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MP: छतरपुर बागेश्वर धाम में PM NARENDRA MODI करेंगे कैंसर अस्पताल का भूमि-पूजन

PM NARENDRA MODI IN BAGESHWAR DHAM: प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी (PM NARENDRA MODI) 23 फरवरी को मध्यप्रदेश के छतरपुर (Chhatarpur) जिले के ग्राम गढ़ा (राजनगर) में बागेश्वर धाम (Bageshwar Dham) जन सेवा समिति द्वारा निर्मित किए जाने वाले मेडिकल साइंस एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट का भूमि-पूजन करेंगे। यह संस्थान बुंदेलखंड क्षेत्र के नागरिकों को उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधाएं प्रदान करेगा।

यह प्रधानमंत्री मोदी द्वारा इस क्षेत्र को दी जा रही दूसरी सबसे बड़ी सौगात होगी। इससे पहले प्रधानमंत्री ने खजुराहो में केन-बेतवा नदी जोड़ परियोजना की सौगात दी थी, जो क्षेत्र के जल संकट को दूर करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम था।

218 करोड़ रुपये की लागत से बनेगा आधुनिक कैंसर अस्पताल

इस परियोजना के अंतर्गत 218 करोड़ रुपये की लागत से एक अत्याधुनिक कैंसर अस्पताल का निर्माण किया जाएगा। इस अस्पताल के लिए 10.925 हेक्टेयर भूमि चिन्हित की गई है, और इसे 36 महीनों में पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है।

अस्पताल की विशेषताएँ:

  • पहले चरण में 100 बिस्तरों की सुविधा होगी।
  • अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरणों एवं विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति की जाएगी।
  • गरीब और जरूरतमंद कैंसर रोगियों का निःशुल्क उपचार किया जाएगा।
  • उन्नत रेडिएशन थेरेपी, कीमोथेरेपी और इमेजिंग सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
  • मेडिकल रिसर्च के लिए विशेष अनुसंधान केंद्र की स्थापना होगी।

बागेश्वर धाम में चिकित्सा सेवाओं का नया युग

बागेश्वर धाम में बनने वाला यह मेडिकल साइंस एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट सिर्फ एक अस्पताल नहीं, बल्कि एक व्यापक चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान केंद्र भी होगा। यह संस्थान न केवल कैंसर उपचार के क्षेत्र में एक बड़ा कदम होगा, बल्कि समाज के हर वर्ग को उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करेगा।

स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार:

  • कैंसर के अलावा हृदय रोग, किडनी रोग, न्यूरोलॉजी, ऑर्थोपेडिक्स और मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी।
  • गाँव एवं दूरस्थ क्षेत्रों के मरीजों को भी उच्च स्तरीय चिकित्सा सहायता मिलेगी।
  • मेडिकल छात्रों को शोध करने और नवीनतम तकनीकों पर काम करने का अवसर मिलेगा।

स्थानीय रोजगार और आर्थिक विकास को मिलेगा बढ़ावा

इस परियोजना से न केवल स्वास्थ्य क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव आएगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे

आर्थिक प्रभाव:

  • अस्पताल के निर्माण और संचालन के दौरान हजारों स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा।
  • आसपास के क्षेत्र में होटल, रेस्तरां, मेडिकल स्टोर और परिवहन सुविधाओं की बढ़ोतरी होगी।
  • चिकित्सा उपकरणों और औषधियों के उत्पादन से स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा

बुंदेलखंड को मिलेगा स्वास्थ्य और विकास का नया केंद्र

बुंदेलखंड क्षेत्र को इस अस्पताल से दीर्घकालिक लाभ होगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा इस परियोजना की नींव रखना क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं को नया आयाम देने की दिशा में एक ऐतिहासिक निर्णय है।

प्रमुख लाभ:

  • बुंदेलखंड के निवासियों को दिल्ली और मुंबई जैसे बड़े शहरों की यात्रा किए बिना उन्नत चिकित्सा सुविधाएं मिलेंगी।
  • कैंसर जैसी घातक बीमारी का इलाज अब स्थानीय स्तर पर सुलभ और किफायती होगा।
  • चिकित्सा क्षेत्र में नवीनतम अनुसंधान और प्रयोगों से भारत की चिकित्सा प्रणाली को मजबूती मिलेगी

