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इतिहास रचने वाली सिवनी की बेटी सेंसेई राधिका कश्यप: MP की पहली महिला बनीं WKF जज, दुबई में लहराया परचम

सिवनी (मध्यप्रदेश)। मध्यप्रदेश की खेल प्रतिभाओं में एक और ऐतिहासिक अध्याय जुड़ गया है। सिवनी की बेटी सेंसेई राधिका ओमकार कश्यप ने वह उपलब्धि हासिल कर ली है, जो अब तक प्रदेश की किसी भी महिला को नहीं मिली थी। उन्होंने World Karate Federation (WKF) की प्रतिष्ठित जज उपाधि प्राप्त कर इतिहास रच दिया है। वह मध्यप्रदेश की पहली महिला हैं जिन्होंने यह अंतरराष्ट्रीय सम्मान हासिल किया है।

दुबई (फुजिराह) में पास की अंतरराष्ट्रीय परीक्षा

7 से 11 फरवरी 2026 के बीच फुजिराह (दुबई) में आयोजित वर्ल्ड कराटे फेडरेशन की कड़ी परीक्षा में सेंसेई राधिका कश्यप ने सफलता हासिल की। उन्होंने WKF कुमिते जज-B की परीक्षा उत्तीर्ण कर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई।

यह परीक्षा विश्व स्तर पर बेहद चुनौतीपूर्ण मानी जाती है, जिसमें तकनीकी ज्ञान, नियमों की गहरी समझ और निर्णायक क्षमता की सटीक परख की जाती है। राधिका ने इन सभी मानकों पर खरा उतरते हुए यह उपलब्धि अपने नाम की।

कराटे इंडिया ऑर्गेनाइजेशन के मार्गदर्शन में मिली सफलता

सेंसेई राधिका कश्यप को यह सफलता Karate India Organization (KIO) के मार्गदर्शन में मिली।

इस उपलब्धि में निम्न वरिष्ठ पदाधिकारियों का विशेष मार्गदर्शन रहा:

  • हंशी भारत शर्मा (अध्यक्ष, KIO)
  • कियोशी संजीव जांगड़ा (सचिव)
  • शिहान महेश कुशवाहा (सचिव, मध्यप्रदेश)
  • शिहान राजेन्द्र तोमर (अध्यक्ष, मध्यप्रदेश)
  • शिहान अनूप डेथे (KIO रेफरी कमीशन सदस्य)

इन सभी के मार्गदर्शन और प्रशिक्षण ने राधिका को अंतरराष्ट्रीय मंच पर सफलता दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

पिता ने जताया गर्व

सेंसेई राधिका कश्यप के पिता शिहान ओमकार कश्यप ने भावुक होते हुए कहा,

“राधिका ने अपना पूरा जीवन कराटे को समर्पित कर दिया है। यह केवल हमारे परिवार के लिए नहीं, बल्कि सिवनी जिला और पूरे मध्यप्रदेश के लिए गर्व का क्षण है।”

उनकी इस उपलब्धि ने न केवल परिवार, बल्कि पूरे जिले को गौरवान्वित किया है।

जिला कराटे संघ सिवनी की प्रशिक्षिका

सेंसेई राधिका कश्यप वर्तमान में जिला कराटे संघ सिवनी की प्रशिक्षिका हैं। उनके मार्गदर्शन में कई खिलाड़ी राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर चुके हैं। अब उनकी अंतरराष्ट्रीय जज की उपाधि से जिले के खिलाड़ियों को और अधिक प्रेरणा मिलेगी।

खेल विशेषज्ञों का मानना है कि यह उपलब्धि सिवनी जिले के खेल इतिहास में मील का पत्थर साबित होगी।

जनप्रतिनिधियों और गणमान्य नागरिकों ने दी बधाई

इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों और समाजसेवियों ने हार्दिक शुभकामनाएं दीं।

बधाई देने वालों में प्रमुख रूप से शामिल रहे:

