Home Blog Page 154

सिवनी: दयनीय स्थिति में पशु चिकित्सालय, कमियों को दूर किए जाने हेतु मुख्यमंत्री को आशीष मानाठाकुर ने दिया पत्र

सिवनी जिले का वेटनरी हॉस्पिटल वर्तमान में अनेक समस्याओं से जूझ रहा है। आधुनिक उपकरणों की कमी, चिकित्सकों की अनुपलब्धता और सिविल सर्जन का ना होना प्रमुख समस्याएं हैं। इन खामियों को दूर करने के लिए भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के जिलाध्यक्ष आशीष माना ठाकुर ने मुख्यमंत्री को एक पत्र सौंपा है।

पशु चिकित्सालय की वर्तमान स्थिति

सिवनी जिले में पशुओं की चिकित्सा के लिए उचित सुविधाओं का अभाव है। दुर्घटना या बीमारी की स्थिति में पशुओं को नागपुर या जबलपुर ले जाना पड़ता है, जिससे कई बार समय पर इलाज ना मिलने के कारण उनकी मृत्यु हो जाती है।

सिविल सर्जन की कमी

वेटनरी हॉस्पिटल सिवनी में सिविल सर्जन की कमी के कारण पशुओं को तत्काल चिकित्सा नहीं मिल पाती। यदि सिविल सर्जन की नियुक्ति की जाती है तो आपात स्थिति में पशुओं को त्वरित उपचार मिल सकेगा।

आधुनिक उपकरणों की आवश्यकता

पशु चिकित्सालय में ब्लड टेस्ट, पैथोलॉजी लैब, एक्सरे मशीन और अन्य आधुनिक उपकरणों की अनुपस्थिति है। ये उपकरण पशुओं के स्वास्थ्य की जाँच और उपचार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

आशीष माना ठाकुर का पत्र

आशीष माना ठाकुर ने अपने पत्र में इन समस्याओं को विस्तार से मुख्यमंत्री के समक्ष प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि स्ट्रीट डॉग्स और अन्य पशुओं के साथ हो रही दुर्घटनाओं के कारण उनकी चिकित्सा की तत्काल आवश्यकता होती है।

पशु चिकित्सालय सिवनी में सुधार के प्रस्ताव

  1. सिविल सर्जन की नियुक्ति: पशु चिकित्सालय में सिविल सर्जन की नियुक्ति की जाए ताकि पशुओं का त्वरित उपचार हो सके।
  2. आधुनिक उपकरणों की व्यवस्था: ब्लड टेस्ट, पैथोलॉजी लैब, एक्सरे मशीन और ऑपरेशन उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
  3. अधिक चिकित्सकों की नियुक्ति: पशु चिकित्सालय में पर्याप्त संख्या में चिकित्सकों की नियुक्ति की जाए ताकि किसी भी आपात स्थिति में पशुओं का उपचार हो सके।

मुख्यमंत्री का आश्वासन

मुख्यमंत्री ने आशीष माना ठाकुर के पत्र की गंभीरता को समझते हुए शीघ्र ही इस पर कार्यवाही करने का आश्वासन दिया है।

पशु चिकित्सा सेवाओं का महत्व

पशु चिकित्सा सेवाओं का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि यह पशुओं के स्वास्थ्य और सुरक्षा के साथ-साथ समाज की स्वास्थ्य स्थिति को भी प्रभावित करता है।

सामाजिक बंधुओं की भूमिका

सिवनी जिले के सामाजिक बंधु भी अपने स्तर से समाज में जागरूकता अभियान चलाने और पशुओं की व्यक्तिगत मदद करने का काम कर रहे हैं।

सिवनी में सूखे नशे से युवाओं का भविष्य अंधकारमय: भुनेश कुल्हाडे ने सीएम मोहन यादव से कड़ी कार्यवाही की मांग की

सिवनी शहर में विगत कई वर्षों से सूखा नशा एक गंभीर समस्या बन चुकी है। भुनेश कुल्हाडे ने इस समस्या को लेकर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव को एक ज्ञापन सौंपा है, जिसमें उन्होंने इस विषय पर कठोर कानूनी कार्यवाही की मांग की है।

