मध्यप्रदेश के राज्यपाल ने मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ तथा उनकी मंत्रि-परिषद का त्यागपत्र 20 मार्च 2020 से स्वीकार किया है। साथ ही नये मुख्यमंत्री द्वारा शपथ ग्रहण किये जाने तक उन्हें अपने सहयोगियों सहित अपने पद पर बने रहने का अनुरोध किया है। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा इस आशय की अधिसूचना जारी की गई है।
राज्यपाल को मुख्यमंत्री ने सौंपा त्याग-पत्र
राज्यपाल श्री लालजी टंडन को मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने आज राजभवन पहुंचकर मुख्यमंत्री पद से अपना त्याग-पत्र सौंपा। राज्यपाल ने उनका त्याग-पत्र मंजूर कर उन्हें नये मुख्यमंत्री द्वारा कार्यभार ग्रहण करने तक कार्यवाहक मुख्यमंत्री बने रहने के लिए कहा है।
जबलपुर/ मध्यप्रदेश (MP) में अभी तक कोरोना वायरस (Corona Virus) से पीड़ित एक भी पॉजिटिव मरीज नहीं मिले थे। शुक्रवार को जबलपुर (Jabalpur) में एक साथ कोरोना के चार पॉजिटिव (Positive) मरीज मिले हैं जिसकी पुष्टि हो चुकी है ।
टेस्ट रिपोर्ट में चारों कोरोनो पॉजिटिव पाए गए हैं जिसकी पुष्टि जबलपुर कलेक्टर द्वारा कर दी है। चार पीड़ितों में तीन एक ही परिवार के हैं। बताया जा रहा है कि चारों कुछ दिन पहले विदेश ले लौटे हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार बताया एक ही परिवार के जो तीन लोग पीड़ित हैं, वो सभी दुबई से लौटे हैं। इसके साथ ही चौथा व्यक्ति भी विदेश से ही वापस आया है। कोरोना पॉजिटिव (Corona Positive) केस मिलने के बाद जिले में लोग चिंता में है। प्रशासन के लोग यह जानने की कोशिश में लगे हैं कि आखिर इन पीड़ितों के संपर्क में अब तक कितने लोग आए थे।
पीड़ितों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कर दिया गया है। प्रशासन इन चारो लोगों के ट्रैवेल रिकॉर्ड को भी देख रही है कि विदेश से लौटने के बाद ये लोग कहां-कहां गए जिससे और कितने लोग संक्रमित हुए होंगे । साथ ही सभी के परिवार के लोगों को भी आइसोलेट करने की तैयारी की जा रही है। क्योंकि ये सभी लोग जबलपुर पहुंचने के बाद अपने घर में रुके थे। प्राप्त जानकारी के सनुसार प्रशासन आसपास के इलाकों को सील कर वहां सैनेटाइज भी कर सकती है।
चारों पीड़ितों को जबलपुर के दो अलग अस्पतालों में आइसोलेशन के लिए भर्ती किया गया है। ये चारों पीड़ितों में तीन दुबई और एक स्वीटजरलैंड से वापस आये है। दिल्ली से इनके विदेश दौरे के बारे में जानकारी मिलने के बाद जबलपुर प्रशासन ने इन्हें अस्पताल में भर्ती करवाया। जिसके बाद इनकी जांच की गई। स्थानीय ICMR की लैब रिपोर्ट के अनुसार सभी चारों लोग पॉजिटिव हैं। इनके घर के लोगों ने खुद को घर में ही आइसोलेट कर लिया है।
नई दिल्ली: कोरोना वायरस (Coronavirus) के दुनियाभर के कई देशों में फैल जाने के बाद वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन (WHO) द्वारा सेफ हैंड चैलेंज शुरू किया गया है. इसके जरिए WHO लोगों को हाथ धोनें के प्रति जागरूक करने की कोशिश कर रहा है. इस कड़ी में कई बॉलीवुड सेलिब्रिटी सेफ हैंड चैलेंज ले रहे हैं. दीपिका पादुकोण और अनुष्का शर्मा तक कई एक्ट्रेस इस चैलेंज को कर चुकी हैं, जिसके बाद अब शिल्पा शेट्टी ने भी इस चैलेंज के साथ एक वीडियो शेयर किया है लेकिन इस वीडियो को उन्होंने एक ट्विस्ट के साथ शेयर किया है.
