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53 की उम्र में भी तूफ़ान! सिवनी के शिव नारायण तिवारी ने राष्ट्रीय साइक्लिंग में जीता सिल्वर – Uttarakhand में लहराया MP का झंडा

सिवनी, मध्यप्रदेश — इंसान क्या कर सकता है, इसकी कोई सीमा नहीं होती—और 53 वर्षीय शिव नारायण तिवारी ने यह बात एक बार फिर साबित कर दी है। सिवनी के विवेकानंद वार्ड निवासी तिवारी ने देहरादून, उत्तराखंड में आयोजित 18वीं वन खेलकूद प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करते हुए 40 किलोमीटर की साइक्लिंग रेस में दूसरा स्थान प्राप्त किया है। यह उपलब्धि न सिर्फ उनके लिए, बल्कि पूरे सिवनी और मध्यप्रदेश के लिए गर्व का विषय बन गई है।

उम्र नहीं, जज़्बा मायने रखता है

53 वर्ष की उम्र में जहां बहुत से लोग आराम को प्राथमिकता देते हैं, वहीं शिव नारायण तिवारी ने अपने जुनून, अनुशासन और कठिन परिश्रम से यह बड़ा मुकाम हासिल किया। प्रतियोगिता में देशभर से आए प्रतिभावान खिलाड़ियों के बीच मुकाबला बेहद चुनौतीपूर्ण था, लेकिन तिवारी ने अपनी सख्त दिनचर्या, फिटनेस और अटूट जज़्बे के दम पर शानदार प्रदर्शन किया।

उनकी साइकलिंग क्षमता, गति और धैर्य ने सभी को प्रभावित किया और उन्हें सिल्वर मेडल (🥈) दिलाया।

स्थानीय लोगों में खुशी की लहर

तिवारी की इस बड़ी सफलता की खबर सिवनी में आग की तरह फैल गई। स्थानीय लोगों, खेल प्रेमियों और उनके शुभचिंतकों ने उनकी उपलब्धि को बेहद गर्व की बात बताते हुए खुशी जताई है। सोशल मीडिया पर भी उनके सम्मान में बधाइयों की बाढ़ आ गई है।

नगर के वरिष्ठ लोगों का कहना है कि शिव नारायण तिवारी युवाओं के लिए एक जीवंत प्रेरणा स्रोत हैं, खासकर उन लोगों के लिए जो उम्र को अपनी प्रगति में बाधा मानते हैं।

“उम्र सिर्फ एक संख्या है” — तिवारी जी

अपनी जीत पर खुशी व्यक्त करते हुए तिवारी ने कहा:

“उम्र केवल एक संख्या है… अगर मन में जुनून और लक्ष्य हो तो कुछ भी असंभव नहीं। मेहनत और अनुशासन ही सफलता की असली कुंजी है।”

उनका यह संदेश पूरे देश के खिलाड़ियों—विशेषकर मध्य आयु वर्ग के स्पोर्ट्स प्रेमियों—के लिए प्रेरणा बना हुआ है।

तिवारी की सफलता क्यों है खास?

  • राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में प्रदर्शन
  • 40 KM लंबी कठिन रेस में दूसरा स्थान
  • 53 की उम्र में भी कमाल की फिटनेस
  • मध्यप्रदेश का सम्मान बढ़ाया
  • युवाओं और बुजुर्गों दोनों के लिए प्रेरणा

तिवारी का यह प्रदर्शन यह बताता है कि सही योजना, लगन और सकारात्मक सोच से उम्र चाहे जो भी हो—लक्ष्य हासिल किए जा सकते हैं।

पूरे सिवनी में खुशी की लहर

सिवनी शहर में तिवारी जी की यह उपलब्धि गर्व का विषय बनी हुई है।
स्थानीय लोगों, खेल प्रेमियों और युवाओं ने उनकी सफलता को सलाम करते हुए कहा—

“तिवारी जी ने यह साबित कर दिया कि जज़्बा हो तो उम्र कभी रुकावट नहीं बनती।”

नगर के कई युवाओं ने कहा कि वे अब साइक्लिंग और फिटनेस को गंभीरता से अपनाने की सोच रहे हैं।

सिवनी में बढ़ेगी खेल संस्कृति?

