Home Blog Page 297

सीएम शिवराज के MP के सभी कलेक्टर को निर्देश: बाँध और नदियों के जल-स्तर की सतत करें निगरानी

भोपाल: मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (CM Shivraj Singh Chouhan) ने विकास पर्व में अभी तक हुई गतिविधियों एवं कार्यक्रमों की शुक्रवार देर रात वीडियो कांफ्रेंसिंग से जिलेवार समीक्षा कर मैदानी अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि बारिश के मौसम में बाँध, नदियों और नालों के जल-स्तर की सतत निगरानी का कार्य जारी रहे। मौसम विभाग से समन्वय कर मौसम रिपोर्ट लेकर बाढ़ की स्थिति का आंकलन कर बचाव की कार्य-योजना बनाये।

बारिश के मौसम में सड़कों के रख-रखाव पर विशेष ध्यान दें। जहाँ सड़कों की मरम्मत की जरूरत है वहाँ तत्परता से मरम्मत कार्य भी करवाये।

मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि सभी कलेक्टर सुनिश्चित करें कि खनिज मद के कार्य समय पर प्रारंभ हो जाये। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि सभी कलेक्टर यह सुनिश्चत करें कि जिन जिलों में मूंग की खरीदी चल रही है वहाँ किसानों को कोई दिक्कत न हो।

मूंग खरीदी कार्य को पूरी गंभीरता से लिया जाये। इस कार्य में किसी भी प्रकार का गतिरोध न हो। उल्लेखनीय है कि प्रदेश के 32 जिलों में मूंग एवं उड़द के उपार्जन का कार्य प्रगति पर है। किसानों को समय पर राशि का भुगतान किया जा रहा है। वीडियो कांफ्रेंसिंग में वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

Pachmarhi Monsoon Marathon: पचमढ़ी मानसून मैराथन 23 जुलाई को, 1350 से अधिक धावक लेंगे हिस्सा

Pachmarhi Monsoon Marathon 2023: मध्यप्रदेश के पचमढ़ी में 23 जुलाई 2023, रविवार को पचमढ़ी मानसून मैराथन (Pachmarhi Monsoon Marathon 2023) का पाँचवां संस्करण होगा। मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड के सहयोग से ‘एडवेंचर एंड यू’ (के.ए. कनेक्ट) यह मैराथन कर रहा है।

नागपुर, मुंबई, नई दिल्ली, जयपुर, भोपाल और इंदौर सहित देशभर से प्रतिभागी शामिल होने के लिए पचमढ़ी पहुँच रहे हैं। मैराथन को देशभर से मिले अच्छे रिस्पॉन्स के कारण कुल 1350 से अधिक रजिस्ट्रेशन हुए हैं।

यह अब तक के संस्करणों में सबसे ज्यादा रजिस्ट्रेशन है। 

4 श्रेणियों में होगी पचमढ़ी मानसून मैराथन

मैराथन चार श्रेणियों- 5 किलोमीटर, 10 किलोमीटर, 21 किलोमीटर और  42 किलोमीटर में होगी। सभी दौड़ की शुरुआत एमपीटी ग्लेनव्यू से होगी। विजेताओं को सर्टिफिकेट, ट्रॉफी और मेडल दिए जाएंगे। यह दौड़ टाइम्ड रन हैं।

प्रतिभागियों को एक टाइमिंग चिप, सर्टिफिकेट, ड्राई-फिट मैराथन टी.शर्ट, फिनिशर्स मेडल, पोस्ट रेस रिफ्रेशमेंट और पूरे रूट पर सपोर्ट मिलेगा। 

एक जिला एक उत्पाद योजना में नर्मदापुरम (होशंगाबाद) जिले में पर्यटन को चुना गया है। इसी योजना में स्थानीय जिला प्रशासन ने 52 हफ्ते की 52 गतिविधियां चिन्हित की हैं, जिनमें यह मैराथन भी है।

