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MP: स्वतंत्रता दिवस पर मुख्यमंत्री शिवराज ने कहा “अर्थ-व्यवस्था का आकार 45 लाख करोड़ रुपये तक बढ़ेगा”

MP NEWS: मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज अपने स्वतंत्रता दिवस संदेश में वर्ष 2030 के लिये विकास का विजन बताते हुए कहा कि मध्यप्रदेश की अर्थ-व्यवस्था का आकार 45 लाख करोड़ रूपये तक बढ़ाया जायेगा। एक करोड़ से अधिक लोगों को गरीबी की रेखा से ऊपर लाया जायेगा।

प्रति व्यक्ति आय को दोगुना किया जायेगा। कृषि उत्पादन को बढ़ाकर 10 करोड़ मीट्रिक टन तक लाया जायेगा। हर किसान के खेत के अंतिम छोर तक भरपूर सिंचाई सुविधा मिलेगी। सिंचाई क्षमता 65 लाख हेक्टेयर तक बढ़ाई जायेगी। ऊर्जा क्षमता वर्तमान के 29 हजार मेगावॉट से बढ़ाकर 38 हजार मेगावॉट से भी अधिक की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में 1 लाख किलोमीटर लंबाई की नई सड़कों का जाल बिछा दिया जाएगा। सभी जिला मुख्यालयों को 4 लेन सड़कों से जोड़ा जाएगा। सभी नगरीय निकायों को 2 लेन सड़कों से जोड़ दिया जायेगा। सभी शासकीय मेडिकल कालेजों में नर्सिंग कालेज स्थापित किए जायेंगे।

हर विकास खंड मुख्यालय पर कम से कम 30 बिस्तर के सर्व सुविधायुक्त अस्पताल की सुविधा मिलेगी। मातृ मृत्यु दर को घटाकर 100 प्रति लाख तक और शिशु मृत्यु दर को घटाकर 35 प्रति हजार तक लाया जाएगा। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश से कुपोषण के कलंक को पूरी तरह मिटा दिया जाएगा। राज्य सरकार 6 हजार से अधिक सर्वसुविधायुक्त सी.एम. राईज स्कूलों का संचालन प्रारंभ कर देगी।

सरकारी स्कूलों के शिक्षकों के लगभग 25 हजार रिक्त पद भर दिए जाएंगे। प्रदेश के 45 हजार आँगनवाड़ी केंद्रों को प्री-प्रायमरी स्कूल के रूप में विकसित किया जाएगा। प्रत्येक विकासखण्ड में कम से कम एक सरकारी कॉलेज होगा, ताकि विद्यार्थियों को अपने घर के नजदीक ही उच्च शिक्षा की सुविधा मिल सकें। प्रत्येक ज़िले में एक कॉलेज का उत्कृष्ट कॉलेज के रूप में उन्नयन किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने बताया कि महिला स्व-सहायता समूहों के सदस्य वर्तमान 53 लाख से बढ़ाकर 65 लाख और महिला स्व-सहायता समूह को वर्तमान 04 लाख 20 हजार से बढ़ाकर 5 लाख 10 हजार किया जाएगा। प्रदेश में 200 करोड़ रुपए के निवेश से 1 हजार से अधिक एफ:पी.ओ. गठित किए जाएंगे।

महिलाओं की न्यूनतम आय 10 हजार रुपए प्रतिमाह तक पहुँचाने के लिए ठोस रणनीति बनाकर काम किया जाएगा। मेक इन मध्यप्रेश को प्रोत्साहित करते हुए प्रदेश के निर्यात को एक लाख करोड़ रूपये तक ले जायेंगे। भोपाल एवं इन्दौर के मध्य एक नया ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट एवं इण्डस्ट्रियल कॉरीडोर बनाया जाएगा।

पूरे प्रदेश में 5जी सेवाएँ

प्रधानमंत्री की परिकल्पना अनुसार संपूर्ण भारत के हस्तकला, हस्तशिल्प एवं ओ.डी.ओ.पी. उत्पादों के प्रदर्शन एवं विक्रय के लिए उजैन में 284 करोड़ रुपए की लागत से देश का पहला यूनिटी मॉल बनाया जाएगा।आई.टी. के क्षेत्र में 5 लाख नए रोज़गार के अवसर सृजित किए जाएंगे। 5-जी सेवाएँ पूरे प्रदेश में उपलब्ध करा दी जाएंगी। अमृतकाल में मध्यप्रदेश कृषि, युवा, महिला, कौशल और ग्रीन टेक्नोलॉजी के पंचामृत की शक्ति से आगे बढ़ेगा।

मध्य प्रदेश में हुई 10 क्रांतियाँ

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि जनता के सुख के लिए मध्यप्रदेश में 10 अभूतपूर्व सामाजिक क्रांति हुई है। ये क्रांतियां भूमि-आवास, महिला सशक्तिकरण, किसान-कल्याण, कमजोर वर्ग का कल्याण, कौशल और रोजगार, गरीब कल्याण, शिक्षा, स्वास्थ्य, सांस्कृतिक अभ्युदय, और सुशासन के क्षेत्र में हुई हैं। मुख्यमंत्री ने हुए कहा कि प्रदेश में कोई भी गरीब बिना जमीन और बिना पक्के मकान के नहीं रहेगा। मुख्यमंत्री आवासीय भू-अधिकार योजना में एक लाख 22 हजार से ज्यादा भूमिहीन परिवारों को भूखण्ड मिल चुके हैं और 44 लाख से ज्यादा परिवारों को घर मिला है।

महिला सशक्तिकरण का माडल

महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में आई क्रांति की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला कल्याण में मध्यप्रदेश देश का मॉडल राज्य बन गया है। घर-परिवार चलाने वाली महिलाएं अब ग्राम और नगर सरकार चला रही हैँ। स्थानीय निकाय में करीब 2 लाख महिलाएं चुनाव जीतकर आई हैं।

प्रधानमंत्री आवास योजना के 52% से ज्यादा घरों का मालिकाना हक महिलाओं को दिलाया गया है। महिलाओं के नाम रजिस्ट्री करने पर पंजीयन शुल्क तीन प्रतिशत से घटाकर 1% कर दिया गया है। जल-जीवन मिशन से लाखों बहनों को दूर से पानी लाने के झंझट से और प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना में धुएँ से मुक्ति मिल गई है।

