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30 जून को PM MODI करेंगे ‘मन की बात’: पहले की तरह एक बार फिर हर महीने रेडियो पर सुनाई देगी पीएम मोदी के मन की बात

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को एक महत्वपूर्ण घोषणा की कि उनका लोकप्रिय मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ 30 जून को फिर से शुरू होगा। कुछ महीनों के अंतराल के बाद, लोकसभा चुनावों के कारण यह कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया था। पीएम मोदी ने इस अवसर पर जनता से उनके विचार और इनपुट साझा करने का आह्वान किया है।

मन की बात का महत्व

प्रधानमंत्री का यह मासिक रेडियो कार्यक्रम भारतीय समाज के विभिन्न वर्गों से जुड़ने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। इसमें प्रधानमंत्री महत्वपूर्ण राष्ट्रीय विषयों और मुद्दों पर चर्चा करते हैं, जो सीधे आम जनता के जीवन से जुड़े होते हैं। यह कार्यक्रम 3 अक्टूबर 2014 को शुरू किया गया था और तब से यह देशभर में लोकप्रियता प्राप्त कर चुका है।

जनता से इनपुट की अपील

पीएम मोदी ने जनता से MyGov ओपन फोरम, NaMo ऐप, या 1800 11 7800 पर रिकॉर्ड संदेश के माध्यम से अपने विचार और सुझाव साझा करने का अनुरोध किया है। उनका कहना है, “यह साझा करते हुए खुशी हो रही है कि चुनावों के कारण कुछ महीनों के अंतराल के बाद, #MannKiBaat वापस आ गया है! इस महीने का कार्यक्रम रविवार, 30 जून को होगा। मैं आप सभी से इसके लिए अपने विचार और इनपुट साझा करने का आह्वान करता हूं।”

लोकसभा चुनावों के कारण स्थगन

‘मन की बात’ का आखिरी प्रसारण 25 फरवरी को हुआ था। इसके बाद, आगामी लोकसभा चुनावों के मद्देनजर इसे तीन महीने के लिए रोक दिया गया था। प्रधानमंत्री ने कार्यक्रम के 110वें संस्करण में कहा था, “आगामी लोकसभा चुनावों के मद्देनजर अगले तीन महीनों तक मन की बात का प्रसारण नहीं किया जाएगा।”

2024 के लोकसभा चुनाव

2024 के लोकसभा चुनाव 19 अप्रैल से 1 जून तक सात चरणों में हुए थे। वोटों की गिनती 4 जून को की गई और परिणाम घोषित किए गए, जिसके बाद 18वीं लोकसभा का गठन हुआ।

मन की बात का व्यापक प्रसारण

‘मन की बात’ का प्रसारण 22 भारतीय भाषाओं और 29 बोलियों के अलावा, 11 विदेशी भाषाओं में भी किया जाता है, जिनमें फ्रेंच, चीनी, इंडोनेशियाई, तिब्बती, बर्मी, बलूची, अरबी, पश्तो, फ़ारसी, दारी और स्वाहिली शामिल हैं। यह कार्यक्रम आकाशवाणी के 500 से अधिक प्रसारण केंद्रों द्वारा प्रसारित किया जाता है।

मन की बात का समाज पर प्रभाव

‘मन की बात’ कार्यक्रम के सकारात्मक प्रभाव का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि 100 करोड़ से अधिक लोग कम से कम एक बार इस कार्यक्रम से जुड़े हैं। यह कार्यक्रम सीधे लोगों से बात करता है, जमीनी स्तर के परिवर्तनकर्ताओं और लोगों की उपलब्धियों का जश्न मनाता है, और लोगों को सकारात्मक कार्यों के लिए प्रेरित करता है।

प्रधानमंत्री की अपील

पीएम मोदी ने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा, “इस महीने का कार्यक्रम रविवार, 30 जून को होगा। मैं आप सभी से इसके लिए अपने विचार और इनपुट साझा करने का आह्वान करता हूं। MyGov ओपन फोरम, NaMo ऐप पर लिखें या 1800 11 7800 पर अपना संदेश रिकॉर्ड करें।”

मन की बात: एक जन आंदोलन

‘मन की बात’ केवल एक रेडियो कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह एक जन आंदोलन बन चुका है। इसके माध्यम से पीएम मोदी ने कई सामाजिक और राष्ट्रीय मुद्दों पर ध्यान केंद्रित किया है और लोगों को जागरूक किया है। इस कार्यक्रम ने समाज के हर वर्ग को शामिल करते हुए एक संवाद का मंच प्रदान किया है।

