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आँगनवाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका एवं मिनी आँगनवाड़ी कार्यकर्ता के मानदेय में वृद्धि का अनुसमर्थन

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद आज मंत्रालय में हुई। बैठक में निर्णय लिया गया कि आँगनवाड़ी कार्यकर्ता को 3 हजार रूपये वृद्धि के बाद अब 13 हजार रूपये प्रतिमाह मानदेय मिलेगा और सहायिका एवं मिनी आँगनवाड़ी कार्यकर्ता को 750 रूपये वृद्धि के बाद प्रतिमाह बढ़ा हुआ मानदेय मिलेगा। आँगनवाड़ी कार्यकर्ता के मानदेय में प्रतिवर्ष 1000 और आँगनवाड़ी सहायिका एवं मिनी आँगनवाड़ी कार्यकर्ता के मानदेय में 500 रूपये प्रतिवर्ष की वृद्धि की जाएगी। साथ ही 62 वर्ष की आयु पूर्ण करने पर सेवानिवृत्ति के समय आँगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को एक लाख 25 हजार रूपये और आँगनवाड़ी सहायिका एवं मिनी आँगनवाड़ी कार्यकताओं को एक लाख रूपये दिये जाएंगे।

10 नवीन महाविद्यालय की स्थापना की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद द्वारा प्रदेश में 10 नवीन महाविद्यालय की स्थापना, 4 महाविद्यालय में नवीन संकाय तथा 7 महाविद्यालय में स्नातकोत्तर विषय प्रारंभ किए जाने के लिये 589 नवीन पद सृजित करने की मंजूरी दी गई। इसके लिये आवर्ती व्यय भार 33 करोड़ 47 लाख 50 हजार रूपये प्रतिवर्ष एवं अनावर्ती व्यय 105 करोड़ 46 लाख 70 हजार रूपये की स्वीकृति दी गई।

माँ अहिल्या देवी कल्याण बोर्ड एवं संत रविदास सांस्कृतिक एकता न्यास के गठन की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद द्वारा माँ अहिल्या देवी कल्याण बोर्ड के गठन का निर्णय लिया गया। मुख्यमंत्री श्री चौहान की घोषणा 22 अप्रैल 2023 के आधार पर पाल-गडरिया, धनगर वर्ग के समग्र कल्याण के लिए माँ अहिल्या देवी कल्याण बोर्ड का गठन करने का निर्णय लिया गया। बोर्ड में एक अध्यक्ष एवं 4 सदस्य होंगे। बोर्ड के गठन से पाल-गडरिया, धनगर वर्ग के व्यक्तियों के लिए शासन की कल्याणकारी/ जन-हितकारी योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन सुनिश्चित होगा। इस वर्ग की आवश्यकता अनुसार कार्यक्रमों का निर्माण किया जा सकेगा। इससे इस वर्ग के आर्थिक, सामाजिक एवं शैक्षणिक विकास को गति प्राप्त हो सकेगी। मंत्रि-परिषद ने मध्यप्रदेश लोक न्यास अधिनियम अन्तर्गत “संत रविदास सांस्कृतिक एकता न्यास” की स्थापना एवं गठन के लिये भी स्वीकृति प्रदान की।

धार जिले की बरखेड़ा मध्यम सिंचाई परियोजना के लिये 478 करोड़ 88 लाख रूपये की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद द्वारा धार जिले की बरखेड़ा मध्यम सिंचाई परियोजना लागत राशि 478 करोड़ 88 लाख रूपये, सिंचाई क्षमता 15031 हेक्टेयर की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। परियोजना से कुक्षी तहसील के 43 ग्राम को सिंचाई सुविधा का लाभ प्राप्त होगा।

डिजिटल क्रॉप सर्वेक्षण परियोजना को स्वीकृति

मंत्रि-परिषद ने केन्द्र सरकार द्वारा प्रस्तावित डिजिटल क्रॉप सर्वेक्षण परियोजना का क्रियान्वयन राजस्व विभाग द्वारा किये जाने एवं परियोजना के लिये प्रस्तावित केन्द्र प्रवर्तित योजना के अनुसार राज्य शासन द्वारा कार्यवाही किये जाने की स्वीकृति प्रदान की है।

नजूल भूमि का स्थायी पट्टे देने का अनुमोदन

मंत्रि-परिषद द्वारा निर्णय लिया गया कि नजूल अधिकारी जिला रीवा द्वारा प्रेषित प्रस्ताव अनुसार रिफ्यूजी कॉलोनी रीवा में निवासरत 30 आधिपत्य धारियों को निर्मित एवं खुली भूमि का क्षेत्रफल वर्ष 2004- 05 की गाइडलाइन के आधार पर प्रब्याजि का निर्धारण करते हुए तथा मध्यप्रदेश भू-राजस्व संहिता (भू-राजस्व का निर्धारण तथा पुनर्निर्धारण) नियम 2018 में निर्धारण की विहित दर से दो गुना वार्षिक भू-भाटक अधिरोपित करते हुए तथा इस प्रकार संगणित प्रब्याजि तथा भू- भाटक पर वर्ष 2004-05 से वर्तमान तक के ब्याज से मुक्त करते हुए 30 वर्षीय स्थायी पट्टे पर भूमि का आवंटन स्वीकृत किया जाये। स्थायी पट्टे का प्रारूप नगरीय क्षेत्रों के शासकीय भूमि के धारकों के धारणाधिकार के संबंध में प्रारूप “घ” अनुसार नजूल भूमि का स्थायी पट्टा जारी किया जाये।

कुड़मी जाति को कुर्मी और कुरमी के साथ सूची क्रमांक 39 में शामिल करने की स्वीकृति

राज्य की पिछड़ा वर्ग की सूची में एक ही वर्ग की 2 जातियाँ, कुड़मी एवं कुर्मी, कुरमी पृथक-पृथक क्रमांक में दर्ज होने के कारण होने वाली समस्याओं के निराकरण के लिये बुंदेलखण्डीय गौर समाज द्वारा माँग की गई थी। इस पर विभागीय प्रस्ताव अनुसार मंत्रि-परिषद द्वारा विचारोपरांत कुड़मी जाति को सूची क्रमांक 76 से विलोपित कर सूची क्रमांक 39 में कुर्मी, कुरमी के साथ शामिल किए जाने का निर्णय लिया गया। निर्णय से इस वर्ग को जाति प्रमाण-पत्र में आ रही समस्याओं के समाधान के साथ राज्य शासन द्वारा पिछड़ा वर्ग को प्रदाय किए जा रहे लाभ प्राप्त करने के लिये समान एवं समुचित अवसर उपलब्ध हो सकेंगें।

अन्य निर्णय

मंत्रि-परिषद द्वारा सहकारिता विभाग की सोयाबीन प्र-संस्करण संयंत्र, चौरई जिला छिंदवाड़ा स्थित परिसम्पत्ति पर स्थापित प्लांट एवं मशीनरी को स्क्रेप के रूप में निर्वर्तन किए जाने के लिए आमंत्रित चतुर्थ निविदा के H1 निविदाकार उच्चतम निविदा राशि 8 करोड़ 30 लाख 6 हजार रूपये की संस्तुति एवं H-1 निविदाकार द्वारा निविदा बोली मूल्य का 100% जमा करने के बाद विक्रय अनुबंध की कार्यवाही म.प्र. राज्य तिलहन उत्पादक सहकारी संघ के परिसमापक संयुक्त आयुक्त सहकारिता द्वारा किये जाने का निर्णय लिया गया।

मंत्रि-परिषद द्वारा कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग की ब्लॉक-1, ग्राम- एहसानपुरा, तहसील- सारंगपुर, जिला-राजगढ़ भूमि परिसम्पत्ति सर्वे क्रमांक 45,54,55 एवं 56 कुल रकबा 17,400 वर्गमीटर के H-1 निविदाकार की उच्चतम निविदा राशि 2 करोड़ 11 लाख 11 हजार 111 रूपये की संस्तुति करते हुए उसे विक्रय करने एवं H-1 निविदाकार द्वारा निविदा राशि का 100% जमा करने के बाद अनुबंध / रजिस्ट्री की कार्यवाही जिला कलेक्टर द्वारा किये जाने का निर्णय लिया गया।

