Sunday, May 16, 2021
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साइकिल से सीखे बेहतर जीवन जीने के 7 सबक

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7 Life Lessons learned of cycle in hindi साइकिल से सीखे जीवन जीने के 7 सबक

सीखने का गुण एक महान गुण है जिसमें यह गुण होता है वह हमेशा अपनी Life में आगे बढ़ते जाता है. जितना हम नयी चीजे सीखते है उतना ही नया अनुभव हमें मिलता रहता है. जो हमारी लाइफ को आसान बना देता है. हम सभी के अन्दर सीखने का गुण होना ही चाहिए बिना इसके हमारा आगे बढ़ना मुश्किल है. मुझे आज भी वह दिन याद है जब मैंने पहली बार साइकिल चलायी थी. साइकिल चलाना बहुत ही आसान है But किसी नए बन्दे के लिए यह बहुत ही मुश्किल होगा.

क्यों ? क्योंकि जब आप साइकिल सीखते है तो आपको गिरना पड़ता है, उठना पड़ता है, आप कई बार गिरते है और लड़खड़ाते है पर एक दिन ऐसा भी आता है. जब आप साइकिल चलाने में मास्टर बन जाते हो. मेरे लिए साइकिल सीखना और चलाना काफी मजेदार Experians रहा और मुझे इसे सीखने में बड़ा मजा आया. I Think.. आपको भी जरुर आया होगा. खैर ! साइकिल सीखते वक़्त मुझे इससे काफी कुछ सीखने को मिला. ऐसी चीजे जो हमारी ज़िन्दगी पर Apply होती है. आइये जाने क्या है वो 8 चीजे जो आप साइकिल से सीख सकते है.

Cycle Se Seekhe Jeevan Jine Ke 7 Sabak

नयी चीजे सीखते रहे : (To Learn New Things)

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जब मुझे पहली बार साइकिल चलाने को मिली तब मुझे इसके बारे में ज्यादा Knowledge नहीं थी. मैं साइकिल में बैठा. पैडल मारा.. एक कदम चला और फिर गिर गया. फिर मेरे भाई ने मुझे बैलेंस के बारे में बताया. फिर मुझे ब्रेक के बारे में पता चला. इस तरह से मैं साइकिल के सारे Important बातो को जान गया. हमारी लाइफ भी ऐसी ही है हम जब कोई नयी चीज सीखते है तब हमें उस चीज के बारे में कुछ भी पता नहीं होता पर धीरे – धीरे हम उस चीज के बारे में छोटी – छोटी चीजे भी सीख लेते है.

इसलिए जब भी आप कोई नयी चीज या काम सीखते है तब यह न सोचे की मैं कैसे इसे सीख पाउँगा ? मुझसे यह होगा भी या नहीं. उस समय सिर्फ यह सोचे की मुझे बस इसे सीखना है. अगर आपमें सीखने की चाह होगी तो आप इन चीजो को Automatice ही सीख जाओगे.

साइकिल से सीखे जीवन जीने के 7 सबक 7 Life Lessons learned of cycle in hindi

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गिरने के बाद उठना सीखे : (Learn How To Get Up Aafter A Fall)

जब मैंने साइकिल चलाना शुरू किया तब मैं साइकिल चलाते वक्त कई बार गिरा. कई बार तो मेरे हाथो में और मेरे पैरों पर चोट भी आई, पर मैं रुका नहीं. मैं गिरता था और फिर उठ जाता था. ऐसे ही कई – कई बार मैं गिरता रहा और उठता रहा. आप भी अपनी लाइफ में कई बार अलग – अलग मौको पर असफल जरुर हुए होंगे या लाइफ में ऐसे मौके आयेंगे. तब आप उस सिचुएशन में हार न माने बल्कि उस असफलता से बाहर निकले और असफलता के बाद खुद को फिर से सफल होने के लिए तैयार करे.

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अगर मैं गिरने के डर से साइकिल चलाना छोड़ देता तो क्या मैं कभी साइकिल सीख पाता. नहीं न ! ठीक इसी तरह अगर आप अपनी लाइफ में Fail हो रहे हो या आपको Succes नहीं मिल रही है तो हार मानने की न सोचे. For Example – अगर आप 10th class के Student हो आपके एग्जाम में कम number आये तो घबराओ मत. अभी कम नंबर आये कोई बात नहीं. अगली परीक्षा के लिए बेहतर तैयारी और मेहनत करो. कभी भी लाइफ में अगर गिरने वाली Condition आये तो मजबूती के साथऊपर उठे अपने Condition को बेहतर बनाये.

धैर्य बनाये रखना जरुरी है : (Patience Is Important To Maintain) 

जब हम कोई नया काम सीखते है तो उस काम को अच्छी तरह से सीखने में समय लगता है. ऐसा नहीं होता की आप उस काम को बस एक दिन में सीख जाओगे इसमें समय लगेगा. पहले दिन जब मैंने साइकिल चलायी तो पैडल को सही रखने में लगा रहा फिर बैलेंस बनाना सीखा और फिर ब्रेक को सही use करना सीखा. इस तरह से better ढंग से सीखने में मुझे कई दिन लगे.

इसमें जिस चीज ने मुझे सहायता दी वह थी धैर्य. आपको तब तक धैर्य रखना पड़ेगा जब तक आप सफल न हो जाओ. आधे – अधूरे काम सीख लेने से आप निपुण नहीं बन जाओगे आपको तब तक धैर्य रखना पड़ेगा जब तक आप अच्छी तरह से सीख न लो. सफल होना है तो धैर्य के साथ तब तक मेहनत करते रहो जब तक आपको सफलता न मिले.

