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Vikramaditya Vedic Ghadi APP: उज्जैन में 30 मार्च को लॉन्च होगा दुनिया की पहली डिजिटल वैदिक घड़ी का मोबाइल एप

Vikramaditya Vedic Ghadi APP 30 मार्च को उज्जैन में लॉन्च होगी, यह दुनिया की पहली डिजिटल वैदिक घड़ी है, जो वैदिक समय गणना को आधुनिक तकनीक से जोड़ती है। भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक राजधानी उज्जैन एक और ऐतिहासिक क्षण की साक्षी बनने जा रही है। 30 मार्च को मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व में Vikramaditya Vedic Ghadi APP और वेबसाइट Vedic Standard Time लॉन्च की जाएगी। यह पहल भारत की वैदिक कालगणना को आधुनिक तकनीक से जोड़ने का एक अनूठा प्रयास है, जो भारतीय ज्योतिष, खगोल विज्ञान और परंपरागत समय गणना प्रणाली को एक नया आयाम प्रदान करेगा।

Vikramaditya Vedic Ghadi APP क्या है?

Vikramaditya Vedic Ghadi APP एक डिजिटल एप्लिकेशन है, जो वैदिक समय प्रणाली को आधुनिक घड़ी प्रणाली के साथ एकीकृत करता है। इस घड़ी की मदद से उपयोगकर्ता वैदिक मुहूर्त, पंचांग, नक्षत्रों की स्थिति, तिथि, योग, करण और राहुकाल की सटीक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

यह घड़ी सूर्योदय और सूर्यास्त के आधार पर स्वचालित रूप से 30 वैदिक मुहूर्त प्रदान करेगी, जिससे धार्मिक, ज्योतिषीय और दैनिक कार्यों के लिए सबसे शुभ समय का चयन करना आसान होगा।

Vikramaditya Vedic Ghadi APP की विशेषताएं

180+ भाषाओं में उपलब्ध

यह एप 180 से अधिक भाषाओं में उपलब्ध होगा, जिससे दुनियाभर के लोग इसे अपनी मातृभाषा में आसानी से समझ और उपयोग कर सकेंगे।

नक्षत्रों की लाइव स्थिति

एप में नक्षत्रों की वास्तविक समय स्थिति और उनके प्रभाव की जानकारी दी जाएगी, जिससे ज्योतिषाचार्य और आम लोग अपनी दिनचर्या को सही ढंग से व्यवस्थित कर सकें।

30 स्वचालित मुहूर्त प्रतिदिन

यह एप प्रत्येक दिन 30 वैदिक मुहूर्त प्रदान करेगा, जो सूर्योदय और सूर्यास्त के आधार पर समायोजित होंगे। यह विशेष रूप से उन लोगों के लिए उपयोगी होगा, जो शुभ कार्यों के लिए उचित समय ढूंढते हैं।

तिथि, योग, करण और राहुकाल अलर्ट

एप उपयोगकर्ताओं को तिथि, योग, करण और राहुकाल की सटीक जानकारी और अलर्ट प्रदान करेगा, जिससे वे अपने दैनिक जीवन में उचित निर्णय ले सकें।

अभिजीत मुहूर्त की जानकारी

अभिजीत मुहूर्त को सबसे शुभ समय माना जाता है, विशेष रूप से कार्य सिद्धि के लिए। इस एप में इसकी सटीक गणना और सूचना उपलब्ध होगी।

आधुनिक और वैदिक समय प्रणाली का संयोजन

यह एप न केवल 24-घंटे की आधुनिक घड़ी प्रणाली बल्कि वैदिक समय गणना को भी शामिल करेगा, जिससे दोनों का संतुलित उपयोग संभव होगा।

पूजा और धार्मिक कार्यों के लिए सर्वोत्तम समय की जानकारी

ध्यान, जप, हवन, पूजा आदि के लिए सबसे उपयुक्त समय की सूचना इस एप में उपलब्ध होगी।

सूर्य, चंद्रमा और ग्रहों की वास्तविक स्थिति की जानकारी

एप सूर्य, चंद्रमा और प्रमुख ग्रहों की लाइव स्थिति की जानकारी देगा, जिससे ज्योतिषीय विश्लेषण और शुभ-अशुभ समय का सटीक निर्धारण किया जा सके।

स्वचालित भौगोलिक समायोजन

एप देशांतर और अक्षांश के अनुसार स्वचालित रूप से समय समायोजित करेगा, जिससे विभिन्न स्थानों पर रहने वाले लोग सटीक वैदिक समय का उपयोग कर सकेंगे।

Vikramaditya Vedic Ghadi APP का महत्व

भारतीय संस्कृति और ज्योतिष का पुनरुत्थान

यह एप भारतीय ज्योतिषीय परंपराओं और खगोल विज्ञान को आधुनिक वैज्ञानिक दृष्टिकोण से जोड़ता है। इससे भारतीय समय गणना को पुनः प्रतिष्ठित करने में मदद मिलेगी।

धार्मिक और आध्यात्मिक कार्यों में उपयोगी

अनेक धार्मिक अनुष्ठान और पूजा-पद्धतियाँ विशेष मुहूर्त पर की जाती हैं। यह एप उपयोगकर्ताओं को सही समय पर धार्मिक गतिविधियाँ करने में मदद करेगा।

वैश्विक स्तर पर भारतीय समय प्रणाली की पहचान

वैदिक समय प्रणाली को एक डिजिटल स्वरूप में प्रस्तुत करके, इसे विश्व स्तर पर मान्यता दिलाने का प्रयास किया जा रहा है।

Vikramaditya Vedic Ghadi APP कैसे डाउनलोड करें?

