Home Blog Page 164

MP NEWS: पति ने पत्नी की हत्या कर शव को होटल के पीछे दफनाया फिर GWALIOR में उसकी ‘गुमशुदगी’ की शिकायत दर्ज कराई

ग्वालियर (मध्य प्रदेश): मध्य प्रदेश के ग्वालियर में बुधवार को एक पति को अपनी पत्नी की हत्या करने और उसके शव को अपने होटल के पीछे एक खेत में दफनाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। अपराध करने के बाद, आरोपी ने पुलिस को गुमराह करने के लिए पुलिस स्टेशन पहुंचकर अपनी पत्नी के ‘लापता’ होने की सूचना दी।

मृतका की पहचान 37 वर्षीय प्रगति यादव के रूप में हुई है। उसकी शादी 20 साल पहले मोनू यादव से हुई थी।

मोनू की गुमशुदगी की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने दो सप्ताह तक प्रगति की तलाश की। जांच के दौरान पुलिस को सुराग मिले, जिससे पता चला कि मोनू ही अपराधी है। पुलिस ने उसे पकड़ लिया और पूछताछ के दौरान उसने अपना अपराध कबूल कर लिया।

आरोपी मोनू पुलिस को उस स्थान पर भी ले गया, जहां उसने अपनी पत्नी का शव दफनाया था।

पुलिस ने प्रगति का क्षत-विक्षत शव बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मोनू अब पुलिस की हिरासत में है और आगे की जांच जारी है।

प्रगति मूल रूप से मुरैना हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी की रहने वाली हैं और उनकी शादी ज़ोराशी निवासी मोनू यादव से करीब 20 साल पहले हुई थी। उनके दो बच्चे हैं जो पढ़ाई के लिए बाहर रहते हैं।

प्रगति मूल रूप से मुरैना हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी की रहने वाली हैं और उनकी शादी ज़ोराशी निवासी मोनू यादव से करीब 20 साल पहले हुई थी। उनके दो बच्चे हैं जो पढ़ाई के लिए बाहर रहते हैं।

‘लगातार विवादों’ ने उनके रिश्ते को कमजोर कर दिया

पिछले एक साल से प्रगति और मोनू के बीच अक्सर विवाद होता रहता था, जिसकी शिकायत प्रगति और उसके परिजनों ने कई बार बिलौआ पुलिस से की, लेकिन उनकी शिकायतों पर ध्यान नहीं दिया गया।

प्रगति ने पुलिस को बार-बार बताया था कि उसके ससुराल वालों से उसकी जान को खतरा है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई।

प्रगति के परिवार का मानना ​​है कि अगर पुलिस ने उनकी शिकायत सुनी होती तो वह अभी भी ज़िंदा होती। पुलिस अब हत्या के पीछे के कारणों की जांच कर रही है और यह भी पता लगा रही है कि क्या इसमें कोई और शामिल था।

लोकसभा चुनाव में MP से मिली थी तगड़ी जीत: केंद्रीय बजट 2024 में विशेष प्रावधान से एमपी के वंचित रहने पर मध्य प्रदेश को किया गया ट्रोल

भोपाल (मध्य प्रदेश): बुधवार को घोषित केंद्रीय बजट 2024 पर जहां लोग, विशेषकर वेतनभोगी वर्ग और मध्यम वर्ग के लोग निराशा व्यक्त कर रहे हैं, वहीं नेटिज़न्स मध्य प्रदेश को इसमें विशेष हिस्सा नहीं मिलने पर ट्रोल कर रहे हैं।

एक्स और इंस्टाग्राम पर मीम्स की बाढ़ आ गई, जिसमें मध्य प्रदेश को इस बात के लिए ट्रोल किया गया कि बजट में भाजपा को पूरी 29 सीटें देने के बावजूद उसे कोई विशेष पैकेज या एमपी-विशिष्ट योजना के लिए धन नहीं मिला।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने जब सहयोगी राज्यों आंध्र प्रदेश और बिहार के लिए विशेष पैकेज की घोषणा की, तो सोशल मीडिया पर मीमर्स ने इसे खूब भुनाया। चंद्रबाबू नायडू के आंध्र प्रदेश को विकास के लिए 15,000 करोड़ रुपये का विशेष आवंटन मिला। इसी तरह बिहार के लिए हवाई अड्डों से लेकर मेडिकल कॉलेजों तक की परियोजनाओं के अलावा राजमार्गों के लिए 26,000 करोड़ रुपये की घोषणा की गई।

