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बालाघाट: भरवेली खदान में बड़ा हादसा, पत्थर की प्लेट गिरने से 2 मजदूरों की मौत

Balaghat Bharveli Khadan News: मध्य प्रदेश के बालाघाट में शनिवार को भरवेली खदान (Bharveli Mine) में पत्थर की बड़ी प्लेट ढहने से दो मजदूरों की दबकर मौत हो गई। हादसा शुक्रवार देर रात हुआ, जब मजदूर खदान में ड्रिलिंग कर रहे थे। दोनों को मलबे से निकालकर जिला अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका।

मृतकों की पहचान खिलेश उइके और मज़हर बेग के रूप में हुई है। वे बालाघाट में भरवेली खदान की 13वीं परत पर काम कर रहे थे, जिसे भारत में मैंगनीज की सबसे बड़ी खदान माना जाता है।

परिवारों ने एक-एक करोड़ रुपये मुआवजे की मांग की

शनिवार को जिला अस्पताल में मजदूरों की भारी भीड़ जमा हो गई और उन्होंने पीड़ित परिवार को एक-एक करोड़ रुपये मुआवजा और मृतकों के बच्चों की शिक्षा की मांग की। मृतकों के परिजनों ने अस्पताल के बाहर हंगामा किया, जिसके बाद बालाघाट के एसडीएम और पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे।

बालाघाट विधायक अनुभा मुंजारे, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, नगर पुलिस अधीक्षक, भरवेली, कोतवाली और एसडीएम बालाघाट गोपाल सोनी मौके पर पहुंचे और मामले का संज्ञान लिया।

बालाघाट विधायक ने खदान अधिकारियों की लापरवाही की निंदा की

बालाघाट विधायक अनुभा मुंजारे ने जिला अस्पताल पहुंचकर मृतक के परिजनों से बात की। उन्होंने खदान अधिकारियों और सुपरवाइजर पर लापरवाही का आरोप लगाया।

सिवनी ब्रेकिंग: 23 विद्यालय को नोटिस जारी, अधिक फीस वसूली के मामले में कलेक्टर का एक्शन

सिवनी: जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया कि जिले में संचालित अशासकीय स्कूलों में ली जा रही शुल्क के संबंध में जिला कलेक्टर सुश्री संस्कृति जैन के निर्देशों के परिपालन में जानकारी प्राप्त की गई है।

जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया कि जिले में संचालित अशासकीय स्कूलों में ली जा रही शुल्क के संबंध में जिला कलेक्टर सुश्री संस्कृति जैन के निर्देशों के परिपालन में जानकारी प्राप्त की गई है। जिसमें 25 अशासकीय विद्यालयों के द्वारा शुल्क की जानकारी नहीं देने के कारण मध्यप्रदेश निजी विद्यालय (फीस तथा संबंधित विषयों का विनियमन) विधेयक 2020 के नियम के तहत कारण बताओ सूचना पत्र जारी किये गये हैं.

23 विद्यालय ऐसे हैं, जिनके द्वारा सत्र 2022-23 की तुलना में सत्र 2023-24 में 10 प्रतिशत से अधिक शुल्क वृध्दि किया जाना पाया गया हैं। इन विद्यालयों को भी कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया गया।

इसी तरह 14 ऐसे विद्यालय जिनके द्वारा सत्र 2023-24 की तुलना में सत्र 2024-25 में 10 प्रतिशत से अधिक शुल्क वृध्दि की गई,इन विद्यालयों को भी कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया गया। साथ ही 10 विद्यालय जिनके द्वारा ली जा रही शुल्क अधिक हैं, उन विद्यालयों भी अधिनियम के तहत नोटिस जारी किया गया।

उन्होंने बताया कि सभी नोटिसों के जवाब दिनांक 13.08.2024 तक विद्यालयों से जबाब चाहा गया है, तदुपरांत प्राप्त जबाब के आधार पर मध्यप्रदेश निजी विद्यालय (फीस तथा संबंधित विषयों का विनियमन) विधेयक 2020 के नियम के आधार पर जिला प्रशासन की ओर से कार्यवाही की जावेगी