सूखा नशा की समस्या और इसके प्रभाव

सिवनी शहर में सूखा नशा करने से युवापीढ़ी का भविष्य अंधकारमय हो रहा है। सूखा नशा के कारण युवाओं की सेहत पर गंभीर असर पड़ता है और यह उनके शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाता है। इसके साथ ही, युवाओं का भविष्य खराब हो रहा है और वे अपने करियर एवं शिक्षा से दूर हो रहे हैं।

सूखा नशा से संबंधित प्रकरण

दिन प्रतिदिन सूखा नशा से संबंधित कई प्रकरण सिवनी थाना में दर्ज होते हैं। हालांकि, इन प्रकरणों में पुलिस विभाग द्वारा सूखा नशा की प्राप्ति के स्रोत पर कार्यवाही नहीं की जा रही है, जिसके कारण यह समस्या बढ़ती जा रही है।

ज्ञापन का मुख्य उद्देश्य

भुनेश कुल्हाडे ने ज्ञापन में सीएम मोहन यादव से निवेदन किया है कि सिवनी शहर में हो रहे सूखा नशा की रोकथाम के लिए कठोर कानूनी कार्यवाही के आदेश पारित किए जाएं। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि पुलिस विभाग द्वारा सूखा नशा की प्राप्ति के स्रोत पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है, ताकि इस समस्या को जड़ से समाप्त किया जा सके।

सूखा नशा की प्राप्ति के स्रोत

ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि सूखा नशा की प्राप्ति के स्रोत की जांच की जानी चाहिए। इससे यह पता चलेगा कि सूखा नशा कहाँ से आ रहा है और कौन इसे सिवनी शहर में वितरित कर रहा है। इस प्रकार की जांच से सूखा नशा के वितरण पर रोक लगाई जा सकती है।

कठोर कानूनी कार्यवाही की आवश्यकता

सूखा नशा की समस्या को गंभीरता से लेते हुए, भुनेश कुल्हाडे ने सीएम मोहन यादव से निवेदन किया है कि इस विषय पर कठोर कानूनी कार्यवाही की जाए।

कानूनी कार्यवाही के संभावित उपाय

  1. सूखा नशा की प्राप्ति के स्रोत की जांच: सूखा नशा के स्रोत की पहचान और उसके खिलाफ कानूनी कार्यवाही।
  2. पुलिस विभाग की सख्ती: पुलिस विभाग को सूखा नशा से संबंधित प्रकरणों पर सख्त कार्यवाही के निर्देश।
  3. जनजागरूकता अभियान: सूखा नशा के दुष्प्रभावों के बारे में जनजागरूकता फैलाने के लिए अभियान चलाना।
  4. स्कूल और कॉलेजों में कार्यक्रम: शिक्षण संस्थानों में सूखा नशा के दुष्प्रभावों पर आधारित कार्यक्रम आयोजित करना।
  5. समाजसेवी संस्थाओं का सहयोग: समाजसेवी संस्थाओं की मदद से सूखा नशा की रोकथाम के लिए प्रयास करना।

समाज की भूमिका

सूखा नशा की समस्या का समाधान केवल सरकारी प्रयासों से संभव नहीं है। इसके लिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति को भी अपनी भूमिका निभानी होगी।

अभिभावकों की जिम्मेदारी

अभिभावकों को चाहिए कि वे अपने बच्चों पर नजर रखें और उन्हें सूखा नशा के दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी दें।

शिक्षकों की भूमिका

शिक्षकों को भी चाहिए कि वे अपने छात्रों को सूखा नशा के खतरों के बारे में जागरूक करें और उन्हें सही मार्गदर्शन दें।

