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सिवनी के बरघाट का वीडियो वायरल: कड़कती धूप से तेल गर्म कर तल लिए पापड़

सिवनी : सिवनी में गर्मी अपने चरम पर है। इस बार तापमान ने 41 डिग्री सेल्सियस का आंकड़ा छू लिया है। सिवनी के बरघाट क्षेत्र में यह गर्मी इतनी प्रबल हो गई है कि धूप में तेल खुद-ब-खुद गर्म हो गया है।

इस असाधारण स्थिति में स्थानीय लोगों ने देखा कि बिना किसी पारंपरिक तरीके का उपयोग किए, केवल धूप में ही पापड़ आसानी से तल लिए गए।

यह घटना एक ओर जहां हैरानी का कारण बनी, वहीं दूसरी ओर यह प्रदर्शित करती है कि इस क्षेत्र में तापमान किस हद तक बढ़ चुका है।

बरघाट में धूप की तीव्रता इस कदर है कि तेल को गर्म करने के लिए किसी अन्य स्रोत की आवश्यकता ही नहीं पड़ी। धूप ने अपनी ताकत से तेल को इतनी तेजी से गर्म कर दिया कि पापड़ों को तलने में ज़रा भी दिक्कत नहीं हुई।

स्थानीय निवासियों ने इसे गर्मी की असामान्य स्थिति बताया। ऐसे में, जहां गर्मी से लोग बेहाल हैं, वहीं इस घटना ने सबका ध्यान अपनी ओर खींचा है।

पर्यावरणविदों और मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की घटनाएँ जलवायु परिवर्तन और ग्लोबल वार्मिंग का परिणाम हो सकती हैं। इस समय लोगों को सावधानी बरतने और अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखने की सलाह दी जा रही है। खासकर वृद्ध और बच्चों को इस तरह की गर्मी से बचने के लिए अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए।

यह स्थिति बताती है कि अब समय आ गया है जब हमें पर्यावरण संरक्षण और जलवायु संतुलन की दिशा में ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है। इस प्रकार की असाधारण घटनाएं हमें चेतावनी देती हैं कि अगर हमने अब भी सतर्कता नहीं बरती, तो आने वाले समय में हमें और भी गंभीर परिस्थितियों का सामना करना पड़ सकता है।

छिंदवाड़ा में पत्नी से हुआ झगड़ा: परिवार के 8 सदस्यों की कुल्हाड़ी से की हत्या, फिर खुद को फांसी लगाई

छिंदवाड़ा (मध्य प्रदेश): मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में सामूहिक हत्या की एक निर्मम घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। एक व्यक्ति ने कथित तौर पर अपने माता-पिता, पत्नी और बच्चों सहित परिवार के आठ सदस्यों की कुल्हाड़ी से हत्या कर दी।

पुलिस ने बुधवार को बताया कि अपने प्रियजनों की हत्या करने के बाद उसने खुद को भी फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। यह घटना आदिवासी बहुल क्षेत्र माहुलझिर पुलिस थाने के अंतर्गत बोदल कछार गांव में घटी।

माना जा रहा है कि यह वीभत्स घटना रात 2 से 3 बजे के बीच हुई। सामूहिक हत्याकांड की सूचना मिलने पर महुलझिर पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे गांव को सील कर दिया। छिंदवाड़ा के पुलिस अधीक्षक भी आगे की जांच के लिए घटनास्थल पर पहुंचे।

पुलिस के अनुसार, आरोपी मानसिक रूप से अस्थिर बताया जा रहा है। वे इस बात की भी जांच कर रहे हैं कि क्या वह किसी नशे का आदी था। बताया जा रहा है कि आरोपी का अपनी पत्नी से झगड़ा हुआ था और इसी बहस के दौरान यह घटना घटी।

एसपी मनीष खत्री के नेतृत्व में पुलिस ने घटनास्थल से कुल्हाड़ी बरामद कर ली है। इस जघन्य कृत्य के पीछे का मकसद अभी भी अज्ञात है। सूत्रों के अनुसार, व्यक्ति की हाल ही में शादी हुई थी।

परिवार का एक बच्चा किसी तरह से बचकर भाग निकला और पुलिस को सूचना दी। परिवार के सदस्य पास के घरों में रहते थे। पीड़ितों के शव घर के अंदर बिखरे पड़े मिले। पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

इस दुखद घटना से पूरा समुदाय सदमे में है तथा पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है ताकि अधिक जानकारी सामने आ सके।

MP WEATHER UPDATE: मध्यप्रदेश में भीषण गर्मी का कहर; ग्वालियर, टीकमगढ़ उबल रहे, IMD ने RED ALERT किया जारी!