यह एप Android और iOS प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होगा। उपयोगकर्ता इसे Google Play Store और Apple App Store से डाउनलोड कर सकते हैं।

Vikramaditya Vedic Ghadi APP के संभावित उपयोगकर्ता

  • ज्योतिषी और पंडित – ज्योतिषीय गणनाओं और मुहूर्त निर्धारण में सहायता के लिए
  • धार्मिक और आध्यात्मिक व्यक्ति – पूजा, जप, हवन और ध्यान के लिए सर्वोत्तम समय जानने हेतु
  • विद्यार्थी और शोधकर्ता – वैदिक कालगणना और भारतीय समय प्रणाली का अध्ययन करने के लिए
  • वैश्विक भारतीय समुदाय – विदेश में रहने वाले भारतीयों को वैदिक समय अनुसार कार्य करने में सहायता

Vikramaditya Vedic Ghadi APP की भविष्य की संभावनाएं

अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर विस्तार

एप को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न भाषाओं और समय क्षेत्रों के अनुसार विकसित किया जाएगा।

संशोधित संस्करण और नई विशेषताएँ

भविष्य में एप को नवीनतम तकनीकों के साथ अपग्रेड किया जाएगा, जिससे इसमें और अधिक सुविधाएँ जोड़ी जा सकें।

FAQs

Vikramaditya Vedic Ghadi APP क्या है?

यह एक डिजिटल वैदिक घड़ी एप है, जो आधुनिक घड़ी प्रणाली के साथ वैदिक कालगणना को समाहित करता है।

यह एप किन-किन भाषाओं में उपलब्ध होगा?

यह एप 180 से अधिक भाषाओं में उपलब्ध होगा।

क्या यह एप निशुल्क उपलब्ध होगा?

हाँ, यह एप निशुल्क डाउनलोड किया जा सकेगा, लेकिन कुछ प्रीमियम सुविधाएँ हो सकती हैं।

यह एप धार्मिक कार्यों में कैसे मदद करेगा?

यह पूजा, जप, हवन और ध्यान के लिए सबसे शुभ समय की जानकारी देगा।

क्या इस एप में पंचांग की जानकारी भी मिलेगी?

हाँ, यह एप तिथि, योग, करण, नक्षत्र, राहुकाल आदि की सटीक जानकारी प्रदान करेगा।

क्या यह एप वैज्ञानिक दृष्टिकोण से प्रमाणित है?

हाँ, यह एप भारतीय खगोल विज्ञान और ज्योतिष पर आधारित गणनाओं से प्रमाणित है।

Vikramaditya Vedic Ghadi APP एक अद्वितीय प्रयास है, जो भारत की प्राचीन वैदिक कालगणना को डिजिटल क्रांति से जोड़ता है। यह न केवल भारतीय परंपराओं को संरक्षित करेगा, बल्कि आधुनिक विज्ञान के साथ समन्वय भी स्थापित करेगा। उज्जैन से शुरू हुई यह क्रांति पूरी दुनिया में भारतीय समय गणना की श्रेष्ठता को सिद्ध करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

MP BOARD EXAM: कक्षा 10 और 12 की नहीं होगी सप्लीमेंट्री परीक्षा, साल में दो मुख्य परीक्षाओं का मिलेगा मौका- मध्य प्रदेश सरकार

MP BOARD CLASS 10TH, 12TH EXAM NEWS: मध्य प्रदेश सरकार के स्कूल शिक्षा विभाग मंत्रालय द्वारा एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है, जिसके तहत अब कक्षा 10 (हाई स्कूल) और कक्षा 12 (हायर सेकेंडरी) की वार्षिक परीक्षा के बाद सप्लीमेंट्री परीक्षा का आयोजन नहीं होगा। इसके स्थान पर, साल में दो मुख्य परीक्षाओं का आयोजन किया जाएगा, जिससे छात्र अपने शैक्षणिक वर्ष को बचा सकते हैं। इस नए नियम के अनुसार, पहली परीक्षा में असफल (फेल) अथवा सप्लीमेंट्री प्राप्त छात्रों को भी कॉलेज में प्रवेश का अवसर मिलेगा

माध्यमिक शिक्षा मंडल विनियम 1965 में संशोधन

मध्य प्रदेश के राजपत्र दिनांक 21 मार्च 2025 क्रमांक 92 में यह प्रकाशित किया गया कि माध्यमिक शिक्षा मंडल (MP Board) अब हाई स्कूल और हायर सेकेंडरी की दो परीक्षाएं आयोजित करेगापहली मुख्य परीक्षा फरवरी-मार्च में और दूसरी परीक्षा जुलाई-अगस्त में कराई जाएगी।

फेल होने के बाद भी अगली कक्षा में प्रवेश मिलेगा

जो छात्र पहली परीक्षा में असफल होंगे और दूसरी परीक्षा में शामिल होने के इच्छुक होंगे, उन्हें अस्थायी रूप से अगली कक्षा में प्रवेश लेने की अनुमति दी जाएगी। इस दौरान, यदि वे दूसरी परीक्षा में उत्तीर्ण हो जाते हैं, तो उनकी उपस्थिति वैध मानी जाएगी और वे अपनी पढ़ाई बिना रुकावट जारी रख सकेंगे

मेरिट सुधारने के लिए भी अवसर मिलेगा

जो छात्र पहली परीक्षा में अनुपस्थित रहे हों या असफल हुए हों, वे दूसरी परीक्षा में शामिल हो सकते हैं। इसके अतिरिक्त, वे छात्र जो पहली परीक्षा में पास हो चुके हैं लेकिन अंकों में सुधार करना चाहते हैं, वे भी दूसरी परीक्षा में सम्मिलित हो सकते हैं

