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SEONI में गिफ्ट अ डेस्क मुहिम में सक्रिय जनभागीदारी से घंसौर एवं धनौरा के शतप्रतिशत प्राथामिक शालाओं में पहुंची डेस्‍क बेंच

सिवनी: जिले के शासकीय प्राथमिक विद्यालयों में बच्चों के लिए बैठने की सुगम सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा जनभागीदारी से ‘गिफ्ट अ डेस्क’ मुहिम संचालित की जा रही है। इस मुहिम के माध्यम से प्राथमिक शालाओं में डेस्क-बेंच की उपलब्‍ध कराकर शिक्षण वातावरण को मजबूत बनाना इसका प्रमुख लक्ष्य है। समाज, जनप्रतिनिधियों, संस्थाओं एवं प्रशासन के सहयोग से यह अभियान लगातार प्रभावी परिणाम दे रहा है।

इसी क्रम में प्राथमिक शालाओं के लिए निर्धारित लक्ष्यों की पूर्ति में घंसौर विकासखण्ड ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए 2819 डेस्क-बेंच का लक्ष्य शत-प्रतिशत पूरा कर प्रथम स्थान हासिल किया है।दानदाताओं के सहयोग से घंसौर के 196 प्राथमिक विद्यालयों में डेस्क-बेंच की पर्याप्त उपलब्धता से बच्चों को अब और बेहतर तथा सुसंगठित शिक्षण वातावरण प्राप्त होगा।

दूसरी ओर, धनौरा विकासखण्ड ने भी 1229 डेस्क-बेंच का लक्ष्य पूरा हुआ है। गिफ्ट अ डेस्क अभियान में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की है। दानदाताओं के सहयोग से धनौरा क्षेत्र के 95 प्राथमिक शासकीय विद्यालयों में डेस्‍क बेंच की उपलब्‍धता सुनिश्चित हुई है।

‘गिफ्ट अ डेस्क’ मुहिम के सकारात्मक परिणामों से जिले में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के प्रति नई ऊर्जा और उत्साह का संचार हुआ है। उल्‍लेखनीय है कि जिला प्रशासन द्वारा जिले के 1367 शासकीय प्राथमिक विद्यालयों में जनसहयोग से 20 हजार 348 डेस्‍क उपलब्‍ध कराने के लक्ष्‍य को लेकर गिफ्ट अ डेस्‍क मुहिम चलाई जा रही है। जिसमें सक्रिय जनभागिदारी से 15 हजार 102 डेस्‍क स्‍कूलोंमें उपलब्‍ध हो चुकी हैं। वहीं लगातार दानदाताओं से सहयोग प्राप्‍त हो रहा है।

सिवनी में धान खरीदी पर बड़ा घमासान! 41 फाइलें–26 केंद्र… अब किस महिला समूह का कटेगा पत्ता?

सिवनी/ बरघाट/भोपाल। (एस. शुक्ला.) जिले में धान खरीदी को लेकर इस बार हालात बेहद उलझ गए हैं। महिलाओं के स्व-सहायता समूहों (SHGs) द्वारा जमा की गई 41 फाइलें अब सिर्फ 26 बचे हुए उपार्जन केंद्रों पर अटक गई हैं। जिला स्तर से लेकर भोपाल स्थित खाद्य संचालनालय तक पूरा सिस्टम इस पेच में फंसा हुआ है कि किस समूह को मौका मिले और किसे बाहर का रास्ता दिखाया जाए!

स्थिति इतनी गंभीर है कि विभागीय दफ्तरों में पूरे दिन “किस-किस की फाइल ड्रॉप डाउन में आएगी?” इसका ही गुणा-भाग चलता रहा। सूत्र बताते हैं कि खाद्य संचालनालय भोपाल ने स्पष्ट आदेश दिए हैं— ➡️ जितने केंद्र, केवल उतनी ही फाइलें स्वीकृत होंगी। ऐसे में 41 फाइलें और 26 केंद्रों के बीच अब बड़ा टकराव सामने आ गया है।

महिला समूहों में बेचैनी: “कौन रहेगा अंदर, कौन होगा बाहर?”