इस वीडियो को शिल्पा शेट्टी (Shilpa Shetty) ने अपने इंस्टाग्राम पर शेयर किया है. वीडियो में शिल्पा के साथ उनके पति राज कुंद्रा भी नजर आ रहे हैं. फैन्स को एक मैसेज देने के साथ उनके द्वारा दिया गया ट्विस्ट भी फैन्स बहुत पसंद कर रहे हैं. वीडियो शेयर करते हुए शिल्पा ने लिखा, ”कोरोना के समय में प्यार… जिसका क्योर नहीं है उसे रोकें.. रोना नहीं हाथ धोना… स्वस्थ रहो, मस्त रहो…”
भोपाल: मध्य प्रदेश असेंबली में फ्लोर टेस्ट से पहले ही कमलनाथ ने राज्यपाल लालजी टंडन से मिलकर मुख्यमंत्री पद से अपना इस्तीफा सौंप दिया. आपको बता दें कि कमलनाथ की सरकार कुल 459 दिन ही चल सकी. उन्होंने 17 दिसंबर 2018 को मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी. कमलनाथ ने भारतीय जनता पार्टी पर हॉर्ट ट्रेडिंग के जरिए एक चुनी हुई सरकार को अस्थिर करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि भाजपा ने हमारे 22 विधायकों को प्रलोभन देकर इस्तीफा दिलाया.
सीएम कमलनाथ ने कहा कि हमने सत्ता में आने के बाद पहले दिन से काम शुरू किया. कांग्रेस ने भयमुक्त माहौल देने का प्रयास किया. लेकिन बीजेपी को जनहितैषी काम रास नहीं आए.वो हमेशा हमारी सरकार को गिराने की कोशिश करती रही.
बागियों पर बरसे सीएम कमलनाथ बागी विधायकों पर बरते हुए सीएम कमलनाथ ने कहा कि धोखा देने वालों को जनता कभी भी माफ नहीं करेगी. बीजेपी ने पहले दिन से सरकार गिराने का प्रयास किया. महाराज के साथ मिलकर बीजेपी ने लोकतंत्र की हत्या करने की कोशिश की.
मुझे विश्वास है कि जनता मेरे है- कमलनाथ प्रदेश की जनता का विश्वास हमारे साथ है. बीजेपी का प्रमाण नहीं चाहिए, मुझे जनता का प्रमाण पत्र चाहिए. मुझे विश्वास है कि जनता मेरे है. बीजेपी सोचती है कि वो मेरे प्रदेश को हराकर जीत सकती है. लेकिन वो कभी भी मेरे प्रदेश को हरा नहीं सकती है.
आपको बता दें कि 2018 में हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को 230 में 114 सीटें मिली थीं. सपा के 2, बसपा का 1 और निर्दलीय 4 विधायकों ने कांग्रेस का समर्थन किया था. जबकि बीजेपी को 109 सीटें मिली थीं.
गौरतलब है कि 10 मार्च को ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया था. इसके बाद कांग्रेस में इस्तीफों की झड़ी लग गई. 22 विधायकों ने भी हाथ का साथ छोड़ दिया. इस्तीफों के दौर के बाद कमलनाथ सरकार अल्पमत में आ गई थी.
बीजेपी लगातार फ्लोर टेस्ट की मांग कर रही थी. बीजेपी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर जल्द फ्लोर टेस्ट की मांग की थी. तीन दिन चली सुनवाई के बाद सर्वोच्च न्यायालय ने कमलनाथ को 20 मार्च शाम पांच बजे तक फ्लोर टेस्ट कराने का आदेश दिया था.
