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PM MODI ने देश को विश्व में सरताज बनाया : मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने श्योपुर जिले के विजयपुर विकासखंड मुख्यालय पर वृहद लाड़ली बहना सम्मेलन में कहा है कि, देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के 9 साल के स्वर्णिम कार्यकाल में देश ने हर क्षेत्र में तरक्की की। श्री मोदी के नेतृत्व में आज देश विश्व में सरताज बना हैं। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने श्योपुर जिले की कूनो में चीता प्रोजेक्ट की सौगात दी।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना हमारी बहनों की जिंदगी बदलने का अभियान हैं। योजना से उन्हें आत्मनिर्भरता मिली हैं। अब उन्हें मायके जाने के लिए पति की तरफ नहीं देखना पड़ेगा। बहनें अपने बच्चों की आवश्यकताओं को पूरा करने में सक्षम होंगी।

इस योजना में लाड़ली बहनों को दी जाने वाली राशि चरणबद्ध तरीके से बढ़ाते हुए तीन हजार रूपए तक की जाएगी। अभी महिलाओं को 12 हजार रूपए की राशि एक साल में मिलेगी जिसे बढ़ाकर वर्ष में 36 हजार रूपए तक किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने बताया कि हम बहनों की आमदनी बढ़ाने के लिए प्रयास कर रहे हैं। बहनों की आमदनी 10 हजार रूपए महीना तक की जाएगी। पीएम किसान सम्मान निधि में केन्द्र सरकार वार्षिक 6 हजार रूपए और राज्य सरकार 4 हजार रूपए दे रही हैं। राज्य सरकार की राशि को बढ़ाकर अब 6 हजार रूपए कर दिया गया हैं। इस प्रकार अब एक साल में 12 हजार रूपए की राशि किसानों को मिलेगी।

उन्होंने कहा कि 12वीं में 70 प्रतिशत अंक वाले मेधावी विद्यार्थियों को लैपटॉप दिए जा रहे हैं और 12वीं में टॉपर छात्र-छात्राओं को स्कूटी प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि, 4 जुलाई को मुख्यमंत्री सीखो-कमाओ योजना लाँच की जा रही हैं, जिसमें विभिन्न कंपनियों, फैक्ट्री में प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले युवाओं को 8 हजार रूपए मासिक स्टाइपेंड दिया जाएगा। 

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि लाड़ली लक्ष्मी योजना बेटियों के लिए वरदान साबित हुई है। योजना के बाद प्रदेश में स्त्री-पुरूष लिंगानुपात में कमी आई हैं। योजना में शासन की ओर से बेटियों को पढ़ने के लिए पूरी फीस के साथ प्रोत्साहन राशि भी दी जा रही हैं। श्योपुर जिले में चीता प्रोजेक्ट, मूंझरी बांध, मेडिकल कॉलेज की स्थापना, चंबल सूक्ष्म सिंचाई परियोजना आदि विकास कार्य लगातार जारी हैं।

विजयपुर क्षेत्र के किसानों की मांग पर आज 539 करोड़ रूपए की वृहद सिंचाई परियोजना चेंटीखेड़ा बांध का भूमि-पूजन किया गया हैं। इससे 15 हजार 300 हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी तथा 25 हजार की आबादी को पेयजल की सुविधा भी मिलेगी। मुख्यमंत्री ने 644 करोड़ 41 लाख रूपए के विकास और निर्माण कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास भी किया।

सम्मेलन के दौरान ग्रामीण आजीविका मिशन में संचालित 285 स्व-सहायता समूहों को 5 करोड़ 21 लाख रूपए की सीसीएल राशि का चेक प्रदान किया गया। इस राशि का उपयोग महिलाएँ अपनी आजीविका बढ़ाने के लिए कर सकेंगी। बालिका परी सोनी एवं रिषिका शिवहरे को लाड़ली लक्ष्मी योजना के तहत एक लाख 18 हजार रूपए की राशि के प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। 

केन्द्रीय कृषि एवं किसान-कल्याण मंत्री श्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा कि विजयपुर, कराहल क्षेत्र वर्ष 2003 से पूर्व तक इतना पिछड़ा था कि लोगों को पीने का साफ पानी उपलब्ध नहीं था, आज गाँव-गाँव में पानी की उपलब्धता हैं। सिंचाई के क्षेत्र में भी जिले को आत्म-निर्भरता मिली हैं। 24 गाँव की नहर के निर्माण से किसानों की सिंचाई क्षमता में वृद्धि हुई हैं। चंबल सूक्ष्म सिंचाई परियोजना और बड़ौदा क्षेत्र में मूंझरी बांध परियोजना का भूमि-पूजन हुआ और आज मुख्यमंत्री श्री चौहान विजयपुरवासियों को चेंटीखेड़ा बांध की सौगात देने के लिए आए हैं। 

केन्द्रीय नागरिक उड्डयन एवं इस्पात मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि श्योपुर क्षेत्र में नया इतिहास रचा जा रहा हैं। विकास की योजनाएँ मूर्तरूप ले रही हैं। श्री माधो महाराज प्रथम द्वारा स्थापित नेरोगेज को अब 3 हजार करोड़ की लागत से ब्रॉडगेज में बदला जा रहा हैं। प्रथम चरण में ग्वालियर से श्योपुर कार्य वर्तमान में चल रहा हैं। द्वितीय चरण में श्योपुर से कोटा तक ब्रॉडगेज का निर्माण होगा।

भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव श्री तरूण चुग ने मुख्यमंत्री श्री चौहान को प्रदेश भर में मामा की संज्ञा दिए जाने को जनता और उनके बीच का आत्मीय प्रेम एवं जुड़ाव बताया। उन्होंने कहा कि श्री चौहान के नेतृत्व में मध्यप्रदेश लगातार आगे बढ़ रहा हैं। 

हाथ उठाकर लिया साथ देने का संकल्प

मुख्यमंत्री श्री चौहान के साथ कार्यक्रम में बढ़ी संख्या में मौजूद बहनों तथा पुरूषों द्वारा अपनी जगह पर खड़े होकर, हाथ ऊँचे कर और मुट्ठी बांधकर संकल्प लिया कि, जो हमारे जीवन में बदलाव ला रहा हैं, निरंतर हमें सौगातें दे रहा हैं, हमारे हर सुख-दुख में साथ खड़ा हैं, ऐसे भैया का हम साथ नहीं छोड़ेंगे। मुख्यमंत्री ने सभी बहनों के साथ मिलकर ‘‘फूलों का तारों का सबका कहना हैं, लाखों हजारों ये मेरी बहना हैं‘‘ गीत को सस्वर गाया।

सम्मेलन में हाईस्कूल परीक्षा में क्रमश: 96 और 95 प्रशित अंक प्राप्त करने वाली छात्रा चेतना गुप्ता तथा कनिका शर्मा और लाड़ली बहना योजना में बेहतर डीबीटी कार्य के लिए बैंक सखी सुश्री सरस्वती कुशवाह भी सम्मानित की गई। 

उद्यानिकी एवं खाद्य प्र-संस्करण (स्वतंत्र प्रभार) और श्योपुर जिला प्रभारी मंत्री श्री भारत सिंह कुशवाह, राज्य सहरिया विकास प्राधिकरण अध्यक्ष श्री तुरषनपाल बरैया, विधायक श्री सीताराम आदिवासी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती गुड्डी बाई आदिवासी सहित अन्य जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे। 

सिवनी: बाढ़ में फंसे लोगों की जान बचाने जीवनरक्षक बन आया हेलीकाप्टर, अनेक मार्ग बंद

सिवनी: जिलेभर में लगातार हो रही मूसलाधार व रुक-रुक कर बारिश के की वजह से सिवनी जिले के विकासखंड लखनादौन, उगली, केवलारी, कुरई में आम जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है।

लखनादौन के बाजार में जहां अत्यधिक पानी भरा वही उगली में नदी व पानी के चारों तरफ से धीरे कुछ लोगों को हेलिकॉप्टर के माध्यम से रेस्क्यू कर बचाया गया।

सिवनी केवलारी ब्लॉक के खरपडियां ग्राम में 1 महिला समेत 5 लोग टापू पर फंसे। जलस्तर बढ़ने से फंसे लोगों को हैलीकाप्टर से रैस्क्यू कारवाही शुरू किया गया।

फंसे लोग मवेशी चराने के लिए गए गए थे। प्रशासन और पुलिस अफसर मौके पर मौजूद है। वहीं अनेक मार्ग बंद है।

सिवनी में क्यों आता है धान खरीदी मे शार्टेज, ये है खास वजह; ध्यान दीजिए कलेक्टर साहब

सिवनी, धारनाकला: समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के कार्य को सम्पन्न हुऐ छह माह का समय बीत गया है और लगभग जिले की अधिकांश सहकारी समितियां जिनके द्वारा शासन स्तर पर किसानों से धान खरीदी की गई है. इसके साथ ही समितियों के द्वारा हजारो क्विंटल धान का शार्टेज भी दिया है.

किन्तु इतना भारी भरकम शार्टेज आता कैसे है इसकी कलई भी अब धीरे धीरे सामने आने लगी है जिस तरफ ना ही प्रशासन का ध्यान है।

और न ही सहकारिता विभाग का तथा मध्य प्रदेश स्टेट सिविल सप्लाईज कार्पोरेशन सिवनी के द्वारा भी ठोस कार्रवाई नहीं की गई उसी का परिणाम है की लगातार सहकारी सेमितियों की धान खरीदी मे हजारो क्विंटल धान का शार्टेज मिल रहा है।

अतिरिक्त बनाई गई धान की बोरियो का भुगतान न होने पर हुई शिकायत

उल्लेखनीय है की बरघाट विकास खंड के अन्तर्गत ही आने वाले खरीफ उपार्जन केन्द्र का मामला प्रकाश मे आया है जिसमे धान खरीदी प्रभारी के द्वारा धान की बोरियों मे सिलाई करने वाले से अतिरिक्त धान की बोरिया पचास रूपये प्रति बोरी की दर बनवाई गई थी और लगभग दो हजार से उपर बोरिया उसके द्वारा धान खरीदी प्रभारी और आपरेटर को बनाकर दी गई थी।

किन्तु उसके द्वारा अतिरिक्त बनाई गई बोरियो का भुगतान अब तक नही किया गया है जिस सम्बध्द मे शिकायत कर्ता द्वारा बताया गया की वह अनेको धान खरीदी प्रभारी के पास जा चुका है किन्तु उसे उसकी मेहनत मजदूरी का भुगतान नही किया जा रहा है जिससे त्रस्त होकर उसके द्वारा प्रशासक को लिखित शिकायत करते हुए अपने भुगतान की मांग की गई है।