दूसरी ओर, भगवाधारी एमपी की सिंहस्थ 2027 के आयोजन के लिए 20,000 करोड़ रुपए की मांग पर विचार तक नहीं किया गया। हालांकि राज्य को सड़क विकास के लिए करीब 10,000 करोड़ रुपए मिले हैं, लेकिन 2024 के लोकसभा चुनावों में विपक्षी कांग्रेस को पूरी तरह से खत्म करने के लिए उसे अतिरिक्त या विशेष हिस्सा नहीं मिला।

यह तथ्य सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर्स और मीमर्स के ध्यान में आया है, क्योंकि उन्होंने विभिन्न राज्यों के लिए बजट आवंटन के संबंध में केंद्र सरकार द्वारा मध्य प्रदेश की ‘उपेक्षा’ करने के लिए मजाक उड़ाते हुए इंटरनेट पर मीम्स की बाढ़ ला दी है।

उल्लेखनीय है कि 2024 के लोकसभा चुनाव में मध्य प्रदेश ने सभी 29 लोकसभा सीटों में से भारतीय जनता पार्टी को चुनकर उस पर पूरा भरोसा जताया है। साथ ही, मध्य प्रदेश अपने रुख पर कायम है क्योंकि 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा 28 सीटें जीत सकी थी और 2014 में 27 सीटें जीत सकी थी।

हालांकि, ‘भगवा राज्य’ को ‘क्लीन स्वीप’ करने के बाद एक बड़ा झटका मिलने से बड़ी निराशा झेलनी पड़ी।

आंध्र और बिहार को विशेष सुविधा क्यों?

अगर हम 2024 के लोकसभा चुनाव के परिदृश्य को याद करें तो एनडीए 240 सीटें पाने के बाद भी अपने दम पर बहुमत से दूर रह गया था। बाद में पार्टी को 294 सीटें हासिल करने और तीसरी बार सरकार बनाने के लिए गठबंधन के सदस्यों टीडीपी (सी. नायडू, आंध्र प्रदेश) और जेडीयू (नीतीश कुमार, बिहार) पर निर्भर रहना पड़ा।

इसलिए, केंद्रीय बजट 2024-2025 स्पष्ट रूप से भगवा पार्टी के दो मददगार हाथों को दिए गए तुष्टिकरण को उजागर करता है।

दोनों राज्यों को क्या विशेष पैकेज मिलेगा?

आंध्र प्रदेश:

15,000 करोड़ रुपये का आवंटन, आगामी वर्षों में अतिरिक्त धनराशि देने का वादा।

आंध्र प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम – पिछड़े क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित

पोलावरम बांध परियोजना

बिहार

बुनियादी ढांचे (राजमार्ग और पुल) के लिए 26,000 करोड़ रुपये।

नये हवाई अड्डे, मेडिकल कॉलेज, खेल अवसंरचना

पावर प्लांट, औद्योगिक गलियारा नोड

बहुपक्षीय बैंक

सिवनी: थ्री इडियट्स फिल्म की तरह भारी बारिश में फंसी महिला की फोन में डॉ से बात कर कराई डिलीवरी, जुड़वा बच्चों का हुआ जन्म

सिवनी: 23 जुलाई 2024 को सिवनी जिले में भारी बारिश के कारण बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो गई, जिससे कई गाँवों का संपर्क टूट गया। इसी बीच एक घटना सिवनी तहसील के जोरावाडी गांव में घटी, जहाँ रवीना बंशीलाल उइके नाम की गर्भवती महिला को प्रसव पूर्व पीड़ा होने लगी। उनकी स्थिति को देखते हुए तत्काल जिला अस्पताल ले जाना आवश्यक था, लेकिन बाढ़ के कारण सभी रास्ते बंद हो चुके थे।

