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एम.पी. ट्रांस्को के कार्मिकों ने सीखीं जीवन रक्षक तकनीक

मध्य प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एम.पी. ट्रांसको) एवं रेड क्रॉस सोसायटी व स्थानीय जिला चिकित्सालयों के सहयोग से मध्यप्रदेश में एम.पी. ट्रांसको के जिला मुख्यालयों में स्थित ट्रांसमिशन लाइन मेंटेनेंस उप संभागों, सबस्टेशनों आदि में ‘‘सी.पी.आर. एवं अन्य ऐसे ही जीवन रक्षक तकनीकों‘‘ पर प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित किये जा रहें है। इसी क्रम में एक प्रशिक्षण कार्यशाला एमपी ट्रांसको एवं श्रीमंत राजमाता विजयाराजे सिंधिया चिकित्सा महाविद्यालय शिवपुरी के संयुक्त तत्वावधान में शिवपुरी में आयोजित की गई।

कार्यपालन अभियंता श्री अजीत वर्मा द्वारा कार्यक्रम के उद्देश्य एवं विषय की उपयोगिता पर प्रकाश डाला। कार्यशाला में कंपनी के परीक्षण संभाग शिवपुरी एवं अति उच्चदाब संधारण उपसंभाग शिवपुरी के समस्त अधिकारी एवं कर्मचारियो को श्रीमंत राजमाता विजयाराजे सिंधिया चिकित्सा महाविघालय शिवपुरी की डॉ. शिल्पा अग्रवाल (विभागाध्यक्ष एवं सह प्रध्यापक, निश्चेतना विभाग) एवं डॉ. नीति अग्रवाल (सहप्रध्यापक, सर्जरी विभाग) द्वारा व्यवहारिक और उपयोगी प्रशिक्षण दिया गया।

कार्यशाला में एम.पी. ट्रांसको के करीब 50 मेंटनेन्स, ऑपरेटिंग एवं सुरक्षा कर्मियों ने हिस्सा लिया। सी.पी.आर. प्रशिक्षण के लिये उपयोग किये जाने वाले मानव पुतले एवं कुछ वीडियों की सहायता से सी.पी.आर. तकनीक का विस्तृत प्रशिक्षण दिया गया। प्रत्येक प्रतिभागी ने विषय विशेषज्ञ की निगरानी में मानव पुतले पर सीपीआर तकनीक का अभ्यास किया एवं प्राथमिक उपचार संबंधित प्रशिक्षण प्राप्त किया। अभ्यास के दौरान विषय विशेषज्ञ द्वारा प्रतिभागियों की शारिरिक मुद्रा एवं तकनीक उपयोग की बारीकी से जांच कर उन्हें सुधारा गया।

डाक्टरों द्वारा अन्य जीवन रक्षक तकनीकों यथा पानी में डूबे हुए व्यक्ति का बचाव, किसी भी प्रकार के शॉक लगने वाले व्यक्ति का बचाव, सिक्का या किसी अन्य वस्तु का गलती से श्वास नली में फंस जाने एवं चोट लगने पर उसका प्राथमिक उपचार इत्यादि पर विस्तृत जानकारी भी दी गई। प्रतिभागियों के प्रश्नों का समाधान भी इस शिविर में किया गया।

CHAAVA MOVIE: ‘छावा’ फिल्म देखकर भावुक हुआ बच्चा, विक्की कौशल ने वीडियो शेयर कर लिखा – “हमारी सबसे बड़ी कमाई”

देवास। हाल ही में रिलीज़ हुई फिल्म ‘छावा’ (CHAAVA MOVIE) ने दर्शकों के दिलों में गहरी छाप छोड़ी है। यह फिल्म छत्रपति संभाजी महाराज के वीर जीवन पर आधारित है और इसे देखने के बाद हर उम्र के लोग भावुक हो रहे हैं। ऐसा ही एक वीडियो मध्यप्रदेश के देवास से सामने आया है, जहां एक मासूम बच्चा फिल्म देखकर भावुक हो गया और उसकी आँखों में आंसू आ गए।

इस वीडियो को खुद फिल्म अभिनेता विक्की कौशल ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर साझा किया और लिखा –
“हमारी सबसे बड़ी कमाई”।

बच्चे की भावनाओं ने लोगों का दिल जीता

इस वीडियो में देखा जा सकता है कि बच्चा फिल्म के दृश्यों से इतना प्रभावित हुआ कि उसकी आँखों से आँसू छलक पड़े। जब उससे पूछा गया कि वह क्यों रो रहा है, तो उसने कहा कि “संभाजी महाराज के साथ अन्याय हुआ” और यह सुनकर हर कोई भावुक हो गया।

वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद अभिनेता विक्की कौशल ने इसे अपने इंस्टाग्राम पर शेयर किया और लिखा कि यही एक कलाकार के लिए सबसे बड़ी उपलब्धि होती है, जब उसकी फिल्म दर्शकों के दिलों को छू जाए।

सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएँ

यह वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है और लोग बच्चे की भावनाओं की सराहना कर रहे हैं। कई लोगों ने कमेंट करते हुए लिखा कि “संभाजी महाराज का जीवन हर भारतीय के लिए प्रेरणा है” और यह फिल्म हर व्यक्ति को देखनी चाहिए।

‘छावा’ फिल्म ने मचाया धमाल

मराठी सिनेमा की यह ऐतिहासिक फिल्म छत्रपति संभाजी महाराज के जीवन संघर्ष पर आधारित है। फिल्म ने न केवल महाराष्ट्र बल्कि पूरे देश में धूम मचा दी है। दर्शकों का कहना है कि इस फिल्म ने इतिहास को जीवंत कर दिया है और इसे देखकर हर व्यक्ति गर्व और भावनाओं से भर जाता है।

फिलहाल, देवास के इस मासूम बच्चे का वीडियो हर किसी का ध्यान खींच रहा है और यह साबित कर रहा है कि इतिहास पर बनीं प्रेरणादायक फिल्में समाज पर कितना गहरा प्रभाव छोड़ सकती हैं।

(रिपोर्ट: खबर सत्ता)

कालीपुत्र कालीचरण महाराज का सिवनी आगमन 23 फरवरी को: शुक्रवारी में शिवाजी महाराज जन्मोत्सव पर विशाल धर्म सभा का आयोजन

सिवनी। श्री राम सेना के तत्वावधान में छत्रपति शिवाजी महाराज के जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में एक विशाल धर्म सभा का आयोजन किया जा रहा है। यह भव्य आयोजन 23 फरवरी को शाम 4 बजे शुक्रवारी चौक, सिवनी में होगा, जिसमें कालीपुत्र कालीचरण जी महाराज मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहेंगे।

इस आयोजन का उद्देश्य हिंदू समाज में एकता, राष्ट्रभक्ति और शिवाजी महाराज के आदर्शों को जन-जन तक पहुँचाना है। श्री राम सेना के पदाधिकारियों ने बताया कि यह धर्म सभा ऐतिहासिक महत्व रखती है, जिसमें हजारों की संख्या में धर्मप्रेमी एवं श्रद्धालु शामिल होंगे।

शिवाजी महाराज का जीवन बना प्रेरणा स्रोत

छत्रपति शिवाजी महाराज न केवल एक महान योद्धा थे, बल्कि वे हिंदू स्वराज्य के संस्थापक भी थे। उन्होंने अपने शासनकाल में धर्म और संस्कृति की रक्षा के लिए कई संघर्ष किए और एक सशक्त प्रशासनिक व्यवस्था कायम की। उनके आदर्श आज भी हर भारतीय को प्रेरित करते हैं।

विशेष तैयारियाँ की जा रही हैं

आयोजन समिति ने बताया कि धर्म सभा को लेकर पूरी सिवनी में जबरदस्त उत्साह है। कार्यक्रम स्थल पर विशेष सजावट की जाएगी और सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम रहेंगे।

इस विशाल धर्म सभा में कालीपुत्र कालीचरण जी महाराज अपने ओजस्वी विचारों के माध्यम से धर्म, राष्ट्र और समाज के उत्थान पर प्रकाश डालेंगे। आयोजकों ने नगरवासियों से अपील की है कि अधिक से अधिक संख्या में इस धर्म सभा में भाग लें और छत्रपति शिवाजी महाराज के आदर्शों को आत्मसात करें।

(रिपोर्ट: खबर सत्ता)

सिवनी: धर्म की नगरी धारनाकला में 24 कुंडीय गायत्री महायज्ञ का शुभारंभ

Seoni News: धर्म और संस्कृति की पावन भूमि धारनाकला में आज से विशाल 24 कुण्डीय गायत्री महायज्ञ का भव्य शुभारंभ हो चुका है। इस महायज्ञ में भारी संख्या में श्रद्धालु भाग ले रहे हैं और पूरा क्षेत्र धार्मिक आस्था से सराबोर हो गया है।

धारनाकला में धार्मिक आयोजनों की परंपरा

धारनाकला को धर्म और संस्कृति का प्रमुख केंद्र माना जाता है, जहाँ प्रति वर्ष अनेक धार्मिक आयोजन किए जाते हैं। विशेष रूप से, इस क्षेत्र में महिला शक्ति की अद्वितीय भूमिका रही है। हर वर्ष, महिलाएँ संगठित होकर बड़े धार्मिक आयोजनों में भाग लेती हैं और उनके सहयोग से ही ये आयोजन अत्यंत सफल होते हैं।