SHG की 41 फाइलें जमा हैं, पर धान खरीदी के लिए अंतिम आवंटन 26 केंद्रों तक सीमित है।
अब सवाल ये है कि—
👉 15 समूहों को बाहर कौन करेगा?
👉 किस आधार पर चयन होगा?

सूत्र बताते हैं कि विभाग ने पुराने रिकॉर्ड खोलने शुरू कर दिए हैं।
जिन समूहों पर—

  • पिछले वर्षों की खरीदी में अनियमितताओं के आरोप हैं,
  • सार्टेज की वसूली बाकी है,
  • या कार्यप्रणाली को लेकर विवाद हुए हैं…

उन्हें इस बार सबसे पहले लिस्ट से बाहर किया जा सकता है।

नए समूहों की एंट्री ने भी संकट बढ़ा दिया है—अब विभाग को पुराने और नए समूहों में संतुलन बनाना मुश्किल हो रहा है।

बरघाट विकासखंड बनेगा ‘हॉट स्पॉट’, बढ़ सकती है राजनीति

जिले में कुल करीब 60 उपार्जन केंद्र पहले से स्थापित हैं, जिनमें महिलाओं को लगभग 25–30 केंद्र मिलने की संभावना है।

लेकिन असली ड्रामा बरघाट विकासखंड में होना तय माना जा रहा है—

  • यहाँ 14–15 केंद्र मौजूद हैं
  • जबकि 12 महिला समूह पहले ही आवेदन भेज चुके हैं
  • सभी फाइलें भोपाल तक पहुंच चुकी हैं

सबसे बड़ा पेंच यह है कि अगर बरघाट के केंद्रों पर जिले के अन्य ब्लॉकों के समूहों को मौका मिला, तो बड़ा विवाद खड़ा हो सकता है।
पिछली खरीदी में ऐसा हो चुका है, और इस बार समूहों ने क्षेत्रीय विधायक से भी गुहार लगाई है कि “हमारे केंद्र हमीं को मिले!”

कुरई, केवलारी और लखनादौन में मिलाकर सिर्फ 13–14 केंद्र ही खाली हैं।
ऐसे में राजनीतिक दबाव, क्षेत्रीय समीकरण और समूहों की लॉबी खुलकर सामने आने के संकेत हैं।

रिकॉर्ड की बारीकी से जांच—ड्रॉप डाउन लिस्ट पर टिकी निगाहें

खाद्य संचालनालय ने आदेश जारी करते हुए स्पष्ट कहा है कि—
➡️ जिन केंद्रों की संख्या तय है, केवल उतने ही समूह चुने जाएंगे।

अब जिला व ब्लॉक स्तर पर पहले किए गए धान-गेहूं उपार्जन की—

  • जांच,
  • रिकॉर्ड वेरिफिकेशन,
  • अनियमितता फ़ाइलें,
  • सार्टेज रिकवरी लिस्ट

सब कुछ तेजी से खंगाला जा रहा है।

सबसे अहम बात—
👉 ड्रॉप डाउन लिस्ट गोपनीय रखी जा रही है।
👉 लिस्ट भोपाल जाएगी, तभी पता चलेगा कि किसका नाम अंदर है और किसका बाहर।

सूत्रों के अनुसार, कई समूहों ने तो अब भोपाल की दौड़ शुरू भी कर दी है ताकि उनका नाम सूची में सुरक्षित रहे।

अब इंतजार केवल ‘ड्रॉप डाउन लिस्ट’ का

जिले में धान खरीदी की तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं।
01 दिसंबर से खरीदी शुरू होने के लगभग पक्के संकेत हैं।

ऐसे में समूहों को आवंटित होने वाले केंद्रों की अंतिम सूची अब सबसे बड़ा सवाल है।
किसी 15 समूहों का सपना टूटेगा—और 26 समूहों का नया सफर शुरू होगा…

पूरा जिला इसी इंतज़ार में है कि—
👉 ड्रॉप डाउन में आखिर किसका नाम आएगा?
👉 किसे धान खरीदी का अधिकार मिलेगा?
👉 और किसे आखिरी समय पर बाहर का रास्ता दिखा दिया जाएगा?

