Homeमध्य प्रदेशखुशखबरी: MP में दो मई को शुरू होगी लाड़ली लक्ष्मी योजना-2, कन्या...

खुशखबरी: MP में दो मई को शुरू होगी लाड़ली लक्ष्मी योजना-2, कन्या विवाह योजना की राशि हुई 55 हजार रुपये

Good news: Ladli Laxmi Yojana-2 will start in MP on May 2, the amount of girl marriage scheme is 55 thousand rupees

Date:

भोपाल: मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पमचढ़ी में आयोजित मंत्रिपरिषद की दो दिवसीय चिंतन बैठक के दूसरे दिन रविवार को मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना में दी जाने वाली राशि को 51 हजार से बढ़ाकर 55 हजार रुपये करने की घोषणा की।

उन्होंने कहा कि योजना में बेटियों को गृहस्थी का सामान भेंट स्वरूप प्रदान करेंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में लाड़ली लक्ष्मी योजना-2 को आगामी दो मई से प्रारंभ की जाएगी। बैठक में योजना के प्रारूप को अंतिम रूप देने के लिए मंत्री ऊषा ठाकुर, मीना सिंह तथा यशोधरा राजे सिंधिया को दायित्व सौंपा गया है।

पचमढ़ी में हुई चिंतन बैठक के दूसरे दिन मुख्यमंत्री चौहान द्वारा विभिन्न विभागों की 03 से 11 जनवरी में आयोजित समीक्षा बैठकों में दिए गए निर्देशों के क्रियान्वयन के संबंध में जानकारी प्रस्तुत की गई।

लोक निर्माण मंत्री गोपाल भार्गव, जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट, सामान्य प्रशासन राज्य मंत्री इंदर सिंह परमार, वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा, राजस्व तथा परिवहन मंत्री गोविन्द सिंह राजपूत, वन मंत्री कुंवर विजय शाह, उद्योग मंत्री राजवर्धन सिंह दत्तीगांव, खनिज साधन मंत्री बृजेन्द्र प्रताप सिंह, ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, कृषि मंत्री कमल पटेल ने अपने विभागों से संबंधित गतिविधियों की जानकारी प्रस्तुत की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विभाग, बजट व्यय का समयबद्ध कार्यक्रम निर्धारित कर निश्चित समयावधि में योजनाओं का क्रियान्वयन और उसकी समीक्षा करने की व्यवस्था सुनिश्चित करें। प्रदेश में 48 हजार करोड़ की लागत के निर्माण कार्य होना है।

निर्माण कार्य के लिए पीआईयू सहित प्रतिष्ठित तथा अच्छी साख वाली संस्थाओं को सूचीबद्ध किया जाए। इनमें भारत सरकार की संस्थाओं को भी सम्मिलित किया जाए। प्रदेश में आगामी समय में होने वाले निर्माण कार्यों को समय-सीमा में पूर्ण करने के लिए इन एजेंसियों को भी दायित्व सौंपने पर विचार किया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों को पेटी कॉन्ट्रेक्टर को देने की प्रक्रिया का नियमन और नियंत्रण आवश्यक है। समस्त निर्माण विभागों को इस पर चिंतन-मनन कर अन्य राज्यों में चल रही व्यवस्था का आंकलन कर एक सप्ताह में रिपोर्ट प्रस्तुत करें।

उन्होंने लोक निर्माण विभाग द्वारा संचालित सर्किट हाऊस तथा विश्राम गृहों के रख-रखाव और संचालन के लिए भी कार्य-योजना प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

बैठक में जानकारी दी गई कि सामान्य प्रशासन विभाग के अंतर्गत कार्यालयों के डिजिटिलाइजेशन की प्रक्रिया जारी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि विभागीय जाँच, पेंशन प्रकरण आदि का समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित किया जाए।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सपने के अनुरूप देश को पाँच ट्रिलियन डॉलर की अर्थ-व्यवस्था बनाने में मध्यप्रदेश के योगदान का स्पष्ट रोडमेप बनाकर उसे समय-सीमा में क्रियान्वित किया जाए। उन्होंने भामाशाह योजना पुन: आरंभ करने के निर्देश दिए। बैठक में कम राजस्व प्राप्त करने वाले विभागों को राजस्व प्राप्ति में वृद्धि के प्रयास करने के निर्देश भी दिए गए।

मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि प्रदेश में 8 हजार 700 पटवारियों को लैपटॉप उपलब्ध कराए जा चुके हैं। लैण्ड टाइटलिंग का कार्य जारी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भूमि संबंधी मामलों के निराकरण में ड्रोन की मदद ली जाए। प्रदेश में डिजिटिलाइजेशन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए सायबर तहसील स्थापित की जाए। मुख्यमंत्री आवासीय भू-अधिकार योजना की प्रगति की जानकारी भी दी गई। बताया गया कि ग्रामीण परिवहन परियोजना का पायलट प्रोजेक्ट विदिशा में लागू किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के हर गाँव में खेल मैदान विकसित किया जाए। भूमि चिन्हित करने अभियान चलाया जाए और मनरेगा के अंतर्गत खेल मैदान विकसित किये जाएँ। बैठक में जानकारी दी गई कि हर्बल उत्पादों के व्यापार से बिचौलियों को हटाने के लिए वेब पोर्टल विकसित किया गया है और उत्पादों के विक्रय के लिए प्रत्येक जिले में सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।

मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार वन क्षेत्र को अतिक्रमण से बचाने तथा उनके बेहतर प्रबंधन के लिए रहवासियों की सहभागिता से गतिविधियाँ संचालित की जा रही हैं। मई माह में शिवपुरी, जबलपुर, रीवा और सतना में वन समितियों का सम्मेलन आयोजित किया जाएगा।

बैठक में जानकारी दी गई कि ईज ऑफ डूईंग बिजनेस में मध्यप्रदेश देश में चौथे नंबर पर है। एक जिला-एक उत्पाद के अंतर्गत जिलों की रैकिंग की जा रही है। प्रदेश में खाद्य तेल उत्पादन बढ़ाने के लिए विशेष गतिविधियाँ संचालित की जा रही हैं। बैठक में रतलाम में निवेश पार्क और भोपाल के समीप 165 हेक्टेयर भूमि में बनने वाले लॉजिस्टिक्स और वेयर हाऊस हब की जानकारी दी गई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश को लॉजिस्टिक्स और वेयर हाऊसिंग का हब बनाने के लिए इंदौर और भोपाल के बीच एयरपोर्ट बनाकर विशेष क्षेत्र विकसित करने की योजना है। बैठक में बताया गया कि खनिज के अवैध परिवहन को रोकने के लिए विभिन्न राज्यों में अपनाई जा रही प्रक्रिया का अध्ययन कर कार्य-योजना बनाई जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ऊर्जा विभाग के लिए बिजली उपभोक्ताओं की संतुष्टि और उनकी समस्याओं का निराकरण सर्वोच्च प्राथमिकता है। बताया गया कि बिजली बिलों में सुधार के लिए अप्रैल-मई में विशेष अभियान चलाया जाएगा। लाइनमेन की पर्याप्त संख्या में उपलब्धता सुनिश्चित करने, अवैध कनेक्शनों पर कड़ी कार्यवाही और बिजली चोरी रोकने के लिए जारी गतिविधियों की भी जानकारी दी गई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में कृषि के विविधीकरण में परम्परागत फसलों के साथ मोटे अनाज सहित अन्य नगदी फसलों की खेती को प्रोत्साहित करना आवश्यक है। उन्होंने हार्वेस्टर से कटाई में भूसा नहीं बचने की स्थिति पर चिंता जताई।

मुख्यमंत्री उन्होंने कहा कि पशुओं के लिए भूसे की व्यवस्था करने के उद्देश्य से फसल कटाई के लिए ऐसे यंत्रों का उपयोग किया जाए, जिससे पशुओं के लिए भूसा बच सके। बैठक में जानकारी दी गई जनजातीय बहुल विकासखंड प्राकृतिक और जैविक खेती के लिए उपयुक्त हैं। इन क्षेत्रों में हो रही फसलों के जैविक प्रमाणीकरण के लिए प्रयास किया जा रहा है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Subscribe

spot_imgspot_img

Popular

More like this
Related