गायत्री महायज्ञ का प्रथम दिवस – भव्य कलश यात्रा

यज्ञ के पहले दिन भव्य कलश यात्रा निकाली गई, जिसमें सैकड़ों महिलाओं ने पारंपरिक वस्त्र पहनकर बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। जयकारों और भजनों की गूंज के साथ, पूरा नगर आध्यात्मिक ऊर्जा से भर उठा। कलश यात्रा का प्रारंभ मंदिर प्रांगण से हुआ और यह नगर के विभिन्न मार्गों से होते हुए यज्ञ स्थल पर संपन्न हुई।

यज्ञ स्थल पर पहुँचने के पश्चात, वेदपाठी ब्राह्मणों ने वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ यज्ञ की विधिवत शुरुआत करवाई। श्रद्धालुओं ने आहुति अर्पित कर यज्ञ में अपनी सहभागिता सुनिश्चित की और ईश्वरीय आशीर्वाद प्राप्त किया।

गायत्री महायज्ञ का आध्यात्मिक एवं सामाजिक महत्व

गायत्री महायज्ञ केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि एक आध्यात्मिक एवं सामाजिक चेतना का प्रतीक भी है। इस यज्ञ के माध्यम से—

  • मानव कल्याण एवं विश्व शांति की प्रार्थना की जाती है।
  • पर्यावरण शुद्धि हेतु वैदिक मंत्रों के साथ आहुति दी जाती है, जिससे वातावरण में सकारात्मक ऊर्जा उत्पन्न होती है।
  • सामाजिक एकता को बढ़ावा मिलता है, क्योंकि विभिन्न वर्गों एवं समुदायों के लोग एक साथ आकर इस आयोजन में सम्मिलित होते हैं।
  • युवाओं में भारतीय संस्कृति एवं धर्म के प्रति जागरूकता उत्पन्न होती है।

महिला शक्ति की विशेष भागीदारी

धारनाकला में होने वाले धार्मिक आयोजनों में महिलाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है। इस महायज्ञ में भी महिलाएँ पूरे समर्पण के साथ जुड़ी हैं। इस बार, ग्राम की महिलाओं ने सामूहिक रूप से निर्णय लिया कि गायत्री महायज्ञ के पश्चात श्रीमद्भागवत महापुराण कथा का भी आयोजन किया जाएगा।

श्रीमद्भागवत कथा में—

  • भगवान श्रीकृष्ण की अमरत्व कथा का श्रवण भक्तों को मिलेगा।
  • जीवन में धर्म, सत्य और भक्ति का महत्व समझाया जाएगा।
  • महिलाएँ संगठित होकर भजन-कीर्तन के कार्यक्रम आयोजित करेंगी।

धारनाकला – धर्म और संस्कृति की पावन भूमि

धारनाकला वर्षों से धार्मिक आयोजनों का प्रमुख केंद्र रहा है। यहाँ समय-समय पर महायज्ञ, प्रवचन, भजन संध्या, एवं अन्य आध्यात्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता रहा है। ग्राम के बुजुर्गों के अनुसार, यह भूमि ऋषियों और संतों की तपोभूमि रही है, जहाँ अनेक महान संतों ने साधना की है।

यह यज्ञ न केवल आध्यात्मिक शांति प्रदान करता है, बल्कि यह समाज को सद्भाव और एकता का संदेश भी देता है। जब सैकड़ों लोग एक साथ किसी धर्म-कर्म में संलग्न होते हैं, तो वह आयोजन अपने आप में एक महान प्रेरणा स्रोत बन जाता है।

यज्ञ में सम्मिलित होने का निमंत्रण

इस दिव्य आयोजन में सभी श्रद्धालु आमंत्रित हैं। जो भी भक्तगण पुण्य अर्जित करना चाहते हैं, वे इस महायज्ञ में शामिल होकर धर्मलाभ प्राप्त कर सकते हैं। यज्ञ की विभिन्न रस्मों एवं धार्मिक अनुष्ठानों का साक्षी बनने का यह एक सुनहरा अवसर है।

धारनाकला में गायत्री महायज्ञ एक धार्मिक, आध्यात्मिक एवं सामाजिक चेतना का संदेशवाहक है। इस यज्ञ से समाज में धर्म के प्रति आस्था जाग्रत होती है, पर्यावरण शुद्ध होता है और एकता एवं सद्भाव को बढ़ावा मिलता है। महिलाओं की सक्रिय भागीदारी इस आयोजन को और भी भव्य बनाती है।