सिवनी: छपारा में असली किन्नर VS नकली किन्नर, बस स्टैंड का वीडियो वायरल

सिवनी, छपारा: सिवनी जिले के छपारा बस स्टैंड में हे शुक्रवार को असली किन्नरों का नकली किन्नरों के साथ मारपीट का मामला थाने पहुंचा।

ज्ञात हो कि हमेशा की तरह सावन के महीने में सिवनी से आई किन्नरों की टोली ने आरोप लगाया की आदेगांव से आए नकली किन्नरों ने वेवजह हमसे लड़ाई किया और हमारे एरिया में आकर लोगो के घरों में चोरी करते है और बदनाम हम असली किन्नर हो रहे है.

छपारा पुलिस ने मौके पर पहुंचकर सभी किन्नरों को पुलिस के वाहन में भी डाल कर थाने ले गई का एवं दोनों पक्ष की बातें सुनने के बाद उचित कार्यवाही की ।

Seoni News: सिवनी: छपारा में असली किन्नर VS नकली किन्नर, बस स्टैंड का वीडियो वायरल

सिवनी: छापामार कार्यवाही में भारी तादाद में इमारती लकड़ी सागौन के लट्ठे एवं चिरान की जब्ती

सिवनी, धारनाकला, (एस. शुक्ला): वन विकास निगम बेहर ई रेंजर एस के जंभारे ने अपने स्टाफ के साथ छापामार कार्यवाही में भारी तादाद में इमारती लकड़ी सागौन के लट्ठे एवं चिरान की जब्ती करने में सफलता प्राप्त की है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार वन परिषेध अधिकारी एस के जंभारे ने सर्च वारंट लेते हुए गागंपुर निवासी गजानंद पिता भादू पवार के यहां छापामार कार्यवाही करके 29 नाग सागौन के लट्ठे, 13 नाग बल्ली के साथ-साथ घर के अंदर से भारी मात्रा में 144 नाग चिरान जब्त किये हैं। जिससे गांव में अवैध तरीके से जंगल से इमारती लकड़ी की तस्करी करने वालों में खलबली सी मची हुई है।

उल्लेखनीय है कि लम्बे अर्से से गांव के समीप ही लगे जंगल से इमारती लकड़ी की कटाई कर तस्करी की जा रही थी, जिसकी तलाश वन परिषद अधिकारी एस के जंभारे को लम्बे समय से थी। और उसी के तहत कार्रवाई करते हुए लाखों रुपये की इमारती लकड़ी जब्त कर प्रकरण बनाया गया है।

इनका रहा सहयोग:
सर्च वारंट के तहत की गई कार्रवाई में बरघाट रेंजर के साथ सहायक परिषद अधिकारी आर पी जरगे, वन रक्षक देवेन्द्र गामोंडा व्ही, के मर्शकोले प्रदीप बघेल, गणेश मानेश्वर, स्वाती अग्रवाल, दीप्ति राहगडाले, पाडियाछपारा रेंजर एस एल दहिया, केवलारी रेंज से चंद्रवती परते तथा सुरक्षा श्रमिकों के साथ बरघाट थाने से पुलिस बल की उपस्थिति में ठोस कार्रवाई की गई है।

जिसकी छेत्र में प्रसंसा की जा रही है तथा यह भी उम्मीद की गई है कि वन विभाग द्वारा इसी तरह ठोस कार्रवाई की जाती रही, तो जंगलों से इमारती लकड़ी की तस्करी पर बहुत हद तक अंकुश लगेगा।

सिवनी: किसान संदीप बघेल के आत्महत्या के प्रयास के बाद मचा हड़कंप!

