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खबर सत्ता का बड़ा असर: 24 घंटे में हिला सिस्टम, हिटलरशाही पर चला डीएम नान का डंडा, धान घोटाले में वेयरहाउस बंद, मचा हड़कंप

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सिवनी। “खबर सत्ता” द्वारा 28 जनवरी 2026 को प्रमुखता से प्रकाशित खबर “सर्वेयर साइडलाइन, वेयरहाउस मालिक ऑन ड्यूटी! सिवनी में धान खरीदी का खेल: शासन के नियम ताक पर, गोदाम मालिक बने खुद के जज और जूरी” का असर महज 24 घंटों में दिखाई देने लगा। प्रशासन हरकत में आया और जिले में चल रहे एक बड़े खेल का पर्दाफाश करते हुए सख्त कार्रवाई की गई।

समर्थन मूल्य पर धान खरीदी को लेकर वैसे तो पहले भी कई अनियमितताएं सामने आ चुकी हैं, लेकिन खरीदी के अंतिम चरण और गोदामों में धान भंडारण के दौरान सर्वेयर की भूमिका निभा रहे वेयरहाउस संचालकों की मनमानी पहली बार इतने स्पष्ट रूप से उजागर हुई।

जिला प्रबंधक, मध्यप्रदेश सिविल सप्लाइज कॉर्पोरेशन लिमिटेड सिवनी सुरेश सनखेरे के संज्ञान में जैसे ही यह मामला आया, उन्होंने बिना किसी देरी के वेयरहाउस का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जो सच्चाई सामने आई, उसने पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े कर दिए।

जब वेयरहाउस मालिक ही बन गया सर्वेयर

जांच में सामने आया कि लंबे समय से वेयरहाउस संचालक और उसके परिवार के सदस्य ही सर्वेयर की भूमिका निभा रहे थे। ट्रकों में भरकर आने वाली अच्छी गुणवत्ता की धान को भी मनमाने ढंग से “रिजेक्ट” किया जा रहा था। इससे धान खरीदी केंद्र प्रभारी लगातार परेशान हो रहे थे और असली सर्वेयर भी इस दबाव से त्रस्त थे।

शासन की नीतियों का गलत फायदा उठाकर वेयरहाउस संचालक खुद ही जज और जूरी बन बैठा था। ट्रक ड्राइवरों से लेकर केंद्र प्रभारियों तक, सभी उसकी ‘हिटलरशाही’ का शिकार थे।

ट्रकों की जांच, ड्राइवरों के बयान और मौके पर फटकार

जिला प्रबंधक ने मौके पर पहुंचकर धान से भरे ट्रकों की जांच करवाई। वास्तविक सर्वेयर की मौजूदगी में ट्रकों को खाली कराया गया और ड्राइवरों से भी सीधे बातचीत की गई। जैसे-जैसे परतें खुलती गईं, पूरा खेल सामने आता गया। अनावश्यक रूप से धान रिजेक्ट कर किसानों और केंद्र प्रभारियों को परेशान करने वाले वेयरहाउस संचालक को मौके पर ही कड़ी फटकार लगाई गई।

वेयरहाउस भी किया गया बंद

निरीक्षण के दौरान न सिर्फ सर्वेयर से जुड़ी गड़बड़ियां उजागर हुईं, बल्कि वेयरहाउस में कई गंभीर अनियमितताएं और तकनीकी कमियां भी पाई गईं। इन सबको देखते हुए जिला प्रबंधक ने सख्त रुख अपनाते हुए वेयरहाउस को तत्काल प्रभाव से बंद करने की कार्रवाई कर दी।

यह कदम जिले के उन सभी धान खरीदी केंद्रों के लिए बड़ी राहत साबित हुआ है, जिनका परिवहन अभी शेष है और जो अब तक इस वेयरहाउस संचालक की मनमानी से परेशान थे।

रिजेक्ट धान अब तक गोदाम में क्यों पड़ी है?

सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिन धानों को सर्वेयर द्वारा रिजेक्ट किया गया, वे अब तक गोदाम के बाहर सजाकर क्यों रखी गई हैं?
इसकी जानकारी कई धान खरीदी केंद्रों को तक नहीं दी गई। इससे यह साफ संकेत मिलता है कि धान की गुणवत्ता जांच प्रक्रिया को भी वेयरहाउस संचालक ने अपने कब्जे में ले रखा था और सर्वेयर की निष्पक्षता पर ग्रहण लगा दिया गया था।

प्रशासन की निष्पक्षता से मिली राहत

जिला प्रबंधक की इस निष्पक्ष और सख्त कार्रवाई से जिले की समितियों, समूहों और धान खरीदी केंद्र प्रभारियों ने राहत की सांस ली है। यह कार्रवाई न केवल एक वेयरहाउस संचालक की मनमानी पर रोक है, बल्कि पूरे सिस्टम को आईना दिखाने वाली मिसाल भी है।

अब देखना यह होगा कि प्रशासन आगे भी इसी सख्ती से धान खरीदी व्यवस्था को पारदर्शी और न्यायसंगत बनाए रख पाता है या नहीं।

SHUBHAM SHARMA
SHUBHAM SHARMAhttps://shubham.khabarsatta.com
Shubham Sharma – Indian Journalist & Media Personality | Shubham Sharma is a renowned Indian journalist and media personality. He is the Director of Khabar Arena Media & Network Pvt. Ltd. and the Founder of Khabar Satta, a leading news website established in 2017. With extensive experience in digital journalism, he has made a significant impact in the Indian media industry.

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