युवाओं की जागरूकता

युवाओं को चाहिए कि वे सूखा नशा से दूर रहें और अपने भविष्य को सुरक्षित रखें।

सिवनी शहर में सूखा नशा की समस्या गंभीर है और इसके समाधान के लिए कठोर कानूनी कार्यवाही की आवश्यकता है। भुनेश कुल्हाडे द्वारा सीएम मोहन यादव को सौंपा गया ज्ञापन इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। सूखा नशा की प्राप्ति के स्रोत की जांच और पुलिस विभाग की सख्ती से इस समस्या का समाधान संभव है। इसके साथ ही, समाज के प्रत्येक व्यक्ति को भी अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी।

सिवनी में हो यूनिवर्सिटी: सीएम मोहन यादव को भुनेश कुल्हाडे ने सौंपा ज्ञापन

सिवनी: बीते दिन सीएम मोहन यादव का जिला मुख्यालय में भव्य स्वागत हुआ इसके साथ ही सिवनी जिले की समस्याओं को लेकर भुनेश कुल्हाडे ने सीएम मोहन यादव को ज्ञापन सौंपकर अनेकों समस्याओं से अवगत कराया. जारी ज्ञापन में भुनेश ने सीएम मोहन यादव को जानकारी दी कि राजा शंकर शाह विश्वविद्यालय छिंदवाड़ा के अस्तित्व में आने के बाद से अभी वर्तमान तक इन 3 वर्षों से एकेडमिक कैलेंडर के अनुसार संबंधित महाविद्यालयों में न तो अध्यापन करवाया जा रहा है, न समय पर परीक्षाओं का संचालन किया जा रहा है और उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन नी ढंग से नहीं करवाया जा रहा है न परीक्षा परिणाम समय पर घोषित किए जा रहे हैं।

यहा तक की विश्वविद्यालय द्वारा सभी संकायों व विषयों का पाठ्यक्रम भी विधिवत रूप से तैयार नहीं किया गया है और शैक्षणिक सत्र भी लगभग 6 से 8 महीने विलंब से चल रहा है. इसके साथ ही विभिन्न विषयों के पाठ्यक्रमों को लेकर भी विसंगतियां बनी हुई है, परीक्षाओं के संचालन के अंतर्गत प्रश्न पत्रों का निर्माण और परीक्षा के पश्चात दिए जाने वाले मूल्यांकन में भी भारी अनियमितताएं है जिसका विपरीत परिणाम आज तक विद्यार्थियों को विगत 3 वर्षों से भुगतना पड़ रहा है।

यह कि, उक्त समस्या की और विश्वविद्यालय प्रशासन का ध्यान महाविद्यालय स्तर पर तथा विद्यार्थी संगठनों के माध्यम से अनेक बार आकर्षित कराया गया किंतु विश्वविद्यालय द्वारा इन विसंगतियों में किसी भी तरह का कोई सुधार नहीं किया गया है जिससे सिवनी जिले सहित विश्वविद्याल के अंतर्गत आने वाले अन्य जिलों के विद्यार्थियों में भी भारी असंतोष व आक्रोश है.

क्योंकि यहां एक और भारत का संविधान शिक्षा का अधिकार देता है वहीं शिक्षा प्रदान करने वाले और परीक्षाओं का संचालन करने वाले राजा शंकर शाह विश्वविद्यालय के द्वारा इन सभी बातों की अनदेखी कर मनमर्जी से परीक्षाओं का संचालन और उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन किया जा रहा है जिसका दुष्परिणाम विद्यार्थियों का परीक्षा परिणाम दो या तीन परसेंट आ रहा है.

इसके उपरांत विद्यार्थियों के द्वारा जब विश्वविद्यालय से संपर्क किया जाता है तो वह केवल एक कोरा सा जवाब देते हैं कि जो मूल्यांकन हुआ है वह सही वास्तविक स्थिति यह है कि विद्यार्थियों के द्वारा विषय से संबंधित प्रश्नों के उत्तर विधिवत रूप से दिए जाने के उपरांत भी उनके संदर्भ में कोई विचार नहीं किया जाता है ऐसी स्थिति में विद्यार्थोिं के भविष्य से जो खिलवाड़ हो रहा है उसके कारण अनेक अनेक विद्यार्थियों ने अपने अध्ययन को छोड़ दिया है।