विशेषज्ञ मानते हैं कि शिव नारायण तिवारी जैसे खिलाड़ियों की उपलब्धि से सिवनी में खेल संस्कृति को नई दिशा मिलेगी। स्थानीय स्तर पर साइक्लिंग और फिटनेस गतिविधियों में रुचि बढ़ने की पूरी संभावना है। कई युवाओं ने भी कहा कि वे तिवारी जी से प्रेरित होकर खेलों में सक्रिय रूप से भाग लेना शुरू करेंगे।

शिव नारायण तिवारी की यह सफलता सिर्फ एक मेडल नहीं, बल्कि जुनून, मेहनत और दृढ़ संकल्प की जीत है। यह जीत सिवनी ही नहीं, पूरे मध्यप्रदेश की पहचान को मजबूती देती है।

सिवनी गर्व से कह सकता है—“हमारे शिव नारायण तिवारी ने फिर दिखाया, उम्र रुकावट नहीं, बल्कि प्रेरणा है।”

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सिवनी: 50 साल पुराने हनुमान मंदिर में तोड़फोड़! वन विभाग पर गंभीर आरोप, विहिप बजरंग दल ने दर्ज कराई FIR

सिवनी/बरघाट: बरघाट क्षेत्र के बेहरई वन डिपो के पास स्थित लगभग 50 वर्ष पुराने हनुमान मंदिर में कथित तोड़फोड़ के बाद सिवनी जिले में माहौल गर्म हो गया है। विश्व हिंदू परिषद सहित पूरा हिंदू समाज इस घटना से आक्रोशित है और वन विभाग के कई अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर एफआईआर दर्ज करने की मांग कर रहा है।

मंदिर में बाबाजी रहते थे, अचानक कार्रवाई से हड़कंप

स्थानीय निवेदन के अनुसार, पिछले 2–3 महीनों से मंदिर परिसर में एक बाबाजी रह रहे थे। लेकिन 14 नवंबर 2025 को वन विभाग की टीम अचानक वहां पहुंची और कार्रवाई करते हुए मंदिर में लगे—

  • टीन शेड
  • घंटा
  • पूजा सामग्री
  • दान पेटी
  • कलश
  • सोलर पैनल

को तोड़फोड़ कर जप्त कर लिया। साथ ही, मौके पर मौजूद पुजारी को भी अपनी अभिरक्षा में ले लिया गया, जिससे आस-पास के ग्रामीणों में तनाव बढ़ गया।

वन विभाग पर गंभीर आरोप—राजस्व या पुलिस को नहीं दी जानकारी

शिकायतकर्ताओं का कहना है कि वन विभाग ने इस कार्रवाई की जानकारी न तो राजस्व विभाग और न ही पुलिस विभाग को दी, जबकि ऐसा करना अनिवार्य माना जाता है।

स्थानीय संगठनों ने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई पूरी तरह नियमों के विपरीत और बिना उच्च अधिकारियों की अनुमति के की गई।

हिंदू संगठनों का चेतावनी भरा बयान

विश्व हिंदू परिषद एवं हिंदू समाज ने बरघाट पुलिस प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर कहा है—

“यदि वन विभाग के सभी संबंधित कर्मचारियों पर तुरंत एफआईआर दर्ज कर गिरफ्तारी नहीं की गई और मंदिर को उसकी मूल स्थिति में बहाल नहीं किया गया, तो उग्र आंदोलन की जिम्मेदारी पुलिस प्रशासन की होगी।”

वन निगम ने भी अपने अधिकारियों पर की कार्रवाई की सिफारिश

उसी दिन जारी एक अन्य आधिकारिक पत्र में, मध्य प्रदेश राज्य वन विकास निगम, संभागीय प्रबंधक द्वारा यह स्पष्ट किया गया कि:

