Home Blog Page 311

MP से बड़ी खबर: COVID-19 की वजह से लगे लॉकडाउन के समय दर्ज सभी साधारण आपराधिक प्रकरण होंगे वापस; सीएम शिवराज ने जारी किये आदेश

MP BREAKING NEWS: मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा गृह विभाग की समीक्षा के दौरान दिए गए निर्देश और केन्द्रीय गृह मंत्रालय की एडवाइजरी के अनुसार राज्य शासन ने व्यापक लोकहित में वैश्विक महामारी कोविड-19 के दौरान कोविड-19 प्रोटोकॉल तथा लॉकडाउन उल्लघंन से संबंधित दर्ज सभी साधारण आपराधिक प्रकरणों को वापस लेने का आदेश जारी किया है।

इस संबंध में सभी जिलों के कलेक्टर्स को निर्देश जारी कर दिये गये हैं। अपर मुख्य सचिव गृह डॉ. राजेश राजौरा ने बताया है कि केन्द्र सरकार एवं सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार राज्य शासन ने सम्यक विचारोपरांत व्यापक लोक हित में कोविड-19 प्रोटोकॉल/लॉकडाउन उल्लंघन के साधारण आपराधिक प्रकारणों को वापस लेने का निर्णय लिया है।

इसमें आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005, महामारी अधिनियम 1897 एवं भारतीय दण्ड धारा 188, 269, 270 तथा 271 में आमजन के विरूद्ध दर्ज समस्त ऐसे आपराधिक प्रकारणों एवं ऐसे प्रकरण से संबद्ध भा.द.वि. के अन्य अपराध, जिनमें अधिकतम 2 वर्ष के कारावास (जुर्मानें सहित/रहित) का प्रावधान शामिल है।

डॉ. राजौरा ने कलेक्टर्स को भा.द.वि. धारा 321 में विहित प्रक्रिया अनुसार जिलों में कोविड-19 के दौरान पंजीबद्ध प्रकरणों को वापस लेने के कार्यवाही के निर्देश दिये हैं।

Violence In Junagadh: अवैध दरगाह हटाने को लेकर बवाल,पुलिस पर हुआ पथराव हमले में अधिकारी और पुलिसकर्मी घायल

0

जुनागढ़ (गुजरात ) : गुजरात के जूनागढ़ में बीती रात (15-16 जून) अवैध दरगाह के प्रति ग़ैरकानूनी कार्यवाही के संबंध में लोगों की भीड़ ने क्रांतिकारी तथाकथित हरकतें की हैं। भीड़ ने प्रशासनिक नोटिस के पश्चात अवैध निर्माण के खिलाफ विरोध प्रकट किया, पत्थर फेंका और पुलिस चौकी पर हमला किया।

इस हमले में डिप्टी एसपी, महिला पुलिस अधिकारी और एक पुलिसकर्मी घायल हो गए हैं। गुस्साई भीड़ ने कई वाहनों को जला दिया। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिसकर्मियों को आंसू गैस के गोले चलाने पड़े और उन्हें लाठीचार्ज करना पड़ा। वर्तमान में इस क्षेत्र में तनाव प्रबल है। बड़ी संख्या में पुलिस और रैपिड एक्शन फ़ोर्स के जवानों को तैनात कर दिया गया है।

जाने क्या है पूरा मामला?

जूनागढ़ के उपरकोट एक्सटेंशन में एक दरगाह को लेकर प्रशासन द्वारा अवैध निर्माण का नोटिस जारी किया गया था। इस नोटिस के खिलाफ इलाके के लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया। गुरुवार और शुक्रवार की दरमियानी रात को यहां प्रदर्शन भड़क उठा और जूनागढ़ में हालात जंग की तरह बिगड़ गए। नोटिस के तहत हटाए जाने की घोषणा की गई दरगाह, मजेवाड़ी दरवाजे के ठीक सामने स्थित है।

