Home Blog Page 139

सिवनी: शोभा की सुपारी बने BSNL टावर, क्योंकि यह सरकारी है! भारत में सरकारी चीजों का यही होता है हाल?

सिवनी, बरघाट: बीएसएनएल, जो कि सौ प्रतिशत भारत सरकार के स्वामित्व वाला सार्वजनिक क्षेत्र का उपक्रम है, आज अपनी दुर्दशा के कारण चर्चा में है। ग्रामीण अंचलों में लगे बीएसएनएल टावर अब केवल शोभा की सुपारी बनकर रह गए हैं। टावर की स्थिति में कोई सुधार नहीं हो रहा है और न ही यहां कोई कर्मचारी तैनात है जिससे नेटवर्क की समस्याओं के संबंध में शिकायत की जा सके।

फोन क्रांति और बीएसएनएल की स्थिति

जब पूरे देश में फोन क्रांति फैली हुई है, तब बीएसएनएल की धीमी शुरुआत और 3जी, 4जी इन्फ्रास्ट्रक्चर की कमी ने कंपनी को महत्वपूर्ण नुकसान में डाल दिया है। बीएसएनएल का नेटवर्क 4जी तक ही सीमित है जबकि इसकी प्रतिस्पर्धा 5जी नेटवर्क पर चल रही है। बरघाट क्षेत्र में तो 4जी का लाभ दूर, 2जी और 3जी सेवा भी उपभोक्ता को नहीं मिल पा रही है। टावर में तैनात कर्मचारियों की अनुपस्थिति की वजह से नेटवर्क संबंधित शिकायतें भी नहीं हो पा रही हैं।

निजी कंपनियों के रिचार्ज प्लान में वृद्धि

इसी माह से निजी कंपनियों के रिचार्ज प्लान में वृद्धि हुई है, जिससे फोन उपभोक्ता का मोह भंग होता दिखाई दे रहा है और उनका रुझान तेजी से बीएसएनएल की ओर बढ़ता हुआ नजर आ रहा है। लेकिन बीएसएनएल के आला अधिकारियों की उदासीनता के कारण दर्जनों बार शिकायत करने के बाद भी धारनाकला और आष्टा में मृत पड़े टावरों की ओर ध्यान नहीं जा रहा है। इससे ऐसा प्रतीत होने लगा है कि बीएसएनएल को डुबाने में संबंधित अधिकारी ही विशेष भूमिका निभा रहे हैं और निजी कंपनियों को लाभ पहुंचाने का काम कर रहे हैं।

उपभोक्ताओं की समस्याएं और निराशा

निजी कंपनियों के महंगे रिचार्ज प्लान के कारण आम उपभोक्ता अपने आप को ठगा सा महसूस कर रहा है। मोबाइल फोन आज की आवश्यकता बन गया है और पारिवारिक दस्तावेजों में भी मोबाइल नंबर दर्ज हैं, जिसे आम उपभोक्ता बीएसएनएल से जुड़कर जीवित रखना चाहता है। लेकिन बीएसएनएल की कमजोर सेवाएं और खराब नेटवर्क के कारण उपभोक्ता निराश हो रहे हैं।

बीएसएनएल की सेवाओं में सुधार की आवश्यकता

बीएसएनएल की सेवाओं में सुधार के लिए ठोस कदम उठाना अत्यंत आवश्यक है। ग्रामीण क्षेत्रों में लगे टावरों की स्थिति में सुधार लाना और उन्हें सक्रिय करना प्राथमिकता होनी चाहिए। नेटवर्क संबंधित शिकायतों के निवारण के लिए कर्मचारियों की तैनाती और नियमित निरीक्षण की व्यवस्था करनी चाहिए।

सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों की भूमिका

सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों की भूमिका समाज और राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण होती है। बीएसएनएल जैसे उपक्रमों को मजबूत और सक्षम बनाने के लिए सरकार और अधिकारियों को मिलकर काम करना होगा। बीएसएनएल की सेवाओं में सुधार लाने के लिए आधुनिक तकनीकों और सुविधाओं का उपयोग करना होगा ताकि यह निजी कंपनियों के साथ प्रतिस्पर्धा कर सके और उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाएं प्रदान कर सके।

