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सिवनी में धान खरीदी का काला सच: रात के अंधेरे में धान की बोरियों में ‘पानी की सिंचाई’, बढ़ाया जा रहा धान का वजन

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(Seoni News | Paddy Purchase Scam Exposed) सिवनी। जिले में चल रही धान खरीदी प्रक्रिया अब सवालों के घेरे में आ चुकी है। जिस व्यवस्था को किसानों की मेहनत की सही कीमत दिलाने के लिए बनाया गया था, वहीं अब कुछ खरीदी केंद्रों में धान का वजन बढ़ाने के लिए पानी डालने का खेल खुलेआम खेला जा रहा है। यह पूरा काला कारनामा रात के अंधेरे में, पूरी प्लानिंग के साथ अंजाम दिया जा रहा है।

जानकारी के अनुसार, कई धान खरीदी केंद्रों में धान की बोरियों में मोटर लगाकर पानी डाला जा रहा है, ताकि वजन बढ़ाकर सरकारी रिकॉर्ड में अधिक मात्रा दर्शाई जा सके। चौंकाने वाली बात यह है कि इस दौरान खरीदी केंद्रों की लाइटिंग तक बंद कर दी जाती है, ताकि कोई इस गोरखधंधे को न देख सके।

ट्रक लगने से पहले होता है खेल

विश्वसनीय सूत्रों के मुताबिक, जैसे ही भंडारण केंद्र के ट्रक आने का समय नजदीक होता है, उससे कुछ घंटे पहले ही धान की बोरियों में पानी डालने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाती है।
यह भी सामने आया है कि वेयरहाउस से जुड़े कुछ जिम्मेदार अधिकारी भी इस खेल से अनजान नहीं हैं, बल्कि परोक्ष रूप से इस पूरे फर्जीवाड़े को संरक्षण मिल रहा है।

कई मामलों में ट्रकों के बीच की बोरियां अत्यधिक गीली पाई गईं, जिस पर वेयरहाउस में तैनात सर्वेयर ने आपत्ति दर्ज की और धान की पूरी खेप वापस खरीदी केंद्र भेज दी गई। यह साफ संकेत है कि मामला सिर्फ अफवाह नहीं, बल्कि वास्तविक और गंभीर है।

आष्टा खरीदी केंद्र बना गड़बड़ी का बड़ा उदाहरण

मामला ग्राम आष्टा के धान खरीदी केंद्र का है, जहां महिला स्व सहायता समूह द्वारा संचालित केंद्र में रात के अंधेरे में खड़ी और सिली बोरियों में पानी डालते हुए वीडियो और फोटो बनाए गए।
ग्राम के जागरूक नागरिक ने यह सबूत तत्काल अधिकारियों को सौंपे, लेकिन उस समय कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा।

अगले दिन जब कृषि विभाग और नायब तहसीलदार ने जांच की तो पाया गया कि:

  • बोरियां नीचे से गीली थीं
  • कई बोरियों का वजन 42 किलो तक पाया गया, जबकि मानक वजन इससे कम होता है

यह सीधे-सीधे सरकारी धन की हेराफेरी और धान खरीदी में घोटाले की ओर इशारा करता है।

शिकायतकर्ता पर ही आरोप!

हैरानी की बात यह रही कि मामले को दबाने के प्रयास में धान खरीदी प्रभारी ने शिकायतकर्ता पर ही झूठी शिकायत और ब्लैकमेलिंग का आरोप मढ़ दिया।
जबकि सच्चाई जांच टीम के सामने मौजूद थी। सवाल यह है कि यदि शिकायत गलत थी तो:

  • बोरियां गीली कैसे मिलीं?
  • वजन 42 किलो तक कैसे पहुंचा?
  • ट्रक वापस क्यों भेजे गए?

महिला स्व सहायता समूहों की साख पर बट्टा

जहां एक ओर सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए महिला स्व सहायता समूहों को धान उपार्जन से जोड़ रही है, वहीं कुछ समूहों की गतिविधियां पूरी योजना को बदनाम कर रही हैं।
क्या इन्हें किसी का संरक्षण प्राप्त है?
क्या दोषियों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है?

अब सभी की निगाहें जिले की संवेदनशील कलेक्टर शीतला पटले जी पर टिकी हैं कि क्या इस गंभीर मामले में सख्त कार्रवाई होगी या फाइलों में ही सिमट कर रह जाएगा यह घोटाला।

इनका कहना

एम.डी. परते, कृषि विभाग:
“हमारे द्वारा जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत कर दी गई है। कार्रवाई करना विभाग का काम है।”

नायब तहसीलदार, बरघाट:
“जांच कर प्रतिवेदन एसडीएम साहब को सौंप दिया गया है। आगे की कार्रवाई की जानी है।”

सिवनी जिले में धान खरीदी केंद्रों पर सामने आ रहा यह मामला सिर्फ अनियमितता नहीं, बल्कि सरकारी धन की लूट, किसानों के साथ धोखा और सिस्टम में गहरी मिलीभगत की ओर इशारा करता है। यदि समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो यह घोटाला पूरे जिले की धान खरीदी व्यवस्था को सवालों के कटघरे में खड़ा कर देगा।

SHUBHAM SHARMA
SHUBHAM SHARMAhttps://shubham.khabarsatta.com
Shubham Sharma – Indian Journalist & Media Personality | Shubham Sharma is a renowned Indian journalist and media personality. He is the Director of Khabar Arena Media & Network Pvt. Ltd. and the Founder of Khabar Satta, a leading news website established in 2017. With extensive experience in digital journalism, he has made a significant impact in the Indian media industry.

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