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सिवनी युवा कांग्रेस चुनाव परिणाम घोषित: आदित्य भूरा बने ज़िला अध्यक्ष – देखें किसने मारी बाजी!

सिवनी। लंबे इंतज़ार के बाद आखिरकार युवा कांग्रेस चुनाव परिणाम (Seoni Youth Congress Election Result 2025) घोषित हो गए हैं। पूरे जिले में युवाओं के जोश और उत्साह के बीच हुए इस चुनाव में आदित्य भूरा ने बाज़ी मारते हुए ज़िला अध्यक्ष का पद अपने नाम किया है। उन्होंने 6637 वोट पाकर शानदार जीत दर्ज की।

जिले में युवा जोश की जीत

चुनाव परिणामों में युवा नेतृत्व की झलक साफ दिखाई दी। राहुल उइके ने ज़िला उपाध्यक्ष पद पर 5857 वोट प्राप्त कर दूसरा स्थान हासिल किया। वहीं अनुसूचित जनजाति वर्ग से सागर मरकाम ने 39 वोट और पिछड़ा वर्ग से सुरेंद्र साहू ने 50 वोट पाकर अपनी मौजूदगी दर्ज कराई।

विधानसभावार नतीजे – देखें किसने मारी बाजी

सिवनी विधानसभा में नितिन डहेरिया ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 2771 वोट से विधानसभा अध्यक्ष पद पर कब्जा जमाया। शक्ति सिंह जडेजा ने 1634 वोट पाकर उपाध्यक्ष पद हासिल किया।

बरघाट विधानसभा से कुलदीप काकोड़िया ने 692 वोट पाकर अध्यक्ष पद पर जीत दर्ज की, जबकि जयप्रकाश यादव 534 वोट पाकर उपाध्यक्ष बने।

केवलारी विधानसभा से शुभम पटेल ने 1830 वोट पाकर अध्यक्ष का पद हासिल किया। उनके करीबी प्रतिद्वंद्वी अंकित बरोदिया ने 1630 वोट पाकर उपाध्यक्ष का पद पाया।

लखनादौन विधानसभा में दुर्गेश नाथ ने 880 वोट से अध्यक्ष पद जीता, जबकि शरद बैसले 539 वोट के साथ उपाध्यक्ष बने।

पार्टी में नई ऊर्जा की लहर

इन चुनाव परिणामों के बाद सिवनी जिले में युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। पार्टी दफ्तरों में जश्न का माहौल रहा, जहां समर्थकों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाई और जीत के नारे लगाए।

आदित्य भूरा ने जीत के बाद कहा – “यह जीत पूरे सिवनी के युवाओं की है। अब हमारा उद्देश्य संगठन को मजबूत बनाना और युवाओं की आवाज़ को हर मंच तक पहुंचाना होगा।”

क्यों यह चुनाव था खास?

इस बार का युवा कांग्रेस चुनाव इसलिए भी चर्चा में रहा क्योंकि यह पूरी तरह डिजिटल वोटिंग सिस्टम के तहत हुआ, जिससे पारदर्शिता और निष्पक्षता बनी रही। जिलेभर के युवा कार्यकर्ताओं ने रिकॉर्ड संख्या में मतदान किया, जो कांग्रेस में युवाओं की बढ़ती भागीदारी को दर्शाता है।

मुख्य परिणाम एक नज़र में:

पदविजेताप्राप्त वोट
ज़िला अध्यक्षआदित्य भूरा6637
ज़िला उपाध्यक्षराहुल उइके5857
उपाध्यक्ष (अनुसूचित जनजाति)सागर मरकाम39
उपाध्यक्ष (पिछड़ा वर्ग)सुरेंद्र साहू50
सिवनी विधानसभा अध्यक्षनितिन डहेरिया2771
सिवनी विधानसभा उपाध्यक्षशक्ति सिंह जडेजा1634
बरघाट विधानसभा अध्यक्षकुलदीप काकोड़िया692
बरघाट विधानसभा उपाध्यक्षजयप्रकाश यादव534
केवलारी विधानसभा अध्यक्षशुभम पटेल1830
केवलारी विधानसभा उपाध्यक्षअंकित बरोदिया1630
लखनादौन विधानसभा अध्यक्षदुर्गेश नाथ880
लखनादौन विधानसभा उपाध्यक्षशरद बैसले539

सिवनी युवा कांग्रेस के इन चुनाव परिणामों ने एक बार फिर साबित कर दिया कि जिले के युवा राजनीति में बदलाव की लहर ला रहे हैं। अब सबकी नज़र इस बात पर टिकी है कि नई टीम संगठन को किस दिशा में ले जाती है।:

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सिवनी: मंदिर के पुजारी का मिला शव! 2 दिनों से चल रहा था सर्च ऑपरेशन; इलाके में हड़कंप; हत्या की आशंका

Seoni News – सिवनी: बरघाट विकासखंड के ग्राम कल्याणपुर में स्थित सिद्ध स्थल मोर्चा देवी मंदिर इन दिनों चर्चा का केंद्र बना हुआ है। दो दिन तक चली लगातार मशक्कत और सर्च ऑपरेशन के बाद आखिरकार मंदिर के पुजारी केदार वाडिवा का शव सर्राटी नदी के किनारे बुरी अवस्था में मिला।

इस घटना के बाद से पूरे क्षेत्र में सन्नाटा और दहशत का माहौल बना हुआ है। पुलिस प्रशासन और ग्रामीणों की कड़ी मेहनत के बाद यह शव बरामद किया गया। जानकारी के अनुसार, शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है, ताकि मौत के असली कारण का खुलासा हो सके।