बहुमत परीक्षण से पहले ही सपा और बसपा के विधायकों ने फ्लोर टेस्ट से दूरी बना ली थी. वहीं निर्दलीय विधायक प्रदीप जायसवाल ने बड़ा बयान देते हुए कहा, ‘जब तक कमलनाथ जी थे मेरा उनको समर्थन था. अब जो भी नई सरकार होगी उसे मेरा समर्थन होगा.’
सिवनी। परिवहन आयुक्त मध्यप्रदेश के द्वारा जारी निर्देशों के परिपालन में अंतर्राज्जीय बस परिवहन सेवा को स्थगित करने की कार्यवाही सिवनी जिले में भी की गई है, जहाँ महाराष्ट्र प्रदेश से मध्यप्रदेश की सीमा खवासा में प्रवेश करने वाली बसों को रोका गया। इतना ही नहीं इस कार्यवाही को लेकर खवासा में परिवहन विभाग का अमला मौजूद रहा। वहीं दूसरी ओर खवासा चैक-पोस्ट में यात्री बसों में परिवहन कर रहे यात्रियों का स्वास्थ्य परीक्षण भी किया गया। इस कार्य के लिये स्वास्थ्य विभागीय अमला लगाया गया है।
नौबेल कोरोना वायरस के संक्रमण का प्रभाव मध्यप्रदेश के कई सीमावर्ती क्षेत्रों में होने का मामला परिवहन विभाग के संज्ञान में आया था, जहाँ संक्रमण पर प्रभावी रोकथाम को दृष्टिगत रखते हुये लोकहित में यह कदम परिवहन विभाग द्वारा उठाया गया है। मध्यप्रदेश राज्य में अन्य राज्यों से आने व जाने वाली बसों के संचालन को आज से पूर्णत: स्थगित कर दिया गया है।
आज सुबह नागपुर से जबलपुर जाने के लिये बसें रवाना हुई थी, जहाँ मध्यप्रदेश की सीमा खवासा चैक-पोस्ट में परिवहन विभाग ने इन बसों को रोका तथा यात्रियों को उतारकर बसों को पुन: नागपुर की ओर वापस भेज दिया वहीं यात्रियों के स्वास्थ्य परीक्षण उपरांत उन्हें खवासा से सिवनी होते हुये यथास्थान भेजा गया। वहीं दूसरी ओर रात्रिकालीन बसें जो कि इलाहाबाद से मध्यप्रदेश की सीमा को पार कर महाराष्ट्र की ओर प्रतिदिन जाती थी, उनके परिवहन पर भी पूर्णत: रोक लगा दी गयी है। इसी तरह रायपुर से मध्यप्रदेश में प्रवेश करने वाली सभी बसों को रोक दिया गया है। बताया गया कि यह आदेश आगामी 31 मार्च तक प्रभाव शील है।
मिली जानकारी के अनुसार परिवहन विभाग ग्वालियर से जारी निर्देशों के परिपालन में परिवहन अधिकारी सिवनी ने आज से लर्निंग ड्रायविंग लायसेंस तथा ड्रायविंग लायसेंस के परीक्षण की प्रक्रिया को 31 मार्च 2020 तक स्थगित कर दिया है। बताया गया कि स्थायी ड्रायविंग लायसेंस व लर्निंग लायसेंस प्राप्त करने के लिये काफी संख्या में आवेदक प्रतिदिन परिवहन कार्यालय सिवनी में उपस्थित होते हैं। कोरोना वायरस के संक्रमण से सुरक्षा की दृष्टि से आमजनों के एक स्थान पर एकत्रित होने की स्थिति से बचने के लिये यह कदम उठाया गया है।
लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग मध्यप्रदेश शासन की ओर से जारी अधिसूचना अनुसार शासकीय कर्मचारियों के कर्तव्यों को लेकर भी दिशा-निर्देश जारी किये गये हैं, जिसका उद्देश्य कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकना है। जारी निर्देशानुसार मध्यप्रदेश शासन के सभी प्रमुख विभागों में पदस्थ तृतीय व चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों में से 50 प्रतिशत कर्मचारियों की ही कार्यालय में उपस्थिति की व्यवस्था की जाये, शेष 50 प्रतिशत कर्मचारी एक दिन के अंतराल में अपने कार्यालय में उपस्थिति देंगे।