पांच दिनों की अंतिम तिथि के बाद भी नोटिस के संबंध में किसी भी जवाब का ना दिया जाना अयोग्य ठहराया गया है, जिसके बाद प्रशासन ने कार्रवाई का निर्णय लिया है। शुक्रवार शाम को नगर निगम टीम ने ध्वस्तीकरण के नोटिस को जारी करने के लिए जाने का निर्णय लिया था, जिसके विरोध में एक भीड़ इकट्ठा हो गई। बहुत कम समय के बाद ही यह भीड़ अपराधियों के रूप में परिवर्तित हो गई और पुलिस पर पत्थरबाजी सुरु कर दी। इस दौरान, वहाँ खड़े वाहनों को भी आग के हबाले कर दिया गया है।

बवाल की वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है, जिसमें 200-300 लोगों की भीड़ दिख रही है जो पत्थरों का उपयोग कर रही हैं और गाड़ियों को तोड़ रही हैं। हिंसा की उबार के बाद स्थिति को नियंत्रित करने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारियों को इलाके में भेजा गया है।

सिवनी: बाइक चलाते समय मोबाईल पर बात करना युवक को पड़ा भारी, मोबाईल में हुआ धमाका; युवक गंभीर रूप से घायल

सिवनी: बाइक चलाते समय युवक को मोबाइल पर बात करते समय मोबाइल में एक धमाका हुआ और उसकी बाइक सड़क पर गिर गई। बाइक चालक अखिलेश के मामा, सुनील साहू ने बताया कि अखिलेश खुद ही अपनी दुकान पर मोबाइल ठीक करता है।

उन्होंने 8-10 दिन पहले एक नया मोबाइल खरीदा था। यह घटना शुक्रवार दोपहर को हुई है और अखिलेश को गोपालगंज निवासी सीताराम साहू के बेटे को निजी अस्पताल में भर्ती किया गया है। उसके परिवार ने पुलिस को प्राथमिकता में दर्ज करने से इंकार किया है।

उसके सिर और हाथ-पैर में हल्की चोटें भी हुई हैं। इस घटना के बाद से अखिलेश बेहोश हो गया है, लेकिन जब वह होश में आएगा, तब पूरी घटना की स्पष्टता हो सकेगी। सुनील साहू ने बताया कि उन्होंने घर से मोबाइल बिल लेकर घटना की सूचना कोतवाली थाने में दर्ज कर करवाई जाएगी

अखिलेश साहू, जो गोपालगंज में निवास करते हैं, शुक्रवार को अपने जीजा के घर हिनोतिया गांव जाने जा रहे थे। हिनोतिया गांव से कुछ दूरी पर, अचानक उनके जेब में रखे मोबाइल में धमाका हो गया।

यह घटना हिनोतिया गांव के पास स्थित कन्हीवाडा थाना क्षेत्र में हुई थी, जहां एक युवक गोपालगंज से हिनोतिया गांव जा रहा था और उसके बीच सड़क में मोबाइल में धमाका हुआ।

इस धमाके में युवक गंभीर रूप से घायल हो गया है और उसे निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। कहा जा रहा है कि इस धमाके में मोबाइल में किसी बम के वजह से ब्लास्ट हुआ। वर्तमान में उपचार प्रक्रिया चल रही है और उम्मीद है कि घायल युवक शीघ्र ही स्वस्थ हो जाएँगे। उसकी होश में वापसी की प्रतीक्षा जारी है।

सिवनी: युवक से टकराकर लौटी मौत, मोबाईल में हुआ धमाकेदार ब्लास्ट; आंख और चेहरा…

Seoni Mobile Blast News: मध्यप्रदेश के सिवनी जिले में एक युवक से टकराकर मौत लौटी है जी हाँ. युवक का मोबाइल कुछ इस तरह फटा है कि मोबाइल की स्थिति देखकर समझ आ रहा है कि ये घटना काफी बड़ी हो सकती थी. लेकिन युवक घायल बस हुआ और इलाज जारी है. सिवनी जिले के कान्हीवाड़ा थाना अंतर्गत हिनोतिया गांव में महज एक हफ्ते पुराने मोबाईल फोन की बैटरी में ब्लास्ट होने की घटना सामने आई है।