  • उप संभागीय प्रबंधक अनिल कुमार क्षत्रिय,
  • कार्यवाहक परियोजना क्षेत्रपाल रवि गेडामे,
  • कार्यवाहक परियोजना क्षेत्रपाल दिनेश झारिया

ने बिना वरिष्ठ अधिकारियों की अनुमति के अतिक्रमण हटाने की अवैध कार्रवाई की है। पत्र में इन तीनों के निलंबन की अनुशंसा भी शामिल है।

तीन कर्मचारियों को तत्काल बेहरई परिक्षेत्र से हटाया गया

एक अन्य आदेश में, बेहरई परिक्षेत्र में कार्यरत तीन कर्मचारियों—

  • वाहिद खान
  • असीम खान
  • जावेद खान

को तत्काल हटाने का आदेश दिया गया।

यह घटनाक्रम एक ही दिन में जारी कई आदेशों के कारण और भी चर्चा का विषय बन गया है।

📌 मामला अब पूरे जिले में चर्चा का विषय

मंदिर से जुड़ी तोड़फोड़, पुजारी की अभिरक्षा, और वन विभाग के खिलाफ उठती आवाज़ों ने पूरे जिले में संवेदनशील माहौल पैदा कर दिया है। पुलिस और प्रशासन की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच की मांग तेज हो गई है।

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सिवनी में मतदाता सूची पुनरीक्षण के लिए कॉल सेंटर स्‍थापित

सिवनी: भारत_निर्वाचन_आयोग के निर्देशानुसार जिला निर्वाचन कार्यालय सिवनी में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्य के सुविधाजनक रूप से संपादन एवं आम नागरिकों, बीएलओ की सहायता के लिए कॉल सेंटर 1950 शुरू करने के आदेश जारी किए गए हैं।

जारी आदेशानुसार उप जिला निर्वाचन अधिकारी सिवनी द्वारा कॉल सेंटर स्‍थापित कर 03 कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई जिसमें क्रमश: कम्‍प्‍यूटर ऑपरेटर जिला चिकित्‍सालय सिवनी श्री धीरज पाल मो.नं. 7987156622 की प्रातः 09 बजे से 01 बजे तक एवं कम्‍प्‍यूटर ऑपरेटर श्रीमती दिक्षा शर्मा चिकित्‍सालय गोपालगंज, मो.नं. 9827676060 की दोपहर 01 बजे से 05 बजे तक तथा कम्‍प्‍यूटर ऑपरेटर चिकित्‍सालय गोपालगंज श्री सचिन चौरसिया, मो.नं. 9303768154 की ड्यूटी शाम 05 बजे से रात 10 बजे तक लगाई गई है। कॉल सेंटर के कर्मचारी प्रतिदिन कॉल सेंटर में प्राप्त कॉल और जानकारी का रजिस्टर संधारित करेंगे।

सिवनी: 8 मेडिकल स्टोर्स के लाइसेंस निलंबित

सिवनी: कलेक्टर शीतला पटले निर्देशानुसार एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के मार्गदर्शन में औषधि निरीक्षक द्वारा जिले में संचालित मेडिकल स्टोर्स का सतत निरीक्षण किया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम 1940 एवं नियमावली 1945 के प्रावधानों का उल्लंघन पाए जाने पर आठ मेडिकल स्टोर्स को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब तलब किया गया था।