लाड़ली लक्ष्मी योजना में 45 लाख 50 हजार से ज्यादा बेटियों को लखपति बना दिया गया है। उन्होंने योजना के प्रभाव की चर्चा करते हुए कहा कि यह लड़के और लड़की में होने वाले सामाजिक भेदभाव को कम करने में सफल रही है। लिंगानुपात निरंतर बेहतर होता जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना की चर्चा करते हुए कहा कि हर महीने 1000 रूपये के रूप में खुशी की किश्ते अंतरित की जा रही हैं। अभी तक 60 हजार से ज्यादा गांव और वार्डों में लाड़ली बहना सेना बन चुकी है, जो विकास के काम में तेजी लाने में सहयोग करेगी।

मध्य प्रदेश के किसानों को दो लाख 70 हजार करोड़

किसान कल्याण के संबंध में चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले तीन वर्षों में किसान-कल्याण की विभिन्न योजनाओं में किसानों के खातों में 2 लाख 70 हजार करोड़ से ज्यादा राशि अंतरित की गई है। मुख्यमंत्री किसान-कल्याण योजना में किसानों को दी जा रही 4000 रूपये की राशि को बढ़कर 6000 रूपये कर दिया गया है।

उन्होंने कहा कि 11 लाख से ज्यादा किसानों के सिर से 2123 करोड़ रूपये तक के ब्याज की गठरी उतारने का काम किया जा रहा है। पशुपालक किसानों के लिए 400 से ज्यादा पशु चिकित्सालय इकाइयों का संचालन शुरू किया गया है।

एमपी में कमजोर वर्गों का सम्मान

कमजोर वर्ग के कल्याण में तेंदूपत्ता संग्राहक परिवारों को जूते चप्पल, साड़ियां, पानी की बोतल देने और आहार योजना में बैगा, सहरिया, भारिया बहनों को 1460 करोड़ रुपए देने जैसे उल्लेखनीय काम किए गए हैं। मुख्यमंत्री राशन आपके ग्राम योजना, आवास सहायता, आकांक्षा, टंट्या मामा आर्थिक कल्याण, संत रविदास स्व-रोजगार, भगवान बिरसा मुंडा स्व-रोजगार और डॉक्टर भीमराव अंबेडकर आर्थिक कल्याण योजना जैसी कई योजनाएँ लागू कर कमजोर वर्गों का सम्मान बढ़ाया गया है।

हर साल 6000 युवाओं को मिलेगा कौशल प्रशिक्षण

मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है, जहाँ मुख्यमंत्री सीखो-कमाओ योजना जैसी दुनिया की सबसे बड़ी इंटर्नशिप योजना शुरू की गई है। हर महीने औसतन 3 लाख लोगों को स्व-रोजगार के लिए 1 लाख 8000 करोड़ से ज्यादा के लोन दिए जा रहे हैं। भोपाल में संत रविदास ग्लोबल स्किल पार्क इसी वर्ष प्रारंभ हो जाएगा जहाँ हर साल 6000 युवा अंतर्राष्ट्रीय स्तर का कौशल प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे। उन्होंने कहा कि एक लाख सरकारी पदों पर तेजी से भर्ती की जा रही है।

1.36 करोड़ लोगों को गरीबी से मुक्ति

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार के युद्ध स्तर पर किए जा रहे प्रयासों से प्रदेश में एक करोड़ 36 लाख से ज्यादा लोग गरीबी से मुक्त हुए हैं। अभी 5 करोड़ 30 लाख से ज्यादा गरीबों को नि:शुल्क खाद्य वितरण किया जा रहा है। संबल योजना में पाँच लाख से ज्यादा लाभार्थियों को 4917 करोड़ से ज्यादा के हितलाभ दिए गए हैं। जल जीवन मिशन में 56% से ज्यादा ग्रामीण परिवारों को नल जल का शुद्ध जल पहुंच रहा है। अगले 2 सालों में सभी ग्रामीण घरों में हर घर नल से जल हो जाएगा। भूमि माफिया के कब्जे से छुड़ाई गई जमीन पर सुराज कॉलोनियों का निर्माण किया जा रहा है।

सीएम राइज स्कूल ज्ञान कौशल और संस्कार के नए तीर्थ बन गए हैं। मुख्यमंत्री मेधावी विद्यार्थी योजना, स्कूल जाने वाले बेटे-बेटियों के हित में मुख्यमंत्री प्रतिभा प्रोत्साहन, विदेश अध्ययन छात्रवृत्ति और मुख्यमंत्री ई-स्कूटी जैसी योजनाएँ चलाई जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में सरकार जो कहती है करके दिखाती है। उन्होंने कहा कि 24 मेडिकल कॉलेज लगभग 4000 एमबीबीएस की सीटें, 11000 से ज्यादा हेल्थ एंड वैलनेस सेंटर, 42000 से ज्यादा बिस्तर, 51000 से ज्यादा स्वास्थ्य अमला, 132 प्रकार की निशुल्क जांच सुविधा, जनजाति क्षेत्र में सिकल सेल एनीमिया का उन्मूलन जैसे बड़े काम हुए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि संस्कृति के क्षेत्र में सांस्कृतिक संपदा को और अधिक समृद्ध बनाने के कदम उठाए गए हैं। ओंकारेश्वर में एकात्म धाम, सलकनपुर में देवी लोक तथा उज्जैन में ही महाकाल महालोक के दूसरे चरण का काम शुरू हो गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार और समाज का चोली दामन का साथ है। सरकार के जन-कल्याणकारी लक्ष्यों को समाज की सक्रिय भागीदारी से ही पूरा किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि अराजक तत्वों के हौसले पस्त हो गए हैं और पिछले 1 साल में ही 85 लाख रुपए के इनामी पांच नक्सली धाराशाही किए गए हैं। कट्टरपंथी संगठनों के 16 सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया गया है। प्रदेश की 6000 से ज्यादा अवैधानिक कॉलोनियों का नियमितीकरण किया गया है।

जिला स्तर पर जीडीपी गणना में देश का पहला राज्य बना म.प्र.

मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में बताया कि हितग्राही मूलक योजनाओं के आम जनता पर पड़ने वाले प्रभाव के अध्ययन के लिए राज्य सरकार सेंटर फॉर इवेल्यूएशन एंड इंपैक्ट असेसमेंट की स्थापना करने जा रही है। जिला स्तर पर जीडीपी की गणना और इसमें जनजातीय अर्थ-व्यवस्था को जोड़ने वाला मध्य प्रदेश देश का पहला राज्य बनने जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश में सुशासन के लिए नया युग प्रारंभ हुआ है। मध्यप्रदेश मॉडल देश में गवर्नेंस का एक सफल उदाहरण बना है। नागदा और मऊगंज के रूप में प्रदेश को दो नए जिले मिले हैं और पिछले तीन सालों में 15 नई तहसील बनी हैं।

हितग्राहियों को विकास का श्रेय

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के विकास का पूरा श्रेय उन हितग्राहियों को है जिन्होंने योजनाओं का लाभ लेकर प्रदेश की समृद्धि में योगदान दिया है। प्रदेश के अग्रणी होने का श्रेय उन मेहनतकश किसानों और मजदूरों को है जिन्होंने अपने खून-पसीने से सरकार की भाग्य रेखा को ही बदल दिया है। जीवन के हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही। माता-बहनों और बेटियों को भी मध्यप्रदेश के विकास का श्रेय है। केंद्र और राज्य की डबल इंजन की सरकार ने मिलकर प्रदेश को सच्चे अर्थों में रिफॉर्म परफॉर्म और ट्रांसफार्म करने का काम किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश आज साढ़े 13 लाख करोड़ को रुपए की अर्थ-व्यवस्था बन चुका है और नए विकास कार्यों में 56 हज़ार करोड़ रुपए से ज्यादा व्यय कर रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिजली की आपूर्ति को सरकार ने इतना बेहतर कर दिया है कि अब बिजली का जाना किसी गुजरे जमाने की बात हो गई है। सांची को प्रदेश की पहली सोलर सिटी के रूप में विकसित किया जा रहा है। आज घर-घर और खेत-खेत तक पानी पहुंच रहा है। लगभग 99,000 करोड़ रूपये की लागत की 486 सिंचाई योजनाओं के निर्माण से 33 लाख हेक्टेयर की अतिरिक्त सिंचाई संख्या विकसित करने का लक्ष्य है।

विकास का इन्द्रधनुष बना मध्य प्रदेश में

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश में रेल का नेटवर्क तेजी से बढ़ रहा है। फिलहाल 77000 करोड़ रुपए के रेल परियोजनाओं के कार्य प्रगति पर हैं। अमृत भारत स्टेशन योजना में प्रदेश के 80 से ज्यादा रेलवे स्टेशनों का पुनर्विकास किया जा रहा है। राज्य सरकार के प्रयासों से मध्यप्रदेश देश के सबसे फेवरेट इन्वेस्टमेंट डेस्टिनेशन के रूप में उभरा है। नए औद्योगिक क्षेत्र, नए इन्वेस्टमेंट कॉरिडोर, एमएसएमई क्लस्टर, इकोनामिक कॉरिडोर, मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक पार्क, स्टार्टअप पार्क, इनक्यूबेशन सेंटर, मेडिकल डिवाइस पार्क, मेगा टेक्सटाईल पार्क और बीना रिफायनरी विस्तार परियोजना ने मिलकर प्रदेश को विकास का इंद्रधनुष बनाया है।

मध्यप्रदेश में ग्रीन हाइड्रोजन नीति बनेगी

श्री चौहान ने अपने संदेश में बताया कि राज्य में ग्रीन हाइड्रोजन पॉलिसी बनाई जा रही है। प्रदेश का खनिज राजस्व 2015-16 के 3,610 करोड़ रूपये से बढ़कर 8216 करोड रुपए हो गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने कर्मचारियों को सहयोगी मानकर उनके हित में अनेक कदम उठाये हैं। मुख्यमंत्री पुलिस आवास योजना में 25 हज़ार आवासों की स्वीकृति दी। मध्य प्रदेश को पुलिसिंग में सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाये गये हैं।

मध्यप्रदेश में विकास का बदला दृश्य

मुख्यमंत्री ने कहा कि तब और अब का फ़र्क साफ दिखता है। तब प्रदेश की आर्थिक विकास दर 0.10% थी, जो अब 16% से अधिक है। तब खाद्यान्न उत्पादन मात्र 159 लाख मीट्रिक टन था, जो अब बढ़कर 619 लाख मीट्रिक टन है। तब किसानों को फसल ऋण पर 15% से 16% ब्याज देना पड़ता था, जो अब शून्य प्रतिशत है। तब की ऋणात्मक औद्योगिक विकास दर अब बढ़कर 24% है। तब प्रदेश में प्रति व्यक्ति वार्षिक आय लगभग 12 हजार रुपए थी, जो अब 1 लाख 40 हजार रुपए है। तब बजट का आकार लगभग 23 हजार करोड़ रुपए था, जो अब 3 लाख 14 हजार करोड़ रुपए से भी अधिक है। तब राज्य का सकल घरेलू उत्पाद लगभग 86 हजार 800 करोड़ रुपए था और अब यह 13 लाख 22 हजार करोड़ रुपए से भी अधिक हो चुका है।

श्री चौहान ने कहा कि तब प्रदेश में मात्र 60 हजार किलोमीटर लंबाई की सड़कें थीं, जो अब बढ़कर 5 लाख किलोमीटर से अधिक हैं। तब हमारी ऊर्जा क्षमता करीब 5 हजार मेगावॉट थी, जो अब बढ़कर 29 हजार मेगावॉट से अधिक हो गई है। तब सिंचाई क्षमता मात्र 7 लाख 68 हजार हेक्टेयर थी, जो अब बढ़कर 47 लाख हेक्टेयर से अधिक है। तब मातृ-मृत्यु दर 379 प्रति लाख थी, जो अब घटकर 173 प्रति लाख और शिशु-मृत्यु दर 82 प्रति हजार से घटकर 43 प्रति हजार रह गई है। तब संस्थागत प्रसव मात्र 26% था, जो अब 90% से भी अधिक हो गया है। तब मध्यप्रदेश में मात्र 5 मेडिकल कॉलेज हुआ करते थे, जो अब बढ़कर 24 हो गए हैं। तब प्रति हजार बेटों पर 927 बेटियां जन्म लेती थीं और अब प्रति हजार बेटों पर 956 बेटियां जन्म ले रही हैं।

देश में आगे अपना प्रदेश मध्यप्रदेश

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि आज गेहूँ निर्यात में मध्यप्रदेश नंबर वन राज्य है। पीएम स्वनिधि योजना के क्रियान्वयन में देश में अव्वल है। आयुष्मान कार्ड बनाने में देश में सबसे आगे है। ग्रामीण सड़कों की गुणवत्ता में पूरे देश में अग्रणी राज्य है। एग्रीकल्चर इन्फ्रास्ट्रक्चर फंड, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, सिंचाई प्रबंधन, राष्ट्रीय पशुधन मिशन, राष्ट्रीय गोकुल मिशन, मत्स्य-उत्पादन एवं प्रबंधन, मिलेट प्रोत्साहन, नशा मुक्ति, स्वच्छता जैसे अनेक महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में मध्यप्रदेश लगातार देश में अग्रणी है।