  • Dinesh Rai Munmun (विधायक, सिवनी)
  • डॉ. सुनील अग्रवाल (संचालक, जिंदल हॉस्पिटल सिवनी)
  • अंकित मालू (संचालक, माउंट लिटरा ज़ी स्कूल)
  • श्रीमती मकसूदा मिर्जा (पूर्व संभागीय अधिकारी, खेल एवं युवा कल्याण विभाग)
  • श्रीमती मनु धुर्वे (जिला खेल एवं युवा कल्याण अधिकारी)
  • नरेश सिंह राजपूत (संचालक, गुरुकुल पब्लिक स्कूल बरघाट)
  • श्रीमती वंदना नैय्यर तिवारी (संचालक, मॉडर्न हायर सेकेंडरी स्कूल)
  • डॉ. गुरु नंदन शिद्दु (संचालक, शिद्दु हॉस्पिटल)
  • महंत श्री हरि मुकुंद गिरी बाबा जी
  • खेल प्रतिनिधि, अधिवक्ता एवं जिले के खेल प्रेमी

सभी ने सेंसेई राधिका कश्यप के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

क्यों है यह उपलब्धि खास?

  • ✅ मध्यप्रदेश की पहली महिला WKF जज
  • ✅ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कराटे कुमिते जज-B उपाधि
  • ✅ सिवनी जिले का नाम विश्व मंच पर रोशन
  • ✅ महिला खिलाड़ियों के लिए प्रेरणास्रोत

विशेषज्ञों का कहना है कि यह उपलब्धि प्रदेश में महिला खेल प्रतिभाओं के लिए नई राह खोलेगी।

सिवनी की बेटी सेंसेई राधिका कश्यप ने यह साबित कर दिया है कि लगन, अनुशासन और समर्पण से अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी सफलता हासिल की जा सकती है। उनकी यह उपलब्धि न केवल व्यक्तिगत विजय है, बल्कि पूरे मध्यप्रदेश के लिए गर्व का विषय है।

अब प्रदेश की अन्य बेटियां भी उनसे प्रेरणा लेकर खेल के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छूने का सपना देख सकती हैं।

सिवनी में 6000 की रिश्वत लेते रिश्वतखोर पटवारी गिरफ्तार; जबलपुर लोकायुक की कार्यवाई, दफ्तर से ही पकड़ा गया महेंद्र बिसेन

मध्यप्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए लोकायुक्त जबलपुर की टीम ने सिवनी जिले के बरघाट तहसील अंतर्गत धपारा में पदस्थ एक पटवारी को ₹6000 की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।

यह कार्रवाई पुलिस महानिदेशक लोकायुक्त योगेश देशमुख के सख्त निर्देशों के बाद की गई, जिससे जिले के राजस्व विभाग में हड़कंप मच गया है।

कौन है आरोपी?

  • नाम: महेंद्र बिसेन
  • पद: पटवारी (हल्का नं. 81, 82)
  • स्थान: राजस्व निरीक्षक मंडल, धपारा, बरघाट, सिवनी
  • उम्र: 51 वर्ष

आरोप है कि पटवारी ने सीमांकन के बाद पावती देने के बदले रिश्वत की मांग की थी।

क्या है पूरा मामला?

आवेदक भगतराम खरे, निवासी बोरीखुर्द, ने लोकायुक्त कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनकी पत्नी बैगीन बाई खरे को उनकी माता द्वारा खसरा नंबर 627 में से 1/5 हिस्से की जमीन दी गई थी।

सीमांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद पटवारी द्वारा काम पूरा करने और पावती जारी करने के बदले ₹6000 की रिश्वत मांगी गई।

शिकायत की पुष्टि होते ही लोकायुक्त टीम ने जाल बिछाया।

कैसे हुई ट्रैप कार्रवाई?

