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Rajasthan Grade 3 Teacher Vacancy में महिलाओं के लिए 50% आरक्षण पर BJP को सराहना के साथ मिल रही आलोचना…

Rajasthan Grade 3 Teacher Vacancy Women Reservation: राजस्थान में भाजपा सरकार ने हाल ही में एक साहसिक कदम उठाते हुए ग्रेड-III शिक्षक नौकरियों में महिलाओं के लिए 50% आरक्षण को मंजूरी दी है। यह कदम सरकार के राजस्थान पंचायती राज अधिनियम में संशोधन के प्रस्ताव का हिस्सा है।

इससे पहले, महिलाओं के लिए आरक्षण की सीमा 30% थी, जिसे बढ़ाकर अब 50% कर दिया गया है। भाजपा का दावा है कि यह निर्णय पार्टी के घोषणापत्र में किए गए वादे के अनुरूप है, जिसे नवंबर-दिसंबर 2023 में हुए विधानसभा चुनावों के दौरान किया गया था।

बेरोजगार पुरुषों का विरोध: असंतोष और चिंताएं

भाजपा के इस निर्णय को जहां कई वर्गों से सराहना मिल रही है, वहीं बेरोजगार पुरुषों में असंतोष और विरोध की भावना भी प्रबल हो रही है। राजस्थान युवा शक्ति एकीकृत महासंघ (आरवाईएसएएम) के अध्यक्ष मनोज मीना ने इस कदम को “पूरी तरह से दोषपूर्ण” और लैंगिक समानता के कानून के “खिलाफ” बताया है।

उन्होंने कहा, “महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण, 12.5 प्रतिशत एससी-एसटी आरक्षण, 4 प्रतिशत दिव्यांग आरक्षण, 6-7 प्रतिशत विधवा और तलाकशुदा महिलाओं के लिए कोटा, 10 प्रतिशत महिलाएं जो सामान्य वर्ग में पुरुषों के साथ प्रतिस्पर्धा करेंगी, कम से कम 83.5 प्रतिशत सीटें कोटे के अंतर्गत आती हैं। इसलिए पुरुषों के लिए केवल 16.5 प्रतिशत सीटें बचती हैं।”

आंकड़ों का विश्लेषण: जनसंख्या और बेरोजगारी

सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के अनुसार, 1 जुलाई 2024 तक राजस्थान की अनुमानित जनसंख्या 8.22 करोड़ होगी। पुरुषों की जनसंख्या 4.21 करोड़ होगी जबकि महिलाओं की जनसंख्या 4.01 करोड़ होगी। राजस्थान में महिलाओं की तुलना में पुरुषों की संख्या 2.12 मिलियन अधिक है। 2024 में लिंगानुपात 100 महिलाओं पर 105.364 पुरुष होगा।

राजस्थान सबसे ज़्यादा बेरोज़गारी दर वाले राज्यों में से एक है। आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण (पीएलएफ़एस) 2022-23 के अनुसार, यहाँ 23.1 प्रतिशत की बेरोज़गारी दर है। सेंटर फ़ॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनॉमी (सीएमआईई) के अनुसार, जनवरी 2023 में हरियाणा (37.4 प्रतिशत) के बाद राजस्थान में दूसरी सबसे ज़्यादा बेरोज़गारी दर 28.5 प्रतिशत थी।

राजनीतिक प्रतिक्रियाएं और विश्लेषण

राजनीतिक विश्लेषक नारायण बारेठ के अनुसार, “यह घोषणा पूरी तरह से राजनीतिक है। भाजपा ने अपनी हार के कारणों का विश्लेषण किया होगा और महसूस किया होगा कि महिला मतदाताओं को वापस लाने के लिए कुछ कठोर कदम उठाने की जरूरत है।”

भाजपा की इस घोषणा को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं कि उन्होंने लोकसभा चुनावों में टिकट वितरण के दौरान 33% आरक्षण को लागू क्यों नहीं किया। उन्होंने तब केवल जीतने की संभावना और जातिगत कारकों के बारे में क्यों सोचा? उन्होंने मध्य प्रदेश में पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और उमा भारती को क्यों दरकिनार कर दिया।