युवक ने नया मोबाइल खरीदा था. सिर्फ एक हफ्ते बाद ही वह मोबाइल विस्फोट हो गया। इस विस्फोट से उस युवक की आंखें और चेहरे में चोट आई है। घटना के बाद से युवक और उनके परिवार में काफी डर है।

मोबाइल ब्लास्ट से घायल युवक को उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती किया गया है। इस घटना के बाद से युवक और उसका परिवार डर गए हैं। पुलिस ने इस घटना के संबंध में युवक के बयान भी लिए हैं। अब युवक कंपनी से मुआवजा भी मांगना चाहता है।

जानकारी के मुताबिक, घटना सिवनी के गोपालगंज गांव में रहने वाले अखिलेश साहू के साथ हुई। वे सिवनी के कान्हीवाड़ा थाना क्षेत्र के हिनोतिया गांव आए थे। वे वहां किसी से मोबाइल पर बात कर रहे थे। बात करते-करते अचानक उनके मोबाइल में धमाका हुआ।

पहले तो अखिलेश को कुछ समझ नहीं आया, लेकिन थोड़ी देर बाद उनके चेहरे और आंखों में चोटें हो गईं। वास्तव में, उनके मोबाइल में ब्लास्ट हो गया था। जब घटना हुई, उस समय उनके साथ एक दोस्त भी मौजूद था। उसने तत्परता से अखिलेश को जिला अस्पताल में भर्ती करवा दिया।

पुलिस ने बताया कि जब अस्पताल में पहुंचा तो डॉक्टरों ने तुरंत घायल का इलाज शुरू कर दिया। उसी बीच, अस्पताल के कर्मचारियों ने पुलिस को भी इस घटना की जानकारी दी। जानकारी प्राप्त होते ही पुलिस अस्पताल पहुंची और युवक के बयान दर्ज किए।

सिवनी में मोबाइल ब्लास्ट मामले में पुलिस का कहना है

पुलिस का कहना है कि इस ब्लास्ट की जांच की जाएगी। युवक ने बताया है कि उसका मोबाइल एक हफ्ते पहले ही खरीदा गया था। वह किसी से बात कर रहा था और अचानक मोबाइल की बैटरी फट गई। युवक के अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद, उनसे एक बार फिर संवाद किया जाएगा।

युवक ने कहा कि वह अब कंपनी से मुआवजा चाहता है

उसने कहा, “मैंने एक हफ्ते पहले ही 27 हजार रुपये का मोबाइल खरीदा था। मुझे पता नहीं था कि नये मोबाइल में ब्लास्ट हो जाएगा। अब मैं चाहता हूँ कि कंपनी मुझे मुआवजा दे।

मैंने इसलिए इतना महंगा मोबाइल नहीं खरीदा था कि मेरी जान पर खतरा आए।” उसने इसके बाद बताया कि इस घटना के बाद से वह और उसका मोबाइल इस्तेमाल करने से डर रहा है। युवक के परिवार ने यह भी कहा कि उन्होंने इसकी शिकायत उपभोक्ता फोरम में दर्ज की जाएगी।

सिवनी: 5 करोड़ रुपये की लागत से होगा शंकराचार्य पार्क का नवनिर्माण, पूर्व CMO नवनीत पांडे पर दर्ज होगी FIR

सिवनी। सिवनी जिले में जन्म लेने के बाद धर्म पताका फहराने वाले धर्मसंस्थापक, धर्मरक्षक, विश्वविख्यात जगतगुरू शंकराचार्य द्वि पीठाधीश्वर स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती महाराज के ब्रह्मलीन होने के बाद जहाँ अब स्वामी जी के नाम से चौक चौराहों का नामकरण करने भक्त अनुयायी आगे आ रहे हैं जो अच्छी बात है।

लेकिन जिला मुख्यालय स्थित बबरिया तालाब से लगा करोड़ो रूपये की लागत से शंकराचार्य जी के नाम से बना शंकराचार्य पार्क कई सालों से बदहाल पड़ा है।