12 फरवरी 2026 को आवेदक को रिश्वत की रकम देकर पटवारी के कार्यालय भेजा गया।

जैसे ही पटवारी ने पैसे स्वीकार किए —

  • 👉 लोकायुक्त टीम ने तुरंत छापा मारकर उसे रंगे हाथों पकड़ लिया।
  • 👉 रिश्वत की राशि मौके से जब्त कर ली गई।

ट्रैप दल में शामिल अधिकारी

  • निरीक्षक जितेंद्र यादव (ट्रैप कर्ता)
  • निरीक्षक बृजमोहन सिंह नरवरिया
  • लोकायुक्त जबलपुर की विशेष टीम

कानूनी कार्रवाई

आरोपी के खिलाफ:

  • ✔️ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधन 2018)
  • ✔️ धारा 7
  • ✔️ धारा 13(1)B
  • ✔️ धारा 13(2)

के तहत मामला दर्ज कर आगे की विवेचना की जा रही है।

राजस्व विभाग में मचा हड़कंप

इस कार्रवाई के बाद जिले के राजस्व विभाग में खलबली मच गई है। आम जनता का कहना है कि छोटी रकम के लिए भी अधिकारियों द्वारा रिश्वत मांगना आम हो चुका है, लेकिन लोकायुक्त की ऐसी कार्रवाई से भ्रष्टाचारियों में डर पैदा होगा।

जनता के लिए संदेश

लोकायुक्त अधिकारियों ने कहा —

👉 “यदि कोई भी अधिकारी रिश्वत मांगता है, तुरंत शिकायत करें। आपकी पहचान गोपनीय रखी जाएगी।”

यह कार्रवाई साफ संदेश देती है कि भ्रष्टाचार करने वालों की अब खैर नहीं। चाहे रकम छोटी हो या बड़ी, कानून सबके लिए समान है। लोकायुक्त की तत्परता से आम नागरिकों का भरोसा बढ़ा है।

SEONI के BARGHAT में शिक्षा के मंदिर में ‘आइटम डांस’ का मंच! चिकनी चमेली पर थिरका चेतना पैरामेडिकल कॉलेज; BJP के संस्कारों के आइटम शो का वीडियो वायरल

बरघाट, सिवनी – शिक्षा के मंदिर में ‘आइटम डांस’ का मंच! बरघाट (जिला सिवनी) में स्थित चेतना पैरामेडिकल इंस्टिट्यूट इन दिनों चर्चा के केंद्र में है। वजह है – शिक्षा और संस्कार की बात करने वाले इस संस्थान में आयोजित एक कार्यक्रम, जहाँ स्वागत और विदाई समारोह ‘संस्कृति उत्सव’ कम और ‘आइटम सॉन्ग शो’ ज्यादा नजर आया

कार्यक्रम में छात्र-छात्राएँ ‘चिकनी चमेली’ और ‘छम्मक छल्लो’ जैसे गानों पर ठुमके लगाते दिखाई दिए, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। स्थानीय लोग सवाल उठा रहे हैं – क्या यही है चिकित्सा शिक्षा का नया मॉडल?

शिक्षा की जगह ‘एंटरटेनमेंट’ का इंजेक्शन?

सूत्रों के मुताबिक, समारोह में जहाँ डॉक्टरी पेशे की गरिमा, सेवा भावना और प्रेरणादायक भाषणों की उम्मीद थी, वहाँ मंच पर लाइट्स, डीजे और आइटम डांस का माहौल छाया रहा। गरीब और ग्रामीण छात्रों को स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में प्रशिक्षित करने का दावा करने वाला संस्थान, खुद ही संस्कार और अनुशासन के मूल्यों से दूर होता दिखा

स्थानीय अभिभावकों का कहना है:
“हम बच्चों को डॉक्टर बनने भेजते हैं, डांसर नहीं।”

‘चाल, चरित्र और चेहरा’ पर उठे सवाल

बताया जा रहा है कि संस्थान का संचालन भारती रजक के परिवार से जुड़ा है। ऐसे में राजनीतिक और सामाजिक हलकों में भी असहजता बढ़ गई है। विडंबना यह कि संस्कार और संस्कृति की दुहाई देने वाले कई स्थानीय नेता कार्यक्रम की अग्रिम पंक्ति में मौजूद रहे, लेकिन किसी ने भी आपत्ति नहीं जताई।

लोगों ने तंज कसा —
“संस्कृति बचाने वाले ही संस्कृति के ‘आइटम शो’ के दर्शक बन गए।”

सोशल मीडिया पर वायरल, जनता में गुस्सा

कार्यक्रम के वीडियो सामने आते ही Facebook, Instagram और WhatsApp ग्रुप्स पर जमकर शेयर किए जा रहे हैं।

यूजर्स के कमेंट्स:

  • “यह कॉलेज है या डांस एकेडमी?”
  • “बेटी पढ़ाओ या बेटी नचाओ?”
  • “शिक्षा के नाम पर मज़ाक!”