सिवनी के चिकित्सकों का दल बना रियल लाइफ हीरो

सुपर हिट फिल्म थ्री इडियट में जिस तरह मूसलाधार बारिश में फँसी गर्भवती महिला का प्रसव फोन में डॉ से बातचीत कर कराया जाता है बिलकुल इसी तरह सिवनी में भी हुआ. सिवनी में डाक्‍टर मनीषा सिरसाम ने रियल लाईफ में निभाया डाक्‍टर प्रिया (करीना कपूर) का किरदार, प्रशिक्षित दाई श्रीमती रेशना बंसकार बनी रेंचो (आमिर खान)

फोन पर मिले निर्देशों से दाई ने कराई सुरक्षित डिलेवरी

बाढ में फसी महिला की दाई ने फोन पर प्राप्‍त निर्देंशो से कराई सुरक्षित डिलेवरी, जुडवा बच्‍चों ने लिया जन्‍म। जच्चाबच्चा “ऑल इज वेल”

Seoni: Like the movie Three Idiots, a woman stuck in heavy rain was helped to deliver twins by talking to a doctor over the phone

सिवनी / आपको यह खबर जरूर फिल्‍मी लगेगी क्योंकि अक्सर ऐसे मामले सिर्फ़ फिल्मो में ही दिखाई देते रहे है लेकिन यह सच है, विगत 23 जुलाई 2024 को सिवनी जिलें में अत्‍याधिक पानी बरसने के कारण से कई गांवो में बाढ की स्थिति निर्मित हो गई थी, जिसके चलते कई गावों का सम्‍पर्क टूट गया था। शहर तक आने जाने के सभी रास्‍ते बंद हो गये थे।

ऐसा ही एक गांव जोराबाडी है जो, सिवनी तहसील में आता है। जोराबाडी गांव में एक महिला जिसका नाम रवीना बंशीलाल उइके है जो कि गर्भवती थी। रवीना को अचानक प्रसव पूर्व पीड़ा होने लगी। पूर्व की रिपोर्ट अनुसार उन्‍हे जुडवा बच्‍चों को जन्‍म देना था। प्रसव पूर्व पीड़ा के कारण उनके परिवार ने तय किया कि इन्‍हे तत्‍काल जिला अस्‍पताल सिवनी ले जाया जायें लेकिन गांव के सभी रास्‍ते बाढ के कारण बंद हो गये थे।

ऐसे में परिवार ने आशा कार्यकर्ता से सम्‍पर्क किया तो पता चला कि आशा कार्यकर्ता जिला अस्‍पताल किसी अन्‍य महिला के प्रसव के लिये आई हुई है। इस आपातकालीन स्थिति में परिवार द्वारा आशा कार्यकर्ता के माध्‍यम से जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ मनीषा सिरसाम को फोन द्वारा सूचना दी गयी कि ग्राम जोरावाडी में एक गर्भवती महिला का प्रसव होना है, जो हाईरिस्क है।

ततपश्चात डॉ मनीषा सिरसाम एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ ठाकुर द्वारा कलेक्टर सुश्री संस्कृति जैन को उक्त महिला की स्थिति से अवगत कराया गया। जिस पर कलेक्टर सुश्री जैन द्वारा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को तत्काल चिकित्सकों के दल को जोरावाडी भेजने तथा महिला का सुरक्षित प्रसव करायें जाने के निर्देश दिए गए।

जिस पर त्वरित कार्यवाही करते हुए जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ मनीषा सिरसाम के मार्गदर्शन में ग्राम जोरावाड़ी के लिए टीम रवाना हुई। जिसमें स्वयं जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ मनीषा सिरसाम, मेंटर कविता वाहने, नर्सिंग सुनीता यादव एवं आशा कार्यकर्ता कामता मरावी थी। नाले में बाढ होने के कारण जिला प्रशासन द्वारा एस डी आर एफ टीम को भी चिकित्सकों के दल के साथ भेजा गया।

