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MP के ग्वालियर में नई नवेली दुल्हन सोना और नकदी लेकर फरार

मध्य प्रदेश के ग्वालियर में एक नवविवाहित दूल्हे को उसकी दुल्हन ने शादी के सातवें दिन ठग लिया। महिला ने मंगलवार को लाखों रुपये के सोने के गहने और नकदी लूट ली।

यह चौंकाने वाली घटना ग्वालियर थाना क्षेत्र के राय कॉलोनी में हुई। शादी के आठ दिन बाद ही दुल्हन गायब हो गई दूल्हा शिवम कुमार राय काफी समय से दुल्हन की तलाश कर रहा था। आगरा से उसकी बहन के ससुराल वालों ने भोपाल में एक लड़की ढूंढी और बातचीत के बाद दोनों परिवार शादी पर राजी हो गए।

इस जोड़े ने भोपाल में सभी परंपराओं का पालन करते हुए एक भव्य समारोह में विवाह किया और फिर ग्वालियर चले गए।

सात दिन तक तो सब कुछ सामान्य रहा। दुल्हन दूल्हे के परिवार के साथ रही, लेकिन आठवें दिन जब वह काम पर चला गया, तो वह सारे कीमती सामान लेकर गायब हो गई। जब शिवम घर लौटा, तो उसने अपनी पत्नी को गायब पाया। उसने उसे फोन करने की कोशिश की, लेकिन उसका फोन बंद था।

शक होने पर उसने उसके आधार कार्ड की जानकारी जाँची और पाया कि वह नकली था। फिर उसने घर के चारों ओर देखा और पाया कि गहने और नकदी भी गायब थी। अभी तक दूल्हे ने पुलिस में शिकायत दर्ज नहीं कराई है। हालांकि, पुलिस ने कहा है कि अगर वह घटना की रिपोर्ट दर्ज कराएंगे तो वे कार्रवाई करेंगे।

SEONI: सिंहवाहिनी महिला मंडल द्वारा फूलों की होली खेलकर किया रंगों के त्यौहार का स्वागत, गाए फाल्गुन गीत

सिवनी, मध्यप्रदेश: प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी सिंहवाहिनी मंदिर प्रांगण में फूलों की होली का भव्य आयोजन किया गया। यह आयोजन 10 मार्च, सोमवार को सायंकाल 4 बजे से शुरू हुआ और इसमें नगर की अनेक महिलाओं ने बड़े हर्षोल्लास के साथ भाग लिया। इस आयोजन का उद्देश्य भारतीय संस्कृति एवं पारंपरिक होली उत्सव को जीवंत बनाए रखना है।

फूलों की होली: एक पारंपरिक आयोजन

सिवनी स्थित बारापत्थर क्षेत्र के सिंहवाहिनी मंदिर परिसर में विगत कई वर्षों से फूलों की होली का आयोजन किया जा रहा है। इस वर्ष भी आयोजन का मुख्य आकर्षण श्रीकृष्ण एवं राधाजी की आराधना के साथ फूलों की रंग-बिरंगी होली रही।

  • श्रद्धालु महिलाओं ने मंदिर परिसर में एकत्र होकर भगवान श्रीकृष्ण की पूजा-अर्चना की।
  • सभी ने गुलाब, गेंदा, बेला एवं अन्य पुष्पों से होली खेली।
  • इस अवसर पर फाल्गुन गीतों की मधुर प्रस्तुति ने माहौल को और भी भक्तिमय बना दिया।

सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने मोहा मन

कार्यक्रम की शुरुआत भगवान श्रीकृष्ण एवं राधा जी की वंदना एवं पूजन से हुई। इसके उपरांत, महिला मंडल द्वारा सुंदर नृत्य एवं भजन प्रस्तुतियां दी गईं। श्रीमती शकुंतला तिवारी ने कार्यक्रम का संचालन किया, जिनकी ऊर्जा और समर्पण ने पूरे आयोजन को एक नया आयाम दिया।

  • लोकगीतों एवं फाल्गुन गीतों की प्रस्तुति ने सभी को झूमने पर मजबूर कर दिया।
  • महिलाओं ने पारंपरिक परिधानों में रंगारंग प्रस्तुतियां देकर माहौल को और जीवंत बना दिया।
  • मंदिर प्रांगण फूलों की वर्षा से सुगंधित हो उठा और भक्तों में अद्भुत उत्साह देखने को मिला।

होली का उत्साह और आपसी सौहार्द

होली रंगों और भाईचारे का पर्व है और इस अवसर पर सभी धर्मप्रेमी मातृशक्ति ने एक-दूसरे को गुलाल एवं फूलों का तिलक लगाकर शुभकामनाएं दीं। पारंपरिक गीतों और नृत्य के साथ महिलाओं ने इस अवसर को और भी आनंदमय एवं यादगार बना दिया।