चिकित्सा शिक्षा या ‘मंचीय मनोरंजन’?

चिकित्सा क्षेत्र को हमेशा ‘सेवा’ और ‘संवेदनशीलता’ का पेशा माना जाता है। ऐसे में सवाल उठना लाजमी है कि:

  • क्या पैरामेडिकल छात्रों को यही सिखाया जा रहा है?
  • क्या यह कार्यक्रम संस्थान की छवि पर दाग नहीं है?
  • क्या प्रशासन इस पर कोई कार्रवाई करेगा?

स्थानीय समाजसेवियों का कहना है कि शिक्षा संस्थानों में सांस्कृतिक कार्यक्रम हों, लेकिन गरिमा और मर्यादा के साथ

प्रशासन और नेतृत्व की चुप्पी

अब निगाहें प्रशासन और जनप्रतिनिधियों पर टिकी हैं कि वे इस मामले में क्या रुख अपनाते हैं।
क्या इसे सिर्फ “मनोरंजन” कहकर टाल दिया जाएगा या जिम्मेदारों पर कार्रवाई होगी?

बरघाट की जनता कह रही है –

“अगर शिक्षा मंदिर में ही संस्कारों का चीरहरण होगा, तो भविष्य कैसा बनेगा?”

चेतना इंस्टिट्यूट का यह कार्यक्रम शिक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवालिया निशान बनकर उभरा है।
जहाँ ‘चेतना’ जगाने की जरूरत थी, वहाँ ‘चमेली’ की धुन गूंज रही थी।

अब देखना यह है कि संस्थान और प्रशासन अपनी जिम्मेदारी निभाते हैं या यह मामला भी वायरल वीडियो की तरह कुछ दिनों में ठंडा पड़ जाएगा।

सिवनी में ‘आदर्श चौरसिया लेडिज क्लब’ का भव्य आगाज़: महिलाओं ने संभाली कमान, अर्चना नरेन्द चौरसिया बनी जिला अध्यक्ष

मध्यप्रदेश के सिवनी जिले में महिलाओं की सामाजिक भागीदारी और नेतृत्व क्षमता को नई दिशा देने के उद्देश्य से आदर्श चौरसिया लेडिज क्लब का विधिवत गठन किया गया। बीते सप्ताह दिनांक 3 फरवरी 2026 को आयोजित इस कार्यक्रम ने महिला एकता, संगठन शक्ति और सामाजिक जागरूकता का जीवंत उदाहरण पेश किया।

यह आयोजन राष्ट्रीय अध्यक्षा एवं संस्थापिका श्रीमती सरिता विजय तथा मध्यप्रदेश अध्यक्षा श्रीमती रीना सजय चौरसिया के सान्निध्य में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में समाज की महिलाएं उपस्थित रहीं, जिससे माहौल उत्साह और ऊर्जा से भर गया।

🎯 नई कार्यकारिणी टीम का गठन

कार्यक्रम के दौरान सर्वसम्मति से नई कार्यकारिणी घोषित की गई, जिसमें महिलाओं को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी गईं:

  • अध्यक्षा: श्रीमती अर्चना नरेन्द चौरसिया
  • कार्यकारी अध्यक्षा: श्रीमती वैशाली सुधीर चौरसिया
  • उपाध्यक्ष: श्रीमती आरती संजय चौरसिया, श्रीमती सीमा संजय चौरसिया
  • कोषाध्यक्ष: श्रीमती प्रीति विजय चौरसिया
  • सचिव: श्रीमती रेखा मूलचंद चौरसिया
  • सह-सचिव: श्रीमती सुनीता अनिल चौरसिया
  • डायरेक्टर: कविता राजेश चौरसिया

नई टीम के गठन के साथ ही क्लब ने समाज सेवा, महिला सशक्तिकरण, शिक्षा, स्वास्थ्य जागरूकता और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन का संकल्प लिया।