सिवनी, केवलारी: तेलंगाना की बीज निर्माण कपनी Advanta इंटरप्राइजेस के मकड़जाल में जिले के हजारों किसान फंस कर रहे गए है, कंपनी के PAC-741 किस्म के बीज के कम बीज विक्रय पर प्रतिबंध तो लगा दिया है, लेकिन विभाग के पास किसानों को हुई आर्थिक क्षति की मुआवजा दिलाने के लिये कोई अधिकार ही नहीं है।

किसानों ने जून माह के अंतिम सप्ताह में कंपनी के दावे पर विश्वास कर 400 रूपये प्रतिकिलों की दर PAC 741 किस्म के मक्का बीज खरीद कर बोनी की, लेकिन सैकड़ों किसानों की हजारों हेक्टयर भूमि पर मक्के का अंकुरण ही नहीं हुआ है।

बोवनी के दौरान किसानों ने मक्के के बीज के साथ मज़दूर एवं ट्रेक्टर एवं खाद का उपयोग कर राशि खर्च की है। चूंकि इस वर्ष प्रदेश में अत्यधिक बारिश होने के चलते किसानों ने अपने खेत पर दोबारा से बोनी नहीं कर पाए और अब बोवनी का समय खत्म हो चुका है ।

ऐसे में किसान को लाखों का आर्थिक नुकसान होने तय है, क्योंकि अब खेत खाली पड़े रहेंगे। इसी कड़ी में नगर परिषद केवलारी निवासी संदीप बघेल ने 741 का बीज खरीदकर अपनी 22 एकड़ जमीन में बोवनी की लेकिन 10% भी अंकुरण नहीं हुआ है।

इसके अलावा छपारा विकासखण्ड के कमली निवासी दिलीप ठाकुर व तेंदनी के नवनीत ठाकुर, राज ठाकुर व शिवम ठाकुर ने भी pac 741 बोया, लेकिन अंकुरित बीज की मात्रा 50%भी नहीं हुई। पीड़ित किसान संदीप ने इसकी शिकायत कृषि कल्याण विभाग को कर दी है, उसके उपरांत दिशा की बैठक में केंद्रीय मंत्री फग्गनसिंह कुलस्ते ने कंपनी के खिलाफ जाँच के निर्देश सिवनी जिला कलेक्टर को दिये थे, जिसके अनुपालन में उप संचालक कृषि कल्याण मोरिस नाथ ने 4 सदस्यों का दल बनाकर बीजो के अंकुरण ना होने के कारणों की जांच कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए थे।

समय पर जांच ना होने एवं संबंधित मक्का उत्पादक कंपनी के ऊपर कार्रवाई ना होने के कारण पीड़ित किसान संदीप बघेल द्वारा दिनांक 19/07/2023 को कार्यालय कृषि उपसंचालक सिवनी पहुंच कर आत्महत्या का प्रयास किया गया । जिससे क्षैत्र के किसानों मे भारी आक्रोश भड़क गया एवं विभागीय अधिकारियों में हड़कंप मच गया ।

उक्त मामले में गठित जांच दल में शामिल डॉक्टर विजय पड़ारकर सहायक संचालक, बीज अनुसाधन केंद्र छिंदवाड़ा, डॉक्टर निखिल सिंह वरिष्ठ वैज्ञानिक कृषि विज्ञान केंद्र सिवनी, प्रफुल्ल घोडेश्वर अनुविभागीय कृषि विकास अधिकारी सिवनी, राजेश मेश्राम कृषि विकास अधिकारी लखनादौन ने शिकायतकर्ताओ के खेतों का निरीक्षण किया एवं अपनी रिपोर्ट को प्रेस नोट जारी करते हुए ऊल्लेख किया है कि किसान संदीप बघेल के खेत में पानी भराव के कारण मक्के का बीज अंकुरित नहीं हो पाया पीड़ित किसान ने जांच दल पर उक्त मक्का कंपनी के साथ मिलीभगत का आरोप लगाया गया, जांच रिपोर्ट पर सवाल खड़े किए गए उसे झूठी करार दिया गया।

