सिवनी – लोक सभा आम निर्वाचन 2019 हेतु 29 अप्रैल 2019 को संपन्न होने वाले मतदान के लिए गठित मतदान दलों को निर्वाचन सामग्री तथा ईव्हीएम, बैलेट यूनिट, व्हीव्हीपैट आदि का वितरण आज 28 अप्रैल को प्रातः 6 बजे से पॉलिटेक्निक सिवनी से किया जाएगा। भारत निर्वाचन आयोग द्वारा नियुक्त सामान्य प्रेक्षक श्री बी. परमेश्वरन , कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री प्रवीण सिंह ने जिले की चारों विधानसभा क्षेत्रों में निर्वाचन संपन्न कराने हेतु तैनात मतदान दलों को निर्वाचन सामग्री वितरण व्यवस्था का जायजा लिया।
सामग्री वितरण स्थल में मतदान कर्मियों की बैठक व्यवस्था, पेयजल व्यवस्था, भोजन एवं नास्ते की व्यवस्था हेतु कैटीन, पार्किग व्यवस्था, मतदान दलों को जानकारी देने हेतु सुविधा केंद्र का भी अवलोकन किया।
निरीक्षण के दौरान उप जिला निर्वाचन अधिकारी एवं अपर कलेक्टर श्रीमती रानी बाटड़, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्रीमती मंजूषा राय सहित व्यवस्थाओ से जुडे अन्य अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे।
लोकसभा निर्वाचन 2019 में मतदान केन्द्रों में विद्युत व्यवस्था की समीक्षा
सिवनी / लोकसभा निर्वाचन 2019 में मतदान केन्द्रों, मतदान सामग्री वितरण स्थल, स्ट्रांग रूम इत्यादि अति संवेदनशील क्षेत्रों में निर्बाध विद्युत आपूर्ति बनाये रखने के लिये 27 अप्रैल को मुख्य अभियंता (ज.क्षे.) श्री प्रकाश दुबे के द्वारा सिवनी जिला की समीक्षा की गई।
अधीक्षण अभियंता (संचा./संधा./वृत्त सिवनी, कार्यपालन अभियंता (संचा./संधा.) सिवनी एवं वितरण कंपनी के अधिकारियों के साथ मतदान केन्द्रवार विद्युत कनेक्शनों की समीक्षा करते हुए मुख्य अभियंता के द्वारा यह बताया गया कि सिवनी जिले में कुल 1357 मतदान केन्द्र बनवाये हैं, जिसमें 1276 मतदान केन्द्र में स्थाई विद्युत कनेक्शन उपलब्ध है एवं शेष 81 मतदान केन्द्रों में अस्थाई विद्युत कनेक्शन के माध्यम से विद्युत आपूर्ति उपलब्ध कराई गई है।
विद्युत वितरण कंपनी सिवनी के समस्त अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिये गये हैं कि आगामी तीन दिनों तक सभी 1357 मतदान केन्द्रों में निर्बाध विद्युत आपूर्ति बनाये रखने हेतु विद्युत कर्मचारियों की नियुक्ति करें एवं इसकी सतत निगरानी करना सुनिश्चित करें।
मुख्य अभियंता द्वारा यह भी निर्देशित किया गया है कि जिले में चिन्हित स्थल जहां से मतदान सामग्री का वितरण होना है, स्ट्रांग रूम एवं मतदान केन्द्रों से संबंधित सभी कार्यालयों में निर्बाध विद्युंत व्यवस्था बनाये रखने हेतु विद्युत वितरण कंपनी के समस्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों को कार्यवाही सुनिश्चित करना है। मुख्य अभियंता श्री प्रकाश दुबे के द्वारा स्वयं विभिन्न विद्युत उपकेन्द्रों तथा मतदान केन्द्रों का निरीक्षण किया गया एवं विद्युत आपूर्ति की समीक्षा की गई।