इस पार्क में शराबियों व असामाजिक तत्वों का डेरा जमा रहता है, जिसके चलते शहरवासी पार्क में जाना छोड़ दिए हैं। इसके साथ ही पार्क के सौंदर्यीकरण के लिए जो निर्माण कार्य कराए गए थे उसे भी तत्वों ने क्षतिग्रस्त कर दिया है। देखरेख के अभाव में यहां लगाए गए पत्थर, लोहा, रॉड आदि चुरा लिए गए है।

बाउंड्रीवाल नही होने से मवेशियों के जमावड़ा लगा रहता है। बैठने के लिए रखी गई कुर्सियों को तत्वों ने तोड़ दिया है। जगह-जगह शराब की खाली बोतलें, कांच के टुकड़े, डिस्पोजल आदि पड़े नजर आते है। पार्क निर्माण के बाद प्रशासन ने इसकी सुध नहीं ली।

लेकिन जिला मुख्यालय स्थित बबरिया तालाब से लगा करोड़ो रूपये की लागत से शंकराचार्य जी के नाम से बना शंकराचार्य पार्क कई सालों से बदहाल पड़ा है।

सिवनी में 5 करोड़ रुपये की लागत से होगा शंकराचार्य पार्क का नवनिर्माण

शंकराचार्य पार्क को 5 करोड़ से ज्यादा की राशि से नवनिर्माण किया जा रहा है। वर्तमान में पार्क में 65 लाख रुपये की लागत से काम शुरू हो चुका है। चिंदवाड़ा चौक पर 25 लाख रुपये की लागत से शंकराचार्य स्तंभ का निर्माण किया जाएगा।

पिछले महीने पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के सामने 9 महीने पुरानी घोटाले की खुलासा करने वाले नगर पालिका अध्यक्ष शफीक खान ने अब एक और बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने तत्कालीन सीएमओ नवनीत पांडेय पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

शुक्रवार को नगर पालिका कार्यालय में पत्रकार संगोष्ठी करते हुए उन्होंने आरोप लगाया है कि नवनीत पांडेय ने अंबेडकर वार्ड में स्थित प्राथमिक स्कूल को अनुमति के बिना तोड़कर वहां मांस और मछली बाजार बनवाया। इसके बाद बिना किसी पैसे के 48 दुकानों को लोगों को आवंटित कर दिया गया। उन्होंने कहा है कि इस कार्य के खिलाफ तत्कालीन सीएमओ पांडेय पर एफआईआर दर्ज की जाएगी।

अध्यक्ष खान और स्वास्थ्य समिति के अध्यक्ष राजिक अकील ने तत्कालीन सीएमओ पांडेय पर मॉडल रोड पर खड़ी पोल लगाने के गलत तरीके से ट्रायबल को देने, कांडीपार में प्रधानमंत्री आवास योजना के काम को अधूरा छोड़कर 3 करोड़ 92 लाख रुपये की अतिरिक्त भुगतान करने का आरोप लगाया है। 14 जून को ही उक्त राशि को और ब्याज के रूप में 2 करोड़ 5 लाख रुपये नगर पालिका के खाते में जमा कर दिया गया है।

नगर पालिका अध्यक्ष खान ने बताया कि शहर में विकास कार्य लगातार चल रहे हैं। उन्होंने कहा है कि कामों में गुणवत्ता पर कोई समझौता नहीं होगा और कोई भ्रष्टाचार की इजाज़त नहीं दी जाएगी। बताया गया है कि शहर के चार नाले वैनगंगा में मिलते हैं।

इन चारों नालों को एक स्थान पर कनेक्ट कर वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण किया जाएगा ताकि दूषित पानी वैनगंगा नदी में न मिले। इसकी मंज़ूरी के लिए प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा। इस संबंध में पार्षद चंदन खताबिया और पार्षद जोएब खान भी मौजूद थे।

सीएम शिवराज ने नगरीय निकायों में विकास कार्यों के लिए विशेष निधि से स्वीकृत किये 431 करोड़ रूपये

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चैहान ने 356 नगरीय निकायों में अधोसंरचना से जुड़े विविध विकास कार्यों के लिए विशेष निधि मद से 431 करोड़ 6 लाख रूपये की स्वीकृति प्रदान की है।