20 वर्षों से कर रहे थे मोर्चा देवी की सेवा

जानकारी के मुताबिक, केदार वाडिवा पिछले बीस वर्षों से मोर्चा देवी मंदिर के पुजारी के रूप में सेवा दे रहे थे। वे कल्याणपुर ग्राम के निवासी थे और जनसेवा के लिए समर्पित जीवन व्यतीत कर रहे थे।

जंगल के बीच स्थित इस प्राचीन मंदिर में वे न केवल पूजा-पाठ करते थे बल्कि जड़ी-बूटियों और आयुर्वेदिक ज्ञान के लिए भी दूर-दूर तक प्रसिद्ध थे।
भक्तों का कहना है कि केदार वाडिवा की सेवा भावना और सिद्ध शक्तियों के कारण ही ग्रामीणों ने जंगल के बीच सड़क बनवाकर मंदिर तक पहुंच आसान की थी।

मंदिर में नवरात्र और अन्य धार्मिक पर्वों के दौरान भारी भीड़ उमड़ती थी, और श्रद्धालु देशभर से आकर दर्शन करते थे। लेकिन अब जब वही पुजारी मृत अवस्था में मिले हैं, तो हर कोई स्तब्ध और शोकाकुल है।

ग्रामीणों ने जताई हत्या की आशंका, कई कीमती वस्तुएं गायब

ग्रामीणों के अनुसार, केदार वाडिवा 22 अक्टूबर से लापता थे। आखिरी बार उन्हें कल्याणपुर बाजार में सब्जी खरीदते हुए देखा गया था। शाम को वे मंदिर लौट गए, लेकिन अगले दिन से उनका कोई पता नहीं चला।

जब ग्रामीणों ने मंदिर पहुंचकर खोजबीन की तो कमरे में बिखरा सामान और गायब जेवरात देखकर सबके होश उड़ गए।
मंदिर की देवी प्रतिमा से सोने-चांदी के आभूषण गायब थे, और पुजारी के कमरे से भी कीमती वस्तुएं लापता थीं।

इन सभी परिस्थितियों को देखते हुए ग्रामीणों ने हत्या की आशंका जताई है। उनका मानना है कि लूटपाट के इरादे से हत्या की गई हो सकती है।

पुलिस की जांच जारी, रिपोर्ट से होगा रहस्य उजागर

बरघाट थाना प्रभारी मोहनीश बैस ने बताया कि पुलिस हर संभव पहलू से जांच कर रही है। फिलहाल पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि पुजारी की हत्या की गई या हादसा हुआ। पुलिस टीम ने मंदिर और आसपास के इलाकों में साक्ष्य जुटाए हैं और संभावित संदिग्धों की तलाश जारी है।

स्थानीय श्रद्धालुओं में गुस्सा और दुख

पुजारी केदार वाडिवा के निधन से स्थानीय लोगों में शोक और आक्रोश दोनों का माहौल है। श्रद्धालु उनकी सादगी, ईमानदारी और भक्ति भावना को याद करते हुए भावुक हैं।
लोगों की मांग है कि दोषियों को जल्द पकड़ा जाए और केदार वाडिवा को न्याय दिलाया जाए

मोर्चा देवी मंदिर के पुजारी की रहस्यमय मौत ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। अब सभी की नजरें पुलिस की जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी हैं, जो इस रहस्य से पर्दा उठा सकती है।

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सिवनी में बड़ा खुलासा: घर से मिले 23 अवैध गैस सिलेंडर, राजस्व और खाद्य विभाग की संयुक्त कार्यवाही से मचा हड़कंप

सिवनी (मध्यप्रदेश): सिवनी जिले के ग्राम गोपालगंज में उस वक्त हड़कंप मच गया जब राजस्व एवं खाद्य विभाग की टीम ने संयुक्त कार्यवाही करते हुए एक घर से अवैध गैस सिलेंडरों का भंडार बरामद किया।

मिली जानकारी के अनुसार, यह कार्रवाई नायब तहसीलदार हिमांशु कौशल, खाद्य निरीक्षक रवि मुकासी और स्थानीय पुलिस टीम द्वारा की गई।

सूत्रों के अनुसार, ग्राम गोपालगंज निवासी शुभम शुक्ला के घर में लंबे समय से अवैध रूप से घरेलू गैस सिलेंडर रखे जाने की सूचना विभाग को प्राप्त हुई थी। सूचना मिलते ही टीम ने मौके पर पहुंचकर छापेमारी की, जहां से 23 गैस सिलेंडर बरामद किए गए।

स्थानीय प्रशासन ने सभी सिलेंडरों को जप्त कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। यह सिलेंडर घरेलू उपयोग के लिए जारी किए गए थे, लेकिन कथित रूप से इन्हें गैरकानूनी रूप से भंडारण और संभवतः बिक्री के उद्देश्य से रखा गया था।

इस कार्रवाई के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है। कई लोग इस बात से हैरान हैं कि आवासीय क्षेत्र में इतने बड़े पैमाने पर सिलेंडरों का भंडारण कैसे किया गया। प्रशासन का कहना है कि इस तरह का कार्य जनसुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन सकता था, क्योंकि गैस सिलेंडर का गलत भंडारण किसी भी समय भारी विस्फोट या आगजनी का कारण बन सकता है।