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा छतरपुर के ग्राम गढ़ा (राजनगर) में बागेश्वर धाम जन सेवा समिति द्वारा निर्मित किए जाने वाले मेडिकल साइंस एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट की आधारशिला रखना बुंदेलखंड क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक अवसर है। यह परियोजना क्षेत्र को स्वास्थ्य, रोजगार और आर्थिक विकास के नए पथ पर ले जाएगी।

मध्यप्रदेश बन रहा ग्लोबल स्टार्ट-अप हब: सीएम मोहन यादव के नेतृत्व में मिली राह

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का विजन है कि स्टार्ट-अप को अधिक से अधिक प्रोत्साहन दिया जाए, जिससे भारत के युवा नौकरी खोजने वाले से अधिक नौकरी देने वाले बनें। आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करने के लिए मध्यप्रदेश सरकार मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में तेजी से कार्य कर रही है। हाल ही में मध्यप्रदेश स्टार्ट-अप नीति को मंजूरी दी गई, जो प्रदेश को ग्लोबल स्टार्ट-अप हब बनाने में महत्वपूर्ण साबित होगी। इस नीति के तहत युवा उद्यमियों को अंतर्राष्ट्रीय मंच मिलेगा और लाखों रोजगार के नए अवसर उत्पन्न होंगे।

नई नीति से स्टार्ट-अप ईको-सिस्टम होगा सशक्त

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का मानना है कि गतिशील स्टार्ट-अप ईको-सिस्टम राज्य की आर्थिक प्रगति और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित करने में अहम भूमिका निभाएगा। नई स्टार्ट-अप नीति से स्टार्ट-अप उद्यमियों के सामने आने वाली चुनौतियों का समाधान होगा। इस नीति का मुख्य उद्देश्य राज्य में स्टार्ट-अप्स की संख्या को दोगुना करना है। वर्तमान में सक्रिय 5,000 स्टार्ट-अप्स को बढ़ाकर 10,000 स्टार्ट-अप्स करने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे 1.10 लाख से अधिक रोजगार सृजित होंगे।

प्रारंभिक सहायता के लिए 100 करोड़ रुपए का सीड कैपिटल फंड

स्टार्ट-अप्स के युवा उद्यमियों के लिए सबसे बड़ी चुनौती प्रारंभिक पूंजी की होती है। इस बाधा को दूर करने के लिए मध्यप्रदेश सरकार 100 करोड़ रुपए का सीड कैपिटल फंड स्थापित कर रही है। यह कोष उभरते स्टार्ट-अप्स को उनके शुरुआती चरणों में वित्तीय सहायता प्रदान करेगा, जिससे वे अपने स्टार्ट-अप को मजबूती से खड़ा कर सकें और विस्तार की चुनौतियों का सामना कर सकें।

मेगा इनक्यूबेशन सेंटर और नवाचार को मिलेगा बढ़ावा

नई नीति के तहत राज्य में मेगा इनक्यूबेशन सेंटर स्थापित किए जा रहे हैं, जो स्टार्ट-अप्स को आवश्यक संसाधन, मार्गदर्शन और ग्लोबल बाजार तक पहुंचने में मदद करेंगे। इसके अतिरिक्त, बौद्धिक संपदा सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए घरेलू पेटेंट के लिए 5 लाख रुपए और अंतर्राष्ट्रीय पेटेंट के लिए 20 लाख रुपए तक की वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। इससे स्टार्ट-अप्स को नवाचार करने और वैश्विक प्रतिस्पर्धा में आगे बने रहने में सहायता मिलेगी।

एंटरप्रेन्योर-इन-रेजिडेंस (EIR) प्रोग्राम और कौशल विकास सहायता

राज्य में स्टार्ट-अप्स को प्रोत्साहित करने के लिए एंटरप्रेन्योर-इन-रेजिडेंस (EIR) प्रोग्राम लागू किया जा रहा है। इसमें चयनित स्टार्ट-अप्स को कर्मचारियों के कौशल विकास के लिए 10,000 रुपए प्रति माह (अधिकतम एक वर्ष के लिए) तक की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। इसके अतिरिक्त, प्रत्येक नए कर्मचारी पर 13,000 रुपए तक का अनुदान दिया जाएगा, जिससे स्टार्ट-अप्स अपने मानव संसाधन को प्रशिक्षित और विकसित कर सकेंगे।

