सिवनी जिले में किसानों से निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत पर यूरिया बेचने के मामले में प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। लखनादौन क्षेत्र के एक कृषि केंद्र संचालक के खिलाफ जांच में आरोप सही पाए जाने पर आवश्यक वस्तु अधिनियम और उर्वरक नियंत्रण आदेश के तहत एफआईआर दर्ज की गई है।
मुख्य बातें
- लखनादौन क्षेत्र में कृषि केंद्र संचालक पर एफआईआर।
- किसानों को निर्धारित दर से अधिक कीमत पर यूरिया बेचने का आरोप।
- तय कीमत 266.50 रुपये प्रति बैग, जबकि 350 रुपये प्रति बैग वसूले जाने का मामला।
- संयुक्त जांच टीम ने निरीक्षण कर कार्रवाई की।
- आवश्यक वस्तु अधिनियम एवं उर्वरक नियंत्रण आदेश के तहत मामला दर्ज।
कलेक्टर के निर्देश पर हुई कार्रवाई
कलेक्टर श्रीमती नेहा मीना के निर्देशानुसार जिले में किसानों को निर्धारित दर पर गुणवत्तापूर्ण कृषि आदान उपलब्ध कराने के लिए लगातार निरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में लखनादौन क्षेत्र में यूरिया की अधिक कीमत वसूलने की शिकायत की जांच की गई।
जांच के बाद दरगड़ा स्थित हर्ष कृषि केन्द्र के संचालक सौरभ श्रीपाल के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की गई।
संयुक्त टीम के निरीक्षण में सामने आई अनियमितता
प्रशासन के अनुसार 19 जुलाई 2026 को तहसीलदार लखनादौन, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी और अनुविभागीय कृषि अधिकारी की संयुक्त टीम ने हर्ष कृषि केन्द्र का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान पाया गया कि किसानों को शासन द्वारा निर्धारित 266.50 रुपये प्रति बैग की जगह 350 रुपये प्रति बैग की दर से यूरिया बेचा जा रहा था।
किसानों के बयान से हुई पुष्टि
जांच टीम ने मौके पर उर्वरक खरीदने वाले किसानों से दूरभाष पर संपर्क किया। विभाग के अनुसार चार किसानों ने 350 रुपये प्रति बैग की दर से यूरिया खरीदने की पुष्टि की।
इसके अलावा अन्य किसानों के लिखित बयान भी दर्ज किए गए, जिनमें उन्होंने 15 जुलाई 2026 को संबंधित कृषि केंद्र से 350 रुपये प्रति बोरी की दर से यूरिया खरीदने की जानकारी दी।
इन धाराओं के तहत दर्ज हुआ मामला
वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी लखनादौन बी.आर. अठ्या की शिकायत पर थाना धूमा में हर्ष कृषि केन्द्र, दरगड़ा के संचालक सौरभ श्रीपाल के विरुद्ध प्रकरण दर्ज किया गया।
आरोपी के खिलाफ उर्वरक (नियंत्रण) आदेश, 1985 की धारा 3 तथा आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 की धारा 3 एवं 7 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर पुलिस ने विवेचना शुरू कर दी है।
किसानों से विभाग की अपील
कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि यदि कोई विक्रेता शासन द्वारा निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर उर्वरक या अन्य कृषि आदान बेचता है, तो इसकी सूचना तुरंत कृषि विभाग या संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को दें, ताकि दोषियों के खिलाफ समय पर कार्रवाई की जा सके।
खरीफ सीजन के दौरान यूरिया और अन्य उर्वरकों की मांग बढ़ जाती है। ऐसे समय में सरकार निर्धारित अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) पर किसानों को उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए नियमित निरीक्षण कराती है। अधिक कीमत वसूलना उर्वरक नियंत्रण आदेश और आवश्यक वस्तु अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन माना जाता है।
प्रशासन की इस कार्रवाई से जिले के अन्य उर्वरक विक्रेताओं को स्पष्ट संदेश गया है कि निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत वसूलने पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इससे किसानों को उचित मूल्य पर उर्वरक उपलब्ध कराने की व्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
लखनादौन में हुई यह कार्रवाई किसानों के हितों की रक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि कृषि आदानों की कालाबाजारी या अधिक मूल्य वसूली के मामलों में आगे भी लगातार निरीक्षण और सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।


