सिवनी- कलेक्टर प्रवीण सिंह एवं पुलिस अधीक्षक कुमार प्रतीक ने मंगलवार 20 अगस्त को कुरई विकासखंड (kurai ghat) का दौरा कर प्रगतिरत राष्ट्रीय राजमार्ग के कार्यों का अवलोकन किया।
लगातार प्राप्त हो रही जाम की शिकायतों के मद्देनजर राष्ट्रीय राज्यमार्ग के अधिकारियों के साथ किये गए इस निरीक्षण में कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक द्वारा मार्ग अवरुद्ध करने स्थानों को चिन्हांकित करवाया कर तत्काल मरम्मत कार्य के निर्देश निर्माणकर्ता फर्म दिलीप बिल्डकॉन को दिए गए।
साथ ही कलेक्टर श्री प्रवीण सिंह द्वारा अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व )कुरई को फर्म के विरुद्ध दंड प्रकिया संहिता की धारा 133 तहत पब्लिक न्यूसेंस का मामला दर्ज कर नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
प्रबंधक को हिदायत दी गयी कि भविष्य में निर्माण कार्य के दौरान किसी भी स्थिति में मार्ग अवरुध्द न हो इस कार्ययोजना के साथ कार्य करे।
सिवनी- बंधुओं ,आंखों की ज्योति बिन जीवन अधूरा है । आज हर तीसरा व्यक्ति किसी ना किसी प्रकार की आंख की बीमारी से पीड़ित है ।हम सब का प्रथम कर्तव्य है इस बीमारी को मिलकर दूर करें।
इसी अभियान के तहत “सक्षम” एवं “दादा वीरेन पुरी जी आई हॉस्पिटल” तिलवारा घाट, जबलपुर के चिकित्सकों द्वारा नेत्र पीडित मानवता की सेवा हेतू कृनिया “अंधत्व मुक्त भारत अभियान” के तहत सिवनी जिले में कानि या प्रभावित नेत्र पीड़ितों की जांच उपचार एवं शल्य क्रिया पूर्व में किया जा चुका है .
लेकिन आंखों के पीढ़ीत मरीजों की अधिकता है हमारा प्रयास यह है कि बीमारी हमारे क्षेत्र से पूरी तरह से मुक्त हो इसी उद्देश्य को लेकर सिवनी रजवाडा सेलिब्रेशन में प्रति माह 21 तारीख को शिविर आयोजित होता है
अतः आप श्री से निवेदन हैं कि अपने क्षेत्र में जानकारी देते हुए शिविर में पधारें एवं पीड़ित मानवता की सेवा करके अपने जीवन को सार्थक बनाए। जिला सिवनी सक्षम संस्था तत्वाधान में ऊक्त शिविर आगामी 21 अगस्त को रजवाड़ा लांन जबलपुर रोड़ में आयोजित हे।
सिवनी- जिले के सभी इलाको में दो दिन से रुक रुक कर बारिश का दौर जारी है। बारिश से जन जीवन प्रभावित है। वही इलाक़े में बारिश के दौर के बाद ज़िले की मुख्य वैन गंगा नदी उफान पर है। और सुनवारा और मझगंवा के पास नदी पर बने पुराने पुलो के ऊपर से नदी का पानी बह रहा है।
नदी में बाढ़ आने की वजह से 50 से अधिक गाँवो का सम्पर्क टूट गया है। स्थानीय लोग जान जोखिम में डाल कर नदी पार करने में कोई संकोच नही कर रहे है। लोगो को पुल पर जाने से रोकने के लिए कोई भी प्रशासनिक नुमाइंदा मौके पर नही है। वही हैरानी भरा नजारा सामने आया है लोगो को रोकने के बजाए ख़ुद ही पुलिस कर्मी पुल पार करता नज़र आया है।
पुलिस कर्मी से जब पूछा गया तो काम मे जल्दी होने की बात कहता नजर आया। ऐसे में सवाल यह है कि बिना रोक टोक करते समय यदि कोई व्यक्ति बह जाता है तो इसका जिम्मेदार कौन होगा।
सिवनी- जिला सिवनी में पदस्थ अतिरिक पुलिस अधीक्षक गोपाल खांडेल का रीवा स्थांतन्त्तर होने पर , गोपाल खांडेल के स्थान पर आज 20 अगस्त को 2007 बेच के I P S कमलेश कुमार खरपुसे ने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सिवनी का पदभार ग्रहण कर लिया , नवागत ASP कमलेश कुमार पूर्व रीवा में पदस्थ थे ।