किराये पर सब्सिडी और महिला उद्यमिता को बढ़ावा

स्टार्ट-अप्स के परिचालन खर्चों को कम करने के लिए किराया सहायता योजना लागू की गई है। इसके तहत स्टार्ट-अप्स को 50% तक किराया भत्ता (अधिकतम 10,000 रुपए प्रति माह) प्रदान किया जाएगा। महिला उद्यमिता को विशेष रूप से बढ़ावा देने के लिए महिला-नेतृत्व वाले 47% स्टार्ट-अप्स को प्राथमिकता दी जाएगी।

रणनीतिक क्षेत्रों में स्टार्ट-अप्स को प्राथमिकता

राज्य सरकार ने कृषि, फूड प्रोसेसिंग, डीप टेक, बायोटेक और अन्य नवीनतम तकनीकों के क्षेत्र में स्टार्ट-अप्स को प्रोत्साहित करने पर विशेष ध्यान दिया है। इससे राज्य में एक विविध और मजबूत स्टार्ट-अप ईको-सिस्टम विकसित होगा, जिससे प्रदेश के आर्थिक विकास को भी मजबूती मिलेगी।

स्टार्ट-अप एडवाइजरी काउंसिल और ऑनलाइन पोर्टल

नीति के प्रभावी क्रियान्वयन और मॉनिटरिंग के लिए “स्टार्ट-अप एडवाइजरी काउंसिल” का गठन किया जाएगा, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ शामिल होंगे। साथ ही, स्टार्ट-अप्स के लिए एक समर्पित ऑनलाइन पोर्टल और हेल्पलाइन बनाई गई है, जिससे उन्हें वित्तीय सहायता, सरकारी योजनाओं और अन्य संसाधनों की जानकारी आसानी से मिल सकेगी।

मध्यप्रदेश सरकार की इस नई स्टार्ट-अप नीति से प्रदेश के युवा उद्यमियों को नवाचार और उद्यमिता के क्षेत्र में नए अवसर मिलेंगे, जिससे मध्यप्रदेश न केवल भारत में बल्कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी ग्लोबल स्टार्ट-अप हब के रूप में उभरेगा

CM MOHAN YADAV ने संत श्रद्धानंद सरस्वती की जयंती और कस्तूरबा गांधी की पुण्यतिथि पर किया नमन

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने संत स्वामी श्रद्धानंद सरस्वती की जयंती पर श्रद्धासुमन अर्पित किए है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि स्वामी जी ने संपूर्ण जीवन राष्ट्र सेवा, धर्म और शिक्षा के प्रति समर्पित किया। वेदों की शिक्षा को जन-जन तक पहुँचाने, समाज सुधार करने और स्वतंत्रता संग्राम में योगदान देने के लिए वे सदैव स्मरणीय रहेंगे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोशल मीडिया ‘एक्स’ पर कहा कि संत श्रद्धानंद सरस्वती का जीवन हमें सत्य, सेवा और समर्पण की प्रेरणा देता है। उनके आदर्शों पर चलते हुए समाज सुधार और शिक्षा के क्षेत्र में कार्य करना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राष्ट्र पिता महात्मा गांधी की धर्मपत्नी और स्वाधीनता संग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली कस्तूरबा गांधी की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा है कि ‘बा’ ने नारी शक्ति को एकजुट कर स्वतंत्रता आंदोलन को गति दी। उनका जीवन संयम, सादगी और अनुशासन से परिपूर्ण था, जो हमें सदैव उच्च आदर्शों एवं जीवन मूल्यों के प्रति संकल्पित रहने की प्रेरणा देता रहेगा।

MP WEATHER UPDATE: मध्य प्रदेश में फिर गिरा तापमान, भोपाल, इंदौर, उज्जैन समेत कई जिलों में 30 डिग्री से नीचे पहुंचा तापमान