महोदय जी, राजा शकर शाह विश्वविद्यालय की स्थापना हुई लगभग 4 वर्ष कर समय हो रहा है किंतु अभी तक विश्वविद्यालय के मापदंड के अनुसार ना तो विभिन्न विषयों के विभागों की स्थापना हुई है ना ही उनके विभागाध्यक्षों की नियुक्ति हुई है और विश्वविद्यालय के अंतर्गत कार्य संचालन हेतु जो स्टॉफ होना चाहिए वह भी पर्याप्त नहीं है, ऐसी स्थिति में शिक्षा के क्षेत्र में सिवनी जिले के साथ घोर अन्याय हो रहा है।

महोदय जी, भौगोलिक दृष्टिकोण से सिवनी जिला मुख्यालय गाने जहां से बालाघाट व छिंदवाड़ा दोनों जिलों का केंद्र है। आवागमन के दृष्टिकोण से भी उचित है ऐसी स्थिति में सिवनी मुख्यालय में विश्वविद्यालय स्थानांतरित या स्थापित किया जावें, जिससे शिक्षा के क्षेत्र की उक्त समस्याओं से मुक्ति मिल सके और यह विद्यार्थियों के भविष्य व हित में होगा।

    अतः महोदय आपसे निवेदन है कि सिवनी जिला मुख्यालय में विश्वविद्यालय को स्थानांतरित या स्थापित किया जावें जिससे कि विद्यार्थियों की शिक्षा के प्रति अभिरुचि बनी रहे और उनके भविष्य के साथ किसी भी तरह का कोई खिलवाड़ ना हो सकें ।

    सिवनी: सुभाष पुतला के पास घर की छत गिरी, मदद की आवश्यकता

    सिवनी: सुनारी मोहल्ला में सुभाष पुतला के पास बीते दिनों हुई बारिश ने एक बड़े हादसे को जन्म दिया। इस अप्रत्याशित घटना में विसंभर शर्मा के घर की छत गिर गई, हालांकि सौभाग्यवश सभी निवासी सुरक्षित हैं।

    यह घटना बीते दिनों की है जब लगातार हो रही बारिश ने नगर के कई हिस्सों में पानी भर दिया और संरचनात्मक कमजोरियों को उजागर कर दिया। सुनारी मोहल्ला का यह घर, जो पहले से ही जर्जर स्थिति में था, इस बारिश का दबाव नहीं सह सका और छत गिर गई।

    सभी सुरक्षित

    घर में रहने वाले सभी सदस्य इस हादसे में सुरक्षित बचे। उन्हें मामूली चोटें आई हैं, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया। यह एक चमत्कार ही माना जा सकता है कि इतनी बड़ी दुर्घटना में कोई गंभीर रूप से घायल नहीं हुआ।

    घर की स्थिति नाजुक

    इस घटना के बाद, घर की स्थिति और भी नाजुक हो गई है। छत के गिरने से घर की दीवारों में दरारें आ गई हैं और अब यह घर किसी भी समय गिर सकता है। घर के मालिक ने बताया कि वे आर्थिक रूप से कमजोर हैं और उनके पास इस क्षति को ठीक करने के लिए पर्याप्त संसाधन नहीं हैं।

    मदद की आवश्यकता

    इस मुश्किल घड़ी में परिवार को नगरवासियों और प्रशासन से मदद की उम्मीद है। स्थानीय प्रशासन ने घटना का संज्ञान लेते हुए घर की मरम्मत के लिए आर्थिक सहायता देने का आश्वासन दिया है। स्थानीय निवासियों ने भी परिवार की मदद के लिए हाथ बढ़ाए हैं। समाजसेवी संस्थाएं और स्थानीय युवक मंडल इस परिवार की सहायता के लिए आगे आ रहे हैं।

    सिवनी: छपारा में संदिग्ध अवस्था में मिला प्रदीप दुबे का शव, ब्राह्मण समाज ने सीएम मोहन यादव को सौंपा ज्ञापन