सिवनी । कोतवाली पुलिस ने सोमवार को दो युवको को धारदार हथयार के साथ पकडा है। कोतवाली थाना प्रभारी मनोज गुप्ता ने बताया कि भैरोगंज निवासी रोहित (25) तलवार चमका रहा था, वही दूसरी ओर मगंलीपेट निवासी पंकज के द्वारा चाकू चमकाए जाने पर दोनों के खिलाफ अलग अलग मामला कायम किया गया है।
सिवनी । घंसौर क्षेत्र में गांजा पीने की बात को लेकर हुए विवाद में एक युवक के द्वारा दूसरे युवक को चाकू से घायल कर दिया।
घंसौर थाना प्रभारी रमन सिंह मरकाम ने बताया कि बीति रात लगभग
साढ़े आठ बजे पुराने रेल्वे स्टेशन के पास दो मित्रों के बीच गांजा पीने की बात को
लेकर विवाद हो गए। इसी दौरान डूंडा सिवनी निवासी अजीत विश्वकर्मा को शुभम यादव के
द्वारा पेट में चाकू मारकर घालय कर दिया।
उन्होंने बताया कि इस वारदात के बाद शुभम मौके से फरार हो गया।
घायल अजीत को घंसौर अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी हालत गंभीर होने के चलते उसे
जबलपुर रिफर कर दिया गया है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 307 का मामला दर्ज किया
जाकर आरोपी की तलाश की जा रही है।
क्यों बंद नही की जा रही पॉलीथिन बनाने वाली फैक्ट्रियां!
सिवनी । शहर में अमानक पॉलीथिन का उपयोग धड़ल्ले से जारी है। पॉलीथिन के उपयोग पर रोक लगाने की गरज से शहर में एक अभियान चलाया गया। नगर पालिका एवं जिला प्रशासन के द्वारा आज तक कोई कार्रवाई नही की गई। शहर में दुकानदारों ने ग्राहकों को पॉलीथिन में सामान देना आज भी जारी रखा है।
उल्लेखनीय है कि आम उपभोक्ता 40 माइक्रॉन से अधिक मोटाई की पॉलीथिन
का उपयोग किया जा रहा है। वर्तमान में हालात यह है कि हर कोई पॉलीथिन में सामान
लिए नजर आ रहा है। दुकानदार भी ग्राहकों को पॉलीथिन में धड़ल्ले से सामान दे रहे
हैं। पर्यावरण विद् समय समय पर शासन प्रशासन सहित पालिका चेताती अवश्य है कि 40
माइक्रॉन से कम मोटाई की पॉलीथिन का उपयोग पर्यावरण के लिए घातक है,लेकिन जनता
तनिक भी जागृत नहीं हुई। रही सही कसर जिम्मेदार, अपनी
जिम्मेदारी से मुंह मोड़कर पूरी कर रहे हैं। नतीजा शहर में 100 प्रतिशत पॉलीथिन का
उपयोग बेधड़क तरीके से हो रहा है।
मानव स्वास्थ्य के लिए घातक है पॉलीथिन : अमानक पॉलीथिन का
उपयोग मानव स्वास्थ्य एवं पर्यावरण के लिए घातक है। चिकित्सकों की मानें तो नान
बायोग्रेडेबल (जैविक विघटन न होने) श्रेणी में आने वाली पॉलीथिन सेहत की दृष्टि से
भी घातक है। पॉलीथिन में मौजूद कार्सिनोजेन से एलर्जी व कैंसर जैसी बीमारियां हो
सकती हैं। इसके चलते ही पर्यावरण मंत्रालय ने 40 माइक्रॉन से कम मोटाई वाली
पॉलीथिन के उपयोग पर प्रतिबंध लगाया है। बावजूद इसके शहर में अमानक पॉलीथिन का
उपयोग हो रहा है।
उत्पादन पर भी लगे प्रतिबंध : नगरपालिका के लोगों का कहना है
कि पर्यावरण मंत्रालय ने 40 माइक्रॉन से कम मोटाई वाली पॉलीथिन के उपयोग पर तो
प्रतिबंध लगा दिया है,लेकिन इसके
उत्पादन पर अंकुश लगाने की दिशा में कोई पहल नहीं की है,जिससे
पर्यावरण मंत्रालय के पॉलीथिन प्रतिबंध पर प्रश्न चिन्ह लगना लाजिमी है। लिहाजा
सरकार को ऐसी फैक्ट्रियों पर ताला डालना चाहिए,जहां 40
माइक्रॉन से कम मोटाई वाली पॉलीथिन का निर्माण होता है। आम लोगों को भी पॉलीथिन का