जिसके उपरांत कृषि कल्याण विभाग सिवनी के उप संचालक मोरिस नाथ अपने अधिनस्थ कर्मचारियों के साथ मौका स्थल का निरीक्षण करने के लिए पहुंचे ,जहां उन्होंने सर्वप्रथम मुनगापार निवासी मिठुआ चंदेल के खेतों का , इसके बाद केवलारी निवासी मुकेश साहू एवं बेनेकी निवासी मगंल सिंह बघेल के खेतो का निरीक्षण किया,मौके पर ही किसानों के बयान लिए गए, एवं मीडिया के समक्ष माना की उक्त मक्का कंपनी के बीज 741 में अंकुरण की समस्या है।

उनके द्वारा किसानों को मौखिक आश्वासन दिया कि जल्द ही उक्त मक्का कंपनी के खिलाफ नियम अनुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी ।

कैसे होगी नुकसान की भरपाई

किसानों के खेत खाली पड़े रह गए है, कृषि कानून में घटिया बीज के अंकुरित ना होने से किसानों को आर्थिक क्षति पूर्ति करने का कोई नियम या कानून नहीं है। कंपनी द्वारा बीज वापस लेकर दिये गये दूसरे बीज किसानों के लिये कोई काम के नहीं बचे है।

80 टन पीएसी-741 किस्म मक्के के बीज का जिले में हुआ था विक्रय

पड़ताल में पता चला है कि सिवनी जिले भर में 80 टन pac 741 किस्म का बीज विक्रय हुआ है, सबसे ज्यादा बिक्री सिवनी व छपारा विकास खण्ड में हुई जबकि केवलारी में 8 टन बीज उपलब्ध डीलर ने खरीदा था, जिसमें से उसने 7.5 टन बीज बेचा गया है।

जांच अधिकारियों पर लग रहें मिलीभगत के आरोप !

जांच दल में शामिल डॉक्टर विजय पड़ारकर सहायक संचालक, बीज अनुसाधन केंद्र छिंदवाड़ा, डॉक्टर निखिल सिंह वरिष्ठ वैज्ञानिक कृषि विज्ञान केंद्र सिवनी, प्रफुल्ल घोडेश्वर अनुविभागीय कृषि विकास अधिकारी सिवनी, राजेश मेश्राम कृषि विकास अधिकारी लखनादौन ने जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए उल्लेख किया है कि शिकायतकर्ता संदीप बघेल खेतों में जलभराव होने के कारण मक्के के बीज अंकुरण नहीं हो पाए, जबकि शिकायतकर्ता पीड़ित किसान संदीप बघेल का कहना है कि यह जांच रिपोर्ट झूठी एवं भ्रामक है, उनके जैसे क्षेत्र में सैकड़ों किसान हैं जिनके द्वारा एडवांटा कंपनी का 741किस्म का मक्का अपने खेतों में लगाया गया एवं उनके खेतों में भी अंकुरण नहीं हुआ है। उनका कहना है कि जांच अधिकारीयो ने उक्त कंपनी से मिलीभगत कर लिया है ।

इनका कहना है।

मेरे द्वारा अलग-अलग किसानों के खेतों का निरीक्षण किया गया है, जिसमें पाया की मक्के का बीज उत्पादक एडवांटा कंपनी के 741किस्म के बीज के अंकुरण में ही समस्या है, हमारे द्वारा प्राप्त सैंपल को जांच के लिए लैब भेज दिया गया है, रिपोर्ट आने के बाद उक्त मक्का बीज उत्पादक कंपनी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
मोरिश नाथ कृषि उपसंचालक सिवनी।

NDRF RECRUITMENT: एनडीआरएफ में कैसे भर्ती हों? शिक्षा, प्रशिक्षण और वेतन कितना है? यह कैसे काम करता है? जाने पूरी डिटेल

NDRF RECRUITMENT: भारत में हर साल भूकंप, सूखा, भारी बारिश, भूस्खलन, हिमस्खलन, चक्रवात, ओलावृष्टि जैसी कई प्राकृतिक आपदाएँ आती हैं। कई राज्यों को इन प्राकृतिक आपदाओं का सामना करना पड़ता है। कुछ वर्ष पहले महाराष्ट्र में मानसून के दौरान मालिन, ताली जैसे भूस्खलन हुए थे; जिसमें सैकड़ों लोगों की जान चली गई. 

