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Nirbhaya Nyay Divas : निर्भया के चारों दोषियों को फांसी पर लटकाया गया

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नई दिल्ली: Nirbhaya Nyay Divas निर्भया के चारों दोषियों पवन, अक्षय, मुकेश और विनय को फांसी पर लटकाया गया. अभी करीब 30 मिनट से ज्यादा तक चारों के शव  गहरे तख्ते पर लटके रहेगे अभी. फिर फांसी के वक्त मौजूद डॉक्टर चारों शवों को चेक करेंगे. इसके बाद मेडिकल रिपोर्ट बनाकर वहीं, जेल सुप्रीटेंडेंट ब्लैक वारंट पर साइन करेंगे कि चारो को फांसी दे दी गई है. मेडिकल रिपोर्ट यानी डेथ सर्टिफिकेट अटैच कर ब्लैक वारंट वापस कोर्ट जाएगा और यह सूचित किया जाएगा कि आदेश का पालन हुआ.

लाइव अपडेट

05:58 AM, 20-MAR-2020 दोषियों को फांसी होने के बाद लंबे समय से इंसाफ की जंग लड़ रहीं निर्भया की मां आशा देवी ने कहा, ‘हमारी बेटी इस दुनिया में नहीं है और नहीं वापस लौटेगी। हमने उसके जाने के बाद यह लड़ाई शुरू की, यह संघर्ष उसके लिए था लेकिन हम अपनी और बेटियों के लिए यह लड़ाई जारी रखेंगे। मैंने अपनी बेटी की तस्वीर गले से लगाई और कहा- आखिरकार तुम्हें इंसाफ मिल गया।’

05:40 AM, 20-MAR-2020: तिहाड़ जेल के महानिदेशक संदीप गोयल ने बताया कि सभी चारों दोषियों को ठीक 5.30 बजे फांसी पर लटकाया गया।

05:32 AM, 20-MAR-2020 चारों दोषियों को फांसी पर लटका दिया गया है।

05:10 AM, 20-MAR-2020 निर्भया कांड के चारों दोषियों को उस स्थान पर ले जाया गया है जहां उन्हें फांसी पर लटकाया जाएगा। इससे पहले तिहाड़ जेल के बाहर सुरक्षा बल तैनात कर दिए गए।

04:22 AM, 20-MAR-2020 तिहाड़ जेल के अधिकारियों ने बताया कि जल्लाद को उठा दिया गया है और जेल के अधिकारियों की एक बैठक हो रही है।

03:48 AM, 20-MAR-2020 याचिका खारिज होने के बाद दोषियों के वकील एपी सिंह ने अदालत से दोषियों को उनके परिजनों से अंतिम बार मिलने के लिए 5-10 मिनट का समय देने का अनुरोध किया। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में दखल देने से इनकार करते हुए कहा कि इसे सॉलिसिटर जनरल देखेंगे। वहीं, सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि जेन के नियम इसकी इजाजत नहीं देते हैं और यह दोनों पक्षों के लिए दुखद होगा। 

निर्भया केस: फांसी से आधा घंटे पहले दोषियो को पिलाई जाएगी आखिरी चाय!

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नई दिल्ली: निर्भया रेप केस (Nirbhaya Case) में दोषियों को कल यानी 20 मार्च को सुबह 5:30 बजे फांसी दी जाएगी. निर्भया को न्याय दिलाने के लिए 7.3 साल से जारी संघर्ष कल दोषियों की फांसी के साथ खत्म हो जाएगा. देश में इस फांसी का लोग इंतजार कर रहे थे. फांसी से पहले दोषियों को स्पेशल ट्रीटमेंट दिया जाता है. चलिए जानते है इसके बारें में..

गौरतलब है कि निर्भया केस में दोषी राम सिंह, मुकेश, विनय शर्मा और पवन गुप्ता को 20 मार्च को सुबह 5 बजकर 30 मिनट पर चारों को फांसी पर लटकाया जाना है. फांसी से ठीक आधा घंटे पहले यानी सुबह 5 बजे चारो दोषियो को आखिरी चाय पिलाई जाएगी. बता दें कि जेल मेन्युअल के अनुसार किसी भी अपराधी की फांसी से पहले चाय पिलाई जाती है. इसके बाद पंडित द्वारा दोषियों को अमृतवाणी सुनाई जाएगी.

