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सिवनी: श्रमजीवी पत्रकार संघ की जिला इकाई सहित ब्लॉक अध्यक्षों की घोषणा

श्रमजीवी पत्रकार संघ जिला इकाई सिवनी की नव गठित कार्यकारिणी 2025 की घोषणा

सिवनी: श्रमजीवी पत्रकार संघ की नव गठित जिला कार्यकारिणी 2025 की औपचारिक घोषणा कर दी गई है। यह घोषणा प्रदेश कार्यकारी महासचिव सत्यनारायण वैष्णव द्वारा प्रांताध्यक्ष साथी शलभ भदौरिया के निर्देशानुसार और जिला अध्यक्ष मनीष जैन की अनुशंसा से की गई। इस घोषणा में जिले के 7 ब्लॉक अध्यक्षों की नियुक्ति भी शामिल है।

श्रमजीवी पत्रकार संघ की जिला कार्यकारिणी में नियुक्त पदाधिकारी

मुख्य पदाधिकारी:

  • जिलाध्यक्ष: मनीष जैन
  • कार्यकारी अध्यक्ष (शहर): मनोज मर्दन त्रिवेदी
  • कार्यकारी अध्यक्ष (ग्रामीण): कन्हैया प्रजापति
  • महासचिव: नंदन श्रीवास्त्री
  • कोषाध्यक्ष: सत्यांश भट्ट

उपाध्यक्ष:

  • रामदास ठाकुर
  • संजीत बघेल
  • दीवान आजम अली
  • सुभाष चंदौरे
  • द्वारका श्रीवास्तव
  • सुधीर पांडे
  • बिलाल अंसारी
  • राजेन्द्र डहेरिया
  • राजेश जैन

सचिव:

  • आगा खान
  • जितेन्द्र नामदेव
  • हरिओम सोनी
  • नरेश यादव

संयुक्त सचिव:

  • राजदीप राहंगडाले
  • दिलीप यादव
  • संतोष नामदेव

कार्यकारिणी सदस्य:

  • डाल सिंह राकेश
  • देवराज डहेरिया
  • शाहिद खान
  • तोप सिंह पटले
  • जयकुमार डहेरिया
  • विनोद कुमार यादव
  • अशोक शांडिल्य
  • आनंद चिंटू कौशल

श्रमजीवी पत्रकार संघ के ब्लॉक अध्यक्षों की घोषणा

श्रमजीवी पत्रकार संघ की जिला इकाई ने 7 ब्लॉक अध्यक्षों की घोषणा भी कर दी है। सभी ब्लॉक अध्यक्षों से आशा की गई है कि वे ब्लॉक स्तर पर पत्रकारों की एक मजबूत इकाई बनाएंगे और पत्रकारों के अधिकारों एवं सुरक्षा की रक्षा करेंगे।

नियुक्त ब्लॉक अध्यक्षों की सूची:

ब्लॉकअध्यक्षसमाचार पत्र/मीडिया
बरघाटनरेश सिंह राजपूतदैनिक हरि भूमि
कुरईदेवेंद्र दीक्षितदैनिक सुदूर संदेश
छपारारफीक खानदेशबंधु
घंसौरगणेश राजपूतसामर्थ सहारा भोपाल
केवलारीरफीक खानIND24
लखनादौनशिव दयाल यादवदैनिक दालसागर
सिवनीसंजीव क्रीडियाविस्तार न्यूज

नई कार्यकारिणी की जिम्मेदारियां और भविष्य की योजनाएं

श्रमजीवी पत्रकार संघ की इस नव गठित कार्यकारिणी से यह अपेक्षा की जाती है कि वे पत्रकारों के हितों की रक्षा, मीडिया स्वतंत्रता को सुनिश्चित करने और पत्रकारों के लिए बेहतर कार्य वातावरण बनाने की दिशा में काम करेंगे।

आगामी 15 दिनों में ब्लॉक स्तर पर कार्यकारिणी गठन की अनिवार्यता

सभी नवनियुक्त ब्लॉक अध्यक्षों को निर्देशित किया गया है कि वे अगले 15 दिनों के भीतर अपनी कार्यकारिणी का गठन कर उसे जिला इकाई से अनुमोदित कराएं। इससे संघ की संरचना और अधिक सशक्त होगी और पत्रकारों की समस्याओं के समाधान के लिए एक प्रभावी नेटवर्क तैयार होगा।

संघ की ओर से सभी नव निर्वाचित पदाधिकारियों को शुभकामनाएं

श्रमजीवी पत्रकार संघ सभी नव निर्वाचित पदाधिकारियों को खबर सत्ता की ओर से हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देता है। हम सभी से आशा करते हैं कि वे पत्रकारिता जगत के उत्थान और पत्रकारों की सुरक्षा के लिए निष्पक्ष एवं निष्ठापूर्वक कार्य करेंगे।

सिवनी: गणतंत्र दिवस पर नहीं फहराया गया राष्ट्रीय ध्वज, लालपुर छपारा की आदिम जाति सहकारी समिति की अनदेखी