टीम ग्राम के समीप पहुंच गई किंतु नाले में जलस्तर अधिक होने के कारण एस डी आर एफ टीम द्वारा चिकित्सकों के दल को नाला पार कराने में असमर्थ रही। ऐसी स्थिति मे जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ मनीषा सिरसाम द्वारा आशा के पति से फोन पर बात कर तत्काल ग्राम की प्रशिक्षित दाई से बात कराने की बात कही गई।

जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ मनीषा सिरसाम द्वारा दाई को तत्काल गर्भवती महिला रवीना बंशीलाल उइके के घर जाकर दिए गए निर्देशानुसार महिला का सुरक्षित प्रसव कराने की बात कही गई। जिस पर दाई द्वारा जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ मनीषा सिरसाम के फोन पर दिए गए मार्गदर्शन अनुरूप महिला का सुरक्षित जुडवा बच्चों का प्रसव कराया गया।

महिला का प्रसव होने तक चिकित्सकों का दल नाले के पास रुका रहा एवं बाढ का पानी कम होने पर त्वरित जच्चा बच्चा को एतिहातन 108 वाहन द्वारा जिला चिकित्सालय में लाकर भर्ती कराया गया। मां एवं बच्चे दोनो स्वस्थ्य है।

सिवनी कलेक्टर संस्कृति जैन एवं पुलिस अधीक्षक श्री मेहता ने केवलारी विकासखंड के बाढ़ प्रभावी क्षेत्रों का किया निरीक्षण

सिवनी: थावर नदी पुल से आवागमन प्रतिबंधित करते हुए वैकल्पिक मार्ग पर ट्रैफिक डायवर्ट करने के निर्देश. भीमगढ़ से आगामी समय में भी पानी छोड़े जाने की संभावनाओं को लेकर अधिकारियों को सचेत रहने के निर्देश.

सिवनी: कलेक्टर संस्कृति जैन एवं पुलिस अधीक्षक सुनील मेहता ने मंगलवार 23 जुलाई को केवलारी विकासखंड के बाढ प्रभावी क्षेत्रों को निरीक्षण किया। कलेक्टर एवं एसपी ने ग्राम मुनगापार, बोथिया तथा केवलारी के बाढ प्रभावी क्षेत्रों का निरीक्षण कर एसडीएम, तहसीलदार को प्रभावित फसल एवं मकान क्षति का आंकलन कर नियमानुसार आर्थिक सहायता के लिए प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।

कलेक्टर एवं एसपी ने विगत दिवस भारी वर्षा के दौरान जल भराव एवं मकान क्षति के कारण राहत केंपों में ठहराए गए लगभग 150 व्यक्तियों के संबंध में जानकारी प्राप्त करते हुए राहत केंप में पर्याप्त भोजन एवं शुद्ध पेयजल की व्यवस्था करने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया गया है।

इसी तरह कलेक्टर सुश्री जैन एवं पुलिस अधीक्षक श्री मेहता ने सिवनी-मंडला बॉर्डर पर स्थित थावर नदी पर स्थित पुल के क्षतिग्रस्त होना पाए जाने पर उक्त पुल से आवागमन प्रतिबंधित रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने वैकल्पिक मार्ग पर सिवनी-मंडला का संपूर्ण ट्रैफिक डायवर्ट करने के निर्देश दिए।

इसी तरह भीमगढ डेम से आगामी समय में भी पानी छोडे जाने की संभावनाओं को देखते हुए राजस्व, पुलिस सहित अन्य विभागों के मैदानी अमले को सक्रिय रहने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने जल भराव की संभावना वाले स्थानों एवं डूब प्रभावी छोटे पुल- पुलियाओं की विशेष मॉनिटरिंग रखने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया है। इसके अतिरिक्त त्वरित राहत बचाव कार्यों के लिए भी सभी तैयारियां करने के निर्देश अधिकारियों को दिए गए हैं।

MP के SEONI में बाइक समेत पानी के बहाव में बहा युवक, आज मिला शव – VIDEO VIRAL

सिवनी: मध्य प्रदेश के सिवनी जिले में 23 जुलाई को एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई जिसमें एक युवक बाइक समेत नाले के पानी में बह गया। इस दुखद घटना ने सिवनी और उसके आसपास के क्षेत्रों में आवाज उठाई है। जानकारी के अनुसार आज युवक की लाश नाले में आगे की तरफ मिली है. मृतक की पहचान लालपुर निवासी मदनलाल तुरकर उम्र लगभग 40 वर्ष के रूप में हुई है.