नायब तहसीलदार हिमांशु कौशल ने बताया कि —

“ग्राम गोपालगंज में प्राप्त शिकायत के बाद कार्यवाही की गई है। मौके से 23 सिलेंडर बरामद हुए हैं। सभी को जब्त कर लिया गया है और संबंधित व्यक्ति के खिलाफ आवश्यक कानूनी कदम उठाए जा रहे हैं।”

खाद्य निरीक्षक रवि मुकासी ने भी पुष्टि करते हुए कहा कि विभाग ऐसी अवैध गतिविधियों पर सख्त निगरानी रखे हुए है और भविष्य में भी इस तरह की कार्रवाइयां जारी रहेंगी।

गांव के लोगों का कहना है कि उन्होंने कई बार घर के अंदर गैस सिलेंडर के आने-जाने की गतिविधियां देखी थीं, लेकिन किसी ने खुलकर कुछ नहीं कहा। इस खुलासे के बाद प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि ऐसे मामलों की जानकारी तुरंत राजस्व या खाद्य विभाग को दें, ताकि किसी भी दुर्घटना से पहले कार्रवाई की जा सके।

इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर गैस एजेंसियों की सप्लाई चेन और नियमन व्यवस्था में इतनी बड़ी चूक कैसे हो रही है।

ग्राम गोपालगंज, सिवनी में 23 अवैध गैस सिलेंडर बरामद होने की यह कार्रवाई प्रशासन की सतर्कता का बड़ा उदाहरण है। यह न केवल कानून के प्रति सख्ती दर्शाती है, बल्कि जनता को भी सतर्क रहने का संदेश देती है कि अवैध गतिविधियों पर मौन रहना खतरे को बुलावा देना है।

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सिवनी: राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त शिक्षक ने स्कूल में लगाई खुद को आग, BLO ड्यूटी और प्राचार्य से थे प्रताड़ित!

मध्य प्रदेश के सिवनी जिले से एक दर्दनाक और चौंकाने वाली खबर सामने आई है। राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित शिक्षक राज नारायण तिवारी ने सोमवार सुबह अपने ही स्कूल परिसर में खुद को आग लगा ली। बताया जा रहा है कि वे लगातार बीएलओ ड्यूटी (Booth Level Officer) में लगाए जाने से परेशान थे। इतना ही नहीं, उन्होंने स्कूल के प्राचार्य पर मानसिक प्रताड़ना का गंभीर आरोप भी लगाया है।

यह घटना छपारा विकासखंड के भीमगढ़ शासकीय हायर सेकंडरी स्कूल की है, जहाँ तिवारी जी बतौर शिक्षक कार्यरत थे।

घटना के बाद मचा हड़कंप — अस्पताल में भर्ती

सूत्रों के मुताबिक, जब शिक्षक राज नारायण तिवारी ने खुद को आग लगाई, तो स्कूल परिसर में अफरा-तफरी मच गई। साथी कर्मचारियों ने तुरंत उन्हें बुझाने की कोशिश की और गंभीर हालत में छपारा अस्पताल पहुँचाया गया। वहां से उन्हें तत्काल जिला अस्पताल सिवनी रेफर किया गया।

डॉक्टरों ने बताया कि फिलहाल उनकी हालत खतरे से बाहर है, लेकिन शरीर का बड़ा हिस्सा झुलस गया है।

भाई का आरोप – “प्राचार्य की प्रताड़ना से तंग आ चुके थे”

घायल शिक्षक के भाई आनंद नारायण तिवारी ने मीडिया को बताया कि उनके भाई को साल 2011-12 की जनगणना के दौरान उनके उत्कृष्ट कार्य के लिए भारत के राष्ट्रपति द्वारा सम्मानित किया गया था।

भाई के अनुसार, पिछले कुछ समय से राज नारायण तिवारी मानसिक रूप से काफी परेशान थे। उन्होंने कई बार बताया था कि स्कूल प्राचार्य लगातार उन्हें तंग कर रहे हैं और अनावश्यक बीएलओ ड्यूटी में लगाया जा रहा है।

प्रशासन हरकत में — नायब तहसीलदार ने दर्ज किए बयान

घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासन हरकत में आ गया। नायब तहसीलदार रामसेवक कोल स्वयं अस्पताल पहुंचे और घायल शिक्षक के बयान दर्ज किए।

वहीं, जनजातीय कार्य विभाग के सहायक आयुक्त लालजीराम मीणा ने कहा —

“बीएलओ की ड्यूटी लगाना या हटाना अनुविभागीय अधिकारी (एसडीओ) या कलेक्टर का अधिकार होता है। अगर किसी शिक्षक को दिक्कत थी, तो वह सीधे संबंधित अधिकारियों को बता सकते थे। फिलहाल मामले की जांच की जा रही है, और दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी।”

आदर्श शिक्षक से दर्दनाक कदम तक — सवालों के घेरे में है सिस्टम

एक समय में “राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त आदर्श शिक्षक” कहलाने वाले राज नारायण तिवारी का यह कदम पूरे जिले को झकझोर गया है। सवाल यह है कि यदि प्रशासन और शिक्षा विभाग समय रहते उनकी परेशानियों को सुन लेते, तो शायद आज यह हालात न बनते।

जनता में आक्रोश — “शिक्षकों को सम्मान चाहिए, मजबूरी नहीं”

घटना के बाद से सिवनी जिले के शिक्षकों में आक्रोश है। कई शिक्षकों ने सोशल मीडिया पर लिखा —

“शिक्षक समाज की रीढ़ हैं, अगर उन्हें ही लगातार दबाव और ड्यूटी के बोझ में झोंका जाएगा, तो यह किसी के भी साथ हो सकता है।”

एक सवाल पूरे सिस्टम से — क्या शिक्षक अब सुरक्षित हैं?