प्रायोगिक परीक्षा के नियमों में बदलाव

प्रायोगिक विषयों के लिए भी नए नियम लागू किए गए हैं। अब, जो छात्र प्रायोगिक परीक्षा में फेल होंगे, उन्हें केवल फेल हुए भाग को ही दोबारा देने का अवसर मिलेगा

द्वितीय परीक्षा में शामिल होने के लिए आवेदन अनिवार्य

छात्रों को दूसरी परीक्षा में शामिल होने के लिए निर्धारित शुल्क के साथ परीक्षा आवेदन-पत्र भरना होगा। हालांकि, छात्र पहली परीक्षा में चुने गए विषयों में बदलाव नहीं कर सकेंगे

द्वितीय परीक्षा का परिणाम और पुनर्गणना

दूसरी परीक्षा का परिणाम मंडल अध्यक्ष के आदेश से प्रकाशित किया जाएगा। इस परीक्षा के लिए परीक्षा परिणाम समिति की बैठक की आवश्यकता नहीं होगी। यदि कोई छात्र अपने अंकों की पुनर्गणना करवाना चाहता है, तो वह मंडल के नियमों के अनुसार आवेदन कर सकता है

नए नियम से छात्रों को क्या लाभ होगा?

  1. साल खराब नहीं होगा – अब छात्रों को पूरा एक साल दोबारा पढ़ने की जरूरत नहीं होगी। वे इसी साल दोबारा परीक्षा देकर उत्तीर्ण हो सकते हैं
  2. कॉलेज में प्रवेश का अवसर – फेल छात्रों को कॉलेज में प्रवेश लेने का अवसर मिलेगा, जिससे वे आगे की पढ़ाई जारी रख सकेंगे।
  3. अंकों में सुधार का मौका – जो छात्र अपने अंकों में सुधार करना चाहते हैं, वे दूसरी परीक्षा देकर अपने परिणाम को बेहतर बना सकते हैं
  4. तनाव में कमी – छात्रों पर साल खराब होने का मानसिक दबाव नहीं रहेगा, जिससे उनका शैक्षणिक प्रदर्शन बेहतर होगा

नए संशोधन का आधिकारिक नोटिफिकेशन

मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल ने विनियम 1965 के अध्याय 26 में संशोधन करते हुए विनियम 197 के मद घ में “पूरक” शब्द को “द्वितीय” में बदल दिया है। इस निर्णय से यह स्पष्ट होता है कि अब MP Board सप्लीमेंट्री परीक्षा की जगह द्वितीय परीक्षा आयोजित करेगा

मध्य प्रदेश सरकार का यह निर्णय छात्रों के भविष्य के लिए एक क्रांतिकारी कदम है। इससे फेल या सप्लीमेंट्री प्राप्त छात्रों को दोबारा मौका मिलेगा, जिससे वे अपना साल बर्बाद किए बिना आगे की पढ़ाई कर सकेंगे। यह नियम छात्रों के शैक्षिक विकास को बढ़ावा देने के साथ-साथ उनके करियर को सुरक्षित बनाने में मदद करेगा

सिवनी: केवलारी में 8 एकड़ फसल जलकर हुई खाक, प्रशासन नींद में; खून के आंसू बहाने को मजबूर हुए किसान

सिवनी, केवलारी। मध्य प्रदेश के सिवनी जिले के केवलारी तहसील में आगजनी की एक भयावह घटना सामने आई है, जिसमें किसान की वर्षों की मेहनत पलभर में राख में तब्दील हो गई। ग्राम चावरमार के किसान तुलसीराम ठाकुर की 8 एकड़ जमीन पर खड़ी गेहूं की फसल जलकर पूरी तरह नष्ट हो गई। प्रशासन की लापरवाही और अग्निशमन व्यवस्था के अभाव ने किसानों की पीड़ा को और गहरा कर दिया है।

देखते ही देखते जलकर राख हो गई पूरी फसल

घटना के अनुसार, अचानक लगी आग ने तुलसीराम ठाकुर के खेत को अपनी चपेट में ले लिया। तेज़ हवाओं के कारण आग तेजी से फैल गई और देखते ही देखते 8 एकड़ में खड़ी गेहूं की फसल जलकर पूरी तरह खाक हो गई। ग्रामीणों ने आग पर काबू पाने की भरसक कोशिश की, लेकिन फायर ब्रिगेड के समय पर न पहुंचने के कारण किसानों की मेहनत राख में बदल गई।

प्रशासन की लापरवाही बनी किसानों के लिए अभिशाप

गांव के किसानों का कहना है कि उन्होंने कई बार प्रशासन से फायर ब्रिगेड की सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की थी, लेकिन उनकी फरियाद अनसुनी कर दी गई। नतीजतन, जब इस तरह की आपातकालीन स्थिति आई, तो प्रशासन की लापरवाही और अग्निशमन सुविधाओं के अभाव ने किसान को भारी नुकसान झेलने के लिए मजबूर कर दिया।

किसानों की हालत बद से बदतर

इस घटना के बाद किसान तुलसीराम ठाकुर और उनका परिवार गहरे सदमे में है। उनकी फसल पूरी तरह नष्ट हो गई है, जिससे आर्थिक संकट और कर्ज का बोझ बढ़ गया है। उन्होंने सरकार से मुआवजे की मांग की है, ताकि उनकी जीविका चल सके।

ग्रामीणों में आक्रोश, शासन-प्रशासन से जवाबदेही की मांग

घटना के बाद गांव के किसानों और ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। वे प्रशासन से पूछ रहे हैं कि आखिर कब तक किसानों की मेहनत इस तरह जलती रहेगी? उन्होंने फसल बीमा, उचित मुआवजा और अग्निशमन सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।

सरकार से उम्मीद, लेकिन कब मिलेगी राहत?

