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क्या डायबिटीज के लिए शुगर फ्री ठीक है? जाने फायदे और नुकसान

शुगर मरीजों के अलावा दुनिया भर में कई लोग शुगर फ्री आर्टिफिशियल स्वीटनर का उपयोग करते हैं। क्या ऐसा करना हेल्दी है? चलिए इस बारे में अधिक जानें। शुगर मरीज अपने खुद को शुगर से बचाने के लिए शुगर फ्री उत्पादों का उपयोग करते हैं। ऐसे आर्टिफिशियल स्वीटनर कई प्रकार के होते हैं।

जबकि डायबिटीज के अलावा भी कई लोग शुगर फ्री उत्पादों का सेवन करते हैं। यह सिर्फ रक्त शर्करा के बढ़ने को नहीं रोकता है, बल्कि आपके दांतों की सड़न और कैविटी के खतरे को भी कम करता है।

इसके साथ ही, यह मोटापे से बचाने में भी मददगार साबित होता है। तथापि, क्या ऐसा हमेशा लाभदायक होता है? चलिए इस विषय में और विस्तार से जानते हैं।

क्या शुगर फ्री गोलियों के साइड इफेक्ट होते हैं? क्या डायबिटिक्स के लिए शुगर फ्री ठीक है?

चीनी के विकल्प शायद सेहत के लिए ठीक हैं, लेकिन इन्हें कई बार नुकसानदेह भी साबित हो सकता है। ये आर्टिफिशियल स्वीटनर, जो चीनी के बजाय इस्तेमाल होते हैं, अतिरिक्त कैलोरी और कार्बोहाइड्रेट को नियंत्रित कर सकते हैं, पर वे कई बार आपके लिए नुकसानदेह साबित हो सकते हैं।

इसका अधिक इस्तेमाल डायबिटीज के खतरों को बढ़ा सकता है। भूख जुड़े प्राकृतिक हार्मोनों के संतुलन को विकर्षित कर सकते हैं। साथ ही, इससे ब्लोटिंग और दस्त की समस्या भी हो सकती है।

शुगर फ्री विकल्पों के लिए चुनाव करें

चीनी के विकल्प चीनी की तुलना में अधिक मीठे लगते हैं। इसलिए खाने-पीने की चीजों को मीठा करने के लिए बहुत कम की जरूरत होती है। लेकिन, आपको यह जानना आवश्यक है कि आपके लिए कौन सा विकल्प सही है और किस चीज का इस्तेमाल आपको नहीं करना चाहिए।

वास्तव में, चीनी के विकल्प अनेक प्रकार के खाद्य पदार्थों और पेय पदार्थों में उपलब्ध होते हैं, जैसे कि कैंडी और ड्रिंक्स। इसलिए हर बार इन्हें लेने से पहले इन चीजों को पढ़ना चाहिए। ये विकल्प आप अपने घर के भोजन या पेय में शामिल कर सकते हैं। संयुक्त राज्य अमेरिका में, खाद्य और औषधि प्रशासन (FDA) निम्नलिखित शुगर फ्री विकल्पों का उपयोग करने की अनुमति देता है:

  1. स्टीविया पत्ती का अर्क (Purified stevia leaf extracts) 
  2. नियोटेम (Newtame)
  3. एसिल्स्फाम पोटेशियम (Acesulfame potassium) 
  4. एडवांटेम (Advantame)
  5. सुक्रालोज (Sucralose) 

MP Weather: एक तरफ चक्रवाती तूफान तो दूसरी तरफ मानसून, एमपी के इन 14 जिलों में बारिश के बढ़े आसार, 15 जून के बाद बदलेगा करवट लेगा मौसम; IMD ALERT

MP Weather: चक्रवाती तूफान बिपरजॉय तेजी से आगे बढ़ रहा है, जिसके गुजरात के तटों के अलावा अन्य राज्यों पर भी प्रभाव देखने को मिल सकता है।

अरब सागर में बने चक्रवात के कारण मध्य प्रदेश (MP Weather) में इंदौर (INDORE), भोपाल (BHOPAL), ग्वालियर (GWALIOR) और जबलपुर (JABALPUR) में कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ बूंदाबांदी हो सकती है।