समर्थन और आलोचना के विभिन्न पहलू

कुछ शिक्षक संघों ने इस कदम का स्वागत किया है। राजस्थान महिला आयोग की पूर्व प्रमुख और सेवानिवृत्त प्रोफेसर लाड कुमारी जैन ने कहा, “जबकि मैं इस फैसले का स्वागत करती हूं, यह स्थायी होना चाहिए और सिर्फ एक राजनीतिक घोषणा नहीं होनी चाहिए। वास्तव में शिक्षकों के लिए हजारों रिक्तियां हैं जो हर साल नहीं भरी जाती हैं।”

बेरोजगारी और पेपर लीक के मुद्दे

2023 के विधानसभा चुनावों के दौरान बेरोजगारी और पेपर लीक प्रमुख चुनावी मुद्दे बन गए थे, जिसे भाजपा ने विधानसभा की कुल 200 सीटों में से 115 सीटों के आरामदायक अंतर से जीत लिया था। राजस्थान के युवा सरकारी परीक्षाओं, खासकर शिक्षक भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक से बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। पिछले एक दशक में 25 से ज़्यादा पेपर लीक हो चुके हैं, चाहे सत्ता में कोई भी सरकार रही हो।

भविष्य की चुनौतियाँ और संभावनाएं

भाजपा सरकार के इस निर्णय से महिलाओं को निश्चित रूप से लाभ मिलेगा, लेकिन बेरोजगार पुरुषों की चिंताओं को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सरकार इस निर्णय को कैसे कार्यान्वित करती है और इसके प्रभावों का कैसे प्रबंधन करती है।

माउंट इंडेक्स इंटरनेशनल स्कूल में 10वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का सफल व गरिमामय आयोजन – Mount Index International School Indore

माउंट इंडेक्स इंटरनेशनल स्कूल: योगा फॉर सेल्फ अँड सोसाइटी- भारत में प्रारंभ हुए योग का महत्व आज संपूर्ण विश्व में व्याप्त हो चुका है। 21 जून को दुनियाभर में योग दिवस मनाया जाता है। शारीरिक व मानसिक सेहत के लिए योग बेहद फायदेमंद है। यही कारण है कि योग करना आज लोगों की दैनिक दिनचर्या का अहम हिस्सा बन गया है। अब तो योग से गंभीर बीमारियों का इलाज भी किया जाने लगा है। कोरोना काल में इसका महत्व व लाभ प्रमाणित हो चुका है‌।

माउंट इंडेक्स इंटरनेशनल स्कूल के विशाल परिसर में योग दिवस सानंद मनाया गया। इस वर्ष योग दिवस की थीम “महिला सशक्तिकरण के लिए योग” था। कार्यक्रम में विद्यालयके सभी बच्चो ने भाग लेकर योग का शानदार प्रदर्शन किया.

शिक्षिको ने बड़ी संख्या में उत्साहपूर्वक भागीदारी की। योग एक ऐसी प्रथा है, जिसकी उत्पत्ति हजारों साल पहले हमारे देश में ही हुई थी। योग दिवस को मनाने से इसके ऐतिहासिक महत्व को समझा जा सकता है। योग शारीरिक व्यायाम से कहीं आगे है।

इसमें मानसिक एवं आध्यात्मिक पहलुओं को शामिल किया गया है तथा इसमें समग्र कल्याण की भावना निहित है। 21 जून योग दिवस मनाने की आदर्श तिथि है, क्योंकि इसका महत्व कई संस्कृतियों में मान्य है और उत्तरी गोलार्द्ध में यह ग्रीष्म संक्रांति का दिन है। योग केवल व्यायाम ही नहीं है, बल्कि यह स्वयं के साथ, विश्व के साथ और प्रकृति के साथ एकता की भावना की खोज करने का एक तरीका भी है।

स्कूल परिसर में योग दिवस का संचालन सफलता पूर्वक किया गया | योग दिवस पर पूर्ण संचालन स्कूल के विध्यार्थियों द्वारा किया गया जो की कक्षा नर्सरी से चौथी के थे इस इवैंट का सम्पूर्ण संचालन स्पोर्ट्स एचओडी गोविंद मैथिल, चंचलदीप सिलावटएवं समस्त स्पोर्ट्स डिपार्टमेन्ट द्वारा किया गया.