Seekho Kamao Yojana Registration: मुख्यमंत्री सीखो कमाओ योजना के लिए यहाँ करें रजिस्ट्रेशन @mmsky.mp.gov.in

Seekho Kamao Yojana Registration: मुख्यमंत्री सीखो कमाओ योजना के लिए यहाँ करें रजिस्ट्रेशन @mmsky.mp.gov.in – मुख्यमंत्री सीखो कमाओ योजना (Seekho Kamao Yojana) के अंतर्गत युवाओं को प्रशिक्षण देने वाले प्रतिष्ठानों का पंजीयन 07 जून 2023 से और काम सीखने के इच्छुक युवाओं का पंजीयन प्रारंभ हो चुका है।

आगामी 15 जुलाई 2023 से युवाओं का मुख्यमंत्री सीखो कमाओ योजना (Seekho Kamao Yojana) के लिए आवेदन (Online Registration) आरंभ होगा तथा 31 जुलाई 2023 से युवा, प्रतिष्ठान एवं मध्य प्रदेश के मध्य अनुबंध हस्ताक्षर (ऑनलाइन) की कार्यवाही होगी तथा 01 अगस्त 2023 से विभिन्न प्रतिष्ठानों में युवाओं का प्रशिक्षण प्रारंभ होगा।

1 माह प्रशिक्षण के उपरांत अर्थात् 1 सितंबर 2023 से युवाओं को राशि (स्टाइपेण्ड) का वितरण राज्य शासन द्वारा किया जाएगा। उपरोक्त समस्त कार्यवाही योजना के पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन की जाएगी। यह क्रांतिकारी योजना युवाओं को अपने पैरों पर खड़ा होना सिखाएगी।

औपचारिक शिक्षा के उपरातं बहुधा युवा औद्योगिक एवं व्यवसायिक प्रतिष्ठानों में रोजगार प्राप्त करने के लिए पर्याप्त कुशल नहीं होते। माननीय मुख्यमंत्री जी के मंशानुरुप राज्य शासन द्वारा औपचारिक शिक्षा प्राप्त युवाओं को पंजीकृत औद्योगिक एवं व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में On-the-Job-Training (OJT) की सुविधा देने हेतु ”मुख्यमंत्री सीखो कमाओ योजना (Seekho Kamao Yojana)” लागू की गई है, जिससे औद्योगिक एवं व्यावसायिक प्रतिष्ठान युवाओं को प्रशिक्षित करने तथा युवा ऐसा प्रशिक्षण प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहित हों।

योजना के तहत प्रतिवर्ष 1 लाख युवाओं को लाभ मिलेगा, आवश्यकतानुसार लक्ष्य बढ़ाया जा सकता हैं। प्रत्येक युवा को राज्य शासन द्वारा ₹1 लाख तक का स्टाइपेंड भी प्रदान किया जाएगा।

मुख्यमंत्री सीखो कमाओ योजना (Seekho Kamao Yojana) में युवाओं की पात्रता

योजना के तहत ऐसे युवा पात्र होंगे,

  • जिनकी आयु 18 से 29 वर्ष तक हो |
  • जो मध्यप्रदेश के स्थानीय निवासी हों |
  • जिनकी शैक्षणिक योग्यता 12वीं/आईटीआई उत्तीर्ण या उससे उच्च हो।

योजना के तहत चयनित युवा को “छात्र-प्रशिक्षणार्थी” कहा जाएगा।

मुख्यमंत्री सीखो कमाओ योजना (Seekho Kamao Yojana) में युवाओं को स्टाइपेण्ड

  • मध्यप्रदेश के युवाओं को प्रशिक्षण के साथ साथ प्रतिमाह स्टाइपेण्ड प्राप्त होगा।
  • 12वीं उत्तीर्ण को रु. 8000, आईटीआई उत्तीर्ण को रु. 8500, डिप्लोमा उत्तीर्ण को रु. 9000 एवं स्नातक उत्तीर्ण या उच्च शैक्षणिक योग्यता को रु. 10000 स्टाइपेण्ड प्राप्त होगा।
  • स्टाइपेण्ड, कोर्स के लिए निर्धारित न्यूनतम शैक्षणिक अर्हता के आधार पर निर्धारित किया गया है।

मुख्यमंत्री सीखो कमाओ योजना (Seekho Kamao Yojana) से युवाओं को लाभ

  • उद्योग-उन्मुख प्रशिक्षण।
  • नवीनतम तकनीक और नवीनतम प्रकिया के माध्यम से प्रशिक्षण।
  • व्यावसायिक प्रशिक्षण के दौरान स्टाइपेण्ड।
  • मध्यप्रदेश राज्य कौशल विकास एवं रोजगार निर्माण बोर्ड (MPSSDEGB) द्वारा State Council for Vocational Training (SCVT) का प्रमाणन।
  • नियमित रोज़गार प्राप्त करने की योग्यता अर्जित करना।

योजना के बारे में

योजना के अंतर्गत युवाओं को प्रशिक्षण देने वाले प्रतिष्ठानों का पंजीयन 07 जून 2023 से और काम सीखने के इच्छुक युवाओं का पंजीयन शीघ्र प्रारंभ होगा।

Seekho Kamao Yojana पंजीयन

योजना के अंतर्गत युवाओं को प्रशिक्षण देने वाले प्रतिष्ठानों का पंजीयन 07 जून 2023 से और काम सीखने के इच्छुक युवाओं का पंजीयन शीघ्र प्रारंभ होगा। 15 जुलाई 2023 से युवाओं का आवेदन आरंभ होगा तथा 31 जुलाई 2023 से युवा, प्रतिष्ठान एवं मध्य प्रदेश के मध्य अनुबंध हस्ताक्षर (ऑनलाइन) की कार्यवाही होगी तथा 01 अगस्त 2023 से विभिन्न प्रतिष्ठानों में युवाओं का प्रशिक्षण प्रारंभ होगा। Seekho Kamao Yojana पंजीयन के लिए यहाँ क्लिक्क करें

Seekho Kamao Yojana प्रशिक्षण

मुख्यमंत्री सीखो कमाओ योजना में युवाओं को विभिन्‍न क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिलावाई जाएगी। मुख्यमंत्री सीखो कमाओ योजना के माध्यम से, मध्य प्रदेश सरकार प्रदेश के युवाओं को उनके कौशल और प्रशिक्षण का संवर्धन करने में मदद कर रही है ताकि वे अच्छे रोजगार के अवसरों का लाभ उठा सकें।

Seekho Kamao Yojana Registration Process

योजना हेतु आवेदन पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन भरे जा सकेंगे। इस हेतु निम्‍नानुसार प्रक्रिया निर्धारित की जाती है

अभ्‍यर्थी पंजीयन

  • MMSKY पोर्टल पर अभ्यर्थी पंजीयन पर क्लिक करे ।
  • आवश्यक निर्देश एवं पात्रता से सबंधित दस्ताबेजो को ध्यान से पढ़े ।
  • यदि आप पात्रता पात्र अभ्यर्थी है तो अपना समग्र आईडी दर्ज करे ।
  • समग्र आईडी में पंजीकृत मोबाइल नं. पर भेजे गये OTP से मोबाइल नं. सत्यापित करे ।
  • आपकी समग्र से जानकारी स्वतः ही प्रदर्शित की जाएगी आपके द्वारा एप्लीकेशन सबमिट किये जाने पर आपको SMS से यूजरनाम एवं पासवर्ड प्राप्त होगा, एवं आपको स्वतः ही लॉग इन करवाया जायेगा ।
  • अपनी शैक्षणिक योग्यता दर्ज करे एवं सम्बंधित दस्तावेजों को संलग्न करे ।
  • आपको शैक्षणिक योग्यता के अनुसार कोर्स प्रदर्शित होंगे उनमे से आप कोई कोर्स को चुन सकते है ।
  • अभ्यर्थी जहां ट्रेनिंग करने को तैयार है वह स्थान चुन सकता है ।