इस राशि से निकायों की मूलभूत सुविधाओं जिनमें सीमेंट कांक्रीट सड़क, डामरीकृत सड़क डिवाइडर निर्माण, पार्कों का निर्माण, मंगल भवन, सामुदायिक भवन, शमशान घाट निर्माण जैसे विकास कार्य किये जायेंगे।

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री भूपेन्द्र सिंह ने बताया है कि इसमें खास बात यह है कि इस राशि से स्मारकों के निर्माण के साथ शहीदों और महापुरूषों की प्रतिमाऐं भी स्थापित की जायेंगी। इससे भोपाल में टंट्या मामा, शहीद चन्द्रशेखर आजाद, शहीद भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरू, अमर बलिदानी हेमू कलाणी, स्व. श्री कैलाश सारंग, पूर्व मुख्यमंत्री स्व. श्री कैलाश जोशी की प्रतिमा स्थापित होंगी।

साथ ही भारत माता मंदिर स्मारक भी बनाया जायेगा। सागर में अमर बलिदानी महाराणा प्रताप और नगर पालिका सौंसर में पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्व. अटल बिहारी वाजपेयी की मूर्ति स्थापित की जायेगी।

नगर परिषद माखन नगर में राष्ट्रकवि माखनलाल चतुर्वेदी की मूर्ति स्थापित होगी। समस्त निकायों को निर्देश दिये गए हैं कि स्वीकृत कार्यों के प्राक्कलन तैयार कर सक्षम तकनीकी स्वीकृति के पश्चात निविदा आमंत्रित करने की कार्यवाही जल्द करें।

अरे! जरा रुकिए: क्या आप भी मोबाइल या लैपटॉप खरीदने की सोच रहे हैं, तो आपके लिए है खुशखबरी

ध्यान दें, त्योहारी सीजन तक स्मार्टफोन, टीवी और लैपटॉप जैसे उत्पादों के मूल्य कम हो सकते हैं। साथ ही, कंपनियां बड़े डिस्काउंट भी प्रदान कर सकती हैं। इस वर्ष दिवाली या त्योहारी सीजन में मोबाइल फोन या कोई गैजेट खरीदने का विचार कर रहे हैं तो आपके लिए अच्छी खबर है।

इस वर्ष कंपनियाँ ग्राहकों को टेलीविजन (TV), मोबाइल फोन (Mobile) और कंप्यूटर (Computers) जैसे इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के मूल्य में भारी छूट का तोहफा दे सकती हैं। कंपनियों का मानना है कि मूल्य में कटौती से सस्ते मोबाइल फोन के बाजार में एक बार फिर हलचल मच सकती है।

वास्तव में, इन कंपनियों को कच्चे माल के मूल्य में कमी का लाभ मिल रहा है। इंडस्ट्री के सूत्रों के अनुसार इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के उपयोग में आने वाले कच्चे माल के मूल्य कोविड से पहले के स्तर पर आ गए हैं, ऐसे में कंपनियाँ अब ग्राहको को इसका फायदा देकर त्योहारी सीजन में बंपर सेल्स की तैयारी में लग गई हैं।

भारत में चीन से आ रहा है सस्ता और कच्चा माल। कोविड महामारी के समय, परिवहन से जुड़ी बंदिशों के कारण, कच्चे माल की सप्लाई में समस्याएं उत्पन्न हुई थीं। इसके परिणामस्वरूप, कंपनियों को उत्पाद की कीमतों में वृद्धि करनी पड़ी। लेकिन अब जब चीन में फैक्ट्रियां फिर से शुरू हो रही हैं और बंदिशें हट रही हैं, तो कीमतों में बहुत बड़ी कमी आई है।

आर्थिक समाचार पत्र इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, चीन से भारत आने वाले कंटेनरों की लोडिंग और अनलोडिंग की लागत में कमी आई है। कोविड के दौरान, कंटेनर जिसे पहले 8000 डॉलर में प्राप्त किया जाता था, अब मात्र 850-1000 डॉलर में मिल रहा है। इसके साथ ही, कोविड के दौरान सेमीकंडक्टर चिप्स की कीमतों में भी बहुत उछाल हुई थी, लेकिन अब इनकी कीमतें 90 प्रतिशत तक घट गई हैं। इसके अलावा, मोबाइल, लैपटॉप और अन्य इलेक्ट्रॉनिक आइटम जो उपयोग में आते हैं, उनकी कीमतें भी 60 से 80 प्रतिशत कम हैं।

