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सिवनी की एसडीओपी पूजा पांडेय निलंबित: NH-44 पर पकड़ी गई करोड़ों की रकम से जुड़ा मामला!

सिवनी: मध्य प्रदेश के सिवनी ज़िले से एक बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई सामने आई है। पुलिस महानिरीक्षक (IG) जबलपुर ज़ोन से प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर सिवनी की अनुविभागीय अधिकारी (एसडीओपी ) श्रीमती पूजा पांडेय को गंभीर कदाचार और संदिग्ध आचरण के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

🕵️‍♀️ क्या है पूरा मामला?

मामला दिनांक 8 अक्टूबर 2025 की रात का बताया जा रहा है, जब एनएच-44 शीलादेही बायपास सिवनी में पुलिस द्वारा की जा रही चेकिंग के दौरान एक बड़ी रकम बरामद की गई थी। प्रारंभिक जांच में इस राशि को लेकर कई संदेहास्पद परिस्थितियाँ सामने आईं, जिसके बाद पूरा मामला उच्च अधिकारियों तक पहुंचा।

📑 IG जबलपुर ज़ोन की रिपोर्ट पर तत्काल कार्रवाई

पुलिस महानिरीक्षक, जबलपुर ज़ोन द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन में यह स्पष्ट किया गया कि इस पूरे प्रकरण में एसडीएम पूजा पांडेय का आचरण प्रथम दृष्टया गंभीर और संदिग्ध प्रतीत होता है। इसके आधार पर शासन ने उन्हें मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के नियम 9(1)(क) के अंतर्गत 10 अक्टूबर 2025 से निलंबित कर दिया है।

🏢 भोपाल में रहेगा मुख्यालय

निलंबन के बाद श्रीमती पूजा पांडेय का मुख्यालय पुलिस मुख्यालय, भोपाल निर्धारित किया गया है। आदेश में यह भी उल्लेख है कि निलंबन अवधि के दौरान उन्हें नियमों के अनुसार जीवन निर्वहन भत्ता (subsistence allowance) प्राप्त होगा।

⚖️ जांच के बाद तय होगी अगली कार्रवाई

स्रोतों के मुताबिक, इस पूरे मामले की विस्तृत जांच के लिए एक विशेष समिति बनाई जा सकती है। यदि जांच में आरोप सिद्ध होते हैं तो कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है। वहीं, विभागीय सूत्रों का कहना है कि शासन इस मामले को लेकर बेहद सख्त रुख में है।

📣 सोशल मीडिया पर चर्चा तेज

पूरे प्रकरण की खबर सामने आते ही सोशल मीडिया पर इस घटना की चर्चा तेज हो गई है। कई यूजर्स प्रशासन की कार्रवाई को सही ठहरा रहे हैं, तो कुछ लोग मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।

सिवनी: ब्लैकलिस्टेड समितियों को मिला धान खरीदी का जिम्मा, ईमानदार महिला समूहों को किया जा रहा है दरकिनार

सिवनी, मध्यप्रदेश — जिले में इस बार की धान खरीदी नीति पर फिर सवाल खड़े हो गए हैं। जहां एक ओर सरकार महिला स्व-सहायता समूहों को आत्मनिर्भर बनाने की बात करती है, वहीं दूसरी ओर विभागीय अमले के कुछ अफसर अपने निजी स्वार्थ और कमीशन के खेल में इन समूहों को धान खरीदी से दूर करने की साजिश रच रहे हैं।

सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि ब्लैकलिस्टेड सहकारी समितियां, जिन पर लाखों रुपये की धान और बारदाना शार्टेज वसूली लंबित है, उन्हें न सिर्फ एक, बल्कि दो से तीन खरीदी केंद्रों का आवंटन देने की तैयारी की जा रही गया है। यह वही समितियां हैं, जिनका रिकॉर्ड मध्य प्रदेश स्टेट सिविल सप्लाईज कार्पोरेशन, सिवनी में स्पष्ट रूप से ब्लैकलिस्ट दर्ज है।

लाखों की वसूली बाकी, फिर भी अफसर मेहरबान!

जिले की अधिकांश समितियों पर धान शार्टेज की लाखों रुपये की राशि वसूली योग्य है। उपार्जन नीति के अनुसार, वसूली की कार्रवाई धान खरीदी प्रभारी से होनी चाहिए, लेकिन विभागीय अमले ने आज तक एक भी प्रभारी से पूर्ण वसूली नहीं की

इसके उलट, जिन समितियों से वसूली होनी थी, उन्हीं को फिर से जिम्मेदारी सौंपने की तैयारी की जा रही है। इससे यह साफ झलकता है कि विभागीय अधिकारी कमीशन की राजनीति में उलझे हुए हैं और शासन की नीतियों को ठेंगा दिखा रहे हैं

कमीशन और भ्रष्टाचार का खेल

धान खरीदी के दौरान समितियों को मिलने वाला कमीशन, अब शार्टेज राशि में समायोजित कर लिया जाता है। इस वजह से कई समितियां आर्थिक संकट में हैं और कर्मचारियों को वेतन तक के लाले पड़ गए हैं।
विभागीय जांच और नोटिस की प्रक्रिया भी कागजों तक सीमित रह गई है। जिन अफसरों पर कार्रवाई की जिम्मेदारी थी, वही लाभ उठाने वालों के साथ खड़े नजर आ रहे हैं

कलेक्टर के आदेश भी ठंडे बस्ते में

कलेक्टर द्वारा कई बार वसूली के आदेश जारी किए गए, लेकिन विभागीय अधिकारी अब तक निष्क्रिय बने हुए हैं। हजारों क्विंटल धान शार्टेज की राशि अब तक नहीं वसूली जा सकी है।

यह स्थिति केवल शासन की छवि को धूमिल नहीं कर रही, बल्कि यह सवाल भी खड़ा करती है —

क्या वाकई सिवनी जिले में अफसरों से ऊपर कोई जवाबदेही बची है?

महिला समूहों पर सख्ती, समितियों पर नरमी — दोहरा मापदंड क्यों?

महिला स्व-सहायता समूहों को धान खरीदी केंद्र आवंटित करने से पहले उनसे 10 लाख रुपये की एफडीआर और खाते में न्यूनतम 2 लाख रुपये जमा करवाए जाते हैं।
इतना ही नहीं, परिवहन शार्टेज की राशि तक उनसे वसूली जाती है — भले ही उन्होंने पूर्ण वजन वाला धान ट्रक में भरवाया हो और धर्मकांटे की पर्चियां सबूत के रूप में जमा की हों।

इसके बावजूद इन समूहों को धान खरीदी से बाहर करना, जबकि ब्लैकलिस्टेड समितियों को मौका देना, समझ से परे है।

अब सवाल सरकार और कलेक्टर से

  • क्या विभागीय अधिकारी सरकार की नीति को चुनौती दे रहे हैं?
  • क्यों ब्लैकलिस्टेड समितियों पर अब तक कार्रवाई नहीं हुई?
  • कब तक ईमानदार महिला समूहों को उनके अधिकार से वंचित रखा जाएगा?

सिवनी जिले की यह स्थिति बताती है कि जहां शासन पारदर्शिता और जवाबदेही की बात करता है, वहीं जमीनी स्तर पर कमीशनखोरी और सियासी संरक्षण ने पूरी व्यवस्था को खोखला कर दिया है।
अब देखना यह होगा कि क्या जिला प्रशासन और राज्य सरकार इस गंभीर मामले में कोई ठोस कदम उठाती है या फिर यह मुद्दा भी फाइलों में दबकर रह जाएगा।

सिवनी पुलिस पर करोड़ों की हवाला राशि में “झोल” करने का आरोप! थाना प्रभारी समेत 9 पुलिसकर्मी सस्पेंड, CM ऑफिस तक पहुँचा मामला

सिवनी: मध्य प्रदेश के सिवनी जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने पूरे पुलिस महकमे की नींद उड़ा दी है। तीन करोड़ रुपये के हवाला कांड में अब पुलिस खुद कठघरे में है। मामला इतना गंभीर है कि 9 पुलिसकर्मियों को तत्काल निलंबित कर दिया गया है, वहीं SDOP पूजा पांडेय पर भी कार्रवाई की सिफारिश की गई है। बताया जा रहा है कि कटनी से जालना जा रही हवाला रकम में से करीब 80 लाख रुपये गायब हैं — और अब सवाल यह है कि यह रकम आखिर गई कहाँ?

मामला शुरू हुआ एक गुप्त सूचना से…

8 और 9 अक्टूबर की दरमियानी रात, बंडोल थाना पुलिस को सूचना मिली कि एक गाड़ी (एमएच13ईके3430) कटनी से महाराष्ट्र के जालना जा रही है जिसमें भारी मात्रा में हवाला रकम ले जाई जा रही है।

पुलिस ने जब गाड़ी को शीलादेही क्षेत्र में रोका तो उसमें 1.45 करोड़ रुपये नकद बरामद हुए। गाड़ी में जालना निवासी सोहन परमार सहित चार लोग सवार थे, जिन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ की गई।

हवाला या वैध लेन-देन?

पुलिस के अनुसार यह रकम हवाला से जुड़ी थी, लेकिन आरोपियों का कहना था कि यह उनके वैध व्यापार की रकम थी। यही से मामला उलझ गया। पहले 2.25 करोड़ रुपये की जब्ती की बात कही गई, पर बाद में पुलिस ने कहा कि रकम सिर्फ 1.45 करोड़ है। यानी लगभग 80 लाख रुपये का अंतर, जो अब पूरे विवाद की जड़ बन गया है।

पुलिस पर ही रकम “खुर्द-बुर्द” करने का आरोप

पुलिस सूत्रों का दावा है कि रकम जब्त करने के बाद कुछ अधिकारियों ने रकम कम दिखाने या हेराफेरी करने की कोशिश की। आरोप है कि आरोपियों से रकम जब्त करने के बाद उन्हें छोड़ भी दिया गया। जब आरोपी अपनी पूरी रकम की जब्ती की रिपोर्ट दर्ज कराने पहुँचे, तब जाकर पूरा मामला उजागर हुआ

सबूत नागपुर कैसे पहुँचे?

सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि आरोपियों के मोबाइल फोन, जो पुलिस कस्टडी में थे, नागपुर तक पहुँच गए। अब यह सवाल उठ रहा है कि कस्टडी में रखे सबूत जिले से बाहर कैसे पहुँचे?

मुख्यमंत्री कार्यालय का एक्शन

मामला मीडिया में आने के बाद मुख्यमंत्री कार्यालय ने खुद हस्तक्षेप किया। जबलपुर IG प्रमोद वर्मा ने तत्काल जांच शुरू की और SDOP सिवनी कार्यालय व बंडोल थाना के 9 पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया।

निलंबित पुलिसकर्मियों की सूची

  1. उप निरीक्षक अर्पित भैरम, थाना प्रभारी बण्डोल, सिवनी,
  2. प्रधान आरक्षक 203 माखन, एसडीओपी कार्यालय सिवनी,
  3. प्रधान आरक्षक 447 रविन्द्र उईके, रीडर-एसडीओपी कार्यालय सिवनी,
  4. आरक्षक 803 जगदीश यादव, एसडीओपी कार्यालय सिवनी,
  5. आरक्षक 306 योगेन्द्र चौरसिया, एसडीओपी कार्यालय सिवनी,
  6. आरक्षक चालक 582 रितेश, ड्राइवर एसडीओपी कार्यालय सिवनी,
  7. आरक्षक 750 नीरज राजपूत, थाना बण्डोल, सिवनी,
  8. आरक्षक 610 केदार, गनमैन-एसडीओपी सिवनी, 8वीं वाहिनी विसबल छिन्दवाड़ा,
  9. आरक्षक 85 सदाफल, गनमैन-एसडीओपी सिवनी, 8वीं वाहिनी विसबल छिन्दवाड़ा।

    सिवनी में पुलिस तंत्र पर सवाल

    स्थानीय लोगों का कहना है कि यह घटना जिले में व्याप्त भ्रष्टाचार की गहराई को उजागर करती है।
    पिछले कई वर्षों से जिले में बिना “सेवा शुल्क” के कोई कार्रवाई नहीं होती। शराब, नशा और अवैध कारोबार खुलेआम चल रहे हैं, जबकि पुलिस “मौन दर्शक” बनी रहती है।

    विपक्ष का हमला और जनता की नाराज़गी

    विपक्षी दलों ने इस घटना को लेकर राज्य सरकार पर हमला बोला है। उनका कहना है कि पुलिस विभाग में “मिलिभगत की संस्कृति” ने जड़ें जमा ली हैं।
    सोशल मीडिया पर लोग सिवनी पुलिस की ईमानदारी पर तंज कस रहे हैं, वहीं कई सामाजिक संगठन CBI जांच की मांग कर रहे हैं।

    कानूनी विशेषज्ञों की राय

    विशेषज्ञों के अनुसार, अगर यह साबित होता है कि रकम में हेराफेरी की गई है तो यह भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, IPC की धारा 409 (विश्वासघात) और 420 (धोखाधड़ी) के तहत गंभीर अपराध है।
    ऐसे मामलों में कठोर सजा और विभागीय निष्कासन दोनों संभव हैं।

    जनता का भरोसा और पुलिस की चुनौती

    इस घटना ने जनता का पुलिस पर भरोसा डगमगा दिया है। जहाँ पुलिस को न्याय का प्रतीक माना जाता है, वहीं जब वही पुलिस भ्रष्टाचार में फंसती दिखे, तो जनता का आक्रोश स्वाभाविक है।
    विशेषज्ञों का सुझाव है कि —

    • हर थाने में CCTV निगरानी व्यवस्था अनिवार्य की जाए,
    • लोकायुक्त जांच को प्राथमिकता मिले,
    • और आंतरिक सतर्कता इकाई को मजबूत किया जाए।

    “हवाला” क्या है और क्यों खतरनाक है?

    हवाला एक अवैध वित्तीय तंत्र है जिसमें बिना बैंकिंग माध्यम के पैसा देश-विदेश में भेजा जाता है।
    यह तरीका आतंकवाद, कर चोरी और ड्रग तस्करी से जुड़ा होता है। भारत में यह FEMA और PMLA कानूनों के तहत गंभीर अपराध है।

    सिवनी में पकड़ी गई करोड़ों की रकम इस बात का संकेत है कि हवाला नेटवर्क अब छोटे जिलों तक पहुँच चुका है, जो राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए भी खतरा है।

    यह पूरा मामला सिर्फ पुलिस पर नहीं, बल्कि पूरी प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़ा करता है। अब सबकी निगाहें सरकार और जांच एजेंसियों पर हैं कि क्या वे इस “हवाला-भ्रष्टाचार” कांड की तह तक पहुँच पाएंगी या यह भी अन्य मामलों की तरह ठंडे बस्ते में चला जाएगा।

    सिवनी और छिंदवाडा पुलिस में हड़कंप! 9 पुलिसकर्मी एक साथ निलंबित

    सिवनी: मध्यप्रदेश के सिवनी जिले से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है, जहाँ जिला पुलिस बल सिवनी और 8वीं वाहिनी विसबल छिंदवाड़ा में पदस्थ कुल 9 पुलिसकर्मियों को संदिग्ध आचरण के चलते तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। इस कार्रवाई से पूरे पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है।

    जानकारी के अनुसार, निलंबित किए गए सभी अधिकारी और कर्मचारी अपने कार्यकाल के दौरान अनुशासनहीनता और संदिग्ध गतिविधियों में संलिप्त पाए गए थे। जिला पुलिस अधीक्षक ने तत्काल प्रभाव से इन्हें पुलिस लाइन सिवनी में सम्बद्ध करने के आदेश जारी किए हैं।

    निलंबन अवधि के दौरान सभी को नियमों के अनुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा और इस दौरान उन्हें तीनों गणनाओं में पुलिस लाइन सिवनी में उपस्थित रहना अनिवार्य होगा।

    निलंबित पुलिसकर्मियों की सूची:

    1. उप निरीक्षक अर्पित भैरम, थाना प्रभारी बंडोल, सिवनी
    2. प्रधान आरक्षक 203 माखन, एसडीओपी कार्यालय सिवनी
    3. प्रधान आरक्षक 447 रविंद्र उईके, रीडर – एसडीओपी कार्यालय सिवनी
    4. आरक्षक 803 जगदीश यादव, एसडीओपी कार्यालय सिवनी
    5. आरक्षक 306 योगेंद्र चौरसिया, एसडीओपी कार्यालय सिवनी
    6. आरक्षक चालक 582 रितेश, ड्राइवर, एसडीओपी कार्यालय सिवनी
    7. आरक्षक 750 नीरज राजपूत, थाना बंडोल, सिवनी
    8. आरक्षक 610 केदार, गनमैन, एसडीओपी सिवनी, 8वीं वाहिनी विसबल छिंदवाड़ा
    9. आरक्षक 85 सदाफल, गनमैन, एसडीओपी सिवनी, 8वीं वाहिनी विसबल छिंदवाड़ा

    विभागीय जांच के आदेश

    सूत्रों के अनुसार, इन सभी पुलिसकर्मियों पर विभागीय जांच के आदेश भी जारी किए गए हैं। बताया जा रहा है कि लंबे समय से इन अधिकारियों के संदिग्ध कार्य व्यवहार को लेकर शिकायतें मिल रही थीं। उच्च अधिकारियों द्वारा की गई आंतरिक जांच में प्रारंभिक तौर पर आरोपों की पुष्टि होने के बाद यह बड़ी कार्रवाई की गई है।

    जनता में चर्चा का विषय

    यह मामला अब पूरे जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है। आम नागरिकों का कहना है कि यदि पुलिस विभाग के भीतर ही अनुशासन का अभाव रहेगा तो जनता का विश्वास कैसे कायम रहेगा। वहीं, जिला पुलिस प्रशासन ने साफ कहा है कि किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को नियमों से ऊपर नहीं माना जाएगा और यदि कोई गलती करता है तो सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

    🔍 आगे क्या?

    अब देखना यह होगा कि जांच पूरी होने के बाद इन पुलिसकर्मियों के खिलाफ अगली कार्रवाई क्या होती है। क्या इन्हें बर्खास्त किया जाएगा या केवल निलंबन की अवधि में ही चेतावनी देकर वापस सेवा में बहाल किया जाएगा, यह आने वाला समय बताएगा।

    40 साल बाद हुआ सपना सच! सिवनी के ‘चंकी पांडे’ की मुलाकात असली बॉलीवुड ‘चंकी पांडे’ से

    सिवनी, मध्यप्रदेश – कहते हैं न कि सपने देखने वालों की आंखों में चमक कभी नहीं मिटती, कुछ ऐसा ही हुआ सिवनी के चंकी पांडे जी के साथ, जो पिछले चार दशकों से बॉलीवुड एक्टर चंकी पांडे के बड़े प्रशंसक रहे हैं।
    लोग प्यार से उन्हें भी “सिवनी का चंकी पांडे” कहकर बुलाते हैं। लेकिन इस बार किस्मत ने ऐसा करवट ली कि 40 साल बाद उनकी मुलाकात खुद असली बॉलीवुड एक्टर चंकी पांडे से हो गई।

    🎬 जब सामने आए दोनों ‘चंकी पांडे’

    जानकारी के मुताबिक, यह मुलाकात मुंबई में हुई जब सिवनी के चंकी पांडे किसी निजी कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। कार्यक्रम में मौजूद मेहमानों के बीच अचानक ‘बॉलीवुड स्टार चंकी पांडे’ भी पहुंचे। जैसे ही दोनों की नजरें मिलीं, वहां मौजूद सभी लोग हैरान रह गए क्योंकि दोनों का नाम, अंदाज़ और मुस्कान काफी हद तक मिलती-जुलती थी।

    सिवनी के चंकी पांडे ने बताया कि वे बचपन से ही बॉलीवुड के इस अभिनेता के फैन रहे हैं। उन्होंने कहा,

    “मैंने कभी नहीं सोचा था कि असली चंकी पांडे से कभी मुलाकात होगी। 40 साल का इंतज़ार आज पूरा हो गया।”

    📸 सोशल मीडिया पर वायरल हुई VIDEO

    दोनों ‘चंकी पांडे’ की मुलाकात की तस्वीरें अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं। लोग इस फोटो को देखकर मज़ेदार कमेंट्स कर रहे हैं —
    डुप्लीकेट मिला असली से!”,
    दोनों की स्माइल एक जैसी है!”,
    और “सिवनी का चंकी अब मुंबई का स्टार बन गया!

    💬 असली चंकी पांडे ने क्या कहा

    इस खास मुलाकात पर असली चंकी पांडे ने मुस्कुराते हुए कहा,

    “ये मेरे लिए बहुत खुशी की बात है कि कोई मेरे नाम और स्टाइल को इतने सालों से पसंद करता है। सिवनी वाले चंकी का जोश देखकर मैं खुद भावुक हो गया।”

    उन्होंने आगे कहा कि ऐसे फैंस ही असली स्टार बनाते हैं और वो जल्द ही सिवनी आने का वादा भी कर गए।

    🌟 सिवनी में खुशी की लहर

    यह खबर सिवनी शहर में आग की तरह फैल गई। लोगों ने सोशल मीडिया और स्थानीय ग्रुप्स में इस मुलाकात को लेकर शुभकामनाएं दीं। कई स्थानीय युवाओं ने कहा कि “यह सिवनी के लिए गर्व का पल है कि हमारे शहर के एक व्यक्ति की पहचान अब बॉलीवुड तक पहुंच गई।”

    इस मुलाकात ने यह साबित कर दिया कि चाहे सपना कितना भी पुराना क्यों न हो, अगर दिल से चाहो तो वो जरूर पूरा होता है।
    सिवनी के चंकी पांडे और बॉलीवुड के असली चंकी पांडे की यह “40 साल बाद की मुलाकात” न सिर्फ दिल छू लेने वाली कहानी है, बल्कि यह भी बताती है कि फैन और स्टार के बीच का रिश्ता कितना खास होता है।

    सिवनी-बालाघाट रोड बना मौत का हाईवे: पति-पत्नी की मौत, बेटा ICU में; सरकार की वादाख़िलाफी पर उठा सवाल

    सिवनी। सिवनी-बालाघाट रोड एक बार फिर दर्दनाक हादसे का गवाह बना है। आए दिन होने वाली सड़क दुर्घटनाएँ अब लोगों की जान पर भारी पड़ रही हैं। ताज़ा घटना बरघाट थाना अंतर्गत धारनाकला और पौनारकला के बीच की है, जहाँ एक भीषण सड़क हादसे में पति-पत्नी की मौत हो गई, जबकि उनका बेटा जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहा है।

    मिली जानकारी के अनुसार, लालपुर निवासी साजिद बेग और उनकी पत्नी अपने बेटे के साथ जा रहे थे। तभी तेज़ रफ़्तार एमपीआरडीसी के बोलेरो वाहन (क्रमांक MP 28 ZC 2221) ने रोड में बने गड्ढ़े से बचने के चक्कर में उनकी गाड़ी को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भयंकर थी कि साजिद बेग की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनकी पत्नी ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।

    मौत का अड्डा बन चुका है सिवनी-बालाघाट रोड

    यह पहली घटना नहीं है। बीते दो वर्षों में इस सड़क पर सैकड़ों मौतें हो चुकी हैं। किसी माँ की गोद उजड़ गई तो किसी परिवार का सहारा छिन गया। सवाल यह है कि आखिर कब तक यह मौतों का सिलसिला जारी रहेगा और कब तक प्रशासन और नेताओं की नींद खुलेगी?

    अधूरी घोषणाएँ और टूटी उम्मीदें

    मुख्यमंत्री मोहन यादव ने पिछले साल रक्षाबंधन पर सिवनी-बालाघाट रोड को फोरलेन बनाने की घोषणा की थी। लेकिन एक साल से ज्यादा बीत जाने के बाद भी सड़क की हालत जस की तस बनी हुई है। गहरे गड्ढे, टूटी साइड सोल्डर और अव्यवस्थित निर्माण कार्य रोज़ाना हादसों को न्यौता दे रहे हैं। हालात यह हैं कि मुख्यमंत्री के दौरे से पहले सड़क पर मुरम डालकर औपचारिक मरम्मत जरूर कर दी जाती है, लेकिन कुछ ही दिनों बाद हालात फिर वैसे ही हो जाते हैं।

    सत्याग्रह से लेकर चक्काजाम तक, लेकिन हल नहीं

    स्थानीय लोगों ने लगातार सड़क निर्माण की मांग को लेकर सत्याग्रह और आंदोलन भी किया। लोगों ने सड़क जाम कर विरोध दर्ज कराया, लेकिन नतीजा ढाक के तीन पात रहा। टोल टैक्स वसूली जारी है, लेकिन सड़क सुधार के नाम पर कुछ नहीं हो रहा।

    प्रशासन की जिम्मेदारी पर सवाल

    सड़क किनारे अतिक्रमण, अवैध कब्ज़े और जगह-जगह बने गड्ढे दुर्घटनाओं को और भी भयावह बना रहे हैं। सवाल यह है कि क्या प्रशासन किसी बड़े नेता या अधिकारी के परिवार के साथ हादसा होने का इंतजार कर रहा है?

    सिवनी-बालाघाट रोड अब मौत का जाल बन चुका है। सरकार और प्रशासन की लापरवाही ने लोगों की जान पर संकट खड़ा कर दिया है। जरूरत है कि इस गंभीर समस्या को जल्द से जल्द हल किया जाए, वरना मौत का यह सिलसिला यूं ही चलता रहेगा।

    सिवनी: मासूम बच्चों के लिए जानलेवा बनी Coldrif और Nestro-DS की बिक्री पर बैन

    सिवनी: बच्चों पर गंभीर दुष्प्रभाव देखने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। अब Coldrif Cough Syrup और Nestro-DS Suspension की बिक्री सिवनी जिले में पूरी तरह प्रतिबंधित कर दी गई है। मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में 9 बच्चों की मौत संदिग्ध गुर्दे की विफलता से हुई है, जबकि 13 बच्चे अब भी इलाजरत हैं. मुख्यमंत्री मोहान यादव ने कहा, ‘यह अत्यंत दुखद घटना है. Coldrif सिरप की बिक्री पर प्रतिबंध लगाया गया है. कंपनी के अन्य उत्पादों पर भी कार्रवाई होगी. दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा.’

    सिवनी के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. जयपाल सिंह ठाकुर ने आदेश जारी कर जिले के सभी थोक और फुटकर दवा विक्रेताओं को सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि यदि इन औषधियों का स्टॉक दुकानों में मौजूद है, तो 24 घंटे के भीतर उसका पूरा ब्योरा स्वास्थ्य विभाग को ईमेल (cmhosen-mp@nic.in) या हार्ड कॉपी के रूप में उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा।

    आम जनता को भी चेतावनी

    डॉ. ठाकुर ने नागरिकों से अपील की है कि जिन्होंने भी Coldrif या Nestro-DS का उपयोग किया है, वे तुरंत स्वास्थ्य विभाग को इसकी सूचना दें। खासकर बच्चों का तुरंत स्वास्थ्य परीक्षण कराना बेहद जरूरी है, ताकि संभावित खतरे से बचा जा सके।

    प्रतिबंधित दवाओं का विवरण

    • Coldrif Cough Syrup
      • Composition: Phenylephrine Hel, Chlorpheniramine Maleate Syrup
      • Batch No.: SR-13
      • Mfg: May 2025
      • Exp: April 2027
      • Manufacturer: M/s Sresa Pharma, Kanchepuram
    • Nestro-DS Suspension
      • Composition: Paracetamol, Phenylephrine, Chlorpheniramine Maleate, Sodium Citrate, Menthol Suspension
      • Batch No.: AQD2559
      • Mfg: April 2025
      • Exp: March 2027
      • Manufacturer: M/s Aquinnova Pharmaceuticals, Baddi, H.P.

    क्या है बड़ा खतरा?

    स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, इन दोनों दवाओं का बच्चों पर गंभीर साइड इफेक्ट देखने को मिला है। इससे बच्चों में सांस लेने में दिक्कत, एलर्जी और अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्याएँ सामने आई हैं। इसी वजह से एहतियात के तौर पर सिवनी में इसका तुरंत प्रभाव से प्रतिबंध लागू किया गया है।

    आगे की कार्रवाई

    स्वास्थ्य विभाग ने साफ किया है कि निर्देशों का उल्लंघन करने वाले दवा विक्रेताओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। वहीं, जिला प्रशासन भी दवा दुकानों की सघन जांच शुरू करने की तैयारी में है।

    👉 फिलहाल यह कदम जिले में बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है।

    ‘वोट चोर गद्दी छोड़’ के नारे गूंजे बरघाट में, कांग्रेस की पदयात्रा ने खींचा जनसैलाब

    सिवनी/बरघाट। बरघाट नगर रविवार को कांग्रेस के नारों और जनसैलाब से गूंज उठा। “वोट चोर गद्दी छोड़” अभियान के तहत जिला कांग्रेस अध्यक्ष नरेश मरावी के नेतृत्व में ब्लॉक कांग्रेस कमेटी बरघाट द्वारा विशाल पदयात्रा निकाली गई। पदयात्रा में शामिल सैकड़ों कार्यकर्ताओं के साथ आम नागरिकों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की।

    पदयात्रा की शुरुआत बरघाट नगर से हुई, जहां से नारों की गूंज और जनसमर्थन के बीच यह कारवां आदर्श लॉन तक पहुंचा। वहां नव नियुक्त जिलाध्यक्ष नरेश मरावी और वरिष्ठ नेताओं का सम्मान किया गया। मंच से नेताओं ने एकजुट होकर सरकार की नीतियों पर तीखे प्रहार किए और जनता को “संविधान बचाओ” तथा “जन जागरण” का संदेश दिया।

    ग्राम स्वराज पदयात्रा की परंपरा

    गौरतलब है कि जिले में ग्राम स्वराज पदयात्रा की एक लंबी परंपरा रही है। राजीव गांधी पंचायत राज संगठन के तत्वावधान में यह यात्रा पिछले 32 वर्षों से लगातार निकाली जा रही है। पूर्व जिलाध्यक्ष मोहन सिंह चंदेल ने अपने संबोधन में महात्मा गांधी के विचारों को याद दिलाते हुए कहा कि “भारत की आत्मा गांवों में बसती है” और इसी सिद्धांत को लेकर यह पदयात्रा आज भी अनवरत जारी है।

    पदयात्रा का उद्देश्य

    पदयात्रा का मुख्य मकसद है—

    • जनता को मतदान के अधिकार के प्रति जागरूक करना
    • “वोट चोर गद्दी छोड़” अभियान को जन-जन तक पहुंचाना
    • संविधान की रक्षा और जनजागरण करना
    • किसानों की समस्याओं का समाधान कर उनकी उपज का वाजिब दाम सुनिश्चित करना
    • शिक्षा व स्वास्थ्य सुविधाएं आमजन तक आसानी से पहुंचाना
    • बेरोजगारी की समस्या पर गंभीरता से ध्यान देना
    • अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यकों के अधिकारों की रक्षा करना

    यात्रा में शामिल नेताओं ने महात्मा गांधी के सत्य, अहिंसा, शांति, सद्भावना और सर्वधर्म समभाव के संदेश को आगे बढ़ाने का संकल्प भी लिया।

    वोट चोरी का मुद्दा बना केंद्र

    सभी वक्ताओं ने अपने-अपने संबोधन में वोट चोरी के मुद्दे को केंद्र में रखा। नेताओं का कहना था कि जैसे बिहार में यह मुद्दा खुलकर सामने आया, वैसे ही अब मध्यप्रदेश में भी जनता इस सवाल को मजबूती से उठा रही है। लोगों ने आरोप लगाया कि वोट चोरी कर सत्ता में आई सरकार लगातार जनता के साथ छलावा कर रही है।

    पदयात्रा में रही भारी उपस्थिति

    इस जनजागरण पदयात्रा में जिला कांग्रेस अध्यक्ष नरेश मरावी, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष मोहन सिंह चंदेल, जिला पंचायत सदस्य लकी अमूले, प्रदेश महासचिव विनोद वासनिक, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष मनोज राहंगडाले, जिला युवा कांग्रेस अध्यक्ष देवेन्द्र ठाकुर, आदिवासी कांग्रेस अध्यक्ष विजय उइके समेत बड़ी संख्या में महिला कांग्रेस, युवा कांग्रेस और ग्रामीण जनता ने हिस्सा लिया।

    बरघाट की यह पदयात्रा कांग्रेस के लिए एकजुटता और जनसमर्थन का सशक्त संदेश लेकर आई है, जो आने वाले दिनों की राजनीति में अहम भूमिका निभा सकती है।

    सिवनी कलेक्टर होंगी शीतला पटले: संस्कृति जैन का हुआ तबादला

    सिवनी (मध्यप्रदेश): प्रशासनिक फेरबदल की बड़ी लिस्ट जारी होते ही सिवनी जिले में हलचल तेज हो गई है। लंबे समय से सिवनी की कमान संभाल रहीं कलेक्टर श्रीमती संस्कृति जैन का तबादला कर दिया गया है। उनकी जगह अब श्रीमती शीतला पटले (IAS 2014 बैच) सिवनी की नई कलेक्टर होंगी।

    सूत्रों के अनुसार, शीतला पटले का स्थानांतरण नरसिंहपुर से किया गया है और अब वे सिवनी जिले की जिम्मेदारी संभालेंगी। वहीं, पूर्व कलेक्टर संस्कृति जैन को आयुक्त, नगर पालिक निगम भोपाल तथा अपर प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (अतिरिक्त प्रभार) की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

    प्रशासनिक फेरबदल से जिले में चर्चा तेज

    सिवनी में कलेक्टर स्तर पर हुए इस बदलाव ने जिले भर में चर्चाओं का माहौल बना दिया है। आम जनता से लेकर राजनीतिक गलियारों तक, हर कोई नई कलेक्टर से उम्मीदें लगा रहा है। खासतौर पर विकास कार्यों, कानून-व्यवस्था और जनसुनवाई जैसे मुद्दों पर लोगों की नजरें शीतला पटले के आने के बाद उठाए जाने वाले कदमों पर टिकी हैं।

    कौन हैं सिवनी की नई कलेक्टर शीतला पटले?

    शीतला पटले 2014 बैच की IAS अधिकारी हैं और अपने कड़े प्रशासनिक रुख व तेज निर्णय क्षमता के लिए जानी जाती हैं। नरसिंहपुर में अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने कई जनहितैषी निर्णय लिए, जिनकी वजह से वे जनता के बीच लोकप्रिय भी रहीं। अब सिवनी जिले की कमान संभालते हुए उनसे विकास योजनाओं के तेज क्रियान्वयन और पारदर्शी प्रशासन की उम्मीद की जा रही है।

    संस्कृति जैन की नई जिम्मेदारी

    सिवनी की पूर्व कलेक्टर संस्कृति जैन अब राजधानी भोपाल में अहम पद संभालेंगी। उन्हें आयुक्त, नगर पालिक निगम भोपाल के साथ-साथ मध्यप्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड में अपर प्रबंध संचालक का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। राजधानी जैसे बड़े शहर में यह जिम्मेदारी उनके करियर का अहम पड़ाव माना जा रहा है।

    सिवनी की जनता की उम्मीदें

    सिवनी के लोग नई कलेक्टर शीतला पटले से बेहतर प्रशासन और विकास की उम्मीदें कर रहे हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और रोजगार जैसे मुद्दों पर जिले की जनता चाहती है कि नए नेतृत्व में इन क्षेत्रों में तेजी से सुधार हो।

    सिवनी जिले में कलेक्टर स्तर पर हुए इस बड़े बदलाव ने प्रशासनिक हलकों में नई ऊर्जा भर दी है। अब देखना दिलचस्प होगा कि नई कलेक्टर शीतला पटले जनता की उम्मीदों पर कितनी खरा उतरती हैं।

    सिवनी बस स्टैंड में गुंडागर्दी: मुजाहिद, आदिल, साकिब, नसीम, हस्सान, असीम को पुलिस ने किया गिरफ्तार

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    सिवनी। शहर के बीचों-बीच स्थित बस स्टैंड पर हुई गुंडागर्दी ने आम लोगों में दहशत फैला दी थी। लेकिन कोतवाली पुलिस की त्वरित कार्रवाई से छह आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश कर दिया गया है। पुलिस अधीक्षक श्री सुनील मेहता ने साफ कहा है कि अवैध गतिविधियों और शहर में अशांति फैलाने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

    मामला क्या है?

    27 सितंबर 2025 को ग्राम नांदिया कला निवासी अमन साहू अपने मित्र अंकित साहू के साथ दवाई लेने के लिए बस स्टैंड के पास पहुंचा। तभी रास्ते में एक सहेली से बातचीत के दौरान आरोपी असीम बैग, निवासी छोटी पुलिस लाइन सिवनी, वहां पहुंचा और अमन साहू को रोककर अभद्र भाषा में गालियां देने लगा।

    बात इतनी पर नहीं रुकी, असीम ने अपने साथियों अब्दुल मुजाहिद, मोहम्मद आदिल, मोहम्मद हस्सान खान, नसीम, साकिब और नोमान को भी मौके पर बुला लिया। इसके बाद सभी ने मिलकर अमन साहू के साथ गाली-गलौज करते हुए मारपीट शुरू कर दी।

    पुलिस की कार्रवाई

    घटना की शिकायत मिलते ही थाना कोतवाली सिवनी में अपराध क्रमांक 822/2025 पंजीकृत किया गया। आरोपियों पर धारा 126(2), 296, 115(2), 351(2), 3(5) बीएनएस के तहत प्रकरण दर्ज किया गया।

    पुलिस अधीक्षक के निर्देश और एएसपी श्री दीपक मिश्रा एवं सीएसपी श्रीमती पूजा पाण्डेय के मार्गदर्शन में त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने सभी छह आरोपियों को धर दबोचा और माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया।

    गिरफ्तार आरोपी

    1. मुजाहिद पिता मुजीब बैग, उम्र 19 वर्ष, निवासी भगतसिंह वार्ड सिवनी
    2. आदिल पिता नूर मोहम्मद, उम्र 20 वर्ष, निवासी हड्डी गोदाम सिवनी
    3. साकिब पिता यूनुस खान, उम्र 21 वर्ष, निवासी पिंजारी मोहल्ला सिवनी
    4. मोहम्मद नसीम उर्फ अनीस पिता शेख रमजान, उम्र 40 वर्ष, निवासी KGN कॉलोनी सिवनी
    5. मोहम्मद हस्सान पिता नूर मोहम्मद, उम्र 19 वर्ष, निवासी भगतसिंह वार्ड सिवनी
    6. असीम पिता अलीम मिर्जा, उम्र 18 वर्ष, निवासी छोटी पुलिस लाइन सिवनी

    पुलिस टीम की सराहना

    इस कार्रवाई में थाना प्रभारी कोतवाली श्री किशोर बामनकर के साथ उपनिरीक्षक दयाराम शरणागत, दिनेश रघुवंशी, जसवंत ठाकुर, आरक्षक अमित रघुवंशी, अजेन्द्र पाल, प्रतीक बघेल, सिद्धार्थ दुबे, दिलीप उइके एवं चालक इरफान की विशेष भूमिका रही।

    सिवनी पुलिस ने यह साफ कर दिया है कि शहर में गुंडागर्दी और अवैध गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस घटना के बाद आम नागरिकों में पुलिस के प्रति भरोसा और भी मजबूत हुआ है।