आने वाला समय इन सभी सवालों पर से पर्दा उठाएगा।

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सिवनी में शादी का DJ बना रणभूमि: रिश्तेदारों के बीच जमकर मारपीट, बारात की खुशियां मातम में बदलीं; नागपुर रेफर

SEONI। शादी—जिसे आनंद, उमंग और उत्सव का प्रतीक माना जाता है—वहीं कभी-कभी छोटी-सी बहस बड़े बवाल का रूप ले लेती है। आजकल शादी-ब्याह में DJ और डांस का इतना क्रेज बढ़ गया है कि हर कार्यक्रम में यह मुख्य आकर्षण बन चुका है। लेकिन यही DJ जब विवाद की वजह बन जाए, तो माहौल खुशियों से गम में बदल जाता है।

कुछ ऐसा ही मामला सोमवार की रात सिवनी के राजशशि लॉन में आयोजित प्रजापति परिवार के शादी समारोह में देखने को मिला, जहां मनपसंद गाना बजाने को लेकर युवाओं के बीच जमकर विवाद हो गया। देर रात करीब 11:30 बजे शुरू हुआ यह झगड़ा कुछ ही मिनटों में बेकाबू हो गया और शादी की रौनक अचानक दहशत में बदल गई।

DJ पर ‘मनपसंद गाना’ लगाने का विवाद मारपीट में बदल गया

बारात के लगने के दौरान लड़की पक्ष के आशु प्रजापति और जमुनिया करहैया गांव से आए कुछ युवकों के बीच पहले मामूली बहस हुई। मामला सिर्फ इतना था कि किसका मनपसंद गाना DJ पर चलेगा।

लेकिन देखते ही देखते यह बहस इतनी बढ़ गई कि दोनों पक्ष मारपीट पर उतर आए। लॉन परिसर में रखे लोहे के पाइप, प्लास्टिक पाइप और अन्य सामान उठाकर एक-दूसरे पर ताबड़तोड़ हमला किया गया। इस खूनी झगड़े में आशु प्रजापति और दूसरे पक्ष के अनिल प्रजापति गंभीर रूप से घायल हो गए।

पुलिस पहुंची तो सामने आया ‘रिश्तेदारों का संग्राम’

झगड़े की सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। थाना प्रभारी सतीश तिवारी के अनुसार दोनों पक्ष एक-दूसरे के रिश्तेदार हैं—कोई चाचा-भतीजा, कोई काका-बाबा के लड़के। यानी पूरा मामला ‘घर की शादी में घरवालों का संग्राम’ जैसा प्रतीत हुआ।

दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर हमला करने की रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस ने आशु प्रजापति, अनिल प्रजापति, अभिषेक प्रजापति, राजू प्रजापति, देवेश प्रजापति, मोनू प्रजापति, शक्ति प्रजापति सहित अन्य लोगों पर धारा 296(6), 115(2), 118(1), 351(2), 3(5) BNS के तहत मामला दर्ज किया है। फिलहाल घायल आशु प्रजापति और अनिल प्रजापति का जिला अस्पताल सिवनी में उपचार जारी था जिनकी गंभीर हालत देखते हुए उन्हें नागपुर रेफेर कर दिया गया है।

परिवार को गहरा पछतावा, पुलिस जांच में जुटी

शादी के माहौल में हुए इस विवाद से दोनों परिवारों में निराशा फैल गई है। रिश्तेदारों के बीच हुए इस झगड़े ने खुशियों को गम में बदल दिया। पुलिस अब मामले की जांच कर रही है और जल्द ही वास्तविक कारणों का खुलासा होने की उम्मीद है।