भोपाल: इस नौतपा के दौरान राज्य में वाकई बहुत गर्मी पड़ रही है! पिछले चार दिनों से ग्वालियर, चंबल और मालवा-निमाड़ जैसी जगहों पर गर्मी अंगारों पर चलने जैसी हो गई है। और क्या पता? यह भीषण गर्मी जल्द ही खत्म होने वाली नहीं है। जी हां, यह गर्मी बुधवार की योजना को भी ध्वस्त करने की योजना बना रही है!

अब, भोपाल में IMD इसे हल्के में नहीं ले रहा है। उन्होंने ग्वालियर और निवाड़ी सहित 18 जिलों में हीटवेव के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। लेकिन रुकिए, इससे भी ज़्यादा है! 21 अन्य जिलों में ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किए जा रहे हैं। ऐसा लग रहा है जैसे राज्य में आग लगी हुई है!

निवाड़ी जिले का पृथ्वीपुर? खैर, यूं कहें कि यह तवे पर पकौड़े की तरह तप रहा है। सोमवार को 48.7 डिग्री सेल्सियस की तपिश के बाद मंगलवार को यह 48.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। दतिया भी इससे बहुत पीछे नहीं रहा, मंगलवार को यहां भी 48.4 डिग्री सेल्सियस तापमान पहुंच गया। रीवा 48.2 डिग्री सेल्सियस तापमान पहुंचा और खजुराहो 48 डिग्री सेल्सियस तापमान! और ग्वालियर, टीकमगढ़, सतना, नौगांव, सिंगरौली और राजगढ़ जैसे अन्य हॉटस्पॉट को भी न भूलें।

ग्वालियर में 47.6 डिग्री सेल्सियस, टीकमगढ़ में 47.2 डिग्री सेल्सियस, सतना, नौगांव और सिंगरौली में 47.1 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा। वहीं, राजगढ़ में 46.8 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा। कुल मिलाकर, राज्य के 26 शहरों में भीषण गर्मी पड़ रही है!

अब, भीषण गर्मी की स्थिति!

पृथ्वीपुर निवाड़ी, दतिया, रीवा, खजुराहो, ग्वालियर, टीकमगढ़, सतना, नौगांव, सिंगरौली, राजगढ़, दमोह, गुना, कटनी, शिवपुरी, शहडोल, अशोकनगर, सीहोर, भोपाल, सागर समेत बीस शहरों में तो अत्यधिक गर्माहट वा माहौल है।

और मलाजखंड. और जब आप सोच रहे थे कि इससे अधिक गर्मी नहीं पड़ सकती, तो रायसेन, उमरिया, मंडला, शाजापुर, खंडवा, खरगोन, देवास, सिवनी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, जबलपुर, रतलाम, बड़वानी, उज्जैन, इंदौर, धार, बैतूल और नीमच में गर्म हवाएं चलीं।

राज्य के पश्चिमी और उत्तरी इलाकों में भीषण गर्मी पड़ रही है। आईएमडी भोपाल की वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन के अनुसार, यह भीषण गर्मी अभी कुछ समय तक बनी रहेगी। इसलिए, आने वाले कुछ और दिनों के लिए तैयार हो जाइए!