इस अवसर पर कार्यक्रम में चेयरमैन इंडेक्स ग्रुप ऑफ़ इंस्टीट्यूट श्री सुरेश सिंह भदौरिया, मैनेजिंग डायरेक्टर श्री मयंकराज भदौरिया, सीईओ श्री रुपेश वर्मा, प्राचार्य श्री श्याम अग्रवाल और उपप्राचार्या श्रीमती मौमिता चटर्जी ने अपनी गौरवमयी उपस्थिति प्रदान कीएवं सभी को बधाई दी |

सिवनी बंद को मिला जिलेवासियों का पूर्ण समर्थन: स्थानीय जनता और सामाजिक संगठनो का भी मिला समर्थन

सिवनी: हाल ही में सिवनी जिले में 50 गायों की निर्मम हत्या की घटना ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी है। गायों के शव अलग-अलग स्थानों पर पाए गए, जिनका गला रेतकर हत्या की गई थी और उन्हें नदियों में फेंक दिया गया था। इस विभत्स घटना ने न केवल धार्मिक भावनाओं को आहत किया है, बल्कि मानवता को भी शर्मसार किया है। जैसे-जैसे इस घटना की जानकारी लोगों तक पहुंची, उन्होंने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की और आरोपियों पर कड़ी से कड़ी कार्यवाही की मांग की है।

सकल हिंदू समाज का आक्रोश

सकल हिंदू समाज इस जघन्य कृत्य की कठोर निंदा करता है और इसे हिंदू धर्म तथा समाज पर सीधा हमला मानता है। गौमाता को हिंदू धर्म में माता का दर्जा प्राप्त है और उनकी हत्या समाज की भावनाओं को आहत करती है। इस अमानवीय कृत्य ने समाज के हर वर्ग को गहरी पीड़ा पहुंचाई है।

सिवनी बंद का आव्हान

इस घटना के विरोध में, सकल हिंदू समाज ने 21 जून को समस्त सिवनी जिले में बंद का आव्हान किया था। यह बंद शांतिपूर्ण तरीके से हुआ और इसका उद्देश्य समाज की भावनाओं को न्याय दिलाना है। सकल हिंदू समाज ने सभी व्यापारियों, दुकानदारों और आम जनता से इस बंद में सहयोग करने पर धन्यवाद दिया.

स्थानीय जनता का समर्थन

सिवनी बंद को जिलेवासियों का पूर्ण समर्थन मिला है। व्यापारियों, दुकानदारों, और आम जनता ने बंद के आह्वान का समर्थन करते हुए अपने-अपने प्रतिष्ठान बंद रखे। सड़कों पर भी सन्नाटा पसरा रहा और लोगों ने इस बंद का पालन शांति और एकता के साथ किया।

सामाजिक संगठनों का योगदान

सिवनी बंद को सफल बनाने में कई सामाजिक संगठनों ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने लोगों को जागरूक किया और बंद के महत्व को समझाया। इन संगठनों ने लोगों से शांति और संयम बनाए रखने की अपील भी की, जिससे कि बंद का उद्देश्य सफल हुआ।

भविष्य की रणनीति

सकल हिंदू समाज और अन्य संगठनों ने इस घटना के बाद भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए रणनीति बनाने की भी योजना बनाई है। इसमें स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने, जागरूकता अभियानों को बढ़ावा देने और कठोर कानूनों का पालन सुनिश्चित करने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे।