MP WEATHER UPDATE: मध्य प्रदेश में एक बार फिर तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। शुक्रवार को दिन और रात के तापमान में उल्लेखनीय कमी देखी गई। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में भी यह सिलसिला जारी रह सकता है। इस खबर में हम आपको मध्य प्रदेश के प्रमुख शहरों में मौसम के हालात, तापमान में गिरावट के कारण और आगामी मौसम पूर्वानुमान की विस्तृत जानकारी देंगे।

भोपाल, इंदौर और ग्वालियर में बदला मौसम का मिजाज

भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर और खंडवा समेत कई शहरों में दिन का तापमान 30 डिग्री से नीचे पहुंच गया है। बीते कुछ दिनों से लगातार मौसम में बदलाव देखा जा रहा है, और शुक्रवार को यह बदलाव अधिक स्पष्ट रूप से सामने आया।

विशेषज्ञों के अनुसार, राजस्थान और दक्षिणी पाकिस्तान के ऊपर बने चक्रवाती परिसंचरण तंत्र और उत्तर भारत में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण यह परिवर्तन हो रहा है। इन कारणों से उत्तर-पश्चिमी हवाएं तेज़ हो गई हैं, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है।

किन शहरों में कितना गिरा तापमान?

शुक्रवार को दर्ज किए गए प्रमुख शहरों के अधिकतम तापमान:

  • भोपाल: 29.4°C
  • इंदौर: 28.8°C
  • ग्वालियर: 27.6°C
  • उज्जैन: 28.3°C
  • खंडवा: 27.9°C
  • नरसिंहपुर: 29.1°C
  • रतलाम: 28.5°C
  • उमरिया: 26.7°C

रात के तापमान में भी 1 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट देखी गई, जिससे सुबह और रात के समय ठंडक बढ़ गई है।

मौसम में बदलाव का मुख्य कारण क्या है?

मौसम विभाग के अनुसार, फरवरी के अंतिम सप्ताह में पश्चिमी विक्षोभ के कारण एक नया मौसमी तंत्र सक्रिय हो गया है।

  • चक्रवाती परिसंचरण: यह सिस्टम राजस्थान और दक्षिणी पाकिस्तान के ऊपर बना हुआ है, जिससे हवाओं का प्रवाह बदल गया है।
  • पश्चिमी विक्षोभ: उत्तर भारत में यह विक्षोभ सक्रिय हो गया है, जिससे ठंडी हवाएं मध्य प्रदेश तक पहुंच रही हैं।
  • हवा की दिशा: उत्तर और उत्तर-पश्चिमी हवाएं तेज़ हो गई हैं, जो राज्य में ठंड बढ़ाने का काम कर रही हैं।

इन कारणों से तापमान में गिरावट देखने को मिल रही है, और यह स्थिति फरवरी के अंत तक बनी रह सकती है।

क्या रहेगा आगे का मौसम पूर्वानुमान?

मौसम विभाग का पूर्वानुमान:

  • 23 फरवरी: दिन और रात के तापमान में गिरावट जारी रहेगी।
  • 24 फरवरी: उत्तर-पश्चिम भारत में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा, जिसका असर मध्य प्रदेश के कई जिलों में देखने को मिलेगा।
  • 25 से 28 फरवरी: आंशिक बादल छाए रह सकते हैं, जिससे दिन में हल्की ठंडक बनी रहेगी।

किन जिलों में सबसे अधिक असर देखने को मिलेगा?

भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन, धार, गुना, नर्मदापुरम, खंडवा, खरगोन, रायसेन, रतलाम, खजुराहो, नरसिंहपुर और उमरिया में तापमान में गिरावट बनी रहेगी।

विशेषज्ञों के अनुसार, मार्च के पहले सप्ताह तक मौसम में हल्का बदलाव आ सकता है, लेकिन फिलहाल ठंडी हवाओं का प्रभाव बना रहेगा।

क्या इस बदलाव से फसलों पर असर पड़ेगा?