त्योहारी सीजन में ग्राहकों को खुश करने के लिए कंपनियों द्वारा लॉटरी खोली जा सकती है। 2020 के कोविड महामारी के समय, सभी इलेक्ट्रॉनिक आइटमों के मूल्य में तेजी से बढ़ोतरी हुई थी। घटते मार्जिन के कारण, सभी गैजेट्स की कीमतें बढ़ गई थीं। हालांकि, अब कच्चे माल की लागत कम होने से कंपनियों के मार्जिन बढ़ गए हैं, इसलिए ये कंपनियां बड़े डिस्काउंट की पेशकश कर सकती हैं।

कीमतों में वृद्धि के कारण, खासकर भारत में सस्ते मोबाइल फोनों की बिक्री में गिरावट देखी गई है। इस प्रकार, उम्मीद है कि इस बार त्योहारी सीजन में उपलब्ध होने वाले डिस्काउंट के साथ कंपनियां अपनी बिक्री को बढ़ाने में सफल रहेंगी।

मोबाइल के अतिरिक्त, लैपटॉप की कीमतों में भी वृद्धि होने की संभावना है। यह कच्चे माल के क्षेत्र में कमी के फायदे को दिखा सकता है। इसके अलावा, इस बार त्योहारों में, आपको स्मार्ट टीवी पर भी आकर्षक डील्स और ऑफर्स मिल सकते हैं। बड़े उपकरणों के अलावा, स्मार्टवॉच, ईयरबड्स और अन्य उपकरण भी इस बार उत्कृष्ट मूल्य पर उपलब्ध हो सकते हैं।

बदला गया दिल्ली के नेहरू मेमोरियल म्यूजियम एंड लाइब्रेरी का नाम, नाम बदलते ही भड़की कांग्रेस

0

भारत की राजधानी में स्थित नेहरू मेमोरियल म्यूजियम का नाम बदल दिया गया है। अब इसे प्रधानमंत्री म्यूजियम एंड लाइब्रेरी के नाम से जाना जाएगा। नेहरू मेमोरियल का नाम बदलने पर कांग्रेस ने मोदी सरकार पर निशाना साधा है।

कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा कि संकीर्णता और प्रतिशोध का दूसरा नाम मोदी है। नेहरू मेमोरियल म्यूजियम एंड लाइब्रेरी सोसाइटी की एक विशेष बैठक में इसका नाम बदलकर प्रधानमंत्री म्यूजियम एंड लाइब्रेरी सोसाइटी करने का फैसला किया गया।

इस विशेष बैठक की अध्यक्षता रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने की, वे सोसाइटी के उपाध्यक्ष हैं। हैं दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2016 में तीन मूर्ति परिसर में भारत के सभी प्रधानमंत्रियों को समर्पित एक संग्रहालय स्थापित करने का विचार रखा था। एनएमएमएल की कार्यकारी परिषद ने 25 नवंबर 2016 को अपनी 162वीं बैठक में इसे मंजूरी दी थी

वास्तव में, भारतीय संसद ने अनुभव किया है कि संगठन का नाम वर्तमान नीतियों को प्रतिबिंबित करने की आवश्यकता है, जिसमें एक नया संग्रहालय भी शामिल है, जो स्वतंत्र भारत में लोकतंत्र की सामरिक यात्रा को दर्शाता है और राष्ट्र निर्माण में प्रत्येक प्रधानमंत्री के योगदान को प्रकट करता है।

संग्रहालय को अपडेट किया गया है, यह संग्रहालय पुनर्निर्मित और नवीनीकृत नेहरू संग्रहालय भवन से शुरू होता है, जो जवाहरलाल नेहरू के जीवन और योगदान पर तकनीकी रूप से उन्नत प्रदर्शन के साथ पूरी तरह से अपडेट किया गया है।

कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने ट्वीट किया संकीर्णता और प्रतिशोध का दूसरा नाम मोदी है। 59 वर्षों से अधिक समय से नेहरू स्मारक संग्रहालय और पुस्तकालय एक वैश्विक बौद्धिक ऐतिहासिक स्थल और पुस्तकों एवं अभिलेखों का खजाना रहा है। अब से इसे प्रधानमंत्री म्यूजियम और सोसायटी कहा जाएगा। प्रधानमंत्री मोदी भारतीय राष्ट्र-राज्य के शिल्पकार के नाम और विरासत को विकृत करने, नीचा दिखाने और नष्ट करने के लिए कुछ नहीं छोड़ रहे हैं। वे अपनी असुरक्षाओं के बोझ को तले दबाकर एक छोटे कद के व्यक्ति को स्वघोषित विश्वगुरु बना रहे हैं।

राजनाथ सिंह: भारतीय रक्षा मंत्री, ने हाल ही में इस संग्रहालय का दौरा किया है। उन्होंने इस संग्रहालय को ‘प्रधानमंत्री संग्रहालय’ के रूप में नई दिल्ली में स्थापित किया गया है। इसके माध्यम से प्रधानमंत्री मोदी ने भारत के सभी प्रधानमंत्रियों द्वारा देश की रक्षा और विकास में किए गए योगदान का सम्मान करने का भी ऐलान किया है। यह संग्रहालय भारत की विकास यात्रा को दर्शाने के साथ-साथ देश के लोकतंत्र की जीवंतता और सफलता की कहानी भी प्रस्तुत करता है। राजनाथ सिंह ने सभी देशवासियों से अपील की है कि वे इस प्रधानमंत्री संग्रहालय को कम से कम एक बार जरूर देखें।

असम के मुख्यमंत्री ने की मध्यप्रदेश में स्वच्छता प्रयासों की सराहना

असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा है कि मध्यप्रदेश ने स्वच्छता और कचरा प्रबंधन के क्षेत्र में सर्वश्रेष्ठ कार्य किया है।असम के वरिष्ठ अधिकारी और केबिनेट के सदस्यों सहित एक 25 सदस्यीय प्रतिनिधि मण्डल भोपाल और इंदौर भेजा जाएगा, आप उनको गाइड कीजिएगा।

मुख्यमंत्री डॉ. बिस्वा सरमा ने यह बात मध्यप्रदेश और असम की संयुक्त वीडियो कान्फ्रेंस में कही। बैठक में श्री सरमा के साथ उनके सभी केबिनेट सहयोगी, सभी जिलों के कलेक्टर्स और असम के नगरीय प्रशासन विभाग के अधिकारी उपस्थित थे। मध्यप्रदेश की ओर से नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री भूपेन्द्र सिंह एवं राज्य मंत्री श्री ओपीएस भदौरिया ऑनलाइन शामिल हुये।

बैठक का उद्देश्य  मध्यप्रदेश द्वारा शहरी स्वच्छता और लीगेसी वेस्ट के निपटान के लिए किए जा रहे उल्लेखनीय प्रयासों से असम की शहरी विकास टीम को अवगत कराना था।

प्रमुख सचिव नगरीय विकास एवं आवास श्री नीरज मंडलोई और आयुक्त नगरीय प्रशासन एवं विकास श्री भरत यादव ने योजनाओं का प्रस्तुतिकरण किया। मध्यप्रदेश की उल्लेखनीय उपलब्धियों, रणनीति, भविष्य की योजनाओं के बारे में विस्तार से चर्चा की गयी। इंदौर और  भोपालमें लीगेसी वेस्ट के निपटान के लिए विशेष प्रयासों के साथ ही प्रदेश में लगातार किए जा रहे व्यवहार परिवर्तन और संचार के प्रयासों से भी अवगत कराया गया।

प्रमुख सचिव श्री नीरज मंडलोई ने मध्यप्रदेश शासन की ओर से असम के मुख्यमंत्री डॉ. सरमा को हरसंभव सहयोग देने का आश्वासन दिया। ज्ञातव्य है कि मध्यप्रदेश ने अपनी शहरी स्वच्छता यात्रा में कई कीर्तिमान स्थापित करके सम्पूर्ण देश का ध्यान अपनी ओर आकृष्ट किया है।

