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Swayam Siddhi Chatbot: एमपी स्कूल विभाग ने डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए लॉन्च किया स्वयं सिद्धि चैटबॉट

MP EDUCATION NEWS: भोपाल (मध्य प्रदेश): स्कूल शिक्षा विभाग ने गर्मी की छुट्टियों में घर बैठे डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए छात्रों के लिए स्वयं सिद्धि चैटबॉट लॉन्च किया है।

ऐप की तरह काम करने वाला यह बॉट एक आधुनिक तकनीकी उपकरण है जिसे खास कामों या गतिविधियों के लिए डिज़ाइन किया गया है, जिसमें सभी प्रासंगिक जानकारी लोड की गई है। इस बॉट के ज़रिए छात्र घर बैठे ही स्कूल में पढ़ाई जाने वाली अवधारणाओं का अभ्यास कर सकते हैं और उनमें महारत हासिल कर सकते हैं।

यह एक एआई-आधारित चैटबॉट है जो कक्षा 1 से 12 तक के छात्रों को साप्ताहिक अभ्यास प्रश्न भेजता है। यह बॉट न केवल घर पर सीखने की सुविधा प्रदान करता है बल्कि छात्रों को शिक्षा के नए आयामों से भी परिचित कराता है।

हर शनिवार को छात्र सप्ताह भर वेबसाइट पर लाइव रहने वाले अभ्यासों के साथ विषयों का अभ्यास कर सकते हैं। अभ्यास पूरा करने के बाद, छात्रों को उत्तर कुंजी और गलत उत्तर वाले प्रश्नों के लिए उचित सुधारात्मक वीडियो प्राप्त होते हैं, जिससे उन्हें सीखने के भरपूर अवसर मिलते हैं।

चैटबॉट से जुड़े अधिकारियों ने फ्री प्रेस को बताया कि यह बॉट खास तौर पर मध्य प्रदेश के छात्रों के लिए बनाया गया है। हर हफ़्ते छात्रों को 30 से ज़्यादा बहुविकल्पीय सवाल दिए जाते हैं। बॉट पर रजिस्टर करना आसान है। छात्र अपनी समग्र आईडी का इस्तेमाल करके रजिस्टर कर सकते हैं और तुरंत इसका इस्तेमाल शुरू कर सकते हैं। बॉट को इंटरनेट लिंक के ज़रिए भी एक्सेस किया जा सकता है।

MP NEWS: महिला के पेट से 2.5 किलो बालों का गोला निकाला; दूसरी बार गर्भवती होने के बाद उसने बाल खाने शुरू कर दिए थे

चित्रकूट (सतना, मध्य प्रदेश): चित्रकूट के एक अस्पताल में 25 वर्षीय महिला के पेट से ढाई किलो से अधिक बाल निकाले गए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, महिला को बाल खाने की आदत थी, जिससे उसे गंभीर दर्द होता था। वह न केवल अपने बाल खाती थी बल्कि अन्य लोगों के बाल भी खाती थी।

सूत्रों ने बताया कि उनकी कई मेडिकल जांच की गई, लेकिन उनकी समस्या का पता नहीं चल सका। चित्रकूट के कुंड सद्गुरु अस्पताल की वरिष्ठ डॉक्टर डॉ. निर्मला गेहानी ने उसका ऑपरेशन किया और उसके पेट से 2.5 किलो बाल निकाले। अस्पताल सूत्रों ने बताया कि महिला यूपी के महोबा की रहने वाली है।

डॉ. गेहानी के अनुसार, इस तरह की बीमारी को मेडिकल भाषा में ट्राइकोबेज़ार कहा जाता है और यह बीमारी आमतौर पर युवा लोगों में होती है। उन्होंने कहा कि ऐसे मरीजों को कुछ मनोवैज्ञानिक समस्याएं होती हैं। उन्होंने कहा कि यह बीमारी एक प्रतिशत लोगों में पाई जाती है।