मतदान के लिये मतदाता पर्ची के साथ एक अन्य पहचान संबंधी दस्तावेज लाना अनिवार्य
सिवनी / भारत निर्वाचन आयोग एवं मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी भोपाल के निर्देशानुसार आगामी लोकसभा निर्वाचन के मतदान के समय मतदाताओं को अपनी पहचान कराने के संबंध में ईपिक कार्ड (EPIC) अथवा 11 अन्य प्रकार के दस्तावेज प्रस्तुत किए जाने की सुविधा प्रदान की गई है।
मतदाता फोटो पर्ची के साथ मतदाता ईपिक कार्ड अथवा 11 अन्य दस्तावेजों में से कोई एक दस्तावेज का मतदान के लिये उपयोग कर सकेंगे। इनमें पासपोर्ट, ड्राईविंग लाईसेंस, केन्द्रीय कार्यालय, राज्य शासन, भारत सरकार का उपक्रम, सार्वजनिक कम्पनी द्वारा जारी फोटोयुक्त पहचान पत्र, बैंक, पोस्ट ऑफिस द्वारा जारी फोटोयुक्त पासबुक, पेन कार्ड, राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्ट्रेशन कार्यालय के रजिस्ट्रार जनरल एवं जनगणना आयुक्त द्वारा जारी स्मार्ट कार्ड, मनरेगा रोजगार कार्ड, श्रम विभाग द्वारा जारी स्वास्थ्य कार्ड, फोटोयुक्त पेंशन दस्तावेज एवं सांसद, विधायक, राज्यसभा सदस्य को जारी आधिकारिक पहचान पत्र तथा आधार कार्ड सम्मिलित हैं।
सिवनी- जिला सिवनी ,छिंदवाड़ा , नरसिंहपुर , जबलपुर जिलो में कई चोरी की वारदात को अंजाम देने वाले शातिर चोर को लखनादौन न्यायालय ने सजा सुनाई है । यह घटना ग्राम बम्होडी की है , इसी ग्राम की जानकी बाई झरिया ने दिनांक- 29/07/18 को रिपोर्ट लिखाई की, वह खेत में रोपा लगाने गई थी उसका नाती पंकज झरिया घर पे था। दिन के करीब 1.30 बजे उसे सूचना मिली कि घर में चोरी हो गई है।
वह अपने घर आई तब उसके नाती ने बताया कि करीब 1 बजे दिन में घर पे ताला लगा हुआ था तभी तीन व्यक्ति आये और घर का ताला तोड़कर घर मे घुसे ओर अलमारी का लॉक तोड़कर चोरी कर के भागने लगे जिनमें से दो व्यक्ति मोटरसाइकिल से भाग गये , उनमें से एक उनका साथी दीनदयाल उर्फ सुमंत मिश्रा पिता जगदीश मिश्रा, उम्र-45 वर्ष निवासी ग्राम कुम्हड़ा खेड़ा थाना गोटे गाँव जिला- नरसिंहपुर को गांव के लोगो ने पकड़ लिया और अलमारी चेक किया तो दो जोड़ी चांदी की पायल, एक चांदी की करधन, एक सोने का मंगलसूत्र, एक पेंडल, एक जीओ कंपनी का मोबाईल, 20000 रुपये नगद ।
कुल 40000 रुपये का सामान चोरी होना पाया गया। इस रिपोर्ट पर पुलिस के द्वारा अभियुक्त के विरुद्ध चालान पेश किया था। जिस पर श्रीमान अरविंद टेकाम , न्यायिक मजिस्ट्रेट लखनादौन ,की न्यायालय में विचारण किया गया । जिसमें शासन ओर से कु0 कीर्ति तिवारी सहायक जिला अभियोजन अधिकारी के द्वारा पैरवी की गई और चोरी के अपराध को साबित कराया ।
जिस पर माननीय न्यायालय ने आरोपी दीनदयाल मिश्रा को धारा-454, 380 भा0दं0सं0 में 1-1 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 500-500 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया।उक्ताशय की जानकारी मीडिया सेल प्रभारी मनोज सैयाम द्वारा दी गई है।