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MP WEATHER: मध्य प्रदेश में शुरुआती सर्दी का प्रकोप शुरू; भोपाल, इंदौर, जबलपुर में रातें कड़ाके की ठंड से

भोपाल (मध्य प्रदेश): मध्य प्रदेश में भीषण शीतलहर चल रही है, क्योंकि तापमान में भारी गिरावट आई है, खासकर रात के समय। कई शहरों में पारा 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे गिर गया है, जिससे सर्दी का मौसम जल्दी आ गया है।

  • भोपाल : कई दिनों से रात का तापमान 8-10 डिग्री सेल्सियस के आसपास गिर गया है।
  • इंदौर : शहर में नवंबर की सबसे ठंडी रात दर्ज की गई, जिसमें तापमान लगभग 12 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया।
  • जबलपुर और ग्वालियर : इन शहरों में भी ठंड का अहसास हो रहा है, कुछ क्षेत्रों में रात का न्यूनतम तापमान 9-10 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच गया है।

मौसम विज्ञानियों का कहना है कि ठंडी उत्तरी हवाएं मध्य भारत में ठंड बढ़ा रही हैं, जिससे राज्य भर में रातें और भी ठंडी हो रही हैं। मध्य प्रदेश में भोपाल, इंदौर, उज्जैन और जबलपुर सहित 20 से अधिक जिलों के लिए शीतलहर की चेतावनी जारी की गई है। अगले कुछ दिनों तक ठंड जारी रहने की संभावना है, विशेषकर रात में।

मौसम अधिकतर साफ और शुष्क रहने की उम्मीद है, तथा कोई बड़ी बारिश होने की संभावना नहीं है। कम तापमान के कारण कुछ स्थानों पर सुबह कोहरा या पाला पड़ सकता है।

लोगों के लिए सलाह

लोगों को गर्म कपड़े पहनने की सलाह दी जाती है, विशेषकर सुबह और देर रात के समय। जब भी संभव हो, सबसे ठण्डे घंटों में घर के अंदर रहें। स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से ग्रस्त लोगों, विशेषकर वृद्धों और बच्चों को ठंड से बचने का ध्यान रखना चाहिए। मध्य प्रदेश में शुरुआती सर्दी का असर दिखने लगा है। ठंडी रातें जारी रहने की संभावना है, और निवासियों को सुबह और देर शाम की ठंड के लिए तैयार रहना चाहिए।

BHOPAL: नाबालिग बच्चों ने चुराए वीडियो गेम खरीदने के लिए गहने

Bhopal (Madhya Pradesh): गौतम नगर पुलिस ने सोमवार को बताया कि पुलिस ने लगभग 95,000 रुपये के आभूषणों की चोरी का मामला सुलझा लिया है, जो दो नाबालिग लड़कों ने अपने वीडियो गेम के जुनून को पूरा करने के लिए अपने पड़ोसी के घर से चुराए थे।

पुलिस के अनुसार, रंभा नगर निवासी शिकायतकर्ता शाहजेब खान (30) ने 22 नवंबर को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि लकड़ी की अलमारी में रखे सोने और चांदी के आभूषण गायब हैं।

चोरी की गई वस्तुओं में एक सोने की अंगूठी, दो सोने की चूड़ियां, एक कृत्रिम अंगूठी, एक जोड़ी चांदी की पायल और तीन चांदी की बिछुड़ियां शामिल थीं।

सीसीटीवी फुटेज और स्थानीय खुफिया जानकारी के आधार पर पुलिस ने निवासियों से पूछताछ की, जिसके दौरान दो पड़ोसी लड़कों पर संदेह उत्पन्न हुआ।