संबंधित दवाई दुकानों से जवाब संतोषजनक न पाए जाने पर राजेन्द्र मेडिकल स्टोर, बुधवारी बाजार सिवनी — 10 दिवस के लिए निलंबित, कौशल मेडिकल स्टोर, बुधवारी बाजार सिवनी — 10 दिवस के लिए निलंबित, अग्रवाल जी मेडि फार्मा, धूमा — 1 माह के लिए निलंबित, सजल मेडिकोज, धनौरा — 7 दिवस के लिए निलंबित, फार्मा हाउस, भैरोगंज — 3 दिवस के लिए निलंबित, पाटीदार मेडिकल, धनककड़ी — 5 दिवस के लिए निलंबित, साहू मेडिकल, धनककड़ी — 7 दिवस के लिए निलंबित, अशोक मेडिकल, मलारा — 10 दिवस के लिए निलंबित प्राप्त औषधि अनुज्ञापन प्राधिकारी सिवनी द्वारा संबंधित दवाई दुकानों के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं।

औषधि निरीक्षक ने बताया कि यह कार्रवाई उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण एवं सुरक्षित औषधियाँ उपलब्ध कराने तथा नियमों का पालन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई है। निरीक्षण एवं निगरानी की यह कार्यवाही आगे भी जारी रहेगी

पशुपालकों के लिया जरूरी खबर: पशुओं में एंथ्रेक्स रोग से सतर्क रहने की अपील

सिवनी: उपसंचालक पशुपालन एवं डेयरी विभाग सिवनी ने जानकारी देकर बताया कि जिले में पशुओं में एंथ्रेक्स रोग की रोकथाम एवं नियंत्रण को लेकर पशुपालन विभाग ने सतर्कता बरतने की सलाह जारी की है।

विभाग के अनुसार एंथ्रेक्स एक घातक जीवाणुजनित रोग है, जो बैसिलस एंथेसीस नामक बैक्टीरिया से उत्पन्न होता है और मुख्य रूप से गाय, भैंस, भेड़ एवं बकरी जैसे शाकाहारी पशुओं को प्रभावित करता है। कई मामलों में यह बीमारी पशुओं की अचानक मृत्यु का कारण बन जाती है।

उन्‍होंने बताया कि एंथ्रेक्स से ग्रसित पशुओं में मुंह, नाक एवं गुदा से रक्तस्राव, शव का अत्यधिक फूलना तथा प्लीहा का बढ़ जाना प्रमुख लक्षण हैं। अधिकारियों ने बताया कि स्वस्थ दिखने वाले पशुओं की भी अचानक मृत्यु इस रोग का संकेत हो सकती है।

रोकथाम एवं नियंत्रण के लिए पशुपालन विभाग ने पशुपालकों को सलाह दी है कि एंथ्रेक्स नियंत्रण हेतु पशुओं का वार्षिक निवारक टीकाकरण अवश्य कराएँ। मृत पशुओं के शव का सुरक्षित तरीके से निपटान करें ताकि संक्रमण फैलने की आशंका न रहे। संदेहास्पद मामलों में तुरंत पशु चिकित्सक से संपर्क करने की आवश्यकता बताई गई है।

साथ ही संक्रमित या संदिग्ध पशुओं को अन्य पशुओं से अलग रखने (संगरोध) की भी सलाह दी गई है। प्रशासन ने पशुपालकों से अपील की है कि किसी भी प्रकार के लक्षण दिखने पर बिना देरी पशु चिकित्सा सुविधा केंद्र से संपर्क करें, जिससे समय पर उपचार संभव हो सके और बीमारी के प्रसार को रोका जा सके।

सिवनी: कपड़े में लिपटी 36 भैंसों से भरी गाड़ी पकड़ी गई! यूपी से केरल जा रहे तस्करों का सिवनी में बड़ा खुलासा

सिवनी। देर रात थाना कोतवाली पुलिस ने पशु क्रूरता अधिनियम के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए एक भारत–बेंज वाहन से 36 नग भैंसों को क्रूरता पूर्वक भरा हुआ पकड़ा है। पुलिस की इस कार्रवाई ने न केवल एक बड़े तस्करी नेटवर्क का पर्दाफाश किया, बल्कि दर्जनों मवेशियों की जान भी बचाई।

देर रात की छापामार कार्रवाई

सूत्रों के अनुसार, पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि एक संदिग्ध वाहन उत्तर प्रदेश के जिला मेरठ से केरल की ओर भारी संख्या में मवेशियों को अवैध तरीके से ले जा रहा है। सूचना मिलते ही थाना कोतवाली की टीम ने घेराबंदी कर वाहन को रोका।

जैसे ही वाहन की तलाशी ली गई, पुलिस भी चौंक गई— 36 भैंसें कपड़े में कसकर लपेटी गई थीं, जिन्हें बेहद क्रूरता के साथ एक ही वाहन में ठूंसकर ले जाया जा रहा था।

तीन आरोपी गिरफ्तार

पुलिस ने मौके से तीन आरोपियों को अभिरक्षा में लिया है। सभी से कड़ी पूछताछ जारी है ताकि इस पूरे रैकेट की जड़ तक पहुंचा जा सके। आशंका है कि यह एक बड़ा इंटर-स्टेट मवेशी तस्करी गिरोह हो सकता है।

भैंसों को पहुंचाया सुरक्षित स्थान

पशु क्रूरता को देखते हुए जप्त सभी 36 भैंसों को तुरंत दयोदय गौशाला में सुरक्षित रखवाया गया है, जहां उनका उपचार और देखभाल की जा रही है।

पुलिस की सख्त कार्रवाई जारी

थाना कोतवाली पुलिस ने बताया कि पशु क्रूरता अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच तेज कर दी गई है। वाहन को भी जब्त कर लिया गया है।

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पत्रकारों की आवाज़ बुलंद : मध्यप्रदेश श्रमजीवी पत्रकार संघ सिवनी ने कलेक्टर को सौंपा 6 सूत्रीय स्मरण पत्र सौंपा

सिवनी- प्रदेशभर के पत्रकारों ने मंगलवार को एकजुट होकर सरकार से अपने हक की मांग उठाई। मध्यप्रदेश श्रमजीवी पत्रकार संघ ने प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर एक साथ कलेक्टरों को 6 सूत्रीय स्मरण पत्र सौंपकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को उनकी ही घोषणाएं याद दिलाईं। इसी तारतम्य में सिवनी जिला मुख्यालय में जिला कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम एक छह सूत्रीय ज्ञापन सौंपा गया।

संघ के प्रांताध्यक्ष शलभ भदौरिया ने कहा कि मुरैना में हुए 25वें त्रिवर्षीय महाधिवेशन में मुख्यमंत्री ने पत्रकारों की समस्याओं पर चर्चा कर समाधान का वादा किया था, लेकिन छह माह बीत जाने के बाद भी उस पर कोई कदम नहीं उठाया गया।

उन्होंने कहा – “पत्रकार समाज उम्मीद करता है कि सरकार अपने वादों को निभाए और पत्रकार हितों पर ठोस निर्णय लें। श्रमजीवी पत्रकार संघ सिवनी के अध्यक्ष मनीष जैन, महासचिव नन्दन श्रीवात्री, कार्यकारी अध्यक्ष द्वय शहर व ग्रामीण मनोज मर्दन त्रिवेदी एंव कन्हैया प्रजापति के नेतृत्व में सिवनी जिला ईकाई के सभी श्रमजीवी पत्रकारों ने स्थानीय कलेक्ट्रेट में मुख्यमंत्री की ओर प्रेषित स्मरण पत्र सौंपा गया। इस अवसर पर जिले के पदाधिकारी व सभी ब्लाकों के अध्यक्ष सदस्य भारी संख्या में उपस्थित थे।

6 सूत्रीय मुख्य मांगें:-

1️⃣ प्रदेश में पत्रकार सुरक्षा कानून तत्काल लागू किया जाए।
2️⃣ भोपाल के मालवीय नगर स्थित पत्रकार भवन की भूमि पत्रकारों को वापस सौंपी जाए।
3️⃣ श्रद्धा निधि (पत्रकार पेंशन योजना) से अधिमान्यता की शर्त हटाकर इसे आजीवन लाभ के रूप में लागू किया जाए।
4️⃣ प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों में पत्रकार भवनों के लिए निःशुल्क भूमि दी जाए।
5️⃣ पत्रकारों को टोल टैक्स मुक्त किया जाए तथा श्रमजीवी पत्रकार संघ के सदस्यता कार्ड को मान्यता मिले।
6️⃣ पत्रकार स्वास्थ्य बीमा योजना को निःशुल्क किया जाए ताकि हर पत्रकार इसका लाभ पा सके।
श्री भदोरिया ने कहा कि मुख्यमंत्री स्वयं पत्रकारिता से जुड़े रहे हैं, इसलिए उन्हें पत्रकारों की चुनौतियों की गहरी समझ है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार पत्रकारों के इस विश्वास को बनाए रखेगी और शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेगी।
“पत्रकार एकता जिंदाबाद, श्रमजीवी पत्रकार संघ जिंदाबाद

Ladli Behna Yojana: लाड़ली बहनों को अब हर माह मिलेंगे ₹1500!, MP के SEONI से CM मोहन करेंगे राशी अंतरित 

Ladli Behna Yojana 1500 Rs: मध्यप्रदेश की करोड़ों बहनों के लिए यह नवम्बर किसी त्योहार से कम नहीं है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने वादे को निभाते हुए लाड़ली बहना योजना की राशि ₹1250 से बढ़ाकर ₹1500 प्रति माह कर दी है। यह नई राशि 12 नवंबर 2025 से सीधे महिलाओं के बैंक खाते में ट्रांसफर होना शुरू हो जाएगी।

सीवनी में आयोजित भव्य राज्यस्तरीय समारोह में मुख्यमंत्री स्वयं करोड़ों बहनों के खातों में बढ़ी हुई राशि का अंतरण करेंगे। इस अवसर के लिए पूरे प्रदेश में उत्साह और जश्न का माहौल है।

बहनों ने भी भावुक होकर मुख्यमंत्री को “भैया मोहन” कहा और आशीर्वाद देते हुए कहा,

“जैसे श्रीकृष्ण ने सुभद्रा की रक्षा की थी, वैसे ही CM मोहन यादव हमारी चिंता कर रहे हैं।”

अब तक 44 हजार करोड़ से अधिक राशि का भुगतान — रचना रच रहा इतिहास

जून 2023 से अक्टूबर 2025 तक सरकार द्वारा 29 किश्तों में ₹44,917.92 करोड़ सीधे महिलाओं के खातों में भेजे गए हैं। इसमें रक्षा बंधन के अवसर पर लगातार तीन साल में तीन बार ₹250 बोनस राशि भी दी गई है।

यह देश की सबसे बड़ी महिला सशक्तिकरण योजनाओं में से एक बन चुकी है, जिसने लाखों महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत और आत्मनिर्भर बनाया है।

1 करोड़ 26 लाख से अधिक महिलाएँ बनीं आत्मनिर्भर

योजना के तहत 1,26,36,250 से अधिक महिलाओं को नियमित आर्थिक लाभ मिल रहा है। इससे महिलाओं को

  • घर-परिवार में आर्थिक सम्मान मिला
  • बच्चों की शिक्षा में मदद मिली
  • छोटे व्यापार शुरू करने में सहायता मिली
  • बैंकिंग और डिजिटल लेन-देन का अनुभव मिला

गाँव से लेकर शहर तक महिलाएँ आज आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश के सपने को साकार कर रही हैं।

किन जिलों को मिला कितना लाभ?

लाड़ली बहना योजना में सबसे अधिक लाभार्थी इंदौर जिले में हैं, जहाँ 4 लाख 40 हजार 723 महिलाओं को योजना का लाभ मिला है। इसके बाद सागर में 4 लाख 19 हजार 903, रीवा में 4 लाख 3 हजार 182, छिंदवाड़ा में 3 लाख 90 हजार 311, धार में 3 लाख 82 हजार 417 और जबलपुर 3 लाख 81 हजार 848 महिलाओं को लाभ मिला है।

योजना के तहत बालाघाट जिले में 3 लाख 47 हजार 816, उज्जैन में 3 लाख 40 हजार 203, और मुरैना में 3 लाख 33 हजार 821 बहनों को लाभ मिला है। छतरपुर में 3 लाख 24 हजार 454, खरगोन में 3 लाख 13 हजार 741, भोपाल में 3 लाख 9 हजार 20 तथा ग्वालियर जिले में 3 लाख 5 हजार 969 महिलाओं को योजना का लाभ प्राप्त हुआ है।

इसी क्रम में राजगढ़ में 2 लाख 95 हजार 459, शिवपुरी में 2 लाख 87 हजार 943, देवास में 2 लाख 85 हजार 496, विदिशा में 2 लाख 74 हजार 946, भिंड में 2 लाख 72 हजार 343, और बेतुल में 2 लाख 71 हजार 474 लाभार्थी पंजीकृत हुई हैं।

सिवनी जिले में 2 लाख 68 हजार 187, मंदसौर में 2 लाख 62 हजार 827, रतलाम में 2 लाख 50 हजार 176, रायसेन में 2 लाख 46 हजार 390, दमोह में 2 लाख 45 हजार 143, सीहोर में 2 लाख 42 हजार 717, और कटनी में 2 लाख 41 हजार 302 बहनों को राशि का लाभ मिला है।

इसी तरह बड़वानी में 2 लाख 37 हजार 60, गुना में 2 लाख 28 हजार 604, खंडवा में 2 लाख 16 हजार 372, नर्मदापुरम में 2 लाख 9 हजार 837, सिद्धी में 2 लाख 9 हजार 706, टीकमगढ़ में 2 लाख 7 हजार 79, तथा नरसिंहपुर में 2 लाख 8 हजार 734 लाभार्थी महिलाओं को योजना की राशि प्राप्त हुई है।

महिलाओं की आवाज — “अब हम सिर्फ घर नहीं, भविष्य भी संभाल रहे हैं”

इस योजना ने महिलाओं के जीवन को सिर्फ आर्थिक रूप से ही नहीं बदला, बल्कि सामाजिक सम्मान भी दिलाया है। बहनों का कहना है कि अब वे सिर्फ घर-संसार चलाने तक सीमित नहीं, बल्कि

  • बच्चों के भविष्य
  • घर के बड़े निर्णय
  • बचत और व्यापार

में भी सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।

सरकार की मंशा — आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण

CM मोहन यादव के नेतृत्व में

  • महिलाओं के बैंक खातों में सीधा पैसा
  • योजना में पारदर्शिता
  • ग्रामीण महिलाओं को बैंकिंग से जोड़ना

जैसे महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं।

सरकार का लक्ष्य है कि हर बहन आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बने और समाज में मजबूत भूमिका निभाए।

आगे क्या? योजना में और बड़े निर्णय संभव!

सूत्रों के अनुसार आने वाले समय में योजना में और बड़े फैसलों की संभावनाएँ हैं, जिनमें

  • राशि और बढ़ाने की चर्चा
  • छोटे ऋण/लोन सुविधा
  • महिलाओं के लिए विशेष रोजगार मिशन

जैसी योजनाएँ शामिल हैं।

इससे साफ है कि महिलाओं को सशक्त करने का यह अभियान रुकने वाला नहीं — यह तो नई उड़ान की शुरुआत है।

लाड़ली बहना योजना आज केवल एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि मध्यप्रदेश की महिला क्रांति का प्रतीक बन चुकी है।
₹1500 राशि का सीधा लाभ शुरू होने के साथ ही बहनों के चेहरे पर नई चमक और उम्मीद की किरण दिखाई दे रही है।

अब हर घर में होगी खुशहाली, और हर बहन बनेगी आत्मनिर्भर! 🙌

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