Thursday, May 19, 2022

सिवनी: जबलपुर रोड पर सिवनी जिले की सीमा पर बना ब्लेक स्पाट!

बंजारी घाट बना हादसों का घाट, रोज घट रही दुर्घटनाएं, अब नया मार्ग बनाने की कवायद

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Shubham Sharma
Shubham Sharma
Shubham Sharma is an Indian Journalist and Media personality. He is the Director of the Khabar Arena Media & Network Private Limited , an Indian media conglomerate, and founded Khabar Satta News Website in 2017.
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सिवनी । भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के द्वारा सिवनी जिले में बनाई गई सड़कें मानक आधार पर सही नहीं प्रतीत हो रही हैं। जिले में अनेक ब्लेक स्पाट (दुर्घटना संभावित क्षेत्र) होने के बाद भी एनएचएआई के अधिकारियों कर्मचारियों को इससे सरोकार नजर नहीं आ रहा है।

सिवनी से लखनादौन के बीच बंजारी मंदिर के पास बनाए गए फोरलेन पर जब चाहे तब दुर्घटनाएं घटित हो रही हैं। इतना हीं नहीं लंबे समय से लखनादौन और जबलपुर के बीच के बंजारी घाट (धूमा घाट) भी ब्लेक स्पाट के रूप में उभरकर सामने आया है। धूमा घाट में लखनादौन से जबलपुर जाने वाले हिस्से में ज्यादा दुर्घ्ज्ञटनाएं घट रहीं हैं।

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एनएचएआई के उच्च पदस्थ सूत्रों ने बताया कि दुर्घटनाओं की बढ़ती तादाद को देखते हुए अब नए सिरे से मार्ग में रद्दोबदल की तैयारियां की जा रही हैं। इसके लिए डिजाइन में बदलाव को लेकर कंसल्टेंट कंपनी से विकल्प मांगे गए हैं ताकि तकनीकी सुधार किया जा सके।

एनएचएआई के सूत्रों ने बताया कि जबलपुर की ओर से आने वाले वाहनों की गति धूमा घाट में चढ़ाई के चलते कम ही रहती है, पर लखनादौन से जबलपुर जाने वाले वाहनों की गति यहां ढलान होने के कारण बहुत अधिक रहती है, जिससे चालकों का नियंत्रण वाहन पर नहीं रहता और वाहन मोड़ पर दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं।

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एनएचएआई ने इस मामले में कहा कि अफसरान इस मामले को परिवहन और पुलिस विभाग के पाले में डालते नजर आते हैं। सूत्रों का कहना है कि जगह जगह उदृघोषणा के जरिए वाहन चालकों को आगाह किया जाता है कि दुर्घटना संभावित क्षेत्र में वाहन धीमे चलाएं, पर जिस भी कंसलटेंसी के द्वारा इसका ड्राईंग डिजाईन तैयार किया और जिसके द्वारा बनवाया गया है उसके खिलाफ किसी तरह की कार्यवाही अब तक प्रस्तावित भी नहीं की गई है। अधिकारियों के द्वारा यहां तक कहा जाता है कि परिवहन विभाग और पुलिस अगर घाट पर वाहनो की गति सीमा की जांच करे तो दुर्घटनाओं में कमी दर्ज की जा सकती है

एनएचएआई के सूत्रों ने को आगे बताया कि कंसल्टेंसी की तरफ इस सड़क के खड़े मोड़ को तकनीकी रूप से गलत मानते हुए बदलाव करने का सुझाव दिया है।

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एनएचएआई अब करीब 200 मीटर के रास्ते में तकनीकी सुधार करने का प्रस्ताव बना रहा है ताकि हादसों को कम किया जा सके। इस संबंध में तीन तरह के विकल्प लिए गए है। इसमें सड़क चौड़ीकरण के अलावा लखनादौन से आने वाला नया रास्ता बनाना भी शामिल है ताकि वाहन चालक दुर्घटना का शिकार न हो पाए।

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