इस मौसम परिवर्तन का सीधा असर रबी फसलों पर पड़ सकता है। विशेष रूप से गेहूं, चना, सरसों और मसूर की फसलों को इस ठंडक से लाभ मिल सकता है। हालांकि, ओलावृष्टि या अधिक ठंड पड़ने से फसलों को नुकसान भी हो सकता है।

मध्य प्रदेश के लिए ठंड का अलर्ट जारी

मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक ठंडी हवाओं और तापमान में गिरावट का अनुमान लगाया है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन और ग्वालियर जैसे शहरों में रात के तापमान में और गिरावट हो सकती है। यदि आप यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो गर्म कपड़े साथ रखना न भूलें।

MP में बढ़ा चीतों का साम्राज्य: ज्वाला और उसके बच्चे कूनो नेशनल पार्क में कर रहे मौज

भोपाल (मध्य प्रदेश): नामीबियाई मादा चीता ज्वाला और उसके चार शावकों को शुक्रवार को श्योपुर के कूनो राष्ट्रीय उद्यान में जंगल में छोड़ दिया गया। इसके साथ ही, जंगल में चीतों की संख्या बढ़कर 12 हो गई है और सभी चीते स्वस्थ हैं। जंगल में चीतों की बढ़ती संख्या से पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है क्योंकि इन चीतों को उनके प्राकृतिक आवास में देखने के लिए अधिक से अधिक पर्यटक राष्ट्रीय उद्यान में आएंगे।

अधिकारी ने बताया कि ज्वाला और उसके शावकों, जिनमें दो नर और दो मादा शामिल हैं, जिनकी उम्र लगभग 13 महीने है, को अहेरा पर्यटन क्षेत्र के खजूरी वन क्षेत्र में छोड़ दिया गया। जंगल में चीतों की बढ़ती संख्या से सफारी का अनुभव बेहतर होने की संभावना है, क्योंकि पर्यटकों के पास उन्हें देखने की अधिक संभावना होगी।

मामले से वाकिफ लोगों ने बताया कि पहले जंगल में सात चीते थे, लेकिन ज्वाला और उसके चार शावकों के छोड़े जाने के बाद कुल संख्या 12 हो गई है। ज्वाला से पहले अग्नि, वायु, ढेरे और आशा (मादा) और उसके तीन शावकों सहित चीतों को जंगल में छोड़ा गया था। अब बाड़ों में केवल सात चीते हैं, जिनमें गामिनी और उसके शावक, गौरव, निरुआ, प्रभाष, वीर और उसके शावक, मुखी और एक अन्य चीता शामिल हैं। इन्हें भी उचित समय पर जंगल में छोड़ा जाएगा।

मुख्यमंत्री ने प्रसन्नता व्यक्त की  

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अपने एक्स हैंडल पर ज्वाला और उसके चार शावकों को कूनो नेशनल पार्क के जंगल में छोड़े जाने पर खुशी जाहिर की। उन्होंने आगे कहा कि जंगल में 12 चीतों की मौजूदगी से पार्क में आने वाले पर्यटकों का उत्साह और बढ़ जाएगा।

किसानों के लिए जरूरी खबर: फॉर्मर रजिस्‍ट्री के बाद किसानों को मिलेगी पीएम किसान सम्‍मान निधि की राशि

सिवनी / अधीक्षक भू अभिलेख ने बताया कि प्रधानमंत्री किसान सम्‍मान निधि योजना अंतर्गत पात्र किसानों को 06 हजार प्रदान किये जाते हैं। शासन के निर्देशानुसार मार्च 2025 के उपरांत फार्मर आईडी वाले पात्र किसानों को ही योजना के लाभ की पात्रता रहेगी। अत: जिला प्रशासन द्वारा जिले के सभी किसानों से अपनी फार्मर रजिस्‍ट्री की कार्यवाही पूर्ण कराने की अपील की गई है।

उल्‍लेखनीय है कि जिले के 02 लाख 88 हजार 729 पात्र किसानों में से 01 लाख 75 हजार 151 किसानों द्वारा फार्मर रजिस्‍ट्री की कार्यवाही पूर्ण कर ली गई है। आज दिनांक को 01 लाख 13 हजार 578 किसान अब भी शेष हैं।

फार्मर रजिस्‍ट्री का उद्देश्‍य :-

प्रदेश में समस्‍त भूधारियों के आधार लिंक्‍ड रजिस्‍ट्री तैयार करना है जिसमें भूधारियों को एक अनन्‍य फार्मर आईडी प्रदान किया जाएगा।