कार्यक्रम के अद्वितीय पहलू

इस कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री लोगों की कहानियों और उनकी उपलब्धियों को साझा करते हैं, जो प्रेरणादायक होती हैं। यह कार्यक्रम देश की विविधता और संस्कृति को भी उजागर करता है, जिसमें महिलाओं, बुजुर्गों और युवाओं की भागीदारी शामिल होती है।

आगामी संस्करण के लिए उत्साह

जनता में इस कार्यक्रम को लेकर भारी उत्साह है। आगामी संस्करण के लिए लोगों के विचार और सुझाव प्राप्त करना इस कार्यक्रम को और अधिक प्रभावी बनाएगा।

सिवनी: वर्षा राय की मौत की जिम्मेदार नंद संगीता राय की जमानत खारिज, ससुर और नंद फरार

सिवनी: पलारी पुलिस चौकी के अंतर्गत ग्राम पलारी में एक दर्दनाक घटना घटित हुई जिसमें 33 वर्षीय महिला वर्षा राय ने 08 मई को अपने सास, ससुर और नंद की प्रताड़ना से तंग आकर फिनायल पी लिया था। नागपुर में 12 मई को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

इस मामले में पलारी पुलिस ने 29 मई को आरोपी सास राधा बाई राय, ससुर कृष्णगोपाल राय और नंद संगीता राय के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज की। दूसरे दिन सास राधा राय को गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि मृतिका का ससुर कृष्णगोपाल राय और नंद संगीता राय फरार हो गए।

सूत्रों के अनुसार, राधा बाई अस्वस्थ रहने के कारण सबसे पहले उसकी गिरफ्तारी की गई जिसे माननीय न्यायालय ने जमानत दे दी। राधा बाई की जमानत के बाद, मृतिका की नंद संगीता राय की तरफ से भी जमानत की अपील की गई थी, जिसे न्यायालय ने खारिज कर दिया।

आरोपियों की गिरफ्तारी पर सवाल

सबसे आश्चर्यजनक बात यह है कि वर्षा राय की मौत के मामले में आरोपी उसके ससुर कृष्ण गोपाल राय और नंद संगीता राय अब तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। वे अपनी जमानत के लिए प्रयासरत हैं जबकि पुलिस उन्हें गिरफ्तार करने में असमर्थ रही है।

पलारी पुलिस की भूमिका पर सवाल

पलारी पुलिस की निष्क्रियता पर अब सबकी निगाहें हैं। पुलिस फरार आरोपियों को गिरफ्तार करने में असमर्थ क्यों रही है? क्या उन्हें जानबूझकर जमानत का अवसर दिया जा रहा है?

प्राइवेट डॉक्टर की भूमिका

वर्षा राय की मौत के मामले में उसके ससुराल वालों के अलावा पलारी क्षेत्र का एक प्राइवेट डॉक्टर भी दोषी है। यदि पलारी पुलिस निष्पक्षता से जांच करें तो उस तथाकथित डॉक्टर के विरुद्ध भी मामला दर्ज हो सकता है जिसने वर्षा राय के द्वारा फिनायल पीने की जानकारी पलारी पुलिस को दिए बिना गलत इलाज किया। जब उसकी तबीयत बिगड़ने लगी तो उसे सिवनी रेफर किया गया, जहां से वर्षा को नागपुर रेफर किया गया था और अंततः उसकी मौत हो गई।

डॉक्टर की डिग्री की जांच का आग्रह

पुलिस को पलारी के उस प्राइवेट डॉक्टर की डिग्री की भी जांच करनी चाहिए जिसने वर्षा राय का गलत इलाज किया था। यदि वर्षा राय को समय से सही इलाज मिल जाता तो उसकी मौत नहीं होती। इस डॉक्टर की लापरवाही भी एक बड़ी वजह बनी है, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

विश्व धर्म संसद के लिये सहयोग और समर्थन जुटाने के लिये अकेले पदयात्रा कर रहा यति सन्यासी

यति यतेंद्रानंद जी महाराज पैदल तय करेंगे 3000 से ज्यादा किलोमीटर की यात्रा. उज्जैन से आरम्भ हुई पदयात्रा आज इंदौर पहुँची

शिवशक्ति धाम डासना जिला गाज़ियाबाद उत्तर प्रदेश के पीठाधीश्वर व श्रीपंचदशनाम जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी जी महाराज के शिष्य यति यतेंद्रानंद जी महाराज ने अपने गुरु के सबसे महत्वपूर्ण विश्व धर्म संसद के लिए सनातन धर्मियो को जागरूक करने व समर्थन जुटाने के लिये मध्य प्रदेश व राजस्थान में तीन हजार किलोमीटर की पदयात्रा उज्जैन से आरम्भ की।आज उनकी पदयात्रा इंदौर पहुँची जहाँ उनका भव्य स्वागत किया गया।इंदौर में यति सन्यासी ने प्रेस वार्ता को भी सम्बोधित किया।