राज नारायण तिवारी का यह कदम सिर्फ एक व्यक्ति की पीड़ा नहीं, बल्कि पूरे शिक्षा तंत्र की गंभीर स्थिति को दर्शाता है। यह घटना अब प्रशासन के लिए जागने का संकेत है — ताकि भविष्य में कोई और शिक्षक अपनी आवाज उठाने के बजाय खुद को आग लगाने जैसा खौफनाक कदम न उठाए।

SEONI में चिट फंड घोटाला: आरोग्य धन वर्षा कंपनी के संचालकों को हुई 7 साल की सजा!

सिवनी जिले में “6 साल 3 माह में तीन गुना रकम लौटाने” का झांसा देकर लोगों की मेहनत की कमाई हड़पने वाली आरोग्य धन वर्षा डेवलपर्स एंड एलाइड लिमिटेड कंपनी के संचालकों और डायरेक्टरों को माननीय अपर सत्र न्यायाधीश श्री लक्ष्मण कुमार वर्मा ने सश्रम कारावास और भारी जुर्माने की सजा सुनाई है।

यह फैसला उन हजारों निवेशकों के लिए राहत की खबर लेकर आया है, जिन्होंने कभी इस कंपनी पर भरोसा करके अपनी जमा पूंजी इसमें लगा दी थी।

कोर्ट ने क्या कहा — सुनाया गया सख्त फैसला

माननीय न्यायालय ने अभियुक्तगणों —

  1. रघुवीर सिंह राठौर (50 वर्ष) निवासी गावडी देवसी, थाना भाटपचलाना, उज्जैन
  2. धर्मेंद्र सिंह सोनगार (45 वर्ष) निवासी शिक्षक कॉलोनी, बड़नगर, उज्जैन
  3. राजेंद्र सिंह सिसोदिया (48 वर्ष) निवासी जमुनिया शंकर, थाना बरखेड़ा, रतलाम
  4. जगदीशचंद्र व्यास (47 वर्ष) निवासी कराडिया, थाना बरखेड़ा, रतलाम

को निम्न धाराओं में दोषी पाया —

  • धारा 420/34 भा.द.वि. – 7 वर्ष का सश्रम कारावास एवं ₹10,000 अर्थदंड
  • धारा 406/34 भा.द.वि. – 3 वर्ष का सश्रम कारावास एवं ₹1,000 अर्थदंड
  • धारा 3, म.प्र. निक्षेपकों के हितों का संरक्षण अधिनियम 2000 – 3 माह का सश्रम कारावास एवं ₹1,000 अर्थदंड
  • धारा 6, म.प्र. निक्षेपकों के हितों का संरक्षण अधिनियम 2000 – 6 वर्ष का सश्रम कारावास एवं ₹50,000 अर्थदंड

कैसे हुआ घोटाला: तीन गुना रकम लौटाने का सपना बना धोखा

फरियादी सुनील पिता दफेलाल ठाकुरिया ने 25 जनवरी 2011 को पुलिस अधीक्षक, सिवनी को शिकायत दर्ज कराई थी कि

“आरोग्य धन वर्षा डेवलपर्स एंड एलाइड लिमिटेड, ज्यारत नाका सिवनी” नामक कंपनी के संचालकों ने निवेशकों को “6 साल 3 माह में तीन गुना राशि लौटाने” की स्कीम दिखाई थी।

उनके पिता दफेलाल ठाकुरिया ने ₹1,03,000 और चाचा जेठूलाल ने ₹98,300 कंपनी के कार्यालय में जमा किए थे। तय समय के बाद जब पैसे वापस मांगने गए तो कंपनी का दफ्तर बंद मिला और संचालक फरार हो गए।

एजेंटों से बार-बार संपर्क करने पर भी सिर्फ आश्वासन मिला — “आज मिलेगा, कल मिलेगा…”पर आखिरकार राशि कभी वापस नहीं मिली।

⚖️ पुलिस जांच और अभियोजन की कार्यवाही

शिकायत के बाद थाना कोतवाली सिवनी में अपराध क्र. 482/17 दर्ज किया गया, जिसमें धारा 420, 406 के तहत मामला दर्ज हुआ।

पूरी विवेचना के बाद अभियुक्तों के खिलाफ आरोप पत्र तैयार कर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सिवनी न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।

शासन की ओर से विशेष लोक अभियोजक श्री नवल किशोर सिंह ने प्रभावी पैरवी करते हुए ठोस साक्ष्य पेश किए, जिन्हें माननीय न्यायालय ने स्वीकार किया और सभी आरोपियों को दोषी ठहराया।

जनता में खुशी, निवेशकों को मिला न्याय

इस फैसले से सैकड़ों निवेशकों में खुशी की लहर है। वर्षों से न्याय की राह देख रहे लोगों ने राहत की सांस ली।

कई लोगों का कहना है कि “अगर ऐसे धोखेबाजों को समय पर सजा मिलती रहे, तो कोई भी गरीब की गाढ़ी कमाई से खिलवाड़ करने की हिम्मत नहीं करेगा।”

निवेशकों के लिए सबक

यह मामला उन सभी लोगों के लिए सबक है जो “कम समय में ज्यादा मुनाफे” के लालच में बिना सोचे-समझे निवेश कर बैठते हैं।