अब यह देखना होगा कि प्रशासन इस गंभीर मुद्दे को कितनी प्राथमिकता देता है और प्रभावित किसान को क्या कोई आर्थिक सहायता मिलती है या नहीं। सरकार की नीतियां किसानों के लिए कितनी कारगर साबित होती हैं, यह आने वाला समय बताएगा। लेकिन इस घटना ने प्रशासन की उदासीनता और ग्रामीण इलाकों में आपदा प्रबंधन की कमी को उजागर कर दिया है।

श्री मद भागवत महापुराण ज्ञान यज्ञ सम्पन्न: देवी माता मंदिर धारनाकला में सप्त दिवसीय कथा का समापन

सिवनी: सिवनी जिले के बरघाट में अन्तिम दिवस की कथा मे कथा वाचक बृजेस्वरी देवी ने सुदाम देव की कथा का वर्णन करते हुऐ कहा की सुदामा बाल्यकाल से ही गुरूकुल की शिक्षा ग्रहण के समय से भगवान के परम सखा के रूप मे रहे है तथा सखा के साथ साथ भगवान के परम भक्त रहे है सुदामा शास्त्र के अनुसार अयोचित ब्राम्हण के रूप मे जाने जाते थे.

सुदामा जी जिन्हे चार वेद तथा छै शास्त्र का ञान उनके कंठस्थ मे समाया हुआ था सुदामा जी सिर्फ अपनी लगन मे ही मस्त रहते थे और हमेशा भगवान की भक्ति मे ही तल्लीन रहते थे सुदामा जी गरीब जरूर थे किन्तु स्वाभिमानी थे जो अपनी आवश्यकता के अनुसार ही पांच घर की भिक्षा स्वीकार कर अपना जीवन व्यापन करते थे किन्तु चारो पहर भगवान नाम के स्मरण मे ही मस्त रहते थे.

चार वेद तथा छै शास्त्र का ञान होते हुऐ भी सुदामा जी ने कभी भी इस ञान का उपयोग धन अर्जित करने के लिये नही किया वे घर पर ही भगवान की कथा मे मस्त रहा करते थे सुदामा जी की पत्नि सुशीला जैसा नाम था वैसे ही सुशील थी तथा पतिव्रत धर्म के पालन मे हमेशा अपने पति सुदामा के धर्म तथा कर्म का हिस्सा बनी रहती थी धन्य है सुशीला जैसा नाम वैसा ही सुशीला का जीवन के प्रति आचरण भी था जो अपने पति सुदामा के साथ दुख और सुख मे भी भूखे रहकर पतिव्रत धर्म मे अडिग रहा करती थी सुदामा जी घर पर ही अपनी पत्नि सुशीला को भगवान की कथा का रसपान कराया करते थे

नारी शक्ति ही जीवन सुधारने के लिये करती है प्रेरित

अन्तिम दिवस की कथा मे कथा वाचक बृजे स्वरी देवी ने कहा की हमेशा पत्नि सुशीला को सुदामा जी भगवान की कथा का रसपान कराते थे किन्तु अपने पति सुदामा को भगवान से मिलने के सुशीला ने प्रेरित किया तथा कहा की भगवान कृष्ण जरूर आपके मित्र है किन्तु मित्र से पहले वे जगत के परम पिता भी है क्या आपको उनके दर्शन के लिये नही जाना चाहिये तब सुदामा जी का अभिमान का छय हुआ है तथा सुदामा जी ने अपने मित्र तथा भगवान से मिलने का निश्चय किया है तथा पत्नि सुशीला ने भगवान से मिलन के लिये तैयार सुदामा जी के पांच घर जाकर भिक्षा प्राप्त करते हुऐ भगवान की भेट के रूप मे चिवडा कपडे मे बांधकर रखा है.

कथा मे कथा वाचक ने यह भी बताया की सुदामा जी तथा पत्नि सुशीला तथा बालक भी अनेको दिन जल पीकर ही जीवन व्यापन करते थे किन्तु भगवान की भेट के रूप मे मांगी गई भिक्षा भिक्षा के रूप मे सुशीला ने अपनी ममता का भी त्याग किया है चूकि मा स्वयं भूखी रह सकती है किन्तु अपने बालक को भूखी नही रखती धन्य है सुशीला जिसने अपनी ममता का भी त्याग भगवान के लिये किया है.

बदल दी भाग्य की रेखा

कथा के सार मे कथा वाचक ने यह भी बताया की भगवान से सुदामा का मिलन होते ही भगवान ने सुदामा के मस्तिष्क मे लिखी रेखा का छय भी किया है चूकि पूर्व जन्म के श्राप के कारण सुदामा जी भगवान के भक्त तथा ञानवान तो थे किन्तु लक्ष्मी से हीन भी थे और इसी कारण दरिद्र ब्राम्हण के रूप मे अपना जीवन व्यापन करते थे.

अपनी भाभी सुदामा जी पत्नि सुशीला के द्वारा भेजी गई भेट का निवाला ग्रहण करते ही भगवान ने सुदामा पुरी तथा द्वारका पुरी को एक कर दिया कहने का तात्पर्य जैसी द्वारका नगरी थी उसी तरह सुदामा नगरी भी परिवर्तित हो गई इस तरह भगवान ने सुदामा जी उद्धार करते हुऐ यह भी परिचय दिया की भगवान अपने भक्त के लिये सबकुछ करते है सिर्फ भक्त मे भगवान के प्रति सच्ची लगन तथा भक्ति का वास हो

कथा के अन्तिम दिन हुआ रूद्राक्ष का वितरण

यहा यह बताना भी लाजिमी है की है श्री मद भागवत महापुराण ञान यञ के साथ साथ कथा प्रांगण मे प्रति दिन भगवान शिव जी पूजा के साथ शिव अभिषेक भी सम्पन्न हुआ है एवं मार्तं शक्ति के द्वारा विधिवत रूप से भगवान शिव का अभिषेक बडी श्रद्धा और भक्ति के साथ किया गया है इस लिये कथा श्रवण करने वाले भक्तो को रूद्राक्ष का वितरण भी व्यास पीठ से किया गया तथा कथा वाचक के द्वारा सप्त दिवसीय कथा का सार बताते हुऐ कहा गया की श्री मद भागवत ऐसा फल है जिसमे न गुठली है न छिलका है इसमे सिर्फ रस ही रस है जिसका सिर्फ रसपान किया जाता है

मयूर दुबे और थाना प्रभारी ओमेश्वर ठाकरे की कॉल रिकॉर्डिंग वायरल: गौरक्षकों को फंसाने की थी प्लानिंग; सुनें VIRAL AUDIO

सिवनी: हाल ही में एक चौंकाने वाला ऑडियो वायरल हुआ है जिसमें भाजयुमो नेता मयूर दुबे और टीआई कान्हीवाडा के बीच हुई बातचीत (Mayoor Dubey & Kanhiwara TI Omeshwar Thakre Viral Call Recording) ने न केवल हिंदू संगठनों में बल्कि पूरे क्षेत्र में हलचल मचा दी है। इस ऑडियो में कथित रूप से गौ तस्करों को संरक्षण देने और हिंदू नेताओं को झूठे मामलों में फंसाने की साजिश की बात सामने आई है।

वायरल ऑडियो में क्या है?

मयूर दुबे को कथित तौर पर यह कहते हुए सुना जा सकता है:

“हम पैसे देंगे, सारा खर्च वहन करेंगे… अपने निजी नंबर पर एक व्हाट्सएप संदेश भेजें, गाड़ी कहीं भी नहीं रुकनी चाहिए… यह एडवांस है, बाकी नकद… बाद में, हम उन लोगों को घसीटेंगे और पीटेंगे जिन्होंने आपके या मेरे खिलाफ शिकायत की थी।”

इस क्लिप में पुलिस अधिकारी ओमेश्वर ठाकरे भी कथित रूप से दुबे को यह बताते हुए सुने गए कि विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के वरिष्ठ नेताओं को कुछ व्यक्तियों,की संदिग्ध गतिविधियों के बारे में जानकारी दी गई है।

प्रशासन की प्रतिक्रिया: निष्पक्ष जांच का वादा

हालांकि, खबर सत्ता इस ऑडियो क्लिप की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता, लेकिन सिवनी जिले के पुलिस अधीक्षक (SP) ने पुष्टि की है कि इस मामले में कार्रवाई शुरू कर दी गई है

सिवनी SP का बयान:

“शनिवार सुबह मुझे मामले की जानकारी मिली। ऑडियो की पुष्टि के लिए एएसपी (सहायक पुलिस अधीक्षक) के नेतृत्व में जांच के आदेश दिए गए हैं। निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए थाना प्रभारी को हटा दिया गया है।”

गौ तस्करी को लेकर बढ़ते विवाद

सिवनी मध्य प्रदेश से उत्तर प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र और तेलंगाना तक गायों की तस्करी का मुख्य मार्ग है। वर्ष 2023 में मध्य प्रदेश में गौ तस्करी के 55 से अधिक मामले दर्ज हुए, जिनमें 99 से अधिक व्यक्तियों की गिरफ्तारी और 1,300 से अधिक मवेशियों को जब्त किया गया था।

गौ तस्करी को लेकर सिवनी जिला लगातार विवादों में रहा है। वर्ष 2024 के जून माह में, स्थानीय जंगलों में 54 गायों के क्षत-विक्षत शव मिलने के बाद बड़े पैमाने पर अशांति फैल गई थी। इस घटना के बाद प्रशासन ने जिला कलेक्टर और एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी को हटा दिया था।

सिवनी में पूर्व में भी हुई हैं हिंसक घटनाएं

  • 2022: सिवनी जिले के कुरई क्षेत्र में कथित गौरक्षकों ने दो आदिवासी युवकों की हत्या कर दी थी।
  • 2023: गौ तस्करी रोकने के नाम पर पुलिस और हिंदू संगठनों के बीच कई झड़पें हुईं।
  • 2024: पुलिस और हिंदू संगठनों के बीच विश्वास की खाई और अधिक गहरी हो गई।

क्या राजनीतिक षड्यंत्र का हिस्सा है यह मामला?

विपक्षी दलों ने इस पूरे विवाद को राजनीतिक साजिश करार दिया है। कांग्रेस नेताओं ने कहा है कि:

“यह बीजेपी के आंतरिक झगड़े का नतीजा है, जिसमें हिंदुत्व की आड़ में सत्ताधारी दल अपने ही नेताओं को फंसाने का काम कर रहा है।”

जनता की प्रतिक्रिया और सोशल मीडिया पर हलचल

सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कई हिंदू संगठन इस ऑडियो क्लिप की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं, तो वहीं कई लोग इसे पुलिस और राजनीतिक नेताओं के बीच मिलीभगत का परिणाम मान रहे हैं।

न्यायिक जांच की आवश्यकता

इस पूरे मामले को लेकर सिवनी प्रशासन की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो रहे हैं

  • क्या वाकई भाजयुमो नेता मयूर दुबे और पुलिस अधिकारी ओमेश्वर ठाकरे हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं को फंसाने की साजिश में शामिल थे?
  • क्या गौ तस्करी के नाम पर राजनीतिक हित साधे जा रहे हैं?
  • पुलिस और प्रशासन गौ तस्करों के खिलाफ कितनी गंभीरता से कार्रवाई कर रहे हैं?

जनता की प्रतिक्रिया

इस पूरे मामले के सामने आने के बाद जनता में गहरा आक्रोश है। लोग प्रशासन पर निष्पक्ष जांच का दबाव बना रहे हैं और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। हिंदू संगठनों और जनता का दबाव अगर लगातार बना रहा तो संभव है कि जल्द ही इस मामले में कुछ ठोस कदम उठाए जाएं

सिवनी: कान्हीवाडा थाना प्रभारी ओमेश्वर ठाकरे लाइन अटैच, सिवनी एसपी ने की कार्रवाई

Seoni, Kanhiwada News: सिवनी जिले के कान्हीवाडा थाना प्रभारी ओमेश्वर ठाकरे को लाइन हाजिर करने का फैसला सिवनी एसपी सुनील कुमार मेहता द्वारा ले लिया गया है। सिवनी एसपी सुनील कुमार मेहता ने खबर सत्ता से बातचीत के दौरान बताया कि कान्हीवाडा प्रभारी ओमेश्वर ठाकरे के खिलाफ शिकायत प्राप्त हुई थी जिसकी जांच जारी है और जांच में किसी प्रकार का कोई व्यवधान ना आए इस वजह से कान्हीवाडा प्रभारी ओमेश्वर ठाकरे को लाइन अटैच किया गया है.

कान्हीवाडा थाना प्रभारी ओमेश्वर ठाकरे की बात करें तो पिछले कुछ समय से कान्हीवाडा क्षेत्र में अवैध शराब, गौ तस्करी, जुआ-सट्टा जैसे अवैध धंधे बड़ी तेजी से बढ़ रहे थे। इन अवैध गतिविधियों की रोकथाम में प्रशासन को लगातार चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा था, शायद एक वजह यह भी हो सकती है जिसके चलते सिवनी एसपी द्वारा ओमेश्वर ठाकरे को हटाने का निर्णय लिया गया

कान्हीवाडा में बढ़ता अपराध और प्रशासन की सख्ती

कान्हीवाडा, जो कभी एक शांत इलाका माना जाता था, अवैध शराब बिक्री, गौ तस्करी और जुए-सट्टे के अड्डों का केंद्र बन गया था। विश्व हिन्दू परिषद् और बजरंग दल के साथ साथ स्थानीय नागरिकों की शिकायतों के अनुसार, अपराधियों को थाना प्रभारी ओमेश्वर ठाकरे के कार्यकाल में खुली छूट मिल गई थी। कई बार इन अवैध धंधों की जानकारी मिलने के बावजूद प्रशासन द्वारा कोई ठोस कार्यवाही नहीं की जा रही थी

विश्व हिन्दू परिषद् और बजरंग दल के साथ स्थानीय नागरिकों ने सिवनी एसपी से लिखित शिकायतें दर्ज कराई और कान्हीवाडा में बढ़ते अपराध पर चिंता व्यक्त की। लगातार मिल रही शिकायतों और उच्चस्तरीय जांच के बाद, प्रशासन ने ओमेश्वर ठाकरे को तत्काल हटाने का फैसला लिया।

अवैध शराब बिक्री का गढ़ बना कान्हीवाडा

कान्हीवाडा में अवैध शराब माफिया सक्रिय था, जो क्षेत्र में अवैध रूप से शराब बेचने का कार्य कर रहा था। ग्रामीण इलाकों में देशी और विदेशी शराब की अवैध बिक्री धड़ल्ले से की जा रही थी। इस व्यापार के कारण स्थानीय युवाओं में नशे की लत बढ़ रही थी और अपराध दर में इजाफा हो रहा था।

कुछ नागरिकों का कहना है कि पुलिस की मिलीभगत के कारण यह धंधा तेजी से फल-फूल रहा था। स्थानीय नेताओं और समाज सेवकों ने प्रशासन से इस मामले पर सख्त कार्रवाई की मांग की थी।

गौ तस्करी पर प्रशासन की ढील?

कान्हीवाडा क्षेत्र में गौ तस्करी का कारोबार भी चरम पर था। रात के अंधेरे में गौवंश को अवैध रूप से अन्य राज्यों में भेजने की घटनाएं सामने आ रही थीं। ग्रामीणों ने कई बार गौ तस्करों को पकड़कर पुलिस के हवाले किया, लेकिन आरोप है कि प्रशासन द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई

विश्व हिन्दू परिषद् और बजरंग दल ने कई बार इस मामले को उठाया, लेकिन जब कोई ठोस परिणाम नहीं निकला तो उन्होंने सीधे सिवनी एसपी को ज्ञापन सौंपा

जुआ-सट्टे के अड्डों पर क्यों नहीं हुई सख्त कार्यवाही?

कान्हीवाडा में जुआ-सट्टे का अवैध कारोबार भी तेजी से बढ़ रहा था। स्थानीय लोगों का कहना था कि इस धंधे में प्रभावशाली लोगों की संलिप्तता थी, जिसके कारण पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही थी। सट्टा माफिया खुलेआम अपना धंधा चला रहे थे और युवाओं को इस गलत राह पर धकेल रहे थे। जब इस मुद्दे को लेकर मीडिया में चर्चा हुई और उच्च अधिकारियों को शिकायत मिली, तब जाकर इस मामले में ठोस कदम उठाने का निर्णय लिया गया।

सिवनी एसपी की सख्ती के बाद आई कार्रवाई

सिवनी एसपी को जब इन अवैध गतिविधियों की जानकारी मिली, तो उन्होंने तत्काल उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए। जांच में कई अहम जानकारियां सामने आईं, जिसके बाद कान्हीवाडा थाना प्रभारी ओमेश्वर ठाकरे को हटाने का निर्णय लिया गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार कान्हीवाडा के नए थाना प्रभारी के रूप में प्रीतम सिंह तिलगामे को नियुक्त किया गया है.

स्थानीय जनता ने राहत की सांस ली

कान्हीवाडा क्षेत्र के नागरिकों का कहना है कि नए थाना प्रभारी की नियुक्ति के बाद अब अवैध शराब, गौ तस्करी और जुआ-सट्टे के आतंक से छुटकारा मिलेगा। स्थानीय व्यापारी और ग्रामीण इस फैसले से खुश हैं और उन्होंने प्रशासन को धन्यवाद दिया है। सिवनी जिले में अवैध गतिविधियों पर सख्ती के लिए पुलिस विभाग को और भी कड़े कदम उठाने की जरूरत है

कान्हीवाडा थाना प्रभारी ओमेश्वर ठाकरे को हटाने का निर्णय प्रशासन द्वारा लिया गया, जिससे लोगों को राहत मिली है। अब यह देखना होगा कि नए थाना प्रभारी क्षेत्र में कानून व्यवस्था को किस तरह मजबूत करते हैं। अगर प्रशासन इसी तरह सख्त रवैया अपनाता रहा तो निश्चित रूप से सिवनी जिले में अपराध पर लगाम लगाई जा सकती है

सिवनी समेत 15 जिलों के लिए भारतीय सेना में भर्ती के लिए Online Application शुरू, 10 अप्रैल Last Date

सिवनी। भारतीय सेना में भर्ती के इच्छुक युवाओं के लिए एक सुनहरा अवसर है। भर्ती कार्यालय मुख्यालय जबलपुर द्वारा 15 जिलों के लिए सेना भर्ती की अधिसूचना 12 मार्च 2025 को जारी कर दी गई है। यह भर्ती सिवनी (Seoni), रीवा (Rewa), सतना (Satna), सीधी (Sidhi), सिंगरौली (Singrauli), कटनी (Katni), उमरिया (Umaria), शहडोल (Shahdol), जबलपुर (Jabalpur), मऊगंज (Mauganj), मंडला (Mandla), अनूपपुर (Anooppur), डिंडोरी (Dindori), बालाघाट (Balaghat) और मैहर (Maihar) जिलों के उम्मीदवारों के लिए होगी।

भारतीय सेना में भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया और पात्रता

भर्ती प्रक्रिया में भाग लेने के लिए पुरुष एवं महिला उम्मीदवार जो शारीरिक, चिकित्सा और शैक्षिक मानकों को पूरा करते हैं, वे 10 अप्रैल 2025 तक भारतीय सेना की आधिकारिक वेबसाइट www.joinindianarmy.nic.in पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

भर्ती की श्रेणियां

यह भर्ती अग्निवीर और नियमित कैडर की सभी श्रेणियों के लिए होगी, जिसमें निम्नलिखित पद शामिल हैं—
धार्मिक शिक्षक
नर्सिंग सहायक
सहायक नर्सिंग
सहायक पशु चिकित्सा
सिपाही फार्मा
हवलदार सर्वेयर ऑटोमेटेड कार्टोग्राफर

महत्वपूर्ण जानकारी

  • उम्मीदवारों को ऑनलाइन पंजीकरण अनिवार्य है।
  • आवेदन पत्र में दी गई जानकारी सही और प्रमाणित होनी चाहिए।
  • शारीरिक और चिकित्सा परीक्षण के लिए निर्धारित मानदंडों का पालन करना होगा।

भारतीय सेना में सेवा देने का सपना देखने वाले युवा इस मौके का लाभ उठा सकते हैं। इच्छुक उम्मीदवार समय रहते ऑनलाइन आवेदन करें और भर्ती प्रक्रिया में भाग लेने के लिए खुद को तैयार रखें।

सिवनी जिले में कहाँ होने ऑनलाइन आवेदन

यदि आप सिवनी जिले में निवास करते है और आप ऑनलाइन आवेदन करना चाहते है तो सिवनी जिला मुख्यालय के छिदवाडा चौक से मठ मंदिर जाने वाली रोड में इंडियन बैंक और केनरा बैंक के सामने स्थित Shubham Computers Seoni पहुंचकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते है. शुभम कंप्यूटर सिवनी (Shubham Computers Seoni) पहुंचें के लिए आप नीचे दिए Google Map पर क्लिककर आसानी से पहुँच सकते है

सिवनी: IPL क्रिकेट सीजन के साथ सट्टेबाजी का खेल तेज, सटोरिए हुए हाईटेक; सिवनी पुलिस की पैनी नजर

IPL SATTA: सिवनी में आज से T20 क्रिकेट का धमाकेदार सीजन शुरू हो चुका है, लेकिन इस अवसर पर क्रिकेट के सटोरियों की गतिविधियां भी बढ़ गई हैं। जैसे ही मैचों का रोमांच बढ़ा, सट्टेबाजों ने अपनी रणनीतियों को सक्रिय कर लिया है। सूत्रों के अनुसार, शहर के बाहर अलग-अलग फॉर्म हाउस में ठिकाना।पुराने सभी नंबर बंद कर दिए गए हैं।होटल में दूसरे के नाम से रूम बुक किए गए हैं।बड़े बुकी पहले ही शहर छोड़कर बाहर चले गए हैं। कारोबार धड़ल्ले से चल रहा है, और कई अवैध तरीके से सट्टा लगाया जा रहा है।

स्थानीय पुलिस प्रशासन ने इस पर कड़ी नजर रखना शुरू कर दिया है और सट्टेबाजी के खिलाफ कार्रवाई के लिए विशेष टीमों का गठन किया है। अधिकारियों का कहना है कि वे सट्टेबाजों को पकड़ने और खेल की निष्पक्षता को बनाए रखने के लिए सख्त कदम उठाएंगे।

आज से शुरू हो रहा है आईपीएल होगा। आईपीएल शुरू होने से पहले ही सट्टे खाई वाल सक्रिय हो गए हैं। सट्टा खिलाने वाले शहर के बड़े बुकियों के एजेंट्स ने जिले के आउटर इलाके में अपना ठीहा जमा लिया है। दरअसल, पुलिस की नजर से बचने के लिए बुकी हैदराबाद, दिल्ली, मुंबई, गोवा, कोलकाता सहित नागपुर और शहर के अन्य रिसोर्ट में अड्डा जमाकर बैठे हुए हैं।

बड़े बुकी शहर से बाहर रहते हुए अपने एजेंट्स (पंटर) के जरिए सैकड़ों को लाइन देकर लाखों का सट्टा खिलाने की तैयारी कर लिया है। सटोरियों ने हाईटेक जमाने में खुद को भी हाईटेक कर लिया है। अब फोन पर कॉल या मैसेज के बजाय ज्यादातर बुकिंग वाट्सएप या अन्य इंटरनेट मीडिया साइट्स से मदद ले रहे हैं। सट्टा खिलाने के लिए हाईटेक मशीनों का इस्तेमाल कर रहे हैं।

इससे सीधे-सीधे बुकिंग हो जाती है। दांव जीतने पर पेमेंट की जानकारी भी इसी तरह से दी जा रही है। ऑनलाइन पेमेंट भी आसानी से कर सकते हैं। शहर में रहने वाले सटोरिए सट्टा लगाने वाले की जानकारी मुंबई, दिल्ली, कोलकाता जैसे बड़े-बड़े शहरों में बैठे अपने सरगना को दे रहे हैं। इनकी इच्छा के अनुसार, मैच की हर बाल, ओवर और रन का रेट निर्धारित कर कारोबार किया रहा है।

हाईटेक मशीन से खेल –

सटोरियों ने हाईटेक जमाने में खुद को भी हाईटेक कर लिया है। अब फोन पर कॉल या मैसेज के बजाय ज्यादातर बुकिंग वाट्सएप या अन्य इंटरनेट मीडिया साइट्स से ले रहे हैं। सट्टा खिलाने के लिए हाईटेक मशीनों का इस्तेमाल कर रहे हैं। इससे सीधे-सीधे बुकिंग हो जाती है। दांव जीतने पर पेमेंट की जानकारी भी इसी तरह से दी जा रही है। ऑनलाइन पेमेंट भी आसानी से कर सकते हैं।

हर बाल, हर रन पर रेट तय – शहर में रहने वाले सटोरिए सट्टा लगाने वाले की जानकारी मुंबई, दिल्ली, कोलकाता जैसे बड़े-बड़े शहरों में बैठे अपने सरगना को दे रहे हैं। इनकी इच्छा के अनुसार, मैच की हर बाल, ओवर और रन का रेट निर्धारित कर कारोबार किया रहा है।

  • सटोरियों की तैयारी -शहर के बाहर अलग-अलग फॉर्म हाउस में ठिकाना।
  • पुराने सभी नंबर बंद कर दिए गए हैं।
  • होटल में दूसरे के नाम से रूम बुक किए गए हैं।
  • बड़े बुकी पहले ही शहर छोड़कर बाहर चले गए हैं।
  • दुबई के नंबर का इस्तेमाल किया जा रहा है।

पुलिस की सट्टेबाजों पर रहती है कड़ी नजर

शहर में हर साल आईपीएल शुरू होते ही सट्टा बाजार गर्म हो जाता है। मगर, पुलिस भी इस खेल पर शिकंजा कसने में कोई कसर नहीं छोड़ती है। पूर्व में पुलिस सट्टेबाजी के इस खेल के कई मामलों का भंडाफोड़ करते हुए कईयों को गिरफ्तार कर जेल भी भेज चुकी है। इस बार भी पुलिस सट्टेबाजी का खेल रोकने को लेकर सतर्क है।

आईडी पासवर्ड और लेन बाई लेन होता है सट्टा व्यापार

बड़े-बड़े शहरों में बैठे कई बुकी छोटे-छोटे कस्बों में अपनी लाइनें देते हैं और ये लाइनें अपनी विशेष आईडी पासवर्ड से खुलती हैं। इसी के साथ-साथ नए तरीकों में ये बुकी एप और विशेष वेबसाइटों द्वारा भी इस कारोबार को संचालित करते है। बड़े शहरों से ये क्रम छोटे शहरों और कस्बों में और छोटे कस्बों से आम सट्टेबाजों तक लाइन बाई लाइन ये धंधा संचालित होता है।

पिछले एक-दो सीजन से सटोरियों ने नया तरीका अपनाया है। अब वे एक जगह बैठकर सट्टा नहीं खिलाते हैं। इसके लिए वे कार में घूम-घूक कर या फिर शहर के बाहर के क्षेत्र के बाहरी क्षेत्र में रहते हैं। होटल और फार्म हाउस में भी बैठकर यह खेल चलता है। इसके लिए पहले से बुकिंग की जाती है।

क्रिकेट के इस सीजन को लेकर जहां दर्शकों में उत्साह है, वहीं अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी अवैध गतिविधि में शामिल होने से बचें और क्रिकेट के खेल का आनंद निष्पक्ष तरीके से लें।