  • 76वें गणतंत्र दिवस पर राष्ट्रीय ध्वज नहीं फहराना: एक गंभीर मुद्दा

सिवनी: छपारा स्थित आदिम जाति सहकारी समिति में 76वें गणतंत्र दिवस पर राष्ट्रीय ध्वज नहीं फहराने की घटना ने गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह संस्था, जो सरकार और सांसद निधि से वित्त पोषित है, वर्षों से लालपुर और छपारा में स्थापित है। बावजूद इसके, यहां के जवाबदारों ने इस राष्ट्रीय पर्व को मनाने की जरूरत नहीं समझी। यह घटना न केवल संवैधानिक मूल्यों का अपमान है, बल्कि सहकारिता क्षेत्र में व्याप्त अनियमितताओं को भी उजागर करती है।

लालपुर समिति का अस्तित्व खतरे में

लालपुर की आदिम जाति सहकारी समिति वर्षों से ग्राम पंचायत लालपुर के अधीन संचालित थी। हालांकि, हाल के वर्षों में कुछ कर्मचारियों ने अपने स्वार्थ और लाभ के लिए इस समिति का संचालन छपारा में स्थानांतरित कर दिया। लालपुर समिति, जो सहकारिता के रिकॉर्ड में दर्ज है, का नाम बदलकर ‘लालपुर छपारा’ कर दिया गया। यह स्थानांतरण न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि ग्रामीणों और किसानों के अधिकारों का हनन भी है।

धान खरीदी केंद्र का स्थानांतरण और किसानों की समस्याएं

लालपुर समिति की स्थापना के बाद से धान खरीदी केंद्र लालपुर में ही स्थित था। हालांकि, दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों ने इसे छपारा में स्थानांतरित कर दिया। इसका नतीजा यह हुआ कि लालपुर के किसानों को अपनी फसल बेचने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। इससे भी ज्यादा चिंता की बात यह है कि कई किसानों ने मजबूरी में अन्य स्थानों, जैसे धोबी सर्रा और खामी केंद्र, पर धान बेचना शुरू कर दिया। किसानों के लिए यह समस्या कुचिया व्यापारियों द्वारा बढ़ाई गई है, जो किसानों के पंजीयन पर व्यापार कर रहे हैं।

राष्ट्रीय पर्व पर समारोह की उपेक्षा

राष्ट्रीय पर्व पर लालपुर में कोई कार्यक्रम आयोजित न करना इस बात को स्पष्ट करता है कि समिति के कर्मचारियों ने अपने कर्तव्यों को पूरी तरह से नजरअंदाज किया है। नव नियुक्त समिति प्रबंधक की उपस्थिति के बावजूद, ध्वजारोहण का कार्यक्रम नहीं हुआ। ग्रामीणों और सरपंच ने इस बात पर रोष प्रकट किया कि समिति के कर्मचारी केवल औपचारिकता निभाने के लिए उपस्थित हुए थे।

छपारा कार्यालय में अनियमितताएं

छपारा स्थित कार्यालय को कर्मचारियों द्वारा अपनी जागीर बना लिया गया है। यहां बैंक और सहकारिता विभाग की अनदेखी में मनमाने ढंग से संचालन होता है। समिति का कार्यालय कभी भी खोला और बंद किया जाता है, और इसका मुख्य उद्देश्य कर्मचारियों के निजी स्वार्थों की पूर्ति करना है।

सहकारिता विभाग की उदासीनता

सहकारिता विभाग के उच्च अधिकारी, जो कई समितियों का संचालन करते हैं, इस स्थिति में मूकदर्शक बने हुए हैं। अधिकारियों की यह निष्क्रियता न केवल समिति की समस्याओं को बढ़ा रही है, बल्कि किसानों और ग्रामीणों के अधिकारों का भी हनन कर रही है।

राष्ट्रीय पर्व पर ध्वजारोहण न करने की जवाबदेही

जहां देशभर में छोटे से छोटे कार्यालय और संस्थान राष्ट्रीय पर्व पर ध्वजारोहण करते हैं, वहीं लालपुर छपारा की समिति में यह कार्यक्रम नहीं हुआ। यह सवाल उठता है कि जब हजारों किसान यहां खाद-बीज लेने आते हैं, तो फिर राष्ट्रीय पर्व पर इस स्थान को नजरअंदाज क्यों किया गया?

क्या होगी ठोस कार्रवाई?

इस पूरे मामले में प्रशासनिक अधिकारियों और संवेदनशील जिला कलेक्टर को हस्तक्षेप करना चाहिए। सहकारिता विभाग की अनियमितताओं और लालपुर समिति की समस्याओं को हल करने के लिए ठोस कदम उठाए जाने चाहिए।
सरपंच साजिद बेग ने भी इस बात को स्वीकार किया है कि लालपुर समिति के कर्मचारियों ने वहां आना बंद कर दिया है और इसका संचालन छपारा से ही किया जा रहा है।

लालपुर छपारा की आदिम जाति सहकारी समिति में गणतंत्र दिवस पर ध्वजारोहण न होना एक गंभीर समस्या है। यह घटना सहकारिता क्षेत्र की अनियमितताओं और कर्मचारियों की लापरवाही को दर्शाती है। प्रशासन को इस मामले में शीघ्रता से कार्रवाई करनी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों और ग्रामीणों के अधिकारों की रक्षा हो सके।

मध्य प्रदेश कैबिनेट में बड़ा फैसला: MP के इन 17 धार्मिक शहरों में शराब पर लगाया प्रतिबंध!

भोपाल (मध्य प्रदेश): राज्य मंत्रिमंडल ने राज्य के 17 धार्मिक शहरों में शराबबंदी लागू करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। महेश्वर में शुक्रवार को हुई कैबिनेट की बैठक में यह फैसला लिया गया। इन शहरों में शराब की सभी दुकानें और बार बंद रहेंगे।

2025-26 के लिए नई आबकारी नीति को भी मंजूरी दी गई। जिन 17 शहरों में प्रतिबंध लागू होगा उनमें उज्जैन नगर निगम, ओंकारेश्वर नगर पंचायत, महेश्वर नगर पंचायत, मंडलेश्वर नगर पंचायत, ओरछा नगर पंचायत, मैहर नगर पंचायत, चित्रकूट नगर पंचायत, दतिया नगर पंचायत, पन्ना नगर पंचायत, मंडला नगर पालिका शामिल हैं।

मुलताई नगर पालिका, मंदसौर नगर पालिका, अमरकंटक नगर पंचायत, सलकनपुर ग्राम पंचायत, और कई अन्य ग्राम पंचायतें जैसे बरमानकलां, लिंगा, बरमानखुर्द, कुंडलपुर और बांदकपुर.

इसके अलावा, नई आबकारी नीति में राज्य में शराब की खपत को बेहतर ढंग से विनियमित और नियंत्रित करने के लिए बार की एक नई श्रृंखला शुरू की जाएगी।

2025-26 के लिए आबकारी नीति को मंजूरी

कैबिनेट ने 2025-26 के लिए आबकारी नीति को मंजूरी दे दी है, जिसका उद्देश्य राज्य में शराब के नियमन और नियंत्रण को सुव्यवस्थित करना है। चालू वर्ष के लिए शराब की दुकानों के मूल्य में 20 प्रतिशत की महत्वपूर्ण वृद्धि लागू की गई है, जिसमें 2025-26 के लिए आरक्षित दरें तय की जाएंगी।

नवीनीकरण की अनुमति के लिए अब दुकान के मूल्य का 80 प्रतिशत या उससे अधिक आवेदन करना होगा। जालसाजी को रोकने के लिए, बयाना राशि के लिए केवल ई-चालान और ई-बैंक गारंटी को ही मान्यता दी जाएगी, जिससे साधारण बैंक गारंटी और सावधि जमा रसीदें (एफडीआर) समाप्त हो जाएंगी।

शराब की दुकानों का आवंटन नवीनीकरण, लॉटरी और ई-टेंडर प्रक्रिया के बाद किया जाएगा। युवाओं में शराब की अत्यधिक खपत को हतोत्साहित करने के प्रयास में, नई नीति में केवल बीयर, वाइन और रेडी टू ड्रिंक (RTD) पेय पदार्थ परोसने वाले बार की एक श्रृंखला शुरू की गई है।

अवैध शराब से निपटने के लिए, कम अल्कोहल सामग्री वाली देशी शराब की एक नई रेंज 180 मिली और 90 मिली आकार में लॉन्च की जाएगी, जिसमें 180 मिली संस्करण के लिए टेट्रा पैक भी शामिल होंगे।

बिलिंग और आपूर्ति ट्रैकिंग के लिए सभी शराब की दुकानों पर पीओएस मशीनों के साथ तकनीकी उपाय लागू किए जाएंगे। विदेशी शराब गोदामों के लिए शराब आपूर्ति प्रणाली स्वचालित होगी, और शुल्क दरें ईडीपी-आधारित एड वैलोरम प्रणाली का पालन करेंगी।

मंत्रियों को मिली सत्ता हस्तांतरण की जिम्मेदारी

कैबिनेट ने राज्य स्तरीय अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए बहुप्रतीक्षित स्थानांतरण नीति को भी मंजूरी दे दी है। हालांकि, यह नीति जिलों में तैनात अधिकारियों पर लागू नहीं होगी।

मंत्रियों द्वारा सीमित परिस्थितियों में ही तबादलों को मंजूरी दी जाएगी, जिसमें रिक्त पद, गंभीर बीमारी, न्यायिक आदेश या किसी अधिकारी के खिलाफ गंभीर शिकायतें शामिल हैं। विशेष मामलों में मंत्री तबादलों को मंजूरी भी दे सकते हैं। मंजूरी के बाद, सीएम सचिवालय औपचारिक आदेश जारी करेगा, जिससे तबादलों पर अधिक नियंत्रण के लिए मंत्रियों की लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी होगी।

MP WEATHER UPDATE: गणतंत्र दिवस पर रहेगी ठंड, अगले 48 घंटों में रात के तापमान में गिरावट आने की संभावना

भोपाल (मध्य प्रदेश): शुक्रवार को पूरे राज्य में दिन के तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई। उत्तर और मध्य भारत के मैदानी इलाकों में चल रही सर्द हवाओं के कारण मध्य प्रदेश में तापमान में गिरावट दर्ज की गई।

मौसम विभाग के अधिकारियों के अनुसार, गणतंत्र दिवस के आसपास सप्ताहांत में पारे के स्तर में उल्लेखनीय गिरावट आने की संभावना है। दक्षिण-पश्चिमी मध्य प्रदेश में चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बना हुआ है।

इसलिए अगले 48 घंटों में उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में न्यूनतम तापमान में गिरावट आने की संभावना है। शुक्रवार को भोपाल में दिन के तापमान में 6.8 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई और यह 22.6 डिग्री सेल्सियस रहा। रात का तापमान 13.2 डिग्री सेल्सियस रहा। इंदौर में दिन के तापमान में 3.6 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई और यह 23.4 डिग्री सेल्सियस रहा।

जबलपुर में 5.9 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई, जबकि टीकमगढ़ में 4 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। सागर में 4.6 डिग्री और दमोह में 4.3 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। देश के मध्य भागों में इस समय किसी भी खराब मौसम की स्थिति का सबसे कम खतरा है।

इस प्रकार, राजस्थान और मध्य प्रदेश से महाराष्ट्र की ओर मौसमी प्रतिचक्रवातों के स्थानांतरित होने से गुजरात, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के मध्य भागों में मौसम साफ रहने की संभावना बढ़ गई है।

24 जनवरी को न्यूनतम तापमान

स्थान  – डिग्री सेल्सियस

  • नीमच 9.2
  • मंडला 10.0
  • पचमढ़ी 10.2
  • राजगढ़ 10.4
  • ग्वालियर. 10.4
  • नौगोंग 10.6

MP Nursing Scam: हाई कोर्ट द्वारा मांगी गई CCTV फुटेज नर्सिंग काउंसिल ऑफिस से गायब

Madhya Pradesh Nursing Scam: एमपी नर्सिंग काउंसिल ऑफिस, भोपाल से 11 दिसंबर 2024 से 16 दिसंबर 2024 तक की सीसीटीवी फुटेज गायब है। हाईकोर्ट ने 12 दिसंबर 2024 को नर्सिंग कॉलेजों को मान्यता देने में कथित अनियमितताओं को लेकर एमपी नर्स रजिस्ट्रेशन काउंसिल (MPNRC) की रजिस्ट्रार अनीता चंद और चेयरमैन डॉ. जितेन चंद्र शुक्ला को उनके पदों से हटाने का आदेश दिया था।

अधिवक्ता विशाल बघेल की जनहित याचिका व अन्य याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने मप्र नर्सिंग काउंसिल कार्यालय के 13 दिसंबर से 19 दिसंबर 2024 तक के सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने और सीलबंद लिफाफे में जमा करने के निर्देश दिए थे।

हाईकोर्ट की विशेष बेंच के जस्टिस संजय द्विवेदी और जस्टिस अचल कुमार पालीवाल ने पूरा मामला पुलिस कमिश्नर भोपाल और साइबर सेल को सौंपते हुए आदेश दिया कि उक्त अवधि के परिषद कार्यालय के सीसीटीवी फुटेज निकालने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएं।

परिषद कार्यालय के आसपास लगे कैमरों की रिकॉर्डिंग देखी जाए, ताकि पता चल सके कि कार्यालय से क्या-क्या निकाला गया है। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता आलोक वागरेचा ने बताया कि हाईकोर्ट ने साइबर सेल को तत्कालीन रजिस्ट्रार के मोबाइल फोन की टावर लोकेशन की जानकारी भी एकत्र करने के निर्देश दिए हैं, ताकि 13 दिसंबर 2024 से 19 दिसंबर 2024 तक परिषद कार्यालय में उनकी भौतिक उपलब्धता का पता लगाया जा सके।

‘उन कॉलेजों में नामांकन हुआ जहां कोई छात्र नहीं थे’

याचिकाकर्ता विशाल बघेल ने तत्कालीन रजिस्ट्रार अनीता चंद पर यह भी आरोप लगाया कि उन्होंने ग्वालियर के कई ऐसे नर्सिंग कॉलेजों के सत्र 2022-23 के विद्यार्थियों के नामांकन अवैधानिक तरीके से जारी किए हैं, जिनमें सीबीआई जांच रिपोर्ट में सत्र 2022-23 में एक भी विद्यार्थी का प्रवेश लेना नहीं पाया गया है।

इसके बावजूद तत्कालीन रजिस्ट्रार ने सीबीआई रिपोर्ट को दरकिनार कर फर्जी तरीके से प्रवेशित छात्रों के नामांकन के लिए पोर्टल बैकडेट पर खोल दिया। हाईकोर्ट ने नर्सिंग काउंसिल को नामांकन से संबंधित फाइलें हाईकोर्ट में पेश करने का भी निर्देश दिया है।

पेंच नेशनल पार्क सिवनी में पर्यटकों के लिए होगी होम स्टे की सुविधा: MP TOURISM करवा रहा ट्रेकिंग!

  • चूल्हे पर मिट्टी के बर्तनों में पका हुआ भोजन परोसा जाएगा पर्यटकों को
  • देश-विदेश के पर्यटकों के लिए अगले माह से मिलेगा नया अनुभव

सिवनी। दुर्लभ प्रजाति के जीव-जंतुओं, बाघ-तेंदुए और बघीरा की उछलकूद से गुलजार, नैसर्गिक वनों के साथ साथ प्राकृतिक गुफाओं की खूबसूरती के लिए पूरे देश में ख्याति प्राप्त “पेंच नेशनल पार्क” में पर्यटकों के लिए खास सुविधाएं मिलने जा रही हैं।

मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड ने इंडियन ग्रामीण सर्विसेज संस्था के साथ मिलकर पार्क के दो ग्रामों में “होम स्टे” का निर्माण करवाया है, जो अगले माह से देशी-विदेशी पर्यटकों के लिए खोले जाएंगे। जल्द ही पर्यटकों को होम स्टे में देसी व्यंजनों का स्वाद भी मिलने जा रहा है। खास बात यह है कि सिवनी के होम स्टे में पर्यटकों के भोजन मिट्टी के बर्तनों में ही चूल्हे पर बनाया जाएगा, जो अपने आप में अनूठा प्रयोग है।

मध्यप्रदेश और खास तौर पर पेंच नेशनल पार्क में पर्यटन गतिविधियों को नई ऊंचाईयों तक पहुंचाने के लिए टूरिज्म बोर्ड लगातार एक्टिविटी कर रहा है। साइकिल सफारी, बाइक सफारी और ट्रेकिंग के बाद अब यहां पर होम स्टे की सुविधा बढ़ाई जा रही है, जिससे दूर-दराज से आने वाले पर्यटक पार्क के अंदर ग्रामीण जीवन का लुफ्त उठा सकें।

टूरिज्म बोर्ड ने पेंच नेशनल पार्क के पर्यटन ग्राम बरेलीपार और कोहका में होम स्टे का निर्माण करवाया है, जो बनकर तैयार हो रहे हैं। पहले चरण में बरेलीपार और कोहका में पांच-पांच होम स्टे शुरू किए जा रहे हैं।

होम स्टे की सुविधा की शुरुआत के साथ देसी और विदेशी पर्यटकों के लिए पूरी तरह से इस अंचल की की आदिवासी संस्कृति, परम्परा और खानपान और रहन-सहन से जुड़े तथ्यों को समझना और जानना आसान हो जाएगा। इन होम स्टे में पर्यटक रुकने के साथ सिवनी अंचल के स्थानीय व्यंजनों का भी स्वाद चख सकेंगे।

पेंच नेशनल पार्क के भीतर पर्यटकों को घुमाने के लिए स्थानीय युवाओं को रोजगार भी दिया जा रहा है ताकि ज्यादा से ज्यादा गांव के युवाओं को रोजगार से जोड़ा जा सके। पेंच पार्क प्रबंधन के साथ मिलकर मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड ने पर्यटकों के लिए ट्रेकिंग की सुविधा भी यहां उपलब्ध करवाई है।

सिवनी के प्रशांत भगत का गाना “AZAADI” सोशल मीडिया पर छाया, देशभर में हो रहा वायरल

सिवनी (SEONI) जिले के प्रतिभावान गायक प्रशांत भगत (Prashant Bhagat) ने हाल ही में अपना नया गाना “AZAADI” रिलीज़ किया है, जो सोशल मीडिया पर बहुत तेजी से वायरल हो रहा है। यह गाना न केवल युवा पीढ़ी को आकर्षित कर रहा है, बल्कि हर वर्ग के लोग इसे पसंद कर रहे हैं। गाने की दिलचस्प धुन और गहरे अर्थ वाले बोल इसे और भी खास बनाते हैं।

गाने के बारे में और प्रशांत भगत का परिचय

प्रशांत भगत, जो सिवनी जिले के रहने वाले हैं उनका गाना “AZAADI” उनकी सृजनशीलता और मेहनत का अद्भुत उदाहरण है। प्रशांत ने न केवल इस गाने को गाया है, बल्कि इसे लिखा भी है। गाने के बोल समाज के प्रति जागरूकता फैलाने और स्वतंत्रता का सही मतलब समझाने का संदेश देते हैं।

प्रशांत भगत का संगीत सफर

प्रशांत का संगीत सफर काफी प्रेरणादायक रहा है। सिवनी जैसे छोटे से जिले से अपनी शुरुआत करने वाले प्रशांत ने विभिन्न मंचों में भाग लेकर अपनी प्रतिभा को निखारा। उनकी गायकी की खासियत यह है कि वह अपने गानों में सामाजिक संदेश को जोड़ते हैं, जिससे लोग उनसे आसानी से जुड़ पाते हैं।

“AZAADI” गाने की खासियत

“AZAADI” गाना युवाओं के बीच जोश और उत्साह भरता है। गाने की कुछ प्रमुख विशेषताएं इस प्रकार हैं:

  • गहरे अर्थ वाले बोल: गाने के बोल स्वतंत्रता का सही अर्थ बताते हैं और समाज में बदलाव की आवश्यकता पर जोर देते हैं।
  • आधुनिक और लोकसंगीत का मिश्रण: गाने में आधुनिक बीट्स और लोकसंगीत का सुंदर मेल है, जो इसे सभी वर्गों के लिए आकर्षक बनाता है।
  • प्रेरणादायक संदेश: यह गाना युवाओं को अपने अधिकारों के लिए खड़ा होने और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए प्रेरित करता है।

सोशल मीडिया पर गाने की लोकप्रियता

गाना “AZAADI” सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स जैसे यूट्यूब, फेसबुक, इंस्टाग्राम और ट्विटर पर जबरदस्त प्रतिक्रिया बटोर रहा है।

  • इंस्टाग्राम रील्स: कई यूजर्स इस गाने पर रील्स बना रहे हैं, जिससे इसकी लोकप्रियता और बढ़ गई है।
  • फेसबुक पर शेयर: गाने को लोग बड़ी संख्या में शेयर कर रहे हैं, जिससे यह देशभर में वायरल हो रहा है।

गाने के बोल और उनका महत्व

गाने के बोल न केवल मनोरंजन प्रदान करते हैं, बल्कि समाज को एक सकारात्मक संदेश भी देते हैं। इसमें स्वतंत्रता के वास्तविक अर्थ को समझाया गया है और यह बताया गया है कि केवल व्यक्तिगत स्वतंत्रता ही नहीं, बल्कि समाज की भलाई के लिए भी स्वतंत्रता का उपयोग किया जाना चाहिए।

प्रशांत भगत ने अपने फैंस को यह वादा किया है कि वह आगे भी इसी तरह के प्रेरणादायक गाने लेकर आएंगे। उनकी योजना है कि वह भारतीय संगीत को अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाएं और अपनी कला के माध्यम से समाज में बदलाव लाएं।

सिवनी: ड्रीमलैण्ड सिटी में सालों बाद हुई बड़ी कार्यवाही, ड्रीमलैण्ड सिटी के 103 प्लॉटो की नीलामी 28 फरवरी को

सिवनी: तहसील कार्यालय सिवनी द्वारा जारी की गई सूचना के अनुसार, ग्राम डोरली छतरपुर स्थित भूमि खसरा क्रमांक 14/14, 14/7, 15/1, 16, 17/3, 18/3 एवं 20/1 पर निर्मित ड्रीमलैण्ड सिटी पार्ट-2, पार्ट बी में कुल 411 भूखंडों में से 103 बंधक रखे गए भूखंडों का घोष विक्रय 28 फरवरी 2025 को किया जाएगा।

तहसीलदार सिवनी ने जानकारी दी कि यह निर्णय विकास कार्य न कराए जाने की वजह से लिया गया है। वर्ष 2012 में विकास कार्य की अनुमति लेने के बावजूद निर्धारित विकास कार्य पूरे नहीं किए गए। ऐसे में, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) ने ग्राम पंचायत डोरली छतरपुर में स्थित इन बंधक भूखंडों को विक्रय किए जाने के आदेश जारी किए हैं।

ड्रीमलैण्ड सिटी पार्ट-2: क्या है मामला?

ड्रीमलैण्ड सिटी पार्ट-2 परियोजना की शुरुआत वर्ष 2012 में हुई थी। इस परियोजना के अंतर्गत विकास कार्य के लिए अनुमति तो प्राप्त की गई, लेकिन समय सीमा में आवश्यक सुविधाएं और निर्माण कार्य पूरे नहीं किए गए।

बंधक भूखंडों की स्थिति

  • परियोजना क्षेत्र: 12.90 हेक्टेयर भूमि
  • खसरा क्रमांक: 14/14, 14/7, 15/1, 16, 17/3, 18/3 एवं 20/1
  • कुल भूखंड: 411
  • बंधक भूखंड: 103

बंधक भूखंडों की नीलामी की प्रक्रिया

घोष विक्रय का समय और स्थान

नीलामी की प्रक्रिया 28 फरवरी 2025 को तहसील कार्यालय सिवनी (भाग दो) में आयोजित की जाएगी। यह प्रक्रिया दोपहर 12 बजे से शुरू होगी। इच्छुक व्यक्तियों को नीलामी में भाग लेने और प्लॉट के लिए बोली लगाने का अवसर मिलेगा।

नीलामी में भाग लेने के नियम

  1. एकमुश्त राशि जमा करना अनिवार्य: नीलामी में स्वीकृत राशि को तुरंत जमा करना होगा।
  2. गाइडलाइन के अनुसार मूल्य निर्धारण: उपपंजीयक सिवनी द्वारा जारी वर्तमान गाइडलाइन के आधार पर प्लॉट की न्यूनतम कीमत निर्धारित की गई है।
  3. बोली प्रक्रिया में भागीदारी: इच्छुक व्यक्ति नीलामी स्थल पर पंजीकरण करवाकर भाग ले सकते हैं।

ड्रीमलैण्ड सिटी में विकास कार्य की कमी

विकास कार्य न होने के कारण:

  • सड़क निर्माण अधूरा: योजना में शामिल सड़कें अब तक पूरी नहीं बनी हैं।
  • पानी और बिजली की व्यवस्था नहीं: परियोजना क्षेत्र में पानी और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई गई हैं।
  • सीवेज सिस्टम का अभाव: सीवेज नेटवर्क का निर्माण भी अधूरा पड़ा है।

इन खामियों के कारण अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) ने परियोजना के 103 प्लॉटों को बंधक रखकर विक्रय करने का निर्णय लिया है।

इच्छुक निवेशकों के लिए सुनहरा अवसर

घोष विक्रय में प्लॉट खरीदने के फायदे

  1. कम कीमत में प्लॉट खरीदने का मौका: वर्तमान गाइडलाइन के अनुसार निर्धारित न्यूनतम कीमत पर प्लॉट खरीदे जा सकते हैं।
  2. भविष्य में लाभ की संभावना: यदि विकास कार्य फिर से शुरू होते हैं, तो इन प्लॉटों की कीमत में वृद्धि हो सकती है।
  3. अच्छी लोकेशन: ड्रीमलैण्ड सिटी की लोकेशन निवेश के लिए आदर्श मानी जा रही है।

निवेश करने से पहले ध्यान देने योग्य बातें

  • प्लॉट की वर्तमान स्थिति की जांच करें।
  • विक्रय प्रक्रिया के नियमों और शर्तों को भली-भांति समझें।
  • भविष्य में विकास कार्य की संभावनाओं का मूल्यांकन करें।

बंधक भूखंडों की नीलामी के पीछे सरकारी कदम

सख्त सरकारी कार्रवाई

सरकार ने बंधक भूखंडों की नीलामी का निर्णय यह सुनिश्चित करने के लिए लिया है कि आवासीय योजनाएं केवल नाम मात्र की न रह जाएं। विकास कार्य न कराने वाले डेवलपर्स पर दबाव बनाने के लिए यह एक प्रभावी कदम है।

भविष्य की योजनाओं पर प्रभाव

  • ऐसी नीलामी प्रक्रियाएं भविष्य में अन्य परियोजनाओं के लिए संदेश होंगी।
  • इससे निवेशकों को परियोजनाओं की पारदर्शिता पर भरोसा बढ़ेगा।

ड्रीमलैण्ड सिटी के 103 बंधक प्लॉटों की नीलामी न केवल सरकारी सख्ती का परिणाम है, बल्कि यह निवेशकों के लिए भी एक महत्वपूर्ण अवसर है। 28 फरवरी 2025 को आयोजित होने वाली इस नीलामी में भाग लेकर इच्छुक व्यक्ति भविष्य में लाभ प्राप्त कर सकते हैं। यह प्रक्रिया न केवल आवासीय योजनाओं की पारदर्शिता बढ़ाएगी, बल्कि निवेशकों के भरोसे को भी सुदृढ़ करेगी।

सिवनी में सीएम मोहन यादव ने 190 करोड़ रुपये लागत के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया

CM MOHAN YADAV IN SEONI: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, प्रभारी मंत्री श्री करण वर्मा और अन्य जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में 190 करोड़ रुपये की लागत के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया गया। इस समारोह ने जिले को विकास की नई ऊंचाइयों पर ले जाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम रखा। आइए जानते हैं इन कार्यों के बारे में विस्तार से।

42 विकास कार्यों का भूमिपूजन: 104.066 करोड़ रुपये की लागत

लोक निर्माण विभाग (भ/स) सिवनी के अंतर्गत निम्नलिखित सड़कों का भूमिपूजन किया गया:

  • चिरचिरा कोठीघाट मार्ग: 6.28 किमी लंबाई, लागत 8.316 करोड़ रुपये।
  • कुरई नर्सरी से हरदुली मार्ग: 2.80 किमी लंबाई, लागत 3.00 करोड़ रुपये।
  • मलारा से जमखारी मार्ग: 4.10 किमी लंबाई, लागत 4.80 करोड़ रुपये।

जल संसाधन विभाग सिवनी के अंतर्गत प्रमुख परियोजनाएं:

  • गुनगुच लघु सिंचाई परियोजना: लागत 23.53 करोड़ रुपये।
  • एनआरएचएम स्वास्थ्य विभाग के तहत 15.6 करोड़ रुपये की लागत से 24 उप स्वास्थ्य केंद्रों का भूमिपूजन।

जनजातीय कार्य विभाग सिवनी ने 48.82 करोड़ रुपये की लागत से 14 छात्रावासों का निर्माण आरंभ किया, जिनमें शामिल हैं:

  • शासकीय आदिवासी सीनियर बालक छात्रावास सरेखा, टुरिया, पिपरवानी और कटिया।
  • बालिका आश्रम चंदनवाड़ा और नवीन बालिका आश्रम खखरिया।

30 विकास कार्यों का लोकार्पण: 85.55 करोड़ रुपये की लागत

लोक निर्माण विभाग सिवनी द्वारा निम्नलिखित सड़कों का लोकार्पण किया गया:

  • उगली-गोरखपुर मार्ग: 2.34 किमी लंबाई, लागत 2.12 करोड़ रुपये।
  • भादूटोला से पीपरदौन मार्ग: 1.725 किमी लंबाई, लागत 1.81 करोड़ रुपये।
  • पिंडरई-खंडासा मार्ग: 7.30 किमी लंबाई, लागत 5.57 करोड़ रुपये।

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी सेवा विभाग द्वारा 21.89 करोड़ रुपये की लागत से 52 ग्रामों में एकल नल जल योजनाओं का लोकार्पण किया गया।

जल संसाधन विभाग सिवनी के तहत:

  • बंजरटोला बैराज परियोजना: लागत 4.135 करोड़ रुपये।
  • थांवरझोड़ी जलाशय परियोजना: लागत 12.56 करोड़ रुपये।

एनआरएचएम स्वास्थ्य विभाग ने 49 लाख रुपये की लागत से कई उप स्वास्थ्य केंद्रों का लोकार्पण किया, जिनमें शामिल हैं:

  • इंदावाड़ी, झित्तर्रा, गुबरिया और खुर्सीपारमाल।

जिले को विकास की नई सौगातें

इन परियोजनाओं का उद्देश्य सड़कों, जल संसाधनों, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार करना है। इस प्रकार, यह कदम क्षेत्रीय समृद्धि और नागरिकों के जीवन स्तर में सुधार के लिए एक प्रभावशाली पहल है।

सिवनी में 18 जनवरी को पीएम मोदी के साथ सीएम मोहन यादव स्वामित्व योजना में वितरित करेंगे सम्पत्ति कार्ड

Seoni News: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 18 जनवरी को मध्यप्रदेश के 15 लाख 63 हजार से अधिक हितग्राहियों को प्रधानमंत्री स्वामित्व योजना के तहत ई-वितरण कार्यक्रम में सम्पत्ति कार्ड वितरित करेंगे, साथ ही योजना के लाभार्थी कार्ड-धारकों के साथ वर्चुअल संवाद भी करेंगे। मुख्यमंत्री मोहन यादव सिवनी में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में शामिल होंगे

मध्य प्रदेश के जिला मुख्यालयों पर भी कार्यक्रम होगा, जिसमें केन्द्रीय मंत्री, प्रदेश के मंत्रीगण, सांसद और विधायक सहभागिता करेंगे।

MP में स्वामित्व योजना में 88 प्रतिशत कार्य पूर्ण

स्वामित्व योजना प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों की आबादी भूमि पर (25 सितम्बर, 2018 के पूर्व) निवासरत व्यक्तियों को अधिकार अभिलेख प्रदान करने की योजना है। इसका प्रारंभ 7 जुलाई, 2020 को किया गया। योजना अंतर्गत प्राप्त अधिकार अभिलेखों का प्रयोग हितग्राहियों द्वारा बैंक से ऋण, सम्पति को बंधक रखने तथा सम्पति को विक्रय करने में किया जा सकता है।

प्रदेश में कुल आबादी क्षेत्रों में सर्वेक्षित निजी सम्पतियों की संख्या लगभग 45.60 लाख अनुमानित है। इसमें से लगभग 39.63 लाख निजी सम्पतियों का कार्य पूर्ण किया जा चुका है, जो निर्धारित लक्ष्य का 88 प्रतिशत है।

अभी तक अधिकार अभिलेख वितरण के कार्यक्रम में 24 लाख निजी अधिकार अभिलेखों का वितरण किया जा चुका है। प्रधानमंत्री श्री मोदी द्वारा 18 जनवरी को 15.63 लाख से अधिक हितग्राहियों को अधिकार अभिलेख (ई-सम्पत्ति कार्ड) वितरित किये जायेंगे।

राज्य स्तरीय कार्यक्रम का सजीव प्रसारण होगा। जिलों में प्रतिभागियों के लिये प्रशिक्षण-सह-अभिविन्यास सत्र होगा, जिसमें स्वामित्व योजना और मेरी पंचायत ऐप का उपयोग, पंचायत राज संस्थाओं से संबंधित विषय शामिल होंगे।

किस जिले में कौन होगा शामिल

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सिवनी जिले में होने वाले राज्य स्तरीय कार्यक्रम में शामिल होंगे। केन्द्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया गुना, केन्द्रीय मंत्री डॉ. वीरेन्द्र कुमार टीकमगढ़, केन्द्रीय महिला एवं बाल विकास राज्यमंत्री श्रीमती सावित्री ठाकुर धार, स्पीकर विधानसभा श्री नरेन्द्र सिंह तोमर मुरैना, उप मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा देवास, उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल रीवा, जनजातीय कार्य, लोक परिसंपत्ति प्रबंधन, भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह रतलाम, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल मंडला, परिवहन, स्कूल शिक्षा मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह बालाघाट, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्रीमती संपतिया उईके उमरिया, जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट इंदौर, किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री श्री एंदल सिंह कंषाना दतिया, महिला एवं बाल विकास मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया झाबुआ, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत नरसिंहपुर, खेल एवं युवा कल्याण, सहकारिता मंत्री श्री विश्वास सारंग शाजापुर, सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण, उद्यानिकी तथा खाद्य प्र-संस्करण मंत्री श्री नारायण सिंह कुशवाह निवाड़ी, अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री श्री नागर सिंह चौहान आगर-मालवा, ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर शिवपुरी, नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री श्री राकेश शुक्ला श्योपुर, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री श्री चैतन्य काश्यप राजगढ़, उच्च शिक्षा, आयुष, तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री इंदर सिंह परमार पन्ना, संस्कृति, पर्यटन, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री धर्मेन्द्र भाव सिंह लोधी खंडवा, कुटीर एवं ग्रामोद्योग राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री दिलीप जायसवाल सीधी, कौशल विकास एवं रोजगार राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री गौतम टेटवाल उज्जैन, पशुपालन एवं डेयरी राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री लखन पटेल विदिशा, मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री नारायण सिंह पवार रायसेन के कार्यक्रम में शामिल होंगे।

इसी प्रकार लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा राज्यमंत्री श्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल बैतूल, नगरीय विकास एवं आवास राज्यमंत्री श्रीमती प्रतिमा बागरी सतना, वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री श्री दिलीप अहिरवार सिंगरौली, पंचायत एवं ग्रामीण विकास राज्यमंत्री श्रीमती राधा सिंह मैहर, सांसद डॉ. सुमेर सिंह सोलंकी अलीराजपुर में, सांसद श्री भारत सिंह कुशवाह ग्वालियर, सांसद श्री विष्णुदत्त शर्मा छतरपुर, सांसद श्री बंटी विवेक साहू छिंदवाड़ा, सांसद श्री आशीष दुबे जबलपुर, सांसद श्री राहुल सिंह लोधी दमोह, सांसद श्री दर्शन सिंह चौधरी नर्मदापुरम, सांसद राज्यसभा श्रीमती कविता पाटीदार नीमच, सांसद राज्यसभा श्रीमती माया सिंह नरोलिया पांर्डुना, सांसद श्री गजेन्द्र सिंह बड़वानी, सांसद श्री ज्ञानेश्वर पाटिल बुरहानपुर, सांसद श्री सुधीर गुप्ता मंदसौर, सांसद श्रीमती लता वानखेड़े सागर, सांसद श्री जनार्दन मित्रा मऊगंज में, विधायक श्री बृजेन्द्र सिंह यादव अशोकनगर में और विधायक श्री नरेन्द्र सिंह कुशवाह भिंड में शामिल होंगे।