ऐसी कंपनियों के मीठे वादों से बचें, और किसी भी निवेश से पहले उसके रजिस्ट्रेशन, लाइसेंस और सरकारी मान्यता की पूरी जांच करें।

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सिवनी: छा गया बरघाट का लाल! राज्य स्तर पर मारी बाजी, राष्ट्रीय वेटलिफ्टिंग में अरुणाचल प्रदेश जाएंगे विशाल

Seoni News: सिवनी। मेहनत, संघर्ष और लगन अगर सच्ची हो, तो छोटे से गांव का बेटा भी देश का नाम रोशन कर सकता है। ऐसा ही कर दिखाया है लालपुर गांव के विशाल चिंदीबुरे ने, जिन्होंने राज्य स्तरीय वेटलिफ्टिंग प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतकर अब अरुणाचल प्रदेश में होने वाली राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए मध्य प्रदेश का प्रतिनिधित्व करने का गौरव हासिल किया है।

इंदौर में हुई राज्य स्तरीय प्रतियोगिता

1 सितंबर तक इंदौर में आयोजित शालेय राज्य स्तरीय वेटलिफ्टिंग प्रतियोगिता में जबलपुर संभाग की टीम ने शानदार प्रदर्शन किया। इस टीम के कोच की जिम्मेदारी धारना विद्यालय के पीटीआई संदीप मिश्रा को सौंपी गई थी। मिश्रा ने बताया कि बालिका 19 वर्ष और बालक 17 वर्ष वर्ग में जबलपुर संभाग ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जिसमें धारना विद्यालय के खिलाड़ियों का विशेष योगदान रहा।

धारना विद्यालय के खिलाड़ियों ने दिखाया दम

विद्यालय के अरुण सौरले, दैविक ठाकरे, और अभय दादरे ने अपने-अपने भार वर्ग में कांस्य पदक जीतकर विद्यालय और जिले का नाम रोशन किया। वहीं 17 वर्ष बालक वर्ग में विशाल चिंदीबुरे ने 56 किलो भार वर्ग में इंदौर और भोपाल के मजबूत वेटलिफ्टरों को पछाड़ते हुए पहला स्थान प्राप्त किया।

अब राष्ट्रीय स्तर पर चमकेगा विशाल का नाम

विशाल के इस प्रदर्शन ने उन्हें अरुणाचल प्रदेश में दिसंबर माह में होने वाली राष्ट्रीय वेटलिफ्टिंग प्रतियोगिता के लिए क्वालिफाई करा दिया है। अब वह मध्य प्रदेश की ओर से राष्ट्रीय स्तर पर अपनी ताकत दिखाने उतरेंगे।

किसान परिवार से आया यह “वेटलिफ्टिंग स्टार”

विशाल चिंदीबुरे का जन्म सिवनी जिले के छोटे से गांव लालपुर में हुआ है। उनके पिता खेती करते हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद विशाल ने अपने जज्बे, अनुशासन और कड़ी मेहनत से यह मुकाम हासिल किया है।

धारना विद्यालय बना वेटलिफ्टिंग का गढ़

इस प्रतियोगिता में धारना विद्यालय के प्रिंस रॉगडाले और रत्ना बकोड़े ने ऑफिशियल के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। ज्ञात हो कि जबलपुर संभाग में सबसे अधिक राष्ट्रीय खिलाड़ी धारना विद्यालय से ही निकलते हैं, जहां अब तक 26 खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर पर भाग ले चुके हैं। इसके पीछे कोच संदीप मिश्रा का अथक परिश्रम और मार्गदर्शन प्रमुख कारण है।

बधाइयों की लगी झड़ी

विशाल की सफलता पर जिला शिक्षा अधिकारी एस.एस. कुमरे, जिला खेल अधिकारी जस्सी थॉमस, प्राचार्य ज्योति श्रीवास्तव, मनु धुर्वे, बापू राउत, प्रेम श्रीवास्तव, आशीष दीक्षित, सुनील मर्सकोले, कैलाश चाकोले, मेहरून निशा खान, मीनाक्षी मेश्राम, नारायण बिसेन, योगेश पाठक, तथा ग्रामवासी और गुरुजन ने उन्हें हार्दिक शुभकामनाएं दीं और उनके उज्जवल भविष्य की कामना की।

“लालपुर का लाल” — संघर्ष से सफलता तक

विशाल की यह कहानी सिर्फ खेल की जीत नहीं, बल्कि एक गांव के सपनों की उड़ान है। खेतों की मिट्टी में पले इस खिलाड़ी ने साबित किया है कि अगर इरादे बुलंद हों, तो मंज़िल चाहे कितनी भी ऊंची क्यों न हो, हासिल की जा सकती है।

धारना विद्यालय और संदीप मिश्रा जैसे समर्पित कोचों की वजह से जबलपुर संभाग मध्य प्रदेश में वेटलिफ्टिंग का हब बनता जा रहा है। अब उम्मीद है कि राष्ट्रीय स्तर पर विशाल चिंदीबुरे मध्य प्रदेश का झंडा फहराएंगे और भारत को नया वेटलिफ्टिंग चैंपियन देंगे।

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इतिहास रच दिया! भारत की बेटियों ने जीता पहला वर्ल्ड कप, BCCI ने लुटाया प्यार – 51 करोड़ का इनाम, सोशल मीडिया पर छाई हरमनप्रीत सेना!