जन अभियान परिषद सेक्टर क्रमांक 4 ने किया वृक्षारोपण कार्यक्रम अलग-अलग जगह पर एक पौधा मां के नाम

सिवनी: आज दिनाकं 10.7.2024 तिथि पंचमी को मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद एवं योजना, आर्थिक,एव सांख्यिकी विभाग और नावकुर सेक्टर क्रमांक 4 सेटेवानी और साथ में समन्वय दिया राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के समस्त अधिकारी, कर्मचारी, समाजसेवी, वन विभाग के अधिकारी कुरई से उपस्थित रहे एक पेड़ मां के नाम अभियान में सभी के द्वारा पर्यावरण को संरक्षण की दिशा में वसुंधरा को हरा भरा करने के लिए बड़ी संख्या में पौधारोपण किया.

पौधों के सुरक्षा की जिम्मेदारी प्रत्येक व्यक्ति द्वारा ली जा रही है और पौधों को वायुदुत एप में पंजीकृत किया जा रहा है ,और सभी को इसकी जानकारी भी दी जा रही है.

आज का पौधारोपण कार्यक्रम सरस्वती शिशु मंदिर कुरई विद्यालय प्रांगण में किया गया जिस मे की अलग-अलग प्रजाति के पौधे लगाए गए जिसमें की आम, अनार, पीपल, अमरूद, समी, बेल, सीताफल, निम, आदि पौधों का रोपण किया गया पौधरोपण के बाद तुरंत ही टी गार्ड की लोहे की जाली की व्यवस्था की तुरंत ही गई, पौधों की संख्या 15 रही.

यह वृक्षारोपण कार्यक्रम सुश्री अफसा खान मैडम जी के नेतृत्व और जिला समन्यवक श्री सौरभ शुक्ला जी के मार्गदर्शन में हुआ इस वृक्षारोपण उपस्थित रहे.

श्री मोहन जी सनोडीया खंड कार्यवाह. श्री सुरेंद्र जी सिसोदिया संघ चालक. श्री जितेंद्र जी यादव खंड शारीरिक प्रमुख. श्री धीरेंद्र जी जायसवाल खंड परिवार प्रबोधन प्रमुख .श्री राजकुमार जी साहू जागरण पत्रिका प्रमुख. श्री विष्णु जी गोस्वामी सेवा प्रमुख, श्री संदीप जी अवधिया मंडल कार्यवाह कुरई, श्री नरसिंह दास जी अग्रवाल कुरई समाजसेवी, जितेंद्र जी यादव समाजसेवी, सेक्टर प्रभारी सचिव कमल किशोर शर्मा उपस्थित रहे

सिवनी: जनपद शॉपिंग कॉम्पलेक्स की नीलामी हुई स्थगित; कलेक्टर ने लगाईं आगामी आदेश तक रोक

सिवनी: सिवनी जिले के जनपद पंचायत सिवनी के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने हाल ही में जानकारी दी है कि जनपद शॉपिंग कॉम्पलेक्स सिवनी की 38 दुकानों की नीलामी स्थगित कर दी गई है। यह निर्णय सिवनी कलेक्टर के निर्देशानुसार लिया गया है। यह नीलामी 11 जुलाई को होनी थी, परंतु प्रशासनिक कारणों के चलते इसे तत्काल प्रभाव से रोक दिया गया है।

नीलामी की प्रक्रिया

नीलामी की पूर्व योजना
जनपद शॉपिंग कॉम्पलेक्स सिवनी में 38 दुकानों की नीलामी की योजना बनाई गई थी। इस नीलामी के लिए 11 जुलाई की तिथि निर्धारित की गई थी। नीलामी के माध्यम से दुकानों को किराए पर देने की योजना थी ताकि स्थानीय व्यवसायियों को सस्ती और सुलभ व्यापारिक स्थान मिल सके।

स्थगन का कारण
सिवनी कलेक्टर द्वारा जारी निर्देशानुसार, जनपद शॉपिंग कॉम्पलेक्स की नीलामी स्थगित कर दी गई है। इस निर्णय का मुख्य कारण अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है। कलेक्टर के नोटशीट में स्पष्ट किया गया है कि नीलामी की कार्यवाही आगामी आदेश तक स्थगित रहेगी।