प्रेस वार्ता को सम्बोधित करते हुए यति यतेंद्रानंद जी महाराज ने बताया कि उनके गुरु महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी शिष्य स्वामी हरि गिरी जी,सनातन धर्म(जिसे हिन्दू धर्म भी कहा जाता है) की सबसे बडी संस्था श्रीपंचदशनाम जूना अखाड़ा के एक सन्यासी हैं।उनका मामना है कि यह देश भारत जिसमें हम अनेक धर्मो और विचारों को मानने वाले नागरिक स्वाभिमान और सम्मान के साथ रहते हैं,यह बहुत जल्दी उन सभी के लिये जो अपनी धार्मिक और सांस्कृतिक आस्थाओ के साथ यहाँ रहना चाहते हैं,उन सबके लिये नरक में बदल जाने वाला है।

भारत में रहने वाले हिन्दू,सिक्ख,ईसाई,बौद्ध,पारसी तथा अन्य धार्मिक समूहों की जनसंख्या और जनसंख्या अनुपात लगातार घट रहा है।भारत मे केवल मुस्लिम मज़हबी समूह ही अपनी जनसंख्या को अनियंत्रित रूप से बढ़ा रहा है।जमीनी आंकड़ो पर यदि रिसर्च किया जाए तो यह बिल्कुल तय लगता है कि 2029 में भारत का प्रधानमंत्री कोई मुस्लिम होगा।किसी दैवीय शक्ति की सहायता से अगर यह घटना 2029 में नहीं हुई तो 2034 में इसे कोई नही रोक सकेगा।

एक बार भारत का प्रधानमंत्री कोई मुस्लिम बना तो अपनी अनियंत्रित जनसंख्या के बूते पर मुस्लिम समुदाय कुछ ही वर्षो में भारत मे शरीयत का कानून लागू कर देगा और भारत की स्थिति वर्तमान अफगानिस्तान, पाकिस्तान,इराक और सीरिया जैसी हो जाएगी।भारत का ही एक प्रान्त कश्मीर इसका जीता जागता उदाहरण है। इस्लाम और मुसलमानों के इतिहास को देखते हुए यह मानना ही पड़ता है कि भारत का प्रधानमंत्री मुस्लिम बनने के बाद यह देश गैर मुस्लिमों के लिए साक्षात नरक बन जायेगा और 2050 के आसपास यहाँ के सारे गैर मुस्लिम नष्ट हो चुके होंगे।

जब तक भारत पर इस्लाम का कब्जा होगा,तब तक मुसलमान दुनिया के और कई देशों में अपनी जनसंख्या बढ़ा कर लोकतंत्र के माध्यम से उन देशों पर कब्जा कर चुके होंगे।इसके बाद इस्लाम विश्व की सबसे बड़ी शक्ति होगा और सम्पूर्ण विश्व के गैर मुस्लिमों को समाप्त करने का प्रयास करेगा।

इस्लाम के जिहादी विश्व के हर गैरमुस्लिम के घर तक पहुँचेगे और इस्लामिक कानून और रिवाजो के अनुसार गैरमुस्लिम महिलाओं को सामूहिक बलात्कार के बाद मण्डियों में बेच देंगे और गैरमुस्लिम मर्दो को कत्ल कर देंगे।उन्होंने यह सब दुनिया के हर उस देश मे किया है,जहाँ उनका कब्जा हो जाता है।गैर मुस्लिमों का विनाश करने के बाद ये आपस मे एक दूसरे का कत्ल करेंगे।इस्लाम की अंतहीन लड़ाई सम्पूर्ण विश्व के सर्वनाश तक जारी रहेगी।

उन्होंने यह भी कहा कि आज की परिस्थितियों में यही सम्पूर्ण विश्व का भविष्य है।यदि विश्व के सभी गैर मुस्लिम इस भविष्य को बदलना चाहते हैं तो आपको आज से ही रक्तपिपासु इस्लामिक विचारधारा के विरुद्ध वैचारिक संघर्ष आरम्भ करना ही होगा।

