विश्व सर्प दिवस – विशेष

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सिवनी- वन वृत्त सिवनी के अंतर्गत मुख्य वन संरक्षक उड़नदस्ता दल द्वारा लगातार सरीसृपों का रेस्क्यू कार्य किया जा रहा है । लोगों में सांपो को लेकर तरह तरह की भ्रांतियां और गलत फेमिया फैली हुई है जिन्हें दूर करने का प्रयास लगातार किया जा रहा है

फिल्मों टी वी चेनलों फ़ेसबुक वाट्सअप पर सांपो से संबंधित बहुत सी फिल्मे और धारावाहिक बन रहे है जिससे लोग में बेहद गलत जानकारीयां भाँतियाँ है सांप का मनुष्य रूप धारण कर लेना ,सांप के काटने पर मुँह से खून चूसकर बाहर निकालना ,साँप के फुसकारने से लोगों का मरना ,सांप को दूध पिलाना, साँप की मुच् मिकलना, साँप का बदला लेना ये सब गलत जानकारी लगातार प्रसारित होती रहती है।

उड़न दस्ता दल में पदस्थ रेस्क्यू एक्सपर्ट अर्पित मिश्रा द्वारा लगातार कार्यशालाओं का आयोजन कर इस संबंध में लोगों को सही जानकारियाँ प्रदान की जा रही है साथ विभागीय कर्मचारियों को सर्प एवम वन्यप्राणियों को सुरक्षित रेस्क्यू करने की विधि भी सीखा रहे है।

विश्व सर्प दिवस के दिन गंगा नगर निवासी नीरु निर्मलकर द्वारा सूचना प्राप्त हुई कि एक बहुत बड़ा सर्प घर मे दिख रहा है मोके पर पहुंच कर अर्पित मिश्रा द्वारा सर्प को रेस्क्यू किया सर्प होने के कारण लोगों की अत्ययधिक भीड़ एकत्रित हो गई थी तब उन्हें जानकारी दी गई कि यह धामन सांप है और इससे कोई खतरा नही धामन साँप को लेकर लोगों में भ्रांतियां भी है कि इसके पूंछ में जहर होता है या ये पूंछ से मरता है तब उन्हें बताया कि ये सब गलत जानकारी है असल मे धामन सांप बिल्कुल भी जहरीला नही होता बल्कि धामन सांप की उपस्थिति जहरीले सर्पो को दूर रखती है।

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रेस्क्यू के दौरान भी लगातार लोगों को सही जानकारियां दी जा रही है साथ ही सोसल मीडिया के माध्यम से भी लोगों को सर्पों के प्रति जागरूक करने के लिए निरंतर प्रयास किये जा रहे है you tube पर अर्पित मिश्रा फारेस्ट नाम से चेनल भी तैयार किया गया है जिसमे सर्प संबंधित जानकायां दी जा रही है ।
सिवनी में हुई अधिकतर सर्प दंश की घटनाओं के पता चलने पर तत्काल मोके पर पहुंच कर पीड़ितों की सहायता की जा रही है इस क्रम में मिश्रा द्वारा जहरीले सांपो द्वारा काटे जाने पर तत्काल लोगों की सहायता की एवम सभी मामलों में सफतला पूर्वक लोगों जीवन रक्षा में अपना योगदान दिया।
एवं लोगों से संपर्क कर लगातार जानकारियां साझा की जा रही है सर्प दंश की घटनाओं में बिना देरी किये तत्काल ज़िला अस्पताल जाना चाहिए ।

सर्पदंश का एक ही इलाज है A V S एंटी वेनम सीरम जो अस्पतालों में उपलब्ध है ।ज्यादातर सर्पदंश बिना जहर वाले साँपो के द्वारा होते है पर घबराहट और अज्ञानतावश लोगों को अपनी जान से हाँथ धोना पड़ जाता है ,झाड़फूंक ,जादूटोना बाबा ओझा के चक्कर में समय बर्बाद करने से कई लोगों की मृत्यु हो गई है ,सांपो में जहरीले सांपो का अनुपात बहुत कम है 10% से भी कम है इश्लिये ज्यादातर मामलों में सर्प दंश की घटनाओं में मृत्यु नही होती और लोग समझते है झाड़फूंक की वजह से जान बच गई।

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साँपो को मारने या छेड-छाड़ करने की भूल कभी न करें सर्प दंश की अधिकतर दुर्घटनाए इसी वजह से होती है सर्प कभी इन्सान को सामान्य स्थति में नहीं काटता जब तक उसे आपका स्पर्स न हो या आप उसके अधिक नजदीक न हो। साथ ही वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत सांपो को मारने पर 3 से 7 साल तक कि सजा एवम अर्थ दंड का प्रावधान है।
भारत मे पाए जाने वाले 300 सांपो में ये 4 सांपो के काट लेने पर अत्ययधिक मृत्यु हुई है कोबरा ( नाग) रसल वाइपर (पर्रामन कोड़िया), करैत (दांडेकार), से स्केल्ड वाइपर (फुर्सा ) इन्हें पहचानना आसान है बस आपको गूगल में जाकर लिखना है Big Four Snake और इन चारों सांपो को आप आसानी से देख कर पहचान कर सकते है ।

सर्पो का पृथ्वी के परिस्थितिकतन्त्र को बनाए रखने में बहुत बड़ा योगदान है साथ ही इनके जहर से गंभीर बीमारियों की दवाएं भी तैयार की जा रही है। इन्हें जाने पहचाने संरक्षण में योगदान दे ।

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