Homeदेशमहबूबा जी ! आपका पाकिस्तान प्रेम पूरे देश को नामंजूर है

महबूबा जी ! आपका पाकिस्तान प्रेम पूरे देश को नामंजूर है

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महबूबा मुफ्ती का पाकिस्तान प्रेम सिर चढ़ कर बोलता है। वह पड़ोसी मुल्क के अवाम का हित चाहें तो कोई बात नहीं, पर वे तो पाकिस्तान की सरकार के साथ बेशर्मी के साथ खड़ी किनजर आती हैं। उन्होंने यह उस समय फिर सिद्ध किया जब वह बाकी कश्मीरी नेताओं सहित प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मिलीं। जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने केंद्र सरकार से पाकिस्तान से बातचीत करने की मांग की। महबूबा ने कहा, ‘सरकार दोहा में तालिबान के साथ बातचीत कर रही है। उन्हें जम्मू-कश्मीर के मुद्दे पर भी पाकिस्तान से बात करनी चाहिए। मुद्दों के समाधान के लिए भारत सरकार को सबके साथ पाकिस्तान से भी बातचीत करनी चाहिए।’

यकीन मानिए कि नरेन्द्र मोदी जी और कश्मीरी नेताओं की बातचीत पर करीबी नजर रखने वाले पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान और कुख्यात खुफिया एजेंसी आईएसआई महबूबा मुफ्ती के पकिस्तान प्रेम के इजहार को सुनकर खुश अवश्य हुए होंगे। पाकिस्तान के सेना प्रमुख कमर जावेद बाजवा भी मुस्कुरा रहे होंगे।

पाकिस्तान के शेख राशिद अहमद और फावद चौधरी जैसे घोर भारत विरोधी नेता भी मौज में होंगे। ये भारत पर एटमी हमला करने की धमकी देते रहते हैं। इन सबको खुशी हो रही होगी कि भारत में अभी भी कोई पाकिस्तान समर्थक बचा है। जिस पाकिस्तान को सारी दुनिया आतंक की फैक्ट्री मानती है, उसके प्रति महबूबा मुफ्ती का सम्मान का भाव सारा देश देख रहा है।

उसकी इस घृष्टता की अनदेखी नहीं की जा सकती। क्या महबूबा मुफ्ती को यह यकीन नहीं है कि मुंबई हमलों के सारे के सारे हमलावर आतंकवादी पाकिस्तानी थे? क्या वह मानती हैं कि अजमल कसाब पाकिस्तानी नहीं था? सारी दुनिया को पता है कि मुंबई हमला पाकिस्तान में रहने वाले कठमुल्लों ने ही पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आई एस आई की मदद से ही करवायी थी ।

भारत ने उस हमले के साक्ष्य पाकिस्तान को दिए। पर महबूबा को जरूर लगता होगा कि उस हमले के लिए पाकिस्तान से आए आतंकी दोषी नहीं हैं। अगर वे मानती हैं कि मुंबई हमलों के लिए पाकिस्तान ही जिम्मेदार है, तब वह इमरान खान से जरा यह भी पूछ लें कि वे मुंबई में 26/11 को हुए हमले के दोषियों को सजा कब तक दिलवा देंगे? उस भयावह आतंकी हमले को कितने साल हो चुके हैं, पर पाकिस्तान सरकार उस हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद और बाकी आतंकियों को सजा दिलवा नहीं पाई है।

वह खुलेआम पाकिस्तान का दामाद बना फिर रहा है। क्या उन्हें मालूम है कि इमरान खान ने मुंबई हमलों में मारे गए लोगों के परिजन से कभी संवेदना तक नहीं जताई है? पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ भी ने माना था कि मुंबई में 2008 में हमला पाकिस्तान में प्रशिक्षित आतंकियों ने ही किया था। शरीफ ने कहा था कि मुंबई में 26 नवंबर 2008 को हुए बड़े आतंकी हमले के पीछे पाकिस्तानी आतंकियों का हाथ था।

शरीफ के कबूलनामे से इमरान खान इतने नाराज हो गए थे कि उन्होंने नवाज शरीफ को “मीरजाफर” की उपाधि से नवाज दिया था। क्या आपने कभी कसाब को जिंदा पकड़ने वाले तुकाराम ओम्बले के परिवार से मिलने की इच्छा जताई? क्या वह आपका नायक नहीं है?