इसके लिये ऐसी धार्मिक और सामाजिक संस्थाओं का निर्माण होना अतिआवश्यक है जहाँ विश्व के सभी गैरमुस्लिम समुदाय एकत्रित होकर इस भीषण समस्या से छुटकारा पाने के लिये अपने सभी तरह के स्वार्थों, भय और अहंकारों से ऊपर उठ कर विमर्श करें।उन्होंने और उनके कुछ साथी इसकी पहल करते हुए सम्पूर्ण विश्व के सभी धार्मिक समूहों के धर्मगुरुओं और बुद्धिजीवियों को इस समस्या पर विचार करने के लिये 5 दिवसीय world religious convention में सहयोगी और सहभागी बनने के लिये आमंत्रित कर रहे हैं।

यह world religious convention उत्तर प्रदेश के गाज़ियाबाद जिले के शिवशक्ति धाम डासना में 17,18,19,20 और 21 दिसम्बर 2024 को आयोजित की जाएगी।धर्म संसद में पूरी दुनिया से गैर मुस्लिम धर्मगुरु और बुद्धिजीवी भाग लेंगे और जिहाद से मानवता की रक्षा के तरीकों पर गहन विचार विमर्श करेंगे।

दोनों यति सन्यासियों ने मध्य प्रदेश और राजस्थान की धर्मपरायण जनता से इस महान कार्य मे यथासंभव सहायता करने का आह्वान किया।

MP में 369 सीएम राइज स्कूलों का संचालन आरंभ – सीएम मोहन यादव

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य सरकार ने प्रदेश में सर्वसुविधायुक्त 369 सीएम राइज स्कूलों का संचालन आरंभ कर दिया है। इन स्कूलों में विश्व स्तरीय बिल्डिंग, स्मार्ट क्लास, डिजिटल टीचिंग, नि:शुल्क वाहन सुविधा, एक्सपोजर विजिट के साथ-साथ अन्य आधुनिक संसाधनों की सुविधा विद्यार्थियों को प्राप्त होगी। अन्य विद्यालयों में भी किसी भी प्रकार की कमी नहीं रहने देंगे।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा प्रदेश के 416 विद्यालयों में पीएमश्री योजना के अंतर्गत उत्कृष्ट शिक्षा उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा रही है। इन सुविधाओं का अन्य शालाओं में भी विस्तार होगा। प्रदेश के विद्यार्थी महापुरूषों से प्रेरणा लेकर अपने जीवन में उच्च लक्ष्य प्राप्त करने के पथ पर अग्रसर होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव प्रदेश में स्कूल चलें हम अभियान 2024 के शुभारंभ अवसर पर अपने विचार व्यक्त कर रहे थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव नवप्रवेशी विद्यार्थियों का किया स्वागत

शासकीय सुभाष उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्वलित कर शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विद्यार्थियों द्वारा बनाए गए चित्रों की प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शाला में नवप्रवेशी विद्यार्थियों को दुलार कर, तिलक लगाकर व पुस्तकें भेंट कर उनका स्वागत किया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सुपर-100 योजना के अंतर्गत वर्ष 2024 में जेईई एडवासं में आईआईटी में प्रवेश लेने वाले शासकीय विद्यालयों के विद्यार्थियों ग्राम सालीचौका जिला नरसिंहपुर के श्री पवनराय, ग्राम रक्सहाकलॉ जिला रीवा के श्री शीतल सिंह, सतना जिले ग्राम अतरार के श्री साहिल पाल, भोपाल के श्री रविराज विश्वकर्मा का सम्मान भी किया।

स्कूल शिक्षा स्तर पर भी राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रावधानों के क्रियान्वयन में प्रदेश अग्रणी रहेगा

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शासकीय विद्यालयों को सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। यह विद्यालय शिक्षा प्रदान करने के साथ-साथ सफल जीवन जीने की प्रेरणा और अनुभव प्रदान करने के भी महत्वपूर्ण केन्द्र हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में देश की सभी व्यवस्थाओं में सुधार हो रहा है।

इसी क्रम में लागू की गई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के क्रियान्वयन का सकारात्मक प्रभाव हमारी वर्तमान पीढ़ी में परिलक्षित होगा। मध्यप्रदेश उच्च शिक्षा में राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू करने में देश में अग्रणी रहा है। स्कूल शिक्षा के क्षेत्र में भी राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रावधानों का क्रियान्वयन प्राथमिकता के आधार पर कर मध्यप्रदेश देश में आगे रहेगा।

भगवान श्रीकृष्ण ने शाला स्तर पर ज्ञानार्जन और मित्रता का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत किया