ZEE NEWS BAN IN PUNJAB: आम आदमी पार्टी ने लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को दबाने की कोशिश

ZEE NEWS BAN IN PUNJAB: पंजाब में भगवंत मान के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी सरकार ने पंजाब में ज़ी न्यूज़ हिंदी चैनल (Zee News Hindi Channel) का प्रसारण बंद कर दिया है। मीडिया समूह का प्रसारण बंद करने का फ़ैसला पंजाब सरकार की ओर से बिना किसी औपचारिक सूचना के किया गया है।

पंजाब में ज़ी न्यूज़ के दर्शकों ने पुष्टि की है कि वे चैनल तक नहीं पहुँच पा रहे हैं। हमारे दर्शकों ने मान सरकार के फ़ैसले को ‘तानाशाही’ बताया और इसे आपातकाल के दौरान प्रेस पर प्रतिबंध की तरह बताया।

ज़ी न्यूज़ ने हमेशा तथ्यों पर आधारित पत्रकारिता की है। देश का सबसे पुराना चैनल होने के नाते लोगों के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझता हैं। मान सरकार की यह कार्रवाई पंजाब लोकसभा चुनाव की हमारी कवरेज के दौरान हुई है, जिसमें हमने लोगों के मुद्दे उठाए और सरकार की कमियों को उजागर किया।

आपातकाल के दौरान भी यही हुआ था। फिर सरकार गिर गई थी। जब भी लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को दबाने की कोशिश हुई है…नतीजा अच्छा नहीं हुआ है।

जी न्यूज़ ने केजरीवाल पर निशाना साधते हुए कहा कि अरविंद केजरीवाल या भगवंत मान चाहे जितनी भी कोशिश कर लें, ज़ी न्यूज़ सच दिखाता रहेगा। केजरीवाल जैसे लोग जो सच का सामना नहीं कर सकते, उनकी असलियत लोगों तक पहुँचती रहेगी। पंजाब की जनता ज़ी न्यूज़ के साथ है।

एमपी का व्यापम घोटाला: पुलिस कांस्टेबल भर्ती में हुए फर्जीवाड़े में 11 लोगों को 7 साल की सजा; इस घोटाले ने पूरे देश में मचा दिया था तहलका

MP VYAPAM GHOTALA: व्यापम घोटाले में सोमवार को भोपाल की सीबीआई कोर्ट ने 11 लोगों को दोषी करार दिया है। दोषियों को सात साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई है। जज नीतिराज सिसोदिया ने यह आदेश दिया।

दोषी ठहराए गए ग्यारह लोगों में से छह वास्तविक उम्मीदवार थे और अन्य पांच की पहचान फर्जी उम्मीदवार के रूप में की गई।

पुलिस कांस्टेबल भर्ती-2012 का आयोजन व्यापम (व्यावसायिक परीक्षा मंडल-एमपी प्रोफेशनल एग्जामिनेशन बोर्ड-एमपीपीईबी) द्वारा किया गया था। लोकेंद्र कुमार धाकड़, अविनाश जयंत, राजेश प्रजापति, भूरा रावत, राधेश्याम यादव और विकास रावत नाम के छह अभ्यर्थियों ने फर्जीवाड़ा करने वालों और बिचौलियों के जरिए भर्ती परीक्षा पास की थी।

मध्य प्रदेश व्यावसायिक परीक्षा मंडल (पीईबी) द्वारा 2012 और 2013 में आयोजित भर्ती परीक्षाओं के दौरान इनके स्थान पर अन्य अभ्यर्थी बैठे थे। इनका चयन हुआ और राज्य भर में विभिन्न इकाइयों में इनकी पोस्टिंग हुई।

लोकेन्द्र धाकड़ के स्थान पर हेमंत जाट, अविनाश जयंत के स्थान पर सर्वेश कुमार झा, राजेश प्रजापति के स्थान पर नरेश प्रजापति, भूरा रावत के स्थान पर रामवीर रावत, विकास रावत के स्थान पर हरिओम तोमर तथा राधेश्याम यादव के स्थान पर एक अज्ञात व्यक्ति परीक्षा में शामिल हुए।

शुरुआत में एक स्पेशल टास्क फोर्स का गठन किया गया और आईपीसी की धारा 470, आईपीसी की धारा 480 और कई अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। इसके बाद, हाईकोर्ट के फैसले के बाद मामला केंद्रीय जांच ब्यूरो को भेज दिया गया, जिसने पूरक चालान पेश किया।

Seoni News: 10 दिनों से बंद विद्युत सप्लाई, आक्रोशित महिलाएं पहुंची पावरहाउस

सिवनी, बरघाट, धारनाकला: धारनाकला से जुडे ग्राम पौनारकला की महिलाओ तथा ग्राम के नागरिको ने पावर हाउस धारनाकला पहुँच कर जमकर विधुत विभाग के खिलाफ आक्रोश व्यक्त किया है.