जिन 50 प्रतिशत कर्मचारियों को कार्यालय आने के लिये निषेध किया जायेगा वे अपने निवास में रहकर दूरभाष एवं सम्पर्क के माध्यम से कार्यशील रहेंगे। इसके लिये विभाग प्रमुख रोस्टर बनाकर कार्य करेंगे। बताया गया कि जिन अधिकारियों व कर्मचारियों को रोस्टर के हिसाब से जिस दिन घर पर रहना है वे टेलीफोन या इलेक्ट्रिॉनिंक माध्यम से संवाद के लिये कार्यालयीन समय में उपस्थित रहेंगे, ताकि उन्हें किसी भी तात्कालिकता की स्थिति में बुलाया जा सके। ये निर्देश स्वास्थ्य, पुलिस, पेयजल व्यवस्था, आपूर्ति, साफ-सफाई से जुड़े अमले, अग्निशमक सेवाएं, दूरसंचार सेवाएं इत्यादि पर लागू नहीं है। कर्मचारियों की यह व्यवस्था आगामी 31 मार्च तक के लिये प्रभावशील है।
कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिये जिला मुख्यालय सिवनी में आमजनों की सुरक्षा को दृष्टि गत रखते हुये सिवनी फुटबॉल स्टेडियम पर 21 मार्च 2020 से आगामी आदेश तक के लिये प्रतिबंध लगा दिया गया है।
नागपुर की ओर से सड़क मार्ग से होते हुये सिवनी आ रहे सांसद डॉ. ढालसिंह बिसेन व उनके परिवारजनों का मध्यप्रदेश की सीमा में प्रवेश होते ही खवासा में रोका जाकर स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया, इसके पश्चात अपने गृहजिले सिवनी के लिये रवाना हुये।
जिला कलेक्टर के निर्देश के बाद खवासा बॉर्डर पर आने वाली सभी बसों और टैक्सियों में परिवहन कर रहे यात्रियों की जिला चिकित्सालय द्वारा उपलब्ध कराये गये दल द्वारा आवश्यक जाँच की जा रही है वहीं आज से जिले से होकर जाने वाली सभी ऐसे बसों के संचालन पर सख्ती से प्रतिबंध लगा दिया गया है जो सिवनी होकर अन्य प्रदेशों की ओर रवाना होती हैं। देवेश बाथम अतिरिक्त क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी,जिला सिवनी
कोरोना वायरस संक्रमण से बचने के लिये सभी नागरिक अतिआवश्यक होने पर ही घर से बाहर निकलें। अनावश्यक रूप से एक ही स्थान पर एकत्र होने से बचें साथ ही स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी किये गये विभिन्न दिशा-निर्देशों का पालन करें, ताकि वे और उनका परिवार सहित सिवनी जिला इस घातक रोग के संक्रमण से बच सकें। प्रवीण सिंह अढ़ायच कलेक्टर, सिवनी
नई दिल्ली: ‘बेबी डॉल (Baby Doll)’ जैसा सुपरहिट सॉन्ग गाने वाली बॉलीवुड सिंगर कनिका कपूर (Kanika Kapoor) कोरोनावायरस (Coronavirus) की शिकार हो गई हैं. कनिका कपूर के शुक्रवार को कोरोनावायरस का टेस्ट हुआ था जो पॉजिटिव पाया गया था. कनिका कपूर को लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) अस्पताल में भर्ती हैं, जहां उन्हें आइसोलेशन में रखा गया है. कनिका कपूर ने अपने इंस्टाग्राम पर इसकी जानकारी भी दी है. कनिका कपूर (Kanika Kapoor) हाल ही में लंदन से लौटी हैं और मीडिया रिपोर्टो में बताया जा रहा है कि उन्होंने अपने संक्रमण के बारे में झूठ बोला था, और वह शहर में कई जगहों पर भी गई थीं. यही नहीं, रिपोर्टों में यह कहा जा रहा है कि कोरोनोवायरस की शिकार होने के बावजूद उन्होंने होटल में पार्टी भी दी थी.