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विद्यालय संचालन के साथ-साथ विद्यालय के परिवेश के बारे में सोचना और उसे बेहतर बनाना आवश्यक है। विद्यालय विद्यार्थियों को ऐसा परिवेश और मार्गदर्शन दें, जिससे वे कठिन परिस्थितियों में भी श्रेष्ठ ज्ञान और शिक्षा प्राप्त करते हुए नैतिक मूल्यों के साथ लक्ष्य प्राप्ति की ओर अग्रसर हो सकें। उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण का उदाहरण देते हुए कहा कि श्रीकृष्ण ने गुरूकुल में अपनी प्रतिभा और योग्यता के बल पर विभिन्न विद्याओं और कलाओं में दक्षता अर्जित की, साथ ही दुनिया के सामने मित्रता का भी श्रेष्ठतम उदाहरण प्रस्तुत किया।

जनजातीय कार्यमंत्री कुंवर विजय शाह ने कहा कि शासकीय विद्यालयों में अध्ययनरत प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को प्रतियोगियों परीक्षाओं की तैयार के लिए मार्गदर्शन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आरंभ की गई सुपर-100 योजना का विस्तार सभी संभागों तक किया जाना आवश्यक है। कार्यक्रम में स्कूल शिक्षा श्री उदय प्रताप सिंह, खेल एवं युवा कल्याण सहकारिता मंत्री श्री विश्वास सारंग, पिछड़ा वर्ग एवं अल्संख्यक कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर, महापौर श्रीमती मालती राय, पूर्व प्रोटेम विधानसभा स्पीकर श्री रामेश्वर शर्मा, विधायक श्री भगवानदास सबनानी तथा अन्य जनप्रतिनिधि व बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित थे।

इंदौर: 13 साल की लड़की ने 14वीं मंजिल से छलांग लगाई; दो दिन में दूसरी बच्ची ने की आत्महत्या

इंदौर (मध्य प्रदेश): इंदौर में मंगलवार को एक 13 वर्षीय छात्रा ने कथित तौर पर एक आवासीय इमारत की 14वीं मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली। घटना सोसायटी के अंदर लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई।

पुलिस ने बताया कि प्रारंभिक जांच और सीसीटीवी फुटेज से पता चला है कि लड़की ने आत्महत्या की है।

छात्रा की पहचान अमोल अय्यमयार की बेटी अंजलि के रूप में हुई है। उसने इंदौर के लसूड़िया थाना क्षेत्र के निपानिया इलाके में अपोलो डीबी सिटी की 14वीं मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली। अंजलि एडवांस एकेडमी स्कूल में 7वीं की छात्रा थी। पुलिस ने अप्राकृतिक मौत का मामला दर्ज किया है।

स्टाफ रिपोर्टर से इनपुट सहित

टीआई तारेश सोनी के अनुसार, अंजलि सुबह स्कूल के लिए घर से निकली थी और उसके पिता उसे गेट तक छोड़ने आए थे। लेकिन, वह स्कूल बस लेने के बजाय पास के एक अपार्टमेंट में चली गई। वह लिफ्ट से 14वीं मंजिल पर पहुंची और छत पर जाकर नीचे कूद गई, जिससे उसकी जान चली गई।

सीसीटीवी फुटेज में दिखाया गया है कि पिता के जाने के बाद अंजलि टाउनशिप गेट पर लौटी और फिर लिफ्ट से दूसरी बिल्डिंग की ऊपरी मंजिल पर पहुंची, जहां से उसने छलांग लगा दी।

माता-पिता ने नहीं मानी बेटी की बात तो जबलपुर की 12 वर्षीय लड़की अकेले निकली काशी विश्वनाथ की यात्रा पर; वाराणसी स्टेशन पर मिली

जबलपुर (मध्य प्रदेश): रविवार को 12 साल की एक लड़की अकेले ही वाराणसी के काशी विश्वनाथ मंदिर के दर्शन के लिए जबलपुर से निकली। लड़की भगवान विश्वनाथ की भक्त है और उसने कई बार मंदिर जाने की इच्छा जताई थी, लेकिन जब उसके परिवार ने उसकी इच्छा को गंभीरता से नहीं लिया, तो उसने अकेले ही 450 किलोमीटर की यात्रा करने का फैसला किया।

पुलिस ने उसे सोमवार रात वाराणसी रेलवे स्टेशन पर पाया।

लड़की जबलपुर के माधोताल थाना अंतर्गत आईटीआई इलाके में रहने वाले बाजपेयी परिवार की है। उसके माता-पिता की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने तुरंत जांच शुरू कर दी, बस स्टैंड, एयरपोर्ट और रेलवे स्टेशनों पर जांच की गई। उन्होंने आसपास के जिलों में जीआरपी (सरकारी रेलवे पुलिस) को भी लड़की के लापता होने की सूचना दी।