घटना का संक्षिप्त विवरण

23 जुलाई को सिवनी जिले के बरघाट थाना क्षेत्र में बारिश के बीच एक युवक नाले के पुल पर जा रहा था, जहां उसकी बाइक समेत वह बह गया। यह दृश्य एक बार फिर से सुर्खियों में आया है और उसके परिवार के लिए यह अत्यंत दुःखद है। जानकारी के अनुसार व्यक्ति मोहगांव से वापस लौट रहा था तभी छपारा पोनार के बीच पुल पार करते समय फिसल गया और गाडी समेत हिर्री नदी में बह गया था.

जिसके बाद आज 24 जुलाय को व्यक्ति का शव उसी नदी नाले में आगे की तरफ झाड़ियों में फस हुआ था. जिसके बाद उन्हें नदी से बाहर निकाला गया है.

पानी के बहाव में बाइक समेत बहते समय का वीडियो

शव मिलने के बाद नाले से शव निकालते समय का वीडियो

नाले के पुल पर बाइक या अन्य वाहनों से गुजरना हमेशा ही खतरनाक होता है। बारिश के दिनों में नाले के पानी का स्तर बढ़ जाता है और इससे पुल पर सफर करना और भी खतरनाक हो जाता है। युवा जनरेशन को इस बात का पूरा ध्यान रखना चाहिए कि ऐसे स्थानों पर सवारी करने से पहले सुरक्षा के नियमों का पालन करना जरूरी है।

सुरक्षा के उपाय

  1. पुल की सुरक्षा सुनिश्चित करें: पुलों पर सड़क सुरक्षा के नियमों का पालन करना जरूरी है। पुल के पास वाहनों की गति को नियंत्रित करने के लिए अलर्ट सिस्टम लगाए जाने चाहिए।
  2. वाहन की सुरक्षा सुनिश्चित करें: बारिश के दिनों में वाहनों की ब्रेक्स और टायर्स की स्थिति को नियमित रूप से जांचते रहना चाहिए।
  3. सुरक्षा संबंधी शिक्षा दें: स्कूलों और कॉलेजों में छात्रों को पानी के बाहर बहने वाले स्थानों के बारे में संवेदनशीलता बढ़ानी चाहिए।

सिवनी जिले में अब तक 703.9 मि.मी.औसत वर्षा दर्ज

सिवनी: भू-अभिलेख कार्यालय सिवनी से प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले में 1 जून से 23 जुलाई 24 तक की स्थिति में 703.9 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज की जा चुकी है। वहीं 23 जुलाई को जिले में कुल 112.6 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है।

जिसकी विकासखंडवार जानकारी निम्नानुसार है। सिवनी में 146.8 मि.मी, कुरई में 57.0 मि.मी., बरघाट में 158.3 मि.मी., केवलारी में 108.0 मि.मी., छपारा 96.0 मि.मी, लखनादौन में 76.0 मिमी, धनौरा में 87.0 मिमी एवं घंसौर में 172.0 मिमी. वर्षा हुई है।

इसी प्रकार 01 जुलाई से 22 जुलाई की स्थिति में जिले में कुल 5631.3 एवं 08 विकासखंड में औसतन 703.9 मि.मी. वर्षा हुई है।

अब तक विकासखंड सिवनी में 884.4 मि.मी, कुरई में 589.0 मि.मी., बरघाट में 843.0 मि.मी., केवलारी में 726.2 मि.मी., छपारा 580.1 मि.मी, लखनादौन में 622.2 मिमी, धनौरा में 669.5 मिमी एवं घंसौर में 717.0 मिमी. वर्षा, इस प्रकार कुल 5631.3 मि.मी. वर्षा रिकार्ड की गई है। ज्ञात हो विगत वर्ष 22 जुलाई को 23 को कुल 5477.1 मि.मी. वर्षा दर्ज की गई थी।