इस पूरी प्रकिया के बाद ही सभी दोषियो को फांसी पर लटकाने के लिए तैयार किया जाएगा. किसी मूवी के सीन की तरह जल्लाद पवन चारो दोषियो के हाथ और पांव बांधकर उनके मुंह को कपड़े से ढक देगा. इसके बाद गले में रस्सी का फंदा डाल दिया जाएगा और जेल सुपरिटेंडेंट के सिग्नल देने पर जल्लाद द्वारा लीवर खींच दिया जाएगा. 

जेल मेन्युएल के अनुसार दोषियो को आधा घंटे तक फांसी के फंटे पर लटकाया जाता है. समय पूरा होने पर सभी दोषियों की डॉक्टर द्वारा जांच कराई जाती है. इस जांच में डॉक्टर फांसी पर लटकाए गए दोषियों की मौत की पुष्टि करते हैं. अंत में दोषियों के परिवार वालो से एक हलफनामा मांगा जाता है जिसमें लिखा होता है कि वो कोई प्रदर्शन नहीं करेगा और दोषियों का सीधा अंतिम संस्कार कर देगा. हलफनामा मिलने के बाद ही परिवार को डेड बॉडी सौपी जाती है. 

निर्भया केस: अपनी-अपनी सेल में रोए चारों दोषी, अब तक अपनी आखिरी इच्छा नहीं बताई है.

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नई दिल्ली: निर्भया केस (Nirbhaya case) में फांसी से बचने की दोषियों ने एक और कोशिश नाकाम रही. दिल्ली हाईकोर्ट में दोषियों की दो याचिकाओं पर रात में सुनवाई करते हुए उन्हें खारिज कर दिया. दोषियों के वकील एपी सिंह ने याचिकाएं दायर की थीं. एक याचिका में निचली अदालत से जारी डेथ वारंट को रद्द करने की अर्जी थी, दूसरी याचिका में राष्ट्रपति के दया याचिका खारिज करने को चुनौती दी गई थी. दिल्ली हाईकोर्ट में जस्टिस मनमोहन की बेंच ने याचिका खारिज कर दी. अब निर्भया केस के चारों दोषियों की फांसी का रास्ता साफ हो गया है. 

चारों दोषियों को कल सुबह 5:30 बजे फांसी दी जानी है. इसी बीच, तिहाड़ जेल से खबर आई है कि निर्भया केस के चारों दोषी अपनी-अपनी सेल में फूट-फूटकर रोए हैं. चारों दोषी बहुत बेचैन हैं. तिहाड़ जेल प्रशासन द्वारा चारों दोषियों पर बहुत बारीकी नजर रखी जा रही है. एक सेकेंड भी दोषियों से नजर नहीं हटाने के आदेश दिए गए हैं. चारों दोषी आत्महत्या का ड्रामा कर फांसी रोकने की चाल चल सकते हैं. इसलिए चारों पर कड़ी नजर है.  

कुछ देर पहले तिहाड़ DG ने फांसी प्रकिया पर एक हाई लेवल मीटिंग ली है. चारों दोषियों की फांसी के बाद उनके शव को पोस्टमार्टम के लिए तिहाड़ प्रशासन दीनदयाल अस्पताल ले जाएगा जो कि मैन्यूल में लिखा है. करीब 8 बजे पोस्टमार्टम की प्रकिया शुरू हो सकती है. 

अभी चारों दोषियों के परिवार ने यह नहीं बताया है कि वो पोस्टमार्टम के बाद शव लेंगे या नहीं. अगर नहीं लेगे तो जेल मैन्युल के हिसाब से पुलिस प्रशासन ही उनका अंतिम संस्कार कर देगा. चारों दोषियों ने अब तक अपनी आखिरी इच्छा नहीं बताई है. लिहाजा फांसी के बाद उन्होंने जेल में रहकर श्रमकर जो पैसा कमाया है, वो पैसा उनके कैदी एकाउंट से उनके परिजनों को दे दिया जाएगा. 