पदाधिकारियों के विचार

राष्ट्रीय अध्यक्षा ने अपने संबोधन में कहा कि “महिलाएं समाज की रीढ़ हैं। जब वे संगठित होती हैं, तो बदलाव स्वतः संभव हो जाता है।”
वहीं प्रदेश अध्यक्षा ने क्लब को सिवनी में सामाजिक विकास की नई मिसाल बताया।

नवनियुक्त अध्यक्षा अर्चना जी ने भरोसा दिलाया कि क्लब महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने, जरूरतमंदों की सहायता करने और समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए निरंतर कार्य करेगा।

क्यों खास है यह पहल?

यह क्लब सिर्फ एक संगठन नहीं, बल्कि एक महिला सशक्तिकरण अभियान है।

  • समाज सेवा
  • शिक्षा सहायता
  • स्वास्थ्य शिविर
  • सांस्कृतिक कार्यक्रम
  • जरूरतमंद परिवारों की मदद

जैसी गतिविधियों के माध्यम से यह मंच महिलाओं को नेतृत्व और पहचान देने का कार्य करेगा।

सिवनी में ‘आदर्श चौरसिया लेडिज क्लब’ का गठन न केवल महिलाओं के लिए बल्कि पूरे समाज के लिए एक सकारात्मक शुरुआत है। यह पहल आने वाले समय में सामाजिक एकता और महिला विकास का मजबूत आधार बनेगी।

सिवनी: पति की प्रताड़ना से तंग आकर लगाई आग… 4 साल बाद मिला इंसाफ, अदालत ने सुनाई 4 साल की सजा

सिवनी जिला के बरघाट थाना क्षेत्र से सामने आया यह मामला न केवल घरेलू हिंसा की भयावह तस्वीर पेश करता है, बल्कि यह भी बताता है कि कानून देर से ही सही, लेकिन न्याय जरूर देता है।

यह दर्दनाक घटना वर्ष 2020 की है। दिनांक 23 जुलाई 2020 को बरघाट शासकीय अस्पताल से पुलिस को सूचना मिली कि प्रियंका चौहान (26 वर्ष) निवासी ग्राम कोड़िया को गंभीर जली अवस्था में भर्ती कराया गया है।

पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए पीड़िता के मृत्युकालीन कथन (डाइंग डिक्लेरेशन) नायब तहसीलदार की उपस्थिति में दर्ज कराए।

पीड़िता ने क्या बताया?

अपने बयान में प्रियंका ने बताया:

  • पति राहुल चौहान रोज झगड़ा करता था
  • मारपीट और जान से मारने की धमकी देता था
  • मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना से वह बेहद परेशान थी
  • घर में मिट्टी का तेल पति लाया था
  • इसी तनाव में उसने खुद पर आग लगा ली

हालत बिगड़ने पर उसे जबलपुर रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गई।

पुलिस कार्रवाई और केस दर्ज

घटना के बाद पुलिस ने:

  • पति राहुल चौहान
  • सास निर्मला चौहान
  • ससुर रामदास चौहान

के खिलाफ धारा 306 (आत्महत्या के लिए उकसाना) और धारा 498A (प्रताड़ना) के तहत मामला दर्ज कर न्यायालय में चालान पेश किया।

अदालत में क्या हुआ फैसला?

मामले की सुनवाई जिला एवं सत्र न्यायालय सिवनी में हुई।

शासन की ओर से सहायक जिला अभियोजन अधिकारी मनोज कुमार सैयाम ने गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर मजबूत पैरवी की।

अदालत का निर्णय:

  • सास व ससुर को पर्याप्त साक्ष्य के अभाव में बरी
  • पति राहुल चौहान दोषी करार

सजा:

  • ✅ धारा 306 – 4 वर्ष का कठोर कारावास
  • ✅ धारा 498A – 1 वर्ष कारावास + ₹3000 जुर्माना

💔 समाज के लिए बड़ा संदेश

यह मामला सिर्फ एक परिवार की त्रासदी नहीं, बल्कि समाज के लिए चेतावनी है। घरेलू हिंसा और मानसिक प्रताड़ना भी अपराध है।

विशेषज्ञों का कहना है: “महिलाएं चुप न रहें, कानूनी मदद लें। कानून उनके साथ है।”

क्यों खास है यह फैसला?