मध्यप्रदेश द्वारा किए जा रहे प्रयास, स्वच्छता सेवाएँ, कचरा प्रबंधन, व्यवहार परिवर्तन आदि के अनुभव देश में चर्चा का विषय हैं। स्वच्छ सर्वेक्षण-2022 में मध्यप्रदेश को देश के नंबर वन राज्य का सम्मान प्राप्त हुआ है।

इसके अलावा देश के नंबर वन स्वच्छ शहर इंदौर और भोपाल ने भी दुनियाभर में अपनी छाप छोड़ी है। प्रदेश के 80 प्रतिशत से अधिक निकायों ने अपनी स्वच्छता रैंकिंग में वृद्धि की है। इस समय प्रदेश के नगरीय निकाय आगामी स्वच्छ सर्वेक्षण-2023 की तैयारियों में जोर-शोर से जुटे हुये हैं।

सिवनी: दरखशा तरन्नुम ने NEET में 720 में से हासिल किए 601 अंक, सच होगा Neurosurgeon बनने का सपना

सिवनी: दरखशा तरन्नुम (DARAKHSHA TARANNUM) के परिवार के साथ ही सिवनी शहर के लिए यह अत्यंत गर्व का पल है. सिवनी जिले की बेटियां लगातार ही जिले का नाम रोशन करने में आगे रही है. सिवनी जिला मुख्यालय के उर्दू स्कूल में पदस्थ शिक्षक श्री अकील अहमद की सुपुत्री दरखशा तरन्नुम (सबदर फ्रूट एंड कंपनी, सबदर भाई की भतीजी) ने NEET UG की परीक्षा में 720 में से 601 अंक हासिल कर जिला का नाम रोशन किया है.

NEET जैसी कठिन परीक्षा में बाजी मारना अपने आप में एक बहुत बड़ी उपलब्धि है. दरखशा बचपन से पढ़ाई में होश्यार रही है. हर क्लास में वो प्रथम स्थान हासिल करती आई है. उनका सपना बचपन से ही डाक्टर बनने का था वे Neurosurgeon के लिए आगे पढ़ाई करना चाहती है.

इसी तरह हमारे बच्चे पढ़ते रहे तो न केवल देश में बल्कि विदेशों में भी अपने देश का नाम रोशन करेंगे. बता दे की NEET UG की परीक्षा, MBBS, BAMS, BHMS, BDS Etc. Various Type के कोर्स के लिए NTA द्वारा कराई जाती हैं. जिससे इन कोर्स में डॉक्टरी की डिग्री हासिल की जाती है।

पूरे सिवनी के लिए गर्व की बात है कि हमारे जिले से बच्चे इस तरह पढ़ लिख कर आगे बढ़ रहे हैं, हमे इनको प्रोत्साहन करना चाहिए ताकि इसी तरह बच्चे पढ़े. दरखशा को हम सभी की तरफ से इस उपाधि के लिए हार्दिक शुभकामनाएं और आशा करते हैं वो इसी तरह आगे बढ़ते जाए.

Seoni News: DARAKHSHA TARANNUM ने NEET में 720 में से हासिल किए 601 अंक, सच होगा Neurosurgeon बनने का सपना

NEET (UG) भारत में आयोजित होने वाली सबसे कठिन मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं में से एक है। राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) हर साल स्नातक (MBBD/BDS/Ayush Course) में प्रवेश के लिए राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) द्वारा आयोजित की जाती है। 

भारत सरकार के अनुसार, भारत और विदेश में चिकित्सा पाठ्यक्रमों का अध्ययन करने के लिए NEET परीक्षा उत्तीर्ण करना एक अनिवार्य आवश्यकता है। 

भारत में 542 मेडिकल, 313 डेंटल, 914 आयुष, और 47 बीवीएससी और एएच कॉलेजों में प्रवेश के लिए हर साल एकल राष्ट्रीय स्तर की स्नातक मेडिकल प्रवेश परीक्षा, एनईईटी आयोजित की जाती है।