धार्मिक और सांस्कृतिक संवेदनशीलता

गौहत्या जैसे कृत्य से धार्मिक और सांस्कृतिक संवेदनशीलता पर भी गंभीर चोट पहुंची है। हिंदू धर्म में गाय को विशेष महत्व दिया जाता है और उसे माता का दर्जा दिया गया है। ऐसे में इस प्रकार की घटनाएं न केवल धार्मिक भावनाओं को आहत करती हैं बल्कि सामाजिक ताने-बाने को भी कमजोर करती हैं। इस दिशा में सभी धर्मों और समुदायों को मिलकर काम करने की आवश्यकता है ताकि ऐसी घटनाएं भविष्य में न हों।

जनता की भूमिका

इस बंद में जनता की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही। उन्होंने संयमित और शांति पूर्ण तरीके से इस बंद का समर्थन किया और किसी भी प्रकार की हिंसा या अव्यवस्था को बढ़ावा नहीं दिया। यह दिखाता है कि जनता सामाजिक और धार्मिक मुद्दों के प्रति कितनी सजग और संवेदनशील है।

सरकार की जिम्मेदारी

सरकार की जिम्मेदारी भी इस मामले में अहम हो जाती है। उसे न केवल दोषियों को सजा दिलाने के लिए त्वरित कदम उठाने चाहिए बल्कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावी नीतियाँ भी बनानी चाहिए। कानून व्यवस्था को मजबूत करना और समाज में जागरूकता फैलाना सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए।

गौवंश के अवैध परिवहन पर सिवनी पुलिस सख्त, 6 माह में 99 आरोपियों पर 55 प्रकरण बने, 1301 गौवंश मुक्त कराए; 38 वाहन जप्त

सिवनी, मध्य प्रदेश: मध्यप्रदेश पुलिस राज्य में सांप्रदायिक सौहार्द और कानून व शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए निरंतर प्रयासरत है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशानुसार राज्य में गौवंश के वध और खुले में मांस की बिक्री व अवैध परिवहन पर प्रतिबंध लगाने की दिशा में मध्यप्रदेश पुलिस तत्परता से कार्रवाई कर रही है।

पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर प्रत्येक जिले में पुलिस ने अपने खुफिया तंत्र को सक्रिय किया और निगरानी स्वरूप परिवहन मार्ग चिन्हित कर त्वरित कार्यवाही की, जिसके उल्लेखनीय परिणाम प्राप्त हुए हैं।

पुलिस का सख्त एक्शन

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा पदभार ग्रहण करने के पश्चात दिसंबर 2023 में पुलिस मुख्यालय में आयोजित बैठक के दौरान पुलिस को प्रदेश में गौवंश के अवैध परिवहन पर कठोरता से कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए थे। इन्हीं निर्देशों के तारतम्य में पुलिस ने विगत 6 माह में अवैध गौवंश से संबंधित कुल 575 प्रकरण पंजीबद्ध किए हैं।

इन प्रकरणों में 1121 अपराधियों को गिरफ़्तार कर 7524 गौवंश की मुक्ति कराई जा चुकी है। इस कार्यवाही में अब तक अवैध रूप से परिवहन कर रहे 342 वाहन भी जप्त किए जा चुके हैं।

मध्यप्रदेश के दक्षिण व पश्चिम के सीमावर्ती जिलों पर रखी जा रही है विशेष नजर

पुलिस को अवैध परिवहन पर गोपनीय स्तर पर निगाह रखना आवश्यक था। इसलिए पुलिस मुख्यालय ने विगत 10 वर्षों के गौवंश के अवैध परिवहन के ट्रेंड और रूट्स का गहन विश्लेषण कर कार्ययोजना तैयार की।

जिसके आधार पर पुलिस को यह स्पष्ट हुआ कि मप्र के दक्षिण व पश्चिम के सीमावर्ती जिले जैसे बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा, बड़वानी, खरगोन, बुरहानपुर, उज्जैन, रतलाम, नीमच आदि जिले गौवंश के अवैध परिवहन से सर्वाधिक प्रभावित हैं। इन सभी क्षेत्रों में पुलिस तत्परता से ध्यान पूर्वक लगातार कार्यवाही कर रही है।