सोमवार रात को जीआरपी ने लड़की को वाराणसी रेलवे स्टेशन पर पाया। पूछताछ के दौरान उसने बताया कि वह अपने परिवार से दो साल से भगवान विश्वनाथ के दर्शन करने के लिए कह रही थी, खासकर दो साल पहले उसके पिता की मृत्यु के बाद से। फादर्स डे पर उसने अपने दिवंगत पिता को याद करने के लिए मंदिर जाने का फैसला किया और यात्रा के लिए घर से 15,000 रुपये लेकर गई।

लड़की के दृढ़ निश्चय की खबर सुनकर उत्तर मध्य विधानसभा के विधायक अभिलाष पांडे ने लड़की के परिजनों से मुलाकात की और पुलिस को तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने जबलपुर रेलवे पुलिस, वाराणसी रेलवे स्टेशन अधीक्षक और वाराणसी रेलवे पुलिस से भी संपर्क किया। लड़की के बरामद होने के बाद विधायक ने फोन पर उससे बात की और उसका हालचाल जाना।

WhatsApp, Instagram, Snapchat, Google और Youtube नहीं चला पा रहे JIO यूजर्स; हो रही है भारी परेशानी

WhatsApp, Instagram Google और Youtube नहीं चला पा रहे JIO यूजर्स; हो रही है परेशानी. आज देश भर के कई हिस्सों में जिओ यूजर्स अनेकों प्रकार की ऑनलाइन सर्विस यूज करने में काफ़ी परेशानी का सामना कर रहे है.

जिओ यूजर्स लगातार ही इंटरनेट सर्विस में हो रही परेशानी की शिकायत कर रहे है. जिओ यूजर्स अभी WhatsApp, Instagram, Google, Snapchat और Youtube जैसे अनेकों प्लेटफार्म को यूज नहीं कर पा रहे है.

अभी तक इसका मुख्य कारण पता नहीं चल पाया है लेकिन ये कन्फर्म है कि यूजर्स को यह असुविधा सिर्फ़ जिओ नेटवर्क में आ रही है.

आज दोपहर लगभग 1.30 बजे से लगातार ही यूजर्स आउटेज को लेकर शिकायत दर्ज कर रहे है.

शंकर शाह यूनिवर्सिटी में छात्रों को हो रही परेशानियों को लेकर भुनेश कुलहाडे ने राज्यपाल को अवगत कराकर सौंपा ज्ञापन

सिवनी: जिले में विश्वविद्यायल खोलने व राजा शंकर शाह विश्वविद्यालय छिंदवाड़ा द्वारा सिवनी के विद्यार्थियों के भविष्य के साथ किए जा रहे निरंतर खिलवाड़ को लेकर भुनेश कुलहाड़े के नेतृत्व में एलएलबी के छात्रों द्वारा प्रदेश के महामहिम राज्यपाल मंगू भाई पटेल को ज्ञापन सौंपा गया।

महामहिम राज्यपाल का छपारा के लुड़गी ग्राम में आगमन हुआ था जहा छात्रों द्वारा सौपे गए ज्ञापन में यह मांग की गई की सिवनी जिले में विश्वविद्यायल खोलने व लगातार राजा शंकर शाह विश्वविद्यालय छिंदवाड़ा के अस्तित्त्व में आने के बाद से अभी वर्तमान तक इन 3 वर्षों से एकेडमिक कैलेंडर के अनुसार संबंधित महाविद्यालयों में न तो अध्यापन करवाया जा रहा है, न समय पर परीक्षाओं का संचालन किया जा रहा है और न ही उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन भी ढंग से नहीं करवाया जा रहा है न परीक्षा परिणाम समय पर घोषित किए जा रहे हैं।

यहां तक की विश्वविद्यालय द्वारा सभी संकायों व विषयों का पाठ्यक्रम भी विधिवत रूप से तैयार नहीं किया गया है और शैक्षणिक सत्र भी लगभग 6 से 8 महीने विलंब से चल रहा है, इसके साथ ही विभिन्न विषयों के पाठ्यक्रमों को लेकर भी विसंगतियां बनी हुई है. परीक्षाओं के संचालन के अंतर्गत प्रश्न पत्रों का निर्माण और परीक्षा के पश्चात दिए जाने वाले मूल्यांकन में भी भारी अनियमितताएं है जिसका विपरीत परिणाम आज तक विद्यार्थियों को विगत 3 वर्षों से भुगतना पड़ रहा है।