को Kanika Kapoor (@kanik4kapoor) द्वारा साझा की गई पोस्ट
कनिका कपूर (Kanika Kapoor) ने अपने इंस्टाग्राम एकाउंट पर जानकारी देते हुए लिखा है, ‘सभी को नमस्कार, पिछले 4 दिनों से मुझे फ्लू के लक्षण थे, मैंने खुद की जांच कराई और यह Covid 19 पॉजिटिव आया. मेरा परिवार और मैं अभी पूरी तरह से आइसोलेशन में हैं और आगे बढ़ने के तरीके के बारे में चिकित्सा सलाह का पालन कर रहे हैं. जिन लोगों के साथ मैंने संपर्क साधा है, उनके बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है. मुझे हवाई अड्डे पर सामान्य प्रक्रिया के अनुसार 10 दिन पहले स्कैन किया गया था जब मैं घर वापस आई, तो लक्षण केवल 4 दिन पहले विकसित हुए हैं.’
हालांकि एएनआई ने भी एक ट्वीट करके यह जानकारी दी थी कि एक बड़ी बॉलीवुड सिंगर कोरोनावायरस का शिकार हो गई हैं. हालांकि इस ट्वीट में किसी का नाम नहीं बताया गया था. एएनआई ने अपने ट्वीट में लिखा था, ‘उत्तर प्रदेश में आज चार लोग कोरोनावायरस के लिए पॉजिटिव पाए गए हैं, जिनमें एक बॉलीवुड की जानी-पहचानी सिंगर भी हैं.’ बात में जानकारी आई कि इन चार लोगों में कनिका कपूर (Kanika Kapoor) का नाम भी शामिल है.
भोपाल. मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ (Kamalnath) ने आज मुख्यमंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया. इसके तुरंत बाद निर्दलीय विधायक और कमलनाथ सरकार के मंत्री प्रदीप जायसवाल ने पाला बदल लिया है. प्रदीप जायसवाल ने कहा, “जब तक कमलनाथ जी थे तब मेरा उनको समर्थन था लेकिन अब मैं नई सरकार को समर्थन दूंगा.”
बता दें कि ज्योतिरादित्य सिंधिया के बीजेपी (BJP) में शामिल होने के बाद कमलनाथ को इस्तीफा देना पड़ा क्योंकि सिंधिया के साथ प्रदेश कांग्रेस के 22 विधायकों ने कांग्रेस से बागी होकर अपने त्यागपत्र दे दिए थे.
निर्दलीय विधायक और मंत्री प्रदीप जायसवाल ने कहा, “जब तक कमलनाथ जी थे तो मेरा उनको समर्थन था लेकिन अब जो भी नई सरकार होगी उसे मेरा समर्थन होगा. कांग्रेस की लड़ाई और गुटबाजी से उनकी सरकार जा रही है. मेरी बीजेपी नेताओं से बात हुई है मैंने कहा है कि मेरा मान सम्मान जो यहां था वो वहां भी मिलना चाहिए.”
22 कांग्रेस विधायकों के इस्तीफा देने के बाद मध्य प्रदेश में कमलनाथ की सरकार अल्पमत में आ गई थी. मध्य प्रदेश असेंबली में 230 विधायकों की कुल संख्या में 2 विधायकों की आकस्मिक मृत्यु हो चुकी है और इनकी सीटों पर उपचुनाव होने हैं. इस तरह मध्य प्रदेश विधानसभा में अब 206 विधायक ही बचे हैं.