अशासकीय विद्यालयों के खिलाफ नोटिस

25 विद्यालयों को कारण बताओ नोटिस

जिले के 25 अशासकीय विद्यालयों ने निर्धारित शुल्क की जानकारी नहीं दी, जिसके चलते मध्यप्रदेश निजी विद्यालय (फीस तथा संबंधित विषयों का विनियमन) विधेयक 2020 के तहत कारण बताओ सूचना पत्र जारी किये गये हैं।

10 प्रतिशत से अधिक शुल्क वृध्दि पर 23 विद्यालयों को नोटिस

23 विद्यालय ऐसे हैं, जिन्होंने सत्र 2022-23 की तुलना में सत्र 2023-24 में 10 प्रतिशत से अधिक शुल्क वृध्दि की है। इन विद्यालयों को भी कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया गया है।

2023-24 की तुलना में 2024-25 में शुल्क वृध्दि पर 14 विद्यालयों को नोटिस

14 विद्यालय ऐसे हैं, जिन्होंने सत्र 2023-24 की तुलना में सत्र 2024-25 में 10 प्रतिशत से अधिक शुल्क वृध्दि की है। इन विद्यालयों को भी कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया गया है।

अधिक शुल्क वसूलने पर 10 विद्यालयों को नोटिस

10 विद्यालय ऐसे हैं, जो निर्धारित शुल्क से अधिक शुल्क वसूल रहे हैं। इन विद्यालयों को भी अधिनियम के तहत नोटिस जारी किया गया है।

नोटिसों के जवाब की अंतिम तिथि

उत्तर देने की अंतिम तिथि 13 अगस्त 2024

जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया कि सभी नोटिसों के जवाब दिनांक 13.08.2024 तक विद्यालयों से मांगा गया है।

नोटिस के जवाबों के आधार पर कार्यवाही

प्राप्त जवाबों के आधार पर कार्यवाही

प्राप्त जवाबों के आधार पर मध्यप्रदेश निजी विद्यालय (फीस तथा संबंधित विषयों का विनियमन) विधेयक 2020 के नियमों के तहत जिला प्रशासन की ओर से कार्यवाही की जाएगी।

शिक्षा के क्षेत्र में प्रशासनिक सख्ती

अशासकीय विद्यालयों पर प्रशासन की नजर

इस प्रकार की कार्यवाही से यह स्पष्ट होता है कि प्रशासन शिक्षा के क्षेत्र में किसी भी प्रकार की अनियमितता को बर्दाश्त नहीं करेगा। अशासकीय विद्यालयों को नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा।

शुल्क संबंधी शिकायतों का निपटारा

अभिभावकों की शिकायतों को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने यह कदम उठाया है। इससे अभिभावकों को भी राहत मिलेगी और विद्यालयों में पारदर्शिता बनी रहेगी।

विद्यालयों की जिम्मेदारी

विद्यालयों की जिम्मेदारी है कि वे सभी नियमों का पालन करें और किसी भी प्रकार की अनियमितता से बचें।

अशासकीय विद्यालयों में पारदर्शिता का महत्व

शिक्षा के क्षेत्र में पारदर्शिता

शिक्षा के क्षेत्र में पारदर्शिता बहुत महत्वपूर्ण है। इससे अभिभावकों और छात्रों दोनों को लाभ होता है।

अधिनियम का पालन अनिवार्य

मध्यप्रदेश निजी विद्यालय (फीस तथा संबंधित विषयों का विनियमन) विधेयक 2020 का पालन करना सभी विद्यालयों के लिए अनिवार्य है। इससे शिक्षा के क्षेत्र में सुधार होगा।

विद्यालयों की छवि पर प्रभाव

नियमों का पालन न करने पर विद्यालयों की छवि पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। इससे उनकी प्रतिष्ठा को भी नुकसान हो सकता है।