शिवरात्रि पर्व पर सिवनी में धूमधाम से निकलेगी देवाधिदेव महादेव की बारात

Maha Shivratri 2025: सिवनी में महाशिवरात्रि पर्व को लेकर इस वर्ष भी भक्तों में अत्यधिक उत्साह देखने को मिल रहा है। इस अवसर पर सिद्धपीठ मठ मंदिर में होने वाले प्रतीकात्मक शिव-पार्वती विवाह एवं शिव बारात के सफल आयोजन हेतु एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में आयोजन समिति के वरिष्ठ सदस्यों सहित नगर के प्रतिष्ठित व्यक्तियों ने भाग लिया और आवश्यक व्यवस्थाओं पर चर्चा की।

महाशिवरात्रि का पावन पर्व और इसकी महत्ता

महाशिवरात्रि भगवान शंकर और माता पार्वती के विवाह का परम पवित्र पर्व है, जिसे सम्पूर्ण भारतवर्ष में भक्तिभाव के साथ मनाया जाता है। इस दिन भगवान शिव की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है और श्रद्धालु उपवास रखते हैं।

सिवनी में यह पर्व हर वर्ष भव्य रूप से मनाया जाता है, जिसमें शिव बारात, रात्रि जागरण, अभिषेक, और विशेष आरती का आयोजन किया जाता है। इस वर्ष भी भक्तों में असीम उत्साह है और तैयारियां जोरों पर हैं।

सिद्धपीठ मठ मंदिर में विशेष आयोजन

इस बार सिद्धपीठ मठ मंदिर में होने वाले आयोजन में विशेष तैयारियां की जा रही हैं। मंदिर समिति द्वारा इस वर्ष कुछ नए और अद्वितीय कार्यक्रम जोड़े गए हैं, जिनमें शामिल हैं:

  • महादेव की भव्य बारात का आयोजन
  • विशाल भंडारा एवं प्रसाद वितरण
  • रात्रि जागरण एवं शिव भजन संध्या
  • विशेष रुद्राभिषेक एवं महामृत्युंजय जाप
  • शिव-पार्वती विवाह समारोह

शिव बारात: अनोखा आकर्षण

हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी सिवनी की सड़कों पर महादेव की दिव्य बारात निकलेगी। इस बारात में भगवान शिव, नंदी बैल, गण, भूत-प्रेत, साधु-संत और विभिन्न झांकियों का मनोहारी दृश्य देखने को मिलेगा। शिव बारात का शुभारंभ सिद्धपीठ मठ मंदिर से होगा और यह नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए पुनः मंदिर परिसर में समाप्त होगी।

शिव बारात के मुख्य आकर्षण:

  • भगवान शिव एवं माता पार्वती की सजीव झांकी
  • शिव तांडव नृत्य एवं अखाड़ों का प्रदर्शन
  • शंख-घंटा-नगाड़ों के साथ भव्य शोभायात्रा
  • श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरण

भक्तों के लिए विशेष सुविधाएं

इस वर्ष श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मंदिर समिति ने कई महत्वपूर्ण व्यवस्थाएं की हैं, जैसे कि:

  • भक्तों के लिए नि:शुल्क भंडारा
  • विशेष जलपान एवं ठंडाई की व्यवस्था
  • मंदिर परिसर में LED स्क्रीन पर लाइव दर्शन
  • महिलाओं और वृद्ध श्रद्धालुओं के लिए विशेष बैठने की व्यवस्था

महाशिवरात्रि व्रत का महत्व और पूजा विधि

महाशिवरात्रि व्रत करने से सभी प्रकार के पापों का नाश होता है और भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त होता है। इस दिन श्रद्धालु विशेष रूप से बेलपत्र, दूध, गंगाजल, धतूरा, शहद, एवं पंचामृत से शिवलिंग का अभिषेक करते हैं।

महाशिवरात्रि पूजा विधि:

  1. प्रातः स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
  2. भगवान शिव को गंगाजल एवं दूध से स्नान कराएं।
  3. बेलपत्र, धतूरा, भांग, चंदन, फल एवं फूल अर्पित करें।
  4. ॐ नमः शिवाय का जाप करें।
  5. शिवपुराण का पाठ करें और शिव कथा सुनें।
  6. रात्रि जागरण करें और भजन-कीर्तन में भाग लें।
  7. अगले दिन पारण कर व्रत पूर्ण करें।

महाशिवरात्रि से जुड़ी पौराणिक कथा

एक प्राचीन कथा के अनुसार, महाशिवरात्रि के दिन ही भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह संपन्न हुआ था। इस दिन देवता, गंधर्व, ऋषि-मुनि और समस्त जीवधारी भगवान शिव की आराधना करते हैं