उस वक्त एनडीआरएफ की टीम की मदद से बचाव और राहत कार्य कर नागरिकों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया था. इसके बाद अब रायगढ़ के खालापुर तालुका के इरशालवाड़ी गांव में बांध टूटने की घटना सामने आई है. एनडीआरएफ टीम की मदद से बचाव कार्य जारी है. 

आपदा के समय जब व्यवस्थाएं असहाय हो जाती हैं, तो एनडीआरएफ के ये जवान अपनी जान जोखिम में डालकर पीड़ितों की जान बचाते हैं। अगर आप भी इस तरह से लोगों की मदद के लिए काम करना चाहते हैं तो एनडीआरएफ क्षेत्र में करियर की कई संभावनाएं हैं। 

लेकिन, इस क्षेत्र में प्रवेश के लिए शिक्षा की क्या आवश्यकता है? वे कैसे काम करते हैं? आइए जानते हैं कितनी है उनकी ट्रेनिंग और सैलरी…

एनडीआरएफ में भर्ती के लिए शिक्षा शर्ते

आपदा प्रबंधन में सर्टिफिकेट कोर्स से लेकर बैचलर डिग्री, पीजी डिप्लोमा, मास्टर डिग्री और पीएचडी स्तर के कोर्स संचालित किए जाते हैं। लेकिन, इसके लिए उम्मीदवार को किसी मान्यता प्राप्त शैक्षणिक संस्थान से किसी भी विषय में न्यूनतम 50% अंकों के साथ 12वीं कक्षा उत्तीर्ण होना चाहिए। 

पीजी डिप्लोमा या पोस्ट ग्रेजुएट पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए डिग्री (बीए/बीएससी/बी.कॉम) आवश्यक है। उम्मीदवार इस क्षेत्र में बीए, एमए, एमबीए, एमएससी, एमफिल, पीएचडी, अनुसंधान, प्रशिक्षण कार्यक्रमों में शामिल हो सकते हैं।

एनडीआरएफ में प्रवेश एवं प्रशिक्षण

एनडीआरएफ में प्रवेश पाने के लिए आपको बीएसएफ, सीआरपीएफ, सीआईएसएफ, आईटीबीपी और एसएसबी जैसे अर्धसैनिक बल का जवान होना चाहिए। इसके माध्यम से प्रतिनियुक्ति के माध्यम से एनडीआरएफ जवानों की नियुक्ति की जाती है। इस प्रतिनियुक्ति की अवधि 7 से 9 वर्ष है।

एनडीआरएफ जवानों को 19 सप्ताह के अंतरराष्ट्रीय मानक प्रशिक्षण से गुजरना पड़ता है। जिसमें चढ़ाई समेत कई साहसिक प्रकारों का प्रशिक्षण दिया जाता है। इसके साथ ही उन्हें आपदा पीड़ितों की जान बचाने, उन्हें सुरक्षित स्थान पर ले जाने, हर संभव सहायता प्रदान करने और उनकी चिकित्सा या अन्य जरूरतों को पूरा करने के लिए प्रशिक्षित किया जाता है।

एनडीआरएफ के जवान कैसे काम करते हैं?

एनडीआरएफ जवानों का काम आपदा के बाद की स्थिति को नियंत्रित करने या पीड़ितों की मदद करने तक ही सीमित नहीं है। वे आपदा की पूर्व चेतावनी प्रदान करने के लिए आपदा चेतावनी प्रणाली विकसित करते हैं। ये जवान आपदाओं के दौरान सरकारी एजेंसियों की मदद करते हैं। पुलिस, सेना के जवानों और सामाजिक संगठनों के साथ बचाव कार्यों में सक्रिय रूप से भाग लेते हैं। 

संकट में फंसे लोगों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने में मदद करना. ये जवान राज्य स्तर पर राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) के जवान हैं, जो प्राकृतिक आपदाओं से निपटने में सराहनीय भूमिका निभा रहे हैं. 