सिवनी /मवेशियों से भरा ट्रक जप्त किया पुलिस ने

सिवनी । संयुक्त रूप से कार्यवाही करते हुए पुलिस ने मवेशियों की तस्करी में लगे एक वाहन की जप्ति बनायी है। वाहन का चालक मौके से भाग निकलने में कामयाब रहा।

पुलिस सूत्रों ने जानकारी देते हुए बताया कि डूण्डा सिवनी थाना को जानकारी प्राप्त हुई थी कि एक ट्रक में भरकर कुछ मवेशियों को केवलारी की दिशा से नागपुर की ओर ले जाया जा रहा है। उक्त सूचना मिलते ही डूण्डा सिवनी थाना प्रभारी अमित विलास दाणी ने कान्हीवाड़ा पुलिस से संपर्क करने के साथ ही साथ यातायात पुलिस को भी इस संबंध में इत्तला दे दी।

पुलिस के तीनों दलों ने हरकत में आते हुए घेराबंदी आरंभ कर दी। कान्हीवाड़ा पुलिस ने अपने क्षेत्र में मोर्चा सम्हाला तो डूण्डा सिवनी पुलिस ने बरघाट रोड पर और यातायात पुलिस ने कटंगी रोड पर वाहनों की चैकिंग का सघन अभियान चला दिया।

इसी तलाशी अभियान के दौरान पुलिस को जावना के जंगल में एक ट्रक क्रमाँक एमपी 20 एचडी 0216, संदेहास्पद स्थिति में खड़ा हुआ दिखा। पास जाकर जब इस वाहन की तलाशी ली गयी तब उसमें 38 नग मवेशी भरे हुए पाये गये जिन्हें गौशाला भिजवा दिया गया।

पुलिस सूत्रों ने बताया कि पुलिस की गतिविधि की जानकारी संभवतः मवेशियों से भरे इस ट्रक के चालक को मिल गयी थी जिसके बाद उसने पुलिस की गिरफ्त में आने से बचने के उद्देश्य से पहले तो अपने वाहन को ग्राम मलारा की दिशा में डाल दिया और फिर उसके बाद वह ग्राम भटेखारी की दिशा में अपने वाहन को ले गया।

इसी बीच जावना के जंगल में अपने आप को सुरक्षित पाकर चालक ने ट्रक को वहीं खड़ा कर दिया और फिर मौके से चंपत हो गया। पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ मामला कायम करते हुए अपनी जाँच आरंभ कर दी है।

MP Government Crisis LIVE Updates: आज दोपहर 12 बजे इस्तीफा दे सकते हैं कमलनाथ

भोपाल: मध्य प्रदेश में कई दिनों की सियासी उठापटक के बाद अब शुक्रवार को साफ हो जाएगा कि कमलनाथ सरकार बचेगी या गिरेगी. दो दिन की सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने प्रदेश के सियासी संकट पर अपना फैसला सुना दिया है. शुक्रवार को कमलनाथ सरकार को विधानसभा में अपना बहुमत साबित करना होगा. वहीं, इससे पहले कमलनाथ शुक्रवार दोपहर 12बजे मुख्यमंत्री आवास में पत्रकार वार्ता करेंगे. बताया जा रहा है कि प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद मुख्यमंत्री इस्तीफा दे सकते हैं.

कल होने वाले फ्लोर टेस्ट को लेकर कांग्रेस और बीजेपी दोनों दलों ने अपने विधायकों के लिए व्हिप जारी कर दिया है. सभी विधायकों को अनिवार्य रूप से सदन में मौजूद रहना होगा. वहीं इससे पहले आज दिल्ली से लेकर भोपाल तक हलचल रही, जहां भोपाल में कांग्रेस के विधायकों को सज्जन सिंह ने डिनर दिया, तो वहीं दिल्ली में मध्य प्रदेश के सियासी हालात पर बीजेपी के वरिष्ट नेताओं ने चर्चा की.