प्रतिष्ठान पंजीयन

  • MMSKY पोर्टल पर संस्था पंजीयन पर क्लिक करे ।
  • अधिकृत व्यक्ति की जानकारी दर्ज करे ।
  • स्व घोषणा के बाद GSTIN दर्ज करे ।
  • अनिवार्य जानकारी को दर्ज करे ।
  • एप्लीकेशन सबमिट करे ।
  • यूजर आईडी एवं पासवर्ड पंजीकृत मोबाइल नं. पर प्राप्त होगा ।
  • प्राप्त हुए यूजर आईडी एवं पासवर्ड के द्वारा संस्था लॉग इन कर सकेंगे ।
  • संस्था की बेसिक जानकारी दर्ज करे ।
  • EPF No. (यदि हो तो) के द्वारा कुल कर्मचारियो कि संख्या दर्ज करे ।
  • Subcontractor की जानकारी दर्ज करे (यदि applicable हो)

मुख्यमंत्री सीखो कमाओ योजना प्रशिक्षण

योजना के अंतर्गत चयनित युवा को मध्यप्रदेश राज्य कौशल विकास एवं रोजगार निर्माण बोर्ड (MPSSDEGB) द्वारा SCVT निर्धारित कोर्स अंतर्गत छात्र-अभ्‍यर्थी के रूप में पंजीकृत किया जाएगा। कोर्स की सूची योजना के पोर्टल व https://ssdm.mp.gov.in/ पर उपलब्ध होगी; इसमे समय-समय पर MPSSDEGB द्वारा यथा आवश्यक परिवर्तन किए जा सकेंगे। प्रत्येक कोर्स के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता और अवधि निर्धारित होगी।

मुख्यमंत्री सीखो कमाओ योजना अभ्‍यर्थी पात्रता

  • जिनकी आयु 18 से 29 वर्ष तक हो।
  • जो मध्यप्रदेश के स्थानीय निवासी हों।
  • जिनकी शैक्षणिक योग्यता 12वीं/आईटीआई उत्तीर्ण या उससे उच्च हो।

मुख्यमंत्री सीखो कमाओ योजना प्रतिष्ठान पात्रता

  • प्रदेश के ऐसे औद्योगिक एवं व्यावसायिक प्रतिष्ठान, जिनके पास PAN और GST पंजीयन है।
  • यह योजना समस्‍त श्रेणी के निजी प्रतिष्ठानों पर लागू होगी, यथा- प्रोपराइटरशिप, एचयूएफ, कंपनी, पार्टनरशिप, ट्रस्ट, समिति, आदि।

मुख्यमंत्री सीखो कमाओ योजना अभ्‍यर्थी लाभ

  • उद्योग-उन्मुख प्रशिक्षण।
  • नवीनतम तकनीक और नवीनतम प्रक्रिया के माध्यम से प्रशिक्षण।
  • व्यावसायिक प्रशिक्षण के दौरान स्टाइपेण्ड।
  • मध्यप्रदेश राज्य कौशल विकास एवं रोजगार निर्माण बोर्ड (MPSSDEGB) द्वारा State Council for Vocational Training (SCVT) का प्रमाणन।
  • नियमित रोज़गार प्राप्त करने की योग्यता अर्जित करना।

मुख्यमंत्री सीखो कमाओ योजना प्रतिष्ठान लाभ

  • पंजीकृत प्रतिष्ठान अपने कुल कार्यबल, जिसमें नियमित व संविदात्मक कर्मचारी शामिल होंगे, के 15% की संख्या तक छात्र-प्रशिक्षणार्थियों को प्रशिक्षण दे सकते हैं।
  • प्रतिष्ठान को निर्धारित न्यूनतम स्टाइपेण्ड की 25% राशि युवाओं के बैंक खाते में जमा करनी होगी। प्रतिष्ठान उसके लिए निर्धारित राशि से अधिक राशि देने के लिए स्वतंत्र होगा।
  • प्रतिष्ठान द्वारा राशि जमा करने के बाद निर्धारित स्टाइपेण्ड का 75% राज्य शासन की ओर से छात्र-अभ्‍यर्थी को DBT के माध्यम से भुगतान किया जाएगा।
  • योजना के अंतर्गत प्रशिक्षण की निर्धारित अवधि (सामान्यतः 1 वर्ष) तक स्टाइपेण्ड दिया जावेगा।
  • योजना अंतर्गत 46 क्षेत्रों (sectors) एवं 700 से भी अधिक पाठ्यक्रमों (courses) में प्रशिक्षण दिया जाएगा।
  • एक छात्र-अभ्‍यर्थी पर प्रतिमाह 75% स्टाइपेण्ड की बचत होगी।
  • एक छात्र-अभ्‍यर्थी पर प्रतिमाह रु. 90,000/- तक की बचत होगी।
  • छात्र-अभ्‍यर्थी पर EPF, Bonus एवं Industrial Dispute Act लागू नहीं होगा।
  • छात्र-अभ्‍यर्थी, संघ की गतिविधि (Union Activities) में भाग नहीं ले सकेंगे।
  • छात्र-अभ्‍यर्थी, सीखने के दौरान उत्पादन में योगदान देंगे।
  • भविष्य के कुशल कारीगर तैयार होंगे।

जन-कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में रोजगार सहायक-आँगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की महत्वपूर्ण भूमिका : मुख्यमंत्री श्री चौहान

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि राज्य सरकार की जन-कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में रोजगार सहायक, आँगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाओं की भूमिका महत्वपूर्ण है। राज्य सरकार ने उनकी उल्लेखनीय सेवाओं को देखते हुए हाल ही में उनके हितों में अनेक महत्वपूर्ण फैसले लिये हैं। मुख्यमंत्री श्री चौहान आज नरसिंहपुर जिले के तेंदूखेड़ा में आँगनवाड़ी और रोजगार सहायकों के संगठन के प्रतिनिधियों से चर्चा कर रहे थे। चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. विश्वास कैलाश सारंग, पूर्व मंत्री श्री रामपाल सिंह और श्रीमती साधना सिंह भी मौजूद थी।

मुख्यमंत्री को भेंट किया गया अभिनंदन-पत्र

तेंदूखेड़ा के मंडी प्रांगण में रोजगार सहायक, आँगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाओं के संगठन ने हाल ही में मुख्यमंत्री द्वारा उनके हितों में की गई घोषणाओं के संदर्भ में उन्हें अभिनंदन-पत्र और स्मृति-चिन्ह भेंट किया।

मुख्यमंत्री का लाड़ली बहनों ने किया स्वागत

मुख्यमंत्री श्री चौहान का तेंदूखेड़ा के ग्राम हीरापुर, उमरपानी, भूरासुन्हेटी, टेकापार, ग्वारी तिराहा, मनकापुर तिराहा, भामा और अन्य स्थानों पर लाड़ली बहनाओं ने जोरदार स्वागत किया। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने ग्राम भामा में ग्रामीणों की माँग पर शासकीय हाई स्कूल को हायर सेकण्डरी स्कूल में परिवर्तित करने की घोषणा की। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिये संकल्पित है। इसी के अनुरूप मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना लागू की गई है। इस योजना में पात्र बहनों के खाते में हर माह की 10 तारीख को नियमित रूप से 1000 रूपये की राशि अंतरित होती रहेगी। उन्होंने बताया कि योजना का लाभ अब 21 वर्ष की विवाहित महिलाओं को भी मिलेगा। इसके लिये जल्द ही पोर्टल शुरू किया जाएगा।

जन-सेवा मित्रों से संवाद

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने जन-सेवा मित्रों से संवाद किया। उन्होंने शिवानी विश्वकर्मा से लोगों की राय जानी। शिवानी ने बताया कि मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण में मील का पत्थर साबित हो रही है। जन-सेवा मित्र राज्य शासन की योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिये मॉनिटरिंग कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने घोषणाओं का किया उल्लेख