मुंबई के डॉ. डी.वाई. पाटिल स्टेडियम में रविवार की रात भारतीय महिला क्रिकेट इतिहास का सबसे सुनहरा अध्याय लिखा गया। हरमनप्रीत कौर की अगुवाई में भारत की महिला क्रिकेट टीम ने पहली बार ICC महिला वनडे वर्ल्ड कप 2025 का खिताब जीतकर देश का सिर गर्व से ऊँचा कर दिया।

टीम इंडिया ने फाइनल में साउथ अफ्रीका को 52 रनों से हराकर वह करिश्मा कर दिखाया, जिसका इंतज़ार देश 2005 और 2017 से कर रहा था

BCCI ने बरसाए करोड़ों – 51 करोड़ का ऐतिहासिक इनाम

इस ऐतिहासिक जीत के बाद भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने महिला खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ के लिए ₹51 करोड़ रुपये का इनाम घोषित किया है।
BCCI सचिव देवजीत सैकिया ने इस मौके पर कहा –

“यह सिर्फ एक जीत नहीं, बल्कि भारतीय महिला क्रिकेट के नए युग की शुरुआत है। यह पल हमेशा याद रखा जाएगा।”

BCCI के इस फैसले के बाद सोशल मीडिया पर प्रशंसकों का जोश देखते ही बन रहा है। हरमनप्रीत कौर की कप्तानी और टीम की जज़्बे को पूरा देश सलाम कर रहा है।

हरमनप्रीत की कप्तानी में शफाली-दीप्ति का जलवा

फाइनल मुकाबले में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 298/7 का मजबूत स्कोर बनाया।
स्मृति मंधाना (45) और शफाली वर्मा (87) ने शानदार 100 रनों की ओपनिंग पार्टनरशिप कर टीम को मज़बूत शुरुआत दी।
वहीं, दीप्ति शर्मा ने न सिर्फ 58 रन बनाए बल्कि गेंदबाज़ी में कमाल करते हुए 5 विकेट झटके और साउथ अफ्रीका की बल्लेबाज़ी को ध्वस्त कर दिया।

दूसरी ओर, साउथ अफ्रीका ने भी शुरुआत में मजबूती दिखाई, लेकिन शफाली वर्मा की गेंदबाज़ी ने सून लूस और मरिज़ाने कैप जैसे अहम विकेट झटककर मुकाबले को भारत की झोली में डाल दिया।
आख़िरकार, साउथ अफ्रीका की टीम 45.3 ओवर में 246 रन पर ऑल आउट हो गई।

1983 की यादें ताज़ा – महिला टीम ने बदला भारतीय क्रिकेट का इतिहास

IPL चेयरमैन अरुण धूमल ने इस जीत की तुलना 1983 पुरुष वर्ल्ड कप से करते हुए कहा –

“यह भारतीय महिला क्रिकेट के लिए वही पल है, जैसा 1983 में पुरुष टीम के लिए था। यह जीत आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देगी।”

भारत की यह जीत न सिर्फ क्रिकेट बल्कि देश में महिला सशक्तिकरण का प्रतीक बन चुकी है। हर जगह महिला खिलाड़ियों की हौसला-अफज़ाई हो रही है।

ICC ने बढ़ाई प्राइज मनी, अब पुरुषों के बराबर सम्मान

ICC (अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद) ने इस बार महिला वर्ल्ड कप की प्राइज मनी को ₹116 करोड़ तक बढ़ाया, जो अब तक की सबसे बड़ी रकम है।
भारत को विजेता बनने पर ₹37.3 करोड़ रुपये की इनामी राशि मिली — जो 2022 के मुकाबले 239% अधिक है।
इस बार पहली बार पुरुष और महिला वर्ल्ड कप की इनामी राशि समान रखी गई है — जो क्रिकेट में जेंडर इक्वैलिटी की दिशा में ऐतिहासिक कदम है।

भारत की बेटियाँ – नए युग की शुरुआत

यह जीत सिर्फ एक ट्रॉफी नहीं, बल्कि भारत की महिला क्रिकेट क्रांति की शुरुआत है।
हरमनप्रीत कौर की टीम ने दिखा दिया कि जब हौसले बुलंद हों, तो कोई भी मंज़िल नामुमकिन नहीं होती।

देशभर में अब सिर्फ एक ही नारा गूंज रहा है –
“हरमन की सेना – भारत की शान!”

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मध्यप्रदेश @2047: ‘नव विकास का रोडमैप’, CM डॉ. मोहन यादव ने रखी आत्मनिर्भर MP की नींव – उज्जैन एयरपोर्ट से लेकर ई-सेवा पोर्टल तक, बदल जाएगा ‘मध्यप्रदेश का भविष्य’

भोपाल। मध्यप्रदेश के 70वें स्थापना दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए “विकसित मध्यप्रदेश @2047 विजन डॉक्यूमेंट” का विमोचन किया।

यह डॉक्यूमेंट सिर्फ एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि जन-जन के सुझावों, सपनों और संकल्पों से बुना गया एक नया विजन है, जो आने वाले 25 वर्षों में “आत्मनिर्भर और सशक्त मध्यप्रदेश” का खाका पेश करता है।

मुख्यमंत्री ने रवीन्द्र भवन में आयोजित “अभ्युदय मध्यप्रदेश” समारोह में कहा –

“हम आज सिर्फ मध्यप्रदेश के गौरव का उत्सव नहीं मना रहे, बल्कि आने वाले 25 वर्षों के विकासकाल की नींव भी रख रहे हैं।”

