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सिवनी: जनता नगर के कबाड़े में लगी भीषण आग – Watch Video

सिवनी: सिवनी जिले के जनता नगर में आज 03 अगस्त रात लगभग 11 बजे एक बड़ी घटना सामने आई है। यहाँ एक कबाड़े के गोदाम में भीषण आग लग गई है। आग इतनी भयानक है कि इसे बुझाने के लिए फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियों की आवश्यकता पड़ सकती है । आग के कारण पूरे इलाके में धुआं फैल गया है और आसपास के लोग दहशत में हैं।

इस घटना की सूचना मिलते ही आसपास के लोग भी आग को बुझाने के प्रयास में जुट गए हैं। स्थानीय निवासी बाल्टी और पाइप का इस्तेमाल कर आग पर काबू पाने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन आग की तीव्रता इतनी ज्यादा है कि उनके प्रयास काफी नहीं साबित हो रहे हैं।

आग की वजह से गोदाम में रखा सारा सामान जलकर खाक हो गया है। आग लगने के कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है, लेकिन अनुमान लगाया जा रहा है कि यह शॉर्ट सर्किट के कारण हो सकती है।

आसपास के लोगों ने बताया कि आग इतनी तेजी से फैली कि किसी को भी कुछ समझने का मौका नहीं मिला। कुछ ही मिनटों में आग ने पूरे गोदाम को अपनी चपेट में ले लिया। घटना स्थल पर पुलिस भी मौजूद है और भीड़ को नियंत्रित करने का प्रयास कर रही है।

लोगों से अपील की है कि वे शांत रहें और किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें। आग बुझाने के सारे प्रयास किए जा रहे हैं और जल्द ही स्थिति को नियंत्रित कर लिया जाएगा।

BSNL के ग्राहकों के लिए खुशखबरी: अक्टूबर तक लगेंगे 80 हजार टावर; 5जी के काम में आई तेजी; ज्योतिरादित्य सिंधिया

ग्वालियर (मध्य प्रदेश): केंद्रीय दूरसंचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की हालिया टिप्पणी ने पिछले कुछ वर्षों से दरकिनार की गई सरकारी दूरसंचार कंपनी बीएसएनएल के लिए उम्मीद जगा दी है। दूरसंचार मंत्री शनिवार को दो दिवसीय दौरे पर ग्वालियर पहुंचे।

मीडिया से बात करते हुए दूरसंचार मंत्री ने कहा कि बीएसएनएल के ग्राहक जल्द ही 4जी सेवाओं का आनंद ले सकेंगे। उन्होंने कहा कि इस पर काम शुरू हो चुका है और मार्च 2025 तक बीएसएनएल के 4जी नेटवर्क के 1 लाख टावर लगा दिए जाएंगे।

अगला पड़ाव, 5G

उन्होंने कहा, “तकनीक का परीक्षण हो चुका है और यह पूरी तरह तैयार है। टावर लगाने का काम भी शुरू हो गया है। सरकारी कंपनी सी डॉट इंडिया ने तेज नेटवर्क का कोर तैयार कर लिया है। बीएसएनएल इसका क्रियान्वयन कर रही है। हम अक्टूबर तक देशभर में 80 हजार टावर लगा देंगे और बाकी 21 हजार टावर मार्च तक लगा दिए जाएंगे।”

उन्होंने कहा, “मुझे खुशी है कि उपभोक्ता अब बीएसएनएल की ओर लौट रहे हैं।” दूरसंचार मंत्री ने यह भी आश्वासन दिया है कि बीएसएनएल 5जी सेवाओं का और विस्तार करेगा।

ग्वालियर-आगरा एक्सप्रेसवे से यात्रा का समय आधा होगा

ग्वालियर में अपने गृह क्षेत्र, गुना और आस-पास के क्षेत्र की विकास योजनाओं के बारे में बोलते हुए, सिंधिया ने कहा कि ग्वालियर-आगरा एक्सप्रेसवे के लिए भूमि अधिग्रहण शुरू हो गया है। एक्सप्रेसवे 4613 करोड़ रुपये की लागत से बनेगा और इसमें आठ पुल और छह फ्लाईओवर शामिल होंगे। यह हाई-स्पीड कॉरिडोर ग्वालियर और दिल्ली के बीच यात्रा के समय को मौजूदा 6 घंटे से कम करके 3:45 घंटे कर देगा।

Har Ghar Tiranga Abhiyan: तिरंगा हमारा गर्व, गौरव और सम्मान है: CM मोहन यादव

Har Ghar Tiranga Abhiyan: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (CM MOHAN YADAV) ने कहा है कि तिरंगा हमारा गर्व, गौरव और सम्मान है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने हर घर तिरंगा अभियान (Har Ghar Tiranga Abhiyan) के माध्यम से राष्ट्र प्रेम की नवज्योति जागृत करने एवं आजादी के नायकों को याद करने का आव्हान किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव (MP CM Mohan Yadav) ने सभी नागरिकों से अपील की है कि 9 से 15 अगस्त 2024 तक अपने घरों पर राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा लहराकर harghartiranga.com पर अपनी सेल्फी अपलोड करें और इस अभियान को सफल बनाएँ।

राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा का महत्व

तिरंगा, हमारा राष्ट्रीय ध्वज, न केवल हमारे देश की पहचान है, बल्कि हमारे गर्व, गौरव और सम्मान का प्रतीक भी है। इसके तीन रंग – केसरिया, सफेद और हरा – हमारे देश की विविधता और एकता का प्रतीक हैं। केसरिया रंग त्याग और बलिदान का, सफेद रंग शांति और सच्चाई का, और हरा रंग विश्वास और उर्वरता का प्रतीक है।

Har Ghar Tiranga Abhiyan का उद्देश्य

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा शुरू किया गया हर घर तिरंगा अभियान का उद्देश्य हर नागरिक के दिल में राष्ट्र प्रेम और गर्व की भावना को जागृत करना है। इस अभियान के माध्यम से हम अपने स्वतंत्रता संग्राम के नायकों को याद कर सकते हैं और उनकी कुर्बानियों को श्रद्धांजलि अर्पित कर सकते हैं।

कैसे करें अभियान में सहभागिता

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि इस अभियान में सहभागिता करना बहुत ही सरल है। बस अपने घरों पर 9 से 15 अगस्त तक तिरंगा फहराएं और harghartiranga.com पर अपनी सेल्फी अपलोड करें। इस प्रकार, हम न केवल अपने राष्ट्र के प्रति सम्मान व्यक्त करेंगे, बल्कि इसे वैश्विक मंच पर भी पहचान दिलाएंगे।

राष्ट्र प्रेम की भावना जागृत करें

हर घर तिरंगा अभियान से राष्ट्र प्रेम की भावना जागृत होती है। जब हम अपने घरों पर तिरंगा फहराते हैं, तो यह हमारे लिए गर्व और सम्मान का क्षण होता है। यह हमें हमारे देश के प्रति हमारे कर्तव्यों और जिम्मेदारियों की याद दिलाता है।

आज़ादी के नायकों को श्रद्धांजलि

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस अभियान का एक अन्य महत्वपूर्ण उद्देश्य हमारे आज़ादी के नायकों को श्रद्धांजलि अर्पित करना है। उनके बलिदानों की बदौलत ही हम आज एक स्वतंत्र देश में सांस ले रहे हैं। तिरंगा फहराकर हम उन्हें सम्मान देते हैं और उनके योगदान को याद करते हैं।

अभियान को सफल बनाने का आह्वान

डॉ. यादव ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे इस अभियान को सफल बनाने में अपना योगदान दें। हर घर पर तिरंगा फहराकर हम एकजुटता का संदेश देंगे और हमारे देश की विविधता में एकता की भावना को मजबूती देंगे।

तिरंगा फहराने के नियम और दिशानिर्देश

राष्ट्रीय ध्वज फहराने के कुछ नियम और दिशानिर्देश होते हैं जिनका पालन करना अनिवार्य है। तिरंगा को हमेशा सम्मान के साथ फहराया जाना चाहिए। उसे जमीन पर नहीं गिराना चाहिए और न ही उसे किसी प्रकार का नुकसान पहुंचाना चाहिए।

अभियान की सफलता और हमारी जिम्मेदारी

हर घर तिरंगा अभियान की सफलता हमारे ऊपर निर्भर करती है। हमें अपने कर्तव्यों और जिम्मेदारियों को समझते हुए इस अभियान में भाग लेना चाहिए। यह हमारा नैतिक कर्तव्य है कि हम अपने राष्ट्रीय ध्वज का सम्मान करें और इसे फहराकर अपने देश के प्रति अपनी श्रद्धा और प्रेम को प्रदर्शित करें।

सामाजिक मीडिया पर प्रचार

इस अभियान को सफल बनाने के लिए हमें सामाजिक मीडिया का भी सही उपयोग करना चाहिए। अपने दोस्तों और परिवार के सदस्यों को भी इस अभियान में शामिल होने के लिए प्रेरित करें। सोशल मीडिया पर अपने तिरंगा सेल्फी को शेयर करें और इस अभियान के संदेश को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाएं।

राष्ट्रीय एकता का प्रतीक

तिरंगा हमारे देश की राष्ट्रीय एकता का प्रतीक है। यह हमें हमारी विविधता में एकता की भावना का संदेश देता है। जब हम तिरंगा फहराते हैं, तो हम अपने देश के प्रति अपनी एकजुटता और एकता का प्रदर्शन करते हैं।

तिरंगा भारतीय राष्ट्रीय ध्वज है जो हमारे देश की आजादी और गौरव का प्रतीक है। यह तीन रंगों – केसरिया, सफेद और हरा – और बीच में अशोक चक्र के साथ आता है। तिरंगा न केवल हमारे स्वतंत्रता संग्राम की याद दिलाता है, बल्कि हमारे देश के विविधता में एकता का प्रतीक भी है।

तिरंगे की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

तिरंगे की यात्रा 1921 में शुरू हुई जब पिंगली वेंकैया ने इसे महात्मा गांधी के समक्ष प्रस्तुत किया। बाद में इसमें संशोधन किए गए और 22 जुलाई 1947 को इसे भारतीय संविधान सभा द्वारा राष्ट्रीय ध्वज के रूप में अपनाया गया।

तिरंगे की विशेषताएँ

तिरंगे के रंगों का महत्व

तिरंगे में केसरिया रंग साहस और बलिदान का प्रतीक है, सफेद रंग शांति और सच्चाई का और हरा रंग विश्वास और उर्वरता का प्रतीक है। इन रंगों के माध्यम से तिरंगा हमारे देश के मूल्यों और सिद्धांतों का प्रतिनिधित्व करता है।

तिरंगे में अशोक चक्र का प्रतीक

तिरंगे के बीच में स्थित अशोक चक्र, धर्म और सत्य के प्रतीक के रूप में स्थापित है। इसमें 24 तीलियां होती हैं, जो 24 घंटे और प्रगति का प्रतीक मानी जाती हैं।

अभियान की शुरूआत

अभियान की घोषणा और उद्देश्य

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने इस अभियान की घोषणा की थी। इसका उद्देश्य नागरिकों में देशभक्ति की भावना जागृत करना और आजादी के नायकों को याद करना है।

सिवनी: आदमखोर बाघ का ग्रामीणों में आतंक, वृद्ध पर जानलेवा हमला

सिवनी। मध्य प्रदेश के सिवनी जिले के कुरई क्षेत्र में आदमखोर बाघ का आतंक चरम पर है। ग्राम रेड्डी और खंडासा में पिछले कुछ सप्ताहों में कई हमलों ने ग्रामीणों को खौफ में डाल दिया है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, बाघ ने पिछले 15 दिनों में तीन बार हमला किया है।

खंडासा में पहला हमला

लगभग 15 दिन पहले खंडासा में एक वृद्ध पर बाघ ने हमला किया था। इस घटना में वृद्ध गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इसके बाद बाघ का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा।

रेड्डी में दूसरा हमला

कुछ दिनों बाद ग्राम रेड्डी के पास एक खेत में काम कर रहे व्यक्ति पर बाघ ने हमला किया। यह हमला बहुत ही खतरनाक था और व्यक्ति को गंभीर चोटें आईं।

खंडासा में तीसरा हमला

इसी सप्ताह खंडासा में फिर से बाघ ने एक बुजुर्ग पर हमला किया, जिससे वह भी गंभीर रूप से घायल हो गए। प्राप्त जानकारी के अनुसार, खवासा सामान्य वन परिक्षेत्र में ऐसी घटनाएं बार-बार हो रही हैं।

कल की घटना

कल दिनांक 1 अगस्त 2024 को छोटेलाल वेध, पिता बुधिया, उम्र लगभग 70 वर्ष, खंडासा टोला निवासी अपने मवेशी लेकर जंगल की ओर गए थे। वहां बाघ ने उन पर हमला कर दिया। ग्रामीणों ने छोटे लाल को उपचार के लिए कुरई स्वास्थ्य केंद्र लाया, जहां से उन्हें नागपुर रेफर कर दिया गया।

पूर्व की घटनाएं

इसके पूर्व बाघ के हमले से गोबर्धन पटले की मौत हो चुकी है। ग्रामीणों ने वन विभाग के उच्च अधिकारियों को घटना की जानकारी दी है, लेकिन विभाग की निष्क्रियता से लोग बेहद नाराज हैं। ग्रामीणों का कहना है कि विभाग अपनी कुम्भकर्णी नींद से जागने का नाम नहीं ले रहा।

ग्रामीणों का आक्रोश

पिछले वर्ष भी इसी तरह के हमलों से परेशान ग्रामीणों ने प्रशासन को चेताया था। लेकिन कोई ठोस कदम न उठाने पर लोगों ने हाइवे जाम कर अपना आक्रोश व्यक्त किया था, जिसमें वन विभाग के वाहनों में तोड़फोड़ भी हुई थी।

जरूरत ठोस कदमों की

अब समय आ गया है कि वन विभाग पुरानी घटनाओं से सीख ले और समय रहते ठोस कदम उठाए। ग्रामीणों को आदमखोर बाघ के आतंक से निजात दिलाने के लिए विभाग को तत्काल उपाय करने की आवश्यकता है।

वन विभाग की भूमिका

वन विभाग की भूमिका इस स्थिति में बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है। बाघ के हमले से बचाव के लिए वन विभाग को तुरंत सक्रिय होना चाहिए। विभाग को गांवों में सुरक्षा उपाय बढ़ाने चाहिए और ग्रामीणों को सुरक्षित रहने के उपाय बताने चाहिए।

ग्रामीणों की सुरक्षा

ग्रामीणों को भी अपनी सुरक्षा के लिए सतर्क रहना होगा। जंगलों में अकेले जाने से बचें और समूह में ही जाएं। बाघ के हमले से बचने के लिए गांवों में सुरक्षा बैठकें आयोजित की जाएं।

सिवनी जिले के ग्रामीण आदमखोर बाघ के आतंक से जूझ रहे हैं। इन घटनाओं ने ग्रामीणों की जीवनशैली पर गंभीर प्रभाव डाला है। अब समय है कि वन विभाग त्वरित और ठोस कदम उठाए ताकि ग्रामीणों को सुरक्षित वातावरण मिल सके।

सिवनी बालाघाट रोड़ पर भीषण दुर्घटना: 2 महिलाओं ने गवाई जान

सिवनी बालाघाट रोड पर आज एक बार फिर भीषण दुर्घटना घटित हुई। इस दुर्घटना में ट्रक और कमांडर के बीच हुई सीधी टक्कर में दो महिलाओं की मौत हो गई। मृतक महिलाओं में जीरनबाई, पति बालचंद, और केशर बाई, पति हरिश्चन्द्र शामिल हैं।

दुर्घटना इतनी भीषण थी कि कमांडर में सवार दर्जनों महिलाएं गंभीर रूप से घायल हो गईं। सभी घायलों को समीपी अस्पताल, बरघाट में भर्ती कराया गया है।

यह महिलाएं मजदूर थीं, जो परहा धान का रोपा लगाने के लिए बेहरई के समीपी गांव लाटगांव गई थीं। वापसी के समय, जब ये महिलाएं कमांडर में सवार होकर अपने घर लौट रही थीं, तभी बेहरई के पास बकरा नाला के पास ट्रक और कमांडर के बीच सीधी टक्कर हो गई।

इस दुखद घटना में दो गरीब परिवारों की महिलाओं की जान चली गई, जबकि दर्जनों महिलाएं गंभीर रूप से घायल हो गईं।

भीषण दुर्घटना के चलते रोड मे जाम लगा हुआ है तथा भारी तादाद मे जनसमुदाय तथा वाहनो की कतार लगी हुई है पुलिस द्वारा जाम की स्थिति खोलने के प्रयास किये जा रहे है चूकी ट्रक और कमांडर की सीधी भिडंत से रोड मे जाम लगा हुआ है.

इस दुर्घटना ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और ट्रैफिक नियमों की अनदेखी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन और संबंधित अधिकारियों से अपेक्षा की जाती है कि वे इस मार्ग पर यातायात नियमों का सख्ती से पालन कराएं और ऐसे हादसों की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए उचित कदम उठाएं।

केंद्रीय विद्यालय को बम से उड़ाने की धमकी: युवक गिरफ्तार; जॉब एप्लीकेशन..

इंदौर: आईआईटी इंदौर (IIT INDORE) परिसर में स्थित केंद्रीय विद्यालय (KENDRIYA VIDYALAYA INDORE) को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल भेजने के आरोप में शुक्रवार को एक स्नातकोत्तर युवक को गिरफ्तार किया गया।

कम्प्यूटर एप्लीकेशन में मास्टर डिग्री प्राप्त आरोपी ने कुछ दिन पहले केवी को एक मेल भेजा था, जिसमें उसने स्कूल प्रशासन द्वारा नौकरी के लिए आवेदन खारिज किए जाने के बाद परिसर को नष्ट करने की धमकी दी थी।

एसपी (इंदौर ग्रामीण) हितिका वासल ने बताया कि कुछ दिन पहले स्कूल की प्रिंसिपल को आईएसआई पाकिस्तान अधिकारी नाम के एक अज्ञात व्यक्ति से ई-मेल मिला था, जिसमें कहा गया था कि स्वतंत्रता दिवस पर स्कूल परिसर में बम विस्फोट होगा। 

धमकी भरा मेल मिलने के बाद से ही पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां ​​अलर्ट पर हैं। जांच और आरोपियों की पहचान के लिए सिमरोल पुलिस स्टेशन की एक टीम गठित की गई है। 

तकनीकी जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी की पहचान उज्जैन जिले के बड़नगर निवासी 30 वर्षीय चेतन सोनी के रूप में की, जो वर्तमान में शहर के एरोड्रम क्षेत्र का निवासी है।

पहले तो उसने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन बाद में उसने अपना गुनाह कबूल कर लिया। सोनी ने कथित तौर पर पुलिस को बताया कि उसने 2015 में इंदौर के एक कॉलेज से एमसीए की पढ़ाई पूरी की और तब से वह नौकरी की तलाश कर रहा था।

हाल ही में उन्होंने आईआईटी इंदौर परिसर में स्थित केन्द्रीय विद्यालय में तकनीशियन की नौकरी के लिए आवेदन किया था, लेकिन उनका आवेदन अस्वीकार कर दिया गया।

अस्वीकृति का बदला लेने के लिए, उसने स्कूल प्रशासन को धमकाने का फैसला किया और केवी के प्रिंसिपल की आधिकारिक आईडी पर बम-धोखा-ई-मेल भेजा। 

पुलिस ने बताया कि उसने केन्द्रीय विद्यालय में नौकरी के लिए आवेदन किया था, इसलिए उसे उनकी आधिकारिक ई-मेल आईडी के बारे में पता था।

MPPSC Asst Prof Recruitment: 4 अगस्त को होगी परीक्षा, बढ़ाई गई सुरक्षा

MPPSC Asst Prof Recruitment Exam: मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) रविवार को सहायक प्राध्यापक भर्ती परीक्षा (Asst Prof Recruitment Exam) आयोजित करने जा रहा है। नकल रोकने के लिए आयोग ने सभी परीक्षा केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की घोषणा की है।

जिला प्रशासन ने उड़न दस्ते बनाए हैं जो इंदौर (Indore), भोपाल (Bhopal), ग्वालियर (Gwalior) और जबलपुर (Jabalpur) में परीक्षा केंद्रों का औचक निरीक्षण करेंगे। इसके अतिरिक्त, ब्लूटूथ और अन्य उपकरणों का उपयोग करके नकल करने के किसी भी प्रयास को रोकने के लिए जैमर लगाए जाएंगे। उम्मीदवारों को परीक्षा के दौरान दो बार हस्ताक्षर करने होंगे ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि कोई नकल न हो।

परीक्षा केंद्रों में प्रवेश पर सख्ती से नियंत्रण रहेगा। घड़ियाँ, टोपी, चश्मा आदि ले जाना वर्जित है। कड़ी जाँच का उद्देश्य परीक्षा प्रक्रिया की शुचिता बनाए रखना है।

परीक्षा चार प्रमुख शहरों इंदौर, भोपाल, ग्वालियर और जबलपुर में आयोजित की जाएगी। सभी स्थानों पर कुल 25,000 उम्मीदवारों के परीक्षा में शामिल होने की उम्मीद है। इंदौर में 17 केंद्रों पर 6,100 उम्मीदवार परीक्षा देंगे, जबकि भोपाल में 19 केंद्रों पर 6,500 उम्मीदवार परीक्षा देंगे।

कुल 34 विषयों में 1,669 सहायक प्रोफेसर पद रिक्त हैं। आठ विषयों में 826 पदों के लिए परीक्षा जून में ही आयोजित की जा चुकी है। रविवार को होने वाली परीक्षा आठ विषयों में 734 सहायक प्रोफेसर पदों के लिए है। शेष पदों के लिए 17 नवंबर को परीक्षा आयोजित की जाएगी।

रविवार परीक्षा के विषय और रिक्तियां

  • – रसायन विज्ञान: 160 पद
  • – राजनीति विज्ञान: 118 पद
  • – जूलॉजी: 115 पद
  • – भौतिकी: 115 पद
  • – अर्थशास्त्र: 104 पद
  • – समाजशास्त्र: 80 पद
  • – भूगोल: 23 पद
  • – कानून: 29 पद

MP के मुरैना में एक कांवड़िए को खंभे से लगा करंट, इस हादसे में गई जान

मुरैना: कांवड़ यात्रा के दौरान गंगाजल लेकर लौट रहे एक व्यक्ति (कांवड़िये ) की शनिवार को मध्य प्रदेश के मुरैना में करंट लगने से मौत हो गई।

उत्तर प्रदेश के सोरों में गंगा नदी से पवित्र जल लेने गया यह व्यक्ति करंट की चपेट में आ गया और नेशनल हाईवे 44 पर सिकरौदा के पास सड़क किनारे लगे एक खंभे से टकरा गया। करंट लगने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया शव

जानकारी के अनुसार मृतक की पहचान मुरैना के बागचीनी निवासी केदार सिंह कुशवाह के बेटे पूरन कुशवाह के रूप में हुई है। वह अन्य ग्रामीणों के साथ उत्तर प्रदेश के सोरों के हरिज्ञान का पुरा में गंगा नदी से गंगाजल लेने गया था।

अन्य कांवड़ियों के साथ लौटते समय वह और उसके साथी सिकरौदा के पास राष्ट्रीय राजमार्ग 44 पर एक बिजली के खंभे के पास पहुंचे। खंभे में बिजली थी। जैसे ही उसने खंभे को छुआ, उसे करंट लग गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

घटना के बाद घबराए उसके साथियों ने उसे एंबुलेंस से शहर के गणेश अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। उसके शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जाएगा।

MP में ई श्रम एवं संबल योजना में दर्ज श्रमिकों को भी मिलेगा मुफ्त का राशन

राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत नई श्रेणी का समावेश: शासन द्वारा राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत असंगठित एवं प्रवासी श्रमिकों की नई श्रेणी को जोड़ा गया है। ई श्रम पोर्टल एवं संबल योजना में दर्ज श्रमिकों को पात्रता पर्ची जारी करने के निर्देश शासन द्वारा दिए गए हैं। इसके तहत, 10 अगस्त 2024 तक ऐसे हितग्राही जो ई श्रम एवं संबल योजना से जुड़े हैं, वे समय सीमा में आवेदन कर मुफ्त का अनाज प्राप्त कर सकते हैं।

पात्रता पर्ची के लिए आवेदन प्रक्रिया

शासन की नीति के तहत पात्रता पर्ची के लिए विभाग द्वारा 10 अगस्त 2024 तक यह अभियान चलाया जा रहा है। कलेक्टर द्वारा ई श्रम पोर्टल एवं संबल योजना में दर्ज श्रमिकों से अपील की गई है कि वे अपने एवं परिवार के सदस्यों के आधार कार्ड लेकर अपने क्षेत्र के ग्राम पंचायत, नगर पालिका, नगर पंचायत संभागीय कार्यालय, नगर निगम में जाकर आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं। पात्रता पर्ची जारी होने के पश्चात इन्हें भी शासन की योजना के अनुरूप मुफ्त का राशन प्रदान किया जाएगा।

दिशा-निर्देश और समय सीमा

शासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार अब वे लोग भी मुफ्त का राशन प्राप्त कर सकेंगे जिनका ई श्रम पोर्टल पर एवं संबल योजना के तहत ग्राम पंचायत में रजिस्ट्रेशन है। शासन द्वारा जारी आदेश में अगस्त माह की 10 तारीख तक आवेदन कर मुफ्त राशन की प्रक्रिया से जुड़ा जा सकता है। इस अभियान से प्रत्येक ग्राम तथा नगर के सैकड़ों लोगों को मुफ्त राशन योजना का लाभ मिलेगा।

प्रमुख सचिव का आदेश और पंजीकरण प्रक्रिया

प्रमुख सचिव खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग मध्य प्रदेश, भोपाल के आदेश क्रमांक एफ/7-32/2023/29 भोपाल दिनांक 22 जुलाई 2024 के अनुसार, ई श्रम पोर्टल में पंजीकृत सभी श्रमिक राशन के लिए पात्रता की श्रेणी में होंगे। जिनके पंजीकरण ई श्रम अथवा संबल में दर्ज हैं, वे हितग्राही अपने ग्राम पंचायत में परिवार के सभी सदस्यों के आधार कार्ड की कॉपी और समग्र आईडी लेकर जा सकते हैं तथा 10 अगस्त 2024 तक पात्रता पर्ची हेतु अपना सत्यापन करा सकते हैं।

पूर्व से जुड़ी अन्य योजनाएं और लाभ

यह उल्लेखनीय है कि इसके पूर्व भी कई शासन की योजनाओं जैसे कर्मकार मंडल योजना, बीपीएल योजना, हैवी ड्राइवर लाइसेंस धारकों के लिए, विधवा परित्यागता पेंशन और निशक्त विकलांग पेंशन के साथ साथ एससी, एसटी में गरीब वर्ग के लोगों को मुफ्त राशन प्राप्त हो रहा था। अब संबल तथा ई श्रम में पंजीकृत हितग्राही को भी मुफ्त राशन की पात्रता पर्ची जारी होने से इन्हें भी मुफ्त राशन का लाभ मिलेगा।

मुफ्त राशन योजना के लाभ और चुनौतियाँ

मुफ्त राशन योजना का उद्देश्य असंगठित और प्रवासी श्रमिकों को खाद्य सुरक्षा प्रदान करना है। यह योजना उन लोगों के लिए राहत का स्रोत है जो आर्थिक तंगी के कारण दैनिक आवश्यकताओं को पूरा करने में असमर्थ हैं। हालांकि, इस योजना की सफलता के लिए यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि पात्रता पर्ची जारी करने की प्रक्रिया पारदर्शी और सरल हो।

ई श्रम एवं संबल योजना में दर्ज श्रमिकों के लिए मुफ्त राशन योजना एक महत्वपूर्ण कदम है जो उनके जीवन स्तर को सुधारने में मदद करेगा। यह योजना असंगठित और प्रवासी श्रमिकों को खाद्य सुरक्षा प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है। पात्रता पर्ची जारी करने की प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाकर इस योजना के लाभ को अधिक से अधिक लोगों तक पहुँचाना चाहिए।

सिवनी – छिंदवाड़ा सड़क मार्ग का सुधार कार्य प्रारंभ: युवा कांग्रेस नेता ओम उपाध्याय के द्वारा आंदोलन की चेतावनी के बाद जागा प्रशासन

सिवनी: सिवनी-छिंदवाड़ा मार्ग का निर्माण हुए महज चार माह ही बीते थे, परंतु वर्तमान में उसकी स्थिति इतनी दयनीय हो गई कि ऐसा प्रतीत होता है कि कई वर्षों से वहाँ सड़क का अस्तित्व ही नहीं था। आए दिन वहाँ होने वाली दुर्घटनाओं के कारण क्षेत्रवासियों में भय का माहौल व्याप्त था।

इसी कारण से, क्षेत्रवासियों की आवाज को मुखर करते हुए युवा कांग्रेस नेता ओम उपाध्याय ने 31 जुलाई को सिवनी कलेक्टर से इस सड़क को तत्काल सुधारने की मांग की थी। उन्होंने चेतावनी दी थी कि यदि उनकी मांग पूरी नहीं हुई, तो वे क्षेत्रवासियों के साथ मिलकर उग्र आंदोलन करेंगे।

आंदोलन की चेतावनी के तुरंत बाद ही प्रशासन ने सड़क का कार्य प्रारंभ करा दिया, जिससे समस्त क्षेत्रवासियों में खुशी की लहर दौड़ गई। क्षेत्रवासियों ने इस महत्वपूर्ण समस्या को उठाने के लिए युवा कांग्रेस नेता ओम उपाध्याय का आभार व्यक्त किया।

ओम उपाध्याय का पूर्व का संघर्ष और सफलता

युवा कांग्रेस नेता ओम उपाध्याय का संघर्ष और उनकी दृढ़ संकल्प शक्ति पहले भी प्रशासन को सक्रिय करने में कारगर रही है। इसके पूर्व, उन्होंने सिवनी शहर से लगे ग्राम बिहिरिया की सड़क को लेकर सत्याग्रह किया था। उस समय भी प्रशासन ने लिखित रूप में सड़क बनाने का आश्वासन दिया था और दूसरे ही दिन सड़क का निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिया था।

समर्थन में जुटे क्षेत्रवासी

ओम उपाध्याय के इस निर्णायक कदम का क्षेत्रवासियों ने भरपूर समर्थन किया। वे इस बात से खुश हैं कि उनकी समस्याओं को सुलझाने के लिए एक नेता उनके साथ खड़ा है। क्षेत्रवासियों का मानना है कि ऐसे नेता ही वास्तविक समाज सेवा का उदाहरण प्रस्तुत करते हैं।

समस्या की गंभीरता और समाधान की आवश्यकता

सिवनी-छिंदवाड़ा सड़क मार्ग की समस्या क्षेत्रवासियों के लिए किसी बुरे सपने से कम नहीं थी। इस मार्ग पर आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती थीं, जिससे लोगों की जानमाल को खतरा था। प्रशासन की लापरवाही और सड़क की दयनीय स्थिति ने लोगों की परेशानियों को और बढ़ा दिया था।

ओम उपाध्याय का प्रेरणादायक नेतृत्व

ओम उपाध्याय का नेतृत्व और उनकी संघर्षशीलता युवाओं के लिए एक प्रेरणा है। उन्होंने यह साबित कर दिया है कि जब जनता की समस्याओं को सुलझाने की बात आती है, तो कोई भी बाधा उनके मार्ग में नहीं आ सकती। उनकी इस पहल ने यह भी सिद्ध किया है कि जब लोग एकजुट होकर अपनी समस्याओं को उठाते हैं, तो प्रशासन को सुनने के लिए मजबूर होना पड़ता है।

प्रशासन की प्रतिक्रिया और भविष्य की चुनौतियाँ

प्रशासन की त्वरित प्रतिक्रिया ने यह दर्शाया कि जनता की आवाज को अनसुना नहीं किया जा सकता। हालांकि, यह भी आवश्यक है कि प्रशासन भविष्य में ऐसी समस्याओं को समय रहते पहचान कर उनका समाधान करे, ताकि जनता को बार-बार आंदोलन का सहारा न लेना पड़े।

युवा कांग्रेस नेता ओम उपाध्याय के नेतृत्व में क्षेत्रवासियों ने जिस प्रकार से सिवनी-छिंदवाड़ा सड़क मार्ग की समस्या को हल किया है, वह सभी के लिए एक मिसाल है। यह घटना दर्शाती है कि जब लोग अपनी समस्याओं को उठाने के लिए एकजुट होते हैं, तो प्रशासन को भी उनके सामने झुकना पड़ता है।