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने जन-समुदाय को बताया कि आँगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय प्रतिमाह 10 हजार से बढ़ा कर 13 हजार रूपये किया गया है। मानदेय में इन्सेन्टिव के रूप में 1000 रूपये की वृद्धि प्रति वर्ष की जायेगी। मिनी आँगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को 6500 रूपये प्रतिमाह मानदेय दिया जायेगा। सहायिका से आँगनवाड़ी कार्यकर्ता पर पदोन्नति के लिये 50 प्रतिशत पद आरक्षित होंगे। उन्होंने कहा कि आँगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को सेवानिवृत्त होने पर एक मुश्त एक लाख 25 हजार रूपये और सहायिकाओं को एक लाख रूपये उपलब्ध कराये जायेंगे। आँगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका का शासकीय कर्मचारियों की तरह 5 लाख रूपये का स्वास्थ्य और दुर्घटना बीमा कराया जाएगा।

रोजगार सहायक के हितों में की गई घोषणा का उल्लेख

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने अपने संबोधन में पिछले दिनों रोजगार सहायकों के हितों में की गई घोषणाओं का उल्लेख भी किया। उन्होंने कहा कि रोजगार सहायक को 9 हजार रूपये मासिक मानदेय के स्थान पर 18 हजार रूपये, सामान्य अवकाश सहित प्रसूति अवकाश, मातृत्व अवकाश के साथ ही पितृत्व अवकाश दिया जायेगा। पंचायत सचिव की नियुक्ति में 50 प्रतिशत स्थान रोजगार सहायकों के लिये सुरक्षित रहेंगे।

तत्काल मिली 2 लाख रूपये की आर्थिक सहायता

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने अपने भ्रमण के दौरान श्रीमती जीरा बाई से संवाद किया। श्रीमती जीरा बाई ने बताया कि पिछले एक साल में उनके पति एवं 2 बच्चों का देहान्त हो चुका है। घर में अब कमाई का कोई जरिया नहीं है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने संवेदनशीलता दिखाते हुए श्रीमती जीरा बाई को तत्काल 2 लाख रूपये की आर्थिक सहायता देने के निर्देश दिये। जिस पर रेडक्रॉस की ओर से 2 लाख रूपये की सहायता जीरा बाई को प्रदान कर दी गई।

सिवनी एसपी के निर्देशों के बाद, लुटेरी झींगा मछली की जांच में आई तेजी, पूरे जिले में फैला था नेटवर्क

सिवनी, धारनाकला (एस. शुक्ला): GSA ग्लोबल सेफुड एलायंस झींगा मछली के नाम पर हुई ठगी की जांच पुलिस अधीक्षक सिवनी के निर्देश पर तेजी से की जा रही है और अब तक दर्जनो पीडित और ठगी के शिकार युवकों के कथन पुलिस द्वारा लिये जा चुके है.

कथन के आधार पर बरघाट पुलिस इस कंपनी की शुरूआत करने वाले तथा लोगो को भ्रमित कर इस कंपनी मे धन लगवाने वालो की तलाश मे जुट चुकी है जिसमे पीडित और ठगी के शिकार युवक भी अपने कथन के साथ प्रमाण प्रस्तुत कर रहे है.

उल्लेखनीय है की GSA झींगा मछली की शुरूआत धारनाकला मे माह फरवरी मे हुई थी और शुरूआत मे छेत्र के युवक कंपनी के सबसे छोटे प्लान 520 मे 43 दिन मे 916 रूपये के प्लान के साथ जुडते चले गये और भारी तादाद मे चैनल सिस्टम के साथ भारी तादाद मे युवक भी जुडते चले गये तथा झींगा मछली के नाम पर कंपनी के प्लान की राशि भी बढते चली गई और कपंनी के प्लान भी पाच हजार से लेकर 130000 एक लाख तीस हजार रूपये पर पहुँच गए.

तथा 60 साठ दिन मे राशि पाच गुना तक मिलने का भरोसा कंपनी तथा इसे चलाने वालो के द्वारा दिया जाने लगा और सोशल मीडिया तथा वाटसाप ग्रूप मे भी प्रति दिन की आय तथा कमीशन प्रदर्शित होते रहा और इसी के चलते युवक कंपनी के बडे प्लान की ओर दौडते चले गए.

सेमीनार से हुई सबसे ज्यादा धन की उगाही

उल्लेखनीय है की GSA झींगा मछली के प्रचार प्रसार एवं कंपनी से जोडने के लिये जैसे ही 11 जून को पंचशील लान बरघाट मे सेमिनार का आयोजन रखा गया और लोगो को आमंत्रित करते हुऐ कंपनी के प्लान तथा आय तथा फायदे से लोगो को अवगत कराया गया.

उसी दिन कंपनी के बडे प्लान से लोग जुडते चले गये और बडे बडे प्लान मे अपने धन फसा दिया किन्तु सेमीनार के दूसरे और तीसरे दिन से ही कंपनी से पैसा आना बन्द हो गया और लोगो को एहसास हो गया की वे ठगी का शिकार हो चुके है और युवको ने इसकी शिकायत पुलिस थाना बरघाट मे कर दी वही दूसरे पक्ष के द्वारा यही शिकायत पुलिस अधीक्षक कोGSA कंपनी के नाम पर कर दी गई जिस पर पुलिस थाना बरघाट द्वारा हर पहलू पर जांच की जा रही है.

ग्रूप से किया किनारा

उल्लेखनीय है की GSA 007 नाम से माह फरवरी मे ही मोबाइल पर ग्रूप भी बनाया गया था जिसमे वही लोग जुडे थे जो GSA झींगा मछली से जुडे थे इस ग्रूप मे लगभग नौ सौ लोग जुडे हुऐ थे किन्तु जैसे ही शिकायत थाने पहूची लोग ग्रूप से हटते चले गये चूकिं इस ग्रूप मे बहूत हद तक शासकीय सेवक के पद पर तथा शिक्षा विभाग से जुडे लोग शामिल थे जिन्होने इस ग्रूप से किनारा करना ही उचित समझा.

प्रति माह कमीशन के साथ मासिक वेतन भी देती थी कंपनी

यहा यह भी उल्लेखनीय है की इस कंपनी बेहतर कार्य करने वालो को मासिक सेलरी भी निर्धारित थी और जिले के लगभग दस से बारह युवको को यह सेलरी भी मिलती थी जिसमे 150000 से लेकर अस्सी हजार तथा तीस हजार रूपये तक सैलरी लेने वालो की लिस्ट कंपनी से जुडे युवक द्वारा दिखाई गई तथा यही सैलरी कापी पुलिस थाना बरघाट को भी सौपी गई है

वही दूसरी तरफ पुलिस जाचं मे कंपनी से खास तौर जुडे युवक ही अपने बचाव में एक दूसरे पर आरोप लगाते नजर आ रहे है किन्तु यह भी सही है की पुलिस बारीकी से जांच करती है तो यह सत्यता भी बहुत जल्द सामने आ जायेगी की कंपनी की शुरूआत और सबसे लम्बी चैनल किसकी थी और किसके नीचे अथवा उसकी आई डी कै नीचे कितने लोगो को जोडकर कंपनी को फायदा पहुंचाया गया है.

पूरे जिले मे फैला दिया गया था नेटवर्क

यहा यह बताना भी लाजिमी है की धारनाकला बरघाट सहित कुर ई ब्लाक मे भी GSA झींगा मछली प्लान और कंपनी से लोगो को भारी तादाद मे जोडा गया था सैलरी और कमीशन के लोभ मे भी कंपनी से जुडे युवको के द्वारा युवको को डबल मनी प्लान मे जोड दिया गया औरसिवनी जिले के ब्लाक मे जहा कंपनी और एजेन्ट काम कर थे ठीक इसके विपरीत ब्लाक मे कोड भी अलग अलग निर्धारित थे जिसमे बरघाट GSA 007 था वही सीनियर ग्रूप अलग था जिसमे कंपनी के प्लान तथा फायदे और लाभ की जानकारी होती थी.