एक अन्य कथा के अनुसार, एक बार एक शिकारी जंगल में शिकार करने गया। प्यास लगने पर उसने एक जलाशय के पास एक वृक्ष पर चढ़कर रात्रि व्यतीत करने का निश्चय किया। अनजाने में उसने उस वृक्ष के पत्ते नीचे गिरा दिए, जो एक शिवलिंग पर गिरे। इससे प्रसन्न होकर भगवान शिव ने उसे मोक्ष प्रदान किया

शिवरात्रि के अवसर पर नगर में विशेष सजावट

महाशिवरात्रि के शुभ अवसर पर सिवनी नगर को आकर्षक रूप से सजाया जा रहा है। प्रमुख मंदिरों एवं सार्वजनिक स्थलों को रंग-बिरंगी रोशनी और फूलों से सजाया गया है। नगर की गलियों में भक्तों द्वारा हर-हर महादेव के जयकारे लगाए जा रहे हैं।

महाशिवरात्रि का पर्व सिर्फ एक त्यौहार नहीं, बल्कि यह भक्ति, श्रद्धा और आत्मशुद्धि का अवसर भी है। सिवनी में आयोजित होने वाले शिव बारात और शिव-पार्वती विवाह से श्रद्धालु अध्यात्मिक ऊर्जा प्राप्त करेंगे और भगवान भोलेनाथ का आशीर्वाद प्राप्त करेंगे।

सिवनी में महिला कलेक्टर के होते हुए बरघाट में महिलाओं के अधिकारों का हो रहा हनन: नियमों का नहीं हो रहा पालन

सिवनी (बरघाट): मध्य प्रदेश आजीविका मिशन का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाना है। इसके तहत महिला ग्राम संगठन और संकुल स्तरीय संगठन महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ये संगठन महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने, आर्थिक सहायता प्रदान करने और संगठित बचत को बढ़ावा देने का कार्य करते हैं। लेकिन हाल के दिनों में सिवनी जिले के बरघाट क्षेत्र में महिला अधिकारों की अनदेखी और नियमों के उल्लंघन की घटनाएं बढ़ी हैं।

ग्राम संगठन अध्यक्ष का चुनाव विवादों में

बरघाट में महिला स्व सहायता समूह ग्राम संगठन अध्यक्ष के चुनाव को लेकर विभागीय अधिकारियों की उदासीनता सामने आई है। एक माह से अधिक समय बीतने के बाद भी रिक्त पद की पूर्ति नहीं हो सकी है। यह स्थिति तब है जब जिला कलेक्टर संस्कृति जैन के आदेश के बाद पूर्व अध्यक्ष रंजीता बोपचे ने इस्तीफा दे दिया था।

विभागीय अधिकारी सरकारी आदेशों को नजरअंदाज कर रहे हैं, जिससे स्पष्ट होता है कि महिला सशक्तिकरण की योजनाएं केवल कागजों तक ही सीमित रह गई हैं।

भोपाल के निर्देशों का पालन नहीं

मध्य प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन, भोपाल के निर्देशों के बावजूद बरघाट विकासखंड सहित पूरे जिले में नेतृत्व परिवर्तन की प्रक्रिया नहीं हुईअतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी संजीव सिन्हा द्वारा जारी निर्देश में कहा गया था कि सामुदायिक संस्थाओं में नेतृत्व परिवर्तन किया जाए और हर दो वर्ष में पदाधिकारियों का चुनाव अनिवार्य रूप से हो। लेकिन वर्षों से ग्राम संगठन और संकुल अध्यक्षों के चुनाव नहीं हुए हैं।

महिला अधिकारों का हनन: लचर प्रशासनिक व्यवस्था

बरघाट ही नहीं, पूरे जिले में स्थिति एक समान है। विभागीय अधिकारी भोपाल के आदेशों को अमल में नहीं ला रहे, जिससे महिलाओं को उनके अधिकारों से वंचित किया जा रहा है। एक बार कोई व्यक्ति ग्राम संगठन का अध्यक्ष या सचिव बन जाए, तो वह वर्षों तक पद पर बना रहता है। इस दौरान प्रशासन द्वारा बैठकों का आयोजन तक नहीं किया जाता

हजारों महिलाएं प्रभावित

बरघाट में हजारों महिलाएं स्व सहायता समूहों से जुड़ी हुई हैं। प्रत्येक स्व सहायता समूह में 11 से 15 महिलाएं शामिल होती हैं, और 25 से 30 समूह मिलकर ग्राम संगठन का गठन करते हैं। यही ग्राम संगठन अध्यक्ष और सचिव का चुनाव करता है, जो शासन से प्राप्त वित्तीय सहायता का प्रबंधन करते हैं।