यह भी जानकारी प्राप्त हुई है कि कई बार गौवंश का अवैध परिवहन करने वाले अपराधी मुख्य मार्गों से हटकर जंगल व गांव के कच्चे रास्ते से गौवंश निकालने का प्रयास करते हैं इस ओर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है तथा कई प्रकरणों में आरोपी इन स्थानों से पकड़े गये।

विगत 6 माह में गौवंश के अवैध परिवहन पर सर्वाधिक कार्यवाही वाले जिले

जिलाप्रकरणआरोपीमुक्त कराए गौवंशजप्त वाहन
सिवनी5599130138
बालाघाट4810558013
बैतूल407167830
खरगोन346031533
नीमच233834626

गौवंश के अवैध परिवहन पर विशेष अभियान

ज्ञातव्य है कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा 11 जून 2024 को प्रदेश के सभी कलेक्टर एवं एसपी को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान गौवंश के अवैध परिवहन पर विशेष कार्यवाही करने के लिए निर्देशित किया गया था।

इन निर्देशों के परिपालन में पुलिस द्वारा विगत सप्ताह 13 से 20 जून 2024 तक पूरे प्रदेश में विशेष अभियान चलाकर गौवंश के अवैध परिवहन पर कठोर कार्यवाही सुनिश्चित की गई। इस अभियान के दौरान पूरे प्रदेश में 70 प्रकरण गौवंश के अवैध परिवहन के दर्ज किए गए। इसमें 124 आरोपियों पर कार्यवाही कर 38 वाहन जप्त किए गए तथा 528 पशु मुक्त कराए गए।

मध्यप्रदेश गौवंश वध प्रतिषेध अधिनियम

मध्यप्रदेश गौवंश वध प्रतिषेध अधिनियम के अंतर्गत मध्यप्रदेश में गौमांस एवं गौवंश के अवैध परिवहन पर प्रतिबंध लगा हुआ है। अधिनियम में गौमांस एवं गौवंश को परिभाषित करते हुए उनके वध एवं अवैध परिवहन पर रोक लगाई गई है। इसी प्रकार से मध्यप्रदेश कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम के अंतर्गत भी गौवंश के वध पर प्रतिबंध है।

पशुओं के प्रति क्रूरता का निवारण अधिनियम भी इसी प्रकार किसी भी पशु को पीटने, अत्यधिक सवारी करने, बोझा लादने व किसी भी प्रकार की पीड़ा या यातना देने पर रोक लगाता है। विगत दिनों उपरोक्त अधिनियम के प्रावधानों के संबंध में जिले के अधिकारियों को विशेष रूप से अवगत कराया गया एवं प्रशिक्षित किया गया।

एक ही दिन में 50 गौवंश की निर्मम हत्या, देश की क्रूरतम घटना है‌‌ – ब्राह्मण समाज सिवनी

षड्यंत्र कारी गौ हत्यारों पर देशद्रोह का मुकदमा दर्ज हो। गाय को कानूनन राष्ट्रीय पशु घोषित किया जावे

सिवनी: विगत दिवस जिले के धूमा एवं धनोरा क्षेत्र में एक ही दिन 50 गोवंश की निर्मम हत्या देश की क्रूरतम घटना है। इस वीभत्स घटना से समस्त सनातन धर्मी जनमानस में भारी गुस्सा और आक्रोश व्याप्त है ।

जिला ब्राह्मण समाज द्वारा इस हृदय विदारक कृत्य पर क्षोभ व्यक्त करते हुए गोवंश के हत्यारों की पहचान कर ,तत्काल कठोर कार्रवाई करने की पुरजोर मांग की गई है। घटना के विकराल रूप को देखते हुए ,यह कृत्य केवल गोकसी का मामला न होकर ,सामाजिक सौहार्द बिगाड़कर देश में अशांति फैलाने का सुनियोजित षडयंत्र होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।

अतः इन षड्यंत्र कारी हत्यारों पर देशद्रोह का मुकदमा दायर किया जाना चाहिए । जिला ब्राह्मण समाज मांग करता है कि, इस कायराना कृत्य की केंद्रीय एजेंसियों द्वारा गंभीरता पूर्वक जांच कर, षड्यंत्रकारी अपराधियों को कठोरतम सजा दी जावे । ताकि इस तरह की घटना की पुनरावृत्ति का दुस्साहस ना हो।