  • भारत सरकार के निर्देशानुसार प्रधानमंत्री सम्‍मान निधि योजना हेतु फार्मर रजिस्‍ट्री अनिवार्य है, दिसंबर 2024 के उपरांत केवल फार्मर आईडी उपलब्‍ध होने पर ही योजना का लाभ हितग्राहियों को प्राप्‍त हो सकेगा।
  • योजनाओं का नियोजन लाभार्थियों का सत्‍यापन, कृषि उत्‍पादों का सुविधाजनक विपणन।
  • प्रदेश के समस्‍त कृषकों को राज्‍य की कल्‍याणकारी योजनाओं का लाभ सुगम एवं पारदर्शी तरीके से प्रदान करने हेतु लक्ष्‍य निर्धारण एवं पहचान।
  • किसानों के लिए कृषि ऋण एवं अन्‍य सेवा प्रदाताओं के लिए कृषि सेवाओं की सुगमता।
  • विभिन्‍न विभागों द्वारा डाटा का बेहतर उपयोग।

फार्मर रजिस्‍ट्री के लाभ :-

  • प्रधानमंत्री किसान सम्‍मान निधि योजना हेतु फार्मर रजिस्‍ट्री की अनिवार्यता की शर्त पूर्णता के साथ हितग्राहियों को लाभ प्राप्‍त करने में सुगमता।
  • प्रधानमंत्री किसान सम्‍मान निधि योजना सैचुरेशन।
  • फसल बीमा योजना का लाभ प्राप्‍त करने में सुगमता।
  • न्‍यूनतम समर्थन मूल्‍य पर खरीद में कृषकों के पंजीयन में सुगमता
  • विभिन्‍न शासकीय योजनाओं का लाभ प्राप्‍त करने हेतु बार-बार सत्‍यापन की आवश्‍यकता नहीं।

सिवनी में कहाँ होगी फार्मर रजिस्ट्री

सिवनी जिले के किसानों को फार्मर आईडी बनवाने के लिए आधार कार्ड और खसरा नंबर की आवश्यकता होगी. किसान अपना आधार और खसरा नंबर साथ लाकर अधिकृत सीएससी सेंटर शुभम कंप्यूटर्स जो किछिंदवाड़ा चौक, कैनरा बैंक की दूसरी ब्रांच के सामने स्थित है यहाँ आकर अपनी फार्मर आईडी बनवा सकते है।

गर्मियों के मौसम में बिजली बिल होगा 30% तक कम: गर्मी में 27°C  सेट करें AC का Temperature

Best AC Temperature For Reducing Electricity: गर्मी के मौसम में बिजली बिल में अप्रत्याशित वृद्धि एक आम समस्या है, विशेष रूप से उन घरों और ऑफिसों में जहां एयर कंडीशनर (AC) का नियमित उपयोग किया जाता है। यदि आप अपने बिजली बिल में 30% तक की बचत करना चाहते हैं, तो आपको एसी का तापमान 27 डिग्री सेल्सियस पर सेट करना चाहिए।

कैसे 27 डिग्री पर सेट करने से बिजली की बचत होती है?

जब आप एसी का तापमान 18 डिग्री पर सेट करते हैं, तो कंप्रेसर को अधिक मेहनत करनी पड़ती है, जिससे अधिक ऊर्जा खपत होती है और बिजली का बिल बढ़ता है। शोध के अनुसार, जब आप एसी का तापमान 27 डिग्री पर सेट करते हैं, तो हर डिग्री वृद्धि पर बिजली की खपत में 6% की कमी होती है।

एसी का सही तापमान सेट करने के लाभ

  1. बिजली बिल में 30% तक की कमी – यदि एसी 27 डिग्री पर सेट किया जाए, तो यह न केवल ऊर्जा बचाता है बल्कि आपके मासिक बिल में भी भारी कटौती करता है।
  2. एसी की लाइफ बढ़ती है – अधिक तापमान पर चलने से कंप्रेसर पर कम दबाव पड़ता है, जिससे उसकी लाइफ लंबी होती है।
  3. स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव – अत्यधिक ठंडा वातावरण स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है। 27 डिग्री एक आरामदायक तापमान है जो स्वास्थ्य के लिए अनुकूल है।
  4. पर्यावरण संरक्षण – कम ऊर्जा खपत का मतलब है कि कार्बन उत्सर्जन में कमी, जिससे पर्यावरण को भी लाभ होता है।

18 डिग्री बनाम 27 डिग्री: क्या है अंतर?