वैसे बरघाट पुलिस द्वारा हर पहलू पर जाच की जा रही है तथा साक्ष्य एकत्रित किये जा रहे है अब देखना है की लाखो की ठगी मे क्या कार्यवाई सामने आती है

ध्यान दीजिए कलेक्टर साहब! सिवनी में धान शार्टेज की वसूली मे विभागीय उदासीनता क्यो!

सिवनी, धारनाकला (एस. शुक्ला): धान उपार्जन केन्द्रो मे धान खरीदी प्रभारीयों से धान शार्टेज की राशि वसूली की कार्रवाई विभागीय उदासीनता के चलते नोटिस तामीली तक ही सिमटकर रह गई है.

किन्तु समितियो को लाखो के नुकसान मे पहुँचाने वाले जवाबदार कर्मचारियों पर संबधित विभाग क्यो महरबान है समझ से परे है.

धान उपार्जन नीति कागजों मे सिमटी

उल्लेखनीय है की शासन द्वारा बनाई गई उपार्जन नीति सिर्फ कागजो की शोभा बनकर रह गई है चूकि उपार्जन नीति पर अमल आज तक नही हुआ है और यही कारण है अधिकांश सहकारी समितिया उपार्जन नीति को ठेगा दिखाकर लाखो रूपये की छति सहकारी समितियो को पहुंचाते आ रहे है.

जबकि उपार्जन नीति के अनुसार खरीदी प्रभारी का यह दायित्व है की उपार्जित स्कंध की सुरक्षित अभिरक्षा मे रखकर एवं एफ एक्यू स्कंध उपार्जन एजेंसी को पूर्ण स्कंध प्रदाय करने की जिम्मेदारी खरीदी प्रभारी की होती है किन्तु उपार्जन केन्द्रो मे हजारो क्विंटल धान के शार्टेज के साथ साथ लाखो की छति सहकारी समितियो को हुई है और इस हेतू सम्बंधित खरीदी प्रभारी उत्तरदायी है.

इसके साथ ही संस्था अथवा समिति को प्राप्य कमीशन राशि से भी वंचित रहना पड रहा है किन्तु इस दिशा मे तथा समितियो को घाटे से उबारने मे सम्बंधित विभाग की ठोस कार्रवाई अब तक सामने नही आई है और यही कारण है की लगातार धान उपार्जन नीति के तहत नियमो का पालन न होने से सहकारी समितियो को नुकसान तथा हानि के दौर से गुजरना पड रहा है

खरीफ धान उपार्जन मे स्कंध कमी की राशि वसूली

उल्लेखनीय है की खरीफ धान उपार्जन मे जिले की अधिकांश सहकारी समिति तथा स्व सहायता समूहो के द्वारा खरीदी मात्रा से हजारो क्विंटल धान परिवहन की मात्रा मे कमी दी है तथा समिति को भारी हानि हुई है जिसमे धान उपार्जन केन्द्र नगझर मे सहकारी समिति खामी के द्वारा 52756.40 किवटल धान खरीदी मे परिवहन मात्रा एवं वास्तविक गोदाम मे जमा धान 51611.76 के साथ 1145.24 किवटल धान का शार्टेज देते हुऐ 2335800 तेइस लाख पैंतीस हजार आठ सौ रूपये की हानि पहुंचाई गई.

इसी तरह आदिम जाति सहकारी समिति लालपुर के द्वारा केन्द्र धारनाकला तथा धोबीसर्रा मे 1710 किवटल धान के शार्टेज के साथ 3488040 चौतीस लाख अठयासी हजार रूपये की हानि पहुंचाई गई आष्टा समिति के द्वारा खरीदी करते हुऐ 500 किवटल धान के शार्टेज के साथ साथ दस से बारह लाख रूपये की छति तथा मलारा सेवा सहकारी समिति के द्वारा समनापुर केन्द्र मे खरीदी करते हुऐ 1099 किवटल धान शार्टेज के साथ समिति को 2241980 बाइस लाख इकतालीस हजार नौ सौ साठ रूपये की हानि पहूचाई गई है.

इसी तरह जिले की अधिकांश सहकारी समितियो तथा स्व सहायता समूहो के द्वारा धान स्कंध की कमी दी गई है और करोडो रूपये की वसूली के सम्बध्द मे सिर्फ नोटिस देते हुऐ कारवाई को ठंडे बस्ते मे डाल दिया गया है किन्तु ठोस कार्रवाई का न होना तथा वसूली राशि मे कोताही बरतना समझ से परे है.

वेतन के लाले पर 89 दिन की भर्ती मे कमी नही

जहा एक तरफ अधिकतर सहकारी समितिया घाटे का रोना रो रही है और सहकारी समितियो मे महिनो से कर्म चारियो को वेतन न मिलने की बात भी सौ टका सत्य है बावजूद इसके जवाबदारो ने तथा समिति के संचालक बोर्ड के द्वारा 89 दिन की भर्ती के नाम पर नियमो को ताक पर दैनिक वेतन भोगी कर्म चारियो की नियुक्ति कर दी है तथा रातो रात सहकारी समितियो मे 89 दिन की भर्ती तो हो गई.

किन्तु वर्षो से समिति मे भर्ती के 89 दिन समाप्त नही हुऐ जबकि उपायुक्त सिवनी के द्वारा इस सम्बध्द मे जांच तो प्रारम्भ की गई और जानकारी भी समितियो से मांगी गई किन्तु अब तक फर्जी नियुक्ति के सम्बन्ध मे ठोस कार्रवाई नगण्य है.

वही दूसरी तरफ समिति मे कार्यरत कर्म चारी की सेवा काल मे मृत्यू के बाद भी उसके परिवार को अनुकम्पा नियुक्ति नही किन्तु पैसो की खनक के चलते सहकारिता के नियमो को ताक पर रखकर 89 दिन की भर्ती जरूर हो गई और आज की स्थिति मे समिति को गर्त मे ले जाने मे 89 दिन की भर्ती ही समिति को गर्त मे ले जाने मे कोई कसर नही छोड रहे है.

निष्पक्षता के साथ हो जांच तथा कार्रवाई

किसानो से जुडी सहकारी समितियो मे भारी पैमाने पर अनियमितताऐ तथा समिति को हानि पहुचाने के सम्बन्ध मे किसानो के द्वारा भी ठोस कार्रवाई की मांग की गई है चूकि शासन से जुडी तथा किसानो के हित की योजनाए सहकारिता विभाग से ही संचालित हो रही है.

दर्जनो गांव के किसानो का लेन देन समिति से ही होता है किन्तु किसानो से जुडी सहकारी समितियो मे समिति मे कार्यरत कर्मचारी ही सहकारी समिति को लगातार अपने स्वार्थ के चलते हानि पहुचा रहे है तथा नियमो को ताक पर रखकर समिति का संचालन कर रहे है तथा समितियो से लाखो रूपये की लेनदारी मध्य प्रदेश स्टेट सिविल सप्लाईज कार्पो सिवनी की निकल रही है.

किन्तु इस लेनदारी की वसूली मे सम्बंधित विभाग क्यो शान्त है समझ से परे है यहा यह बताना भी लाजिमी है की सहकारी समितियो मे संचालक मंडल के प्रस्ताव के आधार पर जिस तरह मनमानी की गई है उसकी निस्पक्ष जांच हो तो लाखो और करोडो रूपये के फर्जी वाडा और वसूली की कहानी सामने होगी

सिवनी कलेक्टर के सख्त निर्देशों के बाद भी विभाग दिखा रहा ठेंगा, नहीं मिल रहा शुद्ध पानी

सिवनी, धारनाकला (एस. शुक्ला): जल मिशन के तहत अनेकों ग्राम पंचायतो मे पानी टंकी का निर्माण तो हो गया किन्तु हर घर को पानी मिलने का कार्य अभी भी अधूरा है जबकि सिवनी जिला कलेक्टर के सख्त निर्देशो के बाद भी पेयजल समस्या की ओर संबधित विभाग का ध्यान नही है.

