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खुशखबरी : भारतीय कोरोना वैक्सीन, ह्यूमन ट्रायल में बिलकुल भी साइड इफेक्ट नहीं हुआ

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नई दिल्ली.  भारतीय कोरोना वैक्‍सीन Covaxin पर भारत में काम पूरी तेजी से निरंतर ही चल रहा है. आखरी पड़ाव में है भारतीय कोरोना दवा. इसके ह्यूमन ट्रायल जिले मानवीय-परीक्षण कहा जाता है जिसका का पहला पड़ाव (फर्स्ट फेज़)  चल रहा है. और इस पहले पड़ाव (फर्स्ट फेज़) के इस प्रथम दौर के बाद ही अब शुभ समाचार सामने आया है वो शुभ समाचार यह है कि आज शुक्रवार 17 जुलाई को हरियाणा में रोहतक के पीजीआई में वॉलंटियर्स के पहले ग्रुप को Covaxin की पहली डोज देने के बाद कोई भी साइड इफेक्ट सामने नहीं आया है. 

फर्स्ट फेज में तीन वालंटियर्स पर हुआ परीक्षण 
इस बारे में जानकारी देते हुए हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि तीनों वालंटियर्स के शरीर में वैक्‍सीन की स्वीकार्यता देखी गई है. इन तीनों के शरीर पर किसी तरह का साइड इफेक्‍ट सामने नहीं आया है. अभी फेज़ वन ट्रायल चल रहा है जिसमें 18 से 55 वर्ष की आयु वाले स्‍वस्‍थ वालंटियर्स को वैक्सीन की दो दो डोज़ दी जायेंगी.

चौदहवें दिन दी जायेगी दूसरी डोज़
फर्स्ट फेज़ की पहली डोज़ दी जा चुकी है अब दूसरी डोज 14वें दिन दी जानी है. कुल एक हजार एक सौ पच्चीस वॉलंटिअर्स पर यह अध्ययन किया जाना है. इन में से तीन सौ पिचहत्तर वालंटियर्स फर्स्ट फेज़ में सम्मिलित हैं और सात सौ पचास दूसरे फेज में सम्मिलित होंगे. इस टेस्ट के बीच में 4:1 का अनुपात रहेगा. इसको ऐसे समझ लें कि यदि  4 मरीजों को वैक्‍सीन दी जाएगी तो एक को सिर्फ देने का नाटक किया जाएगा – जिसे मनोविज्ञान की भाषा में प्लेसबो कहा जाता है. 

14 रिसर्च इंस्टीट्यूट्स में हो रहा है ट्रायल
भारत की इस देसी कोरोना वैक्‍सीन का ट्रायल देश के अलग-अलग शहरों में स्थित 14 रिसर्च इंस्‍टीट्यूट्स में चल रहा है जिनमें दिल्ली, रोहतक, हैदराबाद, विशाखापट्नम, पटना, कानपुर, गोरखपुर, भुवनेश्वर, चेन्नई और गोवा सम्मिलित हैं. चार दिन पहले पटना एम्स से ट्रायल शुरू हो चुका है. ट्रायल का फर्स्ट फेज  ‘सेफ्टी एंड स्‍क्रीनिंग’ का फेज़ है.  

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