सिवनी जिले में अब तक 703.9 मि.मी.औसत वर्षा दर्ज

Agradoot Portal MP: मध्यप्रदेश सरकार का अग्रदूत पोर्टल लांच, एमपी के नागरिकों को इस पोर्टल में मिलेगा हर एक अपडेट

Agradoot Portal MP: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश सरकार नागरिकों तक पारदर्शी तरीके से पहुंच बनाने और लाभार्थियों को योजनाओं की जानकारी भेजने के लिए संचार क्रांति का सफलतापूर्वक उपयोग कर रही है। आज मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रालय में जनसंपर्क विभाग द्वारा तैयार किए गए “अग्रदूत पोर्टल” का शुभारंभ किया। “सूचना ही शक्ति है” के मंत्र को साकार करने वाला अग्रदूत पोर्टल एक अद्वितीय पहल है। किसी भी राज्य के जनसंपर्क विभाग द्वारा नागरिकों की सुविधा और त्वरित सूचनाओं के लिए इस तरह की अभिनव पहल पहली बार की गई है।

लॉन्च के अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पहला संदेश लाडली बहनों को भेजा। यह संदेश रक्षाबंधन के उपलक्ष्य में 1 अगस्त को लाडली बहनों के खातों में ₹250 स्थानांतरित करने के संबंध में है।

क्या है अग्रदूत पोर्टल – Agradoot Portal Kya Hai?

मध्यप्रदेश सरकार के जनसंपर्क विभाग द्वारा तैयार किया गया अग्रदूत पोर्टल सूचना ही शक्ति है की पहल पर काम करेगा। यह लक्षित समूह तक सिंगल क्लिक में सूचनाएं प्रसारित करने के लिए जनसंपर्क विभाग की अभिनव पहल है। अग्रदूत पोर्टल द्वारा सिंगल क्लिक के माध्यम से प्रदेश के टारगेट ऑडियंस तक सूचनाएं पहुंचाई जा सकेंगी।

पोर्टल के माध्यम से त्रि-स्तरीय रिव्यू के बाद संदेश लोकप्रिय मोबाइल मैसेजिंग एप – व्हाट्सअप पर शेयर किया जाएगा एवं इसके माध्यम से एक साथ मल्टी मीडिया मैसेज ( ग्राफिक्स, टैक्स्ट, लिंक, वीडियो) भी शेयर किए जा सकेंगे। इसके माध्यम से नागरिकों तक आसानी से सूचनाएं पहुंचाई जा सकेंगी।

अग्रदूत पोर्टल की विशेषताएँ

अग्रदूत पोर्टल सूचना क्रांति के क्षेत्र में अभिनव पहल है। इससे कम समय में लक्षित नागरिकों तक पहुँच बनाई जा सकेगी। सूचना प्रसार, व्यापक संचार, समग्र डेटाबेस का उपयोग, WhatsApp के माध्यम से सूचना का प्रसार, सिंगल क्लिक आधारित, यूजर फ्रेंडली, त्रि-स्तरीय अनुमोदन प्रक्रिया कम समय में संपन्न होगी।

श्रेणी अनुसार कर सकेंगे जानकारियाँ अलग-अलग

अग्रदूत पोर्टल से प्रदेश के नागरिकों द्वारा चाही गई जानकारियाँ फ़िल्टर की जा सकती हैं। उन्हें श्रेणी अनुसार विभाजित कर मैसेज या सूचनाएं भेजी जा सकेंगी, जैसे उम्र, लिंग, जाति, धर्म, व्यवसाय, विकलांगता, जिला/ स्थानीय निकाय/ क्षेत्र के अनुरूप चयनित कर जानकारी भेज सकेंगे।