एमपी मौसम विभाग (MP Weather) के अनुसार, 13 और 14 जून को प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में तेज गर्मी पड़ सकती है, लेकिन कुछ शहरों में बूंदाबांदी की संभावना भी है। 15 जून के बाद गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।

आज इन जिलों में बारिश-छाएंगे बादल

एमपी मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 घंटे में भोपाल (BHOPAL), रीवा (REWA), नर्मदापुरम (NARMADAPURAM) संभाग के कुछ जिलों में हल्की बारिश हो सकती है। वहीं धार (DAHR), इंदौर (INDORE), खंडवा (KHANDWA), खरगोन (KHARGONE), बड़वानी (BADWANI), बुरहानपुर (BURHANPUR), उज्जैन (UJJAIN), छिंदवाड़ा (CHHINDWARA), सागर (SAGAR), सिवनी (SEONI) और गुना (GUNA) में भी बादल छा सकते हैं।

जबलपुर सहित संभाग के जिलों में कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ छींट पड़ सकती हैं। ग्वालियर-चंबल संभाग में भी कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ बूंदाबांदी हो सकती है। इंदौर में 13 और 14 जून को गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है।

14 JUNE से MADHYA PRADESH में मौसम में बदलाव देखने की संभावना है

एमपी मौसम विभाग के अनुसार, जबलपुर में चक्रवात के असर से 15 जून तक बादल छाए रहेंगे और तेज हवा के साथ गरज-चमक के साथ वर्षा के आसार हैं।

इस दौरान तापमान में ज्यादा उतार-चढ़ाव नहीं होगा। 13 जून के बाद अरब सागर से आ रही नमी और जम्मू-कश्मीर में आने वाले पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से ग्वालियर सहित अंचल में अधिकांश स्थानों पर तेज आंधी और गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है।

भोपाल में 13 और 14 जून को बादल छाएंगे और हल्की बूंदाबांदी हो सकती है। यदि 15 जून को बादल रहेंगे, तो 16 जून को मौसम साफ रह सकता है।

मध्य प्रदेश में चक्रवात का असर

एमपी मौसम विभाग के अनुसार, वर्तमान में अरब सागर में बना चक्रवात पोरबंदर से 310 किलोमीटर दूर गुजरात और उससे सटे क्षेत्र में सक्रिय है। इसके असर से मंगलवार को प्रदेश के कई हिस्सों में 50 से 60 किलोमीटर प्रतिघंटा की गति से हवाएं चलेंगी।

दोपहर के बाद गरज-चमक के साथ वर्षा की संभावना भी है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में चक्रवाती हवा बनी हुई है, जो झारखंड और बंगाल के रास्ते बंगाल की खाड़ी तक जा रही है। इसके असर से उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश क्षेत्र में रीवा संभाग में गरज-चमक के साथ वर्षा होने की संभावना है।

सिवनी में फर्जी नियुक्तियों का बोलबाला, अनुकम्पा नियुक्ति के लिये ठोकरे खा रहा युवक

सिवनी, बरघाट (एस. शुक्ला): वृहताकार सहकारी समिति धारनाकला मे अनुकम्पा नियुक्ति पाने के लिये आज भी युवक दर दर की ठोकर खा रहा है किन्तु उसकी सुनने वाला कोई नही है जबकि अपने पिता के स्थान पर अनुकम्पा नियुक्ति के लिये अनेको बार आवेदन दिये जा चुके है.

इस सम्बन्ध मे सेवा मे रहते मृत्यु होने पर पत्नि ने भी अनेको बार समिति के पास अपने परिवार के सदस्य को नियुक्ति देने की मांग रखी है किन्तु सहकारिता के नियम को ठेगा दिखाते हुऐ फर्जी नियुक्तिया तो कर दी गई किन्तु वास्तविक नियुक्ति आज तक नही की गई है.