महबूबा जी, आपको पाकिस्तान के पूर्व सैन्य तानाशाह परवेज मुशर्रफ का वह बयान याद होगा ,जिसमें वे खुलकर मान रहे हैं कि उनके निर्देश पर ही करगिल में घुसपैठ की गई थी। महबूबा जी, जन नेताओं से उम्मीद की जाती है कि वे तोल- मोल कर बोलेंगे। वे इस तरह की गैर-जिम्मेदराना बयानबाजी नहीं करेंगे जिससे कहीं कानून और व्यवस्था की स्थिति बिगड़े या समाज में बिखराव पैदा हो। दुर्भाग्यवश उनकी पाकिस्तान को लेकर की गई टिप्पणी से जम्मू में जनता सड़कों पर उतर आई और महबूबा मुफ्ती के खिलाफ विरोध प्रदर्शन भी किया।

यही नहीं, प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि इस बयान के लिए महबूबा को जेल के अंदर डाला जाना चाहिए। एक प्रदर्शनकारी ने कहा, ‘यह आंदोलन महबूबा मुफ्ती के बयान के खिलाफ है, जो उन्होंने गुपकार गठबंधन दलों की मीटिंग के बाद दिया था। उनका कहना था कि “कश्मीर के मसले पर पाकिस्तान भी एक पार्टी है और उससे बातचीत की जानी चाहिए।” उन्हें इस बयान के लिए जेल भेजा जाना चाहिए।’

महबूबा जी, आप उस मुल्क पर यकीन कर रही हैं, जिसने अपने संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना की बहन फातिमा जिन्ना तक की कथित रूप से हत्या करवा दी थी। यह सच है कि फातिमा जिन्ना 1967 में अयूब खान के खिलाफ राष्ट्रपति पद का चुनाव लड़ीं थीं। तब उन्हें अयूब खान ने तबीयत से जलील किया था। कहने वाले तो कहते हैं कि उनकी हत्या भी पाकिस्तानी सरकार ने ही करवा दी थी। हालांकि उनकी हत्या को पाक सरकार ने आनन-फानन में स्वाभाविक मौत बता दिया था ।

क्या आपको नहीं पता कि पाकिस्तान सबूतों को मिटाने में माहिर है? आप उसके साथ खड़ी हैं जो देश मिनटों में अपनी पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो का खून धोकर साक्ष्य मिटा सकता है। इसी पाकिस्तान ने अपने पहले प्रधानमंत्री लियाकत अली खान की हत्या के राज को अभी तक कभी उजागर नहीं किया।

क्या महबूबा मुफ्ती को पता नहीं है कि पाकिस्तान सरकार मौलाना अजहर महमूद और हाफिज सईद के मार्फत भारत के खिलाफ जंग लड़ रही है? मौलाना अजहर और उसके संगठन जैश ए मोहम्मद को आईएसआई से खुलेआम पैसे, प्रशिक्षण और वारदात को प्लान करने में सीधी मदद मिलती है। यह सारी दुनिया को पता है।

जैश ए मोहम्मद भारत का जानी दुशमन रहा है। जैश पंजाब में खालिस्तानी तत्वों को फिर से खड़ा करने की कोशिश कर रहा है। जैश बेहद खतरनाक आतंकवादी संगठन है। पर मजाल है कि महबूबा मुफ्ती ने कभी इन इन्सानियत के दुश्मनों के खिलाफ भी कुछ बोला हो। क्या उन्हें अपने दोगले आचरण पर शर्म नहीं आती?

भारत ने उन्हें या उनके परिवार को क्या नहीं दिया। उनके पिता मुफ्ती सईद साहब वी.पी. सिंह सरकार में देश के गृह मंत्री थे। जरा महबूबा यह भी बताएं कि उन्होंने या उनके परिवार ने देश या कश्मीर के लिए क्या कुर्बानी दी है? महबूबा जी, याद रख लीजिए कि अब देश जम्मू-कश्मीर में देश विरोधी तत्वों को एक मिनट के लिए भी माफ नहीं करेगा। इन आस्तीन के सांपों को चुन-चुनकर और सिर कुचल-कुचल कर मारा जाएगा। हां, पर भारत सरकार और भारत की 135 करोड़ जनता जम्मू- कश्मीर के राष्ट्रवादी लोगों के सदा साथ है। इस संबंध में किसी को कोई संदेह नहीं होना चाहिए।

(लेखक वरिष्ठ संपादक, स्तभकार और पूर्व सांसद हैं।)

SHUBHAM SHARMA
SHUBHAM SHARMAhttps://shubham.khabarsatta.com
Shubham Sharma – Indian Journalist & Media Personality | Shubham Sharma is a renowned Indian journalist and media personality. He is the Director of Khabar Arena Media & Network Pvt. Ltd. and the Founder of Khabar Satta, a leading news website established in 2017. With extensive experience in digital journalism, he has made a significant impact in the Indian media industry.

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