ज्ञातव्य है कि सिवनी जिला गौ रक्षा आंदोलन के महान संत ,स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, सनातन धर्म के उन्ननायक ,धर्म सम्राट ब्रह्मलीन जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती जी महाराज की जन्म भूमि है। आप श्री जीवन पर्यन्त, गौहत्या बंद हो का सद् संकल्प हमें याद दिलाते रहे।

जिला ब्राह्मण समाज ने गौ रक्षा के संकल्प को दोहराते हुए ,केंद्र सरकार से मांग किया है कि गोवंश को कानूनन राष्ट्रीय पशु घोषित किया जावे। गाय भारतीय संस्कृति का अभिन्न हिस्सा है, इससे सभी की आस्था भी जुड़ी है । भारतीय संस्कृति में गाय को माता के समान पूजा जाता है । यह समय की मांग है कि प्रभावी गौ रक्षा हेतु गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित किया जावे।

सिवनी: गौंवंश अधिनियम में जप्त वाहन होंगे राजसात, 7 दिनों में जिला दण्डाधिकारी न्यायालय में मालिकों के उपस्थित न होने पर होगी कार्यवाही

सिवनी: पुलिस अधीक्षक सिवनी द्वारा गौंवंश अधिनियम में जप्त वाहनों के मालिकों की सूची जारी करते हुए अवगत कराया गया कि जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रांतर्गत गौंवंश का परिवहन करते वाहनों को जप्त किया गया है तथा मालिकों के विरूद्ध आपराधिक प्रकरण दर्ज किए गए हैं।

उन्होंने अवगत कराया कि कुल 07 वाहन मालिकों को जिला दण्डाधिकारी न्यायालय में नियत पेशी में उपस्थित होने के नोटिस अनावेदकों के अनुपस्थित रहने से तामील नहीं हो पा रहे हैं।

उन्होंने इस प्रेस नोट के माध्यम से उल्लेखित वाहन मालिकों को अवगत कराया है कि संबंधित वाहन मालिकों के वाहनों को राजसात करने की कार्यवाही के लिए न्यायालय द्वारा नोटिस जारी किया गया है। उक्त वाहन मालिक एक सप्ताह में या नियत दिनांक में न्यायालय जिला दण्डाधिकारी सिवनी में उपस्थित नहीं होते हैं तो एकपक्षीय राजसात का आदेश जारी किया जाएगा।

जारी सूची अनुसार वाहन क्रमांक एवं मालिक का विवरण निम्नानुसार है

  • थाना सिवनी अंतर्गत दर्ज अपराध क्रमांक 263/18 ट्रक वाहन क्रमांक एमपी 09 एचएफ 5700, वाहन मालिक अस्फाक पिता मुस्ताक निवासी बोरदई सिवनी
  • थाना कुरई अंतर्गत दर्ज अपराध क्रमांक 309/13 ट्रक वाहन क्रमांक एमएच 49 एचएफ 0196 एवं फोर्ड फिगो कार वाहन मालिक वसीम खान पिता यासीन खान संजय वार्ड सिवनी, दानिश पिता मजर खान संजय वार्ड सिवनी
  • थाना कुरई अंतर्गत दर्ज अपराध क्रमांक 326/17 कार वाहन क्रमांक एमपी 09 एचडी 7263 वाहन मालिक मो. रिजवान सूफी नगर सिवनी
  • थाना कुरई अंतर्गत दर्ज अपराध क्रमांक 162/2013 ट्रक वाहन क्रमांक सीजी 04 जी 9419 वाहन मालिक राफिक खान भगतसिंह वार्ड सिवनी
  • थाना बंडोल अंतर्गत दर्ज अपराध क्रमांक 228/2022 कार वाहन क्रमांक एमएच 12 डीएफ 5555 वाहन मालिक अ.समी पिता अ.हमीम खैरी कान्हींवाडा
  • थाना धूमा अंतर्गत दर्ज अपराध क्रमांक 99/2024 पिकअप वाहन क्रमांक एमपी 20 एचडी 2966 वाहन मालिक दुर्गेश पिता पुरूषोत्तम झारिया ग्राम खमरिया गोंसाई
  • थाना धूमा अंतर्गत दर्ज अपराध क्रमांक 115/2023 मोटर साईकिल वाहन क्रमांक एमपी 22 एमई 1273, वाहन मालिक प्रसाद यादव पिता हरनाम यादव ग्राम बोरियाकला धूमा