आगे बढ़ना है तो डरे नहीं : (So Do Not Be Afraid To Move Forward) 

जब मुझे साइकिल चलाने का Basic समझ में आ गया तो उसके बाद मुझे अपनी गली से बाहर साइकिल चलानी थी. अगर साइकिल चलाने में Expert बनना है तो Main Road में आपको निकलना ही पड़ेगा. आगे बढ़ने के लिए यह तो करना ही पड़ेगा. मैं मेन सड़क पर निकला और कुछ समय बाद भारी ट्रैफिक में भी साइकिल निकालने में परफेक्ट बन गया.

आप अपनी लाइफ के कौन से स्टेज पर हो. अगर आगे निकलना है तो डर को दूर भगाओ. थोड़ी सी सफलता मिलने पर कभी भी संतुष्ट मत होइए बल्कि बड़ी सफलता की ओर कदम बढाइये. अगर आप डर गये तो आपका आगे निकलना मुश्किल हो जायेगा. इसलिए आगे बढ़ना है तो डरे मत.

सफल होना है तो Risk ले: (Risk Taking Is To Be Successful)

साइकिल चलाते समय कई बार ऐसी कंडीशन आई जहाँ पर मैं ट्रैफिक में फँस जाता था. कई बार चौराहों पर निकलने में मुश्किल होती थी. तब मेरे हाथ में दो ही चीजे होती थी. पहला रास्ता था.. या तो ट्रैफिक खत्म होने का इन्तजार करो और फिर साइकिल आगे निकालो. दूसरा था.. ट्रैफिक से निकलना है तो रिस्क लो. अब ट्रैफिक से निकलकर आगे बढ़ना है तो आपको Risk लेना ही होगा.

Same यही चीज आपके succes होने पर भी लागू होती है. हमें कई बार Succes पाने के लिए रिस्क उठाना पड़ता है. उन चीजो को छोड़ना पड़ता है जो हमारे लाइफ के लिए important है. इसलिए सफलता के लिए Risk भी जरुरी है लेकिन यह याद रखे की रिस्क लेना है तो सोच – समझ कर ले.

मुसीबतों से जूझना सीखे: (Learn To Deal With Problems) 

साइकिल सीखते समय ऐसा बिलकुल भी नहीं था की मेरी साइकिल किसी से टकराई नहीं. एक बार मैं एक बाइक के साथ टकरा गया था. एक बार मैं साइकिल से बैलेंस बिगड़ने पर रोड से बाहर गिर गया था. लगभग सभी के साथ साइकिल सीखते समय ऐसी Situation आती है. जब आपकी साइकिल किसी की गाड़ी से टकरा जाती है या किसी आदमी पर आप साइकिल ठोक देते हो. कई बार आपके साइकिल की चैन सुनसान जगहों पर निकल जाती है. उस समय आपको इन चीजो का सामना करना पड़ता है औरमुश्किल परिस्थितयो से लड़ना पड़ता है.

ठीक इसी तरह हमारे जीवन के हालात भी हमेशा एक तरह नहीं होते है. कई बार हालात बहुत ही मुश्किल हो जाते है. कई बार हम मुश्किल हालातो में इस कदर फंस जाते है कि उन हालातो से निकलना मुश्किल लगने लगता है. लेकिन यह अंत नहीं है. हमें उन हालातो से लड़ना पड़ेगा वो रास्ते तलाश करने पड़ेंगे जिससे हम कठिन हालातो से बाहर निकले. इसलिए मुसीबतों से हार न माने बल्कि उनसे जूझना सीखे.

अनुशासन बनाये रखे : (Maintained Discipline) 

सफलता पाने का अहम बिंदु होता है अनुशासन. बिना इसके सफल होने की हम सोच नहीं सकते. एक सफल व्यक्ति मे आपको अनुशासन देखने को मिल जायेगा. एक सफल व्यक्ति अपने काम में, अपने रिश्तो में, अपने जीवन में अनुशासन के साथ आगे बढ़ता है. यही अनुशासन उस व्यक्ति को सफल बना देती है. साइकिल चलाते वक़्त मैं हमेशा ट्रैफिक नियमो का पालन करता था. हमेशा अपनी दिशा में ही साइकिल चलाता था. साइकिल को सही स्पीड में रखता था.

ठीक इसी तरह आप भी अपनी लाइफ में अनुशासन के साथ आगे बढ़े. अगर आप कोई काम करते हो तो उस काम में अपना 100 प्रतिशत दे. अगर आप कोई Student हो तो अनुशासन के साथ बड़ी ईमानदारी से अपनी पढाई करे. जब आपके अन्दर अनुशासन होगा तभी आप खुद को better ढंग से सफलता के लिए तैयार कर पाओगे वरना बिना अनुशासन के आपका भटकना तय है. इसलिए भटके मत बल्कि अनुशासन में रहे.

दोस्तों ! इस आर्टिकल में मैंने आपको अपने साइकिल सीखने के अनुभव के साथ साइकिल से जो बातें हमें हमारी लाइफ में सीखने को मिलती है वह शेयर किया. आप साइकिल केउदाहरण से बताये गयी इन बातो को अपनी लाइफ में फॉलो करे उन्हें अच्छी तरह से अपनाये. तभी आपका Future better बनेगा.

मुझे उम्मीद है आपको यह आर्टिकल बहुत पसंद आया होगा. आप हमारी इस पोस्ट को सोशल मीडिया पर जरुर शेयर करे.

All The Best !

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Shubham Sharma
Shubham Sharma is an Indian Editor, Writer, Journalist and Media personality. Born 26 September 1994 In Seoni Madhya Pradesh. He is the chairman of the Khabar Arena Media & Network Private Limited , an Indian media conglomerate, and founded Khabar Satta News Website in 2017. Present Time Shubham Sharma Is Founder Of Khabar Satta And Director Of Khabar Arena Media And Network Pvt Ltd
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