सिवनी। आगामी विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी सिवनी की सभी चारों सीटों में जीत हासिल करेगी। यह दावा भाजपा के कद्दावर नेता और मप्र सरकार में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम राज्य मंत्री संजय सतेंद्र पाठक ने किया है। उन्होंने कहा कि सिवनी में भाजपा की स्थिति मजबूत है, जनता शिवराज सरकार के साथ है, हम अगले चुनाव में सिवनी की सभी सीटों पर काबिज होंगे।
सोमवार को सिवनी प्रवास पर आए मंत्री पाठक ने मीडिया से चर्चा में कहा कि सिवनी विधानसभा सीट से भाजपा का चेहरा ( उम्मीदवार) भी तय है, वक़्त आने पर नाम का खुलासा किया जाएगा।
जिला स्तर पर भी ध्यान
मप्र में उद्योग धंधों को लेकर उन्होंने कहा कि प्रदेश की शिवराज सरकार इस दिशा में अच्छा काम कर रही है। सरकार ने पिछले बार जो इंवेस्टर्स मीट बुलाई थी, उसमें अच्छा रिस्पॉन्स मिला है, सरकार उद्योग धंधों को लेकर जिला स्तर पर भी ध्यान दे रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के छोटे जिलों में भी संभावनाएं तलाशी जा रही हैं और वहां भी उद्योग धंधे शुरू किए जा रहे है।

सिवनी //होमगार्ड कार्यालय में वाहन चालक के पद में पदस्थ श्री बीरनसिंह बघेल को विभाग व शासन को उत्कृष्ट सेवा प्रदान करने के लिए राष्ट्रपति के सराहनीय सेवा पदक से पुरूस्कृत किया गया। यह पुरूस्कार 15 अगस्त 18 को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा श्री बघेल को प्रदान किया जायेगा।
सिवनी। सूक्ष्म एवं लघु उद्योग मंत्री संजय पटक ने सिवनी के युवा उद्यमी विजय नंदन के बंद हो चुके बैटरी उद्योग को जल्द शुरू करवाने का आश्वासन दिया है। मंत्री पाठक के सोमवार को सिवनी आगमन के दौरान होटल राजवाड़ा में युवा उद्यमी विजय नंदन ने उनसे मुलाकात कर अपने बैटरी प्लांट को संचालित करने में आ रही वित्तीय समस्या से अवगत कराया। विजय नंदन ने उन्हें बताया कि बैंक से वर्किंग केपिटल राशि नहीं मिलने के कारण वे अपने प्लांट को बंद कर चुके हैं और पिछले दिनों छिंदवाड़ा प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को प्लांट की चाबी सौंप चुके हैं। लेकिन 15 दिन से भी अधिक दिन बीत जाने के बाद भी कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाए गए हैं। प्लांट की चाबी भी अब तक मुख्यमंत्री की और से वापस नहीं कि गई है। मंत्री पाठक ने युवा उद्यमी नंदन की बात सुनने के बाद उन्हें आश्वासन दिया कि मैं जल्द से जल्द शासकीय प्रक्रिया पूर्ण करवाकर आपका उद्योग पुनः शुरू करवाऊंगा। इस अवसर पर कलेक्टर गोपाल चंद डाँड़ भी मौजूद थे।