यह है मामला

उल्लेखनीय है की वृहताकार सहकारी समिति धारनाकला मे जागेश्वर पटले समिति प्रबंधक के पद पर कार्यरत थे जिनकी मृत्यू ह्रदय गति रूक जाने के कारण तीन वर्ष पूर्व हो गई जिस सम्बन्ध मे पत्नि तथा पुत्र के द्वारा लगातार समिति मे अनुकम्पा नियुक्ति के लिये गुहार लगाई गई किन्तु किसी ने भी इस और ध्यान नही दिया.

ठीक इसके विपरीत इसी समय और कार्यकाल मे दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी की भर्ती के नाम 89 दिन की भर्ती सहकारिता के नियमों की धज्जियाँ उडाते हुए कर दी गई जिसमे अच्छी खासी मोटी रकम के लेन देन होने से भी इंकार नही किया जा सकता.

जिसका सबसे प्रमाण क्या हो सकता है की पिता की मृत्यु के बाद परिवार के सदस्य अनुकंपा नियुक्ति की मांग करते रह गये और इसी समिति मे 89 दिन की दैनिक वेतन भिगियों की नियुक्ति कर दी गई.

जो 89 दिन लगातार तीन से चार वर्ष बीत गये पर आज तक समाप्त नही हुऐ किन्तु वास्तविक हकदार आज भी सहकारी समिति के चक्कर लगा रहा है.

समिति के प्रस्ताव पर हो गया खेल और बरस गई लक्ष्मी

उल्लेखनीय है की सहकारी समितियो मे किसानो के द्वारा चुने गये सदस्यो के हाथ मे ही समिति के संचालन का दायित्व होता है तथा संस्था का प्रबंधक समिति का सचिव कहलाता है जो अध्यक्ष और सदस्यो के मत के अनुसार प्रस्ताव लिखता है और समिति उसे पारित करती है किन्तु निर्णय मे सहकारिता के मापदंड को भी दरकिनार करना गलत होता है.

किन्तु धारनाकला मे हुआ भी ऐसा समिति ने प्रस्ताव पास किया और हो गई 89 दिनो के लिये दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी की नियुक्ति जिसकी न ही उच्च अधिकारियो को और न ही उपायुक्त पंजीयक सहकारिता को जानकारी दी गई और न ही संस्था से जुडे किसानो को आमसभा मे जानकारी दी गई.

वैसे वर्तमान मे संचालक बोर्ड का कार्यकाल समाप्त होने की स्थिति मे समिति का प्रभार और संचालन समिति प्रबंधक के साथ साथ प्रसासक के हाथ मे ऐसी स्थिति मे समिति मे हुऐ कार्य और नियम विरूद्ध भर्ती पर ठोस कार्रवाई की अपेक्षा जाहिर की जा रही और और इस सम्बन्ध मे उपायुक्त द्वारा रिकार्ड तथा जानकारी भी बुलाई गई है.

पिता के मरने के बाद अनुकम्पा नही पर पिता जीवित मे अनुकम्पा

वैसे सहकारिता विभाग का सुर्खिया बटोरना तथा सुर्खियो मे बने रहना कोई नई बात नही है और इससे ज्यादा चौकाने वाली बात क्या होगी की पिता के मरने के बाद परिवार के सदस्य को अनुकम्पा नियुक्ति नही ठीक इसके विपरीत पिता के जीवित रहते संचालक बोर्ड तथा जवाब दार पिता के स्थान पर पुत्र को समिति मे रखते हुऐ समय समय पर पदोन्नत भी करते है और सहकारिता विभाग के आला अधिकारियो की नाक के नीचे सबकुछ हो जाता है पर कोई देखने सुनने वाला नही.

लगातार समितिया घाटे मे पर ठोस कार्रवाई आज तक नही

यंहा यह बताना भी लाजिमी है की लगातार समितिया खरीफ धान उपार्जन मे कार्य मे लम्बे नुकसान मे जा रही है जिसके मुख्य कारणो पर जाने की जरूरत किसी ने नही समझी साथ ही हजारो क्विंटल धान के स्वीकृति पत्रक संस्था को प्राप्त न होने के पीछे के कारणो पर जाने से लाखो रूपये के खुलासा सामने आ सकता है