युवा कांग्रेस सिवनी द्वारा भारतीय राष्ट्रीय युवा कांग्रेस का 64 वाँ स्थापना दिवस” कार्यक्रम संपन्न

सिवनी: युवा कांग्रेस सिवनी द्वारा भारतीय राष्ट्रीय युवा कांग्रेस का “64 वाँ स्थापना दिवस” कार्यक्रम गरिमामय रूप में मनाया गया ,सर्वप्रथम जिला युवा कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र ठाकुर द्वारा बताया गया कि प्रातः 10:00 बजे युवा कांग्रेस ध्वज का ध्वजारोहण कार्यक्रम श्रीमती चित्रलेखा नेताम एवं शांताबाई ससरयाम के द्वारा संपन्न कराया गया.

इसके उपरांत जिला युवा कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र ठाकुर द्वारा युवा कांग्रेस शपथ-अपने देश एवं अपने कर्तव्यों व दायित्वों के प्रति संकल्पित होने हेतु शपथ उपस्थित सभी को दिलाई गई, इस कार्यक्रम में विशेष रूप से केवलारी विधानसभा के लोकप्रिय विधायक रजनीश सिंह की विशेष उपस्थिति रही एवं ठाकुर रजनीश सिंह द्वारा भारतीय राष्ट्रीय युवा कांग्रेस की स्थापना दिवस पर सभी लोगों को उद्बोधन के माध्यम से शुभकामनाएं अर्पित की गई.

इसके उपरांत मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस के निर्देश पर 9 अगस्त आदिवासी दिवस के उपलक्ष पर “आदिवासी गौरव पर्व” आदिवासी समाज में उत्कृष्ट कार्य कर रहे लोगों को श्याल, श्रीफल एवं पीले गमछे से सम्मानित कर मनाया गया, इसके उपरांत युवा कांग्रेस द्वारा “एक पेड़ भारत के भविष्य के लिए” अभियान के तहत वृक्षारोपण किया गया.

जिला युवा कांग्रेस द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम मैं विशेष रूप से जिला संगठन मंत्री पंकज शर्मा , जिला महामंत्री बृजेश सिंह लालू बघेल ,श्री अतुल मालू , नरेश मरावी , श्री मोहन चंदेल जी, श्री विनोद यादव ,श्री अनीश खान , विष्णु करोसिया , श्री देवी सिंह चौहान , श्री तेज सिंह रघुवंशी, श्री मनोज राहंगडाले ,श्रीमती गीता ठाकुर , राहुल उईके, हर्षित बघेल सिवनी, सुरेंद्र साहू केवलारी, तबरेज पटेल, विपिन यादव ,शक्ति जडेजा, सुनील पंचेश्वर सरपंच, अभिलाष गोलू मालवीय पार्षद, आकाश जांगड़े,के के इनवाती ,अभिषेक राजपूत,लक्की बघेल धनोरा, नरेश नामदेव,ओम उपाध्याय, आदित्य मोंटू भूरा, प्रवेश भालोटिया, सुरेश परते, विजय उईके अध्यक्ष आदिवासी कांग्रेस,इमरान खान भीमगढ़,राजेश माना ठाकुर, सेवादल टिकेंद्र देशमुख, सेवादल जय प्रकाश यादव, दिलीप राहंगडाले, विनोद नामदेव ,तरुण हरिनखेडे, हुकुमचंद सनोडिय, फैसल खान, सुमित मिश्रा, दयालु मरकाम एवं सैकड़ो कांग्रेस कार्यकर्ता गणों की उपस्थिति में गरिमामय में कार्यक्रम संपन्न हुआ!

MP BREAKING: 15 अगस्त से पहले पुलिस कर रही थी जांच, MP के बैतूल में कबाड़खाने में जिंदा बम और 15 खोखे मिले

मध्य प्रदेश के बैतूल में शुक्रवार को एक कबाड़खाने में जिंदा बम बरामद हुआ। 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस से पहले पुलिस की जांच के दौरान बम के अलावा 15 खोखे भी मिले।

घटना बैतूल के मुर्गी चौक इलाके की है। एहतियात के तौर पर इलाके को सील कर दिया गया है और खजनापुर जाने वाली सड़क को बंद कर दिया गया है। बम निरोधक दस्ते को बुलाया गया है।

दैनिक भास्कर के अनुसार, नईम का स्क्रैप यार्ड खजनापुर के पास स्थित है। 15 अगस्त को सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी और 12 अगस्त को मुख्यमंत्री का भैंसदेही दौरा था, इसलिए पुलिस हाई अलर्ट पर थी। एसपी के निर्देश के बाद शुक्रवार को अधिकारियों ने स्क्रैप यार्ड का निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान उन्हें 15 बम के खोल और एक जिंदा बम मिला। इस आशंका के चलते कि और भी विस्फोटक हो सकते हैं, पूरे इलाके को सुरक्षित कर दिया गया। नईम के परिवार को भी वहां से निकाल दिया गया। स्थिति को संभालने के लिए नर्मदापुरम से बम निरोधक दल को बुलाया गया है। पुलिस जबलपुर से किसी भी संभावित लिंक की भी जांच कर रही है।

एएसपी कमला जोशी ने बताया कि सभी संदिग्ध स्थलों की जांच की जा रही है। टीआई देवकरण डेहरिया ने अपनी टीम के साथ निरीक्षण के दौरान एक बोरे में विस्फोटक जैसी वस्तु पाई। इनमें से एक की पहचान जिंदा बम के रूप में हुई, जिसके बाद बम निरोधक दस्ते को तत्काल बुलाया गया।

डीबी के अनुसार, स्क्रैप यार्ड मुर्गी चौक से मात्र 200 मीटर की दूरी पर स्थित है। टीआई डेहरिया ने बताया कि जबलपुर में इसी तरह की घटनाओं के बाद, वे बैतूल में स्क्रैप यार्ड की बारीकी से निगरानी कर रहे थे, क्योंकि वहां वायुसेना से संबंधित संस्थान मौजूद हैं। पुलिस संभावित विस्फोटकों के लिए अन्य स्क्रैप यार्ड की जांच जारी रखेगी।

सिवनी: लबालब भरा भीमगढ़ बांध, 2 बजे खोले जाएंगे गेट; 25,000 घन फीट प्रति सेकंड से होगी निकासी

सिवनी: कार्यपालन यंत्री जल संसाधन विभाग से प्राप्त जानकारी अनुसार, संजय सरोवर जलाशय (भीमगढ़) बांध के जल संग्रहण क्षेत्र में हो रही लगातार बारिश से जल की आवक हो रही है। इस कारण बांध के जल स्तर को निर्धारित स्तर पर बनाए रखने के लिए बांध के जल द्वार खोले जाएंगे।

विभाग ने सूचित किया है कि 08 अगस्त 2024 को दोपहर 2:00 बजे से बांध के जल द्वार खोले जाएंगे। इसके माध्यम से 25,000 घन फीट प्रति सेकंड (708 क्यूमेक्स) जल की निकासी की जाएगी।

इस प्रक्रिया के दौरान जलाशय क्षेत्र और उसके आस-पास के निवासियों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। जल द्वार खोलने से जल स्तर में अचानक वृद्धि हो सकती है, जिससे निचले क्षेत्रों में बाढ़ की संभावना भी हो सकती है। इसलिए, विभाग ने स्थानीय प्रशासन और आम जनता को इस समय विशेष ध्यान देने का अनुरोध किया है।

जल संसाधन विभाग ने यह भी कहा है कि वे स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए हैं और आवश्यकता पड़ने पर उचित कदम उठाए जाएंगे। बारिश के इस मौसम में बांध की सुरक्षा और जल स्तर को नियंत्रित रखना विभाग की प्राथमिकता है।

जलाशय के जल द्वार खोलने की इस घोषणा के साथ ही स्थानीय प्रशासन ने भी तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया है। सभी संबंधित विभागों को हाई अलर्ट पर रखा गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति का त्वरित और प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।

संजय सरोवर जलाशय (भीमगढ़) बांध के जल द्वार खोलने की इस महत्वपूर्ण सूचना को जन-जन तक पहुंचाने के लिए विभाग ने विभिन्न संचार माध्यमों का उपयोग करने का निर्णय लिया है, ताकि सभी लोग समय रहते सतर्क हो सकें और किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से बचा जा सके।

सिवनी कलेक्टर ने बरघाट की उचित मूल्य दुकानों की कराई जांच, वसूली के आदेश जारी

सिवनी, बरघाट: जांच में ऑनलाईन एवं ऑफलाईन खाद्यान्न में अंतर वाली दुकानों के विक्रेताओं से वसूली के आदेश जारी

अनुविभागीय अधिकारी बरघाट द्वारा जानकारी देते हुए बताया कि कलेक्टर सुश्री संस्कृति जैन के निर्देशानुसार कनिष्ठ सहायक, सहकारिता निरीक्षक एवं कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी आदि के संयुक्त जांच दल से तहसील बरघाट की कुल 88 शासकीय उचित मूल्य दुकान की जांच करायी गयी।

जांच दल के प्रस्तुत प्रतिवेदन के आधार पर कुल 78 शासकीय उचित मूल्य दुकानों में ऑनलाईन एवं ऑफलाईन खाद्यान्न का मिलान नहीं होने से विक्रेता/प्रबंधक को कारण बताओं नोटिस जारी किया जाकर जवाब लिया गया।

उपरोक्त दुकानों में से 37 दुकानों के विकेता/प्रबंधकों के द्वारा ऑनलाईन एवं ऑफलाईन खाद्यान्न की पूर्ति किये जाने हेतु अपने जवाब के साथ अपना नोटराईज शपथ पत्र प्रस्तुत कर दो से तीन माह का समय चाहा गया, उक्त शासकीय उचित मूल्य के विक्रेता / प्रबंधकों को खाद्यान्न की पूर्ति किये जाने हेतु समय देते हुए आदेश पारित किया गया एवं कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी बरघाट को निर्देशित किया गया कि वह समय-सीमा का ध्यान रखते हुए उक्त 37 दुकानों की पुनः जांच करने के निर्देश दिए गए हैं।

उन्होंने बताया कि शासकीय उचित मूल्य की दुकानों में 10 शासकीय उचित मूल्य की दुकानों में कोई अंतर नहीं पाये जाने पर कोई कार्यवाही नहीं की गयी है।

इनके अतिरिक्त शेष दुकानों के विक्रेता/प्रबंधकों द्वारा कारण बताओं नोटिस का कोई समाधानकारक जवाब प्रस्तुत नहीं करने पर उनके विरूद्ध राजस्व बकाया की भांति राशि वसूली किये जाने हेतु तहसीलदार बरघाट को निर्देशित किया गया है, कि यह उक्त दुकानों से ऑनलाईन एवं ऑफलाईन के अंतर के खाद्यान्न की राशि वसूल कर शासकीय कोष में जमा कराएंगे।

MP के BURHANPUR में वक्फ बोर्ड का ऐतिहासिक स्मारकों पर दावा, एमपी हाईकोर्ट को किया खारिज

जबलपुर (मध्य प्रदेश): मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने बुरहानपुर जिले में शाह शुजा और नादिर शाह की कब्रों सहित कुछ प्रमुख ऐतिहासिक स्मारकों पर स्वामित्व का दावा करने वाले एमपी वक्फ बोर्ड के आदेश को खारिज कर दिया है।

मध्य प्रदेश वक्फ बोर्ड ने 19 जुलाई 2013 को एक आदेश में शाह शुजा का मकबरा, नादिर शाह का मकबरा, बीबी साहब की मस्जिद और बुरहानपुर के किले में स्थित एक महल को अपनी संपत्ति घोषित किया था।

भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ने इस आदेश को इस आधार पर चुनौती दी थी कि एएसआई इन स्मारकों की सुरक्षा कर रहा है और ये केंद्र सरकार की संपत्ति हैं। उसके वकील ने कहा कि एएसआई प्राचीन स्मारक संरक्षण अधिनियम, 1904 के तहत घोषित इन संरचनाओं की सुरक्षा कर रहा है।

26 जुलाई को न्यायमूर्ति जी.एस. अहलूवालिया की एकल पीठ ने कहा, “विचाराधीन संपत्ति एक प्राचीन एवं संरक्षित स्मारक है, जिसे प्राचीन स्मारक संरक्षण अधिनियम, 1904 के तहत विधिवत अधिसूचित किया गया है, इसलिए मध्य प्रदेश वक्फ बोर्ड के सीईओ ने याचिकाकर्ता को इसे खाली करने का निर्देश देकर एक भौतिक अवैधता की है।”

उच्च न्यायालय ने कहा कि मध्य प्रदेश वक्फ बोर्ड के सीईओ द्वारा पारित 19.07.2013 का आदेश रद्द किया जाता है।

याचिका में कहा गया है, “देश भर में विभिन्न स्थानों पर विभिन्न प्राचीन स्मारक और पुरातात्विक स्थल हैं जो याचिकाकर्ता (ASI) के संरक्षण में हैं, जो देश के प्राचीन समय और इतिहास की गौरवशाली विरासत हैं।”

इसमें कहा गया है, “शाह शुजा का मकबरा, नादिर शाह का मकबरा, बुरहानपुर के किले में स्थित बीबी साहिब की मस्जिद भी प्राचीन और संरक्षित स्मारक हैं।”

सिवनी कलेक्टर संस्कृति जैन के नाम से साइबर क्राइम की कोशिश, सिवनी कलेक्टर ने दी जानकारी; पुलिस जाँच में जुटी

सिवनी: सिवनी कलेक्टर कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार, कलेक्टर सिवनी की डीपी (डिस्प्ले पिक्चर) का उपयोग करते हुए मोबाइल नंबर +94785265198 से व्हाट्सएप के माध्यम से अवैध रूप से गिफ्ट एवं पैसों की मांग करने की सूचना प्राप्त हुई है। इस साइबर अपराध में अज्ञात व्यक्ति ने कलेक्टर संस्कृति जैन के नाम का दुरुपयोग कर आम नागरिकों को धोखा देने की कोशिश की है।

कलेक्टर सुश्री संस्कृति जैन ने इस मामले में तुरंत कार्रवाई की और पुलिस को सूचित किया। पुलिस ने इस साइबर अपराध की जांच शुरू कर दी है और अज्ञात आरोपी की तलाश में जुटी है। कलेक्टर संस्कृति जैन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे इस तरह की धोखाधड़ी से सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध संदेश या कॉल का जवाब न दें।

उन्होंने कहा कि कलेक्टर कार्यालय या किसी अन्य सरकारी अधिकारी द्वारा इस प्रकार की मांग कभी नहीं की जाती है। अगर किसी को इस तरह के संदेश प्राप्त होते हैं, तो वे तुरंत पुलिस को सूचित करें।

इस प्रकार के साइबर अपराध से बचने के लिए, नागरिकों को अपनी व्यक्तिगत जानकारी साझा करने से पहले सतर्क रहना चाहिए और किसी भी अज्ञात स्रोत से प्राप्त संदेशों की जांच करनी चाहिए। पुलिस प्रशासन इस मामले की गहराई से जांच कर रहा है और दोषियों को पकड़ने के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है।

कलेक्टर संस्कृति जैन ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें और सतर्क रहें ताकि इस प्रकार के साइबर अपराधों से बचा जा सके।