तापमान (°C)ऊर्जा खपतबिजली बिलस्वास्थ्य प्रभाव
18°Cबहुत अधिकबहुत अधिकअधिक ठंड से स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव
24°Cसामान्यसंतुलितआरामदायक लेकिन ज्यादा बचत नहीं
27°Cकम30% तक की बचतसेहत के लिए उत्तम और आरामदायक

कैसे करें एसी का सही उपयोग?

1. टाइमर सेट करें

रात में सोते समय 2-3 घंटे का टाइमर सेट करें। इससे एसी स्वचालित रूप से बंद हो जाएगा और अनावश्यक ऊर्जा खपत नहीं होगी।

2. सीलिंग फैन का उपयोग करें

एसी और सीलिंग फैन का संयोजन कमरे में हवा को बेहतर तरीके से फैलाने में मदद करता है, जिससे आपको ज्यादा ठंडा महसूस होता है और एसी पर कम निर्भरता रहती है।

3. एसी के फिल्टर को साफ करें

गंदे फिल्टर से एयरफ्लो बाधित होता है और कंप्रेसर को अधिक मेहनत करनी पड़ती है, जिससे बिजली की खपत बढ़ जाती है। हर 15 दिनों में फिल्टर साफ करें

4. कमरे को अच्छे से सील करें

अगर कमरे में खिड़कियों या दरवाजों से हवा का रिसाव हो रहा है, तो एसी को ज्यादा मेहनत करनी पड़ेगी। कमरे को अच्छे से सील करें ताकि ठंडी हवा बाहर न निकले।

5. ऊर्जा दक्षता वाला एसी चुनें

5-स्टार रेटिंग वाले इनवर्टर एसी का उपयोग करें, क्योंकि यह 40% तक कम बिजली खर्च करता है।

क्या कहते हैं विशेषज्ञ?

ऊर्जा विशेषज्ञों के अनुसार, यदि भारत में सभी उपभोक्ता एसी को 27°C पर सेट करें, तो हर साल लाखों यूनिट बिजली की बचत हो सकती है

अगर आप बिजली का बिल कम करना चाहते हैं, तो एसी का तापमान 27 डिग्री पर सेट करना सबसे आसान और प्रभावी तरीका है। यह न केवल बिजली की बचत करता है, बल्कि आपके एसी की लाइफ बढ़ाने, स्वास्थ्य को बेहतर बनाने और पर्यावरण संरक्षण में भी मदद करता है।

MP WEATHER UPDATE: 3°C तक गिरेगा पारा, राजस्थान में पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवाती हवाओं से बदलेगा एमपी का मौसम

MP WEATHER UPDATE: मध्य प्रदेश में मौसम के मिजाज में लगातार बदलाव देखने को मिल रहा है। फरवरी के अंत में तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है, जिससे ठंड का असर फिर से महसूस किया जा सकता है। मौसम विभाग के अनुसार, राजस्थान के ऊपर एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र सक्रिय है और साथ ही पश्चिमी विक्षोभ उत्तर भारत में प्रभावी है, जिसके कारण प्रदेश में तापमान में उतार-चढ़ाव जारी है।

प्रदेश में तापमान गिरने की संभावना

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, 21 फरवरी से लेकर 23 फरवरी तक न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आ सकती है। भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर और रीवा संभागों में बादल छाए रहने की संभावना है, जबकि इंदौर और उज्जैन संभाग में आसमान साफ रहेगा।

विशेषज्ञों ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से 24 फरवरी के आसपास हल्की बारिश की संभावना भी बनी हुई है।

दिन में गर्मी, रात में ठंडक का असर

प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में दिन का तापमान 30 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया जा रहा है, जबकि रात में तापमान में गिरावट देखी जा रही है। खरगोन में सबसे अधिक 34°C तापमान दर्ज किया गया, जबकि सिवनी, मंडला, गुना, खंडवा और रतलाम में तापमान 33°C के पार पहुंच गया।