MP में स्वतंत्रा दिवस पर राज्यपाल ने पचमढ़ी में एक करोड़ 12 लाख से अधिक के निर्माण कार्यों का किया लोकार्पण

MP NEWS: “Independence Day Special” राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने 77वें स्वतंत्रता दिवस पर राजभवन पचमढ़ी के कर्मचारियों एवं बच्चों को एक करोड़ 12 लाख रूपये से अधिक के नवनिर्माण की सौग़ात दी।

राज्यपाल श्री पटेल ने राजभवन पचमढ़ी के कर्मचारियों के लिए आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित नवनिर्मित 4 एच-टाइप आवास और 50 बिस्तरों के ट्रांजिट हॉस्टल के लिए भोजनकक्ष तथा रसोईघर का लोकार्पण किया।

राजभवन कण्ट्रोलर शिल्पी दिवाकर ने बताया की राजभवन पचमढ़ी के कर्मचारियों के लिये बनाये गये 4 नए एच- टाइप आवास की कुल लागत 94 लाख 51 हज़ार रुपये है।

प्रत्येक आवास का क्षेत्रफल 55 वर्ग मीटर है और आवास में 2 कमरे बाल्कनी, मल्टीपरपज हॉल, किचन तथा इंडियन एवं वेस्टर्न शैली के एक-एक टॉयलेट निर्मित किए गए हैं।

उन्होंने बताया भोजन कक्ष एवम् रसोईघर की कुल लागत 18 लाख से अधिक है, जो 350 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में बने हैं। नए भोजन कक्ष के निर्माण से 50 बच्चों को एक साथ भोजन की सुविधा हो उपलब्ध गई है।

उल्लेखनीय है कि स्कूली बच्चों के अध्ययन दल के लिए पचमढ़ी में निःशुल्क डोरमेट्री की एकमात्र सुविधा राजभवन द्वारा उपलब्ध कराई गई है।

राज्यपाल की पत्नी श्रीमती नर्मदाबेन पटेल, राज्यपाल के प्रमुख सचिव श्री डी.पी. आहूजा, सचिव एवं सदस्य जनजाति प्रकोष्ठ श्री बी.एस. जामोद, राज्यपाल के परिसहाय श्री अतुल शर्मा, राज्यपाल के ओ.एस.डी. श्री अरविन्द पुरोहित, श्री विपुल पटेल, नियंत्रक श्रीमती शिल्पी दिवाकर, सुरक्षा अधिकारी श्री इंद्रजीत सिंह चावड़ा, राज्यपाल के परिजन, स्थानीय प्रशासन एवं पुलिस के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।

सिवनी: बरघाट जनपद पंचायत में प्रोटोकॉल की उडती धज्जियां, भाजपा से जुड़े जनपद अध्यक्ष के पति रिकू आभा राहंगडाले की मनमानी चरम पर

सिवनी: सिवनी जिले की बरघाट जनपद पंचायत में प्रोटोकॉल की उड़ रही धज्जियां, सत्ता में मजबूत भाजपा से जुड़े जनपद अध्यक्ष के पति रिकू आभा राहंगडाले की मनमानी चरम पर .

जिले की जनपद पंचायत बरघाट में भाजपा की जनपद सदस्य श्रीमती आभा जीतेंद्र राहंगडाले के पति जितेंद्र की मनमानी चरम पर है।

जब से आभा जनपद अध्यक्ष बनी है, तब से हर कार्यक्रम में उनकी जगह पति मुख्य अतिथि के तौर पर जाते हैं, सारे जनपद में अधिकाश निर्माण कार्य जीतेंद्र अपने कृपा पात्र ठेकेदारों को दे रहे हैं।

जनपद पंचायत ने हाल ही में मुख्यमंत्री कन्या दान योजना के अंतर्गत सामूहिक विवाह कार्यक्रम आयोजित किया था, इस कार्यक्रम में भी जितेंद्र ने जमकर मनमानी की।

जहां दूल्हों को 150 रुपये की दर से खरीदे गए कुर्ते दिए गए, बिल का भुगतान 1500 प्रति कुर्ते की दर से कराया गया। इसके साथ ही खाने के लिए 10 हजार लोगों की व्यवस्था का बिल लगाया गया, जबकि कार्यक्रम में मुश्किल से 5 हजार लोग भी उपस्थित थे।

सत्ता में मजबूत भाजपा से जुड़े जनपद अध्यक्ष के पति इतने बेलगाम हो गए हैं कि उन्हें सरकारी प्रोटोकॉल की भी परवाह नहीं है।

हाल ही में गोडेगाव में गोशाला के निर्माण के लिए शिलायन्स का भूमिपूजन किया गया, इस अवसर पर सांसद ढालसिह बिसेन, विधायक अर्जुन ककोडिया, जिला पंचायत अध्यक्ष मालती डेहरिया के नाम जनपद अध्यक्ष आभा राहंगडाले के नीचे उल्लंघन का मामूल था।

एमपी के मुख्यमंत्री शिवराज ने नागरिकों को दी स्वतंत्रता दिवस की बधाई और शुभकामनाएँ

Independence Day 2023: मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 77वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रदेश के सभी नागरिकों को हार्दिक बधाई दी है। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा है कि राष्ट्र की स्वतंत्रता के 76 वर्ष पूर्ण होने की मंगलमय बेला में सबका रोम-रोम उत्साहित है।

हम ऊर्जा और उल्लास से भरे हुए हैं। आजादी के लिए न जाने कितने भारतवासियों ने जीवन का बलिदान किया। आज हम उन सभी ज्ञात-अज्ञात सेनानियों का स्मरण करते हुए नमन करते हैं।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि मध्यप्रदेश ने विकास के कई क्षेत्रों में कदम बढ़ाए हैं। हम अनेक योजनाएँ लागू कर महिलाओं और बेटियों के सम्मान और स्वास्थ्य की रक्षा कर पाने में सफल हुए हैं।

विकास के अन्य क्षेत्रों में भी मध्यप्रदेश काफी आगे है। योजनाओं के क्रियान्वयन में जनता का भरपूर सहयोग प्राप्त हुआ है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने प्रदेश में स्वतंत्रता की वर्षगाँठ पर हो रहे कार्यक्रमों की सफलता की कामना भी की।

MP NEWS: अंतिम संस्कार से लौटते समय मधुमक्खियों का हमला; एक की मौके पर ही मौत, चार घायल