कमलनाथ ने किया विधायकों के साथ डिनर
फ्लोर टेस्ट को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद सीएम कमलनाथ ने ट्वीट कर लिखा कि कोर्ट के आदेश का और इसके हर पहलू का अध्ययन करेंगे. विधि विशेषज्ञों से चर्चा करेंगे, सलाह लेंगे, फिर उसके आधार पर फैसला लेंगे. वहीं, कांग्रेस विधायकों के साथ डिनर के बाद मंत्री सज्जन सिंह वर्मा के घर से निकले मुख्यमंत्री कमलनाथ ने मीडिया से बात नहीं की.

बसों में सवार होकर सज्जन सिंह के घर पहुंचे कांग्रेसी
फलोर टेस्ट से पहले गुरुवार रात कांग्रेस के सभी विधायक सज्जन सिंह वर्मा के घर पहुंचे, जहां उन्होंने डिनर किया. इस दौरान सभी विधायकों के साथ मुख्यमंत्री कमलनाथ भी मौजूद रहे. सभी विधायक बसों में बैठकर सज्जन सिंह के घर पहुंचे थे. जबकि निर्दलीय विधायक सुरेंद्र सिंह शेरा मेरिएट होटल से कांग्रेस विधायकों वाली बस में सवार नहीं हुए.

दिल्ली में जुटे बीजेपी के वरिष्ठ नेता
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद दिल्ली में केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर के घर बीजेपी नेताओं की बैठक हुई. जिसमें ज्योतिरादित्य सिंधिया, धर्मेन्द्र प्रधान, राकेश सिंह ने मध्य प्रदेश के सियासी संकट पर चर्चा की. उधर केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि निर्णय से संविधान के प्रावधानों की रक्षा हुई है. वहीं पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि कल दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा.

गुरुवार को शाम 5 बजे से पहले फ्लोर टेस्ट
बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने कल विधानसभा का विशेष सत्र बुलाकर 5 बजे से पहले फ्लोर टेस्ट कराने के आदेश दिए हैं. सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक फ्लोर टेस्ट के दौरान हाथ उठाकर वोटिंग की जाएगी और सदन की पूरी कार्यवाही की वीडियोग्राफी होगी.

बेंगलुरु में मौजूद सिंधिया समर्थक विधायकों के फ्लोर टेस्ट में शामिल होने को लेकर भी सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा आदेश दिया है. SC ने कहा है कि जिन 16 बागी विधायकों के इस्तीफे मंजूर नहीं हुए हैं, उन पर फ्लोर टेस्ट में शामिल होने का कोई दबाव नहीं है. अगर विधायक बेंगलुरु से भोपाल आकर फ्लोर टेस्ट में शामिल होना चाहते हैं, तो कर्नाटक और मध्य प्रदेश के डीजीपी को उन्हें सुरक्षा मुहैया करानी होगी.

MP Government Crisis LIVE Updates: Floor Test के पहले दोपहर 12 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे कमलनाथ

भोपाल: मध्य प्रदेश में कई दिनों की सियासी उठापटक के बाद अब शुक्रवार को साफ हो जाएगा कि कमलनाथ सरकार बचेगी या गिरेगी. दो दिन की सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने प्रदेश के सियासी संकट पर अपना फैसला सुना दिया है. शुक्रवार को कमलनाथ सरकार को विधानसभा में अपना बहुमत साबित करना होगा. वहीं, इससे पहले कमलनाथ शुक्रवार दोपहर 12बजे मुख्यमंत्री आवास में पत्रकार वार्ता करेंगे. कल होने वाले फ्लोर टेस्ट को लेकर कांग्रेस और बीजेपी दोनों दलों ने अपने विधायकों के लिए व्हिप जारी कर दिया है. सभी विधायकों को अनिवार्य रूप से सदन में मौजूद रहना होगा. वहीं इससे पहले आज दिल्ली से लेकर भोपाल तक हलचल रही, जहां भोपाल में कांग्रेस के विधायकों को सज्जन सिंह ने डिनर दिया, तो वहीं दिल्ली में मध्य प्रदेश के सियासी हालात पर बीजेपी के वरिष्ट नेताओं ने चर्चा की.