सिवनी । पालकों की शिकायत के बाद 26 अपै्रल को जिला शिक्षा अधिकारी के निर्देश के अनुसार एपीडीसी महेश गौतम एवं एपीसी चुनेंद्र बिसेन द्वारा लूघरवाड़ा में संचालित सेंट फ्रांसिस स्कूल का निरीक्षण किया गया।
मिली जानकारी के अनुसार पालकों के साथ हुये संवाद के बाद विभाग द्वारा सभी पालकों से संस्थान में व्याप्त असुविधाओं और आर्थिक शोषण को लेकर शिकायत करने हेतु फार्म प्रदान किया गया है, जिसमें शैक्षणिक शुल्क, पाठयपुस्तक प्रकाशक का नाम, किताबें किस दुकान से क्रय की गई, क्या विद्यालय प्रबंधन द्वारा निर्धारित दुकान से किताबें क्रय करने हेतु बाध्य किया गया, क्या पाठयपुस्तकों की सूची, प्रकाशक का नाम की जानकारी पालकों को दी गई है।
इसके अलावा छात्र या छात्रा किस साधन से विद्यालय आते है, क्या उनके बच्चें बसों या ऑटो रिक्शा में निर्धारित क्षमता से अधिक बैठाये जाते है, क्या प्रबंधन द्वारा गणवेश/बेल्ट/टाई/बैच आदि सामग्री निर्धारित दुकान से ही क्रय करने हेतु बाध्य किया जाता है।
फीस को लेकर भी पालकों से कथन/बयान लिखित रूप से मांगे गये है, जिसमें स्पष्ट तौर पर पूछा गया है कि क्या प्रबंधन शैक्षणिक सत्र आरंभ होने के पूर्व बताये गये शुल्क से अधिक अतिरिक्त कोई राशि ले रहा है या नहीं?
अब पालकों की जबावदेही
प्रायवेट स्कूल प्रबंधकों द्वारा फीस वृद्धि सहित अन्य नियमों का पालन नहीं किये जाने के संबंध में पालक हमेशा शिक्षा विभाग द्वारा कार्यवाही नहीं किये जाने का आरोप लगाते रहे हैं, अब सेंट फ्रांसिस स्कूल में अध्ययन कर रहे बच्चों के पालकों की जबावदारी है कि वे बिना किसी भय या दबाव के निर्धारित प्रारूप में लिखित जानकारी विभाग के समक्ष प्रस्तुत करें ताकि उसे आधार बनाकर जिला शिक्षा अधिकारी प्रभावी कार्यवाही कर सके।
सिवनी– लोकसभा चुनाव 2019 के परिप्रेक्ष्य में प्रवीण सिंह , कलेक्टर सिवनी के नेतृत्व और श्री बी.आर. वैध , जिला आबकारी अधिकारी सिवनी के निर्देशन में आबकारी उत्तर वृत के अंतर्गत बरघाट क्षेत्र के ग्राम बोरी , पिंडरई और बेलगाँव में दबिश दी गई जिसमें अवैध कच्ची शराब के अड्डे नष्ट किए गए। दबिश में 200 लीटर अवैध कच्ची शराब और 2640 किलो महुआ लाहन नष्ट किया गया जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 2,42,000 /- है।
लोकसभा चुनाव 2019 के परिपेक्ष्य में चलाए जा रहे आज के विशेष अभियान में वृत प्रभारी खुशबू प्रिया मरावी, आबकारी उप निरीक्षक एवं उनके स्टॉफ संतराम मरावी, लेखसिंह टेकाम और विशालराव चौबीतकर का उल्लेखनीय योगदान है।
जिले भर में बेलगाम दौड़ रहे वाहनों पर नहीं परिवहन विभाग का अंकुश, जिला चिकित्सालय में अव्यवस्थाएं देख कलेक्टर ने लगायी फटकार! जबलपुर से 15 वाहनों के काफिले संग बालाघाट जा रही थी ड्यूटी करने, राहीवाड़ा में टायर पंचर होने पर उतरी थी नीचे, जबलपुर की ओर से आ रहे वाहन ने मारी टक्कर, लोकसभा चुनाव में बालाघाट करनी थी ड्यूटी