Honey Bee Attack: मध्य प्रदेश में एक बेहद चौंकाने वाली घटना घटी है. यहां दाह संस्कार से घर लौट रहे कुछ लोगों पर मधुमक्खियों ने हमला कर दिया। हमला इतना जबरदस्त था कि समूह में से एक की मौत हो गई। 

इस हमले में 4 लोग घायल हो गए और उनका इलाज चल रहा है. बताया गया है कि घायलों में एक की हालत गंभीर है. मरीज की हालत गंभीर है और उसे बड़वानी के एक अस्पताल में स्थानांतरित कर दिया गया है।

Honey Bee Attack : एक की मौत, एक गंभीर और तीन घायल

अंत्येष्टि से लौट रहे लोगों पर मधुमक्खियों के हमले में एक ग्रामीण की मौत की जानकारी मिलने पर गांव में हड़कंप मच गया। पुलिस ने इस मामले में आकस्मिक मौत का मामला दर्ज कर लिया है और घटना की जांच शुरू कर दी है. घटना 12 अगस्त को धार के खेरवा में हुई थी. 

सामने आई जानकारी के मुताबिक, खेरवा गांव के रहने वाले जाम सिंह की मौत हो गई है. गांव वालों ने उनके अंतिम संस्कार की तैयारी की. अंतिम संस्कार हुआ. ग्रामीणों के एक समूह पर मधुमक्खियों ने उस समय हमला कर दिया जब वे श्मशान में दाह संस्कार के बाद घर लौट रहे थे। 

मधुमक्खियों के अचानक हमले से अफरा-तफरी मच गई। मधुमक्खियों की संख्या इतनी अधिक थी कि कईयों को भागने का भी समय नहीं मिला। इस हमले में बोंदर सिंह नाम के ग्रामीण की मौके पर ही मौत हो गई. वहीं, मधुमक्खियों के इस हमले में 4 लोग घायल हो गए. चारों को इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।

…तो मधुमक्खियों ने किया हमला?

कब्रिस्तान के पास हुए इस मधुमक्खी के हमले के पीछे की वजह के बारे में बात करते हुए ग्रामीणों ने अनुमान लगाया कि ऐसा धुएं के कारण हुआ है. अंतिम संस्कार के दौरान पूरा इलाका धुएं से भर गया. इसी वजह से मधुमक्खियों का छत्ता ऊपर उठ गया और लोगों पर हमला कर दिया. 

आमतौर पर मधुमक्खियों को भगाने के लिए धुएं का इस्तेमाल किया जाता है। अक्सर शहद का छत्ते निकालने के लिए नारियल की भूसी को जानबूझकर जलाया और धुंआ किया जाता है। धुएं के कारण मधुमक्खियां तितर-बितर हो जाती हैं और छत्ते से बाहर निकल आती हैं। 

इस समय मछलियाँ अधिक आक्रामक होती हैं। चिता जलने के बाद, ग्रामीणों ने अनुमान लगाया कि धुएं के कारण मधुमक्खियां अपने छत्तों से बाहर निकल गई होंगी और दाह संस्कार करने वालों पर हमला कर दिया होगा। 

मधुमक्खियों के काटने से कई लोग घायल हो गए। मामूली चोटों वाले लोगों को प्राथमिकता दी गई। कई लोगों को शुरुआती इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई है.

Independence Day : 1947 में भारत को आजादी कैसे मिली? 1940 और 1947 के बीच क्या हुआ?

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How India Got Independence 1947:  भारत 2023 में अपना 76वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है। इस वर्ष हमारे स्वतंत्रता दिवस की थीम ‘राष्ट्र प्रथम, सदैव प्रथम’ है। 

यह त्योहार सरकार के ‘आजादी का अमृत मोहत्सव’ के तहत मनाया जा रहा है. स्वतंत्रता के लिए पहला संघर्ष 1857 में हुआ। इसे 1857 का विद्रोह या सिपाही विद्रोह कहा गया। 

इस विद्रोह का नेतृत्व मंगल पांडे ने किया था। झाँसी की रानी लक्ष्मीबाई, बहादुर शाह जफर, तात्या टोपे और नाना साहब अन्य सेनानी थे जिन्होंने लड़ाई में भाग लिया था। इन सभी ने 1857 में ब्रिटिश सैनिकों का विरोध किया।

प्रथम राष्ट्रीय ध्वज, जन गण मन और…

स्वदेशी आंदोलन 1900 के दशक में शुरू हुआ। इस प्रकार भारत सरकार के वर्तमान प्रयासों को ‘मेक इन इंडिया’ नाम दिया गया है। लोकमान्य तिलक यानी बाल गंगाधर तिलक को स्वदेशी आंदोलन के प्रणेता के रूप में जाना जाता है। तिलक सबसे पहले विदेशी वस्तुओं का बहिष्कार करने और केवल भारतीय वस्तुओं का उपयोग करने का अभियान शुरू करने वाले पहले व्यक्ति थे। 

बाद में बाल गंगाधर तिलक और जेआरडी टाटा ने भारतीय निर्मित वस्तुओं को बढ़ावा देने के लिए ‘बॉम्बे स्वदेशी को-ऑप स्टोर्स कंपनी लिमिटेड’ की स्थापना की। भारत का पहला राष्ट्रीय ध्वज 1904 में स्वामी विवेकानन्द की शिष्या निवेदिता द्वारा डिज़ाइन किया गया था। 

लाल, पीले और हरे रंग की 3 क्षैतिज पट्टियों वाला भारत का राष्ट्रीय ध्वज पहली बार कोलकाता के गिरीश पार्क में फहराया गया था। आज देखा जाने वाला भारत का राष्ट्रीय ध्वज मूल रूप से 1921 में आंध्र प्रदेश के एक शिक्षाविद् और स्वतंत्रता सेनानी पिंगली वेंकैया द्वारा डिजाइन किया गया था। 

1911 में रवीन्द्रनाथ टैगोर ने ‘भारतो भाग्यो बिधाता’ गीत की रचना की। जिसे बाद में ‘जन गण मन’ नाम दिया गया। इस गीत को 24 जनवरी 1950 को भारत की संविधान सभा द्वारा भारत के राष्ट्रगान के रूप में अपनाया गया था। 

भारत का वर्तमान राष्ट्रीय ध्वज आधिकारिक तौर पर 22 जुलाई 1947 को अपनाया गया था। इसे 15 अगस्त 1947 को फहराया गया था।

ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी ने 1757 से 1857 तक भारत पर शासन किया। 200 वर्षों के ब्रिटिश शासन के बाद भारत को अंग्रेजों से आजादी मिली। 15 अगस्त 1947 को अंग्रेजों ने भारतीयों को सत्ता सौंप दी और स्थायी रूप से देश छोड़ कर चले गये। 

भारत में ब्रिटिश शासन 1858 से 1947 तक रहा। भारत को आजादी कैसे मिली? आइए जानते हैं 1940 से 1947 के बीच हुई प्रमुख घटनाओं के बारे में…

India In 1940 :

नेशनल असेंबली का रामगढ़ अधिवेशन मौलाना आज़ाद की अध्यक्षता में आयोजित किया गया था। इसमें कांग्रेस ने पूर्ण स्वतंत्रता की मांग की। इसके बाद सविनय अवज्ञा आन्दोलन प्रारम्भ करने का प्रस्ताव रखा गया। मार्च माह में मुस्लिम लीग का अधिवेशन लाहौर में हुआ। इसमें मुस्लिम बहुल स्वतंत्र राज्य बनाने का प्रस्ताव पारित किया गया। सत्र की अध्यक्षता बैरिस्टर जीना ने की। राष्ट्रीय सभा का व्यक्तिगत सत्याग्रह आन्दोलन अक्टूबर माह में प्रारम्भ हुआ। विनोबा भावे प्रथम व्यक्तिगत सत्याग्रही थे। उसी वर्ष उधम सिंह ने जलियांवाला बाग हत्याकांड के जिम्मेदार माइकल ओ’डायर की हत्या कर दी।

India In 1941 :

सुभाष चंद्र बोस भारत से जर्मनी चले गये। वायसराय की कार्यकारी परिषद का कार्यकाल बढ़ा दिया गया। 7 दिसंबर को जापान ने पर्ल हार्बर पर हमला कर दिया। सुभाष चन्द्र बोल ने सिंगापुर में आज़ाद हिन्द फ़ौजा की स्थापना की। इसके लिए रास बिहारी बोल को जापान और दक्षिण पूर्व एशिया के सैन्य अधिकारियों द्वारा सहायता प्रदान की गई। फरवरी महीने में चीन के प्रधानमंत्री छगकई शेक ने भारत का दौरा किया था.

India In 1942 :

29 मार्च जॉरी क्रिप्स योजना की घोषणा की गई। 8 अगस्त को पंडित जवाहरलाल नेहरू के नेतृत्व में चले जाव आंदोलन का मसौदा तैयार करने का काम शुरू हुआ। महात्मा गांधी ने मुंबई के ग्वालिया टैंक मैदान में नेशनल असेंबली के एक विशेष सत्र में ‘करो या मरो’ मंत्र का जाप किया। 9 अगस्त को महात्मा गांधी, पंडित जवाहरलाल नेहरू और अन्य राजनीतिक नेताओं को गिरफ्तार कर लिया गया। नंदुरबार गोलीबारी में शिरीष कुमार की वीरतापूर्वक मृत्यु हो गई। महाराष्ट्र के सतारा, उत्तर प्रदेश के बलिया, बंगाल के तमलुक, ओडिशा के तालचेर और कर्नाटक के धारवाड़ में विपक्षी सरकारें बनीं। डॉ। बाबा साहब अम्बेडकर ने शेड्यूल्ड कास्ट फेडरेशन की स्थापना की। चिमूर में पुलिस नरसंहार हुआ। 

India In 1943 :

लैंड वेवेल को गवर्नर जनरल एवं वायसराय नियुक्त किया गया। सिंगापुर में आज़ाद हिन्द सेना का नेतृत्व सुभाष चन्द्र बोस को सौंपा गया। सुभाष चन्द्र बोस ने सिंगापुर में अस्थायी हिन्दी सरकार की स्थापना की। पंजाब और बंगाल में सूखे के कारण 30 लाख लोग मारे गये। 

India In 1945 :

शिमला परिषद 25 जून को आयोजित की गई थी। राष्ट्र सभा का नेतृत्व मौलाना आज़ाद को दिया गया। मुस्लिम लीग के अध्यक्ष का पद बैरिस्टर जिन्ना को सौंप दिया गया। 10 जुलाई को लेबर पार्टी के अटाली इंग्लैंड के प्रधान मंत्री बने। आजाद हिन्द सेना के सिपाहियों पर राजद्रोह के मुकदमे दर्ज किये गये। दिल्ली के लाल किले में पूछताछ शुरू हुई. पंडित जवाहरलाल नेहरू, भूलाभाई देसाई ने इन मामलों में वकीलों के रूप में सैनिकों का प्रतिनिधित्व किया। इसी वर्ष द्वितीय विश्व युद्ध समाप्त हुआ। 

India In 1946 :

नेशनल असेम्बली का अधिवेशन मेरठ में हुआ। यह सत्र आचार्य कृपलानी की अध्यक्षता में आयोजित किया गया था। फरवरी माह में नौसेना ने बम्बई में विद्रोह कर दिया। ब्रिटिश प्रधान मंत्री एटली ने ब्रिटिश संसद में घोषणा की कि भारत को शीघ्र ही पूर्ण स्वतंत्रता दी जायेगी। ब्रिटिश संसद में इस संबंध में तीन मंत्रियों के मिशन को मंजूरी दी गई। इसके तहत सर पैट्रिक लॉरेंस भारत के मंत्री के रूप में देश में आये। सर स्टैफ़ोर्ड क्रिप्स और मंत्री अलेक्जेंडर उनके साथ भारत आये। कैबिनेट मिशन योजना 16 मई को शुरू की गई थी। जुलाई महीने में संविधान समिति के चुनाव हुए थे. 24 अगस्त को अनंतिम सरकार का गठन किया गया था। इस मंत्रिमंडल के अध्यक्ष पंडित नेहरू थे। मुस्लिम लीग ने सरकार में भाग लेने की इच्छा व्यक्त की थी। संविधान समिति की पहली बैठक 9 दिसंबर को हुई थी. इस बैठक में 207 सदस्य मौजूद थे.