एक गुप्त सूचना के आधार पर, पुलिस ने नए बस स्टैंड इलाके से नाबालिगों को हिरासत में ले लिया। पूछताछ में, उन्होंने बताया कि उनकी कोई गंभीर अपराध करने की योजना नहीं थी, बल्कि उन्होंने सिर्फ़ वीडियो गेम और महंगे गेमिंग कंसोल खरीदने के लिए गहने चुराए थे।

पुलिस ने बीएनएस की संबंधित धारा के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

उनके खुलासे के आधार पर, पुलिस ने लगभग 95,000 रुपये मूल्य के सोने-चाँदी के आभूषणों सहित चोरी का सारा सामान बरामद कर लिया। नाबालिगों को आगे की कार्रवाई के लिए बाल कल्याण अधिकारियों को सौंप दिया गया है।

सिवनी में 20 वर्षीय युवती से गैंगरेप: सामूहिक दुष्कर्म के 4 आरोपी गए जेल

Seoni News: सिवनी जिले के डूंडासिवनी थाना क्षेत्र से एक बेहद चौंकाने वाली और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। कंडीपार रोड स्थित अशोक सुंदरी कैफे में एक 20 वर्षीय युवती के साथ सामूहिक दुष्कर्म किए जाने का मामला सामने आया है। पीड़िता की शिकायत के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जिससे क्षेत्र में दहशत और आक्रोश दोनों बढ़ गए हैं।

रविवार देर रात हुई वारदात

यह शर्मनाक घटना रविवार देर रात की बताई जा रही है। सोमवार सुबह पीड़िता ने साहस दिखाते हुए डूंडासिवनी थाने पहुंचकर मामले की जानकारी दी। पुलिस ने शिकायत दर्ज करते ही कार्रवाई शुरू की और सभी चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया, जहां से उन्हें सीधे जेल भेज दिया गया।

पुलिस ने बताए आरोपी – चारों एक ही इलाके के युवक

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी बंडोल थाना क्षेत्र के रहने वाले हैं। इनमें शामिल हैं—

  • गोपाल बरमैया (21), निवासी बखारी
  • शेरा रजक (21), निवासी कुकलाह
  • अतुल रजक (23), निवासी बखारी
  • संदीप जंघेला (28), निवासी बंडोल

जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी गोपाल बरमैया गांव में एक छोटा होटल/चाय-नाश्ता दुकान चलाता है। अन्य आरोपियों में से एक खेती करता है, एक डीजी साउंड सिस्टम में काम करता है और एक अभी पढ़ाई कर रहा है।

“चाय पीने के बहाने बुलाया था…” — पहले से जानती थी पीड़िता

सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई है कि पीड़िता मुख्य आरोपी गोपाल को पहले से जानती थी। रविवार देर शाम गोपाल ने युवती को “चाय पीने” के बहाने कैफे बुलाया, जहां कुछ देर बाद उसके तीन अन्य दोस्त भी वहां पहुंच गए।

इसके बाद आरोपियों ने युवती के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। यह घटना न केवल दिल को झकझोर देने वाली है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि विश्वास का किस तरह दुरुपयोग किया गया।

धमकी देकर बस स्टैंड पर छोड़ गए आरोपी

वारदात के बाद आरोपियों ने पीड़िता को घटना किसी को न बताने की धमकी दी और उसे बस स्टैंड पर छोड़कर फरार हो गए। भयभीत युवती ने हिम्मत जुटाई और तुरंत डूंडासिवनी थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई।

पुलिस कार्रवाई—चारों आरोपी जेल में बंद

थाना प्रभारी चैनसिंह उइके ने पुष्टि की कि सभी आरोपियों के खिलाफ सामूहिक दुष्कर्म का केस दर्ज कर लिया गया है। साथ ही उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।

सिवनी एसडीओपी श्रद्धा सोनकर ने भी पूरे मामले की पुष्टि करते हुए कहा कि आगे की जांच तेजी से जारी है।

घटना से क्षेत्र में आक्रोश, सुरक्षा पर उठे सवाल

इस वारदात के बाद इलाके में आक्रोश और भय दोनों की स्थिति है। स्थानीय लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए क्या कड़े कदम उठाए जा रहे हैं।

पीड़िता के साहस और पुलिस की त्वरित कार्रवाई की सराहना हो रही है, लेकिन साथ ही समाज में महिलाओं की सुरक्षा का मुद्दा एक बार फिर प्रमुखता से सामने आ गया है।

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सिवनी में माहवारी स्वच्छता पर बड़ी पहल: गूंज संस्थान द्वारा किशोरियों की जिंदगी बदलने वाला कार्यक्रम!