🌍 ‘विकसित भारत @2047’ के संकल्प को साकार करेगा मध्यप्रदेश

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के सपने को मूर्त रूप देने के लिए यह विजन डॉक्यूमेंट अग्रणी भूमिका निभाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह डॉक्यूमेंट हर जिले और पंचायत से प्राप्त सुझावों पर आधारित है, जो यह साबित करता है कि “विकास अब केवल सरकार का नहीं, जन-जन का अभियान है।

🛫 उज्जैन एयरपोर्ट का विकास – धार्मिक पर्यटन को नई उड़ान

कार्यक्रम में उज्जैन हवाई अड्डे के विकास अनुबंध पर हस्ताक्षर हुए।
केन्द्रीय मंत्री श्री राममोहन नायडू की उपस्थिति में हुए इस अनुबंध के साथ, प्रदेश को सिर्फ दो साल में चौथा एयरपोर्ट मिलने जा रहा है।
इससे महाकाल नगरी उज्जैन आने वाले श्रद्धालुओं को बड़ी सुविधा मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा,

“अब मध्यप्रदेश में 9 एयरपोर्ट होंगे — यह प्रदेश को हवाई संपर्क के नए युग में ले जाएगा।”

💻 ई-सेवा पोर्टल और इन्वेस्ट एमपी 3.0 – एक क्लिक में पूरी सरकार

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ‘एमपी ई-सेवा पोर्टल’, ‘इन्वेस्ट एमपी 3.0 पोर्टल’ और ‘वॉश ऑन व्हील्स’ मोबाइल ऐप का भी शुभारंभ किया।
इन सेवाओं से सरकार अब “एक स्क्रीन पर, जनता के बीच” होगी।
अब नागरिकों को 500 से अधिक सरकारी सेवाएं ऑनलाइन, सरल और पारदर्शी तरीके से मिल सकेंगी

💼 रोजगार और निवेश के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धि

डॉ. यादव ने घोषणा की कि आने वाले 3 वर्षों में 2 लाख शासकीय नौकरियां दी जाएंगी।
प्रदेश में 30 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए, जिनमें से 8.44 लाख करोड़ रुपये के प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है।
इनसे 6 लाख से अधिक रोजगार अवसर सृजित होंगे।

“मध्यप्रदेश अब निवेश और रोजगार का हब बनकर उभर रहा है,” – मुख्यमंत्री ने कहा।

🌱 कृषि, उद्योग और पर्यटन – आत्मनिर्भर एमपी के तीन स्तंभ

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार कृषि, उद्योग, और पर्यटन को आत्मनिर्भरता के तीन मजबूत स्तंभों के रूप में विकसित कर रही है।
नदी जोड़ो अभियान” और “सोलर सिंचाई पंप” जैसी योजनाएं किसानों की आय बढ़ाने में सहायक होंगी।
साथ ही, वन्यजीव पर्यटन, एयर एम्बुलेंस सेवा, और रेल कनेक्टिविटी विस्तार जैसी पहलों से ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में विकास की गति बढ़ेगी।

🏞️ ओंकारेश्वर अभयारण्य की घोषणा

मुख्यमंत्री ने ओंकारेश्वर अभयारण्य विकसित करने की घोषणा की, जिसमें खण्डवा और देवास जिलों के क्षेत्र शामिल होंगे।
यह प्रदेश में इको-टूरिज्म और वन्यजीव संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

🧠 नीति आयोग की सराहना – “देश का दिल है मध्यप्रदेश”

नीति आयोग के उपाध्यक्ष डॉ. सुमन के. बेरी ने कहा –

“मध्यप्रदेश न केवल भौगोलिक रूप से, बल्कि जैव विविधता और प्राकृतिक संसाधनों की दृष्टि से भी देश का दिल है।
यह विजन डॉक्यूमेंट प्रधानमंत्री मोदी के विकसित भारत 2047 के लक्ष्यों के अनुरूप है।”

🏛️ सुख, समृद्धि और सुसंस्कृति – विकसित एमपी के तीन स्तंभ

मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन ने कहा कि विकसित मध्यप्रदेश के तीन मुख्य स्तंभ होंगे —

  1. सुख (Happiness)
  2. समृद्धि (Prosperity)
  3. सुसंस्कृति (Culture)

प्रदेश में 97% किसानों की डिजिटल रजिस्ट्री पूरी हो चुकी है और आने वाले समय में तीन AI सिटी स्थापित की जाएंगी।

डॉ. मोहन यादव ने कहा —

“यह विजन डॉक्यूमेंट केवल सरकार की योजना नहीं, बल्कि हर नागरिक का सपना है।
हम सब मिलकर ‘विकसित और आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश’ का निर्माण करेंगे, जो भारत के विकसित भविष्य की धड़कन बनेगा।”

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मध्यप्रदेश ने रचा नया इतिहास: विकास, सुशासन और संस्कृति के संग बढ़ा ‘अभ्युदय’ की ओर – जानिए क्या बोले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

भोपाल। मध्यप्रदेश के 70वें स्थापना दिवस पर राजधानी के लाल परेड ग्राउंड में उस वक्त ऐतिहासिक माहौल बन गया जब मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने “अभ्युदय मध्यप्रदेश” नामक प्रदर्शनी का शुभारंभ किया। यह प्रदर्शनी प्रदेश की गौरवशाली संस्कृति, समृद्ध विरासत और विकसित भविष्य की झलक को एक साथ दर्शाती है।

