सिवनी: दागदार कर्मचारियों को बनाया समिति प्रबंधक, जांच और वसूली की कार्रवाई भी है लंबित

SHUBHAM SHARMA
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सिवनी: दागदार कर्मचारियों को बनाया समिति प्रबंधक, जांच और वसूली की कार्रवाई भी है लंबित

सिवनी: दागदार कर्मचारियों को बनाया समिति प्रबंधक, सहकारी समिति आष्टा एवं लालपुर का मामला. IBPS फार्म इंस्टिट्यूट ऑफ पर्सनल सिलेक्शन के तहत आदिम जाति सहकारी समिति लालपुर तथा बृहताकार सहकारी समिति आष्टा में समिति प्रबंधक के रूप में अनामिका निकोषे तथा प्राची शर्मा द्वारा सुचारू रूप से समिति प्रबंधक का दायित्व निभाया जा रहा था। इनके कार्यभार के दौरान समिति के संचालन के साथ-साथ समिति से जुड़े हजारों किसानों को समय पर खाद, बीज, और वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही थी।

समिति प्रबंधक के रूप में दागदार कर्मचारियों की नियुक्ति

सहकारिता विभाग के आला अधिकारियों ने अनामिका निकोषे और प्राची शर्मा को हटाकर एक बार फिर से समिति प्रबंधक का प्रभार दागदार कर्मचारियों के हाथों में सौंप दिया है। इन कर्मचारियों के खिलाफ जांच और वसूली की कार्रवाई भी लंबित है। जिन कर्मचारियों को वर्तमान में समिति प्रबंधक का प्रभार सौंपा गया है, वे पहले भी अनियमितताओं के चलते निलंबित रह चुके हैं।

IBPS फार्म इंस्टिट्यूट ऑफ पर्सनल सिलेक्शन के तहत हुई थी नियुक्ति

उल्लेखनीय है कि IBPS फार्म इंस्टिट्यूट ऑफ पर्सनल सिलेक्शन एक ऐसी संस्था है जो बैंक कर्मचारियों की नियुक्ति के लिए परीक्षाओं का आयोजन करती है। इसी संस्था के माध्यम से अनामिका निकोषे और प्राची शर्मा की नियुक्ति लालपुर और आष्टा की समितियों में की गई थी। दोनों प्रबंधक तीन से चार माह से सुचारू रूप से कार्य कर रही थीं, किन्तु सहकारिता विभाग के अधिकारियों ने इन्हें हटाकर दागदार कर्मचारियों को फिर से नियुक्त कर दिया।

शिकायतों और चक्काजाम की स्थिति

सहकारी समितियों में किसानों का लेन-देन खाद, बीज और कर्ज के रूप में चलता है। समिति के संचालन और वित्तीय अनियमितताओं को लेकर आष्टा में चक्काजाम की स्थिति भी उत्पन्न हुई थी। लालपुर समिति में लाखों रुपये की वसूली के साथ-साथ उपायुक्त पंजीयक सहकारिता सिवनी से जांच भी प्रारंभ है। जिन कर्मचारियों को वर्तमान में समिति प्रबंधक का प्रभार सौंपा गया है, वे अनियमितताओं के चलते लंबे समय तक निलंबित रहे थे।

जिला सहकारी केंद्रीय बैंक की स्थिति

जिला सहकारी केंद्रीय बैंक में भी वर्षों से अंगद की तरह जमे हुए कर्मचारी हैं। इन कर्मचारियों के खिलाफ कई शिकायतों के बावजूद उन्हें हटाने की कार्रवाई नहीं की जा रही है। वहीं दूसरी तरफ, जो प्रबंधक सुचारू रूप से समिति का संचालन कर रहे थे, उन्हें हटाने में देरी नहीं की गई।

सिवनी जिला कलेक्टर का ध्यान आवश्यक

यह आवश्यक है कि जिले की संवेदनशील जिला कलेक्टर इस ओर ध्यान दें और उचित कार्रवाई करें।

इनका कहना

कार्यरत समिति प्रबंधकों की छह माह की ट्रेनिंग पूरी नहीं हुई थी, इसलिए उन्हें समिति प्रबंधक से हटाकर संस्था के सीनियर को प्रभार सौंपा गया है। शिवदयाल तंतुवाय – प्रशासक- सहकारी समिति आष्टा एवं लालपुर

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