यही कारण है जहाँ ग्राम पंचायतों मे पुरानी पाईप लाइने गन्दा पानी उगल रही है वही दूसरी तरफ नई पाईप लाइनों के बिछने के बाद भी घरों मे पानी नहीं पहुँच रहा है ठीक इसके विपरीत नई पाईप लाईन बिछाने मे पूर्व से ही संचालित पेयजल व्यवस्था भी बिगडकर रह गई है जिससे पेयजल व्यवस्था पर प्रश्न चिन्ह लगा हुआ है.

घरों में पहुँच रहा है गन्दा पानी

उल्लेखनीय है की धारनाकला में पूर्व से ही नल जल योजना संचालित है किन्तु वर्तमान मे नवीन पानी टंकी निर्माण और नई पाईप लाइन के विस्तारीकरण में बहुत कुछ स्थानों की पाईप लाईन छतिग्रस्त हो गई है जिससे लोगो के घरों मे वर्षाञतू के प्रारंभ में पाईप लाईन से गन्दा पानी निकलना प्रारंभ हो गया है.

जिसको लेकर ग्रामीणो ने पंचायत का दरवाजा खटखटाया तो इस सम्बंध मे पंचायत द्वारा निर्माण एजेंसी से शीघ्र सुधार की बात कही किन्तु एक पखवाड़ा बीत जाने के बाद भी पेयजल समस्या मे कोई सुधार नही हुआ है.

जबकि ग्राम के ही जागरूक युवक योगेश हरिनखेडे तथा दीपक राहगडाले के द्वारा अनेकों बार पेयजल समस्या से समबधितो को अवगत कराते हुए सुधार की मांग की है किन्तु इनके कानो मे जू तक नही रेंगी है.

लगभग एक पखवाड़े से बन्द है कार्य

यहा यह भी उल्लेखनीय।है की जहा एक तरफ जिले के संवेदन शील जिला कलेक्टर महोदय पेयजल समस्या और हर घर को शीघ्र पानी उपलब्ध हो इस दिशा मे गम्भीर है वही दूसरी तरफ ग्रामीण अचलो मे शासन की यह महती योजना कितनी जमीनी हकीकत मे सही है यह देखा जा सकता है .

चूकि नवीन पाईप लाईन बिछा तो दी गई है किन्तु शासन की मंशा के अनुरूप हर घर को पानी उपलब्ध नही हो पा रहा है ऐसी स्थिति मे यह कहना भी गलत नही होगा की गर्मी बीत जाने पर तो पानी नही मिला और वर्षा ञतू भी बीत जायेगी पर लोगो को पेयजल समस्या से निजात नही मिलेगी.

चूकि पी एच ई विभाग की निष्क्रियता के चलते पेयजल व्यवस्था हर घर को पानी देने का कार्य जो कच्छप गति से चल रहा है ऐसी स्थिति मे ग्राम पंचायत द्वारा भी सन्तोष प्रद समस्या का हल न होने से आम जन परेशान है

इस सम्बध्द मे ग्राम पंचायत धारनाकला सरपंच रंजीता बोपचे का कहना है नवीन पाईप लाईन का विस्तारीकरण तथा नवीन टंकी बनने के बाद एवं पाईप की बिछाई तथा खुदाई मे बहूत स्थानो पर पाईप लाईन छति ग्रस्त हो चुकी है जिससे पुरानी टंकी से प्रदाय पेयजल मे गन्दा पानी आ रहा है समय पर पूरा कार्य न होने से आये दिन ग्रामीण पेयजल को लेकर समस्या लेकर आ रहे है जिसमे शीघ्र सुधार के लिये तथा पेयजल व्यवस्था संचालित करने के पी एच ई विभाग को अवगत करा दिया गया है

उद्योग और व्यापार के लायसेंस का रिन्यूअल अब दस साल के लिए किया जाएगा – मुख्यमंत्री श्री चौहान

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि व्यापार और उद्योगों को बढ़ावा देने में कोई कमी नहीं रहने देंगे। प्रदेश में उद्योग विकास दर 24 प्रतिशत है। राज्य सरकार हर सेक्टर में उद्योगों को बढ़ावा देने का प्रयास कर रही है। व्यापारी और उद्योगपति प्रदेश की समृद्धि के लिए मिलकर कार्य करें। विकास में निंरतर भागीदारी करते रहें। प्रदेश में बेहतर निवेश और रोजगार की कोशिशें जारी हैं। प्रदेश और देश को व्यापारियों और उद्योगपतियों से बहुत आशाएँ हैं। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि उद्योग और व्यापार के लायसेंस का रिन्यूअल अब दस साल के लिए किया जाएगा। मुख्यमंत्री भोपाल में फेडरेशन ऑफ एमपी चेम्बर्स ऑफ कामर्स-एण्ड इंडस्ट्रीज के 7वें आउट स्टेंडिंग अवार्ड वितरण और 44 वें वार्षिक सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने व्यापार और उद्योग के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यापारियों, उद्योगपतियों और संस्थानों को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। कार्यक्रम में फेडरेशन ऑफ मध्यप्रदेश चेम्बर्स ऑफ कामर्स एण्ड इंडस्ट्री के अध्यक्ष डॉ. राधाशरण गोस्वामी और बड़ी संख्या में व्यापार और उद्योग से जुड़े नागरिक उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि मध्यप्रदेश की जीएसडीपी 71 हजार करोड़ से बढ़ कर 15 लाख करोड़ हो गई है। देश के अन्य राज्यों से मध्यप्रदेश तेज गति से आगे बढ़ रहा है। प्रदेश में प्रति व्यक्ति आय 11 हजार से बढ़कर एक लाख 40 हजार रूपए हो गई है। प्रदेश का बजट 21 हजार करोड़ से बढ़कर 3 लाख 14 हजार करोड़ हो गया है। कृषि के क्षेत्र में लगातार विकास दर बढ़ने का चमत्कार हुआ है।

कृषि उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। बिजली का उत्पादन 2900 मेगावॉट से बढ़कर 28 हजार मेगावॉट हो गया है। चारों तरफ विकास और प्रगति के कार्य हो रहे हैं। रोजगार और कौशल, सिंचाई, शहरों के विकास, पेयजल, पंचायत, ग्रामीण विकास, ऊर्जा, वन सहित हर क्षेत्र में हम आगे बढ़ रहे हैं। प्रदेश को आगे बढ़ाने की अनंत संभावनाओं को पूरा करने में आपका बेहतर योगदान हो। बासमती राइस की सुगंध कनाडा, अमेरिका सहित दुनिया के कई देशों में है। शरबती गेहूँ भी निर्यात होता है। किसानों की आय बढ़ रही है। किसानों के पास पैसा आने से व्यापारी मित्रों का व्यापार चलता है। रोजगार के अवसर बढ़ते हैं। कृषि विकास का अर्थ उद्योगों का विकास है।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि बहनों की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ करने के लिए मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना बनाई गई है। इसके अतिरिक्त युवाओं को रोजगार देने के लिए राज्य शासन ने मुख्यमंत्री सीखो- कमाओ योजना शुरू की है जो अदभुत योजना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश को आगे बढ़ाने के सपनों को पूरा करने के लिए तेज गति से कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने उद्योगपति स्व. रमेश अग्रवाल का स्मरण करते हुए कहा कि वे मध्यप्रदेश के ब्रांड एम्बेस्डर थे।