जैसे ही विभिन्न प्राकृतिक आपदाओं का खतरा होता है, एनडीआरएफ राहत और बचाव कार्यों के लिए पूरे भारत में अपनी टीमें तैनात कर देता है, ताकि अधिक से अधिक लोगों की जान-माल की रक्षा की जा सके।

आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में रोजगार के अवसर

आपदा प्रबंधन कोर्स के बाद सरकारी नौकरियों में कई अवसर हैं। केंद्र और राज्य सरकार इन्हें अग्निशमन विभाग, बाढ़ नियंत्रण, सूखा प्रबंधन, बचाव प्रबंधन आदि के लिए नियुक्त करती है। 

आपातकालीन सेवाओं, कानून प्रवर्तन, स्थानीय अधिकारियों, सहायता एजेंसियों और संयुक्त राष्ट्र जैसे अंतर्राष्ट्रीय संगठनों में भी नौकरियाँ उपलब्ध हैं। निजी क्षेत्र में खनन, रसायन और पेट्रोलियम जैसे उच्च जोखिम वाले उद्योगों में भी उनके लिए अवसर खुल सकते हैं। इसके अलावा, आपदा प्रबंधन पेशेवर किसी एनजीओ में शामिल हो सकते हैं या एक सामाजिक कार्यकर्ता, पर्यावरणविद् या स्वयंसेवक के रूप में स्वतंत्र रूप से करियर शुरू कर सकते हैं।

आपदा प्रबंधन में वेतन पैकेज

आपदा प्रबंधन में सर्टिफिकेट कोर्स करने के बाद आपको शुरुआत में 25 से 30 हजार रुपये प्रति माह का वेतन आसानी से मिल सकता है। आगे के अनुभव के आधार पर वेतन 50 हजार से 1 लाख रुपये तक बढ़ सकता है. पोस्ट ग्रेजुएट कोर्स करने वाले छात्रों को शुरुआत में तीन से चार लाख रुपये का सालाना पैकेज दिया जाता है.

टॉप इंस्टिट्यूट से कोर्स करने पर 5 से 7 लाख रुपये का पैकेज मिलता है। इस क्षेत्र में निजी और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियां ​​इंजीनियरिंग पृष्ठभूमि वाले उम्मीदवारों को 10 से 12 लाख रुपये प्रति वर्ष का पैकेज प्रदान करती हैं।

भारतीय पासपोर्ट पर बिना वीज़ा के कितने देशों की यात्रा की जा सकती है? दुनिया में सबसे शक्तिशाली पासपोर्ट किसके पास है?

Indian Passport: अमेरिका, रूस, जापान जैसे देशों का प्रभाव पूरी दुनिया पर है। इनमें से कुछ देशों के नागरिक अपने पासपोर्ट पर दुनिया भर के कई देशों में वीज़ा-मुक्त यात्रा कर सकते हैं। इस मामले में जापान शीर्ष देश था। 

लेकिन वह सम्मान अब सिंगापुर ने जीता है। हेनले पासपोर्ट इंडेक्स द्वारा मंगलवार को जारी नवीनतम रैंकिंग के अनुसार, सिंगापुर का पासपोर्ट दुनिया के सभी देशों में सबसे मजबूत बनकर उभरा है। क्योंकि सिंगापुर के नागरिक सिंगापुर के पासपोर्ट पर दुनिया भर के 192 देशों में वीजा-मुक्त यात्रा कर सकते हैं।

वीज़ा-मुक्त देशों की नवीनतम रैंकिंग के अनुसार, जापान, जो पिछले पाँच वर्षों से शीर्ष पर है, तीसरे स्थान पर खिसक गया है। एक जापानी पासपोर्ट नागरिकों को बिना वीज़ा के 189 देशों की यात्रा करने की अनुमति देता है। 

सूची में दूसरे स्थान पर जर्मनी, इटली और स्पेन हैं। जापान के साथ ऑस्ट्रिया, फिनलैंड, फ्रांस, लक्जमबर्ग, दक्षिण कोरिया और स्वीडन तीसरे स्थान पर हैं।