लेकिन प्रशासनिक उदासीनता के कारण महिला समूहों को उचित प्रतिनिधित्व नहीं मिल रहा। कई मामलों में राजनीतिक प्रभाव रखने वाली महिलाएं ही इन पदों पर कब्जा जमाए बैठी हैं।

महिला अधिकारियों की कमी

मध्य प्रदेश आजीविका मिशन महिलाओं से जुड़ा एक केंद्रित कार्यक्रम है, लेकिन ब्लॉक और जिला स्तर पर महिला अधिकारियों की भारी कमी है। जिला प्रबंधक से लेकर ब्लॉक प्रबंधक तक अधिकांश पदों पर पुरुष अधिकारी कार्यरत हैं, जिससे महिलाओं को अपनी समस्याएं खुलकर रखने में कठिनाई होती है

क्या जिला प्रशासन इस ओर ध्यान देगा?

महिलाओं की सशक्तिकरण योजनाओं का सही क्रियान्वयन आवश्यक है। जिला प्रशासन और आजीविका मिशन को चाहिए कि वे नेतृत्व परिवर्तन की प्रक्रिया शीघ्र पूरी करें, ताकि महिलाओं को स्वतंत्र रूप से निर्णय लेने का अधिकार मिले। क्या संवेदनशील जिला कलेक्टर इस ओर ध्यान देंगी?

सिवनी: प्रयागराज महाकुंभ जा रहे वाहनों से जबलपुर – नागपुर हाईवे पर भारी जाम, श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही

प्रयागराज में महाकुंभ 2025 के आयोजन के चलते देशभर से लाखों श्रद्धालु यहां पहुंच रहे हैं। इस कारण जबलपुर-नागपुर नेशनल हाईवे पर वाहनों की लंबी कतारें देखी जा रही हैं। खासतौर पर सिवनी जिले के धूमा, छपारा, लखनादौन, सिवनी और खवासा में प्रशासन को वाहनों की आवाजाही नियंत्रित करनी पड़ी है। पुलिस प्रशासन और जिला अधिकारी हाईवे पर ट्रैफिक को व्यवस्थित करने में जुटे हुए हैं।

जब जबलपुर-नागपुर हाईवे बना जाम का केंद्र

प्रयागराज की ओर जाने वाले वाहनों की अत्यधिक संख्या के कारण जबलपुर से नागपुर मार्ग पर कई स्थानों पर ट्रैफिक की गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई है। प्रशासन को धूमा, छपारा, लखनादौन, सिवनी और खवासा में वाहनों को अस्थायी रूप से रोकना पड़ा, जिससे हाईवे पर लंबा जाम लग गया।

रिपोर्ट्स के अनुसार, जिन वाहनों ने शनिवार रात को सिवनी से प्रयागराज की यात्रा शुरू की थी, वे अभी भी कटनी और अन्य मार्गों में जाम में फंसे हुए हैं। इंटरस्टेट चेक पोस्ट खवासा पर भी जबरदस्त ट्रैफिक का दबाव देखा गया। यहां पुलिस प्रशासन मुस्तैद है और यात्रियों को असुविधा न हो, इसके लिए नाश्ता, चाय और बिस्किट की व्यवस्था की गई है।

सिवनी में होटल और ढाबों पर भारी भीड़

महाकुंभ में शामिल होने के लिए देश के विभिन्न हिस्सों से श्रद्धालु आ रहे हैं। इनमें छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, केरल और कर्नाटक से आने वाले यात्री भी बड़ी संख्या में शामिल हैं। इस वजह से सिवनी जिले के प्रमुख हाईवे के ढाबों, होटलों और रेस्टोरेंटों में भारी भीड़ देखी जा रही है।

होटल और ढाबों के संचालकों ने भी श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए 24 घंटे सेवा देने की योजना बनाई है ताकि लोगों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

महाकुंभ की ओर बढ़ता श्रद्धालुओं का रेला

महाकुंभ में श्रद्धालुओं की भीड़ लगातार बढ़ रही है, जिससे यातायात व्यवस्था पर भी प्रभाव पड़ रहा है। सिवनी पुलिस प्रशासन ने स्थिति को संभालने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए हैं। पुलिस का कहना है कि जबलपुर-नागपुर मार्ग पर वाहनों की संख्या इतनी अधिक हो गई है कि प्रयागराज तक पहुंचने में अधिक समय लग रहा है

क्या कह रहे हैं प्रशासनिक अधिकारी?