यानी बहुतम का आकंड़ा 104 है. भाजपा के पास 107 विधायक हैं, यानी बहुमत के आंकड़े से 3 ज्यादा. कांग्रेस केपास अपने 92 विधायक हैं. अगर 4 निर्दलीय, सपा के 2 और बसपा का 1 विधायक कमलनाथ सरकार को अपना समर्थन दे भी दें तो संख्या 99 ही पहुंचेगी, यानी बहुमत से 5 कम. ऐसी स्थिति में कमलनाथ की सरकार गिरनी लगभग तय है.
सिवनी : झूठ के पांव नहीं होते और बड़बोले औंधे मुंह गिरते हैं, श्री कमलनाथ सरकार के पतन के साथ ही प्रदेश में कांग्रेस की करतूतों और कुकर्मों के काले साम्राज्य का भी पतन हुआ है।
इस आशय की बात भाजपा मीडिया प्रभारी श्रीकांत अग्रवाल द्वारा आज मुख्यमंत्री कमलनाथ के इस्तीफे पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कही गई।
श्री अग्रवाल ने कहा कि प्रदेश को बंटाधार युग की ओर धकेल कर भ्रष्टाचार की नई इबारत लिखने वाले श्री कमलनाथ को आखिर सत्य के सामने मुंह की खानी पड़ी । इस तरह प्रदेश एक कामचोर, भ्रष्ट और कमजोर सरकार के मकड़जाल से मुक्त हुआ है
श्री अग्रवाल ने कहा कि बहुमत खोने के बाद पिछले 15 दिनों से प्रदेश को बंधक बनाकर जबरन शासन करने वाले श्री कमलनाथ का बडबोलापन और दिग्विजय सिंह जैसे बंटाधार पुरुष की संगत प्रदेश में कांग्रेस के पतन की वजह बन गई ।
प्रदेश की जनता बधाई की पात्र है जो इस पाखंडी सरकार के विनाशकारी एजेंडे से मुक्त हो गई है।
भोपाल: मध्य प्रदेश में होने वाले फ्लोर टेस्ट से पहले सियासत पल-पल बदल रही है. कांग्रेस अपनी सरकार बचाने में जुटी है. फ्लोर टेस्ट से पहले सीएम कमलनाथ प्रेस कॉ़न्फ्रेंस कर रहे हैं. सीएम कमलनाथ ने कहा कि विधानसभा चुनाव में जनादेश कांग्रेस के पक्ष में आया था. लेकिन बीजेपी ने साजिश के तहत सरकार गिराने का प्रयास किया.
सीएम कमलनाथ ने कहा कि बीजेपी कहती रही कि ये एक नहीं महीने भी नहीं चलेगी. हमने पहले दिन से काम शुरू किया. बीजेपी को जनहितैषी काम रास नहीं आए. बीजेपी के शासनकाल में माफिया मजूबत हुआ था. करोड़ो में खरीद-फरोख्त का खेल खेला गया. कांग्रेस ने भयमुक्त माहौल देने का प्रयास किया.
बागियों पर बरसे सीएम कमलनाथ बागी विधायकों पर बरते हुए सीएम कमलनाथ ने कहा कि धोखा देने वालों को जनता कभी भी माफ नहीं करेगी. बीजेपी ने पहले दिन से सरकार गिराने की कोशिश की. महाराज के साथ मिलकर बीजेपी ने लोकतंत्र की हत्या करने की कोशिश की.
मुझे विश्वास है कि जनता मेरे है- कमलनाथ प्रदेश की जनता का विश्वास हमारे साथ है. बीजेपी का प्रमाण नहीं चाहिए, मुझे जनता का प्रमाण पत्र चाहिए. मुझे विश्वास है कि जनता मेरे है. बीजेपी सोचती है कि वो मेरे प्रदेश को हराकर जीत सकती है. लेकिन वो कभी भी मेरे प्रदेश को हरा नहीं सकती है.
