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कॉमेडियन मुन्नवर फारूकी जमानत याचिका हाइकोर्ट से खारिज, सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी

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इंदौर: हिंदू देवी देवताओं और केद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का मजाक उड़ाने वाले कॉमेडियन मुनव्वर फारुकी की परेशानी थमने का नाम नहीं ले रही। धार्मिक भावनाओं को आहत करने के आरोप में गिरफ्तार कॉमेडियन मुनव्वर फारूकी और उसके साथी नलिन यादव को कोर्ट से राहत नहीं मिली है। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर बेंच ने गुरुवार को उसकी जमानत याचिका खारिज कर दी। कोर्ट ने कहा है कि भाईचारे और सद्भावना बढ़ाना हर नागरिक का संवैधानिक कर्तव्य है। कॉमेडियन पर आरोप है कि उन्होंने इंदौर के 56 दुकान क्षेत्र में एक कार्यक्रम के दौरान धार्मिक भावनाओं का मजाक उड़ाया था। फारूकी की जमानत अर्जी पर 25 जनवरी को बहस के बाद हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया था। बता दें कि फारूकी 27 दिनों से जेल में बंद है। फिलहाल वह जेल में ही रहेंगे।

क्या हुआ था कोर्ट में 25 जनवरी को…
25 जनवरी को फारुखी की ओर से राज्यसभा सदस्य व सीनियर एडवोकेट विवेक तन्खा और अंशुमान श्रीवास्तव ने पैरवी की थी। शासन व आपत्तिकर्ता की ओर से कहा गया था कि फारुखी धार्मिक भावनाओं को आहत करने का आदतन आरोपी है। अन्य राज्यों में उसके खिलाफ इस तरह के केस चल रहे हैं। मामला बहुत गंभीर है। जिस थाने में केस दर्ज हुआ है, वहां पर कई लोग आकर आवेदन कर चुके हैं कि फारुखी की हरकत से उनकी धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची है। वहीं, फारुखी की ओर से कहा गया कि लोगों की धार्मिक आस्था को ठेस पहुंचाने का कोई इरादा नहीं था। मुनव्वर सभी धर्मों का बहुत सम्मान करता है। न्यायिक हिरासत में उसे काफी वक्त हो चुका है। पुलिस की जांच और ट्रायल में काफी वक्त लगेगा। उसे जमानत का लाभ दिया जाना चाहिए। कोर्ट ने सभी पक्षों को सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया थ

आज जमानत खारिज करते हुए यह कहा कोर्ट ने…
कोर्ट ने कहा कि भाईचारे और सदभावना का प्रचार-प्रसार करना हर नागरिक का संवैंधानिक अधिकार है। साथ ही संविधान के अनुच्छेद 15 ए के तहत कोर्ट ने यह कहते जमानत खारिज कर दी गई कि अभिव्यक्ति की आजादी के नाम पर कोई भी व्यक्ति किसी भी प्रकार की धार्मिक भावना को भड़काने वाली अनर्गल और अशोभनीय टिप्पणी नहीं करे। देश में रहने वाला कोई भी व्यक्ति किसी भी धर्म के विरुद्ध बातें ना करे। हमारा देश सुंदर देश है, धर्म, भाषा, संस्कृति, भौगोलिक स्‍थल आदि के कारण, वैश्विक स्तर पर यह विविधताओं के बीच सह-अस्तित्व का उदाहरण है, कानून के शासन के सिद्धांतों द्वारा शासित एक कल्याणकारी समाज में सभी नागरिकों के बीच पारस्परिक सम्मान, आस्था और विश्वास सह-अस्तित्व के बुनियादी सिद्धांत हैं।

यह है मामला…
2021 की शुरुआत में नए साल की सेलिब्रेशन के लिए 56 दुकान स्थित मुनरो कैफे में गुजरात के विवादित स्टेंडअप कॉमेडियन मुन्नवर फारुखी को शो के लिए बुलाया गया था। इसकी जानकारी मिलते ही हिंदू संगठन के नेता उसकी यू-ट्यूब पर जारी धार्मिक भावनाएं भड़काने और हिंदू धर्म पर की गई कॉमेडी को देखते हुए टिकट लेकर शो में शामिल हुए थे। इस शो में स्टैंडअप कॉमेडी के लिए शहर के आराध्य देव के बारे में विवादित कॉमेडी शुरू कर दी। जैसे ही शो शुरू हुआ हिंदू संगठन हिंद रक्षक के नेताओं ने कॉमेडियन मुन्नवर ​​​​​​सहित ​सभी कॉमेडियन को वहीं पीट दिया और थाने ले आए। जिसके बाद सभी को जेल भेज दिया गया।

आपको बता दें 1 जनवरी 2021 को इंदौर से मुनव्वर फारूकी की और उसके चार साथियों को गिरफ्तार किया था उसके बाद से वह जेल में है अब उसके वकील अंशुमन श्रीवास्तव ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट में जमानत आवेदन लगाने की तैयारी की जा रही है।

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खबर सत्ता डेस्क, कार्यालय संवाददाता

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