कमलनाथ ने किया विधायकों के साथ डिनर
फ्लोर टेस्ट को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद सीएम कमलनाथ ने ट्वीट कर लिखा कि कोर्ट के आदेश का और इसके हर पहलू का अध्ययन करेंगे. विधि विशेषज्ञों से चर्चा करेंगे, सलाह लेंगे, फिर उसके आधार पर फैसला लेंगे. वहीं, कांग्रेस विधायकों के साथ डिनर के बाद मंत्री सज्जन सिंह वर्मा के घर से निकले मुख्यमंत्री कमलनाथ ने मीडिया से बात नहीं की. बताया जा रहा है कि रात में ही विधानसभा स्पीकर एनपी प्रजापति से कमलनाथ मुलाकात करेंगे. गौरतलब है कि कोर्ट के आदेश के बावजूद अभी तक विधानसभा की कार्यवाही की डिटेल्स जारी नहीं की गई हैं.

बसों में सवार होकर सज्जन सिंह के घर पहुंचे कांग्रेसी
फलोर टेस्ट से पहले गुरुवार रात कांग्रेस के सभी विधायक सज्जन सिंह वर्मा के घर पहुंचे, जहां उन्होंने डिनर किया. इस दौरान सभी विधायकों के साथ मुख्यमंत्री कमलनाथ भी मौजूद रहे. सभी विधायक बसों में बैठकर सज्जन सिंह के घर पहुंचे थे. जबकि निर्दलीय विधायक सुरेंद्र सिंह शेरा मेरिएट होटल से कांग्रेस विधायकों वाली बस में सवार नहीं हुए.

दिल्ली में जुटे बीजेपी के वरिष्ठ नेता
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद दिल्ली में केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर के घर बीजेपी नेताओं की बैठक हुई. जिसमें ज्योतिरादित्य सिंधिया, धर्मेन्द्र प्रधान, राकेश सिंह ने मध्य प्रदेश के सियासी संकट पर चर्चा की. उधर केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि निर्णय से संविधान के प्रावधानों की रक्षा हुई है. वहीं पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि कल दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा.

गुरुवार को शाम 5 बजे से पहले फ्लोर टेस्ट
बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने कल विधानसभा का विशेष सत्र बुलाकर 5 बजे से पहले फ्लोर टेस्ट कराने के आदेश दिए हैं. सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक फ्लोर टेस्ट के दौरान हाथ उठाकर वोटिंग की जाएगी और सदन की पूरी कार्यवाही की वीडियोग्राफी होगी.

बेंगलुरु में मौजूद सिंधिया समर्थक विधायकों के फ्लोर टेस्ट में शामिल होने को लेकर भी सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा आदेश दिया है. SC ने कहा है कि जिन 16 बागी विधायकों के इस्तीफे मंजूर नहीं हुए हैं, उन पर फ्लोर टेस्ट में शामिल होने का कोई दबाव नहीं है. अगर विधायक बेंगलुरु से भोपाल आकर फ्लोर टेस्ट में शामिल होना चाहते हैं, तो कर्नाटक और मध्य प्रदेश के डीजीपी को उन्हें सुरक्षा मुहैया करानी होगी.

MP Government Crisis LIVE Updates:सिंधिया समर्थक सभी 16 विधायकों के इस्तीफे मंजूर

भोपाल: मध्य प्रदेश में शुक्रवार को होने वाले फ्लोर टेस्ट से पहले विधानसभा अध्यक्ष एनपी प्रजापति ने सभी बागी 16 विधायकों का इस्तीफा मंजूर कर लिया है. बता दें कि बेंगलुरु में मौजूद सभी सिंधिया समर्थक विधायकों ने 10 मार्च को स्पीकर को अपना इस्तीफा भेजा था. गुरुवार रात प्रेस कॉन्फ्रेंस करने आए एनपी प्रजापति ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले का सम्मान करते हैं. न्यायपालिका ने विधायिका को काम करने के लिए कहा है. मेरे खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई गई.