  • कार्यक्रम में नगर की प्रमुख महिलाएं, समाजसेवी एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।
  • हर वर्ष की तरह इस बार भी आयोजन को भव्य तरीके से सम्पन्न किया गया
  • महिलाओं के बीच आपसी स्नेह एवं एकता का प्रतीक बना यह आयोजन सभी के लिए प्रेरणास्रोत रहा।

प्रसाद वितरण एवं आयोजन का समापन

कार्यक्रम के अंत में सभी श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरण किया गया। कार्यक्रम संयोजक श्रीमती शकुंतला तिवारी ने आयोजन में शामिल हुईं सभी मातृशक्तियों एवं उपस्थित श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त किया। सिवनी नगर में इस तरह के धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों से न केवल भारतीय संस्कृति का प्रचार-प्रसार होता है, बल्कि समाज में आपसी भाईचारे और सद्भाव को भी बढ़ावा मिलता है।

एमपी बजट सत्र: केवलारी विधायक रजनीश सिंह प्लास्टिक के सांप लेकर पहुंचे विधानसभा, संजय सरोवर में पर्याप्त पानी, फिर भी किसान परेशान

SEONI, KEOLARI NEWS: मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के दौरान केवलारी से कांग्रेस विधायक रजनीश सिंह ने किसानों की समस्याओं को लेकर अनोखे अंदाज में विरोध दर्ज कराया। वह अपने समर्थकों के साथ प्लास्टिक के सांप लेकर पहुंचे, जिससे यह संदेश दिया कि किसानों को ठगा जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि संजय सरोवर बांध में पर्याप्त पानी होने के बावजूद उनके क्षेत्र के किसानों को सिंचाई सुविधाएं नहीं मिल रही हैं, जिससे उनकी फसलें बर्बाद हो रही हैं।

केवलारी विधायक रजनीश सिंह ने सरकार पर साधा निशाना

विधानसभा में पहुंचे कांग्रेस विधायक रजनीश सिंह ने खराब हुई गेहूं की फसल को लेकर भाजपा सरकार पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों की परेशानियों की अनदेखी कर रही है। जब संजय सरोवर में पानी की कोई कमी नहीं है, तो फिर केवलारी के किसानों को सिंचाई सुविधा से क्यों वंचित रखा जा रहा है?

उन्होंने कहा कि खेतों में पानी न मिलने से किसान आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। कई किसानों को मजबूर होकर ब्याज पर कर्ज लेना पड़ रहा है, जबकि सरकार केवल कागजी योजनाओं में व्यस्त है।

संजय सरोवर में पर्याप्त पानी, फिर भी किसान परेशान

केवलारी क्षेत्र के लिए संजय सरोवर बांध एक प्रमुख जल स्रोत है, जिसमें हर साल बारिश के मौसम में पर्याप्त जल भराव होता है। लेकिन इसके बावजूद किसानों को सही मात्रा में पानी नहीं मिल पा रहा है।

मुख्य समस्याएं जो केवलारी के किसानों को झेलनी पड़ रही हैं:

  1. सिंचाई के लिए नहरों में पानी नहीं छोड़ा जा रहा
  2. बिजली कटौती के कारण ट्यूबवेल भी नहीं चल पा रहे
  3. अधिकारियों की लापरवाही से जल आपूर्ति की योजनाएं अधूरी रह जाती हैं
  4. किसानों की मांग के बावजूद सरकार कोई ठोस कदम नहीं उठा रही

विधानसभा में गूंजा किसानों का मुद्दा

बजट सत्र के दौरान कांग्रेस विधायकों ने कृषि संकट और खराब फसल के मुद्दे पर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। इसी क्रम में केवलारी विधायक रजनीश सिंह ने विधानसभा के अंदर प्लास्टिक के सांप लहराते हुए सरकार को कटघरे में खड़ा किया।

उन्होंने कहा,

“यह सरकार किसानों को गुमराह कर रही है। जब संजय सरोवर में पानी भरा हुआ है, तो फिर सिंचाई के लिए पानी क्यों नहीं दिया जा रहा? भाजपा सरकार सिर्फ झूठे वादे कर रही है।”

कांग्रेस ने सरकार को घेरा

कांग्रेस कार्यकर्ताओं का कहना है कि भाजपा सरकार केवल बड़े उद्योगपतियों को लाभ पहुंचाने में लगी है और किसानों के प्रति उदासीन रवैया अपना रही है। मध्य प्रदेश में कृषि संकट लगातार बढ़ रहा है, लेकिन सरकार इस पर ध्यान नहीं दे रही।

कांग्रेस विधायक दल ने विधानसभा अध्यक्ष से केवलारी के किसानों के लिए तुरंत राहत पैकेज जारी करने और सिंचाई सुविधा बहाल करने की मांग की

क्या कहती है सरकार?