  • पीड़िता को मिला कानूनी इंसाफ
  • 4 साल पुराने केस में न्याय
  • डाइंग डिक्लेरेशन बना सबसे बड़ा सबूत
  • घरेलू हिंसा के मामलों में कड़ा संदेश

सिवनी में बड़ी कार्रवाई! 167 CSC सेंटरों की आईडी बंद, पुलिस वेरिफिकेशन नहीं तो तुरंत सेवाएं ठप – सरकार का सख्त आदेश

सिवनी जिले में संचालित कॉमन सर्विस सेंटर (CSC e-Governance Services India Limited) पर प्रशासन ने बड़ा एक्शन लिया है। राज्य स्तरीय निरीक्षण के बाद सिवनी में लगभग 167 CSC आईडी को ब्लॉक कर दिया गया, जिससे जिले में हड़कंप मच गया है।

जांच में सामने आया कि कई सेंटर सरकारी नियमों के अनुसार संचालित नहीं हो रहे थे, न तो अधिकृत ब्रांडिंग बोर्ड लगे थे और न ही निर्धारित शुल्क सूची प्रदर्शित थी। लगातार मिल रही शिकायतों के बाद मध्य प्रदेश सरकार ने पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए यह कड़ा कदम उठाया।

निरीक्षण में क्या-क्या मिली गड़बड़ियां?

राज्य स्तरीय टीम द्वारा किए गए औचक निरीक्षण में कई चौंकाने वाली बातें सामने आईं —

  • सेंटरों पर अधिकृत बोर्ड का अभाव
  • फीस चार्ट प्रदर्शित नहीं
  • दस्तावेजों की अपूर्णता
  • अनधिकृत सेवाओं का संचालन
  • नागरिकों से मनमानी वसूली की शिकायतें

इन खामियों के कारण सरकार ने तुरंत कार्रवाई करते हुए 167 आईडी निष्क्रिय कर दीं, जिससे संबंधित सेंटरों की सभी डिजिटल सेवाएं बंद हो गईं।

अब पुलिस वेरिफिकेशन अनिवार्य, नहीं तो सेंटर सील

जिला प्रबंधक शिवांशु जंघेला ने स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि:

👉 सभी CSC संचालकों को पुलिस चरित्र प्रमाण पत्र अनिवार्य रूप से अपलोड करना होगा।
👉 प्रमाण पत्र अपलोड नहीं करने पर सभी सेवाएं तत्काल बंद कर दी जाएंगी।

यह फैसला इसलिए लिया गया क्योंकि जन सेवा केंद्रों के माध्यम से —

  • आधार सेवाएं
  • बैंकिंग लेनदेन
  • सरकारी योजनाओं का डेटा
  • नागरिकों की निजी जानकारी

जैसा संवेदनशील डेटा प्रोसेस होता है

हाल ही में कई जिलों में फर्जी पहचान पत्र और धोखाधड़ी के मामले सामने आने के बाद प्रशासन सतर्क हो गया है।

बैंकिंग सेवाओं के लिए RBI के नियम सख्त

अधिकांश CSC अब बैंकिंग कॉरेस्पोंडेंट के रूप में भी काम कर रहे हैं, जहां पैसा जमा-निकासी की सुविधा मिलती है। ऐसे में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के दिशा-निर्देशों के अनुसार पुलिस सत्यापन कानूनी रूप से आवश्यक है।

यदि कोई संचालक वेरिफिकेशन नहीं कराता है तो —

  • उसकी आईडी निष्क्रिय
  • बैंकिंग सेवाएं बंद
  • भविष्य में लाइसेंस रद्द

जैसी सख्त कार्रवाई की जा सकती है।

प्रशासन का क्या कहना है?

अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई जनता का विश्वास बनाए रखने और भ्रष्टाचार रोकने के लिए की गई है।

“CSC जनता और सरकार के बीच सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं। यहां किसी भी प्रकार की लापरवाही या धोखाधड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”

आम जनता पर क्या असर पड़ेगा?