सिवनी कलेक्टर ने नागपुर कलेक्टर को कॉल कर मंगाया क्रिटिकल एम्बुलेंस
सिवनी | सीआरपीएफ (CRPF) गांधीनगर गुजरात की कांस्टेबल शुभाश्री साहू ( Shubhaashri Sahu ) (25) की मौत शुक्रवार को सड़क हादसे में हो गई। वह जबलपुर से 15 वाहनों के काफिले के साथ बालाघाट लोकसभा चुनाव में ड्यूटी के लिए जा रही थी। अभी वह बंडोल थाना क्षेत्र के राहीवाड़ा के निकट पहुंची थी कि उनके वाहन (बस) का टायर पंचर हो गया। वह बस से उतकर साथी महिला कांस्टेबल के साथ नीचे खड़ी थी। उस समय फर्नीचर से लदे एक मैजिक वाहन ने उनको टक्कर मार दिया। घायलावस्था में सिवनी के एक निजी अस्पताल में करीब सात घंटे तक उपचार के बाद उनको नागपुर रैफर किया गया। नागपुर में उनकी मौत हो गई। इसकी पुष्टि बंडोल टीआई एमएल राहंगडाले ने की है।
जानकारी के अनुसार महिला कांस्टेबल शुभाश्री मूल रूप से ओडिशा के भीकानाला की निवासी थी। उनकी नियुक्ति करीब चार वर्ष पूर्व सीआरपीएफ में हुई थी। वह गुजरात से बटालियन के साथ जबलपुर तक ट्रैन से आई। इसके बाद वहां से छोटे-बड़े करीब 15 वाहनों के काफिले के साथ वे लोग बालाघाट में लोकसभा चुनाव में ड्यूटी के लिए रवाना हुए। अभी वे लोग शुक्रवार की सुबह करीब 6:30 बजे बंडोल थाना क्षेत्र के राहीवाड़ा के पास पहुंचे थे कि वह जिस बस में सवार थी। उसका टायर पंचर हो गया। इसके बाद सभी वाहनों का काफिल सड़क किनारे रूक गया।
शुभाश्री साथ बैठी एक सहयोगी के साथ नीचे उतरकर खड़ी हो गई। उसी समय जबलपुर की ओर से आ रहे फर्नीचर लदे एक मैजिक वाहन ने उनको टक्कर मार दिया टक्कर के बाद शुभाश्री सड़क पर गिरकर तड़पने लगी। आनन-फानन में वहां मौजूद सीआरपीएफ जवानों ने पुलिस को सूचना दी और उनको लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। सूचना के बाद कलक्टर प्रवीण सिंह भी जिला अस्पताल पहुंच गए। जिला अस्पताल में पर्याप्त सुविधा नहीं मिलने पर कलक्टर ने संबंधित अधिकारियों की जमकर फटकार लगाई। इसके बाद कलक्टर बारापत्थर स्थित जठार अस्पताल लेकर पहुंचे। कलक्टर की उपस्थित में करीब चार डाक्टरों की टीम ने पांच घंटे तक शुभाश्री का उपचार किया। इसके बाद भी जब उसके हालत में सुधार नहीं हुआ तो उसको नागपुर रैफर कर दिया गया, जहां उसकी मौत हो गई।
नागपुर कलक्टर को काल कर मंगाया क्रिटिकल एम्बुलेंस
जिले में एक भी क्रिटिकल केयर एम्बुलेंस नहीं हैं। एनएच- 7 पर लगातार हो रहे हादसे के बाद भी एनएचआई के एम्बुलेंस का कोई पता नहीं है। कलक्टर प्रवीण सिंह ने सीआरपीएफ की महिला कांस्टेबल को नागपुर रैफर करने के लिए जब क्रिटिकल केयर एम्बुलेंस के लिए कहा तो स्वास्थ्य महकमे के अधिकारियों के होश उड़ गए। सभी ने हाथ खड़े कर दिए। इसके बाद उन्होंने नागपुर कलक्टर को काल कर वहां से क्रिटिकल केयर एम्बुलेंस मंगवाया। इसके बाद कांस्टेबल को नागपुर रैफर किया गया।
कांस्टेबल की मौत ने खोल दी सिवनी की स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल
सीआरपीएफ महिला कांस्टेबल की मौत ने स्वास्थ्य महकमे की लोकसभा चुनाव को लेकर की गई तैयारी की पोल खोल कर रख दिया। वह भी उस समय जब स्वयं कलक्टर कांस्टेबल के उपचार के लिए उसके साथ-साथ जिला अस्पताल से निजी अस्पताल तक दौड़ लगाते रहे। निजी अस्पताल में सीएमएचओ व अन्य चिकित्साधिकारियों की टीम कांस्टेबल की उपचार कर रही थी, वहीं बगल में कलक्टर खड़े रहे। सुबह में सूचना के बाद पहुंचे कलक्टर दोपहर करीब डेढ़ बजे तक नागपुर के लिए एम्बुलेंस के रवाना होने तक डटे रहे। इस घटना ने जिला प्रशासन को यह सोचने पर विवश कर दिया है कि यदि कोई बड़ा हादसा हो जाए तो स्वास्थ्य महकमा क्या करेगा।
सभी ने किया कांस्टेबल को बचाने का प्रयास
सिवनी पुलिस अधीक्षक ललित शाक्यवार दलबल के साथ अलग-अलग समय में दोपहर तक दो बार अस्पताल पहुंचकर कांस्टेबल का कुशलक्षेम पूछा। कलक्टर जबलपुर व बालाघाट एवं बालाघाट पुलिस अधीक्षक भी पल-पल की जानकारी ले रहे थे। बालाघाट पुलिस अधीक्षक ने लालबर्रा के टीआई को मौके पर भेजकर कांस्टेबल के उपचार कराने में सहयोग का निर्देश दिया। टीआई लालबर्रा व बंडोल पुलिसकर्मी कांस्टेबल के साथ नागपुर तक गए, लेकिन कांस्टेबल की मौत की सूचना ने सबको दु:खी कर दिया। लोकसभा चुनाव की ड्यूटी में कांस्टेबल के आने से जबलपुर, सिवनी व बालाघाट जिले के कलक्टर व एसपी हर कीमत पर उसकी जान बचाने का प्रयास किए, लेकिन सफलता नहीं मिली। अब कांस्टेबल के शव का पोस्टमार्टम नागपुर में किया जाएगा। बालाघाट से सीआरपीएफ के रघुवंश कुमार भी मौके पर पहुंच गए थे।
घर में शादी की तैयारी, पहुंची मौत की खबर
सड़क हादसे में मृत कांस्टेबल के सहयोगी की बातों पर गौर करें तो उनकी शादी अगले माह होनी थी। मृतक कांस्टेबल के परिवार में शादी की तैयारी चल रही थी। सभी के चेहरें पर खुशी के भाव थे। इसबीच उसके मौत की खबर ने सभी को झकझोर कर रख दिया। मृतक कांस्टेबल के पिता की भी लंबे समय पूर्व सड़क हादसे में मौत हो चुकी है। परिवार में मां और भाई है। मां की तबियत ठीक नहीं रहती है।
सिवनी- बण्डोल थानांतर्गत अलोनिया में स्थित एनएचएआई के टोल बूथ के गुर्गों के द्वारा इस तरह का बर्ताव किया जा रहा है मानो यह टोल बूथ मध्य प्रदेश की बजाय बिहार जैसे किसी प्रांत में संचालित हो रहा हो। शुक्रवार 26 अप्रैल को सुबह एक वाहन चालक के साथ पैसे के लेनदेन को लेकर बहस इस हद तक बढ़ गयी कि टोल टैक्स के गुर्गों के द्वारा कार के चालक को जमकर पीट दिया गया।
प्रत्यक्ष दर्शियों के अनुसार शुक्रवार को अपरान्ह कार क्रमाँक एमपी 53 टीए 1842 के कार चालक के साथ टोल कर्मचारियों की लेन देन को लेकर बहस हुई। यह बहस इस कदर बढ़ गयी कि टोल टैक्स के संचालक के गुण्डे नुमा गुर्गों के द्वारा कार चालक को कार से बाहर निकालकर बेदम होते तक पीटा गया।