आगामी कदम

नई तिथि की घोषणा
अभी तक नीलामी की नई तिथि की घोषणा नहीं की गई है। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि नई तिथि की घोषणा जल्द ही की जाएगी। इस बीच, स्थानीय व्यवसायियों को सलाह दी गई है कि वे अपनी तैयारियों को जारी रखें और किसी भी अपडेट के लिए प्रशासनिक कार्यालय से संपर्क में रहें।

जबलपुर में स्कूलों की मनमानी पर बड़ा एक्शन: फीस में हुई थी अनधिकृत वृद्धि, अभिभावकों को वापस देने होंगे ₹69 करोड़; आदेश जारी

Jabalpur News: जबलपुर प्रशासन ने शहर के दस निजी स्कूलों को अनाधिकृत फीस वृद्धि के खिलाफ अभिभावकों को 69 करोड़ रुपये वापस करने का आदेश जारी किया है।

यह आदेश अभिभावकों की शिकायत के बाद आया है, जब शहर के कई स्कूलों ने जिला प्रशासन द्वारा तय की गई 10% की फीस वृद्धि सीमा का उल्लंघन किया था। आदेश में स्कूलों को एक महीने के भीतर राशि वापस करने का निर्देश दिया गया है। 

हालांकि स्कूल प्रबंधन को जिला स्तरीय समिति के आदेश के खिलाफ राज्य स्तरीय समिति में अपील करने का अवसर दिया गया है। उन्हें अपील दायर करने के लिए 15 दिन का समय दिया गया है।

फिलहाल यह कार्रवाई सिर्फ फीस बढ़ोतरी के मामले में है। यूनिफॉर्म और कोर्स फीस में बढ़ोतरी के मामले में जांच चल रही है। अगर कोई अनियमितता पाई जाती है तो स्कूलों को यूनिफॉर्म और कोर्स के लिए वसूले गए अतिरिक्त पैसे भी अभिभावकों को लौटाने होंगे।

रिफंड की गणना के लिए एक नया फार्मूला तैयार किया गया

वापस की जाने वाली राशि की गणना के लिए एक नया फॉर्मूला स्थापित किया गया है। उदाहरण के लिए, यदि कोई स्कूल नर्सरी कक्षा के लिए प्रति वर्ष 30,000 रुपये ले रहा है, तो प्रशासन ने फीस घटाकर 21,000 रुपये प्रति वर्ष कर दी है। इस प्रकार, स्कूल को अभिभावकों को प्रति छात्र 9,000 रुपये (30,000 – 21,000) वापस करना होगा। यह फॉर्मूला सभी कक्षाओं पर लागू होगा।

पुलिस, प्रशासन और शिक्षा विभाग के संयुक्त प्रयास

पिछले एक महीने से प्रशासन, शिक्षा विभाग और पुलिस की टीम शहर के 11 निजी स्कूलों की जांच कर रही है। एक महीने पहले कार्रवाई की शुरुआत में प्रशासन ने इन 11 स्कूलों के 51 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी।

आज तक, अध्यक्षों, प्रिंसिपलों, सीईओ, प्रबंधकों, सदस्यों और सलाहकारों सहित 21 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि 30 अभी भी फरार हैं।

MP: मंत्री प्रहलाद पटेल की PRO पूजा थापक ने फांसी लगाकर आत्महत्या की, महिला जनसंपर्क अधिकारी थी पूजा; पति से हुई थी बहस

भोपाल: राजधानी भोपाल (Bhopal) में मंगलवार-बुधवार की दरमियानी रात को एक और आत्महत्या का मामला सामने आया, जिसमें पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल (Prahlad Patel) के कार्यालय की महिला जनसंपर्क अधिकारी (PRO) ने आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान मध्य प्रदेश सरकार के पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग में पदस्थ पूजा थापक (Pooja Thapak) के रूप में हुई है।