सकारात्मक असर:

✔ पारदर्शिता बढ़ेगी
✔ फर्जीवाड़ा रुकेगा
✔ सुरक्षित बैंकिंग
✔ सही शुल्क पर सेवाएं

अस्थायी असर:

❌ कुछ सेंटर बंद होने से सेवाओं में देरी

लेकिन प्रशासन का दावा है कि जल्द ही सभी सेंटर नियमों के तहत दोबारा चालू होंगे।

सिवनी में CSC सेंटरों पर हुई यह कार्रवाई स्पष्ट संदेश देती है —
“नियमों का पालन करो, वरना सेवाएं बंद।”

सरकार का यह कदम डिजिटल इंडिया मिशन को मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा प्रयास माना जा रहा है। अब देखना होगा कि संचालक कितनी जल्दी नियमों का पालन कर सेवाएं बहाल कर पाते हैं।

सिवनी: मंदिरों में लगातार हो रही चोरी का पर्दाफाश! कोतवाली पुलिस ने पकड़े 2 विधि विवादित किशोर, 6.30 लाख का माल बरामद

सिवनी। शहर में पिछले कुछ दिनों से मंदिरों में हो रही चोरी की घटनाओं ने श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी थी। लेकिन अब कोतवाली पुलिस ने ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए इस मामले का बड़ा खुलासा कर दिया है। पुलिस ने दो विधि विवादित किशोरों को अभिरक्षा में लेकर करीब 6 लाख 30 हजार रुपये का चोरी का माल बरामद किया है।

इस कार्रवाई के बाद इलाके में राहत की सांस ली जा रही है, वहीं पुलिस टीम की सराहना भी हो रही है।

कैसे खुला चोरी का राज?

पुलिस अधीक्षक श्री सुनील मेहता के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री दीपक मिश्रा तथा एसडीओपी श्री संजीव परते के मार्गदर्शन में कोतवाली थाना पुलिस लगातार संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखे हुए थी।

मंदिरों से लगातार मिल रही शिकायतों के बाद एक विशेष टीम गठित की गई। तकनीकी साक्ष्यों, स्थानीय पूछताछ और मुखबिर तंत्र की मदद से पुलिस आरोपियों तक पहुंचने में सफल रही।

इन मंदिरों को बनाया गया निशाना

काली मंदिर

  • चांदी की पायल चोरी
  • कीमत लगभग ₹9,000

हनुमान मंदिर (भैंरोगंज-प्रतापुर रोड)

  • चांदी का मुकुट
  • 4 नग चांदी के आभूषण
  • नकदी ₹1,920
  • कुल कीमत करीब ₹6,000

राधाकृष्ण मंदिर परिसर

  • मंदिर का ताला तोड़कर नकदी चोरी
  • ₹12,000 की चोरी

चौंकाने वाला खुलासा – पहले भी कर चुके थे वारदात

पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि उन्होंने 14 जनवरी की रात छपारा क्षेत्र के एक सूने मकान से दो कैमरे भी चोरी किए थे, जिनकी कीमत करीब 6 लाख रुपये बताई गई है।

पुलिस की रणनीति बनी सफलता की कुंजी

  • घटनास्थल के आसपास सघन जांच
  • स्थानीय लोगों से पूछताछ
  • तकनीकी साक्ष्य और मुखबिर सूचना
  • संदिग्धों की पहचान कर हिरासत

पुलिस ने दोनों किशोरों को अभिरक्षा में लेकर किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत किया है।

इन पुलिसकर्मियों की रही विशेष भूमिका

थाना प्रभारी निरीक्षक सतीश तिवारी सहित पूरी टीम – सर्जन जसवंत ठाकुर, आरक्षक मनोज पाल, लक्ष्मी बागड़े, सिद्धार्थ दुबे, सतीश इवांती, राजेंद्र राजपूत, रविशंकर सोनी और चालक इरफान – की मेहनत से यह सफलता मिली।

शहर में फिर लौटी सुरक्षा की भावना

लगातार हो रही मंदिर चोरी से परेशान श्रद्धालुओं के लिए यह खबर राहत लेकर आई है। पुलिस की तत्परता ने साबित कर दिया कि अपराधी कितने भी शातिर क्यों न हों, कानून की पकड़ से बच नहीं सकते।

सिवनी: नितिन शुक्ला ने छोड़ी कांग्रेस, छात्र नेता धनंजय को बताया ब्लैकमेलर, स्कूलों में दहशत, शिक्षक प्रताड़ित, विधायक रजनीश का पूर्ण समर्थन!