डॉ. गेहानी ने बताया कि उन्होंने अपने जीवन में ऐसे तीन रोगियों का इलाज किया है और उनमें से एक नौ साल का लड़का था। उन्होंने बताया कि दूसरे मामले में उन्होंने 18 वर्षीय लड़की का इलाज किया था, तथा तीसरे मामले में 25 वर्षीय महिला का इलाज किया गया था।

डॉ. गेहानी ने बताया कि तीन बच्चों की मां बनी इस महिला ने तीसरी गर्भावस्था के दौरान बाल खाना शुरू कर दिया था।दूसरे प्रसव के बाद उसने बाल खाना बंद कर दिया, लेकिन उसके पेट में भयंकर दर्द हुआ और उसे मतली आने लगी।

वह उत्तर प्रदेश के बांदा जिले के मेडिकल कॉलेज भी गईं, लेकिन उनकी समस्या का समाधान नहीं हो सका। जब डॉ. गेहानी ने उन्हें सीटी स्कैन कराने की सलाह दी तो उनकी बीमारी का पता चला।

Election Result 2024: एमपी लोकसभा चुनाव 2024 की मतगणना के समय होगी वीडियो रिकॉर्डिंग

MP LOKSABHA ELECTION RESULT 2024: 4 जून को होने वाली लोकसभा चुनाव 2024 की मतगणना की पूरी प्रक्रिया को साक्ष्य के तौर पर वीडियो के रूप में रिकॉर्ड किया जाएगा। इस कदम से न केवल मतगणना में पारदर्शिता बनी रहेगी बल्कि राजनीतिक दलों के बीच किसी भी तरह के टकराव से बचने में भी मदद मिलेगी।

जानकारी के अनुसार, सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे और इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) के वोटों की प्रत्येक निर्वाचन क्षेत्र से पांच वोटर वेरिफाइड पेपर ऑडिट ट्रेल (VVPAT) पर्चियों के साथ क्रॉस-चेकिंग की जाएगी।

साथ ही पारदर्शिता और सटीकता सुनिश्चित करने के लिए मतगणना के लिए अलग-अलग बूथ बनाए जाएंगे ताकि पर्चियां बिखरी या मिश्रित न हों। वीवीपैट को 45 दिनों तक सुरक्षित रखना होगा। 

मध्य प्रदेश मुख्य निर्वाचन कार्यालय ने जारी किए आदेश

मध्य प्रदेश मुख्य निर्वाचन कार्यालय ने सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को मतगणना प्रक्रिया की रिकार्डिंग करने के निर्देश दिए हैं, ताकि विवाद की स्थिति में साक्ष्य उपलब्ध कराया जा सके और चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे।

इसके अतिरिक्त, प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में पांच वीवीपैट पर्चियों की ईवीएम के नतीजों से जांच की जाएगी और माइक्रो-ऑब्जर्वर मतगणना प्रक्रिया की निगरानी करेंगे। निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए उम्मीदवारों को इस प्रक्रिया की निगरानी के लिए एजेंट नियुक्त करने की अनुमति है।

इसके अलावा, डाक मतपत्रों और वीवीपैट पर्चियों की अलग-अलग गिनती के लिए कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। ये उपाय लोकसभा चुनाव 2024 के लिए सुचारू और पारदर्शी मतगणना प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए अनिवार्य किए गए हैं।

DAVV Paper Leak: डीएवीवी पेपर लीक मामले में पुलिस जांच में जुटी, कैसे होते थे प्रश्नपत्र वितरण; पुलिस ने जानकारी मांगी

DAVV Paper Leak Case Update: देवी अहिल्या विश्वविद्यालय (DAVV) ने बुधवार को पुलिस को एक लिखित शिकायत भेजकर एमबीए प्रथम सेमेस्टर के दो पेपर लीक होने की जानकारी दी और मामले में प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की।

विवेक खंडेलवाल और गिरीश नागर के नेतृत्व में युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा मामले में शामिल लोगों के खिलाफ एफआईआर की मांग को लेकर डीएवीवी के आरएनटी मार्ग परिसर में प्रदर्शन करने के बाद विश्वविद्यालय को शिकायत भेजी गई थी।