इस बीच, भारत ने पिछले साल के मुकाबले अपनी स्थिति में 5 स्थान का सुधार किया है। भारत अब वीज़ा-मुक्त देशों की सूची में 80वें स्थान पर है। भारतीय पासपोर्ट पर नागरिक 57 देशों की यात्रा कर सकते हैं। 80वें नंबर पर भारत के साथ टोगो और सेनेगल हैं।

एक दशक पहले इस सूची में शीर्ष पर रहने वाले अमेरिका की स्थिति में गिरावट जारी है। अमेरिका दो स्थान गिरकर आठवें स्थान पर आ गया है। यूनाइटेड किंगडम दो पायदान ऊपर चढ़कर पांचवें स्थान पर पहुंच गया।

इस सूची में अफगानिस्तान आखिरी (103वें) स्थान पर है। अफ़ग़ानिस्तान के नागरिक अफ़ग़ान पासपोर्ट पर 27 देशों की वीज़ा-मुक्त यात्रा कर सकते हैं। सूची में यमन 99वें, पाकिस्तान 100वें, सीरिया 101वें और इराक 102वें स्थान पर है।

Aayushi Verma Viral Video: एमएमएस वीडियो लीक होने की अफवाहें झूठी या सच्ची, पढ़ें पूरा अपडेट

Aayushi Verma Leaked MMS Viral Video: आयुषी वर्मा एक भारतीय प्रभावशाली और सामग्री निर्माता हैं जो हाल ही में एक लीक एमएमएस वीडियो के बारे में अफवाहों का विषय रही हैं । हालाँकि, ये अफवाहें झूठी हैं। ऐसा कोई वीडियो नहीं है और वर्मा ने इस बात से इनकार किया है कि ऐसा कोई वीडियो मौजूद है।

वर्मा के लीक हुए वीडियो के बारे में अफवाहें जून 2023 की शुरुआत में ऑनलाइन प्रसारित होने लगीं। अफवाहों में दावा किया गया कि वर्मा का एक निजी वीडियो ऑनलाइन लीक हो गया था, और वीडियो में स्पष्ट सामग्री थी। 

हालाँकि, इन दावों का समर्थन करने के लिए कोई सबूत नहीं है। वर्मा ने खुद इस बात से इनकार किया है कि ऐसा कोई वीडियो मौजूद है और उन्होंने अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है।

वर्मा के लीक हुए वीडियो के बारे में अफवाहें संभवतः उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने के दुर्भावनापूर्ण प्रयास का परिणाम हैं। 

वर्मा एक लोकप्रिय प्रभावशाली व्यक्ति हैं जिनके बड़ी संख्या में अनुयायी हैं और उनकी प्रतिष्ठा उनके लिए मूल्यवान है। इन अफवाहों का प्रसार संभवतः उसकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने और लोगों को उसका अनुसरण करने से हतोत्साहित करने का एक प्रयास है।

यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि इन दावों का समर्थन करने के लिए कोई सबूत नहीं है कि आयुषी वर्मा का लीक हुआ एमएमएस वीडियो मौजूद है। 

ये अफवाहें झूठी हैं और वर्मा ने इस बात से इनकार किया है कि ऐसा कोई वीडियो मौजूद है। यह महत्वपूर्ण है कि आप ऑनलाइन देखी जाने वाली जानकारी की आलोचना करें और ऐसी अफवाहें फैलाने से बचें जो किसी की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा सकती हैं।

Subhashree Sahu Leaked MMS Video: सुभाश्री साहू का लीक हुआ एमएमएस वीडियो, देखें सोशल मीडिया का काला पक्ष

सुभाश्री साहू, गंजम, ओडिशा की 17 वर्षीय लड़की। एक दोस्त के साथ डांस करने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद उसने आत्महत्या का प्रयास किया ।