उक्त समस्या की ओर विश्वविद्यालय प्रशासन का ध्यान महाविद्यालय स्तर पर तथा विद्यार्थी संगठनों के माध्यम से अनेक बार आकर्षित कराया गया किंतु विश्वविद्यालय द्वारा इन विसंगतियों में किसी भी तरह का कोई सुधार नहीं किया गया है जिससे सिवनी जिले सहित विश्वविद्यालय के अंतर्गत आने वाले अन्य जिलों के विद्यार्थियों में भी भारी असंतोष व आक्रोश है क्योंकि जहां एक और भारत का संविधान शिक्षा का अधिकार देता है वहीं शिक्षा प्रदान करने वाले और परीक्षाओं का संचालन करने वाले राजा शंकर शाह विश्वविद्यालय के द्वारा इन सभी बातों की अनदेखी कर मनमर्जी से परीक्षाओं का संचालन और उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन किया जा रहा है जिसका दुष्परिणाम विद्यार्थियों का परीक्षा परिणाग दो या तीन परसेंट आ रहा है.

इसके उपरांत विद्यार्थियों के द्वारा जब विश्वविद्यालय से संपर्क किया जाता है तो वह केवल एक कोरा सा जवाब देते हैं कि जो मूल्यांकन हुआ है वह सही वास्तविक स्थिति यह है कि विद्यार्थियों के द्वारा विषय से संबंधित प्रश्नों के उत्तर विधिवत रूप से दिए जाने के उपरांत भी उनके संदर्भ में कोई विचार नहीं किया जाता है ऐसी स्थिति में विद्यार्थियों के भविष्य से जो खिलवाड़ हो रहा है उसके कारण 2 अनेक-अनेक विद्यार्थियों ने अपने अध्ययन को छोड़ दिया है।

राजा शंकर शाह विश्वविद्यालय की स्थापना हुई लगभग 4 वर्ष का समय हो रहा है किंतु अभी तक विश्वविद्यालय के मापदंड के अनुसार ना तो विभिन्न विषयों के विभागों की स्थापना हुई है ना ही उनके विभागाध्यक्षों की नियुक्ति हुई है और विश्वविद्यालय के अंतर्गत कार्य संचालन हेतु जो स्टॉफ होना चाहिए वह भी पर्याप्त नहीं है, ऐसी स्थिति में शिक्षा के क्षेत्र में सिवनी जिले के साथ घोर अन्याय हो रहा है।

जहा भौगौलिक दृष्टिकोण से सिवनी जिला मुख्यालय मध्य में है जहां से बालाघाट व छिंदवाड़ा दोनों जिलों का केंद्र है। आवागमन के दृष्टिकोण से भी उचित है ऐसी स्थिति में सिवनी मुख्यालय में विश्वविद्यालय स्थानांतरित या स्थापित किया जावें, जिससे शिक्षा के क्षेत्र की उक्त समस्याओं से मुक्ति मिल सके और यह विद्यार्थियों के भविष्य व हित में होगा। इन सभी विषयों पर राजपाल ने जल्द से जल्द पूरा करने का आश्वासन छात्रों को दिया है।

MP WEATHER ALERT: सिवनी, जबलपुर, कटनी में भारी तूफान के साथ बारिश के लिए रेड अलर्ट जारी; प्री-मानसून की शुरुवात

MP WEATHER ALERT: मानसून के आगमन से पहले राज्य में प्री-मानसून बारिश हो रही है। सोमवार को इंदौर और भोपाल समेत कई जिलों में बारिश हुई, जिससे दिन के तापमान में गिरावट दर्ज की गई। मंगलवार को प्री-मानसून की जोरदार गतिविधि की उम्मीद है।

जबलपुर और छिंदवाड़ा समेत छह जिलों में बारिश और 50-60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने के अनुमान के चलते रेड अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग की किसानों को सलाह है कि मानसून आने के बाद ही बुवाई शुरू करें और 4 इंच बारिश हो चुकी है।

आईएमडी भोपाल की वरिष्ठ वैज्ञानिक दिव्या ई. सुरेंद्रन के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवाती परिसंचरण के कारण राज्य में इस समय बारिश हो रही है। 18 जून को स्थानीय मौसमी प्रणाली मजबूत होगी, जिससे जबलपुर, कटनी, सिवनी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा और पंढुर्ना में तूफान और बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया है। अन्य इलाकों में भी तूफान और बारिश की संभावना है।

सोमवार को भोपाल और इंदौर समेत कई जिलों में आंधी और बारिश हुई। हालांकि, कुछ जिलों में अभी भी गर्मी का अहसास हो रहा है, जिसमें सतना का चित्रकूट 46.5 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे गर्म रहा।