भोपाल: मध्य प्रदेश में फ्लोर टेस्ट से पहले मुख्यमंत्री कमलनाथ इस्तीफा दे सकते हैं. दरअसल फ्लोर टेस्ट से पहले इन कयासों को उस वक्त बल मिला जब दिग्विजय सिंह शुक्रवार सुबह बेंगलुरु से भोपाल लौटे. वह बेंगलुरु में बागी विधायकों से मिलने गए थे, लेकिन उनकी मुलाकात नहीं हो पाई. वह भोपाल एयरपोर्ट से निकल रहे थे तो पत्रकारों ने उनसे कमलनाथ सरकार को लेकर सवाल पूछा. दिग्विजय ने उत्तर में कहा कि फ्लोर टेस्ट आज होने पर हमारे पास बहुमत नहीं है. इसके साथ ही कहा कि मुख्यमंत्री आज प्रेस कांफ्रेंस करने वाले हैं, तब तक इंतजार कीजिए. उसके बाद उनकी मुलाकात कमलनाथ से भी हुई. कमलनाथ दोपहर 12 बजे प्रेस कांफ्रेंस करेंगे.
इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने कमलनाथ सरकार को मध्य प्रदेश विधानसभा में आज यानी 20 मार्च को फ्लोर टेस्ट कराने का आदेश दिया है. इसके बाद कांग्रेस और भाजपा ने अपने-अपने विधायकों को व्हिप जारी किया है. भाजपा विधायक दल के मुख्य सचेतक नरोत्तम मिश्रा ने भाजपा विधायकों को व्हिप जारी करते हुए शुक्रवार को कमलनाथ सरकार के खिलाफ मत देने के लिए कहा है.
हीं दूसरी ओर कांग्रेस विधायक दल के मुख्य सचेतक और प्रदेश के संसदीय कार्यमंत्री गोविंद सिंह ने अपने सभी विधायकों को 20 मार्च को सदन की कार्यवाही के दौरान अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने और सरकार के पक्ष में मतदान करने के लिए कहा है. इस बीच कांग्रेस पार्टी के सभी 22 बागी विधायकों के इस्तीफे स्पीकर एनपी प्रजापति ने स्वीकार कर लिए हैं. 6 विधायकों के इस्तीफे पहले ही स्वीकारे जा चुके थे. स्पीकर ने गुरुवार देर रात अन्य 16 विधायकों के इस्तीफे भी स्वीकार कर लिए.
बहुमत का आंकड़ा आपको बता दें कि ज्योतिरादित्य सिंधिया के भाजपा में शामिल होने के बाद प्रदेश कांग्रेस के 22 विधायकों ने कांग्रेस से बागी होकर अपने त्यागपत्र दे दिए थे. इसके बाद मध्य प्रदेश में कमलनाथ की सरकार अल्पमत में आ गई थी. मप्र असेंबली में 230 विधायकों की कुल संख्या में 2 विधायकों की आकस्मिक मृत्यु हो चुकी है और इनकी सीटों पर उपचुनाव होने हैं.
इस तरह मध्य प्रदेश विधानसभा में अब 206 विधायक ही बचे हैं. यानी बहुतम का आकंड़ा 104 है. भाजपा के पास 107 विधायक हैं, यानी बहुमत के आंकड़े से 3 ज्यादा. कांग्रेस के पास अपने 92 विधायक हैं. अगर 4 निर्दलीय, सपा के 2 और बसपा का 1 विधायक कमलनाथ सरकार को अपना समर्थन दे भी दें तो संख्या 99 ही पहुंचेगी, यानी बहुमत से 5 कम. ऐसी स्थिति में कमलनाथ की सरकार गिरनी लगभग तय है.