सिवनी बंद का आव्हान: गौमाता की निर्मम हत्या पर सकल हिंदू समाज ने 21 जून को किया सिवनी बंद का आव्हान

सिवनी: सिवनी के विभिन्न थाना क्षेत्रों में आधा सैंकड़ा गौमाताओं की निर्ममता पूर्वक हत्या कर उन्हें बैनगंगा नदी में फेंक दिया गया। इस कायरता पूर्ण घटना से समस्त सकल हिंदू समाज में आक्रोश व्याप्त है। यह घटना न केवल गौभक्तों के लिए, बल्कि समाज के प्रत्येक संवेदनशील व्यक्ति के लिए दुखद है।

सकल हिंदू समाज का आक्रोश

सकल हिंदू समाज इस जघन्य कृत्य की कठोर निंदा करता है और इसे हिंदू धर्म तथा समाज पर सीधा हमला मानता है। गौमाता को हिंदू धर्म में माता का दर्जा प्राप्त है और उनकी हत्या समाज की भावनाओं को आहत करती है। इस अमानवीय कृत्य ने समाज के हर वर्ग को गहरी पीड़ा पहुंचाई है।

सिवनी बंद का आव्हान

इस घटना के विरोध में, सकल हिंदू समाज ने 21 जून को समस्त सिवनी जिले में बंद का आव्हान किया है। यह बंद शांतिपूर्ण तरीके से होगा और इसका उद्देश्य समाज की भावनाओं को न्याय दिलाना है। सकल हिंदू समाज ने सभी व्यापारियों, दुकानदारों और आम जनता से इस बंद में सहयोग करने की अपील की है।

शांति और एकता की अपील

सकल हिंदू समाज ने लोगों से अपील की है कि वे इस बंद को शांति और एकता के साथ मनाएं। किसी भी प्रकार की हिंसा या अव्यवस्था को बढ़ावा न दें। समाज के हर वर्ग को एकजुट होकर इस बंद में हिस्सा लेना चाहिए ताकि दोषियों को कठोर सजा मिल सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

प्रशासन से न्याय की मांग

सकल हिंदू समाज ने प्रशासन से इस मामले में त्वरित और कठोर कार्रवाई की मांग की है। प्रशासन को दोषियों को तुरंत गिरफ्तार कर न्याय दिलाने के लिए आवश्यक कदम उठाने चाहिए। इसके अलावा, भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कठोर कानूनों का प्रावधान होना चाहिए।

गौ संरक्षण का महत्व

गौमाता का संरक्षण हिंदू धर्म का महत्वपूर्ण हिस्सा है। गौमाता की सेवा और संरक्षण से समाज में शांति और समृद्धि का वास होता है। इसलिए, समाज को मिलकर गौमाता की रक्षा के लिए संकल्प लेना चाहिए और उन्हें हर संभव सुरक्षा प्रदान करनी चाहिए।

धारा 115 के तहत प्रकरण दर्ज: जनपद सभा सिवनी के नाम से दर्ज जमीन का मामला

सिवनी, बरघाट: जनपद सभा सिवनी के नाम से दर्ज जमीन के कीमती हिस्से के निजी तौर पर संसोधन मामले में आवेदक ने धारा 115 के तहत न्यायालय अनुविभागीय अधिकारी राजस्व बरघाट में प्रकरण दर्ज करवाया है। इस मामले में शासकीय भूमि खसरा नम्बर 596/960/1 रकबा 0.57 हेक्टेयर भूमि के सीमांकन हेतु आवेदन किया गया था।