मुख्यमंत्री ने कहा, “हमारा मध्यप्रदेश प्राचीन काल से ही समृद्ध रहा है। यहां की संस्कृति, शिल्प कला, ऐतिहासिक चरित्र और विरासत को देखकर गर्व की अनुभूति होती है। बीते दो दशकों में विकास और जनकल्याण की गतिविधियों ने राज्य को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है।”

उन्होंने आगे कहा कि “विकसित मध्यप्रदेश 2047” का लक्ष्य केवल शासन की योजना नहीं, बल्कि हर नागरिक का सामूहिक संकल्प है। इसमें हर गांव, हर शहर और हर व्यक्ति की भागीदारी होगी।

🌿 अभ्युदय मध्यप्रदेश: विरासत और भविष्य का संगम

अभ्युदय मध्यप्रदेश” प्रदर्शनी में प्रदेश के वैभवशाली अतीत और उज्जवल भविष्य को चित्रों और छायाचित्रों के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है।
प्रदर्शनी में शामिल प्रमुख आकर्षण हैं —

  • विकसित मध्यप्रदेश 2047 की दृष्टि,
  • मध्यप्रदेश के गौरव को दर्शाने वाले चित्र,
  • विक्रमादित्य और अयोध्या से जुड़ी ऐतिहासिक झलकियां,
  • विक्रमादित्य की मुद्राएं और सिक्के,
  • आर्ष भारत के पुरातन संदर्भ,
  • मध्यप्रदेश की बावड़ियां,
  • प्रदेश की पारंपरिक कला,
  • विरासत से विकास तक की यात्रा,
  • और प्रदेश के मंदिर-देवलोक

💃 पारंपरिक नृत्य से हुआ स्वागत, कलाकारों ने किया मंत्रमुग्ध

मुख्यमंत्री डॉ. यादव का जब लाल परेड ग्राउंड पहुंचने पर आगमन हुआ, तो युवक-युवतियों ने पारंपरिक नृत्य के माध्यम से उनका भव्य स्वागत किया।
मुख्यमंत्री ने कलाकारों से संवाद करते हुए कहा, “आप सभी हमारी संस्कृति के जीवंत प्रतीक हैं। आपकी कला ही वह सेतु है जो अतीत को भविष्य से जोड़ती है।”

प्रदेश के विभिन्न अंचलों से आए कलाकारों ने मुख्यमंत्री को अपनी परंपराओं के अनुसार अभिवादन किया और मंच पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।

🌟 विकसित मध्यप्रदेश 2047: जनभागीदारी से बनेगा नया इतिहास

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मीडिया से चर्चा के दौरान कहा कि आने वाला समय सामूहिक परिश्रम, नवाचार और संकल्प का होगा।
उन्होंने स्पष्ट कहा — “विकसित मध्यप्रदेश 2047 कोई सरकारी योजना नहीं, बल्कि यह हर नागरिक का सपना और संकल्प है। जब हर व्यक्ति अपनी जिम्मेदारी निभाएगा, तब हमारा प्रदेश न सिर्फ देश बल्कि पूरी दुनिया में एक आदर्श राज्य के रूप में उभरेगा।”

🏛️ मध्यप्रदेश: जहां परंपरा और प्रगति साथ चलते हैं

आज का मध्यप्रदेश सिर्फ विकास की दौड़ में नहीं है, बल्कि वह अपनी संस्कृति और सुशासन को साथ लेकर आगे बढ़ रहा है।
अभ्युदय मध्यप्रदेश” प्रदर्शनी इस बात का प्रमाण है कि यह राज्य इतिहास, कला, विरासत और नवाचार — इन सभी को एक सूत्र में पिरोए हुए है।

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सिवनी: विशेष गहन पुनरीक्षण-2025 के अंतर्गत केवलारी में बीएलओ सुपरवाइजरों का प्रशिक्षण आयोजित

सिवनी: भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार विशेष गहन पुनरीक्षण- 2025 के अंतर्गत शुक्रवार को केवलारी विधानसभा क्षेत्र में बीएलओ सुपरवाइजरों का प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में अपर कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी श्री सी.एल. चनाप मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। प्रशिक्षण में एसडीएम श्री महेश अग्रवाल भी उपस्थित रहे।

अपर कलेक्टर श्री चनाप ने प्रशिक्षण सत्र में कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण का उद्देश्य जिले की मतदाता सूची को अद्यतन, त्रुटिरहित और पारदर्शी बनाना है। उन्होंने उपस्थित बीएलओ सुपरवाइजरों को निर्देशित किया कि वे आयोग के निर्देशों का अक्षरशः पालन करें और प्रत्येक पात्र मतदाता का नाम सूची में शामिल करना सुनिश्चित करें।

उन्होंने कहा कि बीएलओ अपने क्षेत्र में घर-घर जाकर गणना पत्रक भरें, मृतक अथवा स्थानांतरित मतदाताओं के नामों को चिन्हित कर हटाने की प्रक्रिया सावधानीपूर्वक करें तथा दावा-आपत्ति की अवधि में प्राप्त आवेदनों का निपटान समयसीमा में करें।

अपर कलेक्टर श्री चनाप ने बताया कि आयोग द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार बीएलओ 4 नवम्बर से 4 दिसम्बर 2025 तक घर-घर जाकर गणना पत्रक भरेंगे, 9 दिसम्बर 2025 को प्रारूप मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी तथा 7 फरवरी 2026 को अंतिम मतदाता सूची जारी की जाएगी। प्रशिक्षण कार्यक्रम में तहसील एवं निर्वाचन शाखा के अधिकारी, कर्मचारी तथा बीएलओ सुपरवाइजर बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।