चूकि पौनारकला के वार्ड नंबर 01 मे विगत दस दिनो से विधुत सप्लाई पूरी तरह बन्द है भीषण गर्मी मे विधुत की सप्लाई न होने से आक्रोशित महिलाओ ने कहा की हमे इस भीषण गर्मी मे तक पेयजल समस्या से लेकर विधुत समस्या से जूझना पड रहा है.

किन्तु इसके बाद भी दस दिनो से विधुत समस्या से त्रस्त ग्रामीणों की समस्या की ओर ध्यान देना विधुत विभाग के आला अधिकारियो के द्वारा उचित नही समझा गया

दस दिनो मे ट्रांसफॉर्मर बदलने की बात आई सामने

विद्युत सप्लाई बाधित होने के संबंध मे विधुत विभाग का कहना है की हमारे द्वारा ट्रांसफार्मर बदले जा चुके है किन्तु ट्रांसफार्मर जल जाने के कारण विधूत सप्लाई बाधित हो रही है.

अवैध मोटर कनेक्शन के कारण जल रहे ट्रांसफार्मर

वही दूसरी तरफ ग्रामीणो का आरोप है की विधुत विभाग की मिली भगत से अनेको अवैध कनेक्शन चल रहे है जिसका भार आम आदमी पर पड रहा है और यही कारण की कम लोड के ट्रांसफार्मर लगने के कारण ट्रांसफार्मर जल रहे है और अवैध कनेक्शन विधुत विभाग के सरंक्षण मे चल रहे है .

भारी वोल्टेज की मोटरे अवैध कनेक्शन के रूप मे चल रही है जिसका खामियाजा आम आदमी को भुगतना पड रहा है हालाकि पावर हाउस मे महिलाओ तथा आम लोगो के द्वारा आक्रोश व्यक्त करने पर विधुत विभाग के आला अधिकारियो ने पहुंचकर फिर आश्वासन तथा समझाईस के माध्यम से आक्रोश को शान्त करने का प्रयास किया है.

MPPSC RESULT: इसी हफ्ते जारी हो सकते है मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग के अनेकों रुके हुए Result, मिलेगी बड़ी राहत

MPPSC RESULT: मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग यानी एमपीपीएससी इस माह के आखरी हफ्ते को रिजल्ट वीक के तौर पर ले सकता है यानी इस हफ्ते एक के बाद एक रुके हुए रिजल्ट जारी हो सकते हैं. हमारे सूत्रों की माने तो इस हफ्ते मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग राज्य सेवा परीक्षा 2021 का फाइनल रिजल्ट जारी कर सकता है.

दूसरी तरफ राज्य सेवा परीक्षा 2 का मेंस का रिजल्ट भी आयोग जारी कर सकता है यानी 2021 के साथ-साथ 2022 की परीक्षा में बैठे उन हजारों उम्मीदवारों के लिए कहीं ना कहीं यह खबर राहत लेकर के आई है. रिजल्ट जल्द से जल्द जारी हो सके इसके लिए आयोग ने तैयारियां भी शुरू कर दी हैं.

इसके पहले की बात करें तो 2019 और 2020 का जब रिजल्ट आया था तब मध्य प्रदेश शासन को 600 से ज्यादा नए अधिकारी मिले थे लेकिन उसके बाद से एमपीपीएससी के रिजल्ट रुके हुए हैं. अगर इस हफ्ते राज्य सेवा परीक्षा 2021 का
रिजल्ट जारी हो जाता है तो मध्य प्रदेश सरकार को 248 नए अधिकारी मिल जाएंगे हम 248 इसलिए कह रहे हैं क्योंकि 8713 फॉर्मूले के तहत 87 फीसदी में 248 पद आते हैं वैसे तो इस परीक्षा में कुल 290 पद थे.

जो फाइनल रिजल्ट जाएगा वह 87 फीसदी का ही आएगा बात करें 2022 राज्य सेवा परीक्षा की तो पहले विधानसभा चुनाव और फिर लोकसभा चुनाव के चलते मूल्यांकन के काम में काफी देरी हुई है लेकिन अब यह काम खत्म हो चुका है और आयोग इसी हफ्ते इसका रिजल्ट देने जा रहा है.