डॉ. राधाशरण गोस्वामी ने कहा कि फेडरेशन ऑफ एमपी चेम्बर्स ऑफ कॉमर्स एण्ड इंण्डस्ट्री द्वारा व्यापार और उद्योग को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न कार्य किए जा रहे हैं। विश्व भर में उत्पाद भेजे जा रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री चौहान, उद्योगपतियों को लगातार प्रेरित कर रहे हैं। प्रदेश की अर्थ- व्यवस्था बढ़ रही है। फेडरेशन के संरक्षक श्री गिरीश अग्रवाल ने कहा कि उद्योगपतियों को राज्य सरकार साथ लेकर चल रही है। मध्यप्रदेश कृषि के साथ औद्योगीकरण में भी आगे बढ़े और सर्वश्रेष्ठ प्रदेश बने, इसके प्रयास तेजी से होना चाहिए। मुख्यमंत्री श्री चौहान का फेडरेशन की ओर से स्मृति-चिन्ह प्रदान कर सम्मान किया गया।

आज का दिन प्रदेश के साथ ही देश के लिए महत्वपूर्ण – सीएम शिवराज सिंह चौहान

भोपाल: मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि आज का दिन मध्यप्रदेश के साथ ही देश के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी शहडोल पधार रहे हैं। मध्यप्रदेश की धरती पर प्रदेशवासियों की ओर से उनका हृदय से वंदन-अभिनंदन है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने सोशल तथा इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के लिए जारी संदेश में यह बात कही।

प्रधानमंत्री श्री मोदी वीरांगना रानी दुर्गावती के चरणों में श्रद्धा-सुमन अर्पित करेंगे

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि रानी दुर्गावती के बलिदान दिवस के अवसर पर प्रदेश में गौरव यात्राएँ निकाली गईं थीं। इनका समापन 27 जून को शहडोल में होना था, लेकिन भारी वर्षा के कारण जनता को कोई परेशानी न हो, इसलिए प्रधानमंत्री श्री मोदी का प्रवास 27 जून से बदलकर एक जुलाई निर्धारित किया गया।

साढ़े 3 करोड़ आय़ुष्मान कार्ड वितरित किए जाएंगे : प्रदेश में 25 हजार स्थानों पर वितरित होंगे कार्ड

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि इसके साथ ही 2 महत्वपूर्ण कार्य और होंगे। प्रथमत:, साढ़े तीन करोड़ आय़ुष्मान कार्ड आज पूरे देश में वितरित किए जाएंगे। मध्यप्रदेश में एक करोड़ से ज्यादा आय़ुष्मान कार्ड हितग्राहियों को अलग-अलग 25 हजार स्थानों पर दिए जाएंगे। शहडोल के साथ ही सभी 25 हजार स्थानों पर कार्यक्रम होंगे। प्रधानमंत्री श्री मोदी शहोडल से आय़ुष्मान कार्ड का प्रतीकात्मक रूप से वितरण करेंगे। साथ ही प्रदेश में 25 हजार स्थानों पर यह कार्ड वितरित किए जाएंगे। आयुष्मान कार्ड से 5 लाख रुपये तक का नि:शुल्क इलाज एक साल में एक परिवार का हो सकेगा।

सिकल सेल एनीमिया मिशन होगा आरंभ

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी पूरे देश के लिए सिकल सेल एनीमिया मिशन लांच करेंगे। सिकल सेल एनीमिया बहुत जटिल और कष्टदायक बीमारी है, हमारे अधिकतर आदिवासी बहन-भाई इसके शिकार होते हैं। इस बीमारी से निपटने के लिए मिशन लांच किया जा रहा है। मिशन के अंतर्गत इस बीमारी के उपचार और बचाव के उपाय बताए जाएंगे।

प्रधानमंत्री श्री मोदी ग्राम पकरिया में करेंगे संवाद

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी जनजातीय भाई-बहनों, स्व-सहायता समूहों की लखपति बहनों, फुटबाल के खिलाड़ियों और जनजातीय समाज के मुखियाओं से ग्राम पकरिया में संवाद भी करेंगे।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का एक जुलाई को शहडोल आगमन

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का एक जुलाई को शहडोल जिले में विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होंगे। प्रधानमंत्री राष्ट्रीय स्तर पर सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन मिशन की लाँचिंग और पीवीसी आयुष्मान कार्डों के वितरण का शुभारंभ करेंगे। साथ ही स्व-सहायता समूह की लखपति दीदियों, ग्राम फुटबाल क्लब के खिलाड़ियों एवं जनजातीय मुखियाओं से भी चर्चा करेंगे।

सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन मिशन का करेंगे शुभारंभ

प्रधानमंत्री श्री मोदी शहडोल में राष्ट्रीय स्तर पर सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन मिशन 2047 का शुभारंभ करेंगे। कार्यक्रम में केन्द्र सरकार के स्वास्थ्य, जनजातीय कार्य, आयुष मंत्रालय और देश के 17 राज्यों के प्रतिनिधि वर्चुअली शामिल होंगे। प्रदेश के 20 जनजातीय बहुल जिलों के 89 विकासखण्डों के करीब 3 हजार हेल्थ एण्ड वेलनेस सेंटर्स के 2 लाख से अधिक हितग्राहियों को सिकल सेल जेनेटिक काउन्सलिंग कार्ड का वर्चुअली वितरण किया जाएगा। इन कार्डों में सिकल सेल एनीमिया के परीक्षण के बाद की पूरी रिपोर्ट होगी। प्रधानमंत्री श्री मोदी सिकल सेल ऑपरेशन गाइड-लाइन एवं मेनुअल का अनावरण, नेशनल सिकल सेल पोर्टल एवं डेश बोर्ड का शुभारंभ करेंगे। प्रदेश के 25 हजार 500 से अधिक स्थानों पर कार्यक्रम का सीधा प्रसारण होगा। इनमें प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के साथ सिविल अस्पताल, जिला अस्पताल, हेल्थ एण्ड वेलनेस सेंटर, चिकित्सा महाविद्यालय, शहरी स्थानीय निकाय और नगर निगम मुख्यालय शामिल हैं। कार्यक्रम में प्रदेश में सिकल सेल एनीमिया के उन्मूलन के लिये किये गये प्रयासों एवं नवाचार संबंधी फिल्म का प्रदर्शन किया जायेगा। प्रधानमंत्री श्री मोदी ग्रामीणों एवं जन-प्रतिनिधियों से सीधा संवाद करेंगे और सामूहिक भोज में भी शामिल होंगे।

पीवीसी आयुष्मान कार्ड का वितरण

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी शहडोल में पीवीसी आयुष्मान कार्ड वितरण योजना का भी शुभारंभ करेंगे। प्रधानमंत्री द्वारा योजना के शुभारंभ के बाद ग्राम पंचायत और नगरीय निकाय स्तर पर जन-प्रतिनिधियों की उपस्थिति में पीवीसी आयुष्मान कार्ड वितरित किए जाएंगे। इसके लिए पंचायत स्तर पर आयुष्मान ग्राम सभा होगी, जिसमें आयुष्मान हितग्राहियों के नाम पढ़े जाएंगे। नगरीय निकायों में प्रधानमंत्री के कार्यक्रम के लाइव प्रसारण की व्यवस्था की गई है। प्रदेश में अब तक तीन करोड़ 57 लाख से अधिक हितग्राहियों के डिजिटल आयुष्मान कार्ड तैयार किये जा चुके हैं। योजना के कुल हितग्राहियों में एक करोड़ हितग्राहियों को पीवीसी आयुष्मान कार्ड भी प्रदाय किये जा रहे हैं। देश में 3 करोड़ 57 लाख आयुष्मान हितग्राहियों को डिजिटल आयुष्मान कार्ड का वितरण पहली बार किया जा रहा है।

लखपति दीदियों, ग्रामसभाओं, फुटबाल खिलाड़ियों और जनजातीय मुखियाओं से संवाद

प्रधानमंत्री श्री मोदी शहडोल में लखपति दीदियों से संवाद करेंगे। महिला स्व-सहायता समूह में जिन दीदियों की वार्षिक आय एक वर्ष में एक लाख रुपये से अधिक होती है, उन्हें लखपति दीदी कहा जाता है। दीदियों ने मेहनत और परिश्रम से अपनी आर्थिक स्थिति सुधारी है। मध्यप्रदेश में पेसा एक्ट लागू हुआ है, कई ग्राम सभाओं ने तेंदूपत्ता संग्रहण का कार्य किया है, ऐसी ग्राम सभाओं से भी प्रधानमंत्री श्री मोदी का संवाद होगा। प्रधानमंत्री श्री मोदी शहडोल के आस-पास, गाँव-गाँव में सक्रिय फुटबाल क्लबों के खिलाड़ियों से भी बातचीत करेंगे। साथ ही जनजातीय समाज के मुखियाओं से भी चर्चा करेंगे।