इन 16 विधायकों का इस्तीफा मंजूर
एदल सिंह कंसाना, मनोज चौधरी, राज्यवर्धन सिंह, कमलेश जाटव, सुरेश धाकड़, जसवंत जाटव, रक्षा सिरौनिया, हरदीप सिंह डंग, रघुराज सिंह कंसाना, जजपाल सिंह जज्जी, मुन्नालाल गोयल, ओपीएस भदौरिया, रणवीर जाटव, बिसाहू लाल सिंह, गिर्राज दंडोतिया, बृजेंद्र सिंह यादव

कमलनाथ सरकार में मंत्री रहे 6 विधायकों का पहले ही हो चुका है इस्तीफा मंजूर
14 मार्च को ही विधानसभा अध्यक्ष एनपी प्रजापति ने सिंधिया समर्थक इमरती देवी, तुलसी सिलावट, प्रद्युमन सिंह तोमर, महेंद्र सिंह सिसोदिया, गोविंद सिंह राजपूत और प्रभु राम चौधरी का इस्तीफा मंजूर कर लिया था. गौरतलब है कि ये वही विधायक थे जिन्हें कमलनाथ की सिफारिश पर पहले ही राज्यपाल ने मंत्रिमंडल से बर्खास्त कर दिया था.

Navratri 2020:नवरात्रि पर PM मोदी के नौ-आग्रह

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नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने गुरुवार रात आठ बजे कोरोना वायरस (Corona Virus) को लेकर देशवासियों को संबोधित किया. पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि वैश्विक महामारी कोरोना से निश्चिंत हो जाने की ये सोच सही नहीं है. इसलिए, प्रत्येक भारतवासी का सजग रहना, सतर्क रहना बहुत आवश्यक है. पीएम मोदी ने कहा कि इस महामारी से बचने और खुद के स्वस्थ बने रहने के लिए संयम को अनिवार्य बताया. पीएम मोदी ने कहा कि कुछ दिन में नवरात्रि का पर्व आ रहा है, ये शक्ति उपासना का पर्व है. इस मौके पर पीएम मोदी ने नवरात्रि पर देशवासियों से 9 आग्रह किए हैं. 

1. प्रत्येक भारतवासी सजग रहे, सतर्क रहे, आने वाले कुछ सप्ताह तक,  जब बहुत जरूरी न हो अपने घर से बाहर न निकलें.
2. 60 से 65 वर्ष की आयु के ऊपर के व्यक्ति घर के भीतर ही रहें.
3. इस रविवार, यानि 22 मार्च को, सुबह 7 बजे से रात 9 बजे तक, जनता-कर्फ्यू का पालन करें.
4. दूसरों की सेवा कर रहे लोगों का 22 मार्च की शाम को 5 बजे 5 मिनट तक करतल ध्वनि के साथ आभार व्यक्त करें.
5. रूटीन चेक-अप के लिए अस्पताल जाने से बचें, जो सर्जरी बहुत आवश्यक न हो, उसकी तारीख आगे बढ़वाएं.
6. वित्त मंत्री के नेतृत्व में गठित Covid-19 Economic Response Task Force से आवश्यक फैसले लेने का आग्रह.
7. व्यापारी जगत से, उच्च आय वर्ग से, दूसरों का वेतन  न काटने का आग्रह.
8. देशवासियों से सामान संग्रह न करने, Panic Buying न करने का आग्रह.
9. आशंकाओं और अफवाहों से बचने का आग्रह.

PM MODI के ‘राष्ट्र के नाम संबोधन’ की 10 बड़ी बातें

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नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना वायरस के मुद्दे पर देश को संबोधित किया. इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि पूरा विश्व इस समय संकट के बहुत बड़े गंभीर दौर से गुजर रहा है. लेकिन जिस तरह 130 करोड़ नागरिकों ने कोरोना वैश्विक महामारी का डटकर मुकाबला किया है, आवश्यक सावधानियां बरती हैं. वह काबिले तारीफ है. पीएम मोदी ने कहा कि वैश्विक महामारी कोरोना से निश्चिंत हो जाने की ये सोच सही नहीं है, इसलिए, प्रत्येक भारतवासी का सजग रहना, सतर्क रहना बहुत आवश्यक है. 