    सिवनी: छपारा ब्राह्मण समाज ने मुख्यमंत्री को सौंपा ज्ञापन, वैद्यराज प्रदीप दुबे की संदिग्ध अवस्था में मौत की सूक्ष्मता से जांच की मांग

    वैद्यराज प्रदीप दुबे की कान्हीवाड़ा थाना क्षेत्र अंतर्गत पददीकोना छीतापार के जंगल में मौत के मामले में छपारा ब्राह्मण समाज ने मुख्यमंत्री मोहन यादव को छपारा फोर लाइन बाईपास पर सूक्ष्मता और परिस्थिति जन्य साक्ष्य के आधार पर जांच कराते हुए दोषियों पर आपराधिक मामला दर्ज करने के लिए ज्ञापन सौंपा हैं।

    छपारा ब्राह्मण समाज ने अपने ज्ञापन में बताया कि 1 अगस्त दिन गुरुवार की रात्रि लगभग 9:30 बजे स्वर्गीय प्रदीप दुबे अपने घर से बस स्टैंड से आ रहा हूं कहकर निकले थे। लेकिन वे गुरुवार की रात्रि और 2 अगस्त दिन शुक्रवार को पूरे दिन भर घर नहीं पहुंचे थे।

    इस दौरान गुरुवार की रात्रि और शुक्रवार के दिन भर उनकी पत्नी और परिजनों के द्वारा उनके मोबाइल नंबर पर लगातार संपर्क करने का प्रयास किया जाता रहा लेकिन स्वर्गीय प्रदीप दुबे का मोबाइल स्विच ऑफ बताता रहा। शुक्रवार की शाम लगभग 6:00 बजे उनका शव पददीकोना छीतापार के जंगल में संदिग्ध हालत में मिला था।

    ज्ञापन में यह भी उल्लेखित किया गया है कि जिस स्थान पर स्वर्गीय प्रदीप दुबे का शव संदिग्ध हालत में मिला था उससे 500 मीटर की दूरी पर जुआं फड़ चल रहा था। जहां पर 1 अगस्त और 2 अगस्त की दरमियानी रात को कान्हीवाड़ा पुलिस ने रेड की कार्रवाई की थी।

    इस जुआं फड़ में स्वर्गीय प्रदीप दुबे के साथ छपारा के तीन और लोग मौजूद थे जिन्हें पुलिस ने गिरफ्तार किया था। लेकिन प्रदीप दुबे का शव जुआं फड़ से मात्र 500 मीटर दूर संदिग्ध हालत में मिला था जिनके शरीर पर मारपीट के निशान मौजूद थे।

    मुख्यमंत्री मोहन यादव को छपारा ब्राह्मण समाज ने सौंपे गए ज्ञापन में विनम्रता पूर्वक निवेदन करते हुए उक्त पूरे घटनाक्रम और संदिग्ध हालत में प्रदीप दुबे की मौत की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर आपराधिक मामला दर्ज करते हुए ठोस कार्रवाई करने की मांग की हैं।

    MP WEATHER UPDATE: मध्यप्रदेश को 7 दिनों के लिए भारी बारिश से राहत; अब तक 65% बारिश का कोटा पूरा

    MP WEATHER UPDATE: मानसून का वर्तमान स्थिति, मध्य प्रदेश में 45 दिन पहले मानसून शुरू होने के बाद से राज्य में औसतन 24.4 इंच बारिश हुई है, जो मौसमी औसत का 65% है। भोपाल, मंडला, सिवनी और नर्मदापुरम सहित सात जिलों में 30 इंच से अधिक बारिश दर्ज की गई है, जिसमें मंडला में सबसे अधिक 36.67 इंच बारिश हुई है।

    आईएमडी की रिपोर्ट

    आईएमडी भोपाल के एक वरिष्ठ वैज्ञानिक ने बताया कि मानसून की रेखा अभी मध्य प्रदेश के ऊपर है और एक पूर्व-पश्चिम रेखा भी मौजूद है। नतीजतन, आने वाले सप्ताह में भारी बारिश की कोई चेतावनी नहीं है। हालांकि, अभी भी गरज और बिजली गिरने की संभावना है, इसलिए लोगों को बिजली गिरने के दौरान सुरक्षित रहने की सलाह दी जाती है।

