Number of Appeared Private Students: 1,65,293
  • Number of Passed Private Students: 41030
  • Number of Failed Private Students: 81726
  • Overall Pass Percentage: 68%
  • MP Board Science Stream Topper: LalitPanchauri
  • MP Board Commerce Stream Topper:AyushiDhengula
  • MP Board Arts Stream Topper: ShivaniPawar

मध्य प्रदेश बोर्ड के बारे में (About MP Board)

MPBSE को 1965 में मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा अधिनियम, 1965 के तहत विकसित किया गया था. शिक्षा निकाय, राज्य और उच्च शिक्षा प्रणाली की नीति-संबंधी, प्रशासनिक, संज्ञानात्मक और बौद्धिक दिशा निर्धारित करने के लिए जिम्मेदार है. बोर्ड मध्य प्रदेश राज्य में इंटरमीडिएट शिक्षा की प्रणाली को विनियमित और पर्यवेक्षण करता है. यह विभिन्न गतिविधियों को निष्पादित करता है और नियंत्रित करता है जिसमें अध्ययन के पाठ्यक्रम तैयार करना, पाठ्यक्रम निर्धारित करना, परीक्षा आयोजित करना, कॉलेजों को संबद्धता प्रदान करना शामिल है. MPBSE अपने अधिकार क्षेत्र के तहत सभी शैक्षणिक संस्थानों को दिशा, समर्थन और नेतृत्व भी प्रदान करता है.

MPBSE हर साल मार्च-अप्रैल के महीने में SSC और HSSC छात्रों के लिए वार्षिक बोर्ड परीक्षा आयोजित करता है, इसके बाद मध्य प्रदेश बोर्ड रिजल्ट 2019 की घोषणा मई के महीने में करता है.

VIDEO: Digvijay Singh की सभा में Modi समर्थक की Surgical Strike

digvijay Singh viral video

भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल से लोकसभा चुनाव लड़ रहे कांग्रेस उम्मीदवार दिग्विजय सिंह की सभा में मोदी समर्थक ने सर्जिकल स्ट्राइक कर डाली। हालात यह बने कि पूरा माहौल ही बदल गया। दिग्विजय सिंह भी अपना संतुलन खो बैठे। हालांकि इस सर्जिकल स्ट्राइक में युवक सफलतापूर्वक वापस नहीं आया बल्कि कांग्रेसियों ने उसे धक्के देकर बाहर निकाल दिया।

जनसभा के दौरान दिग्विजय सिंह अपने भाषण के दौरान पूछ रहे थे कि मोदीजी ने 15 लाख रुपए देने का वादा किया था, क्या किसी के खाते में पैसे आए? जिसके खाते में 15 लाख आए वो हाथ उठाएं। इस पर युवक ने हाथ उठाकर कहा मेरे खाते में आ गए। दिग्विजय ने उसे मंच पर बुलाकर जानकारी मांगी।

युवक ने मंच से कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सर्जिकल स्ट्राइक की और आतंकियों को मारा।युवक के इस जवाब के बात दिग्विजय सिंह ने नाराजगी भरे लहजे में कहा, “अरे तेरे खाते में 15 लाख आए, या नहीं। तुम्हें नौकरी मिली। क्या बात करते हो। तेरे खाते में 15 लाख आ गए।’ इस दौरान मंच पर मौजूद कांग्रेस के एक अन्य नेता ने युवक को मंच से नीचे उतार दिया फिर उसे धकियाते हुए सभा से बाहर कर दिया गया।

https://youtu.be/MJHAEJVTzD0