शिकायत कर्ता द्वारा यह भी बताया गया की मेरी और भी लोगो ने उपार्जन केन्द्र मे अतिरिक्त बोरिया बनाने का कार्य किया है और धान खरीदी प्रभारी को अतिरिक्त धान की बोरिया बनाकर सौपी है।

किसानो से अत्यधिक धान लेने के बाद भी हजारो क्विंटल धान का शार्टेज

उल्लेखनीय है की खरीफ उपार्जन केन्द्रो मे धान तुलाई के समय अन्न दाता किसान से 40किलो 500 ग्राम धान के ऐवज मे 41 किलो 200 से 300 ग्राम धान तौली गई है ऐसी स्थिति मे धान का शार्टेज कैसे हो सकता है किन्तु उसके पीछे का सच यही है की धान खरीदी प्रभारी तथा जवाबदारो के द्वारा भरी हुई धान की बोरियो से धान निकाल कर हजारो बोरिया तैयार की जाती है।

तथा वही धान अपने स्वयं के उपयोग मे लेते हुए शासन को लाखो रूपये का चूना लगाते हुऐ समिति को गर्त मे ले जाने का कार्य किया जाता है और प्रति वर्ष सहकारी समितियो को मिलने वाली धान कमीशन राशि समिति मे न जाकर इनकी जेब मे चली जाती है।

खरीफ धान उपार्जन मे स्कंध कमी की राशि क्यो नही की जाती वसूल

उल्लेखनीय है की सहकारी समितियो और समूहो के द्वारा धान उपार्जन का कार्य किया गया है एवं परिवहन किया गया है किन्तु स्वीकृति पत्रक के अनुसार सहकारी समितियो को हजारो क्विंटल स्कंध की कमी आई है।

बावजूद इसके नागरिक आपूर्ति निगम के द्वारा भुगतान भी कर दिया गया है जो की संस्था को देनदारी निर्मित होती है वही यह बताना भी लाजिमी है की उपार्जन नीति के अनुसार खरीदी प्रभारी का यह दायित्व होता है कि उपार्जित स्कंध की सुरक्षित अभिरक्षा मे रखकर एवं एफ एक्यू स्कंध की जिम्मेदारी खरीदी प्रभारी की होती है ।

किन्तु उपार्जन केन्द्रो मे हजारो क्विंटल धान की शार्टेज हुई है इस हेतू धान खरीदी प्रभारी ही उत्तर दायी है तथा इसके साथ ही संस्था को प्राप्य कमीशन राशि तथा बारदाना सहित लाखो रूपये को हानि पहुंचाई गई है ऐसी स्थिति मे वैधानिक कार्रवाई होनी चाहिये किन्तु इस सम्बंध मे जिले से ऐसी ठोस कार्रवाई सामने नही आई है यही कारण है सहकारी समितिया लगातार प्रति वर्ष लाखो के नुकसान सहित गर्त मे जा रही है।

89 दिन की भर्ती वाले ही कर रहे है कमाल

यह भी उल्लेखनीय है की सहकारी समितियो मे नियम विरूद्ध तरीके से रखे गये दैनिक वेतन भोगी कर्मी ही समितियो मे कमाल कर रहे है तथा समितियो की लूटिया डूबो रहे है पर इस ओर ध्यान देने की जरूरत कोई नही समझता लगातार समितिया नुकसान मे जा रही है ।

वेतन देने के लाले पडे हुऐ है पर समिति के 89 दिन समाप्त नही हो रहे है ऐसी स्थिति मे सहकारिता का भगवान ही मालिक है और आने वाले समय मे भी यही स्थिति रही तो किसानो से जुडी सहकारी समितिया नाम मात्र की औपचारिकता बनकर रह जायेगी जिसमे किसानो का हित तो कम पर संचालन करने वाले ही इसके मालिक बनकर अपनी मनमानी करते नजर आएंगे

इस सम्बध्द मे संचार एवं सकर्म सभापति एव जनपद सदस्य राहुल उइके एवं सहकारी सभापति एवं जनपद सदस्य गजानंद हरिनखेडे ने कहा की सहकारी समितिया किसानो से जुडी समितिया है तथा हमारे अन्नदाता किसान का कृषि से सम्बंधित कार्य।

खाद बीज से लेकर नगदी तक सहकारी समितियो से ही होता है जिसे संजोकर रखने का दायित्व हर किसी का होता है परन्तु जिस तरह सहकारी समितियो लगातार शासन की महती योजनाओ से जुडने के बाद भी गर्त मे जा रही है दुखद बात है।

इस और जवाबदारो को नियमानुसार कार्रवाई करनी चाहिये तभी बिन सहकार नही उद्धार का संकल्प पूरा नही होगा
अतः जिले के संवेदन शील जिला कलेक्टर महोदय इस ओर ध्यान देगे ऐसी अपेक्षा है

सिवनी में बारिश ने मचाया कोहराम: लखनादौन के निचले क्षेत्रों में भरा पानी, जनजीवन प्रभावित  

सिवनी: सिवनी जिले के लखनादौन मुख्यालय में लगातार बारिश के चलते रोटा झील में पानी के ज्यादा भराव के कारण निचले क्षेत्रों के वार्डो में पानी भर गया है.

वही देखा गया कि लोगों के घरों के अंदर पानी भर जाने से कीमती सामग्री का भारी नुकसान हुआ है। वहीं सडकों पर खडी कारें पानी मे डूब गई जहां लोगों को स्थानीय प्रशासन से सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया है।

इस घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस अधीक्षक रामजी श्रीवास्तव जिला पंचायत अध्यक्ष मालती डहेरिया जिला प्रशासन के अधिकारी मौजूद है।

तथा रेस्क्यू कर प्रभावित वार्डो से आमजनों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जा रहा है तथा लोगों के लिए आवश्यक सुविधाएं भोजन नाश्ता इत्यादि की व्यवस्था की जा रही है।

नगर निरीक्षक लखनादौन मनोज गुप्ता ने बताया कि 27 जून की देर रात में बारिश होने के कारण मुख्यालय के निचले वार्डो में पानी भर गया है जहां भारी नुकसान हुआ है लेकिन कोई जनहानि नही हुई है।

MP NEWS: 33 सीएम राइज विद्यालयों के लिये 1335 करोड़ रूपये की स्वीकृति

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में आज समत्व भवन में हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में प्रदेश में 33 सर्वसुविधायुक्त विद्यालयों के लिये अनुमानित लागत 1335 करोड़ 20 लाख रूपये में निर्माण किये जाने की स्वीकृति प्रदान की गई। सी.एम. राइज योजना के प्रथम चरण में स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा 275 विद्यालय विकसित किये जा रहे हैं। इनमें से 33 विद्यालयों के निर्माण के लिये डी.पी.आर तैयार कर परियोजना परीक्षण समिति के समक्ष 20 मार्च 2023 को प्रस्तुत किये गये।

विद्युत वितरण कंपनियों के लिये 24 हजार करोड़ रूपये से अधिक सब्सिडी की स्वीकृति

मंत्रिपरिषद द्वारा वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिये निर्धारित दरों में प्रदेश के घरेलू उपभोक्ताओं के लिये अटल गृह ज्योति योजना में स्वीकृत सब्सिडी एवं विभिन्न उपभोक्ता श्रेणियों को सब्सिडी देते हुए इसके एवज में विदयुत वितरण कंपनियों को सब्सिडी दी जाने की स्वीकृति प्रदान की गई। कंपनियों को विभिन्न श्रेणियों में 24 हजार 196 करोड़ 47 लाख रूपये की सब्सिडी स्वीकृति दी गई।

मुख्यमंत्री शहरी अधोसंरचना विकास योजना के लिये 1700 करोड़ रूपये की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद् ने प्रदेश के समस्त नगरीय निकायों में अधो-संरचना विकास के लिए “मुख्यमंत्री शहरी अधोसंरचना विकास योजना” चतुर्थ चरण को दो वर्षों (वित्तीय वर्ष 2023-24 एवं 2024-25) के लिए राशि रू. 1700 करोड़ की स्वीकृति प्रदान की। योजना में सड़क निर्माण तथा अनुषांगिक कार्य, शहरी यातायात सुधार, नगरीय सौन्दर्यीकरण, सामाजिक एवं खेल अधोसंरचनाएँ, उद्यान विकास सम्बन्धी कार्यों के साथ ही निकाय के कार्यालय भवन निर्माण/ उन्नयन के कार्य किये जा सकेंगे। योजना का क्रियान्वयन विभागीय मार्गदर्शन में नगरीय निकायों द्वारा किया जायेगा। इस योजना के लागू किये जाने से, विभिन्न शहरों में आवश्यक अधोसंरचनाएँ उपलब्ध हो सकेंगीं।

6 जिलों में नवीन चिकित्सा महाविद्यालय स्थापित किये जाने की सैद्धांतिक स्वीकृति

मंत्रि-परिषद् द्वारा खरगोन, धार, भिण्ड, बालाघाट, टीकमगढ़ तथा सीधी जिलों में 100 एम.बी.बी.एस सीट प्रवेश क्षमता के नवीन चिकित्सा महाविद्यालय स्थापित किये जाने के लिये सैद्धांतिक सहमति प्रदान की गई है। चिकित्सा महाविद्यालय की स्थापना से क्षेत्र की जनता को तृतीयक स्तर की चिकित्सकीय सुविधाएँ उपलब्ध होने के साथ-साथ प्रदेश के छात्रों के लिये चिकित्सा क्षेत्र की 600 एम.बी.बी.एस. सीट की वृद्धि होगी।

 भोज वेटलैंड की 1097.11 हेक्टेयर भूमि पर्यावरण वानिकी वनमंडल भोपाल को हस्तांतरित करने की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद् ने भोज वेटलैंड भोपाल की 1097.11 हेक्टेयर भूमि जो वर्तमान में भोज वेटलैंड, प्रशासक राजधानी परियोजना प्रशासन, नगरीय विकास एवं आवास विभाग के आधिपत्य में है, में से बड़ा तालाब एवं उसके जल भराव क्षेत्र को छोड़कर और व्ही.आई.पी. रोड़ को 8 लेन करने हेतु नवीन एकरेखण में आने वाली भूमि को छोड़ कर शेष भूमि को संयुक्त सीमाकंन के पश्चात पर्यावरण वानिकी वनमंडल भोपाल कोहस्तान्तरित करने का निर्णय लिया है।

यह भी निर्णय लिया है कि मध्यप्रदेश वृक्षों का परीक्षण (नगरीय क्षेत्र) अधिनियम 2001 की धारा 4 में प्रावधान अनुसार उक्त भूमि के भारसाधक वन क्षेत्रपाल को वृक्ष अधिकारी नियुक्त किया जाये। भविष्य में अन्य वृक्षारोपण क्षेत्रों को हस्तांतरित करने की स्थिति निर्मित होने पर मुख्य सचिव, संबंधित विभागों की आपसी सहमति से क्षेत्र हस्तांतरण करने के संबंध में निर्णय लेंगें।

दीनदयाल रसोई योजना में मिलेगा अब 5 रूपये प्रति थाली भोजन

प्रदेश के नगरीय क्षेत्रों में व्यवसाय एवं श्रम कार्यों के लिये ग्रामीण क्षेत्रों से जरूरतमंद व्यक्तियों और परिवारों का आगमन होता है। शासन द्वारा प्रदेश के 55 नगरीय निकायों के 119 रैन बसेरा/ आश्रय-स्थलों में इनके लिये अस्थाई आश्रय तथा दीनदयाल रसोई योजना के प्रथम चरण 07 अप्रैल, 2017 से प्रदेश के 51 नगरीय निकायों के 56 रसोई केन्द्रों में किफायती दरों पर पौष्टिक भोजन की व्यवस्था की गई है।

कोविड-19 महामारी के समय रसोई केन्द्रों की महत्ता भी प्रदर्शित हुई। इसलिये 26 फरवरी, 2021 को रसोई योजना के द्वितीय चरण में 52 जिला मुख्यालयों तथा 06 धार्मिक नगरों मैहर, ओंकारेश्वर, महेश्वर, अमरकंटक, ओरछा एवं चित्रकूट में कुल 100 रसोई केंद्रों का संचालन आरंभ किया गया था। योजना में प्रत्येक जरूरतमंद को रूपये 10 प्रति व्यक्ति की दर से भोजन उपलब्ध कराया जाता है। अब तक 01 करोड़ 62 लाख थालियों का वितरण किया जा चुका है।

योजना में पूर्व में स्थापित 100 रसोई केन्द्रों के अतिरिक्त, 20 नवीन स्थाई रसोई केन्द्र तथा ऐसे लोगों की मदद के लिये जो स्थाई रसोई केंद्रों पर नहीं पहुंच पाते हैं, उनके लिये 16 नगर निगमों तथा पीथमपुर एवं मण्डीदीप में कुल 25 नवीन चलित रसोई केन्द्र, इस प्रकार कुल 45 नवीन रसोई केन्द्र खोले जाने एवं मात्र रुपए 5 प्रति व्यक्ति की दर से रसोई में भोजन उपलब्ध कराने का निर्णय मंत्रि-परिषद द्वारा लिया गया है।

“प्राइस सपोर्ट स्कीम” में मंडी एवं निराश्रित शुल्क की छूट की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद व्दारा केंद्र/राज्य शासन की संस्थाओं द्वारा भारत सरकार की “प्राइस सपोर्ट स्कीम” में प्रदेश के कृषकों से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर अधिसूचित कृषि उपज के उपार्जन पर मंडी शुल्क की छूट के साथ में निराश्रित शुल्क के भुगतान पर भी छूट प्रदान करने का निर्णय लिया गया। साथ ही प्राइस सपोर्ट स्कीम में वर्ष 2022 (विपणन मौसम 2022-23) में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर उपार्जित ग्रीष्मकालीन मूँग एवं ग्रीष्मकालीन उड़द पर भी निराश्रित शुल्क में छूट प्रदान की गई है।

  सिंचाई परियोजना के लिये 190 करोड़ रूपये की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद द्वारा सीप-अम्बर काम्पलेक्स सिंचाई परियोजना फेस-2 लागत राशि 190 करोड़ 11 लाख रूपये सैंच्य क्षेत्र 13 हजार 457 हेक्टेयर की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई। परियोजना से सीहोर जिले की भैरूंदा तहसील के 24 ग्रामों की 13 हजार 457 हेक्टेयर सैंच्य क्षेत्र में सिंचाई सुविधा का लाभ प्राप्त होगा।

मध्यप्रदेश पुलिस स्वास्थ्य सुरक्षा योजना की निरंतरता को मंजूरी

मंत्रि-परिषद् द्वारा प्रदेश में 19 अगस्त 2013 से संचालित मध्यप्रदेश पुलिस स्वास्थ्य सुरक्षा योजना की महत्ता को देखते हुए योजना को 31 मार्च, 2019 के पश्चात से निरंतर बनाये रखते हुए आगामी पाँच वर्ष तक निरंतर संचालित किये जाने की स्वीकृति प्रदान की गई।

केला फसल क्षति की राहत राशि में वृद्धि

मंत्रि-परिषद द्वारा राजस्व पुस्तक परिपत्र खण्ड छ. क्रमांक 4 के परिशिष्ट-1 (एक) (ख) की तालिका में केले की फसल हानि पर वर्तमान में आर्थिक अनुदान सहायता के लिए निर्धारित मापदण्डों में संशोधन को मंजूरी दी गयी। केला की फसल में 25 से 33 प्रतिशत क्षति होने पर 30 हजार रूपये प्रति हेक्टेयर अनुदान सहायता राशि, 33 से 50 प्रतिशत क्षति होने पर 54 हजार रूपये प्रति हेक्टेयर अनुदान सहायता राशि एवं 50 प्रतिशत से अधिक क्षति होने पर 2 लाख रूपये प्रति हेक्टेयर अनुदान सहायता राशि करने की स्वीकृति दी गई। आर्थिक अनुदान सहायता राशि की अधिकतम देय सीमा 3 लाख रूपये के स्थान पर 6 लाख रूपये से अधिक नहीं होगी।

अन्य निर्णय

मंत्रि-परिषद द्वारा राजस्व विभाग की वार्ड क्र. 05, ग्राम- तिलिमाफ़ी, जिला सागर, स्थित पार्ट-बी भूमि परिसम्पत्ति जिसका खसरा क्रमांक 147/1/1/1/1 कुल रकबा 3000 वर्गमीटर के निर्वर्तन के लिये H-1 निविदाकार तथा वार्ड क्र 13, सुसनेर, जिला आगर मालवा, म. प्र. स्थित भूमि परिसम्पत्ति खसरा क्रमांक 1859/4, कुल रकबा 1760 वर्गमीटर के H-1 निविदाकार एवं कुटीर एवं ग्रामोद्योग की ब्लॉक-2, ग्राम एहसानपुरा, तहसील सारंगपुर, जिला-राजगढ़ भूमि परिसम्पत्ति सर्वे क्रमांक 58 कुल रकबा 8550 वर्गमीटर, के H-1 निविदाकार की संस्तुति करते हुए उसे विक्रय करने एवं निविदा राशि का 100% जमा करने के बाद अनुबंध / रजिस्ट्री की कार्यवाही जिला कलेक्टर द्वारा किए जाने का निर्णय लिया गया।

PM MODI IN BHOPAL: भोपाल के रानी कमलापति स्टेशन से 5 वंदे भारत एक्सप्रेस को दिखाएंगे हरी झंडी

PM MODI IN BHOPAL: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (PM NARENDRA MODI) आज 27 जून को भोपाल (BHOPAL) आएंगे. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज सुबह 10:30 बजे रानी कमलापति रेलवे स्टेशन (Rani Kamlapati Railway Station) पहुंचेंगे और पांच वंदे भारत रेलगाड़ियों (Vande Bharat Train) को झंडी दिखाएंगे।

यह पाँच वंदे भारत रेलगाड़िय़ां हैं; भोपाल (रानी कमलापति)- इंदौर वंदे भारत एक्सप्रेस (Bhopal Indore Vande Bharat Express Train); भोपाल (रानी कमलापति)-जबलपुर वंदे भारत एक्सप्रेस (Bhopal Jabalpur Vande Bharat Express Train); रांची-पटना वंदे भारत एक्सप्रेस (Ranchi Patna Vande Bharat Express Train); धारवाड़-बैंगलुरु वंदे भारत एक्सप्रेस (Dharwad Bangluru Vande Bharat Express Train) और गोवा (मडगांव)-मुंबई वंदे भारत एक्सप्रेस (Goa Mumbai Vande Bharat Express Train)। इनमें से अंतिम तीन को वे वर्चुअल माध्यम से हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे।

भोपाल (रानी कमलापति)- इंदौर, वंदे भारत एक्सप्रेस मध्य प्रदेश के दो महत्वपूर्ण शहरों के बीच सरल और त्वरित यात्रा की सुविधा प्रदान करेगी तथा क्षेत्र में सांस्कृतिक, पर्यटन एवं धार्मिक स्थानों की कनेक्टिविटी में सुधार लाएगी।

भोपाल (रानी कमलापति)-जबलपुर वंदे भारत एक्सप्रेस महाकौशल क्षेत्र (जबलपुर) को मध्यप्रदेश के मध्य क्षेत्र (भोपाल) से जोड़ेगी। इसके अतिरिक्त, बेहतर कनेक्टिविटी से क्षेत्र के पर्यटन स्थलों को भी लाभ होगा।

रांची-पटना वंदे भारत एक्सप्रेस झारखंड और बिहार के लिए पहली वंदे भारत रेलगाड़ी होगी। पटना और रांची के बीच कनेक्टिविटी को बढ़ाने वाली यह रेलगाड़ी पर्यटकों, छात्रों और व्यवसायियों के लिए वरदान साबित होगी। धारवाड़-बैंगलुरु वंदे भारत एक्सप्रेस कर्नाटक-धारवाड़ और हुबली में महत्वपूर्ण शहरों को राज्य की राजधानी बैंगलुरु से जोड़ेगी।

इससे क्षेत्र के पर्यटकों, छात्रों, उद्योगपतियों आदि को अत्यधिक लाभ प्राप्त होगा। गोवा (मडगांव)-मुंबई वंदे भारत एक्सप्रेस गोवा की पहली वंदे भारत एक्सप्रेस होगी। यह मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस और गोवा के मडगांव स्टेशन के बीच चलेगी। इससे गोवा और महाराष्ट्र दोनों के ही पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।

सिवनी: अधूरा पड़ा नाली निर्माण, आम नागरिकों के लिए बन रही ट्रैफिक जाम की स्थिति

Seoni News:- सिवनी: नगर का ह्रदय स्थल गांधी चौक पहले ही फल, होटल व अन्य हाथ ठेला संचालकों द्वारा किये गए अवैध कब्जों के कारण यातायात की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील है.

कटगी रोड गांधी वार्ड, नेहरू रोड, डुंडासिवनी जैसे छेत्रो के नागरिक इसी मार्ग का उपयोग बुधवारी बाजार, नेहरू रोड आने के लिये करते है, इसके अलावा बरघाट रोड गणेश मंदिर से यह मार्ग नगर को जोड़ता है।

MPRDC द्वारा गणेश चौक से कटंगी रोड होते हुए तुमसर तक मार्ग निर्माण तो कराया गया लेकिन अतिक्रमण जस के तस है, इसके अलावा इसी क्षेत्र में दो बैंक सचालित हो रहे जिनके पास पार्किग की व्यवस्था तक नही है।

पहले यहां दिन भर ट्रैफिक जाम की समस्या से निवासी व व्यपारी परेशान थे वही अब नगर पालिका सिवनी द्वारा वर्षो बाद यहां नाली व नाले का निर्माण कार्य आरभ तो करा दिया गया.

लेकिन ठेकेदार द्वारा लगभग एक माह बाद भी कार्य पूर्ण नही किया गया है, जल निकासी की व्यवस्था को बनाये रखने के लिये यहाँ बना नाला भी खोद कर छोड़ दिया है जो दुर्घटना को आमंत्रण दे रहा है।

निर्माण स्थल पर कोई सूचना संकेत नही लगे, खुली नाली व नाले से निकला मटेरियल सड़क पर पड़ा रहने के कारण पहले इस संक्रिन मार्ग पर लगभग हर घण्टे घण्टो ट्राफ़िक जाम हो रहा है.

सुबह 10 बजे से दोपहर 2 व दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे यहां समस्या ज्यादा बढ़ जाती है क्योंकि इस समय स्कूलों व ऑफिसों से नागरिक घर वापिस जाते है।

अनुविभागीय अधिकारी पुलिस सिवनी का कार्यलाय भी गांधी चौक में सचालित है इसके बावजूद यहां ट्रैफिक जाम की इस्थिति बनना लचर व्यवस्था को उजागर कर रहा है।

गांधी चौक शुक्रवारी बाजार के नागरिको व व्यापारियों ने नपा अध्यक्ष शफीक खान. सी एम ओ नपा सिवनी व वार्ड पार्षद शोहेल पाशा से अनुरोध किया है जल्द से जल्द यहां आरभ कार्य को पूर्ण करने का निर्देश ठेकेदार को दे ताकि ट्रॉफिक जाम की स्तिथि ना बन पाए।

MP में MONSOON का शानदार प्रवेश: छिंदवाड़ा – सिवनी में भारी बारिश, 9 जिलों में चेतावनी जारी है

MP Weather News: मध्य प्रदेश में मौसम (MP Weather) का मिजाज अब पूरी तरह बदल चुका है. मध्य प्रदेश में आज से जबरदस्त बारिश के साथ मानसून ने पूरी तरह दस्तक दे दी है। बीते दिन रविवार को मध्य प्रदेश के कई जिलों में झमाझम भारी वर्षा हुई।

मौसम विभाग के अनुसार मध्यप्रदेश में अगले 24 घंटे में सभी क्षेत्रों में बारिश की अत्यधिक संभावना है। साथ ही, प्रदेश के 9 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। छिंदवाड़ा और सिवनी जिलों में अतिवर्षा की चेतावनी दी गई है।

मौसम विशेषज्ञों से प्राप्त जानकारी के अनुसार मध्यप्रदेश के मौसम में बदलाव अरब सागर से आने वाले सिस्टम के की वजह से हुआ है और अब लगातार ही बारिश की संभावना है। मौसम विभाग से जो जानकारी मिली है उसके अनुसार दक्षिण भारत में ट्रफ लाइन बनने के कारण अरब सागर से भी नमी आ रही है। इसके ससाथ ही बंगाल की खाड़ी में भी एक नया वेदर सिस्टम एक्टिव हो चुका है. इन सभी एक्टिव सिस्टम की वजह से अब पूरे मध्यप्रदेश में बारिश की संभावना अत्यधिक बढ़ी है।

भारी बारिश का अलर्ट जारी!

मौसम विशेषज्ञों ने अगले 24 घंटों के दौरान मध्य प्रदेश के 2 जिलों में मूसलाधार बारिश की चेतावनी जारी की है, जिनमें छिंदवाड़ा और सिवनी शामिल हैं। जबकि 11 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

बालाघाट, डिंडौरी, रीवा, शहडोल, अनूपपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, अशोकनगर, नर्मदापुरम, ग्वालियर और दतिया जिलों में भारी वर्षा का अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावाप प्रदेश के कई अन्य जिलों में भी जोरदार बारिश की संभावना है।

भारी बारिश के साथ मानसून की एंट्री प्रदेश में भारी बारिश के साथ मानसून की जोरदार एंट्री हुई है। पिछले 24 घंटों से प्रदेश के कई जिलों में बारिश का दौर लगातार जारी है।

भोपाल, रायसेन, नरसिंहपुर, दमोह, नर्मदापुरम, छिंदवाड़ा, विदिशा, रायसेन, सीहोर, बैतूल, हरदा, सिवनी और बालाघाट समेत कई जिलों में रविवार को भारी बारिश दर्ज की गई।

राजधानी भोपाल और रायसेन समेत कई शहरों की सड़कों पर पानी का सैलाब दिखाई दिया। सड़कों पर कई फीट तक पानी भर गया, जिसकी वजह से आवाजाही प्रभावित हुई।

World Vitiligo Day 2023: किन कारणों है से होता है सफेद दाग का रोग होता है, जानें विटिलिगो के बारे

World Vitiligo Day 2023: कब है विटिलिगो डे?, विटिलिगो डे वार्षिक रूप से मनाया जाता है, हम बताना चाहेंगे कि इस बार विटिलिगो डे 25 जून 2023 को मनाया जाएगा। विटिलिगो एक पुराना रोग है जिसमें त्वचा का रंग गहराता है। जब त्वचा की रंगत को निर्माण करने वाली कोशिकाएं नष्ट हो जाती हैं, तो त्वचा सफेद हो जाती है।