वीडियो, जिसे उसके दोस्त ने उसकी सहमति के बिना रिकॉर्ड किया था, किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा लीक कर दिया गया और व्हाट्सएप, फेसबुक और अन्य प्लेटफार्मों पर प्रसारित किया गया। वीडियो में सुभाश्री और उनके दोस्त को एक लोकप्रिय गाने पर कैज़ुअल तरीके से डांस करते हुए दिखाया गया है।

12वीं कक्षा की छात्रा सुभाश्री को वीडियो लीक होने के बाद गंभीर ऑनलाइन उत्पीड़न और साइबरबुलिंग का सामना करना पड़ा। उन्हें अजनबियों से अपमानजनक संदेश, धमकियां और अश्लील टिप्पणियां मिलीं, जिन्होंने उनकी उपस्थिति, कपड़े और नृत्य चाल का मजाक उड़ाया। कुछ लोगों ने उन पर अनैतिक गतिविधियों में शामिल होने और उनके परिवार और समुदाय की छवि खराब करने का भी आरोप लगाया।

ऑनलाइन दुर्व्यवहार से निपटने में असमर्थ, सुभाश्री ने सोमवार को जहर खाकर अपना जीवन समाप्त करने का फैसला किया। उसके माता-पिता उसे पास के अस्पताल ले गए, जो वीडियो और साइबरबुलिंग से अनजान थे। फिलहाल उसका इलाज चल रहा है और उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है।

पुलिस ने वीडियो लीक करने वाले अज्ञात व्यक्ति और इसे ऑनलाइन साझा करने वाले लोगों के खिलाफ यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (POCSO) अधिनियम और सूचना प्रौद्योगिकी (IT) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। वे वीडियो के स्रोत का पता लगाने और दोषियों की पहचान करने की भी कोशिश कर रहे हैं।

सुभाश्री के मामले ने नेटिज़न्स के बीच आक्रोश फैला दिया है, जिन्होंने साइबरबुलिंग की निंदा की है और उसके लिए न्याय की मांग की है। 

कई लोगों ने सुभाश्री के प्रति अपना समर्थन और एकजुटता व्यक्त की है और उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है। उन्होंने लोगों से दूसरों की गोपनीयता और गरिमा का सम्मान करने और सहमति के बिना ऐसे वीडियो साझा या अग्रेषित न करने का भी आग्रह किया है।

अमरनाथ यात्रा के शेषनाग शिविर में झड़प के बाद 3 गिरफ्तार: J K POLICE

पुलिस ने कहा है कि पिछले सप्ताह अमरनाथ यात्रा के शेषनाग आधार शिविर में हुई झड़प में कथित तौर पर शामिल होने के आरोप में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिसमें कुछ तीर्थयात्रियों और टट्टूवालों को मामूली चोटें आई थीं।

कश्मीर के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजीपी) विजय कुमार ने कहा कि कुछ लोगों ने सोशल मीडिया पर एक भ्रामक और निराधार वीडियो अपलोड किया है जिसमें दावा किया गया है कि तीर्थयात्रियों पर पत्थर फेंके गए।

उन्होंने कहा, ”मामले का संज्ञान लेते हुए प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है.” शेषनाग दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग जिले में अमरनाथ यात्रा के पहलगाम अक्ष पर स्थित है।

“15 जुलाई को शेषनाग में टट्टूवालों के बीच हाथापाई हुई, जिसके परिणामस्वरूप टट्टूवालों और कुछ तीर्थयात्रियों को मामूली चोटें आईं। स्थिति को तुरंत नियंत्रण में लाया गया, ”एडीजीपी ने ट्विटर पर कहा

उन्होंने कहा कि पहलगाम पुलिस थाने में मामला दर्ज कर लिया गया है और तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है.

जनता को सलाह दी जाती है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें। कुमार ने कहा, जम्मू-कश्मीर पुलिस तीर्थयात्रियों को सुरक्षा प्रदान करने और शांतिपूर्ण यात्रा सुनिश्चित करने के लिए हमेशा प्रतिबद्ध है और रहेगी।