PM MODI ने देश को विश्व में सरताज बनाया : मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने श्योपुर जिले के विजयपुर विकासखंड मुख्यालय पर वृहद लाड़ली बहना सम्मेलन में कहा है कि, देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के 9 साल के स्वर्णिम कार्यकाल में देश ने हर क्षेत्र में तरक्की की। श्री मोदी के नेतृत्व में आज देश विश्व में सरताज बना हैं। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने श्योपुर जिले की कूनो में चीता प्रोजेक्ट की सौगात दी।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना हमारी बहनों की जिंदगी बदलने का अभियान हैं। योजना से उन्हें आत्मनिर्भरता मिली हैं। अब उन्हें मायके जाने के लिए पति की तरफ नहीं देखना पड़ेगा। बहनें अपने बच्चों की आवश्यकताओं को पूरा करने में सक्षम होंगी।

इस योजना में लाड़ली बहनों को दी जाने वाली राशि चरणबद्ध तरीके से बढ़ाते हुए तीन हजार रूपए तक की जाएगी। अभी महिलाओं को 12 हजार रूपए की राशि एक साल में मिलेगी जिसे बढ़ाकर वर्ष में 36 हजार रूपए तक किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने बताया कि हम बहनों की आमदनी बढ़ाने के लिए प्रयास कर रहे हैं। बहनों की आमदनी 10 हजार रूपए महीना तक की जाएगी। पीएम किसान सम्मान निधि में केन्द्र सरकार वार्षिक 6 हजार रूपए और राज्य सरकार 4 हजार रूपए दे रही हैं। राज्य सरकार की राशि को बढ़ाकर अब 6 हजार रूपए कर दिया गया हैं। इस प्रकार अब एक साल में 12 हजार रूपए की राशि किसानों को मिलेगी।

उन्होंने कहा कि 12वीं में 70 प्रतिशत अंक वाले मेधावी विद्यार्थियों को लैपटॉप दिए जा रहे हैं और 12वीं में टॉपर छात्र-छात्राओं को स्कूटी प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि, 4 जुलाई को मुख्यमंत्री सीखो-कमाओ योजना लाँच की जा रही हैं, जिसमें विभिन्न कंपनियों, फैक्ट्री में प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले युवाओं को 8 हजार रूपए मासिक स्टाइपेंड दिया जाएगा। 

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि लाड़ली लक्ष्मी योजना बेटियों के लिए वरदान साबित हुई है। योजना के बाद प्रदेश में स्त्री-पुरूष लिंगानुपात में कमी आई हैं। योजना में शासन की ओर से बेटियों को पढ़ने के लिए पूरी फीस के साथ प्रोत्साहन राशि भी दी जा रही हैं। श्योपुर जिले में चीता प्रोजेक्ट, मूंझरी बांध, मेडिकल कॉलेज की स्थापना, चंबल सूक्ष्म सिंचाई परियोजना आदि विकास कार्य लगातार जारी हैं।

विजयपुर क्षेत्र के किसानों की मांग पर आज 539 करोड़ रूपए की वृहद सिंचाई परियोजना चेंटीखेड़ा बांध का भूमि-पूजन किया गया हैं। इससे 15 हजार 300 हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी तथा 25 हजार की आबादी को पेयजल की सुविधा भी मिलेगी। मुख्यमंत्री ने 644 करोड़ 41 लाख रूपए के विकास और निर्माण कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास भी किया।

सम्मेलन के दौरान ग्रामीण आजीविका मिशन में संचालित 285 स्व-सहायता समूहों को 5 करोड़ 21 लाख रूपए की सीसीएल राशि का चेक प्रदान किया गया। इस राशि का उपयोग महिलाएँ अपनी आजीविका बढ़ाने के लिए कर सकेंगी। बालिका परी सोनी एवं रिषिका शिवहरे को लाड़ली लक्ष्मी योजना के तहत एक लाख 18 हजार रूपए की राशि के प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। 

केन्द्रीय कृषि एवं किसान-कल्याण मंत्री श्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा कि विजयपुर, कराहल क्षेत्र वर्ष 2003 से पूर्व तक इतना पिछड़ा था कि लोगों को पीने का साफ पानी उपलब्ध नहीं था, आज गाँव-गाँव में पानी की उपलब्धता हैं। सिंचाई के क्षेत्र में भी जिले को आत्म-निर्भरता मिली हैं। 24 गाँव की नहर के निर्माण से किसानों की सिंचाई क्षमता में वृद्धि हुई हैं। चंबल सूक्ष्म सिंचाई परियोजना और बड़ौदा क्षेत्र में मूंझरी बांध परियोजना का भूमि-पूजन हुआ और आज मुख्यमंत्री श्री चौहान विजयपुरवासियों को चेंटीखेड़ा बांध की सौगात देने के लिए आए हैं। 

केन्द्रीय नागरिक उड्डयन एवं इस्पात मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि श्योपुर क्षेत्र में नया इतिहास रचा जा रहा हैं। विकास की योजनाएँ मूर्तरूप ले रही हैं। श्री माधो महाराज प्रथम द्वारा स्थापित नेरोगेज को अब 3 हजार करोड़ की लागत से ब्रॉडगेज में बदला जा रहा हैं। प्रथम चरण में ग्वालियर से श्योपुर कार्य वर्तमान में चल रहा हैं। द्वितीय चरण में श्योपुर से कोटा तक ब्रॉडगेज का निर्माण होगा।

भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव श्री तरूण चुग ने मुख्यमंत्री श्री चौहान को प्रदेश भर में मामा की संज्ञा दिए जाने को जनता और उनके बीच का आत्मीय प्रेम एवं जुड़ाव बताया। उन्होंने कहा कि श्री चौहान के नेतृत्व में मध्यप्रदेश लगातार आगे बढ़ रहा हैं। 

हाथ उठाकर लिया साथ देने का संकल्प

मुख्यमंत्री श्री चौहान के साथ कार्यक्रम में बढ़ी संख्या में मौजूद बहनों तथा पुरूषों द्वारा अपनी जगह पर खड़े होकर, हाथ ऊँचे कर और मुट्ठी बांधकर संकल्प लिया कि, जो हमारे जीवन में बदलाव ला रहा हैं, निरंतर हमें सौगातें दे रहा हैं, हमारे हर सुख-दुख में साथ खड़ा हैं, ऐसे भैया का हम साथ नहीं छोड़ेंगे। मुख्यमंत्री ने सभी बहनों के साथ मिलकर ‘‘फूलों का तारों का सबका कहना हैं, लाखों हजारों ये मेरी बहना हैं‘‘ गीत को सस्वर गाया।

सम्मेलन में हाईस्कूल परीक्षा में क्रमश: 96 और 95 प्रशित अंक प्राप्त करने वाली छात्रा चेतना गुप्ता तथा कनिका शर्मा और लाड़ली बहना योजना में बेहतर डीबीटी कार्य के लिए बैंक सखी सुश्री सरस्वती कुशवाह भी सम्मानित की गई। 

उद्यानिकी एवं खाद्य प्र-संस्करण (स्वतंत्र प्रभार) और श्योपुर जिला प्रभारी मंत्री श्री भारत सिंह कुशवाह, राज्य सहरिया विकास प्राधिकरण अध्यक्ष श्री तुरषनपाल बरैया, विधायक श्री सीताराम आदिवासी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती गुड्डी बाई आदिवासी सहित अन्य जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे।