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सिवनी: पेरिस ओलंपिक क्विज में खिलाड़ियों ने दिखाया उत्साह, पुरस्कार से सम्मानित किए गए; खेल और युवा कल्याण विभाग द्वारा हुआ आयोजन

सिवनी: जिला खेल और युवा कल्याण अधिकारी श्रीमती मनु धुर्वे के मार्गदर्शन में खेल और युवा कल्याण विभाग ने आज पेरिस ओलंपिक स्पोर्ट्स क्विज प्रतियोगिता का सफल आयोजन किया गया. इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में खिलाड़ियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया.

प्रतियोगिता में पेरिस में चल रहे ओलंपिक 2024 खेलों से संबंधित प्रश्न पूछे गए, जो खिलाड़ियों की खेल और ओलंपिक से जुड़ी जानकारी को परखने के लिए थे. सही उत्तर देने वाले सभी खिलाड़ियों को जिला खेल अधिकारी श्रीमती मनु धुर्वे, वरिष्ठ पीटीआई श्री देवेंद ठाकुर सर, सीनियर खिलाड़ियों एवं उपस्थित विभागीय कर्मचारियों द्वारा खेल पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया।

इसके अतिरिक्त, एक से अधिक सही उत्तर देने वाले सभी खिलाड़ियों को पुरस्कार के साथ-साथ विभाग की ओर से एक-एक टीशर्ट भी दी गई, ताकि उनके ज्ञान और भागीदारी को विशेष मान्यता मिल सके।

कार्यक्रम का मंच संचालन और ओलंपिक से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियों को साझा करने का कार्य ब्लॉक युवा समन्वयक श्री निकेश पदमाकर ने किया. इस अवसर पर विभागीय कर्मचारी श्री नारायण सिंह बिसेन, श्री लक्ष्मी प्रसाद ठाकरे, जिला खेल प्रशिक्षक श्री अब्दुल हक खान, श्रीमती संगीता सिंह, श्रीमती हेमा गौर, श्री फैजल खान, विकासखंड युवा समन्वयक श्री ओम कुमार शिवे, श्रीमती सुषमा डेहरिया, श्री मोहन लाल सनोड़िया, श्री सुरत उईके, श्री वीरसिंह पटले, और श्री ऋषि कोरी भी उपस्थित रहे।खेल और युवा कल्याण विभाग की इस पहल ने खिलाड़ियों में उत्साह और समर्पण की भावना को उजागर किया, जो खेलों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

सिवनी जिले को मिले 3 नवीन अंतर्राष्ट्रीय शतरंज खिलाड़ी, गर्व का क्षण

सिवनी: सिवनी जिले के खेल प्रेमियों के लिए गर्व का क्षण है। विगत दिनों सिवनी में आयोजित दो दिवसीय शतरंज प्रतियोगिता में जिले के खिलाड़ियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन कर अंतराष्ट्रीय शतरंज रेटिंग प्राप्त की है।

इस प्रतियोगिता में जिले के शिवांश गुप्ता, राजवीर ठाकुर, और तनिष्का श्रीवास्तव ने हिस्सा लिया और शानदार खेल कौशल का प्रदर्शन किया। शिवांश गुप्ता ने 1501, राजवीर ठाकुर ने 1533, और तनिष्का श्रीवास्तव ने 1413 की अंतराष्ट्रीय शतरंज रेटिंग हासिल की।

यह तीनों खिलाड़ी अब अंतराष्ट्रीय स्तर पर सिवनी जिले का प्रतिनिधित्व करेंगे। जानकारी के लिए आपको बता दें कि इन तीनो खिलाडियों में शिवांशु गुप्ता डी. पी. चतुर्वेदी कॉलेज के बीकॉम के छात्र है. जिन्होंने कॉलेज के साथ साथ परिवार और जिले का नाम रोशन किया है.

खबर सत्ता की टीम ने इन तीनों खिलाड़ियों को हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। “इन खिलाड़ियों ने न केवल सिवनी का नाम रोशन किया है, बल्कि अन्य युवा खिलाड़ियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बने हैं।”

सिवनी जिले में शतरंज का क्रेज बढ़ता जा रहा है और इस प्रतियोगिता के सफल आयोजन से युवा खिलाड़ियों को आगे बढ़ने के नए अवसर मिलेंगे। शिवांश, राजवीर, और तनिष्का के माता-पिता भी अपने बच्चों की इस उपलब्धि से बेहद खुश हैं और उन्हें आगे भी ऐसे ही प्रदर्शन करने की प्रेरणा दे रहे हैं।

शतरंज प्रेमियों और खेल संघ की और से इन खिलाड़ियों को शुभकामनाएं दी जा रही हैं, और सभी उम्मीद कर रहे हैं कि वे आगे भी इसी तरह जिले और देश का नाम रोशन करेंगे।

सिवनी: फिर खोले गए भीमगढ़ बांध के 3 गेट, सतर्क रहें सावधान रहें

सिवनी: सिवनी जिले के तिलवारा बायीं तट नहर संभाग केवलारी के कार्यपालन यंत्री ने जानकारी दी है कि लगातार जलावक के कारण शुक्रवार 2 अगस्त को दोपहर 2 बजे से भीमगढ़ डेम के तीन गेट खोल दिए गए हैं। इससे 25 हजार घन मीटर प्रति सेकेंड पानी वैनगंगा नदी में छोड़ा जा रहा है।

इस निर्णय के पीछे लगातार हो रही बारिश और जलस्तर में वृद्धि है, जिसके कारण डेम में पानी का स्तर खतरे के निशान को पार कर गया था। इस स्थिति को नियंत्रित करने और संभावित बाढ़ से बचाव के लिए डेम के गेट खोलना आवश्यक हो गया था।

कलेक्टर सुश्री संस्कृति जैन ने डेम के निचले क्षेत्रों में रहने वाले निवासियों से सतर्क रहने की अपील की है। उन्होंने कहा कि वैनगंगा नदी में जलस्तर बढ़ने के कारण बाढ़ की संभावना है, इसलिए सभी लोग सावधानी बरतें और सुरक्षित स्थान पर चले जाएं।

भीमगढ़ डेम के गेट खुलने से वैनगंगा नदी के जलस्तर में तेजी से वृद्धि हो रही है, जिससे निचले इलाकों में पानी भरने का खतरा बढ़ गया है। प्रशासन ने इसके मद्देनजर सभी संबंधित विभागों को अलर्ट कर दिया है और राहत एवं बचाव कार्य के लिए तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।

इस समय सभी नागरिकों से अनुरोध है कि वे प्रशासन के निर्देशों का पालन करें और किसी भी प्रकार की आपदा से बचने के लिए आवश्यक सावधानियां बरतें।

सिवनी, मंदसौर और नीमच मेडिकल कॉलेज इसी सत्र से होंगे प्रारंभ – सीएम मोहन यादव

सिवनी: मध्यप्रदेश सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए सिवनी, मंदसौर और नीमच जिलों में नवीन मेडिकल कॉलेज प्रारंभ करने का निर्णय लिया है। यह जानकारी खुद मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अपने आधिकारिक फेसबुक पेज पर साझा की। सीएम मोहन यादव ने कहा, “डबल इंजन सरकार का निरंतर प्रयास, मध्यप्रदेश का हो रहा चहुँमुखी विकास।” इस कदम से प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में एक नई क्रांति आने की संभावना है।

मेडिकल कॉलेज की आवश्यकता और महत्व

मध्यप्रदेश में चिकित्सा शिक्षा की स्थिति को सुधारने के लिए इन मेडिकल कॉलेजों का प्रारंभ अत्यंत आवश्यक था। वर्तमान में राज्य के कई क्षेत्रों में चिकित्सा शिक्षा का अभाव है, जिससे विद्यार्थियों को अन्य राज्यों में जाना पड़ता है। इससे न केवल विद्यार्थियों को कठिनाई होती है, बल्कि राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं पर भी प्रभाव पड़ता है।

सिवनी में मेडिकल कॉलेज

सिवनी जिला, जो कि वन्य जीवन और प्राकृतिक सुंदरता के लिए प्रसिद्ध है, अब एक मेडिकल कॉलेज के माध्यम से शिक्षा के क्षेत्र में भी अपनी पहचान बनाएगा। इस कॉलेज में आधुनिक चिकित्सा सुविधाएँ और उच्च गुणवत्ता की शिक्षा प्रदान की जाएगी। सिवनी के विद्यार्थियों को अब चिकित्सा शिक्षा के लिए अन्य शहरों में जाने की आवश्यकता नहीं होगी।

मंदसौर में मेडिकल कॉलेज

मंदसौर, जो कि अपने ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व के लिए जाना जाता है, अब एक मेडिकल कॉलेज के माध्यम से चिकित्सा शिक्षा का केंद्र बनेगा। यह कॉलेज न केवल मंदसौर के विद्यार्थियों के लिए, बल्कि आसपास के जिलों के विद्यार्थियों के लिए भी एक महत्वपूर्ण संसाधन साबित होगा। यहां की चिकित्सा सुविधाएँ और शिक्षण स्तर राज्य के अन्य कॉलेजों के बराबर होंगे।

नीमच में मेडिकल कॉलेज

नीमच, जो कि अपनी समृद्ध संस्कृति और इतिहास के लिए प्रसिद्ध है, अब एक मेडिकल कॉलेज के माध्यम से चिकित्सा शिक्षा में एक नई पहचान बनाएगा। इस कॉलेज में उच्च गुणवत्ता की चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान की सुविधाएँ प्रदान की जाएंगी। नीमच के विद्यार्थियों को अब उच्च गुणवत्ता की चिकित्सा शिक्षा अपने ही जिले में प्राप्त होगी।

डबल इंजन सरकार का योगदान

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अपने संदेश में इस बात पर जोर दिया कि डबल इंजन सरकार के निरंतर प्रयासों से ही यह संभव हो पाया है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य प्रदेश के प्रत्येक जिले में चिकित्सा शिक्षा की पहुंच को सुनिश्चित करना है। इन तीन मेडिकल कॉलेजों का प्रारंभ इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

चिकित्सा शिक्षा की दिशा में एक नया युग

इन मेडिकल कॉलेजों के प्रारंभ से राज्य में चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में एक नया युग आरंभ होगा। विद्यार्थियों को आधुनिक सुविधाओं और उच्च गुणवत्ता की शिक्षा प्राप्त होगी, जिससे वे भविष्य में देश के स्वास्थ्य सेवाओं में महत्वपूर्ण योगदान दे सकेंगे।

स्थानीय रोजगार के अवसर

इन मेडिकल कॉलेजों के प्रारंभ से न केवल विद्यार्थियों को लाभ होगा, बल्कि स्थानीय लोगों को भी रोजगार के नए अवसर प्राप्त होंगे। शिक्षक, प्रशासनिक कर्मचारी, तकनीकी स्टाफ और अन्य संबंधित सेवाओं में स्थानीय लोगों को प्राथमिकता दी जाएगी।

आर्थिक विकास में योगदान

इन मेडिकल कॉलेजों के प्रारंभ से संबंधित जिलों में आर्थिक विकास भी होगा। छात्रों और शिक्षकों की बढ़ती संख्या से स्थानीय बाजारों में भी आर्थिक गतिविधियाँ बढ़ेंगी। साथ ही, स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार से स्थानीय लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएँ मिलेंगी, जिससे उनकी जीवन स्तर में भी सुधार होगा।

सिवनी, मंदसौर और नीमच जिलों में नवीन मेडिकल कॉलेजों का प्रारंभ मध्यप्रदेश सरकार का एक महत्वपूर्ण निर्णय है। इससे राज्य में चिकित्सा शिक्षा का स्तर बढ़ेगा और विद्यार्थियों को उच्च गुणवत्ता की शिक्षा प्राप्त होगी। इसके साथ ही, स्थानीय रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे और आर्थिक विकास को भी बढ़ावा मिलेगा। यह कदम राज्य के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

सिवनी: बरघाट SDOP ललित गठरे ने SEONI में रितिक दीक्षित पर झूठा प्रकरण दर्ज करने की दी धमकी; कार्यक्षेत्र के बाहर पद का किया दुरुपयोग

सिवनी: हाल ही में जिले के बरघाट एसडीओपी ललित गठरे (Barghat SDOP Lalit Gathre) पर पद का दुरुपयोग करते हुए जबरन पुलिस केस दर्ज करने का मामला सामने आया है।

यह घटना सिवनी जिले के रितिक दीक्षित (Ritik Dixit) और बरघाट एसडीओपी ललित गठरे (Barghat SDOP Lalit Gathre) के परिवार के बीच चल रहे जमीन जायदाद विवाद के संदर्भ में है। यह मुद्दा न केवल कानून व्यवस्था के लिए गंभीर है, बल्कि प्रशासनिक धांधली को भी उजागर करता है।

यहाँ सबसे मुख्य रूप इस मामले में बरघाट एसडीओपी पर अपने पद का दुरुपयोग करने की बात सामने आ रही है. मामला उजागर होने के बाद से ही जिले में चौक चौराहो में चर्चाओं का बाजार गर्म है. चर्चाओं के बाजार में बरघाट एसडीओपी की तुलना किडनपर्स से की जाने लगी है जिस तरह से इस मामले में बरघाट एसडीओपी द्वारा अपने कार्यक्षेत्र से बाहर से रितिक को अपने साथ बरघाट ले जाकर प्रयास और झूठे प्रकरणों में फसाने की बात सामने आना ख़ाकी वर्दी और अपने पद का पूर्ण रूप से दुरुपयोग है.

सिवनी निवासी रितिक दीक्षित (Ritik Dixit) के दादा और बरघाट एसडीओपी ललित गठरे (Barghat SDOP Lalit Gathre) के पिताजी के बीच जमीन जायदाद को लेकर कोर्ट में मामला चल रहा है जो न्यायालय में विचाराधीन है। इस विवाद ने एक नई मोड़ तब ली जब रितिक दीक्षित ने अपने बस ड्राइवर को उसके गांव छोड़ने के बाद अपनी जीप से लौट रहे थे।

खैरी टेक पर हुई घटना

रास्ते में खैरी टेक जो कि सिवनी कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत आता है, वहां बरघाट एसडीओपी अपने क्षेत्राधिकार से बाहर जाकर अपनी गाड़ी में दो सिविल में सिपाहियों को लेकर पहुंचे। उन्होंने रितिक पर जबरदस्ती गोकशी, गांजा और शराब का अपराध दर्ज करने की बात कहते हुए उसे गाड़ी में बैठा लिया और बरघाट थाने ले जाने को कहने लगे।

रितिक दीक्षित की साहसिक प्रतिक्रिया

रास्ते में ही रितिक ने कहा कि यह क्षेत्र कोतवाली पुलिस में आता है और वह वही ले जाएगा। यह कहकर उसने अपने घर की ओर गाड़ी मोड़ दी। गाड़ी पहुंचते ही मोहल्ले के लोग आ गए और दबाव बनता देख एसडीओपी अपने कर्मचारियों के साथ भाग खड़े हुए।

प्रशासनिक प्रतिक्रिया

पुलिस अधीक्षक की जांच

इस पूरे प्रकरण पर सिवनी पुलिस अधीक्षक सुनील मेहता ने कहा कि मामले की जांच अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक से करवाई जाएगी। यदि जांच के उपरांत दोषी पाया जाएगा तो उनके खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाएगी।

समाज का दृष्टिकोण

न्याय की उम्मीद

इस घटना ने समाज में न्याय के प्रति एक नई उम्मीद जगाई है। रितिक दीक्षित जैसे साहसिक नागरिकों के कारण ही अन्याय के खिलाफ आवाज उठाई जा सकती है। यह मामला प्रशासनिक धांधली और पद के दुरुपयोग के खिलाफ एक महत्वपूर्ण उदाहरण प्रस्तुत करता है।

यह घटना दर्शाती है कि किस प्रकार से प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा अपने पद का दुरुपयोग किया जा सकता है। साथ ही, यह भी दर्शाता है कि साहस और सत्य की शक्ति से अन्याय के खिलाफ लड़ाई लड़ी जा सकती है। हम आशा करते हैं कि इस मामले में सच्चाई की जीत होगी और दोषियों को उचित सजा मिलेगी।

MP WEATHER UPDATE: मध्य प्रदेश के इन 19 जिलों के लिए मौसम बिभाग ने जारी किया ऑरेंज अलर्ट; अगले चार दिन भारी बारिश

भोपाल (मध्य प्रदेश): मध्य प्रदेश में जुलाई महीने में सामान्य से 1.3 इंच ज़्यादा बारिश हुई है। इसी तरह अगस्त में भी भारी बारिश की संभावना है। गुरुवार को भोपाल, सागर, जबलपुर, नर्मदापुरम, ग्वालियर और चंबल समेत राज्य के छह संभागों के 19 जिलों में भारी बारिश की संभावना है। साथ ही रायसेन, विदिशा और शाजापुर में बुधवार देर रात से लगातार बारिश हो रही है। 

अब तक मध्य प्रदेश में मौसमी बारिश का 51% यानी 18.9 इंच बारिश हो चुकी है। जुलाई में सामान्य से ज़्यादा बारिश हुई और अगस्त में भी यही रुझान रहने की उम्मीद है। राज्य में एक मज़बूत मौसमी सिस्टम सक्रिय है और अगले चार दिनों तक ऐसा ही रहने का अनुमान है, जिससे बारिश की तीव्रता अलग-अलग हो सकती है।

गुरुवार को भारी बारिश की चेतावनी

दतिया, शिवपुरी, अशोकनगर, विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्ना, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडोरी, अनुपपुर, शहडोल, कटनी, दमोह, पन्ना, ग्वालियर, श्योपुर, भिंड, निवाड़ी, भोपाल में अलर्ट है। , सीहोर, हरदा, बैतूल, सागर, जबलपुर, उमरिया, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली और टीकमगढ़।

हल्की बारिश, तूफान की चेतावनी

इंदौर और उज्जैन समेत प्रदेश के अन्य जिलों में मौसम बदला रहेगा।

अगले 4 दिनों तक भारी से हल्की वर्षा

आईएमडी भोपाल की वरिष्ठ वैज्ञानिक दिव्या ई. सुरेंद्रन के अनुसार, मानसून की द्रोणिका प्रदेश से थोड़ा ऊपर है। अरब सागर की ओर एक चक्रवाती परिसंचरण और क्षेत्र में एक और चक्रवाती परिसंचरण है। इन मजबूत गतिविधियों के जारी रहने की उम्मीद है, जिससे अगले चार दिनों में विभिन्न क्षेत्रों में भारी से हल्की बारिश हो सकती है।

अब तक की बारिश का रिकॉर्ड

अब तक सिवनी में सबसे ज्यादा 31.74 इंच बारिश हो चुकी है, जबकि रीवा में 8 इंच से भी कम बारिश हुई है। सक्रिय मौसमी सिस्टम का खासा असर प्रदेश के पूर्वी इलाकों जबलपुर, सागर, शहडोल और रीवा संभागों पर पड़ेगा, जिससे बारिश के आंकड़ों में बढ़ोतरी होगी।

कुल मिलाकर राज्य में औसत से 7% अधिक बारिश हुई है। पूर्वी हिस्से में 1% अधिक, जबकि पश्चिमी हिस्से में सामान्य से 14% अधिक बारिश हुई है।

MP के Maheshwar में माँ के साथ बेटी और बेटे के नर्मदा में नहाते समय डूबने से मौत

महेश्वर: बुधवार को महेश्वर के मंडल खोर घाट पर नर्मदा में नहाते समय इंदौर के एक परिवार के तीन सदस्यों की मौत हो गई। मृतकों की पहचान 45 वर्षीय उर्मिला राजपूत और उनके दो बच्चों 25 वर्षीय बेटी मोहिनी और 18 वर्षीय बेटे विक्रम के रूप में हुई है।

इंदौर के सांवेर रोड ई-सेक्टर स्थित अरविंदो का रहने वाला यह परिवार बुधवार सुबह महेश्वर घूमने आया था। यह दुखद घटना तब घटी जब नहाते समय विक्रम डूबने लगा। उसे बचाने के लिए उसकी मां और बहन नदी में कूद पड़ीं।

दुर्भाग्य से, उनमें से कोई भी तैरना नहीं जानता था, जिसके कारण दोनों की मौत हो गई। विक्रम का बड़ा भाई अमन राजपूत, जो घाट के ऊपर बैठा था और अपना मोबाइल फोन इस्तेमाल कर रहा था, उसने देखा कि उसकी माँ और बहन की लाशें पानी में तैर रही थीं।

उन्होंने तुरंत स्थानीय गोताखोरों को सूचित किया। गोताखोरों ने उर्मिला और मोहिनी के शव बरामद कर लिए, जबकि विक्रम के शव की तलाश जारी है। इस घटना से परिवार और स्थानीय समुदाय सदमे में है। उर्मिला राजपूत और उनकी बेटी मोहिनी, जो अपने पीछे डेढ़ महीने का बेटा भी छोड़ गई हैं, उनके चाहने वालों ने गहरा शोक व्यक्त किया है।

सूचना मिलते ही इंस्पेक्टर पंकज तिवारी, एसडीएम अनिल जैन और तहसीलदार राकेश सस्तिया मौके पर पहुंचे। उर्मिला और मोहिनी के शवों को आगे की प्रक्रिया के लिए महेश्वर अस्पताल भेजा गया।

MP PWD MINISTER: पीडब्ल्यूडी मंत्री राकेश सिंह के नाम का उपयोग कर किया जा रहा साइबर अटैक; Facebook पर बनाया फर्जी अकाउंट फिर मांगे पैसे

भोपाल (मध्य प्रदेश): मध्य प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह बुधवार को साइबर अटैक का शिकार हो गए। एक अज्ञात जालसाज ने उनके नाम और फोटो का इस्तेमाल कर फर्जी फेसबुक आईडी बनाई और पैसों की मांग करने लगा।

मंत्री राकेश सिंह को जैसे ही पता चला कि उनके नाम और फोटो का इस्तेमाल करके फर्जी फेसबुक अकाउंट बनाया गया है और जालसाज मैसेंजर के जरिए पैसे मांग रहा है, तो उन्होंने तुरंत मामले की सूचना साइबर पुलिस को दी। मंत्री राकेश सिंह ने सभी से इस जालसाजी के झांसे में न आने की अपील की है।

मंत्री ने मामले की सूचना साइबर पुलिस को दी

जालसाज ने खुद को मंत्री राकेश सिंह बताते हुए सबसे पहले मैसेज भेजा, जिसमें लिखा था, “हैलो, कैसे हो?” प्राप्तकर्ता ने जवाब दिया, “मैं अच्छा हूं, आपके आशीर्वाद से।” जालसाज ने फिर पूछा, “आप कहां हैं?” जिस पर प्राप्तकर्ता ने जवाब दिया, “महिंद्रा ट्रैक्टर एजेंसी में।” फिर जालसाज ने कहा, “मुझे आपसे एक काम चाहिए” और जब प्राप्तकर्ता ने पूछा कि वह क्या है, तो जालसाज ने तत्काल पैसे ट्रांसफर करने का अनुरोध किया।

मंत्री राकेश सिंह को जैसे ही फर्जी फेसबुक आईडी और धोखाधड़ी वाले संदेशों के बारे में पता चला, उन्होंने पूरी घटना की सूचना साइबर पुलिस को दी। उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट करके लोगों को आगाह किया कि कोई असामाजिक तत्व उनके नाम से फर्जी अकाउंट बनाकर पैसे की मांग कर रहा है और उन्होंने इसकी सूचना पुलिस को दे दी है। उन्होंने सभी से सतर्क रहने का अनुरोध किया। जब हमने मंत्री राकेश सिंह से टिप्पणी के लिए संपर्क करने की कोशिश की, तो उनसे संपर्क नहीं हो सका।

संस्कृत संस्थान की वेबसाइट पर उपलब्ध हैं संस्कृत की प्राचीन पुस्तकें @mpssbhopal.org

भोपाल के महर्षि पतंजलि संस्कृत संस्थान की समेकित वेबसाइट www.mpssbhopal.org संचालित हो रही है। इस वेबसाइट में शासकीय जीवाजी वैधशाला उज्जैन एवं शासकीय योग प्रशिक्षण केन्द्र भोपाल की जानकारी का भी समावेश किया गया है। 

वेबसाइट पर करीब 540 प्राचीन संस्कृत पुस्तकें पब्लिक डोमेन पर डाली गई हैं। इसके साथ ही संस्थान की परीक्षा में शामिल होने वाले परीक्षार्थियों को मार्गदर्शन के लिये ब्लू प्रिन्ट, प्रश्न बैंक और आदर्श उत्तर पाठय सामग्री सहित संस्कृत संस्थान की नवीन पाठयक्रम को भी प्रदर्शित किया गया है।