उपयोग कम करना चाहिए।
अमानक पॉलीथिन से नुकसान : अघुलनशील पॉलीथिन जल,वायु व
मिट्टी के संपर्क में आकर हानिकारक रसायन छोडती है। यह लंबे समय तक मानव जीवन को
प्रभावित करती है। खाने-पीने की चीजें,खासकर गर्म पॉलीथिन में रखे जाने से जहरीला तत्व विकसित हो
जाता है। गर्म भोजन में हानिकारक कार्सिनोजेन व टासिन पैदा करते हैं। इससे एलर्जी
व केंसर होता है। पानी के स्त्रोतों में पहुंचने से ऑसीजन की कमी हो जाती है और
जलीय पर्यावरण बिगडता है। प्लॉस्टिक व पॉलीथिन जलने पर कार्बन व हाइड्रोजन निकलता
है,जिससे वायु
प्रदूषण होता है। पॉलीथिन खाने से गाय को गोमेड (गाय के पागल हो जाने जैसी स्थिति)
का खतरा हो जाता है।
भोपाल । मध्य प्रदेश सरकार ने हर माह 150 यूनिट तक बिजली खपत करने वाले सभी घरेलू उपभोक्ताओं को प्रारंभिक 100 यूनिट बिजली एक रूपये की दर से देने का फैसला किया है।
मुख्यमंत्री कमल नाथ की अध्यक्षता में
राज्य मंत्रिमंडल ने सोमवार को इस प्रस्ताव को मंजूरी दी। बैठक में बाद प्रदेश के
ऊर्जा मंत्री प्रियव्रत सिंह ने संवाददाताओं से कहा कि इंदिरा गृह ज्योति बिजली
योजना अब तक केवल पंजीकृत गरीब श्रमिकों के लिए थी। लेकिन अब, हमने 150 यूनिट से कम खपत वाले सभी बिजली
उपभोक्ताओं को इस योजना के दायरे में लाया है।
हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि 150 यूनिट से अधिक
बिजली खपत करने वाले घरेलू उपभोक्ताओं को वर्तमान में प्रचलित बिजली की दरों के
अनुसार ही बिल का भुगतान करना होगा। सिंह ने कहा, प्रति माह 150 यूनिट की सीमा के
भीतर उपभोग करने वाले उपभोक्ताओं से प्रारंभिक 100 यूनिट के लिये एक रुपये प्रति यूनिट का शुल्क लिया जाएगा, जबकि अगले 50 यूनिट की कीमत
मौजूदा दरों के अनुसार होगी। लेकिन प्रति माह 150 यूनिट से अधिक उपभोग करने वालों से मौजूदा घरेलू बिजली दरों के अनुसार
ही शुल्क लिया जाएगा और इस श्रेणी में आने वाले उपभोक्ताओं को इस योजना के तहत लाभ
नहीं मिलेगा।
प्रियव्रत सिंह ने कहा कि इस योजना के
लाभार्थियों को सामान्य उपभोक्ताओं की तुलना में अलग-अलग रंग का बिल दिया
जाएगा।बिजली बिलों में विसंगतियों के बारे में पूछे जाने पर मंत्री ने कहा, ऐसी शिकायतों की जांच के लिए हमने जिला स्तर पर समितियों का गठन किया है।
अब हम इन समितियों को सशक्त बनाने जा रहे हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि 30 यूनिट तक बिजली का उपभोग करने वाले अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के
उपभोक्ताओं से 25 रुपये प्रति माह की दर से शुल्क लिया
जाएगा और उन्हें चार महीने में एक बार बिल भेजा जाएगा।
Reliance Jio Gigafiber 5 सितंबर को कमर्शली लॉन्च होने को तैयार है। जियो गीगाफाइबर एक तरफ जहां ग्राहकों को एक से बढ़कर एक सर्विस देने वाला है, वहीं दूसरी तरफ इसनें भारत में मौजूद दूसरे डीटीएच ऑपरेटर्स की नींद उड़ा दी है। जियो गीगाफाइबर के ऑफर ने दूसरे ऑपरेटर्स की परेशानी बढ़ा दी वह है सबस्क्राइबर्स को फ्री दिया जाने वाला HD/4K LED TV और 4K सेट-टॉप बॉक्स। इंड्सट्री एक्सपर्ट्स का भी मानना है कि जियो का सेट-टॉप बॉक्स दूसरी कंपनियों को कड़ी टक्कर देने के साथ ही बिजनस में भी बड़ा नुकसान करा सकता है।
बढ़ेगा जियो का सबस्क्राइबर बेस मार्केट ऐनालिस्ट्स का कहना है कि सर्विस के कमर्शल लॉन्च के शुरू होते ही इस बात की काफी संभावना है कि एयरटेल, टाटा स्काई और सिटी केबल के यूजर्स जियो पर स्विच कर जाएं। 12 अगस्त को हुए रिलायंस इंडस्ट्रीज की ऐनुअल जनरल मीटिंग में कंपनी के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने कहा कि जियो के फॉरएवर ऐनुअल होम ब्रॉडबैंड प्लान को सबस्क्राइब कराने वाले यूजर्स को HD या 4K LEd TV के साथ वेलकम ऑफर के तहत एक 4K सेट-टॉप बॉक्स भी दिया जाएगा।
मौजूदा डीटीएच प्रोवाइडर की बढ़ेगी चिंता Macquarie रिसर्च ने रिलायंस के इस ऑफर के बारे में कहा, ‘कंपनी का यह ऑफर डीटीएच इंडस्ट्री को बदलने वाला है। यह शहरी टीवी डिस्ट्रीब्यूटर्स जैसे टाटा स्काई, एयरटेल डिजिटल टीवी और सिटी के लिए बड़ा खतरा बनने वाला है क्योंकि नैशनल डीटीएच प्रोवाइडर जैसे हैथवे और डेन नेटवर्क अब रिलायंस के पास है।’ रिसर्च में आगे कहा गया है कि वेलकम पैक दूसरे डीटीएच ऑपरेटर्स के उन सबस्क्राइबर्स को बेहतर ऑफर दे रहा है जो जियो गीगाफाइबर पर स्विच करने के लिए सालाना भुगतान कर रहे हैं।
डिश टीवी को होगा सबसे कम नुकसान जियो से मिलने वाली कड़ी टक्कर के बारे में इकनॉमिक टाइम्स ने एयरटेल, टाटा स्काई और सिटी केबल की प्रतिक्रिया जानने की कोशिश की, लेकिन उनकी तरफ से कोई जवाब नहीं दिया गया। ऐनालिट्स ने कहा कि जियो के आने से डिश टीवी को कोई खास फर्क नहीं पड़ेगा क्योंकि इसका सबस्क्राइबर बेस ज्यादातर रूरल है। भारत के गांवो में बसने वाले सबस्क्राइबर्स का मानना है कि वे जियो के ऐनुअल प्लान को महंगा होने के कारण अफोर्ड नहीं कर सकते।
मार्केट शेयर में डिश टीवी है सबसे आगे हाल में आए ट्राई के डेटा के अनुसार मार्च में देशभर में डीटीएच सबस्क्राइबर बेस 7 करोड़ 30 लाख के आसपास था। इसमें 40 प्रतिशत मार्केट शेयर के साथ डिश टीवी सबसे आगे रहा। वहीं टाटा स्काई का सबस्क्राइबर बेस 25%, एयरटेल डिजिटल टीवी का 22% और सन डायरेक्ट का सबस्क्राइबर बेस 12% रहा।
जियो को भी करनी होगी मेहनत एक्पर्ट्स का कहना है कि शहरों में डीटीएच प्रोवाइर्स को जियो के वेलकम ऑफर को टक्कर देने में काफी मुश्किल आएगी। वहीं जियो को भी अपनी पोजिशन को मेनटेन करने के लिए तीन साल टॉप-एंड ग्राहकों को अपने साथ जोड़े रखने के लिए मेहनत करनी पड़ सकती है। वहीं दूसरी तरफ कुछ ऐनालिस्ट्स का मानना है कि जियो के सबस्क्रिप्शन ग्रोथ की रफ्तार अंतिम समय में आने वाले कनेक्टिविटी चैलेंज की वजह से थोड़ी धीमे पड़ सकती है।
सिवनी-जिला कलेक्टर प्रवीण सिंह ने विगत 15 अगस्त को आदेश जारी कर जानकारी दी की पूर्व में सोशल मीडिया पर डाली जा रही आपत्तिजनक पोस्टो को ध्यान में रखते हुए जन सामान्य के स्वास्थ्य के हित एवं लोक शांति हेतु सिवनी कलेक्टर ने सम्पूर्ण राजस्व सीमा क्षेत्र में प्रतिबंधात्मक आदेश घोषणा की घोषणा की साथ ही जिसके बाद से सभी सोशल मीडिया apps पर धारा 144 लागू की गई थी ।
लोक्शान्ति व्यवस्था भंग करने पोस्टो पर लगाम कसने एवं जिले में शांति व्यवस्था बनाये रखने की दृष्टि से ऊक्त आदेश अब 14 अक्टूबर तक प्रभावशील कर दिया गया है। इस दौरान whatsapp, instagram,फेसबुक, ट्विटर पर ऊक्त आदेश लागू रहेगा