India In 1947 :

गवर्नर जनरल और वायसराय लॉर्ड लुईस माउंटबेटन 20 फरवरी को भारत पहुंचे। एटली ने घोषणा की कि अंग्रेज़ जून 1948 तक भारत छोड़ देंगे। 3 जून को माउंटबेटन ने विभाजन योजना की घोषणा की। भारत अधिनियम 12 जुलाई को पारित किया गया था। 14 अगस्त को भारत का विभाजन हुआ और मुस्लिम लीग के नेतृत्व में पाकिस्तान का निर्माण हुआ। 15 अगस्त को भारत को आजादी मिली थी. भारत के पहले प्रधान मंत्री के रूप में, पंडित जवाहरलाल नेहरू ने राष्ट्र को संबोधित किया।

Chandrayaan 3 Live Location: ISRO आज करेगा चंद्रयान 3 का परीक्षण; देश को एक महान उपहार

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Chandrayaan 3 Live Location: चंद्रयान 3 को 14 जुलाई को भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) द्वारा अंतरिक्ष में लॉन्च किया गया था।

 हालांकि यह अंतरिक्ष यान अब तक सभी मील के पत्थर सफलतापूर्वक पार कर चुका है, लेकिन एक महत्वपूर्ण बिंदु पर पहुंच गया है। 

क्योंकि इसरो 14 अगस्त यानी देश के स्वतंत्रता दिवस से एक दिन पहले चंद्रयान को डी-ऑर्बिट करने जा रहा है। इसरो ने जानकारी दी है कि यह चरण सुबह 11.30 बजे से दोपहर 12.30 बजे के बीच पूरा किया जाएगा. 

चंद्रयान 3 फिलहाल चंद्रमा से 174 किमी x 1437 किमी की दूरी पर है और चंद्रमा की अण्डाकार कक्षा में परिक्रमा कर रहा है। चंद्रमा से इसकी न्यूनतम दूरी 174 किमी और अधिकतम दूरी 1437 किमी है। 

9 अगस्त को चंद्रयान की कक्षा कम कर दी गई थी. इसरो द्वारा सबसे पहले यह कार्य 6 अगस्त को किया गया था। जब चंद्रमा से इसकी दूरी 170 किमी x 4313 किमी है। 

चंद्रयान द्वारा भेजी गई चंद्रमा की तस्वीरें 

चंद्रयान के चंद्रमा तक पहुंचने में बस कुछ ही दिन बचे थे, हमें एहसास हुआ कि चंद्रमा, जो पहले से ही बहुत दूर था, अब हमारे करीब है। वजह थी चंद्रयान द्वारा भेजी गई तस्वीरें. चंद्रयान जब चंद्रमा की कक्षा में पहुंचने के बाद लगभग 164 किमी x 18,074 किमी की दूरी पर पहुंचा तो उसके ऑनबोर्ड कैमरे ने चंद्रमा की कुछ तस्वीरें कैद कीं। 

इसरो ने इन तस्वीरों को आधिकारिक वेबसाइट से सबके सामने लाया था। इस तस्वीर में चांद पर मौजूद क्रेटर यानी असमान सतह या गड्ढे साफ नजर आ रहे थे। जिसके बाद चंद्रयान ने दो और तस्वीरें शेयर कीं जिनमें एक पृथ्वी और दूसरी चंद्रमा की दिखाई दे रही थी। 

चंद्रयान की यात्रा का अगला चरण… 

चंद्रमा पर पहुंचने के लिए चंद्रयान डी-ऑर्बिट करने के बाद 23 अगस्त को चंद्रमा की सतह पर पहुंचेगा। जहां, लैंडर, रोवर और प्रोपल्शन मॉड्यूल अहम भूमिका निभाएंगे. लैंडर और रोवर चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर उतरेंगे और अगले 14 दिनों तक अपना काम जारी रखेंगे। प्रोपल्शन मॉड्यूल चंद्र कक्षा में रहेगा और पृथ्वी से आने वाले विकिरण की निगरानी करेगा। इस मिशन के जरिए इसरो चंद्रमा पर पानी से लेकर वहां भूकंप कैसे आते हैं, इस पर शोध करेगा। 

…तो 1800 करोड़ के अयोध्या मंदिर के गर्भगृह में राम भक्तों की नो एंट्री! केवल पुजारियों, प्रधानमंत्रियों को अनुमति

Ayodhya Ram Mandir:  खबर है कि अयोध्या में बन रहे राम मंदिर का उद्घाटन जनवरी 2024 के तीसरे हफ्ते में किया जाएगा. लेकिन मंदिर में दर्शन शुरू होने के बाद भी राम भक्त भगवान रामचन्द्र की मूर्ति को छू भी नहीं सकते।अयोध्या में राम मंदिर के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को गर्भगृह में प्रवेश की इजाजत नहीं होगी. लोग करीब 35 फीट की दूरी से दर्शन कर सकेंगे।

सिर्फ इन 2 लोगों को ही मिलेगी एंट्री

इस मंदिर के प्रबंधन का काम श्री राम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र ट्रस्ट की ओर से देखा जाएगा. वही ट्रस्ट की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, गर्भगृह की पवित्रता बनाए रखने के लिए इंतजाम किए गए हैं ताकि श्रद्धालु लंबी दूरी से दर्शन कर सकें. 

हिंदू धार्मिक मान्यता के अनुसार, मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश का अधिकार केवल राजा और मंदिर के पुजारियों को होता है। बताया जा रहा है कि इसी परंपरा को ध्यान में रखते हुए ट्रस्ट ने सिर्फ प्रधानमंत्री और पुजारियों को ही गर्भगृह में प्रवेश की इजाजत देने का फैसला किया है.

पुजारियों को दी जाये सरकारी सुविधाएं

राम मंदिर में पुजारियों और कर्मचारियों को सरकारी कर्मचारियों की तरह ही सुविधाएं दी जाएंगी. राम जन्मभूमि के मुख्य वास्तुकार आचार्य सत्येन्द्र दास ने इस संबंध में जानकारी दी. 

दास ने कहा कि ट्रस्ट रामलला की सेवा में लगे पुजारियों और कर्मचारियों को सरकारी स्तर की सुविधाएं मुहैया कराएगा. पुजारियों के आवास और चिकित्सा सुविधाओं के साथ-साथ इन पुजारियों और कर्मचारियों को आवासीय भत्ता भी दिया जाएगा।

1800 करोड़ होंगे खर्च

9 नवंबर 2019 को सुप्रीम कोर्ट ने दशकों से देश की राजनीति में बहस का केंद्र रहे अयोध्या में बाबरी मस्जिद-राम जन्मभूमि विवाद पर ऐतिहासिक फैसला सुनाया। कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि विवादित स्थल पर राम मंदिर बनाया जाना चाहिए और मस्जिद के लिए अयोध्या में किसी रणनीतिक जगह पर जगह दी जानी चाहिए. 