बताया जाता है कि इसी बीच वहाँ से गुजर रहे कुछ लोगों के द्वारा इस मारपीट का वीडियो बनाकर फोटो भी खींच ली गयीं। यह वीडियो और फोटो जैसे ही सोशल मीडिया पर वायरल होना आरंभ हुईं वैसे ही टोल टैक्स के कर्मचारियों के द्वारा की जाने वाली गुण्डागर्दी के बारे में लोगों के द्वारा अपनी – अपनी व्यथा भी सोशल मीडिया पर साझा करना आरंभ कर दी गयी।
सोशल मीडिया में चल रहे इस वीडियो में आधा दर्जन से ज्यादा गुण्डा नुमा लोगों के द्वारा एक युवा को पकड़कर उसकी जमकर पिटाई की जा रही है। इस वीडियो में युवा को वहीं पड़े एक पलंग पर भी धकेलकर उसकी पिटाई की जाना दिखाया गया है। वीडियो देखकर यही प्रतीत हो रहा है कि एक युवा को अनेक लोगों के द्वारा निर्ममता के साथ पीटा जा रहा है।
यहाँ यह उल्लेखनीय होगा कि इसके पहले भी सिवनी जिले के टोल बूथ में कर्मचारियों के द्वारा वाहन चालकों के साथ अभद्रता किये जाने के साथ ही मारपीट किये जाने की शिकायतें भी जमकर मिलती आयी हैं। बार – बार पुलिस और प्रशासन के ध्यानाकर्षण के बाद भी इस मामले में किसी तरह की कार्यवाही नहीं किये जाने से टोल बूथ के आसपास मण्डराने वाले गुण्डानुमा कर्मचारियों के हौसले पूरी तरह बुलंदी पर ही हैं।
कुछ दिन पहले लखनादौन नगर पंचायत के अध्यक्ष जितेंद्र राय के पुत्र और सिवनी विधायक दिनेश राय के भतीजे का एक वीडियो भी वायरल हुआ था। इस वीडियो में उनका और टोल कर्मी के बीच जमकर विवाद होना उक्त वीडियो में दिखाया गया था। सोशल मीडिया और मीडिया में जमकर वायरल होने के बाद भी इस मामले में आगे क्या कार्यवाही हुई, इस बारे में शायद ही कोई जानता हो।
बण्डोल थाना प्रभारी मुन्ना लाल राहंगडाले ने बताया कि इस वीडियो के आधार पर अलोनिया टोल बूथ में कार्य करने वाले अनिल, मुकेश सिंह, पप्पू ठाकुर, राजाराम, संदीप आदि आधा दर्जन लोगों के खिलाफ मामला पंजीबद्ध कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि जिसके साथ इन लोगों के द्वारा अभद्रता की गयी है उसकी तलाश भी की जा रही है।
सिवनी । जिला मुख्यालय के ग्राम लूघरवाड़ा में संचालित सेंट फ्रांसिस स्कूल प्रबंधन द्वारा मान्यता के प्रावधानों एवं आरटीई के अधिनियमों का पालन ना करते हुये पालकों का आर्थिक एवं मानसिक शोषण करने के संबंध में जिला प्रशासन का ध्यान आकर्षित कराया था।
जिसके पश्चात पालकों द्वारा भी कलेक्टर सिवनी को लिखित शिकायत कर शैक्षणिक सत्र 2019-20 के दौरान प्रावधान विपरीत मनमाने तरीके से 15 प्रतिशत से ज्यादा फीस वृद्धि करने, एनसीआरटी की किताबों से अध्ययन ना कराने सहित अन्य बिंदुओं को लेकर जांच हेतु आग्रह किया गया था।
जिसके पश्चात आज प्रात: 11 बजे जिला शिक्षा अधिकारी गोपाल सिंह बघेल द्वारा गठित दो सदस्यीय दल में शामिल एडीपीसी महेश गौतम एवं एपीसी चुनेंद्र बिसेन द्वारा स्कूल पहुंचकर शिकायतों के संबंध में जांच कर पालकों से भी विचार विमर्श किया है। देखना यह है कि क्या शिक्षा विभाग के आला पदाधिकारी पालकों द्वारा की गई शिकायत के आधार पर कितनी प्रभावी कार्यवाही स्कूल प्रबंधन के खिलाफ कर पाते है।