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सिवनी: शासकीय जमीन उलटफेर मामले में सिवनी कलेक्टर कर सकते है बड़ी कार्रवाई

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सिवनी, धारनाकला (एस. शुक्ला): जनपद सभा सिवनी के नाम से राजस्व रिकार्ड में दर्ज भूमि के संसोधन मामले में बड़ी कार्रवाई हो सकती है, क्योंकि जनपद सभा सिवनी के नाम से दर्ज भूमि निजी तौर पर संसोधन हो जाने के बाद उपरोक्त भूमि की बिक्री हो जाने के मामले में तहसीलदार बरघाट तथा अनुविभागीय अधिकारी राजस्व को भी शिकायत की गई है, तथा ठोस कार्रवाई की अपेक्षा के साथ शिकायतकर्ता द्वारा भूमि को मुक्त कराने का आग्रह किया गया है।

जनपद पंचायत सिवनी के द्वारा भी की गई है शिकायत

उल्लेखनीय है कि जनपद पंचायत सिवनी को अब तक यह भी ज्ञात नहीं है कि उनकी जमीन का बेशकीमती जमीन का हिस्सा निजी तौर पर संसोधित हो चुका है। यह उल्लेखनीय है कि जनपद पंचायत सिवनी द्वारा भी उपरोक्त भूमि के सीमांकन और अतिक्रमण को हटाने के लिए कलेक्टर और तहसीलदार बरघाट को आवेदन प्रस्तुत किया गया है, और भूमि में विकास की संभावना को ध्यान में रखकर भूमि का अवलोकन किया गया है, लेकिन पटवारी संघ की हड़ताल के कारण जनपद सभा सिवनी की भूमि का सीमांकन भी अभी तक नहीं हुआ है। वही दूसरी तरफ, संसोधित भूमि पर वर्तमान में निर्माण कार्य भी प्रगति पर है।

वर्ष 2012 में हुआ है संसोधन

उल्लेखनीय है कि वर्ष 1988-89 में जनपद सभा सिवनी के नाम से दर्ज भूमि का रकबा राजस्व अभिलेख के अनुसार 0.59 हेक्टेयर था, तथा भूमि का खसरा नंबर अभिलेख के अनुसार 960 था, किन्तु बंदोबस्त कहे अथवा भूमि संसोधन की साजिश के कारण यही रकबा 0.57 हेक्टेयर होकर राजस्व रिकार्ड में 0.002 आरे भूमि संसोधित होकर खसरा नंबर के बंटाक होते हुए 596/960/1, 596/960/2 के साथ परिवर्तित होते हैं 596/960/4 तथा 5 में तब्दील होकर भूमि की बिक्री भी हो गई, और पटवारी के राजस्व रिकार्ड में लाल स्याही से भूमि संसोधित होने का उल्लेख भी दिखने लगा है।

पंचायत द्वारा की गई भूमि संसोधन की मांग

वही यहां यह बताना भी लाजिमी है कि आज तक इस कीमती भूमि अथवा धारनाकला के ह्रदय स्थल को सुरक्षित करने का प्रयास नहीं हुआ है, और भूमि पर पंचायत स्तर से लेकर निजी तौर पर अनेको निर्माण कार्य हुए हैं, किन्तु आज की स्थिति में जनपद सभा सिवनी की भूमि को ग्राम पंचायत धारनाकला के नाम हस्तांतरित करने के लिए पंचायत द्वारा प्रस्ताव के साथ आवेदन प्रस्तुत किया गया है, तथा इस सम्बंध में जिले के सासंद के द्वारा भी तहसीलदार बरघाट को पत्र लिखा गया है। वही दूसरी तरफ इतनी कीमती जमीन को सुरक्षित करने का प्रयास आज तक क्यों नहीं किया गया, जबकि जनपद पंचायत सिवनी भी इस बात से अनभिज्ञ नहीं थी कि जनपद सभा सिवनी के नाम पर धारनाकला में बेशकीमती जमीन उपलब्ध है।

शासकीय जमीन संसोधन मामले में होगी कार्रवाई

यहां अब यह उल्लेखनीय है कि क्या शासकीय जमीन जो कि जनपद पंचायत सिवनी की बिना सहमति के संसोधित होकर बिक्री हुई है, क्या इस मामले में निष्पक्ष जांच होकर कार्रवाई होगी अथवा जमीन पुनः शासन के अधीन होगी, इस बात को लेकर तरह-तरह के कयास लगाते हुए लोग नजर आ रहे हैं, तथा यह बात भी सामने आ रही है कि इतनी कीमती भूमि जिसका बाजारी मूल्य आज की स्थिति में 4000 चार हजार रुपये प्रति वर्ग फीट से भी ज्यादा है, जनपद पंचायत सिवनी उपरोक्त जमीन को अपने अधीन कर पाएगी क्योंकि संसोधित जमीन आज की स्थिति में बिक चुकी है और कुछ भाग पर निर्माण हो चुका है।

ऐसी स्थिति में इस भूमि को लेकर चर्चाओं की बाजार गर्म है और वही दूसरी तरफ शासकीय जमीन से अथवा संसोधित होकर बिक चुकी जमीन की जांच और कार्रवाई पर सबकी उम्मीदें लगी हुई हैं, और जिले के संवेदनशील जिला कलेक्टर ठोस कार्रवाई के साथ शासकीय भूमि को भूमाफियाओं से मुक्ति दिलाएंगे, ऐसी उम्मीद है।

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