संस्कृत भाषा में एलकेजी (अरूण), यूकेजी (उदय) कक्षाओं के लिये प्रथम भाग एवं द्वितीय भाग तथा कक्षा एक की पाठयपुस्तकें एवं कक्षा 3 कक्षा 10 के लिये प्रायोगिक खगोल विज्ञान की भाग-1, भाग-2 और भाग-3 की पाठयपुस्तकें भी प्रदर्शित की गई हैं। इसी के साथ नवीन पाठयक्रम अनुसार गुजरात राज्य शाला पाठयपुस्तक मंडलम से प्राप्त कक्षा 9वीं से 12 तक की प्राच्य संस्कृत विषयों की 22 पाठयपुस्तकें स्केन कर अपलोड की गई हैं।

पतंजलि संस्कृत संस्थान का अधोसंरचना विकास

महर्षि पतंजलि संस्कृत संस्थान भोपाल के तुलसी नगर के नवीन भवन का निर्माण कार्य 10 करोड़ 25 लाख रूपये की लागत से पूरा किया जा चुका है। संस्थान के आधुनिक ऑडोटिरियम में 150 लोगों के बैठने की व्यवस्था की गई है।

योग संस्थान में प्रशिक्षण लेने वाले प्रशिक्षणार्थिों के आवासीय सुविधा के लिये लोक निर्माण विभाग के पीआईयू भोपाल के माध्यम से जी प्लस-4 भवन निर्माण की डीपीआर प्राप्त की जा चुकी है। महर्षि पतंजलि संस्कृत संस्थान स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत संचालित हो रहा है।

आवासीय संस्कृत विद्यालय

महर्षि पतंजलि संस्कृत संस्थान द्वारा प्रदेश के दतिया और डिण्डोरी में आवासीय संस्कृत विद्यालय संचालित किये जा रहे हैं। संस्थान द्वारा नवीन संस्कृत विद्यालय प्रारंभ किये जाने के संबंध में सीहोर एवं हरदा में विद्यालय के लिये 5 एकड़ भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेजी से की जा रही है। राजगढ़ जिले के सारंगपुर में भैसवामाता में आवासीय संस्कृत वैदिक माध्यमिक पाठशाला पिछले साल से प्रारंभ की गई है। विदिशा जिले के सिरोंज में शासकीय र्मॉडल स्कूल के परिसर में आवासीय संस्कृत विद्यालय सफलतापूर्वक संचालित किया जा रहा है।

MPCZ: मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के Social Media पेज को करें फॉलो, यहाँ मिल रहीं बिजली संबंधी सूचनाएं

मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी कार्यक्षेत्र के भोपाल, ग्वालियर, नर्मदापुरम एवं चंबल संभाग के 16 जिलों के अंतर्गत आने वाले बिजली उपभोक्ताओं को बिजली क्षेत्र से जुड़ी नवीनतम योजनाएं, तकनीकी जानकारी, विभिन्न प्रमाणिक सूचनाएं सोशल मीडिया के माध्यम से आसानी से उपलब्ध हो रही हैं।

कंपनी द्वारा बिजली उपभोक्ताओं को अन्य जनसंचार माध्यम से मिलने वाली सूचनाओं के अलावा सोशल मीडिया के माध्यम से फेसबुक, एक्स एवं यूट्यूब चैनल से भी उपलब्ध कराई जा रही हैं

मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने बताया है कि कंपनी कार्य क्षेत्र के बिजली उपभोक्ता कंपनी के अधिकृत सोशल मीडिया के फेसबुक पेज फॉलो करने लिए के लिए https://www.facebook.com/mpcz.bhopal तथा एक्स से जुड़ने के लिए https://x.com/mpczDiscom एवं यूट्यूब चैनल को सब्सक्राइब करने लिए www.youtube.com/@jansamparkMPCZ दिए गए लिंक पर क्लिक कर निरंतर विद्युत से जुड़ी तमाम योजनाएं, खबरों, शटडाउन आदि से अपडेट हो सकेंगे। इससे उपभोक्ताओं को घर बैठे ही विद्युत संबंधी सभी जानकारियां अपने मोबाइल पर भी आसानी से मिल सकेंगी।

मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने बिजली उपभोक्ताओं से अपील की है कि कंपनी की विद्युत से जुड़ी तमाम जानकारियों से अपडेट रहने के लिए एवं सुझाव अथवा शिकायतों के निराकरण लिए कंपनी के सोशल मीडिया के फेसबुक, एक्स एवं यूट्यूब चैनल को लाइक और सब्सक्राइब करें एवं घर बैठे सूचनाएं प्राप्त करें।