पीएम मोदी ने कहा कि इस तरह की वैश्विक महामारी में एक ही नारा काम करता है, हम स्वस्थ तो जगत स्वस्थ. हम स्वस्थ रहेंगे तो हम दूसरे को भी स्वस्थ रख सकेंगे. 

आइए पीएम मोदी के राष्ट्र के नाम संबोधन की बड़ी बातों पर नजर डाल लेते हैं. 

1- पीएम मोदी ने कहा, ” अभी तक विज्ञान, कोरोना महामारी से बचने के लिए, कोई निश्चित उपाय नहीं सुझा सका है और न ही इसकी कोई वैक्सीन बन पाई है. भारत सरकार इस स्थिति पर, कोरोना के फैलाव पर पूरी तरह नजर रखे हुए है. आज जब बड़े-बड़े और विकसित देशों में हम कोरोना महामारी का व्यापक प्रभाव देख रहे हैं, तो भारत पर इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा, ये मानना गलत है. इसलिए, इस वैश्विक महामारी का मुकाबला करने के लिए दो प्रमुख बातों की आवश्यकता है. पहला- संकल्प और दूसरा- संयम. 

2- ऐसी स्थिति में, जब इस बीमारी की कोई दवा नहीं है, तो हमारा खुद का स्वस्थ बने रहना बहुत आवश्यक है. इस बीमारी से बचने और खुद के स्वस्थ बने रहने के लिए अनिवार्य है संयम. आज 130 करोड़ देशवासियों को अपना संकल्प और दृढ़ करना होगा कि हम इस वैश्विक महामारी को रोकने के लिए एक नागरिक के नाते,अपने कर्तव्य का पालन करेंगे,केंद्र सरकार, राज्य सरकारों के दिशा निर्देशों का पालन करेंगे.

3- आज हमें ये संकल्प लेना होगा कि हम स्वयं संक्रमित होने से बचेंगे और दूसरों को भी संक्रमित होने से बचाएंगे. साथियों, इस तरह की वैश्विक महामारी में, एक ही मंत्र काम करता है- “हम स्वस्थ तो जग स्वस्थ”. 

4- कोरोना वैश्विक महामारी के इस दौर में भीड़ से बचना, घर से बाहर निकलने से बचना] आजकल जिसे Social Distancing कहा जा रहा है, ये बहुत ज्यादा आवश्यक है. इसलिए मेरा सभी देशवासियों से ये आग्रह है कि आने वाले कुछ सप्ताह तक, जब बहुत जरूरी हो तभी अपने घर से बाहर निकलें. जितना संभव हो सके, आप अपना काम, चाहे बिजनेस से जुड़ा हो, ऑफिस से जुड़ा हो, अपने घर से ही करें. 

5- मेरा एक और आग्रह है कि हमारे परिवार में जो भी सीनियर सिटिजन्स हों, 65 वर्ष की आयु के ऊपर के व्यक्ति हों, वो आने वाले कुछ सप्ताह तक घर से बाहर न निकलें. 

6- संकट के इस समय में, आपको ये भी ध्यान रखना है कि हमारी आवश्यक सेवाओं पर, हमारे हॉस्पिटलों पर दबाव भी निरंतर बढ़ रहा है. इसलिए मेरा आपसे आग्रह ये भी है कि रूटीन चेक-अप के लिए अस्पताल जाने से जितना बच सकते हैं, उतना बचें. 

7- आज की पीढ़ी इससे बहुत परिचित नहीं होगी,लेकिन पुराने समय में जब युद्ध की स्थिति होती थी, तो गांव-गांव में BlackOut किया जाता था. घरों के शीशों पर कागज़ लगाया जाता था, लाईट बंद कर दी जाती थी, लोग चौकी बनाकर पहरा देते थे. मैं आज प्रत्येक देशवासी से एक और समर्थन मांग रहा हूं. ये है जनता-कर्फ्यू. जनता कर्फ्यू यानि जनता के लिए, जनता द्वारा खुद पर लगाया गया कर्फ्यू. 