उन्होंने तीन-चार कॉलेजों के प्रबंधन की संलिप्तता का दावा करते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की। विश्वविद्यालय अधिकारियों ने प्रदर्शनकारी कार्यकर्ताओं को मामले की जांच के लिए गठित चार सदस्यीय समिति को लिखित में शिकायत देने का सुझाव दिया।

विश्वविद्यालय अधिकारियों द्वारा बुधवार को ही पुलिस में शिकायत दर्ज कराने का आश्वासन दिए जाने के बाद ही प्रदर्शन समाप्त हुआ।

खंडेलवाल ने कहा, “एमबीए परीक्षा के दो पेपर लीक होने से विश्वविद्यालय की छवि पूरी तरह से खराब हो गई है। हम पिछले कुछ समय से विश्वविद्यालय को बता रहे हैं कि पेपर नियमित रूप से लीक हो रहे हैं, लेकिन वे हमारी बात नहीं सुन रहे हैं। जब हमने सबूत साझा किए, तभी विश्वविद्यालय ने लीक की कड़वी सच्चाई को स्वीकार किया। अब हम आरोपियों के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई चाहते हैं।”

नागर ने कहा कि उन्हें प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होना पड़ा क्योंकि पेपर लीक की घटना के 36 घंटे बाद भी विश्वविद्यालय ने मामले में प्राथमिकी दर्ज नहीं की थी।

डीएवीवी की खामियां उजागर हो गई हैं, क्योंकि एमबीए प्रथम सेमेस्टर की परीक्षा के दो विषयों के प्रश्नपत्र परीक्षा से पहले लीक हो गए।

सूत्रों ने दावा किया कि पेपर लीक कांड तब सामने आया जब छात्रों को पता चला कि मंगलवार को होने वाला अकाउंटिंग फॉर मैनेजर्स का पेपर आधिकारिक परीक्षा समय से 15 से 16 घंटे पहले ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रसारित हो चुका था।

बाद में पता चला कि 25 मई को आयोजित कंटीन्यूअस टेक्नीक विषय का पेपर भी लीक हो गया था। अप्रत्याशित कारणों का हवाला देते हुए विश्वविद्यालय ने दोनों विषयों की परीक्षाएं रद्द कर दी थीं।

जांच समिति ने काम शुरू किया

डीएवीवी के लोकपाल नरेंद्र सत्संगी की अगुवाई में चार सदस्यीय समिति ने पेपर लीक मामले की जांच शुरू कर दी है। समिति ने प्रश्नपत्र वितरण प्रणाली, विश्वविद्यालय से पेपर भेजने से लेकर परीक्षा के समय छात्रों तक पहुंचने तक की जानकारी मांगी है।

डीएवीवी कार्यकारी परिषद के सदस्य डॉ. एके द्विवेदी ने रजिस्ट्रार अजय वर्मा को एक पत्र लिखकर लोकपाल और सेवानिवृत्त न्यायाधीश नरेंद्र सत्संगी की अध्यक्षता वाली जांच समिति में दो सेवानिवृत्त न्यायाधीशों को शामिल करने का अनुरोध किया।

उन्होंने कहा, ‘जांच पैनल के निष्कर्षों को 12 जून को होने वाली कार्यकारी परिषद की बैठक में रखा जाना चाहिए।’

द्विवेदी ने यह भी कहा कि एमबीए के प्रथम सेमेस्टर के पेपर लीक होने से विश्वविद्यालय की छवि धूमिल हुई है। उनके पत्र में लिखा है, ‘इस मामले में शामिल जिम्मेदार कर्मचारियों/अधिकारियों या बाहरी लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।’

सिवनी: 04 जून को रहेगा शुष्क दिवस, 3 जून की रात शराब दुकानों को कर दिया जाएगा सील

सिवनी: मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी मध्यप्रदेश भोपाल के निर्देशानुसार कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री क्षितिज सिंघल द्वारा लोकसभा निर्वाचन 2024 के मद्देनजर मतगणना दिवस मंगलवार 04 जून 2024 को सम्पूर्ण दिवस (एक दिन) का शुष्क दिवस घोषित किया है।

उक्त शुष्क दिवस अवधि में जिले की मदिरा विक्रय की समस्त कम्पोजिट मदिरा दुकाने, बार लायसेंस एफ.एल-3 (क), विदेश मदिरा भाण्डागार सिवनी, देशी मदिरा भाण्डागार सिवनी एवं लखनादौन से किसी भी प्रकार की मदिरा का विक्रय / वितरण अथवा प्रदायगी को प्रतिबंधित किया है।

साथ ही जिले के सम्पूर्ण विधानसभा क्षेत्र में किसी भी होटल, आहार गृह, गैर मालिकाना क्लब, मधुशाला में अथवा अन्य किसी सार्वजनिक तथा निजी स्थान में कोई भी स्प्रिटयुक्त, किण्वित या मादक लिकर या वैसी ही प्राकृति या अन्य पदार्थ का भी विक्रय / वितरण प्रतिबंधित करने के आदेश जारी किए हैं।

सिवनी: 64 लाख रुपयों का अवैध धान बीज जप्त, भंडारण एवं विक्रय करने पर थाना कुरई में FIR दर्ज

सिवनी: 63 लाख 78 हजार 750 रुपए का अवैध धान बीज किया गया जप्त. उपसंचालक किसान कल्याण तथा कृषि विकास सिवनी श्री मोरिस नाथ ने जानकारी देते हुए बताया कि कलेक्टर श्री क्षितिज सिंघल के निर्देशानुसार जिले में अमानक एवं अवैध खाद-बीज भण्डारण एवं विक्रय करने वाले विक्रेताओं पर सतत कार्यवाही की जा रही है।

इसी क्रम में उपसंचालक कृषि श्री मोरिस नाथ के मार्गदर्शन में सहायक संचालक कृषि प्रफुल्ल घोडेसवार, सहायक संचालक कृषि श्री राजेश मेश्राम एवं सहयोगी स्टॉफ के निरीक्षण के दौरान विकासखण्ड कुरई ग्राम बड़झीर निवासी श्री टालेन्द्र पारधी पिता नारायण प्रसाद पारधी के घर से अवैध धान बीज किस्म RPH1215 कम्पनी राईस क्रापसाईस प्रायवेट लिमिटेड एस.वाय नम्बर 619 प्लाटन, 130 नीयर शिवाजी स्टेच्यू एन.जे.आर.एण्ड के. एल.आर नगर मेड़चल मल्काजगिरी, तेलागंना इंडिया का लगभग 141.75 क्विटल का भण्डारण पाया गया।

प्रति 3 कि.ग्रा. के पैकेट पर अंकित एम.आर.पी. मूल्य 1350 रूपये के आधार पर कुल भण्डारित बीज की कुल कीमत 6378750/- रूपये आंकलित की गई है। जिसे टालेन्द्र पारधी द्वारा बिना वैध लायसेंस के विक्रय करना पाया गया।

निरीक्षण दल द्वारा उक्त भण्डारित धान बीज के संबंध में टालेन्द्र पारधी से बीज भण्डारण एवं विक्रय करने का लायसेंस, स्त्रोत प्रमाण पत्र एवं अन्य दस्तावेज चाहे गये किन्तु श्री टालेन्द्र पारधी द्वारा मौके पर कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत नही किया गया।

जिसके कारण उपसंचालक कृषि के निर्देशानुसार आवश्यक वस्तु अधिनियम-1955 की धारा 3/7 एवं बीज नियंत्रण आदेश 1983 के नियम 3 का उल्लघंन के तहत निरीक्षण दल द्वारा टालेन्द्र पारधी की थाना कुरई में एफ.आई.आर. दर्ज की गई।

Indore City Bus Video Viral: इंदौर सिटी बस के कंडक्टर द्वारा एक बुजुर्ग यात्री को पीटा जा रहा था, वीडियो हुआ वायरल

इंदौर (मध्य प्रदेश): इंदौर की सिटी बस में एक बुजुर्ग यात्री और बस कंडक्टर के बीच हिंसक झड़प का एक वीडियो मंगलवार को सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है।

यह घटना सोमवार रात करीब 9 बजे बंगाली चौराहे पर हुई, जिसमें बस नंबर 5 शामिल थी। वीडियो में बस नंबर और कंडक्टर की आईडी भी शामिल है।

वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर काफी वायरल हो रहा है। वायरल क्लिप में यात्री और बस कंडक्टर के बीच तीखी बहस दिखाई दे रही है।

कुछ प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, चलती बस में बस कंडक्टर और एक यात्री के बीच बहस हो गई। विवाद के दौरान कंडक्टर ने नियंत्रण खो दिया और यात्री को पीटना शुरू कर दिया, जिससे वह लहूलुहान हो गया। अन्य युवा यात्रियों द्वारा हस्तक्षेप करने और कंडक्टर को रोकने के प्रयासों के बावजूद, उसने यात्री पर हमला जारी रखा, जिसके बाद युवा बस छोड़कर भाग गए।

वीडियो में कंडक्टर को बार-बार यात्री को पीटते हुए देखा जा सकता है, जिससे अन्य यात्री और आसपास खड़े लोग घबरा गए। बहस का सटीक कारण अभी भी अज्ञात है, लेकिन कंडक्टर की प्रतिक्रिया की गंभीरता ने सोशल मीडिया पर गंभीर चिंताएँ पैदा कर दी हैं।

जैसा कि वीडियो में सुना जा सकता है, प्रत्यक्षदर्शियों ने अधिकारियों से मामले की आगे जांच करने और इस परेशान करने वाली घटना के लिए जिम्मेदार परिस्थितियों को समझने का आग्रह किया है। लोग बस कंडक्टर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

इंदौर: कोर्ट का फैसला मोहम्मद सलीम खिलाफ आया तो जज पर फेंकी जूतों की माला, पुलिस ने किया गिरफ्तार

इंदौर (मध्य प्रदेश): जिला न्यायालय में मंगलवार दोपहर एक अजीबोगरीब घटना देखने को मिली, जब अतिक्रमण के एक मामले में फैसला उसके पक्ष में नहीं आने पर एक व्यक्ति ने न्यायाधीश पर जूतों की माला फेंकी। हालांकि, जूतों की माला न्यायाधीश के सामने टेबल पर गिर गई।

इस घटना के बाद वहां मौजूद वकीलों ने उस व्यक्ति को पकड़ लिया और उसकी पिटाई करने के बाद उसे पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है और उसके बेटे को भी गिरफ्तार कर लिया है।

एमजी रोड थाना प्रभारी विजय सिंह सिसोदिया ने बताया कि घटना दोपहर साढ़े तीन से चार बजे के बीच कोर्ट रूम में हुई। शहर के आजाद नगर इलाके में कोहिनूर कॉलोनी निवासी 70 वर्षीय मोहम्मद सलीम अपने बेटे रईस के साथ 2012 के अतिक्रमण मामले में कोर्ट में पेश हुए थे। कोर्ट में सुनवाई के दौरान जज को जमीन पर अतिक्रमण नहीं मिला और जज ने सलीम की अर्जी रद्द कर दी।

इसके बाद कोर्ट में जूतों की माला लेकर पहुंचे मोहम्मद सलीम ने जज पर फेंकी, लेकिन माला मेज पर गिर गई। घटना के बाद वहां मौजूद वकीलों और अन्य लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया और उसकी जमकर पिटाई की। इसके बाद पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर एमजी रोड थाने के पुलिसकर्मियों को सौंप दिया।

उनके और उनके बेटे रईस के खिलाफ आईपीसी की धारा 353, 331, 504, 34 के तहत मामला दर्ज किया गया है। सिसोदिया ने आगे कहा कि रईस सह-आरोपी है क्योंकि उसे पता था कि उसके पिता जूतों की माला लेकर कोर्ट पहुंचे हैं और उसने भी उनका साथ दिया इसलिए उसे भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।

बताया जा रहा है कि सलीम की पिटाई की गई और भीड़ ने उसके कपड़े भी उतार दिए। बाद में एमजी रोड थाने के कर्मचारियों ने उसके घर से कपड़ों का इंतजाम किया। आरोपियों से आगे की पूछताछ की जा रही है।

महिला की जान बचाने महाराष्ट्र से मध्यप्रदेश आकर ‘बॉम्बे’ ब्लड ग्रुप वाले व्यक्ति ने किया रक्तदान – Bombay Blood Group

भोपाल (मध्य प्रदेश): अधिकारियों ने बताया कि दुर्लभ ‘बॉम्बे’ रक्त समूह वाले एक फूल विक्रेता ने गंभीर रूप से बीमार 30 वर्षीय एक महिला की जान बचाने के लिए महाराष्ट्र के शिरडी से मध्य प्रदेश तक 400 किलोमीटर से अधिक की यात्रा कार से की।

उन्होंने बताया कि शिरडी में फूलों का थोक कारोबार करने वाले 36 वर्षीय रविन्द्र अष्टेकर 25 मई को मध्य प्रदेश के इंदौर पहुंचे और यहां एक अस्पताल में भर्ती महिला को रक्तदान किया, जिसके बाद उसकी हालत में सुधार हुआ है।

अष्टेकर ने मंगलवार को पीटीआई-भाषा से कहा, “जब मुझे व्हाट्सएप पर रक्तदाताओं के एक समूह के माध्यम से इस महिला की गंभीर स्थिति के बारे में पता चला, तो मैं एक मित्र की कार से लगभग 440 किलोमीटर की यात्रा करके इंदौर के लिए निकल पड़ा। मुझे निश्चित रूप से अच्छा लग रहा है, क्योंकि मैं महिला की जान बचाने में अपनी ओर से कुछ योगदान दे सका।”

उन्होंने कहा कि पिछले 10 वर्षों में उन्होंने अपने गृह राज्य महाराष्ट्र के साथ-साथ गुजरात, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के विभिन्न शहरों में जरूरतमंद मरीजों को आठ बार रक्तदान किया है।

यहां सरकारी महाराजा यशवंतराव अस्पताल के ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन विभाग के प्रमुख डॉ. अशोक यादव ने मंगलवार को कहा कि महिला को किसी अन्य अस्पताल में प्रसूति संबंधी बीमारी के ऑपरेशन के दौरान गलती से ‘ओ’ पॉजिटिव ग्रुप का रक्त चढ़ा दिया गया था।

उन्होंने बताया कि इसके कारण उनकी हालत बिगड़ गई और किडनी पर भी असर पड़ा।

उन्होंने कहा, “जब महिला की हालत बिगड़ने के बाद उसे इंदौर के रॉबर्ट्स नर्सिंग होम भेजा गया तो उसका हीमोग्लोबिन स्तर गिरकर करीब 4 ग्राम प्रति डेसीलीटर रह गया था, जबकि एक स्वस्थ महिला का हीमोग्लोबिन स्तर 12 से 15 ग्राम प्रति डेसीलीटर होना चाहिए।”

यादव ने बताया कि चार यूनिट ‘बॉम्बे’ रक्त चढ़ाने के बाद महिला की हालत बेहतर हो गई है।

उन्होंने कहा कि यदि महिला को समय पर इस दुर्लभ समूह का रक्त नहीं दिया जाता तो उसकी जान को खतरा हो सकता था।

इंदौर की सामाजिक संस्था दामोदर युवा संगठन के ब्लड कॉल सेंटर प्रमुख अशोक नायक ने महिला मरीज के लिए ‘बॉम्बे’ ग्रुप का रक्त एकत्रित करने में मदद की।

नायक ने बताया कि महिला के लिए इस ग्रुप का दो यूनिट रक्त नागपुर से हवाई मार्ग से इंदौर भेजा गया तथा उसकी बहन ने भी इंदौर में एक यूनिट रक्तदान किया।