    पिछले सप्ताह की स्थिति

    पिछले हफ़्ते भारी बारिश के कारण राज्य में नदियां और बांध उफान पर हैं। बरगी, बाणसागर, कलियासोत और भदभदा जैसे बड़े बांध अपने गेटों से पानी छोड़ रहे हैं। जबलपुर का बरगी बांध 94% भर चुका है और 17 गेटों से पानी छोड़ा जा रहा है।

    सिंध नदी में बचाव कार्य

    शिवपुरी में सिंध नदी में पानी बढ़ने से 18 लोग टापू पर फंस गए। पुलिस और एसडीआरएफ ने दो घंटे की मशक्कत के बाद उन्हें बचाया। सागर के बीना में गोधाम जलाशय में सेल्फी लेते समय दो लोग डूब गए। सतना में मकान ढहने से दिव्यांग की मौत हो गई, वहीं हरदा में जर्जर मकान की दीवार गिर गई। सागर के बीना और खुरई इलाके में भी मकानों में पानी भर गया।

    भोपाल में बारिश की स्थिति

    भोपाल में दिनभर हल्की बारिश हुई और शाम को कुछ देर के लिए तेज बारिश हुई। नर्मदा समेत नदियां अभी भी उफान पर हैं।

    भविष्य की संभावनाएं

    आने वाले सप्ताह में राज्य में भारी बारिश की संभावना कम है। मानसून की रेखा राज्य से बाहर निकल जाने और चक्रवाती परिसंचरण के कमजोर होने के कारण मौसम में कुछ सुधार हो सकता है। हालांकि, लोगों को अभी भी सतर्क रहने और मौसम की स्थिति पर नजर रखने की सलाह दी जाती है।

    सुरक्षा उपाय

    बिजली गिरने के दौरान लोगों को सुरक्षित स्थान पर शरण लेनी चाहिए और खुले मैदान में जाने से बचना चाहिए। घरों में रहने के दौरान बिजली के उपकरणों का उपयोग सीमित करना चाहिए और सुरक्षित दूरी बनाए रखनी चाहिए।

    मौसम विभाग की सलाह

    मौसम विभाग ने सलाह दी है कि राज्य के लोग मौसम की स्थिति को ध्यान में रखते हुए यात्रा योजनाएं बनाएं और किसी भी आपात स्थिति के लिए तैयार रहें। मौसम की सटीक जानकारी के लिए आईएमडी के आधिकारिक वेबसाइट और स्थानीय समाचार चैनलों का नियमित निरीक्षण करें।

    सिवनी पहुंचे सीएम मोहन यादव: लाडली बहनों ने सीएम को बाँधी राखी

    सिवनी: मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव सिवनी जिला प्रवास के दौरान जिला मुख्यालय में भव्य स्वागत हुआ। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री यादव ने सिवनी की लाड़लीबहनों से आत्मीयता से राखी बंधवाई।

    उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार नारी सशक्तिकरण की दिशा में लगातार कार्य कर रही है, एक के बाद एक निर्णय प्रदेश की बहनों के कल्याण के लिए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा संपूर्ण अगस्त माह श्रावण उत्सव माह के रूप में मनाया जा रहा है।

    आने वाली 10 तारीख को लाड़ली बहनों को प्रतिमाह मिलने वाली 1250 रुपये की राशि के अतिरिक्त 250 रुपये रक्षाबंधन के लिए दिये जा रहें हैं। उसके अतिरिक्त प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना की हितग्राही एवं गैस कनेक्शनधारी बहनों को 450 रुपये की राशि दी जायेगी।

    मुख्यमंत्री यादव ने अतिवृष्टि से प्रभावित कृषकों एवं आम जनों से कहा कि सरकार सदैव आपके साथ खड़ी है। अतिवृष्टि से प्रभावित हुई फसलों एवं मकान तथा अन्य सम्पतियों की क्षति का आंकलन कर त्वरित रूप से मुआवजा राशि का वितरण किया जाएगा।

    सिवनी के छपारा में सीएम मोहन यादव ने वैनगंगा को प्रणाम किया और जगत के मंगल तथा कल्याण की कामना की

    सिवनी, मध्य प्रदेश: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जबलपुर से बालाघाट प्रवास के दौरान सिवनी जिले की छपारा तहसील अंतर्गत वैनगंगा नदी पर बने भीमगढ़ बांध के बैकवाटर्स का निरीक्षण किया एवं विगत माह अतिवर्षा से निर्मित हुई बाढ़ की स्थिति का जायजा लेकर अधिकारियों को राहत कार्य सुनिश्चित करने के आवश्यक निर्देश दिये।

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का वैनगंगा नदी का निरीक्षण

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जबलपुर से बालाघाट प्रवास के दौरान सिवनी जिले की छपारा तहसील में स्थित वैनगंगा नदी पर बने भीमगढ़ बांध के बैकवाटर्स का निरीक्षण किया। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य विगत माह अतिवर्षा के कारण उत्पन्न हुई बाढ़ की स्थिति का जायजा लेना और राहत कार्यों को सुनिश्चित करना था। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को राहत कार्य में तेजी लाने और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

    वैनगंगा नदी का महत्व

    वैनगंगा नदी सिवनी जिले के लिए एक महत्वपूर्ण नदी है। इस नदी पर बने भीमगढ़ बांध का बैकवाटर क्षेत्र में जल संचयन और सिंचाई के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। अतिवर्षा के कारण नदी का जलस्तर बढ़ गया था, जिससे बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो गई थी। मुख्यमंत्री ने इस बाढ़ के प्रभाव का गहन अध्ययन किया और प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया।

    मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए निर्देश

    मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री जल्द से जल्द पहुंचाई जाए। उन्होंने राहत शिविरों की व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता और पीने के पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए भी आदेश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता प्रदान की जानी चाहिए।

    भीमगढ़ बांध और उसका बैकवाटर क्षेत्र

    भीमगढ़ बांध सिवनी जिले की छपारा तहसील में स्थित है और वैनगंगा नदी पर बना हुआ है। इसका बैकवाटर क्षेत्र व्यापक है और बाढ़ के समय इस क्षेत्र में जलभराव होता है। मुख्यमंत्री ने इस बांध और उसके बैकवाटर क्षेत्र का निरीक्षण करते हुए जलस्तर की स्थिति का मूल्यांकन किया। उन्होंने अधिकारियों से बांध की संरचना और जलप्रबंधन के बारे में विस्तृत जानकारी ली।

    बाढ़ के कारण हुए नुकसान

    विगत माह अतिवर्षा के कारण वैनगंगा नदी का जलस्तर बढ़ गया था, जिससे बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो गई थी। इस बाढ़ के कारण कई गांवों में जलभराव हो गया था और लोगों को अस्थायी शिविरों में रहना पड़ा था। मुख्यमंत्री ने इन प्रभावित गांवों का दौरा किया और वहां की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने प्रभावित परिवारों से मुलाकात की और उनकी समस्याओं को सुना।

    मुख्यमंत्री द्वारा राहत कार्यों का निरीक्षण

    मुख्यमंत्री ने राहत कार्यों का निरीक्षण करते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी प्रभावित लोगों को राहत सामग्री जल्द से जल्द पहुंचाई जाए। उन्होंने कहा कि राहत कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता, पीने के पानी की आपूर्ति, और राहत शिविरों की व्यवस्था के बारे में भी निर्देश दिए।

    मां वैनगंगा को प्रणाम

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वैनगंगा नदी के तट पर पहुंचकर मां वैनगंगा को प्रणाम किया और जगत के मंगल तथा कल्याण की कामना की। उन्होंने कहा कि वैनगंगा नदी सिवनी जिले के लोगों के लिए जीवनदायिनी है और इस नदी का संरक्षण और संवर्धन हम सभी का कर्तव्य है।