8- जो लोग देश सेवा में लगे हैं, उनको धन्यवाद कहें, हमारी आवश्यक सेवाओं पर दबाव न बढाएं. लोगों का सहयोग करें. संभव हो तो हर व्यक्ति प्रतिदिन कम से कम 10 लोगों को फोन करके कोरोना वायरस से बचाव के उपायों के साथ ही जनता-कर्फ्यू के बारे में भी बताए. साथियों, ये जनता कर्फ्यू एक प्रकार से हमारे लिए, भारत के लिए एक कसौटी की तरह होगा. 

9- मुझे भरोसा है कि आने वाले समय में भी आप अपने कर्तव्यों का, अपने दायित्वों का इसी तरह निर्वहन करते रहेंगे. हां, मैं मानता हूं कि ऐसे समय में कुछ कठिनाइयां भी आती हैं, आशंकाओं और अफवाहों का वातावरण भी पैदा होता है. 

10- मैं देशवासियों को इस बात के लिए भी आश्वस्त करता हूं कि देश में दूध, खाने-पीने का सामान, दवाइयां, जीवन के लिए ज़रूरी ऐसी आवश्यक चीज़ों की कमी ना हो इसके लिए तमाम कदम उठाए जा रहे हैं. पिछले दो महीनों में, 130 करोड़ भारतीयों ने, देश के हर नागरिक ने, देश के सामने आए इस संकट को अपना संकट माना है, भारत के लिए, समाज के लिए उससे जो बन पड़ा है, उसने किया है. कुछ दिन में नवरात्रि का पर्व आ रहा है. ये शक्ति उपासना का पर्व है. भारत पूरी शक्ति के साथ आगे बढ़े, यही शुभकामना है. 

कोरोना पर केंद्र सरकार : विदेशी विमानों की एंट्री पर लगी रोक

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नई दिल्ली: कोरोना वायरस (Corona Virus) पर भारत सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. 22 मार्च से विदेशी विमानों के भारत आने पर रोक लगा दी गई है. यानी 22 मार्च से कोई इंटरनेशनल फ्लाइट भारत में लैंड नहीं करेगी. यहां से कोई फ्लाइट बाहर जा नहीं सकती. इसके अलावा, 65 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को घरों के भीतर ही रहने के लिए राज्य सरकारें एडवाइजरी जारी करेंगी. दस वर्ष से कम उम्र के बच्चों को घर से बाहर न जाने की सलाह दी गई है. 

पीआईबी द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, रेलवे और नागरिक उड्डयन द्वारा छात्र, दिव्यांग और रोगी श्रेणी के यात्रियों को छोड़कर सभी छूट प्राप्त यात्राओं को निलंबित कर दिया गया है. सभी राज्य सरकारों से अनुरोध किया गया है कि वे निजी क्षेत्र को कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम की सुविधा देना सुनिश्चित करें.

आधे केंद्रीय कर्मचारियों को घर से ही काम करना होगा. इस मामले में सरकार ने निर्णय लिया है कि बी और सी ग्रुप के सभी केंद्रीय कर्मचारी वैकल्पिक रूप से ऑफिस आएं. रेलवे में करीब 200 ट्रेनें रद्द, रेल टिकट पर मिलने वाले ज्यादातर कन्सेशन या रियायत बंद कर दी गई है. एयर ट्रेवल पर मिलने वाले रियायत बंद कर दी गई है.

सरकार ने लिए कुछ अन्य बड़े फैसले
यूरोपीय यूनियन समेत दुनिया के जिन भी देशों में भारतीय गए हैं और कोरोना के चलते वहां ठहरने पर मजबूर हैं वह बेफिक्र रहें, भारत सरकार उनका वीजा बढ़ाने के लिए अनुरोध कर रही है. विदेश मंत्रालय के सूत्रों ने कहा है कि हम यूरोपीय यूनियन समेत तमाम देशों के नागरिकों को यही सहूलियत दे रहे हैं, उनसे भी हम उम्मीद करते हैं कि वह भी वीजा खत्म होने के बावजूद यदि लोग रह गए हैं तो उनका वीजा बढ़ाएंगे. कोरोना के चलते आप विदेशों में फंसे हैं और आपका वीजा एक्सपायर हो गया है तो आपको चिंता करने की जरूरत नहीं. भारत सरकार उसके लिए तमाम देशों से अनुरोध कर रही है.