Seoni News: स्थानीय शिक्षा संस्थानों में इन दिनों माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है। मामला तब और तूल पकड़ गया जब भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस से इस्तीफ़ा देने वाले नेता नितिन शुक्ला ने एक गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि क्षेत्र में एक तथाकथित छात्र नेता लगातार स्कूलों और कॉलेजों को निशाना बना रहा है और शिक्षकों पर दबाव बनाकर ब्लैकमेलिंग कर रहा है।

नितिन शुक्ला के अनुसार, यह छात्र नेता खुद को राजनीतिक संरक्षण प्राप्त होने का दावा करता है और सामान्य वर्ग के लोगों को चुन-चुनकर प्रताड़ित कर रहा है।

‘ब्लैकमेलर छात्र नेता’ का नाम आया सामने

जानकारी के मुताबिक, नितिन शुक्ला ने सीधे तौर पर धनंजय सिंह पर आरोप लगाते हुए उन्हें “ब्लैकमेल छात्र नेता” बताया है।
उनका कहना है कि बीते कई महीनों से धनंजय सिंह लगातार शिक्षण संस्थानों में जाकर विवाद खड़ा कर रहे हैं और छोटी-छोटी बातों को सोशल मीडिया पर वीडियो बनाकर वायरल कर रहे हैं।

शुक्ला का आरोप है कि इन वीडियो का इस्तेमाल दबाव बनाने और बदनाम करने के लिए किया जा रहा है।

नेताजी सुभाष चंद्र विद्यालय के शिक्षक परेशान

मामले का सबसे ज्यादा असर नेताजी सुभाष चंद्र बोस विद्यालय में देखने को मिल रहा है।
बताया जा रहा है कि यहां के ब्राह्मण शिक्षकों को पिछले 3–4 महीनों से लगातार टारगेट किया जा रहा है।

शिक्षकों का आरोप है कि:

  • बिना अनुमति स्कूल परिसर में प्रवेश
  • वीडियो रिकॉर्डिंग और सोशल मीडिया पर पोस्ट
  • बेबुनियाद आरोप
  • मानसिक दबाव और बदनामी

इन घटनाओं के कारण स्टाफ में भय और असुरक्षा का माहौल है।

विधायक के समर्थन का भी दावा

नितिन शुक्ला ने यह भी दावा किया कि इस छात्र नेता को स्थानीय विधायक रजनीश का समर्थन प्राप्त है, जिससे प्रशासनिक कार्रवाई नहीं हो पा रही।
हालांकि विधायक या संबंधित पक्ष की ओर से अभी तक इस आरोप पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

राजनीतिक गलियारों में मचा हड़कंप

कांग्रेस से इस्तीफा देने के तुरंत बाद इस तरह के आरोपों ने राजनीतिक हलकों में हलचल बढ़ा दी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि:

  • शिक्षा संस्थानों में राजनीति का दखल खतरनाक है
  • सोशल मीडिया का दुरुपयोग बढ़ रहा है
  • शिक्षक वर्ग खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा है

स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग की है।

प्रशासन से कार्रवाई की मांग

क्षेत्र के अभिभावकों और शिक्षकों ने कहा है कि अगर जल्द समाधान नहीं हुआ तो शिक्षा का माहौल प्रभावित होगा।
उनका कहना है कि स्कूलों को राजनीति और दबाव की संस्कृति से मुक्त रखना जरूरी है।

यह मामला सिर्फ एक व्यक्ति या संस्थान तक सीमित नहीं है, बल्कि शिक्षा व्यवस्था की सुरक्षा और गरिमा से जुड़ा है।
अब सबकी निगाहें प्रशासनिक जांच और आने वाले कदमों पर टिकी हैं।