जांच और प्रतिवेदन

इस आवेदन पर हल्का पटवारी और राजस्व निरीक्षक बरघाट द्वारा जांच कर जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया। प्रस्तुत दस्तावेज़ के आधार पर धारनाकला के मिशल बंदोबस्त क्रमांक 291 वर्ष 1988-89 के अभिलेखों में खसरा नम्बर 960 रकबा 0.59 हेक्टेयर भूमि जनपद सभा सिवनी के नाम से दर्ज है। मिशल बंदोबस्त और वर्तमान खसरे की तुलना करने पर उक्त भूमि का 0.02 हेक्टेयर का रकबा कम होना पाया गया, जो कि गलत तरीके से निजी रूप में संसोधित हुई है।

प्रकरण दर्ज करने का उद्देश्य

आवेदक संतोष शुक्ला ने धारा 115 के तहत प्रकरण दर्ज कराते हुए अनुविभागीय न्यायालय में त्रुटिपूर्ण ढंग से दर्ज की गई भूमि के रिकॉर्ड को दुरुस्त करने की मांग की। उन्होंने मांग की कि शासकीय भूमि के रकबे में वर्ष 1991 के पूर्व की स्थिति के अनुसार 0.59 हेक्टेयर भूमि दर्ज की जाए और अनावेदक गणों के नाम से मूल खसरा नम्बर 596/960 के हुए पांच बंटाकन को निरस्त कर सम्पूर्ण भूमि को मूल खसरे में सम्मलित किया जाए। इसके साथ ही आदेश दिनांक 14/10/1991 में हुई त्रुटी को दुरुस्त किए जाने हेतु प्रकरण दर्ज करवाया गया।

लंबे समय से निस्पक्ष कार्रवाई की मांग

इस जमीन के संशोधन मामले में लंबे समय से कार्रवाई की मांग की जा रही थी। इस संदर्भ में आवेदक के साथ-साथ जनपद पंचायत सिवनी ने भी जमीन को सुरक्षित करने और जनपद की जमीन के निजी रूप से संशोधन को लेकर आवेदन प्रस्तुत किए थे। जिला कलेक्टर के निर्देश पर तहसीलदार बरघाट द्वारा जनपद सभा सिवनी की जमीन के संशोधन की जांच हल्का पटवारी से करवाई गई थी। पटवारी ने जांच कर प्रतिवेदन प्रस्तुत किया, लेकिन कार्रवाई जांच तक ही सीमित रह गई। इसलिए आवेदक ने जनहित में धारा 115 के तहत न्यायालय अनुविभागीय अधिकारी के न्यायालय में प्रकरण दर्ज करवाया।

निस्पक्ष कार्रवाई से गरीबों को लाभ

यह उल्लेखनीय है कि जनपद सभा सिवनी के नाम से दर्ज भूमि में विकास की अनेकों संभावनाएं हैं। इसका मुख्य आधार सुगम कॉम्प्लेक्स का निर्माण है। मुख्य मार्ग से लगी भूमि ही निजी तौर पर संशोधित हो चुकी है, जो शासकीय रकबे में दर्ज होती है। पचासों कमरों का सुगम कॉम्प्लेक्स के निर्माण की नींव प्रशस्त होगी। दूसरी तरफ, भूमाफियाओं ने निजी जमीन की आड़ में जनपद की जमीन पर अवैधानिक रूप से कब्जा बना रखा है, जिससे आवागमन और विकास में बाधा उत्पन्न हो रही है। इन पर ठोस कार्रवाई की अपेक्षा व्यक्त की गई है।

धारा 115 के तहत न्यायालय की कार्रवाई

धारा 115 के तहत दर्ज प्रकरण में न्यायालय अनुविभागीय अधिकारी राजस्व बरघाट ने आवेदक के तर्कों और प्रस्तुत दस्तावेज़ों के आधार पर जांच शुरू की। न्यायालय ने संबंधित विभागों और अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे जांच को तेजी से पूरा करें और त्रुटिपूर्ण ढंग से दर्ज भूमि के रिकॉर्ड को दुरुस्त करें।