सिवनी पुलिस अधीक्षक सुनील कुमार मेहता ने कहा:
“महाकुंभ जाने वाले श्रद्धालुओं की संख्या बहुत अधिक है, जिससे हाईवे पर जाम की स्थिति उत्पन्न हो गई है। इसलिए, हमने धूमा, लखनादौन, छपारा, सिवनी और खवासा में वाहनों को नियंत्रित किया है। यात्रियों की सुविधा के लिए ढाबों, होटलों और रेस्टोरेंटों में पर्याप्त व्यवस्था की गई है ताकि उन्हें किसी परेशानी का सामना न करना पड़े।”

सिवनी की जनता की जान से खिलवाड़: भगत सिंह वार्ड में एक साथ 2 मोबाइल नेटवर्क टावर लगने से डबल हुआ रेडिएशन का खतरा

सिवनी: सिवनी जिले के बस स्टैंड क्षेत्र के पीछे भगत सिंह वार्ड (घनी आबादी वाले इलाके) में मोबाइल टावर स्थापित करने को लेकर स्थानीय निवासियों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। पहले से ही इस क्षेत्र में जिओ (Jio) कंपनी का एक टावर स्थापित था, लेकिन अब उसी के ठीक बगल में एयरटेल (Airtel) कंपनी का एक और टावर लगाने की प्रक्रिया तेजी से चल रही है। इससे रेडिएशन (Radiation) का खतरा दोगुना हो गया है, जिससे वहां रहने वाले लोगों की सेहत पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है।

भगत सिंह वार्ड क्षेत्र के स्थानीय निवासियों का कहना है कि जब से इस क्षेत्र में दूसरा टावर लगाय जा रहा है तभ इसे यहाँ के लोगों द्वारा लगातार ही इसका विरोध किया जा रहा है. स्थानीय लोगों द्वारा नगरपालिका सिवनी में आवेदन दिया गया जिसके बाद नगरपालिका से स्थानीय निवासियों को जानकारी मिली की नगरपलिअक सिवनी द्वारा परमिशन नहीं दी गयी है और उन्हें परमिशन कलेक्टर कार्यालय द्वारा मिली है.

इसके बाद स्थानीय निवासियों द्वारा सिवनी कलेक्टर के समक्ष भी जाया गया लेकिन कलेक्टर ने इस मामले को गंभीरता से ना लेते हुए लोगों को वापस भेज दिया. जिसके बाद भी स्थानीय निवासियों द्वारा जनसुनवाई में घनी आबादी वाले इस क्षेत्र में टावर ना लगाया जाये इसका आवेदन दिया किन्तु जन सुनवाई से भी उन्हें सिर्फ आवेदन लेकर पहुंचा दिया गया. किसी प्रकार की कोई कार्यवाही उनके द्वारा नहीं की गयी.

इसके बाद उन्होंने बताया कि सिवनी विधायक दिनेश राय मुनमुन के पास भी स्थानीय निवासी अपनी समस्या को लेकर पहुंचे जहाँ दिनेश राय मुनमुन द्वारा तत्काल टावर के काम को रोकने के लिए नगरपालिकाअध्यक्ष को कहा गया साथ ही किसी अधिकारी को कॉल किया गया किन्तु स्थानीय निवासियों का कहना है कि विधायक दिनेश राय मुनमुन के कॉल के बाद भी टावर का काम नहीं रुका.

स्थिति यह है कि आम जनता अपनी परेशानी के लिए सिर्फ नगरपालिका से कलेक्टर कार्यालय और कलेक्टर कार्यालय से विधायक के पास चक्कर लगा रही है पर उन्हें किसी भी प्रकार का कोई समाधान नहीं मिल रहा है.

मोबाइल टावर से बढ़ता रेडिएशन का खतरा

आज के समय में मोबाइल टावर की जरूरत से कोई इंकार नहीं कर सकता, लेकिन जब ये घनी आबादी वाले क्षेत्रों में लगाए जाते हैं, तो इनके दुष्प्रभाव भी उतने ही गंभीर हो सकते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, मोबाइल टावरों से निकलने वाला इलेक्ट्रोमैग्नेटिक रेडिएशन (EMR) लंबे समय तक संपर्क में रहने पर स्वास्थ्य समस्याओं को जन्म दे सकता है। यह खासकर बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं, बच्चों और हृदय रोगियों के लिए अधिक खतरनाक साबित हो सकता है।

विशेषज्ञों के अनुसार, WHO (विश्व स्वास्थ्य संगठन) भी इस बात की पुष्टि कर चुका है कि मोबाइल टावरों से निकलने वाले रेडिएशन का अधिक मात्रा में संपर्क मनुष्यों के लिए हानिकारक हो सकता है।

स्थानीय लोग क्यों कर रहे हैं विरोध ?