भाजपा सरकार ने कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि राज्य सरकार किसानों की हर संभव मदद कर रही है। सरकार के मुताबिक:

  • नहरों की सफाई और विस्तार कार्य जारी है
  • जल आपूर्ति के लिए नई योजनाओं पर काम हो रहा है
  • सिंचाई विभाग किसानों को समय पर पानी देने के लिए योजना बना रहा है

लेकिन किसानों का कहना है कि ये सभी दावे केवल कागजी हैं, जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग है।

मध्य प्रदेश के किसानों की स्थिति पर एक नजर

1. सिंचाई संकट:

मध्य प्रदेश में कई प्रमुख जल स्रोत होने के बावजूद किसानों को सिंचाई सुविधा नहीं मिल रही।

  • 80% से अधिक खेती वर्षा आधारित है
  • बड़े जलाशयों के बावजूद सिंचाई योजनाएं सफल नहीं हो रही हैं
  • सरकारी योजनाएं किसानों तक नहीं पहुंच पा रही हैं

2. फसल बीमा योजना का लाभ नहीं मिल रहा:

  • कई किसान अभी भी प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से वंचित हैं
  • क्लेम प्रक्रिया में देरी होने के कारण किसानों को समय पर मुआवजा नहीं मिल रहा
  • कर्ज के बोझ से दबे किसानों की आत्महत्याओं में बढ़ोतरी हुई है

क्या सरकार उठाएगी कोई ठोस कदम?

कांग्रेस विधायकों के विरोध के बावजूद भाजपा सरकार ने इस मुद्दे पर कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया। किसानों का कहना है कि अगर जल्द ही सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध नहीं कराया गया, तो उन्हें इस बार भी भारी नुकसान उठाना पड़ेगा

अब यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या सरकार किसानों की मदद के लिए कोई ठोस कदम उठाती है या यह मामला केवल राजनीतिक बहस तक सीमित रहेगा

सिवनी: बुधवारी बाजार सुलभ शौचालय में लटका ताला, महिलाओं को हो रही भारी परेशानी

Seoni News: सिवनी जिले का बुधवारी बाजार शहर के प्रमुख और व्यस्ततम बाजारों में से एक है। यहां सैकड़ों महिलाएं दुकानों में काम कर अपना और अपने परिवार का भरण-पोषण करती हैं। इसके अलावा, खरीदारी और व्यापार के लिए हजारों महिलाएं प्रतिदिन इस बाजार में आती-जाती हैं। लेकिन, दुर्भाग्यवश इस व्यस्त बाजार में महिलाओं के लिए शौचालय की सुविधा बाधित हो गई है, जिससे उन्हें भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।

सुलभ शौचालय पर लटका ताला, परेशानी हुई दोगुनी

बुधवारी बाजार में स्थित सुलभ शौचालय कई दिनों से बंद पड़ा है, जिसके कारण वहां आने वाली महिलाओं को खुले में जाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। जब इस समस्या की तह में जाने का प्रयास किया गया, तो यह सामने आया कि शौचालय में पानी की आपूर्ति पूरी तरह ठप हो चुकी है। पाइपलाइन टूटने की वजह से शौचालय की टंकी में पानी नहीं भर पा रहा है, जिससे मजबूरन शौचालय को बंद कर दिया गया।

नगरपालिका की लापरवाही, समाधान के इंतजार में लोग

सबसे गंभीर प्रश्न यह उठता है कि नगरपालिका इस समस्या के समाधान के लिए क्या कर रही है? क्या प्रशासन को यह नहीं दिखता कि महिलाओं को शारीरिक और मानसिक रूप से कितनी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है? पाइपलाइन ठीक होने तक नगरपालिका कम से कम पानी का टैंकर भेजकर व्यवस्था दुरुस्त कर सकती थी, लेकिन ऐसा कुछ नहीं किया गया।

महिलाओं की असुविधा के प्रति उदासीनता

महिलाओं के लिए सार्वजनिक शौचालय की सुविधा किसी भी बाजार या सार्वजनिक स्थान पर अनिवार्य होती है। लेकिन बुधवारी बाजार में स्थिति उलट है। यहां महिलाओं को कई घंटों तक अपने कार्यस्थल पर बिना सुविधा के रहना पड़ता है, जिससे उनकी स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी बढ़ सकती हैं। यह एक ऐसा मुद्दा है जिसे प्रशासन को प्राथमिकता के साथ हल करना चाहिए।

स्थानीय व्यापारियों और सामाजिक संगठनों की चिंता

बुधवारी बाजार में काम करने वाले व्यापारियों और सामाजिक संगठनों ने भी इस मुद्दे को गंभीरता से लिया है। कई संगठनों ने प्रशासन से जल्द से जल्द शौचालय की समस्या का हल निकालने की मांग की है। अगर जल्द ही समाधान नहीं किया गया, तो महिलाओं और व्यापारियों द्वारा विरोध प्रदर्शन किया जा सकता है

क्या हो सकता है समाधान?

  1. पाइपलाइन को अविलंब ठीक किया जाए, ताकि पानी की आपूर्ति बहाल हो सके।
  2. जब तक पाइपलाइन ठीक नहीं होती, नगरपालिका को नियमित रूप से पानी का टैंकर भेजना चाहिए
  3. महिलाओं के लिए अन्य वैकल्पिक शौचालयों की व्यवस्था की जानी चाहिए, ताकि उन्हें अधिक परेशानी न हो।
  4. स्थानीय प्रशासन को इस मुद्दे को गंभीरता से लेकर जल्द से जल्द समाधान निकालना चाहिए

बुधवारी बाजार सिवनी का एक प्रमुख वाणिज्यिक केंद्र है, जहां महिलाओं की उपस्थिति अत्यधिक महत्वपूर्ण है। लेकिन अगर मूलभूत सुविधाएं नहीं मिलेंगी, तो यह एक बड़ी समस्या बन सकती है। नगरपालिका और प्रशासन को इस मुद्दे को प्राथमिकता देनी चाहिए और जल्द से जल्द सुलभ शौचालय को फिर से शुरू करना चाहिए।

Seoni Loot Case: सिवनी में कट्टा अड़ाकर शिक्षक के घर लूट, शिक्षक को बनाया बंधक; मांगे 50 लाख रुपये

Seoni Loot Case: मध्यप्रदेश के सिवनी जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र में शनिवार की रात एक भयावह घटना घटी। छिंदवाड़ा बायपास ब्रिज के समीप सुंदर नगर छिंदवाड़ा रोड बायपास स्थित बम्होड़ी निवासी शिक्षक के घर पर लुटेरों ने हमला किया। इस दौरान उन्होंने शिक्षक को बंधक बनाकर लूटपाट की और 50 लाख रुपये मांगने लगे।

लुटेरों ने शिक्षक को बनाया बंधक

मध्यप्रदेश के सिवनी जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र में शनिवार की रात एक भयावह घटना घटी। छिंदवाड़ा बायपास ब्रिज के समीप सुंदर नगर छिंदवाड़ा रोड बायपास स्थित बम्होड़ी निवासी शिक्षक के घर पर लुटेरों ने हमला किया। इस दौरान उन्होंने शिक्षक को बंधक बनाकर लूटपाट की और 50 लाख रुपये मांगने लगे।

लुटेरों ने शिक्षक को बनाया बंधक

शिक्षक योगेश उपाध्याय, जो कि एमएलबी स्कूल में पदस्थ हैं, अपने बेटे के साथ घर में अकेले थे। उनकी पत्नी और बेटी वृंदावन यात्रा पर गई हुई थीं। शनिवार रात करीब 1 बजे अचानक कुछ हलचल हुई, जिससे उनकी नींद खुली। उन्होंने देखा कि तीन से चार नकाबपोश लुटेरे घर में घुसे हुए थे। उनमें से दो ने उनका गला दबाया, जबकि तीसरे ने उनके सिर पर तमंचा अड़ा दिया। इसके बाद वे लगातार यह पूछते रहे कि 50 लाख रुपये कहां रखे हैं

पुत्र के बाहर होने का उठाया फायदा

घटना के समय शिक्षक का पुत्र घर में पढ़ाई कर रहा था, लेकिन कुछ देर के लिए बाहर गया था। जाते समय उसने चैनल गेट में ताला लगा दिया था। इसी दौरान लुटेरे वहां पहुंचे और उन्होंने इस मौके का फायदा उठाते हुए घर में घुसकर लूटपाट की योजना बनाई

लूट की वारदात को दिया अंजाम

लुटेरों ने शिक्षक के हाथ, पैर और मुंह रस्सी से बांध दिए और उनके घर में आलमारी, दीवान पेटी और अन्य जगहों की तलाशी लेने लगे।

  • आलमारी में रखे 35,000 रुपये नकद
  • पैंट की जेब से 12,000 रुपये निकाल लिए
  • जाते समय मोबाइल फोन भी लूटकर ले गए

लुटेरों ने दी चेतावनी, लेकिन नहीं किया नुकसान

लूटपाट के दौरान एक लुटेरे ने शिक्षक से कहा, “आप पिता समान हैं, हम आपको कोई नुकसान नहीं पहुंचाएंगे, बस हमें पैसे चाहिए।” लेकिन इसके बावजूद उन्होंने दबाव बनाने के लिए उनका गला जोर से दबाया

पुत्र के लौटते ही हुआ खुलासा

घटना को अंजाम देने के बाद लुटेरे भाग गए। कुछ समय बाद शिक्षक का पुत्र घर लौटा। उसने देखा कि चैनल गेट का ताला टूटा हुआ था। अंदर जाने पर उसने अपने पिता को बांधकर पड़ा देखा। उसने तुरंत पिता को खोला और फिर दोनों कोतवाली थाना पहुंचे और पुलिस को पूरे मामले की जानकारी दी

पुलिस प्रशासन की त्वरित कार्रवाई

घटना की सूचना मिलते ही सिवनी पुलिस अधीक्षक सुनील मेहता ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। डॉग स्क्वॉड और एफएसएल टीम को भी जांच के लिए बुलाया गया। पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

कैसे भागे लुटेरे?

लुटेरों ने बड़ी चतुराई से अपराध को अंजाम दिया। वे घर में घुसते समय किसी भी तरह की आवाज या हलचल नहीं होने दी। जब वे लूटपाट कर चुके, तो पीछे की फेंसिंग वॉल की जाली काटकर वहां से भाग निकले। उन्होंने घर की सभी लाइटों पर कपड़ा डाल दिया, ताकि कोई देख न सके।

पुलिस की जांच और संभावित संदिग्ध

पुलिस ने घटना स्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगालने शुरू कर दिए हैं। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि लुटेरे 20-22 साल की उम्र के थे और उन्हें इस घर के बारे में पूरी जानकारी थी। ऐसे में पुलिस किसी परिचित या करीबी व्यक्ति के शामिल होने की संभावना से इनकार नहीं कर रही है।

स्थानीय लोगों में भय और आक्रोश

इस घटना के बाद से इलाके के लोगों में डर का माहौल है। स्थानीय लोगों ने पुलिस प्रशासन से सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है। सिवनी जिले में हुई यह लूटपाट की घटना सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है। पुलिस को चाहिए कि वे शीघ्र ही अपराधियों को पकड़कर कड़ी सजा दिलाएं, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।

महिला दिवस 2025: महिला पतंजलि योग समिति जिला सिवनी द्वारा विशिष्ट महिलाओं का सम्मान समारोह

8 मार्च 2025 को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर महिला पतंजलि योग समिति, जिला सिवनी द्वारा एक विशेष सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में समाज की प्रबुद्ध और वरिष्ठ महिलाओं को उनके योगदान और सेवाओं के लिए सम्मानित किया गया। इस महत्वपूर्ण अवसर पर प्रशासनिक अधिकारियों और वरिष्ठ नागरिक महिलाओं को समिति द्वारा सम्मानित कर, उनके कार्यों की सराहना की गई।

महिला प्रशासनिक अधिकारियों का सम्मान

इस कार्यक्रम के तहत, एस.डी.एम. मेघा शर्मा जी (Seoni SDM Megha Sharma), तहसीलदार मीना कश्यप जी (Tehsildar Meena Kashyap), और नायब तहसीलदार राधिका पाठक जी (Nayab Tehsildar Radhika Pathak) को उनके कार्यालय में पुष्पगुच्छ एवं पतंजलि के उत्पाद भेंट कर सम्मानित किया गया। इन अधिकारियों ने समाज में महिला सशक्तिकरण और प्रशासनिक कार्यों में उत्कृष्ट योगदान दिया है।

महिला अधिकारियों ने इस सम्मान के लिए समिति का आभार व्यक्त किया और महिलाओं को आगे बढ़ने और सशक्त होने के लिए प्रेरित किया। एस.डी.एम. मेघा शर्मा जी ने कहा कि महिलाओं की भागीदारी किसी भी समाज के विकास में अनिवार्य है और ऐसे सम्मान समारोह, महिलाओं की भूमिका को और अधिक प्रभावशाली बनाने में सहायक होते हैं।

भैरोगंज जैन समाज की बुजुर्ग माताओं का सम्मान

इसके अतिरिक्त, भैरोगंज जैन समाज की बुजुर्ग माताओं को भी उनके निवास स्थान पर जाकर सम्मानित किया गया। सम्मान प्राप्त करने वाली बुजुर्ग माताएँ थीं:

  • श्रीमती सरोज जैन जी
  • श्रीमती अम्मावती जी
  • श्रीमती शांता बाई जी
  • श्रीमती बुधिया देवी जी
  • श्रीमती सुमित्रा बघेल जी
  • श्रीमती गायत्री शर्मा जी
  • श्रीमती सीता अग्रवाल जी

इन सभी को शॉल और श्रीफल प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर समिति के सदस्यों ने इन बुजुर्ग माताओं का आशीर्वाद प्राप्त किया और उनके जीवन के अनुभवों को साझा करने का सौभाग्य प्राप्त किया। बुजुर्ग माताओं ने समिति को उनके इस प्रयास के लिए धन्यवाद दिया और महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में निरंतर प्रयास करते रहने की प्रेरणा दी।

समारोह को सफल बनाने में समिति की भूमिका

इस कार्यक्रम को सफल बनाने में महिला पतंजलि योग समिति की कई वरिष्ठ एवं सक्रिय सदस्यों का सहयोग रहा। इस आयोजन में विशेष रूप से योगदान देने वाली बहनों के नाम इस प्रकार हैं:

  • वरिष्ठ संरक्षिका श्रीमती ऊषा शर्मा जी
  • सुश्री संध्या जैन जी
  • अध्यक्ष श्रीमती सरिता जी
  • कोषाध्यक्ष श्रीमती चित्रा जी
  • श्रीमती कलावती बायकर जी
  • श्रीमती वंदना गुप्ता जी
  • श्रीमती सरस्वती बघेल जी
  • श्रीमती किरण सक्सेना जी
  • श्रीमती ज्योति ऊइके जी
  • श्रीमती माधवी देशमुख जी
  • श्रीमती राधा बघेल जी

इन सभी सदस्यों ने अपने अथक प्रयासों से कार्यक्रम को भव्यता प्रदान की और इसे सफल बनाया।

महिला दिवस का महत्व और संदेश

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस केवल महिलाओं को सम्मान देने का अवसर नहीं है, बल्कि यह उनके अधिकारों, उपलब्धियों और समाज में उनकी भूमिका को भी उजागर करता है। यह दिन महिलाओं को उनके संघर्ष और सफलता के लिए सराहने के साथ-साथ उन्हें प्रेरित करने का भी कार्य करता है।

इस अवसर पर, समिति ने महिलाओं से आत्मनिर्भर बनने, स्वस्थ जीवन शैली अपनाने और समाज में अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाने का संकल्प लिया। महिला पतंजलि योग समिति ने इस बात पर बल दिया कि योग, स्वास्थ्य और आत्मनिर्भरता से महिलाएँ अपने जीवन को अधिक सशक्त बना सकती हैं।

समिति के भविष्य के लक्ष्य

महिला पतंजलि योग समिति ने आगामी समय में और भी बड़े स्तर पर महिला जागरूकता कार्यक्रम, स्वास्थ्य शिविर और योग कार्यशालाओं के आयोजन की योजना बनाई है। समिति का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना और समाज में उनकी भूमिका को और अधिक मजबूत करना है।

यह सम्मान समारोह महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम था। इससे महिलाओं में आत्मसम्मान और आत्मविश्वास बढ़ाने में सहायता मिली। महिला पतंजलि योग समिति द्वारा किया गया यह प्रयास समाज में महिलाओं की स्थिति को और मजबूत करने का एक आदर्श उदाहरण प्रस्तुत करता है।

महिला दिवस के इस अवसर पर, सभी महिलाओं को प्रेरित होना चाहिए कि वे अपने अधिकारों और कर्तव्यों को पहचानें और अपने सपनों को पूरा करने के लिए आगे बढ़ें।

सिवनी में जश्न का माहौल: 12 साल बाद भारत ने जीती आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी

सिवनी। भारतीय क्रिकेट टीम ने एक बार फिर इतिहास रच दिया है! आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी 2025 जीतने के बाद पूरे देश में जश्न का माहौल है, और सिवनी भी इस खुशी में डूबा हुआ है। जैसे ही भारत की जीत की घोषणा हुई, शहर में आतिशबाजियों की गूंज सुनाई देने लगी। लोगों ने मिठाइयां बांटी, नाच-गाने के साथ जश्न मनाया, और सड़कों पर भारत माता की जयकारें गूंज उठीं।

सिवनी में दिवाली जैसा माहौल

भारत की इस ऐतिहासिक जीत के बाद सिवनी में दिवाली जैसा माहौल बन गया। शहर में जगह-जगह पटाखे फोड़े गए, ढोल-नगाड़ों के साथ लोग सड़कों पर उतर आए और एक-दूसरे को मिठाइयां खिलाकर बधाई दी। क्रिकेट प्रेमियों ने कहा कि यह जीत हर भारतीय के लिए गर्व का पल है।

12 साल बाद फिर चमकी भारतीय क्रिकेट टीम

भारत ने 12 साल बाद चैंपियंस ट्रॉफी पर कब्जा जमाकर अपने क्रिकेट इतिहास में एक और स्वर्णिम अध्याय जोड़ दिया। रोहित शर्मा की कप्तानी में यह भारत की पहली चैंपियंस ट्रॉफी जीत है, जबकि यह रोहित शर्मा और विराट कोहली का चौथा आईसीसी खिताब बना। इसी के साथ, भारत अब सबसे ज्यादा बार चैंपियंस ट्रॉफी जीतने वाला देश बन गया है।

दुबई में ऐतिहासिक फाइनल मुकाबला

दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए फाइनल मुकाबले में भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन किया। कप्तान रोहित शर्मा ने 76 रनों की दमदार पारी खेली, जबकि श्रेयस अय्यर ने 48 रन जोड़कर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। अंत में अक्षर पटेल की तेजतर्रार बल्लेबाजी और कुलदीप यादव की घातक गेंदबाजी ने भारत को चैंपियन बना दिया।

लगातार दूसरा आईसीसी खिताब

गौरतलब है कि भारत ने पिछले साल टी20 वर्ल्ड कप 2024 भी अपने नाम किया था। ऐसे में रोहित शर्मा की कप्तानी में यह लगातार दूसरी बड़ी आईसीसी ट्रॉफी है, जिसने भारतीय क्रिकेट को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया है।

भारत की इस ऐतिहासिक जीत ने पूरे देश को गर्व महसूस कराया है, और सिवनी में भी यह जश्न लंबे समय तक चलता रहेगा!

सिवनी के छपारा में महिला दिवस पर महिलाएं हुई शर्मसार: आजादी के बाद से अब तक नहीं बन पाया सार्वजनिक शौचालय

Chhapara Seoni News: छपारा नगर परिषद (Chhapara Nagar Parishad) की महिला अध्यक्ष के नेतृत्व में होने के बावजूद महिलाओं के लिए सार्वजनिक शौचालय की सुविधा अब तक उपलब्ध नहीं हो सकी। यह समस्या सिर्फ छपारा की ही नहीं, बल्कि पूरे देश में कई नगर परिषदों में महिलाओं के लिए बुनियादी सुविधाओं की कमी को उजागर करती है। विकास का ढिंढोरा पीटने और फोटो सेशन वाले इन जनप्रतिनिधियों ने अब तक सार्वजनिक महिला शौचालय प्रसाधन की व्यवस्था नगर में क्यों नहीं कर पाए है यह बड़ा सवाल हैं।

विश्व महिला दिवस पर शर्मसार होती रही महिलाएं

8 मार्च को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर, जहां एक ओर महिलाओं के अधिकारों और उनके सम्मान की बातें हो रही थीं, वहीं दूसरी ओर छपारा नगर परिषद की महिलाएं सार्वजनिक शौचालय के अभाव में अपमानित और परेशान होती रहीं

छपारा नगर, जिसकी आबादी 20,000 से अधिक है, वहां सार्वजनिक महिला शौचालय का न होना सरकार और स्थानीय प्रशासन की उदासीनता को दर्शाता है। नगर परिषद की महिला अध्यक्ष होते हुए भी इस समस्या का समाधान न निकलना गंभीर चिंता का विषय है।

महिला प्रधान नगर में महिलाएं क्यों हो रही हैं परेशान?

छपारा नगर परिषद की कमान पिछले तीन वर्षों से श्रीमती निशा पटेल के हाथों में है, लेकिन इसके बावजूद आज तक सार्वजनिक महिला शौचालय का निर्माण नहीं किया गया। बस स्टैंड, बाजार और सार्वजनिक स्थलों पर शौचालयों की अनुपलब्धता के कारण महिलाएं अत्यधिक असुविधा झेल रही हैं।

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर महिलाओं के सम्मान के लिए छपारा नगर की महिला प्रधान जनप्रतिनिधि की क्या सोच है, इसकी सच्चाई सिवनी जिले के नेशनल हाईवे पर पर स्थित छपारा नगर परिषद मुख्यालय पर देखी जा सकती है जहां आजादी के बाद से अब तक नगर के हृदय स्थल बस स्टैंड और अन्य स्थलों में सार्वजनिक महिला शौचालय एवं प्रसाधन तक नहीं है। जिसके चलते नगर के अलावा आसपास के सैकड़ों ग्रामों तथा बसों में सफर कर रही महिलाओं को छपारा बस स्टैंड में लघुशंका एवं शौच के लिए यहां-वहां भटकने के साथ-साथ शर्मसार भी होना पड़ता हैं।

विशेष रूप से हाट बाजार के दिनों में जब आसपास के गांवों से सैकड़ों महिलाएं नगर में खरीदारी करने आती हैं, उन्हें घंटों तक शौचालय के अभाव में कठिनाई झेलनी पड़ती है।

छपारा में सार्वजनिक महिला शौचालय की जरूरत क्यों है?

  • बस स्टैंड पर कोई शौचालय नहीं – यहां से प्रतिदिन सैकड़ों महिलाएं सफर करती हैं।
  • हाट बाजार में बड़ी संख्या में महिलाएं आती हैं, लेकिन उनके लिए कोई सुविधा नहीं।
  • यात्रा के दौरान महिलाएं इधर-उधर भटकने को मजबूर हो जाती हैं, जिससे वे असहज और शर्मसार महसूस करती हैं।
  • स्वच्छता और स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याएं बढ़ रही हैं, जिससे महिलाओं में बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।

जनप्रतिनिधियों की निष्क्रियता का नतीजा भुगत रही हैं महिलाएं

छपारा नगर परिषद के अधिकारी शहरी विकास और स्वच्छता मिशन की बड़ी-बड़ी योजनाओं की बातें करते हैं, लेकिन महिलाओं के लिए शौचालय जैसी मूलभूत सुविधा तक उपलब्ध नहीं करा पाए

सवाल यह उठता है कि नगर परिषद और प्रशासन इस गंभीर मुद्दे पर चुप क्यों हैं?

  • क्या विकास सिर्फ कागजों पर सीमित है?
  • क्या महिला सशक्तिकरण सिर्फ नारों तक सीमित है?
  • क्या महिलाओं की असुविधा और परेशानियों से सरकार को कोई मतलब नहीं?

सरकारी योजनाओं का लाभ क्यों नहीं पहुंच रहा?

केंद्र और राज्य सरकार द्वारा स्वच्छ भारत मिशन, अमृत योजना और नगरीय स्वच्छता अभियान जैसी कई योजनाएं चलाई जा रही हैं, जिनके अंतर्गत सार्वजनिक शौचालयों का निर्माण प्राथमिकता में रखा गया है

लेकिन, छपारा नगर परिषद में इन योजनाओं के तहत महिलाओं के लिए सार्वजनिक शौचालय अब तक क्यों नहीं बनाया गया?

  • फंड की कमी एक बहाना बन चुकी है, जबकि अन्य कार्यों के लिए धनराशि आसानी से उपलब्ध हो जाती है।
  • राजनीतिक इच्छाशक्ति की कमी के कारण आज भी महिलाएं सार्वजनिक जगहों पर अपमानित महसूस कर रही हैं

स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से सवाल

  • महिला अध्यक्ष होने के बावजूद अब तक सार्वजनिक शौचालय क्यों नहीं बनवाया गया?
  • महिला दिवस जैसे महत्वपूर्ण अवसर पर क्या महिलाओं की वास्तविक समस्याओं का हल निकालना जरूरी नहीं?
  • क्या सिर्फ घोषणाओं और फोटो सेशन तक सीमित रहेगा महिला सशक्तिकरण?

समाधान क्या हो सकता है?

  • तत्काल सार्वजनिक महिला शौचालयों का निर्माण – विशेष रूप से बस स्टैंड, हाट बाजार और भीड़भाड़ वाले इलाकों में।
  • स्थानीय प्रशासन को जवाबदेह बनाना – नगर परिषद को इसके लिए समयबद्ध योजना बनानी चाहिए।
  • महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना – महिलाओं को अपनी जरूरतों के लिए प्रशासन पर दबाव बनाना होगा।
  • सरकारी योजनाओं का उचित क्रियान्वयन – सरकार की योजनाओं को सही तरीके से लागू करने की जरूरत है।

छपारा नगर परिषद में महिलाओं के लिए सार्वजनिक शौचालय की अनुपलब्धता एक गंभीर समस्या है। जब तक प्रशासन और जनप्रतिनिधि इस मुद्दे पर ध्यान नहीं देंगे, महिलाओं की परेशानियां बनी रहेंगी।

इस महिला दिवस पर हमें सिर्फ नारों और कार्यक्रमों तक सीमित न रहकर, महिलाओं की वास्तविक समस्याओं का हल निकालने की जरूरत है। जब तक सार्वजनिक स्थानों पर महिला शौचालयों की सुविधा उपलब्ध नहीं होगी, तब तक महिला सशक्तिकरण अधूरा रहेगा।