‘बॉम्बे’ रक्त समूह, जिसकी खोज 1952 में हुई थी, एक दुर्लभ समूह है जिसमें एच एंटीजन की अनुपस्थिति और एंटी-एच एंटीबॉडी की उपस्थिति होती है। इस समूह के रोगियों को केवल इसी समूह के व्यक्ति से रक्त चढ़ाया जा सकता है।

जबलपुर डबल मर्डर केस: पिता और 8 वर्षीय भाई की हत्या के बाद BF के संग भागी नाबालिग बेटी हरिद्वार में पकड़ी गई, प्रेमी भागने में सफल रहा

जबलपुर (मध्य प्रदेश): जबलपुर में अपने पिता और 8 वर्षीय भाई की कथित तौर पर हत्या करने के बाद अपने प्रेमी के साथ भागी नाबालिग लड़की को बुधवार को हरिद्वार से गिरफ्तार कर लिया गया है।

हालांकि, उसका आरोपी प्रेमी एक बार फिर भागने में सफल रहा। पुलिस करीब तीन महीने से दोनों की तलाश कर रही थी।

पुलिस की रणनीति काम आई

पुलिस से बचने के लिए यह युवा जोड़ा लगातार इधर-उधर घूमता रहता था और अपनी जगहें बदलता रहता था। जबलपुर पुलिस ने रणनीति बनाकर देश भर के राज्यों में दोनों के वांटेड पोस्टर चिपका दिए। पोस्टर के आधार पर हरिद्वार के कुछ लोगों ने उन्हें पहचान लिया और पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया । 

हालांकि, प्रेमी मुकुल फिर से गायब हो गया, लेकिन लड़की भाग नहीं सकी और पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया।

जबलपुर पुलिस की टीम हरिद्वार रवाना

जबलपुर क्राइम ब्रांच के एएसपी समर वर्मा के अनुसार, “हरिद्वार पुलिस ने जैसे ही उसे ढूंढा, उन्होंने जबलपुर पुलिस से संपर्क किया और नाबालिग लड़की के ठिकाने की पुष्टि की। लड़की की पहचान की पुष्टि होने के बाद जबलपुर एसपी ने तुरंत सिविल लाइन थाना प्रभारी धीरज राज को टीम के साथ हरिद्वार भेजा। जबलपुर पुलिस हरिद्वार पहुंचने वाली है और वहां पहुंचकर लड़की से मुकुल के बारे में पूछताछ की जाएगी और उसे भी पकड़ने की कोशिश की जाएगी।”

पैसों की कमी के चलते दोनों हरिद्वार आश्रम में रह रहे थे

पुलिस के मुताबिक मुकुल और नाबालिग बेटी के पास पैसे खत्म हो गए थे और वे होटल में रहने और खाने-पीने का खर्च नहीं उठा पा रहे थे, जिसके बाद वे दोनों हरिद्वार में एक निशुल्क आश्रय गृह में रह रहे थे। सोशल मीडिया और खबरों के अलावा पुलिस ने देशभर में जगह-जगह पोस्टर भी लगाए, जिससे हरिद्वार के लोगों ने उन्हें पहचान लिया और पुलिस के हवाले कर दिया।

क्या माजरा था?

15 मार्च को जबलपुर के रेलवे मिलेनियम कॉलोनी में रेलवे कर्मचारी राजकुमार विश्वकर्मा और उनके 8 वर्षीय बेटे की हत्या कर दी गई थी और उनकी नाबालिग बेटी घर से लापता थी। 

जांच के बाद पता चला कि पड़ोस में रहने वाले मुकुल ने उनकी हत्या की है और राजकुमार की नाबालिग बेटी को लेकर फरार हो गया है। जगह-जगह लगे सीसीटीवी कैमरे में दोनों आरोपी एक साथ कॉलोनी और शहर से निकलते हुए दिखाई दे रहे हैं। इस घटना के बाद से दोनों लगातार अपने ठिकाने बदल रहे थे और पुलिस से छिप रहे थे।