इसके अलावा, दमोह, खजुराहो, सागर, धार और नर्मदापुरम में भी तापमान 31°C से अधिक दर्ज किया गया। वहीं, राज्य के प्रमुख शहरों में तापमान कुछ इस प्रकार रहा:

  • भोपाल: 31.6°C
  • इंदौर: 30.6°C
  • ग्वालियर: 28.8°C
  • उज्जैन: 31.4°C

रात के तापमान में भी बढ़ोतरी देखने को मिली, लेकिन 21 फरवरी से तापमान में गिरावट की संभावना है।

चक्रवाती हवाओं और पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव

राजस्थान पर चक्रवात का असर

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, राजस्थान के ऊपर एक चक्रवाती परिसंचरण तंत्र बना हुआ है, जिसके कारण उत्तर भारत से लेकर मध्य प्रदेश तक हवाओं का प्रवाह प्रभावित हो रहा है।

इसका प्रभाव यह होगा कि मध्य प्रदेश के उत्तरी और पश्चिमी हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक हल्के बादल छाए रहेंगे, जिससे तापमान में गिरावट देखने को मिलेगी।

पश्चिमी विक्षोभ का असर

उत्तर भारत में एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ भी मौजूद है, जो 21 फरवरी से 24 फरवरी के बीच मध्य प्रदेश के मौसम को प्रभावित करेगा।

  • इस प्रणाली के कारण ठंडी हवाएं चलेंगी, जिससे रात का तापमान 3°C तक गिर सकता है।
  • ग्वालियर-चंबल, रीवा और सागर संभाग में बादल छाने के साथ हल्की बूंदाबांदी भी हो सकती है।
  • भोपाल और इंदौर में मौसम शुष्क रहेगा, लेकिन तापमान में गिरावट होगी।

MP में मौसम का अगला अनुमान

21 फरवरी का मौसम अपडेट

  • भोपाल और ग्वालियर में हल्के बादल छाए रहने की संभावना।
  • इंदौर और उज्जैन में मौसम शुष्क रहेगा और धूप खिलेगी।
  • रीवा और सागर संभाग में न्यूनतम तापमान में गिरावट देखी जा सकती है।

22 फरवरी का मौसम अपडेट

  • दिन और रात के तापमान में थोड़ी बढ़ोतरी दर्ज हो सकती है।
  • ग्वालियर, मुरैना और भिंड में हल्की बारिश हो सकती है।
  • उज्जैन और इंदौर में शुष्क मौसम जारी रहेगा।

24 फरवरी से बड़ा बदलाव संभव

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 24 फरवरी को एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है, जिससे राज्य के कई हिस्सों में हल्की बारिश और तापमान में और गिरावट दर्ज की जा सकती है।

मौसम परिवर्तन का असर: किसान और आमजन पर प्रभाव

फसलों पर प्रभाव

मौसम में अचानक बदलाव का असर रबी की फसलों पर देखने को मिल सकता है। गेहूं, चना, सरसों और मसूर की फसलों के लिए तापमान में गिरावट अच्छी साबित हो सकती है, लेकिन यदि तेज हवाएं चलती हैं या बारिश होती है, तो फसलों को नुकसान पहुंच सकता है।

स्वास्थ्य पर असर

तापमान में उतार-चढ़ाव के कारण सर्दी-जुकाम, फ्लू और वायरल संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है। डॉक्टरों के अनुसार, इस दौरान बुजुर्गों और बच्चों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।

यात्रियों के लिए अलर्ट

मौसम विभाग ने ट्रेनों और बस यात्रियों को ठंड से बचने की सलाह दी है। सुबह और रात के समय सफर करने वाले यात्रियों को गर्म कपड़े पहनने की सलाह दी गई है।

मध्य प्रदेश में अगले कुछ दिनों तक मौसम में लगातार उतार-चढ़ाव जारी रहेगा। पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवाती हवाओं के प्रभाव से तापमान में गिरावट के साथ हल्की बारिश की संभावना भी बनी हुई है।

किसानों और आम जनता को मौसम अपडेट पर नजर बनाए रखने की सलाह दी जाती है। यदि आप अधिक जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं, तो नियमित रूप से मौसम पूर्वानुमान देखें और आवश्यक सतर्कता बरतें।