Wednesday, March 3, 2021

बाइडन के सत्‍ता ग्रहण करने के पूर्व उ. कोरिया की बड़ी चुनौती- बोले किम, US हमारा जानी दुश्‍मन, फ्लाप हुई ट्रंप-किम वार्ता

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Khabar Satta Deskhttps://khabarsatta.com
खबर सत्ता डेस्क, कार्यालय संवाददाता
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सियोल। उत्‍तर कोरियाई नेता किग जोंग उन ने कहा कि अमेरिका हमारा सबसे बड़ा दुश्‍मन है। उन्‍होंने कहा कि हमें एडवांस परमाणु शस्‍त्रों के विकास के लिए प्रयास तेज करना चाहिए। उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब अमेरिका में निजाम बदल चुका है। राष्‍ट्रपति चुनाव में डोनाल्‍ड ट्रंप चुनाव हार चुके हैं और अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्‍ट्रपति जो बाइडन 20 जनवरी को शपथ लेने वाले हैं। खास बात यह है कि राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप के कार्यकाल में किम जोंग उन के साथ उनकी दो शिखर वार्ता हुई थी। इस शिखर वार्ता का मकसद उत्‍तर कोरिया से संबंधों को सामान्‍य बनाना और उसके परमाणु कार्यक्रमों पर विराम लगाना था। ट्रंप के कार्यकाल में उत्‍तर कोरिया से संबंधों को सामान्‍य बनाना सर्वोच्‍च प्राथमिकता रही है।

नए हथियारों के परीक्षण और उत्‍पादन की तैयारी कर रहा उत्‍तर कोरिया

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किम ने कहा कि उत्‍तर कोरिया हथियारों का दुरुपयोग नहीं करेगा, लेकिन देश अपने परमाणु शस्‍त्रागार का विस्‍तार कर रहा है। उन्‍होंने कहा कि उत्‍तर कोरिया विभिन्‍न नए हथियारों के परीक्षण और उत्‍पादन की तैयारी कर रहा है। इसमें अलग-अलग आकारों का वॉरडेड शामिल है। किम ने हाइपरसोनिक हथियारों, ठोस ईंधन अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइलें, जासूसी उपग्रहों और ड्रोन सहित विकासशील उपकरणों के विकास का आह्वान किया है। उन्‍होंने कहा कि उत्‍तर कोरिया विभिन्‍न नए हथियारों के परीक्षण और उत्‍पादन की तैयारी कर रहा है। किम ने बताया कि एक परमाणु पनडुब्‍बी पर शोध लगभग पूरा हो गया है।

संबंधों को सामान्‍य बनाने के लिए शिखर वार्ता का आयोजन

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अमेरिका और उत्‍तर कोरिया के बीच संबंधों को सामान्‍य बनाने के लिए राष्‍ट्रपति ट्रंप ने कई प्रयास किए। इसके तहत दोनों नेताओं के बीच कई शिखर वार्ता का आयोजन किया गया। जून, 2018 में सिंगापुर में हुई ट्रंप और किम के बीच पहली शिखर वार्ता हुई थी। यह शिखर वार्ता काफी हद तक कामयाब रही थी। इस क्रम में फरवरी, 2019 में वियतनाम की राजधानी हनोई में दूसरी शिखर वार्ता हुई थी। हालांकि, इसमें दोनों देशों के बीच कोई समझौता नहीं हो सका था। उस वक्‍त व्‍हाइट हाउस में ट्रंप ने जोर देकर कहा था कि उत्‍तर कोरिया के साथ गतिरोध का शांतिपूर्ण समधान मुमकिन है। उन्‍होंने कहा था कि अपनी निजी कूटनीति को लेकर उन्‍हें काफी उम्‍मीदें हैं। उस वक्‍त उन्‍होंने कहा था कि किम को बेहतर तरीके से जान गए है। हम उनका सम्‍मान करते हैं। ट्रंप ने कहा कि हम उम्‍मीद करते हैं कि समय के साथ-साथ बहुत अच्‍छी चीजें होंगी।

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