विटिलिगो के कारण और क्यों होता है, ये सवाल बहुत से लोगों के मन में उठता है। यह विकार ऑटोइम्यून बीमारी वाले लोगों में उपजता है, जब उनके शरीर में उनके स्वास्थ्यपूर्ण ऊतकों के खिलाफ उत्पन्न होने वाले रेस्पॉंस द्वारा हमला होता है। विटिलिगो का कोई सटीक इलाज अभी तक नहीं है, लेकिन इलाज से त्वचा के रंग को सुधारने में मदद मिल सकती है। विटिलिगो के बारे में कुछ महत्वपूर्ण तथ्य हैं जिन्हें आपको जानना चाहिए।

  1. यह एक बहुत ही कम देखने वाला त्वचा रोग है जिसे सिर्फ़ 1-2 प्रतिशत लोगों में होता है।
  2. इसे अत्यंत दुर्लभ माना जा सकता है।
  3. यहाँ लोग बहुत साहसी हो सकते हैं, सकारात्मकता के साथ रह सकते हैं और ख़ुद की मान-सम्मान को लेकर स्थिर रह सकते हैं, जबकि इस बीमारी के साथ दूसरों की शारीरिक परिवर्तनों को स्वीकार करने में कठिनाई होती है।
  4. जब त्वचा अपनी मेलानोसाइट्स को खो देती है, तब विटिलिगो होता है। यह किसी भी संक्रामक या वंशानुगत रोग नहीं है और यह किसी भी उम्र में शुरू हो सकता है।
  5. विटिलिगो के विकास में आनुवंशिकता एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है, जिन लोगों के परिवार में विटिलिगो से पीड़ित व्यक्ति होते हैं, उनमें इस रोग के होने की संभावना अधिक होती है।

विटिलिगो के बारे में भ्रम | Vitiligo के बारे में मिथक

  1. विटिलिगो जीवनघातक/लाइफ-शॉर्टिंग रोग है.
    इसका जीवन कोई खतरा नहीं है, लेकिन तुरंत इलाज करने की आवश्यकता होती है जब पैची स्किन के लक्षण प्रकट हों.
  2. विटिलिगो केवल गहरे रंग वाले लोगों में होता है
    रोग का मूल कारण त्वचा की अपनी वर्णक कोशिकाओं (मेलानोसाइट्स) की कमी है, और यह दुनिया भर के लोगों में हो सकता है, किसी भी जाति के साथ.
  3. विटिलिगो मिल्क प्रोडक्ट्स के कारण होता है
    विटिलिगो का कारण लैक्टोज से संबंधित पदार्थों का सेवन करने से नहीं होता है, यह एक ऑटो-इम्यून रोग है और इसका कोई संबंध वैज्ञानिक रूप से सिद्ध नहीं हुआ है.
  4. विटिलिगो शारीरिक और मानसिक नुकसान के दिशानिर्देश में ले जाता है। विटिलिगो के ग्रस्त व्यक्तियों के लिए परिवार एक महत्वपूर्ण समर्थन प्रणाली का रूप धारण करता है। उन्हें कभी भी दूसरों से कम या अलग महसूस करने के लिए नहीं बनाया जाना चाहिए। घरेलू उपचार जैसे व्यायाम करना, स्वस्थ आहार लेना, तांबे के गिलास में पानी पीना और अदरक का रस पीना वैसे ही प्रभावी उपाय हैं जो सफेद दागों के उपचार में मदद करते हैं।

अस्वीकरण: इस सामग्री का उपयोग केवल सामान्य जानकारी के लिए होना चाहिए और इसे किसी भी प्रकार की चिकित्सा सलाह के विकल्प के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। किसी विशेषज्ञ या चिकित्सक से सलाह लेने के लिए हमेशा संपर्क करें। एनडीटीवी इस सामग्री की ज़िम्मेदारी को नहीं लेता है।

CM SHIVRAJ ने स्मार्ट सिटी मिशन की आठवीं वर्षगांठ पर किया पौधरोपणरोपे पीपल, आम और जामुन के पौधे

भोपाल: मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज श्यामला हिल्स स्थित उद्यान में पीपल, आम और जामुन के पौधे रोपे। स्मार्ट सिटी मिशन की आठवीं वर्षगांठ पर पोधरोपण में भोपाल स्मार्ट सिटी डेवलपमेंट कॉरपोरेशन के अधिकारी भी पौधरोपण में शामिल हुए।

मिशन “ट्रांसफॉर्म नेशन” के लक्ष्य के साथ आरंभ हुए स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट द्वारा भोपाल में अटल पथ, स्मार्ट रोड, स्मार्ट पार्क, मल्टीलेवल पार्किंग, साइकिल ट्रैक विकसित किए गए हैं, पब्लिक बाइक शेयरिंग भी शहर में संचालित है।

मुख्यमंत्री चौहान के साथ एनडीटीवी के श्री अनुराग द्वारी ने भी पौधे रोपे। साथ ही मुस्कान वेलफेयर सोसाइटी के श्री गौरव जैन और श्रीमती रितिका जैन ने अपनी विवाह वर्षगांठ पर तथा श्रीनिवास चौबे और श्रीमती रिचा चौबे ने अपने दो वर्षीय पुत्र ध्रुव चौबे के जन्मदिवस पर पौधे लगाए। पौधरोपण में सर्वश्री वेदांत जैन, लकी नेगी, अनिकेत किरार, नवीन जैन, सुश्री आशा जैन भी शामिल हुए।