MP GRAMIN PATH ROSHAN YOJANA: 18 से 45 वर्ष के युवाओं को मिलेगा नि:शुल्क प्रशिक्षण; कौशल विकास से जोड़ेगी “ग्रामीण पथ रोशन योजना”

MP GRAMIN PATH ROSHAN YOJANA: मध्यप्रदेश राज्य मुक्त ओपन शिक्षा बोर्ड ने “ग्रामीण पथ रोशन योजना” (MP GRAMIN PATH ROSHAN YOJANA) की शुरुआत की है, जो कौशल विकास को रोजगार से जोड़ने का उद्देश्य रखती है।

इस योजना के तहत, 18 से 45 वर्ष की आयु समूह में आने वाले शिक्षित बेरोजगार युवाओं को रूफटॉप सोलर प्लांट स्थापित करने के लिए नि:शुल्क प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। यह पहल शाजापुर जिले के शुजालपुर क्षेत्र से शुरू हुई है, जहां प्रत्येक गांव में युवाओं को सोलर प्लांट के लिए बैंक द्वारा ऋण प्राप्त करवाया गया है।

MP GRAMIN PATH ROSHAN YOJANA के तहत रूफटॉप सोलर प्लांट और उसके लाभ

रूफटॉप सोलर प्लांट एक सम्पूर्णतः ऊर्जा स्वतंत्र विकल्प है, जो ग्रामीण क्षेत्रों में ऊर्जा आपूर्ति को सुदृढ़ बनाने में मदद करता है। यह प्रणाली विद्युत शक्ति का उत्पादन करती है और इसे ऑनग्रिड नेट सोलर मीटर के माध्यम से ग्रिड में जमा कराती है। इस प्रकार की ऊर्जा प्रणाली से प्राप्त बिजली का उपयोग रात्रि के समय एलईडी स्ट्रीट लाइट्स को संचालित करने में किया जाता है, जो सामुदायिक उत्थान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

उदाहरण के तौर पर, टपका बसंतपुर गांव में स्थित एक 10 किलोवॉट क्षमता वाला सोलर सिस्टम रोजाना लगभग 40 से 50 युनिट बिजली उत्पादित करता है। इस ऊर्जा को मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के माध्यम से ग्रिड में जमा किया जाता है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित होती है। इस प्रकार, सोलर प्लांट ग्रामीण विकास में महत्वपूर्ण योगदान देता है और ऊर्जा सुरक्षा को बढ़ावा देता है।

MP GRAMIN PATH ROSHAN YOJANA में युवाओं के लिए प्रशिक्षण और विकास का माध्यम

ग्रामीण पथ रोशन योजना” ने न केवल ऊर्जा स्वतंत्रता को बढ़ावा दिया है, बल्कि युवाओं के लिए एक नया रोजगार संभावना का भी साधन किया है। इस योजना में चयनित युवाओं को बैंगलुरू के उद्यम लर्निंग फाउंडेशन से विशेषकर डिज़ाइन किया गया प्रशिक्षण प्रदान किया गया है, जिससे उन्हें सोलर प्लांट की स्थापना, प्रबंधन, और देखभाल की जानकारी प्राप्त होती है। इसके साथ ही, राज्य मुक्त स्कूल शिक्षा बोर्ड ने प्रथम किश्त के रूप में एक करोड़ रुपये की राशि उपलब्ध कराई है, जिससे योजना को विस्तारित करने में मदद मिलेगी।

यह योजना न केवल ऊर्जा समस्याओं का हल प्रदान करती है, बल्कि साथ ही साथ ग्रामीण क्षेत्रों में विकास और रोजगार के नए संभावनाओं की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है.

इस योजना के माध्यम से, राज्य सरकार का सम्माननीय प्रयास है कि वह ग्रामीण क्षेत्रों में न केवल ऊर्जा के संकटों का समाधान कर रही है, बल्कि उन युवाओं को भी एक नई उम्मीद और रोजगार का साधन कर रही है, जो पूरे हौसले से इस परियोजना में भाग ले रहे हैं। यह एक अद्वितीय प्रयास है जो ग्रामीण उत्थान और समाज में बदलाव लाने की दिशा में अग्रसर है।