हमारे सूत्रों की माने तो बुधवार के बाद यह रिजल्ट कभी भी जारी हो सकता है. इस परीक्षा पर इसलिए भी नजरें हैं क्योंकि इसमें 2019 की परीक्षा के बाद से सबसे ज्यादा यानी 427 पद हैं अब इंतजार कीजिए क्योंकि खबर सत्ता के सूत्र एक बार फिर सही होने जा रहै है.

सब कुछ ठीक रहा तो यकीन मानिए इन दोनों परीक्षाओं का रिजल्ट जल्द से जल्द जारी हो जाएगा और हमारे पास काफी उम्मीदवारों के मैसेज आ रहे हैं और कोई हमसे असिस्टेंट भर्ती का सवाल पूछ रहा है तो कोई हमसे 2023 राज्य सेवा परीक्षा के बारे में पूछ रहा है कोई हमसे जनसेवा मित्र के बारे में जानना चाहता है.

आपके पास तक पीएससी हो या कर्मचारी चयन मंडल हो इनकी खबरें सबसे सटीक और विश्वसनीय तरीके से लेकर के आते हैं ठीक उसी तरह आप भी अपना प्यार और भरोसा खबर सत्ता पर बनाए रखिए अपने दोस्तों अपने परिवार वालों से कहिए खबर सत्ता को पढ़ते रहिये.

MP के जबलपुर में छात्रों से स्कूलों ने 81.30 करोड़ रुपए एक्स्ट्रा फीस वसूली, Jabalpur के 11 स्कूलों पर मामला दर्ज; देखें स्कूलों की लिस्ट

Jabalpur School News: मध्यप्रदेश के जबलपुर में 11 प्राइवेट स्कूलों के खिलाफ कथित तौर पर 10% की स्वीकार्य सीमा से अधिक फीस बढ़ाने के लिए धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है। अवैध फीस वृद्धि के बारे में अभिभावकों की शिकायतों पर कार्रवाई करते हुए जबलपुर जिला प्रशासन ने कई स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की है।

11 स्कूल संचालकों और प्रिंसिपलों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही शुरू कर दी गई है। धोखाधड़ी से संबंधित भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 471 और 472 के तहत आरोप दर्ज किए गए हैं। इस क्षेत्र में अपनी तरह की सबसे बड़ी कार्रवाई मानी जा रही यह कार्रवाई जिला प्रशासन, स्थानीय पुलिस और क्राइम ब्रांच के संयुक्त प्रयास से की गई।

कलेक्टर के अनुसार, जबलपुर के 11 स्कूलों ने 21,000 छात्रों से 81.30 करोड़ रुपये की अतिरिक्त फीस वसूली है। इसके अलावा, इन निजी स्कूलों ने उचित प्राधिकरण के बिना पुस्तक विक्रेताओं और प्रकाशकों के साथ गठजोड़ करके पर्याप्त राजस्व अर्जित किया है। निजी स्कूलों द्वारा फीस वृद्धि के संबंध में 2018 में मध्य प्रदेश में नियमों के लागू होने के बावजूद, इन स्कूल अधिकारियों ने नियमों की धज्जियां उड़ाईं और फीस बढ़ा दी।

ऑडिट में कई अनियमितताएं उजागर हुईं, जिसमें 11 स्कूलों ने नियामक मानकों का पालन किए बिना 50% से अधिक फीस बढ़ा दी। कथित तौर पर, इन संस्थानों ने लगभग 21,000 छात्रों से अवैध रूप से ₹81.3 करोड़ जमा किए।

इन स्कूलों पर फीस में काफी वृद्धि करने तथा अत्यधिक मूल्य वाली पुस्तकें प्रकाशित करने का आरोप है:

  • Christ Church Voyage School
  • Gyan Ganga School
  • STEMfield International School
  • Little Ward School
  • Chaitanya School
  • St. Aloysius School, Saliwara
  • St. Aloysius, Ghamapur
  • St. Aloysius, Sadar
  • Christ Church, Ghamapur
  1. क्राइस्ट चर्च स्कूल सालीवाड़ा
  2. क्राइस्ट चर्च स्कूल घमापुर
  3. स्टेम फील्ड इंटरनेशनल स्कूल
  4. क्राइस्ट चर्च बॉयज एंड गर्ल्स स्कूल
  5. चैतन्य टेक्नो स्कूल धनवंतरी नगर
  6. सेंट अलॉयसिस स्कूल पॉली पाथर
  7. सेंट अलॉयसिस स्कूल सदर
  8. ज्ञान गंगा स्कूल
  9. लिटिल वर्ल्ड स्कूल
  10. क्राइस्ट चर्च बॉयज सीनियर सेकेंडरी स्कूल
  11. क्राइस्ट चर्च जबलपुर डाइमेशन स्कूल

सिवनी में चाकू से हुआ था हमला: जबलपुर में नाम में गड़बड़ी, 4 दिन बाद होगा पोस्टमार्टम, चिलचिलाती गर्मी में शव का इंतजार

सिवनी, जबलपुर (मध्य प्रदेश): चाकू घोंपकर हत्या की घटना में अपने प्रियजन को खोना मानो काफी नहीं था, एक परिवार को पोस्टमार्टम के बाद शव को अंतिम संस्कार के लिए लेने के लिए 4 दिन तक इंतजार करना पड़ा. मध्य प्रदेश में सरकारी अस्पताल की लचर व्यवस्था परेशान करने वाली है जिसका जीता जागता उदाहरण आप इस खबर में देख ही लेंगे.

पोस्टमार्टम करने से अस्पताल ने साफ़ इनकार कर दिया

सिवनी जिले में बीते दिनों हुए अंकित मिश्रा और पत्नी अंजना मिश्रा पर हुए हमले के बाद पति अंकित मिश्रा की मौत हो गई थी. अस्पताल प्रशासन ने उनके नाम में गड़बड़ी कर दी थी जिसकी वजह से परिवार को भीषण गर्मी में दर-दर भटकना पड़ रहा है. मृतक का नाम अंकित मिश्रा की जगह मनीष मिश्रा दर्ज हो गया था। नाम में इस गड़बड़ी के कारण भ्रम की स्थिति पैदा हो गई और पोस्टमार्टम करने से अस्पताल ने साफ़ इनकार कर दिया.

मामला है नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल अस्पताल जबलपुर का है, जहां हत्या के बाद पोस्टमार्टम में देरी इस कारण हो रही है क्योंकि नाम में किसी तरह की कोई गलती है, जिसे सुधारने के लिए मेडिकल कैंपस को चार दिन लग गए हैं, लेकिन अभी तक सुधार नहीं किया जा सका है.

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पीड़ित, अंकित मिश्रा और उनकी पत्नी अंजना मिश्रा पर 23 मई को चाकू से हमला किया गया था। दोनों को इलाज के लिए चिकित्सा सुविधा में ले जाया गया, जहां अंकित की 24 मई को मौत हो गई, जबकि अंजना का इलाज जारी है।

मेडिकल सिस्टम की लचर व्यवस्था के कारण तपती गर्मी में मासूम बच्ची को पिता के पोस्टमार्टम का इंतजार करना पड़ रहा है. क्योंकि मामला हत्या का होने के कारण बिना पोस्टमार्टम के कारण बेटी को उसके पिता का शव नहीं दिया जाएगा. यह अपने आप में रौंगटे खड़े करने वाला है, जो बहुत से सवाल खड़े करता है कि आखिर किसी शख्स के डॉक्यूमेंट महज नाम की गलती को सुधारने के लिए कितने दिनों का समय लग जाना चाहिए?

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घरवालों ने मृतक अंकित मिश्रा का वोटर आईडी एवं 50 रुपये के स्टाम्प ड्यूटी एफिडेविड भी बनवाकर अस्पताल प्रशासन को दिया लेकिन उसके बाद भी अस्पताल प्रशासन उन्हें 3 दिनों तक भटकाता रहा. पुलिस से बातचीत में उन्होंने परिवार को बताया है कि 26 मई को रविवार है छुट्टी का दिन है, इसलिए सोमवार को मेडिकल ओपीडी से लेकर वार्ड तक मे नाम सुधरवाया जाएगा. जिसके बाद सुधार होते ही पोस्टमार्ट करके शव को सौंपा जाएगा.

तीन दिन पहले चाकू घोंपकर मारे गए अंकित मिश्रा के पोस्टमार्टम में नाम गड़बड़ी के कारण देरी हो रही है। अंकित की मौत की खबर मिलते ही परिवार के सदस्यों को अतिरिक्त चुनौतियों का सामना करना पड़ा। उन्हें 42 डिग्री सेल्सियस तापमान वाली भीषण गर्मी में पोस्टमार्टम के लिए इंतजार करना पड़ रहा है।

रविवार को अवकाश होने के कारण पोस्टमार्टम नहीं हो सका तथा घटना के चार दिन बाद आज सोमवार को दस्तावेजों में नाम सुधार के बाद पोस्टमार्टम किया जाएगा। पोस्टमार्टम के लिए आवश्यक कागजी कार्रवाई निपटाने के लिए परिवार अस्पताल और पुलिस स्टेशन के कई चक्कर लगा रहा है।

Pune Porsche Accident: डॉ. ने ब्लड सेम्पल कूड़ेदान में फेंका, फिर किसी और का ब्लड सेम्पल टेस्ट के लिए भेजा; मामला दर्ज

Pune Porsche Accident Case Update: पुणे पुलिस आयुक्त अमितेश कुमार ने सोमवार को पोर्श दुर्घटना मामले में एक और चौंकाने वाला खुलासा किया। उन्होंने बताया कि 19 मई को कल्याणी नगर में अपनी तेज रफ्तार पोर्श से दो आईटी पेशेवरों को कुचलने वाले किशोर का रक्त नमूना राज्य द्वारा संचालित ससून जनरल अस्पताल के कूड़ेदान में फेंक दिया गया था और दूसरे व्यक्ति का रक्त नमूना लेकर फोरेंसिक लैब भेजा गया था, जिसमें शराब के अंश नहीं मिले।

कुमार ने कहा, “19 मई को सुबह करीब 11 बजे ससून अस्पताल में लिए गए रक्त के नमूने को अस्पताल के कूड़ेदान में फेंक दिया गया और दूसरे व्यक्ति का रक्त का नमूना लेकर फोरेंसिक लैब में भेज दिया गया। सीएमओ श्रीहरि हलनोर ने इस रक्त के नमूने को बदल दिया। जांच के दौरान, हमें पता चला कि श्रीहरि हलनोर ने ससून के फोरेंसिक मेडिसिन विभाग के एचओडी अजय टावरे के निर्देश पर इसे बदल दिया था।”

उन्होंने बताया कि आज दोनों आरोपियों को पुलिस हिरासत में लेने के लिए न्यायालय में पेश किया जाएगा। ससून अस्पताल के सीसीटीवी का डीवीआर जब्त कर लिया गया है। डॉक्टरों को जालसाजी और सबूत नष्ट करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।

इन डॉक्टरों के खिलाफ आईपीसी की धारा 120बी, 467 और 201 के तहत मामला दर्ज किया गया है। नाबालिग आरोपी के पिता डॉ. अजय टावरे के सीधे संपर्क में थे। क्राइम ब्रांच उस व्यक्ति की तलाश कर रही है, जिससे ब्लड सैंपल बदला गया था। क्राइम ब्रांच आज ड्राइवर अपहरण मामले में नाबालिग आरोपी के पिता को हिरासत में लेने की प्रक्रिया में है, जो फिलहाल न्यायिक हिरासत में है।

पुलिस का दावा है कि दुर्घटना के समय किशोर नशे में था और उनके पास इसे साबित करने के लिए सीसीटीवी फुटेज भी है।

किशोर को शुरू में किशोर न्याय बोर्ड द्वारा जमानत दे दी गई थी, जिसने उसे सड़क दुर्घटनाओं पर एक निबंध लिखने के लिए भी कहा था, लेकिन नरम व्यवहार पर आक्रोश और पुलिस द्वारा समीक्षा आवेदन के बाद, उसे 5 जून तक पर्यवेक्षण गृह भेज दिया गया।

पुलिस ने दुर्घटना के सिलसिले में किशोरी के पिता और दादा को गिरफ्तार कर लिया है।