स्थानीय निवासियों का कहना है कि:

  1. रेडिएशन का स्तर पहले ही एक टावर के कारण बढ़ा हुआ था, अब दूसरे टावर के लगने से यह और अधिक खतरनाक हो सकता है।
  2. जिस जगह यह टावर लगाया जा रहा है, वह एक अवैध कॉलोनी बताई जा रही है। यदि कॉलोनी अवैध है तो वहां मोबाइल टावर लगाने की अनुमति किसने और कैसे दी?
  3. स्वास्थ्य पर प्रभाव: आसपास रहने वाले लोगों को पहले से ही सर दर्द, नींद की समस्या, थकावट और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
  4. सरकार और प्रशासन की अनदेखी: लोग लगातार प्रशासन से शिकायत कर रहे हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है।

क्या अवैध कॉलोनी में टावर लगाना उचित है?

यह सवाल सबसे बड़ा है कि यदि कॉलोनी अवैध है तो वहां मोबाइल टावर स्थापित करने की अनुमति कैसे मिल गई? आमतौर पर किसी भी मोबाइल टावर को लगाने के लिए नगर निगम, नगर पालिका, टेली कम्युनिकेशन विभाग और पर्यावरण विभाग से स्वीकृति लेनी होती है।

प्रशासन की भूमिका पर सवाल

स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्रशासन और नगर पालिका की मिलीभगत से यह टावर लगाया जा रहा है।

  • क्या नगर निगम ने इस इलाके को वैध घोषित कर दिया है?
  • क्या टावर लगाने से पहले स्थानीय लोगों की सहमति ली गई थी?
  • क्या मोबाइल कंपनियों ने सुरक्षा मानकों और पर्यावरणीय प्रभाव का आकलन किया था?

यह सभी सवाल स्थानीय प्रशासन की गंभीर अनदेखी की ओर इशारा कर रहे हैं।

मोबाइल टावर से स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभाव

मोबाइल टावर से निकलने वाले रेडिएशन से हो सकने वाली स्वास्थ्य समस्याएं:
मस्तिष्क पर प्रभाव: लगातार रेडिएशन के संपर्क में रहने से याददाश्त कमजोर हो सकती है और ब्रेन ट्यूमर का खतरा बढ़ सकता है।
नींद न आने की समस्या (इंसोम्निया): रेडिएशन के कारण मस्तिष्क की तरंगों पर प्रभाव पड़ता है, जिससे नींद की समस्या बढ़ जाती है।
हृदय रोग का खतरा: शोध बताते हैं कि रेडिएशन हृदय की धड़कन को असंतुलित कर सकता है और इससे हाई ब्लड प्रेशर और अन्य हृदय रोग हो सकते हैं।
बच्चों पर असर: मोबाइल टावरों का रेडिएशन बच्चों के न्यूरोलॉजिकल विकास को प्रभावित कर सकता है, जिससे उनमें सीखने की क्षमता कमजोर हो सकती है।

स्थानीय लोगों की मांगें और समाधान

स्थानीय निवासियों ने प्रशासन के सामने अपनी कुछ महत्वपूर्ण मांगें रखी हैं:
🔹 मोबाइल टावर को घनी आबादी वाले क्षेत्र से हटाया जाए।
🔹 स्वास्थ्य विभाग द्वारा इस क्षेत्र में रेडिएशन का स्तर जांचा जाए।
🔹 यदि कॉलोनी अवैध है तो वहां टावर लगाने की अनुमति क्यों दी गई, इसकी जांच हो।
🔹 सरकार इस क्षेत्र को वैध घोषित करे या फिर यहां मोबाइल टावर लगाने पर रोक लगाए।

क्या किया जा सकता है?

  1. मोबाइल टावर को घनी आबादी से दूर लगाना चाहिए।
  2. सख्त नियम बनाए जाएं ताकि मोबाइल कंपनियां बिना जनहित की परवाह किए टावर न लगा सकें।
  3. रेडिएशन मॉनिटरिंग सिस्टम लगाया जाए ताकि लोग जान सकें कि रेडिएशन स्तर कितना है।
  4. लोगों को इस विषय में जागरूक किया जाए कि वे अपने अधिकारों की रक्षा कैसे कर सकते हैं।

सिवनी जिले के बस स्टैंड क्षेत्र के पीछे एक घनी आबादी वाले इलाके में दो मोबाइल टावरों के कारण बढ़ते रेडिएशन को लेकर स्थानीय लोगों की चिंताएं पूरी तरह जायज हैं। सरकार और प्रशासन को इस मामले में तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए और यह सुनिश्‍चित करना चाहिए कि लोगों की सेहत को किसी भी तरह का नुकसान न पहुंचे।

यदि सरकार, प्रशासन और मोबाइल कंपनियां इस समस्या का समाधान नहीं करती हैं, तो स्थानीय नागरिकों का आंदोलन और तेज हो सकता है। लोगों को अपने स्वास्थ्य और पर्यावरण सुरक्षा के लिए जागरूक होने की जरूरत है।