राज्य के शीर्ष 10 सबसे गर्म शहरों में निवाड़ी में पृथ्वीपुर (45.7 डिग्री सेल्सियस), ग्वालियर (45.1 डिग्री सेल्सियस), सतना (44.9 डिग्री सेल्सियस), छतरपुर में बिजावर (44.8 डिग्री सेल्सियस), खजुराहो (44.4 डिग्री सेल्सियस), सिंगरौली (44 डिग्री सेल्सियस), शिवपुरी (43 डिग्री सेल्सियस), सीधी (42.8 डिग्री सेल्सियस) और शहडोल (42.6 डिग्री सेल्सियस) शामिल हैं।

वहीं, सोमवार को भोपाल, पचमढ़ी और रायसेन सबसे ठंडे रहे, जहां दिन का तापमान 34.2 डिग्री सेल्सियस रहा। प्रमुख शहरों में इंदौर में 38.4 डिग्री सेल्सियस, जबलपुर में 36.8 डिग्री सेल्सियस और उज्जैन में 38.5 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।

मानसून रुका हुआ है, प्रगति की प्रतीक्षा है

मौसम वैज्ञानिक सुरेंद्रन ने बताया कि मानसून अभी रुका हुआ है और आगे नहीं बढ़ रहा है। इसलिए मध्य प्रदेश को मानसून आने के लिए कुछ दिन और इंतजार करना होगा।

जबलपुर, कटनी, सिवनी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा और पंढुर्ना में भारी तूफान और बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा हरदा, नर्मदापुरम, बैतूल, सागर, दमोह, पन्ना, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडोरी, मंडला और बालाघाट में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है।

भोपाल, उज्जैन, शाजापुर, देवास, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर, सीहोर और रायसेन में भी गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है।

इसके विपरीत ग्वालियर, शिवपुरी, भिंड, दतिया, टीकमगढ़, छतरपुर, मऊगंज, सीधी, सतना, रीवा, मैहर और सिंगरौली में गर्मी का असर जारी रहेगा।

MP के भोपाल में विधायकों के आवास बनाने के लिए काटने थे 29 हजार पेड़, विरोध के बाद कैलाश विजयवर्गी ने प्रस्ताव को किया खारिज

भोपाल (मध्य प्रदेश): मध्य प्रदेश के संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने भोपाल के तुलसी नगर और शिवाजी नगर में 29 हजार पेड़ों को काटकर विधायकों और अफसरों के आवास बनाने की योजना को रद्द कर दिया है। यह घोषणा राज्य के कई मंत्रियों और विधायकों द्वारा वनों की कटाई के प्रस्ताव पर आपत्ति जताए जाने के बाद की गई।

नगरीय प्रशासन एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर 2300 करोड़ रुपये की परियोजना को रद्द करने के अपने फैसले की जानकारी दी और वैकल्पिक योजना खोजने पर जोर दिया।

एक्स पर पोस्ट में कहा गया है, “पर्यावरण संरक्षण और क्षेत्र में मौजूदा पेड़ों की उपस्थिति को ध्यान में रखते हुए नए भोपाल के लिए पुनर्विकास योजना को गहन विचार-विमर्श के बाद पूरी तरह से खारिज कर दिया गया है। प्रस्तावित योजना के लिए वैकल्पिक स्थान तलाशने के निर्देश जारी किए गए हैं।”

12 जून से इस परियोजना के खिलाफ लगातार विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। सोमवार शाम को सेकंड स्टॉप तुलसी नगर से कैंडल मार्च निकालने का कार्यक्रम है। इसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल होकर अपना विरोध दर्ज कराएंगे। पूर्व पार्षद अमित शर्मा ने बताया कि ये 29 हजार पेड़ 50 से 70 साल पुराने हैं और इन्हें बचाने के लिए लोग सड़कों पर उतर रहे हैं।

आश्वासन के बावजूद विरोध जारी

आज शाम को होने वाला विरोध प्रदर्शन तय कार्यक्रम के अनुसार ही होगा। पूर्व पार्षद अमित शर्मा ने बताया कि उन्होंने मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की पोस्ट देखी है। इससे पहले पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी मौखिक रूप से इस बात का आश्वासन देते हुए कहा था, “सरकार आदेश जारी करे, तभी हम हटेंगे। आज शाम को होने वाला कैंडल मार्च तय कार्यक्रम के अनुसार ही होगा।”

यह निर्णय क्षेत्र में मौजूदा पेड़ों और पर्यावरण संरक्षण पर सावधानीपूर्वक विचार करने के बाद लिया गया है। निर्देश का उद्देश्य इसके बजाय वैकल्पिक स्थानों की तलाश करना है। इसके अतिरिक्त, जमीनी स्तर पर नए प्रस्ताव के लिए नागरिकों और प्रतिनिधियों के साथ प्रारंभिक परामर्श आयोजित किया जाएगा।