इसके बाद राम मंदिर का निर्माण युद्ध स्तर पर शुरू हो गया है और कहा जा रहा है कि अगले कुछ महीनों में यह काम पूरा हो जाएगा. राम मंदिर ट्रस्ट के ट्रस्टियों ने सितंबर 2020 में बताया था कि राम मंदिर के निर्माण में करीब 1800 करोड़ रुपये की लागत आएगी.

बदलते कश्मीर की एक झलक! आतंकियों के परिजनों ने फहराया तिरंगा झंडा

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Independence Day 2023: केंद्र सरकार द्वारा अनुच्छेद 370 रद्द किए जाने के बाद कश्मीर घाटी में तेजी से बदलाव देखने को मिल रहे हैं. ऐसा लग रहा है कि कश्मीर में पहले की तुलना में शांति स्थापित हुई है. 

इसलिए कश्मीरी युवा भी अलगाववादियों का विरोध करते नजर आ रहे हैं. इस बात की पुष्टि हाल ही में हुई है. स्वतंत्रता दिवस से पहले ही उत्तरी कश्मीर के सोपोर से एक वीडियो सामने आया है. 

इसमें हिज्बुल मुजाहिदीन के एक आतंकी का भाई अपने घर पर तिरंगा फहराता नजर आ रहा है. राष्ट्रीय ध्वज (भारतीय ध्वज) फहराने वाले एक शख्स की इस समय खूब चर्चा हो रही है।

स्वतंत्रता दिवस से पहले जम्मू-कश्मीर के सोपोर में हिजबुल आतंकवादी के भाई द्वारा अपने आवास पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने का एक वीडियो इस समय वायरल हो रहा है। 

वायरल वीडियो में हिजबुल आतंकी जावेद मट्टू का भाई रईस मट्टू अपने घर की खिड़की से तिरंगा फहराता नजर आ रहा है. जावेद मट्टू हिज्बुल मुजाहिदीन का सक्रिय आतंकी है. वह पिछले 11 साल से पाकिस्तान में सक्रिय है.

जावेद मट्टू को फैसल/साकिब/मुसैब के नाम से भी जाना जाता है। वह आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन से जुड़ा एक सक्रिय आतंकवादी है। सुरक्षा एजेंसियों की लिस्ट में यह घाटी के टॉप 10 ठिकानों में से एक है.

दूसरी ओर, हिज्बुल मुजाहिदीन के आतंकवादी मुदस्सिर हुसैन के परिवार ने भी रविवार को जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में अपने घर पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया। 

हुसैन के परिवार ने स्वतंत्रता दिवस से पहले तिरंगा फहराने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए गए अभियान में भाग लिया है। हुसैन के पिता तारिक ने कहा, ‘मेरे बेटे ने गलत रास्ता अपना लिया है. हम सरकार से उसे ढूंढने का अनुरोध करते हैं।’ ‘तिरंगा घर और हर जगह फहराना है।’ 

मुदस्सिर हुसैन पर 20 लाख का इनाम

हुसैन की मां ने कहा, “मैं चाहती हूं कि लड़का वापस आए और सुरक्षा बलों के सामने आत्मसमर्पण कर दे।” हमने उसका पता जानने की बहुत कोशिश की लेकिन असफल रहे। उसे वापस आना चाहिए. हम चाहते हैं कि सेना इस पर गौर करे। केंद्र शासित प्रदेश में सर्वाधिक वांछित आतंकवादियों में से एक मुदस्सिर हुसैन के सिर पर 20 लाख रुपये का इनाम है।

कश्मीर में तिरंगा यात्रा 

इस बीच इस बार जम्मू-कश्मीर का माहौल पूरी तरह से देशभक्तिमय हो गया है. रविवार को श्रीनगर के ऐतिहासिक लाल चौक से बाइक रैली निकाली गई. इस बार सभी के हाथ में तिरंगा था. इसके अलावा आजादी को 75 साल हो गए हैं, ऐसे में बाइकर्स ने तिरंगा यात्रा निकाली. उस तिरंगा यात्रा की तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं.

Romance In Hotel: होटल में दूसरी महिला के साथ रोमांस कर रहा था पति, पत्नी ने रंगे हाथ पकड़ा तो…वीडियो वायरल!

Trending Video: सोशल मीडिया पर पति पत्नी वीडियो और गर्लफ्रेंड बॉयफ्रेंड वीडियो के कई वीडियो वायरल हो रहे हैं. इस समय सोशल मीडिया पर एक वीडियो ट्रेंड कर रहा है। 

इसमें एक महिला दूसरी महिला और एक पुरुष को पीटती नजर आ रही है. सोशल मीडिया पर इस वीडियो की जमकर चर्चा हो रही है. (trending video wife catches husband with another woman Romance in hotel room Extramarital Affair video viral on Internet)

वास्तव में क्या हुआ?

जो वीडियो इंटरनेट पर वायरल हो गया है उसमें महिला उसे जूते से मारती दिख रही है। विवाहेतर संबंध बनाना उस व्यक्ति को महंगा पड़ता है। हुआ यूं कि ये महाशय अपनी पत्नी को बिना बताए घर से बाहर किसी दूसरी औरत से अफेयर चला रहे थे. एक दिन वह अपनी गर्लफ्रेंड के साथ एक होटल में गया। 

जब दोनों वहां रोमांस कर रहे थे तभी अचानक पत्नी वहां पहुंच गई और उसने अपने पति की करामात देख ली. उसका पारा चढ़ गया और उसने अपने जूते उतार कर दोनों धो दिये। 

पत्नी इतनी गुस्से में है कि वह किसी की बात सुनने के मूड में नहीं है. महिला को इन दोनों पर कई दिनों से शक था. इसलिए वह इस बात पर नजर रखती है कि उसका पति उस दिन कहां जाता है। 

उस दिन पति उससे झूठ बोलकर होटल की ओर चला गया। जब वह एक अन्य महिला के साथ कमरे में थी, तो वह अचानक वहां पहुंच जाती है। इसके बाद चैपलिन इन दोनों की हरकत पर ध्यान देती है। 

पति ने कैमरा बंद करने का अनुरोध किया क्योंकि उसके साथ मौजूद एक अन्य व्यक्ति ने इस घटना को मोबाइल फोन पर कैद कर लिया। वह माफ़ी भी मांगता है और उसकी पत्नी पीछे नहीं हटती और अपना लाल चेहरा दिखाकर उसे अच्छी लड़ाई देती है। 

महिला ने ये वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट किया. इसके बाद से यह इंटरनेट पर वायरल हो गया है। इस वीडियो को ट्विटर पर अरहंत शेल्बी यानी एक्स नाम के अकाउंट पर शेयर किया गया है.