और कैसे धान उपार्जन कार्य मे शार्टेज आता है और समिति को लाखो की छति होती है यह निस्पक्ष जाचं हो जाये तो सामने आ जायेगा और क्यो समिति को प्राप्त होने वाले कमीशन से समितिया लगातार वंचित है यह भी सामने आ सकता है किन्तु इस दिशा मे ठोस कदम और कार्य वाही के सम्बन्ध मे कोई पहल न होना भी सहकारी समितियो मे भ्रस्टाचार को बढावा दे रही है

क्या जिले के संवेदन शील जिला कलेक्टर सहकारिता मे समितियो के माध्यम से हो रही मनमानी और शासन को हो रही लाखो की छति फर्जी नियुक्तियो की निस्पक्ष जाच करवा ठोस कार्रवाई करेगे ऐसी जना अपेक्षा है

जबलपुर: अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के राष्ट्रीय कार्यक्रम की तैयारियों की समीक्षा

9वां  अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर 21 जून को जबलपुर में राष्ट्रीय स्तर का कार्यक्रम होगा। जबलपुर कलेक्टर श्री सौरभ कुमार सुमन ने सोमवार को आयोजन की तैयारियों की समीक्षा की।

बैठक में बताया गया कि अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का राष्ट्रीय स्तर का कार्यक्रम 21 जून को सदर के गैरिसन ग्राउंड पर होगा। इस कार्यक्रम में करीब 15 हजार चयनित प्रतिभागी तय प्रोटोकॉल के अनुसार सामुहिक योगाभ्यास करेंगे। इसके अलावा 50 उद्यानों और खुले स्थानों में योग दिवस पर सामूहिक योगाभ्यास होगा।

कलेक्टर ने बताया कि योग दिवस का राष्ट्रीय स्तर का कार्यक्रम जबलपुर में होने के कारण जबलपुरवासियों के लिये गौरव की बात है। आयोजन से जबलपुर की पहचान राष्ट्रीय स्तर पर बनेगी। बताया गया कि कार्यक्रम में उपराष्ट्रपति श्री जगदीश धनखड़, राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल, मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान एवं केन्द्रीय आयुष मंत्री श्री सर्वानन्द सोनोवाल की सहभागिता प्रस्तावित है।

बैठक में निर्देश दिये गये कि स्कूलों और कॉलेजों में विद्यार्थियों को योग दिवस के कार्यक्रम में अधिक से अधिक शामिल किए जाने के लिये प्रोत्साहित किया जाए।

बताया गया कि चयनित स्थानों पर एलईडी स्क्रीन लगाएँ जाएंगे और इनके जरिये ही मुख्य कार्यक्रम से प्रसारित निर्देशों के अनुरूप योगाभ्यास होगा। जिले में मौजूद योग प्रशिक्षकों को लगातार नागरिकों को सामूहिक योगाभ्यास कराए जाने के भी निर्देश दिये गये। बैठक में प्रारंभिक तौर पर तैयार किये गये लेआउट पर चर्चा की गई। आयुष, स्कूल शिक्षा एवं संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद थे।

Satpura Bhawan Bhopal: सतपुड़ा भवन आगजनी में नष्ट हुआ डाटा होगा रिकवर, मेहनत लगेगी – गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा

Satpura Bhawan Bhopal: गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने बताया है कि सतपुड़ा भवन में हुई आगजनी में विभिन्न कार्यालयों में कार्यरत लगभग 4 हजार से अधिक अधिकारी-कर्मचारी सुरक्षित हैं।

शॉर्ट सर्किट से लगी आग को षड्यंत्र बताने वाले तथाकथित लोगों की बुद्धि पर तरस आता है, वह भी उस समय जब कार्यालय में हजारों अधिकारी-कर्मचारियों की मौजूदगी हो। इस प्रकार के निराधार और बेबुनियाद आरोप बताते हैं कि कुछ लोग विपत्ति में सहायता के स्थान पर राजनैतिक अवसर तलाश रहे हैं।

मंत्री डॉ. मिश्रा ने बताया कि मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की सतत मॉनिटरिंग और निर्देशन में सभी एजेंसियों ने एकजुट होकर आगजनी पर काबू पाने के लिये कार्य किया है। एयरफोर्स, बीएचईएल, नगर निगम, मंत्रालय और आसपास के समस्त फायर बिग्रेड ने समन्वित प्रयास पर आग पर बखूबी काबू पाया है।

मंत्री डॉ. मिश्रा ने बताया कि आग से प्रभावित कार्यालयों में किसी भी प्रकार के पर्चेसिंग और टेंडरिंग संबंधी दस्तावेज नहीं थे। अन्य डाटा के बारे में उन्होंने कहा कि राज्य एवं केन्द्र प्रवर्तित योजनाओं की जानकारियाँ हार्डडिस्क से रिकवर हो जाएगी। इसमें थोड़े परिश्रम की आवश्यकता होगी।

मंत्री डॉ. मिश्रा ने बताया कि सतपुड़ा भवन में संचालित कार्यालयों के संचालन की वैकल्पिक व्यवस्था शीघ्र ही की जाएगी। आज सतपुड़ा भवन के समस्त कार्यालयों के लिये अवकाश घोषित किया गया है।

आगजनी पर काबू पाने के लिये 2 हाइड्रोलिक समेत नगर निगम की कुल 28, पुलिस की 4, सीआईएसएफ की 2, एयरपोर्ट की 2, बीएचईएल की 1, आर्मी की 2 कुल 39 फायरब्रिगेड ने संयुक्त रूप से एकजुट होकर कार्य किया।

साथ ही भारत पेट्रोलियम कार्पोरेशन लिमिटेड (BPCL), इंडियन ऑयल कार्पोरेशन लिमिटेड(IOCL), वर्धमान ग्रुप और ट्राइडेन्ट ग्रुप के अग्निशमन संबंधी उपकरण भी उपयोग किये गये।

Ladli Behna Yojana: नए डीबीटी इनेबल्ड खातों में भुगतान प्रक्रिया के लिए शेड्यूल हुआ जारी

Ladli Behna Yojana: मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना (MP CM Ladli Behna Yojana) में अब तक एक करोड़ 25 लाख से अधिक महिलाओं का पंजीयन किया गया है।

पात्र महिला को एक हजार रूपये का भुगतान आवेदिका के स्वयं के आधार लिंक डीबीटी इनेबल्ड बैंक खाते मे किया गया है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (CM Shivraj Singh Chouhan) द्वारा 10 जून को 1209 करोड़ 64 लाख रूपये की राशि बहनों के खातों में अंतरित की गई।

जिलों के द्वारा लगातार बैंक खातों को डीबीटी इनेबल्ड किया जा रहा है। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा नए डीबीटी इनेबल्ड खातों की भुगतान प्रक्रिया का शेड्यूल जारी किया गया है।

क्र.अवधि, जिसके मध्य जिलों ने लंबित डीबीटी सक्रिय खातों को सक्रिय बनाया गयानवीन डीबीटी सक्रिय खातों की लॉगिन पर उपलब्धताभुगतान आदेश डिजिटल हस्ताक्षर कर बैंक को प्रेषित करने की समय-सीमा
19 जून से 14 जून के मध्य किए गए डीबीटी इनेबल्ड खाते15 जून को प्रात: 9 बजे15 जून को शाम 5 बजे तक
215 से 18 जून तक किए गए इनेबल्ड खाते19 जून को प्रात: 9 बजे19 जून को शाम 5 बजे तक
319 से 21 जून के मध्य किए गए डीबीटी इनेबल्ड खाते22 जून को प्रात: 9 बजे22 जून को शाम 5 बजे तक
422 से 25 जून तक किए गए डीबीटी इनेबल्ड खाते26 जून को प्रात: 9 बजे26 जून को शाम 5 बजे तक
Ladli Behna Yojana: नए डीबीटी इनेबल्ड खातों में भुगतान प्रक्रिया के लिए शेड्यूल हुआ जारी

मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना में अब तक भोपाल जिले में 2 लाख 93 हजार 969, रायसेन में 2 लाख 33 हजार 8, राजगढ़ में 2 लाख 84 हजार 627, सीहोर में 2 लाख 30 हजार 4 तथा विदिशा में 2 लाख 58 हजार 911 खातों को डीबीटी इनेबल्ड कर भुगतान किया गया।

भिण्ड जिले में 2 लाख 58 हजार 666, मुरैना में 3 लाख 12 हजार 392, श्योपुर में 1 लाख 1 हजार 151, अशोकनगर में 1 लाख 48 हजार 807, दतिया में 1 लाख 36 हजार 930, गुना में 2 लाख 13 हजार 334, ग्वालियर में 2 लाख 92 हजार 629 तथा शिवपुरी में 2 लाख 71 हजार 327 खातों को डीबीटी इनेबल्ड किये गये।

बैतूल में 2 लाख 57 हजार 999, हरदा में 88 हजार 899, नर्मदापुरम में 2 लाख 1 हजार 45, अलीराजपुर में 1 लाख 17 हजार 501, बड़वानी में 2 लाख 27 हजार 63, बुरहानपुर में 1 लाख 21 हजार 171, धार में 3 लाख 64 हजार 195, इंदौर में 4 लाख 18 हजार 96, झाबुआ में 1 लाख 87 हजार 560, खण्डवा में 2 लाख 1 हजार 781 तथा खरगोन में 2 लाख 99 हजार 387 डीबीटी इनेबल्ड कर महिलाओं के खातों में राशि अंतरित की गई।

इसी तरह बालाघाट जिले में 3 लाख 44 हजार 315, छिन्दवाड़ा में 3 लाख 85 हजार 407, डिण्डोरी में 1 लाख 26 हजार 198, जबलपुर में 3 लाख 65 हजार 643, कटनी में 2 लाख 30 हजार 39, मण्डला में 1 लाख 92 हजार 409, नरसिंहपुर में 2 लाख 540 तथा सिवनी में 2 लाख 61 हजार 249 डीबीटी इनेबल्ड किये गये।

रीवा जिले में अब तक 3 लाख 84 हजार 43, सतना में 3 लाख 61 हजार 19, सीधी में 1 लाख 99 हजार 960, सिंगरौली में 1 लाख 82 हजार 715, छतरपुर में 3 लाख 631, दमोह में 2 लाख 31 हजार 930, निवाड़ी में 76 हजार 702, पन्ना में 1 लाख 68 हजार 684, सागर में 3 लाख 90 हजार 953 तथा टीकमगढ़ में 1 लाख 94 हजार 802 डीबीटी इनेबल्ड किये गये।

अनुपपूर जिले में 1 लाख 22 हजार 138, शहडोल जिले में 1 लाख 78 हजार 840 तथा उमरिया में 1 लाख 4 हजार 851 डीबीटी इनेबल्ड किये गये।

आगर-मालवा में 1 लाख 10 हजार 947, देवास में 2 लाख 61 हजार 986, मंदसौर में 2 लाख 50 हजार 239, नीमच में 1 लाख 52 हजार 445, रतलाम में 2 लाख 38 हजार 642, शाजापुर में 1 लाख 62 हजार 155 तथा उज्जैन जिले में 3 लाख 15 हजार 572 डीबीटी इनेबल्ड कर महिलाओं के खातों में राशि अंतरित की गई।

जबलपुर जिले की विद्युत अधो-संरचना को सुदृढ़ करने 162 करोड़ रूपये स्वीकृत – JABALPUR NEWS

जबलपुर जिले की विद्युत अधोसंरचना को सुदृढ़ करने एवं विद्युत हानियों को कम करने के लिए 162 करोड़ रूपये स्वीकृत किये गए हैं।

इसमें से केन्द्र सरकार द्वारा रिवेम्पड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम के प्रथम चरण में 105 करोड़ रुपये और राज्य सरकार द्वारा 57 करोड़ रूपये स्वीकृत किये गए हैं।

ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया है कि स्वीकृत राशि में से कराए जाने वाले कार्यों में 60 किलोमीटर 132 के.व्ही. लाइन निर्माण, 6 नवीन 33/11 के.व्ही. उप केंद्र निर्माण, वोल्टेज व्यवस्था के सुधार के लिए 46 स्थानों पर कैपेसिटर बैंक स्थापना, 9 उच्च दाब फीडरों का विभक्तिकरण कार्य, 144 वितरण ट्रांसफार्मर स्थापना, 6950 किलोमीटर निम्न दाब लाइनों का केबलिंग कार्य, 626 उच्च दाब फीडरों का विभक्तिकरण और कंडक्टर क्षमता वृद्धि के कार्य सम्मिलित हैं।

इससे जबलपुर जिले की लगभग 25 लाख की जनसंख्या लाभान्वित होगी और आगामी 10 वर्षों की विद्युत माँग की सफल आपूर्ति हो सकेगी।

जबलपुर: शादी समारोह से लौट रहा चार पहिया वाहन पलटा, एक की मौत 10 लोग घायल

Jabalpur News: मध्य प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं के बढ़ते हुए मामलों की चिंता बढ़ रही है। रोज़ाना हो रही दुर्घटनाओं में लोग अनियमित समय में बच्चित कर रहे हैं। मंगलवार की सुबह जबलपुर में एक ऐसी ही सड़क दुर्घटना में एक युवक की मौत हो गई, जबकि करीब 10 लोग घायल हो गए।

घायलों में से दो लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है। सभी इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है।

जानकारी के अनुसार, मुहास से कुछ लोग शादी समारोह में शामिल होने के लिए सागर गए थे। मंगलवार की सुबह, सभी लोग जीप में सवार होकर वापस लौट रहे थे। इस दौरान, गढ़ा रेलवे स्टेशन के पास सुबह करीब साढ़े आठ बजे, एक जीप अनियंत्रित होकर पलट गई।

इस हादसे में एक युवक की मौत हो गई, जबकि 10 से अधिक लोग घायल हो गए। लोगों ने तत्काल पुलिस को घटना की सूचना दी। सूचना प्राप्त होते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर घायलों को अस्पताल ले गई। सभी घायलों का इलाज मेडिकल कॉलेज में जारी है।

दो घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है। पुलिस के प्राथमिक जांच में बताया जा रहा है कि हादसा ड्राइवर को नींद की झपकी आने से हुआ है। वर्तमान में पुलिस ने मामला दर्ज करके आगे की जांच में जुट गई है।

MP में गर्मी और लू ने स्कूली बच्चों की कराई मौज, सरकार ने बढ़ाईं गर्मी की छुट्टियां; जानिए किस दिन खुलेंगे स्कूल

MP School News: मध्य प्रदेश में सभी सरकारी और निजी स्कूल 20 जून से खुलेंगे। प्रदेश में बढ़ती गर्मी के कारण यह निर्णय लिया गया है। स्कूल शिक्षा विभाग ने सोमवार को इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है।

दरअसल, मध्य प्रदेश में सभी स्कूलों का 15 जून तक ग्रीष्मकालीन अवकाश घोषित था, लेकिन प्रदेश में इन दिनों भीषण गर्मी पड़ रही है। इसे देखते हुए स्कूल शिक्षा विभाग ने प्रदेश के सभी सरकारी और निजी स्कूल 20 जून से खोलने का निर्णय लिया है। बता दें कि इससे पहले भोपाल में प्रशासन ने 19 जून तक स्कूल बंद करने का आदेश जारी किया था।

मध्य प्रदेश में सरकारी और निजी स्कूल 20 जून 2023 से खुल जाएंगे। सोमवार को स्कूल शिक्षा विभाग ने इस बारे में आदेश जारी कर दिया है। इस आदेश में बताया गया है कि स्कूलों को देर से खोलने का कारण भीषण गर्मी है। विद्यार्थियों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए, ग्रीष्मावकाश 19 जून तक बढ़ा दिया गया है।

यूनाइटेड नेशन ने 2023 से 2027 तक धरती के तापमान में वृद्धि की चेतावनी जारी की है। इसका असर मध्य प्रदेश में भी दिख रहा है, जहां स्कूलों को 19 जून तक की छुट्टी दी गई है। गर्मी के कारण स्कूल 15 जून के बजाय 20 जून 2023 से खोले जाएंगे।

चिढ़चिढ़ाते सूरज के बादलों और उष्णकटिबंधीयता (उमस) की वजह से लोग परेशान हैं। तापमान 45 से 47 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। कई पहाड़ी इलाकों में लोगों के लिए धूप में बाहर निकलना मुश्किल हो रहा है। इस बात पर ध्यान देते हुए, प्रशासन ने गर्मी की छुट्टी बढ़ा दी है।

20 जून को सरकारी और निजी स्कूल खुलेंगे। ग्रीष्मकालीन अवकाश 1 मई से 15 जून तक थे। वार्षिक रूप से 16 जून को स्कूल खुलते हैं, लेकिन इस बार गर्मी के कारण छुट्टी 19 जून तक बढ़ गई है। गर्मी के कारण बच्चों में अधिक मौसमी बीमारियाँ और डिहाइड्रेशन का खतरा होता है। पैरेंट्स को इस निर्णय से राहत मिली है।

पूजा करते समय घी और तेल में से कौनसा दीपक जलाना शुभ माना जाता है, और किस दिशा में रखना चाहिए – Puja Niyam

Puja Niyam: हिंदू धर्म में, जब भी कोई देवी-देवता की पूजा की जाती है, दीपक के बिना वह पूरी नहीं मानी जाती। मंदिर या पूजा स्थल पर दीपक जलाना शुभ माना जाता है।

कहा जाता है कि जब दीपक भगवान के सामने जलता है, तो वह हमारे मन के अंधकार को दूर करता है। यह सकरात्मक ऊर्जा को घर में भी प्रसारित करता है। इसके अलावा, हिंदू धर्म में, कोई भी पूजा आरती के बिना पूरी नहीं होती है, और इसलिए दीपक का अत्यंत महत्व है।

हालांकि, दीपक को जलाने के लिए कई नियम बताए गए हैं, जिनका पालन करना बेहद आवश्यक होता है। अन्यथा, पूजा के पूर्ण फल का आनंद नहीं मिलेगा। तो चलिए जानते हैं कि मंदिर में दीपक की सही दिशा क्या है और कौनसे तेल या घी में दीपक जलाने से शुभ फल मिलता है।

मंदिर में कौनसा दीपक/दीया जलाना चाहिए?

दीपक जलाने के लिए आप घी या तेल दोनों का उपयोग कर सकते हैं, लेकिन घी को साफ माना जाता है। यदि आपके पास गाय का घी है, तो उसे जलाना उत्तम माना जाता है क्योंकि यह सबसे पवित्र माना जाता है। रोज़ाना घी के दीपक को जलाने से घर में सुख और शांति का आभास होता है। कहा जाता है कि घी के दीपक जलाने से देवी-देवता प्रसन्न होते हैं और यह पितृ दोष को भी दूर करता है।

तेल का दीपक

यदि आपके घर में घी उपलब्ध नहीं होता है, तो आप तेल का भी उपयोग कर सकते हैं। तिल के तेल का दीपक जलाना फलदायी माना जाता है। आपको तिल वाले तेल के दीपक को सदैव देवी या देवता के बाएं तरफ रखना चाहिए। मंदिर में तेल के दीपक को जलाने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।

पूजा करते समय दीपक किस दिशा में जलाएं?

मंदिर में दीया जलाने के लिए न कोई खंडित देवी-देवता की मूर्ति रखें और न ही दीया जलाएं। पूजा करते समय दीपक को भगवान की प्रतिमा के सामने स्थापित करना चाहिए। यदि दीपक घी का है, तो उसे अपने बाएं हाथ की ओर रखें और तेल वाले दीपक को दाहिने हाथ की ओर रखें। मान्यताओं के अनुसार, मंदिर में दीपक को कभी भी पश्चिमी दिशा में नहीं रखना चाहिए, क्योंकि इससे आपके घर में धन के संबंधित समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। अपने घर में हर शाम को मुख्य द्वार पर दीपक जरूर जलाएं, ताकि मां लक्ष्मी आपके घर में वास करें।

दीपक जलाते समय इन बातों का ध्यान रखें:

  1. तेल वाले दीपक में हमेशा लाल बाती रखें।
  2. घी के दीपक में रुई की बाती को शुभ माना जाता है।
  3. खंडित दीपक कभी भी न जलाएं।
  4. प्रतिमा के पीछे या इधर-उधर दीपक नहीं रखें।