जानकारी के अनुसार, पूजा थापक (Pooja Thapak) विवाहित थीं और अपने पति और परिवार के साथ राजधानी के साकेत नगर इलाके में रहती थीं। वह सहायक निदेशक के पद पर कार्यरत थीं और राज्य ग्रामीण विभाग में संचार और जनसंपर्क का काम संभालती थीं।

पूजा साकेत नगर स्थित अपने घर में फंदे से लटकी मिली

गोविंदपुरा पुलिस के मुताबिक, पूजा का मंगलवार रात को अपने पति से झगड़ा हुआ था। मंगलवार और बुधवार की दरमियानी रात को उसका शव फंदे से लटका मिला।

पति उस पर शक करता था 

पूजा थापक के पति निखिल दुबे भी टेक्नोलॉजी विभाग में असिस्टेंट डायरेक्टर हैं। दोनों ने 2 साल पहले लव मैरिज की थी और अब उनका 1 साल का बच्चा भी है। 

पूजा और निखिल के बीच पूजा के ऑफिस से देर से घर लौटने को लेकर बहस होती थी। 6 महीने पहले यह बहस और भी बढ़ गई थी। 

मंगलवार रात करीब 12 बजे दोनों के बीच किसी बात को लेकर झगड़ा हुआ जिसके बाद पूजा ने कमरे में जाकर फांसी लगा ली। पति ने जब उसे देखा तो उसे बचाया और एम्स ले गया, जहां कुछ देर इलाज के बाद उसे मृत घोषित कर दिया गया।

माता-पिता को किया गया अंतिम कॉल

पूजा का मायका इंदौर में है। उसने आखिरी बार अपनी मां को फोन किया था, जब उसने अपने माता-पिता को अपने पति से झगड़े के बारे में बताया था और कहा था कि वह अब उसके साथ नहीं रहना चाहती। उसके माता-पिता ने उसे समझाया और कुछ ही देर बाद पूजा ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।

घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और मामला दर्ज कर लिया। साथ ही शव को पोस्टमार्टम के लिए अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) भोपाल भेज दिया गया है। रिपोर्ट आने के बाद ही विस्तृत जानकारी सामने आएगी।

सिवनी में लगभग 24 घंटों से बंद पड़ा Airtel Xstream Fiber: 24×7 हाई स्पीड का दावा कितना सही?

सिवनी: मध्यप्रदेश के सिवनी जिले में एयरटेल कंपनी की ब्रॉडबैंड (Airtel Xstream Fiber) सुविधा है, जिसे Airtel Xstream Fiber के नाम से जाना जाता है, लगभग 24 घंटों से पूरी तरह ठप्प पड़ी हुई है। एयरटेल कंपनी, जो 24×7 हाई स्पीड इंटरनेट का दावा करती है, इस बार अपने ग्राहकों को निराश कर रही है।

एयरटेल एक्सट्रीम फाइबर: एक नज़र में

एयरटेल एक्सट्रीम फाइबर (Airtel Xstream Fiber), भारत की प्रमुख टेलीकॉम कंपनी एयरटेल द्वारा प्रदान की जाने वाली ब्रॉडबैंड सेवा है। यह सेवा विशेषकर उच्च गति और निर्बाध इंटरनेट कनेक्शन के लिए जानी जाती है। लेकिन, पिछले 24 घंटों से सिवनी में यह सेवा पूरी तरह से बंद है, जिससे उपभोक्ताओं को काफी परेशानी हो रही है।

Airtel Xstream Fiber के साथ ग्राहकों की शिकायतें और अनुभव

सिवनी के स्थानीय निवासियों का कहना है कि इस सेवा में अचानक रुकावट से उनके दैनिक कार्यों में बड़ी बाधा उत्पन्न हो रही है। ऑनलाइन क्लासेस, वर्क फ्रॉम होम, और अन्य महत्वपूर्ण कार्यों में दिक्कतें आ रही हैं। एक उपभोक्ता, रोहित कुमार शर्मा, ने बताया, “हमने एयरटेल एक्सट्रीम फाइबर को उसकी उच्च गति और अच्छी सेवा के कारण चुना था, लेकिन पिछले 24 घंटों से इंटरनेट बंद है और कोई भी समाधान नहीं मिल रहा है।”

तकनीकी समस्याएं और समाधान

इस तरह की रुकावटें अक्सर तकनीकी समस्याओं के कारण होती हैं। यह समस्याएं हार्डवेयर फेलियर, नेटवर्क कंजेशन, या सर्विस मेंटेनेंस के कारण हो सकती हैं। एयरटेल के तकनीकी दल को जल्द से जल्द इन समस्याओं को हल करने के लिए काम करना चाहिए, ताकि उपभोक्ताओं को दुबारा इस प्रकार की परेशानियों का सामना न करना पड़े।

एयरटेल की प्रतिक्रिया

अभी तक, एयरटेल कंपनी की ओर से इस समस्या पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। उपभोक्ता उम्मीद कर रहे हैं कि कंपनी जल्द से जल्द इस समस्या का समाधान करेगी और उन्हें बेहतर सेवा प्रदान करेगी।

कैसे प्रभावित हो रहे हैं उपयोगकर्ता?

यह इंटरनेट बंद होने की घटना खासकर उन लोगों के लिए बड़ी समस्या है जो अपने दैनिक कार्यों के लिए इंटरनेट पर निर्भर हैं। छात्रों की ऑनलाइन क्लासेस, प्रोफेशनल्स का वर्क फ्रॉम होम, और छोटे व्यापारियों का ऑनलाइन बिज़नेस बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।

एयरटेल एक्सट्रीम फाइबर की विशेषताएं और दावा

एयरटेल एक्सट्रीम फाइबर की मुख्य विशेषताएं हैं:

  • उच्च गति का इंटरनेट: एयरटेल का दावा है कि उनकी सेवा उपभोक्ताओं को 1 Gbps तक की गति प्रदान करती है।
  • 24×7 सेवा: कंपनी 24 घंटे, सातों दिन निर्बाध सेवा का वादा करती है।
  • उन्नत तकनीक: एयरटेल फाइबर ऑप्टिक तकनीक का उपयोग करती है जो उच्च गति और स्थिरता प्रदान करती है।

क्या कहता है उपभोक्ता समर्थन?

कई उपभोक्ता सहायता केंद्रों ने इस समस्या पर प्रतिक्रिया देने की कोशिश की है, लेकिन सिवनी के ग्राहकों का कहना है कि उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिला।

Indore Dengue News: इंदौर में लगातार पाँव पसार रहा डेंगू, 8 नए मामले, मृतकों की संख्या 113 हुई

इंदौर (मध्य प्रदेश): शहर में डेंगू चुपचाप फैल रहा है और हर दिन इसके मामले सामने आ रहे हैं। सोमवार को शहर में डेंगू के आठ मामले दर्ज किए गए, जबकि पिछले तीन दिनों में स्वास्थ्य अधिकारियों ने सात मामले दर्ज किए हैं।

डेंगू के कुल मामले 113 से अधिक हो गए हैं, जिससे स्वास्थ्य अधिकारी चिंतित हैं। मानसून की शुरुआत के साथ ही शहर में घातक वेक्टर जनित बीमारियाँ प्रमुख रूप से बढ़ रही हैं, जिसमें डेंगू सबसे आम होता जा रहा है।

पिछले पांच दिनों में 113 मामलों में से 29 मरीज़ों का पता चला है। सौभाग्य से मलेरिया का कोई मामला दर्ज नहीं किया गया है, जिससे कुल मौतों का आंकड़ा चार पर ही बना हुआ है।

आठ नए मामलों में से छह मरीज़ पुरुष हैं और दो महिलाएँ हैं, इसके अलावा, उनमें से एक बच्चा है। जहाँ तक डेंगू के कुल मामलों की बात है, 113 मामलों में से 61 पुरुष और 52 महिलाएँ बीमारी से पीड़ित हैं और उनमें से एक बच्चा है।

जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. दौलत पटेल ने कहा, “आने वाले दिनों में डेंगू के और मामले सामने आ सकते हैं। डेंगू मच्छर साफ पानी में पनपते हैं और लोगों को जलभराव से बचना चाहिए तथा बीमारी से बचने के लिए पूरी आस्तीन के कपड़े पहनने चाहिए।” उन्होंने कहा कि शहर में 18 सक्रिय मामले हैं, क्योंकि सभी मरीज घर पर ही इलाज करा रहे हैं।

सोमवार को डेंगू के मामले दर्ज

  • दिनांक: 08/07/2024
  • डेंगू के कुल मामले: 08
  • कुल पुरुष: 6
  • कुल महिला: 2
  • कुल बच्चे: 1

इस वर्ष डेंगू के दर्ज मामले

  • डेंगू के कुल मामले: 113
  • कुल पुरुष: 61
  • कुल महिला: 52
  • कुल बच्चे: 8
  • सक्रिय मामले: 8
  • मलेरिया के मामले: 4

Kabiliyat Ko Salaam: इंदौर प्रेस क्लब ने 60 असाधारण बच्चों को किया सम्मानित

Indore Press Club: इंदौर प्रेस क्लब ने रविवार को ‘काबिलियत को सलाम’ (Kabiliyat Ko Salaam) कार्यक्रम में मीडिया घरानों के 60 असाधारण बच्चों की उपलब्धियों का जश्न मनाया, जो वर्तमान में मेधावी विद्वान हैं। शिक्षा और खेल में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले इन छात्रों को CLAT और NEET जैसी परीक्षाओं के साथ-साथ राष्ट्रीय स्तर की खेल प्रतियोगिताओं में उनके उल्लेखनीय प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया।

संभागीय आयुक्त दीपक सिंह ने सभा को संबोधित करते हुए लक्ष्य प्राप्त करने के लिए आभासी दुनिया से बाहर निकलने के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने शारीरिक, मानसिक और सामाजिक स्वास्थ्य पर मोबाइल फोन के अत्यधिक उपयोग के प्रतिकूल प्रभावों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, ‘बच्चों के आभासी दुनिया में अत्यधिक शामिल होने के लिए माता-पिता भी जिम्मेदार हैं। समय से लक्ष्य निर्धारित करना महत्वपूर्ण है।’

अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अमित सिंह ने छात्रों को असफलता को सफलता की ओर एक कदम के रूप में अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया। ‘असफलता सफलता की सीढ़ी है। छोटी-छोटी असफलताओं को निराशा या अतिवादी कदम उठाने की ओर न ले जाने दें,’ उन्होंने व्यक्तिगत विकास में माता-पिता और शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करते हुए सलाह दी।

इंदौर प्रेस क्लब के अध्यक्ष अरविंद तिवारी ने डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम के दर्शन को दोहराते हुए बड़े सपने देखने और कड़ी मेहनत करने के लिए प्रोत्साहित किया। कार्यक्रम में कर्मवीर सिद्धार्थ सोनी स्मृति मंच द्वारा सड़क सुरक्षा पर एक लघु फिल्म भी दिखाई गई, जिसमें यातायात जागरूकता के महत्व पर जोर दिया गया। अतिरिक्त पुलिस आयुक्त सिंह ने इंदौर में सड़क दुर्घटनाओं की बढ़ती संख्या पर चिंता व्यक्त की और माता-पिता से अपने बच्चों को यातायात नियमों के बारे में शिक्षित करने का आग्रह किया।

कुल 56 विद्यार्थियों को 80 प्रतिशत से अधिक अंक लाने के लिए सम्मानित किया गया तथा चार को विशेष उपलब्धि के लिए सम्मानित किया गया, जिनमें मेदनी मुकेश तिवारी (नीट), अवनी अरविंद रघुवंशी (सीएलएटी), खुशी शर्मा (अग्निवीर) तथा राज्य स्तरीय एथलीट कनिष्का राजेश यादव शामिल हैं।

बालाघाट पुलिस को मिली बड़ी कामयाबी: वामपंथी उग्रवादी को मार गिराया, 14 लाख का था इनामी

Balaghat Naxal Encounter: बालाघाट पुलिस और हॉक फोर्स ने सोमवार को कान्हा भोरमदेव समिति के एक एरिया कमांडर को मार गिराया, जिसके सिर पर 14 लाख रुपये का इनाम था। पुलिस ने बताया कि खबर लिखे जाने तक बालाघाट के जंगलों में मुठभेड़ जारी थी।

नक्सल विरोधी अभियान के एडीजी जयदीप प्रसाद ने मीडिया को बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि वांछित नक्सली सोहन उर्फ ​​आयुत दैनिक जरूरत का सामान खरीदने के लिए सादे कपड़ों में कोठियाटोला के साप्ताहिक बाजार में पहुंच रहा है।  पुलिस भी बाजार पहुंची और उसकी तलाश शुरू की, लेकिन वह बाजार से भाग गया।

तभी पुलिस को एक और सूचना मिली कि कई वामपंथी उग्रवादी जंगल से गुजर रहे हैं। पुलिस ने उन्हें पहचान लिया और रुकने को कहा। इस पर उन्होंने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी और पुलिस ने भी जवाबी फायरिंग की। मुठभेड़ के बाद पुलिस ने इलाके की तलाशी ली और नक्सली सोहन का शव बरामद किया।

बाकी सदस्य जंगल में भाग गए थे, लेकिन वे अभी भी जंगल में पुलिस से मुकाबला कर रहे थे। पुलिस को संदेह है कि मुठभेड़ में और भी नक्सली घायल हुए हैं और कुछ और मारे गए हैं। यह नक्सली छत्तीसगढ़ के सुकमा का रहने वाला था और विस्फोटक बनाने में माहिर था। वह मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र में राष्ट्रविरोधी गतिविधियों में शामिल था। 

पुलिस ने एक 315 बोर की बंदूक और केनवुड द्वारा निर्मित हाई-एंड वायरलेस सेट जब्त किया है। एडीजी ने बताया कि यह वायरलेस बेहतरीन सेट में से एक है, जिसके माध्यम से घने जंगल में भी स्पष्ट संदेश सुने जा सकते हैं।

सोहन 2013 में वामपंथी उग्रवाद का सदस्य बन गया था। वह मध्य प्रदेश में 8 आपराधिक मामलों में वांछित था और राज्य सरकार ने उस पर 3 लाख रुपये का इनाम घोषित किया था, जबकि छत्तीसगढ़ ने 5 लाख रुपये और महाराष्ट्र ने उस पर 6 लाख रुपये का इनाम घोषित किया था।

MP: मंदिर जाते समय नदी थी उफान पर, जल्दबाजी की वजह से नदी में बही, मौत

Gwalior, Madhya Pradesh: मध्य प्रदेश के ग्वालियर में मंदिर तक पहुंचने के लिए नदी पार कर शॉर्टकट लेने का फैसला एक महिला के लिए जानलेवा साबित हुआ। नदी के बहाव में अचानक आई तेजी में वह बह गई, जिससे उसकी दर्दनाक मौत हो गई। यह घटना हस्तिनापुर थाना क्षेत्र के सिरसोद गांव में हुई।

पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। आधिकारिक रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है और आगे की जांच जारी है। पुलिस को स्टॉप डैम के पास से पीड़िता का शव मिला।

जानकारी के अनुसार मृतक की पहचान सिरसोद गांव की 42 वर्षीय बबीता शर्मा के रूप में हुई है। रिपोर्ट के अनुसार, आस-पास के ग्रामीण हर सुबह मंदिर जाने के लिए नदी पार करते थे। हालाँकि मंदिर तक पहुँचने के लिए एक वैकल्पिक मार्ग है, लेकिन यह लंबा है, और अधिकांश ग्रामीण जल स्तर कम होने पर नदी पार करना पसंद करते हैं।

लेकिन मंगलवार को नदी में सामान्य से ज़्यादा पानी था। बबीता अपनी पूजा की थाली लेकर नदी पार करने लगी। बीच में पहुँचते ही अचानक तेज़ बहाव ने उसे जकड़ लिया और वह बह गई।

घटना का पता चलते ही ग्रामीणों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने स्थानीय ग्रामीणों के साथ मिलकर खोज और बचाव अभियान शुरू किया। दो घंटे की खोजबीन के बाद बबीता का शव घटनास्थल से करीब एक किलोमीटर दूर स्टॉप डैम के पास तैरता हुआ मिला।