Seoni News: सिवनी। माता शबरी आवासीय कन्या शिक्षा परिसर, बोरदई सिवनी में रविवार का दिन छात्राओं के लिए बेहद खास रहा। गूंज संस्थान के तत्वाधान में आयोजित मासिक धर्म स्वच्छता प्रबंधन (Menstrual Hygiene Management) विषय पर बड़ा जागरूकता कार्यक्रम न केवल जानकारीपूर्ण रहा बल्कि छात्राओं की जिंदगी में एक सकारात्मक बदलाव का संदेश भी दे गया।

डॉ. गीतांजली सनोडिया ने 470 किशोरियों को दी जीवन बदलने वाली जागरूकता

कार्यक्रम की मुख्य विशेषज्ञ डॉ. गीतांजली सनोडिया ने मासिक धर्म के दौरान अपनाई जाने वाली स्वच्छता, सही स्वास्थ्य आदतें, शरीर में होने वाले मानसिक-शारीरिक बदलावों और सुरक्षित तरीकों पर बेहद सरल और प्रभावशाली तरीके से जानकारी दी।
छात्राओं के बेहतर समझने के लिए पावर पॉइंट प्रस्तुति (PPT) का उपयोग किया गया, जिससे हर छोटी-बड़ी बात स्पष्ट रूप से समझाई जा सकी।

डॉ. सनोडिया ने बताया कि “मासिक धर्म से जुड़े मिथकों को तोड़ना और किशोरियों को सही जानकारी देना बेहद आवश्यक है, ताकि वे अपने स्वास्थ्य का ध्यान रख सकें।”

इको-फ्रेंडली सैनिटरी नैपकिन का वितरण, पर्यावरण संरक्षण का संदेश

कार्यक्रम की प्रमुख अतिथि श्रीमति नीलम राय ने सभी छात्राओं को इको-फ्रेंडली सैनिटरी नैपकिन वितरित किए
उन्होंने पर्यावरण के अनुकूल उत्पादों के उपयोग को बढ़ावा देते हुए कहा कि—

“सुरक्षित नैपकिन का उपयोग केवल स्वास्थ्य ही नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक बड़ा कदम है।”

उन्होंने छात्राओं को प्लास्टिक-आधारित नैपकिन से होने वाले नुकसान और प्राकृतिक विकल्पों के फायदे भी समझाए।

विद्यालय प्रशासन ने सराहा पहल

विद्यालय प्रशासन ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम छात्राओं में आत्मविश्वास बढ़ाते हैं और उन्हें स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करते हैं।
प्राचार्य श्री मनोहर सिंह राहंगडाले ने पूरे स्टाफ के साथ कार्यक्रम की सफलता में सहयोग किया और इस पहल की जमकर प्रशंसा की।

गूंज संस्थान की टीम रही कार्यक्रम की रीढ़

इस कार्यक्रम को सफल बनाने में गूंज संस्थान की टीम का विशेष योगदान रहा। अध्यक्ष मनीषा चौहान सहित— सविता गौतम, अन्नपूर्णा मालवी, संध्या ठाकुर, गीता विश्वकर्मा, सपना भारती, नीता यादव, माधुरी सेंगर, आशा बावरिया, आकांक्षा सेंगर, मंजू जावरे और पूजा अग्रवाल—सभी ने अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

किशोरियों ने कहा—हमारे लिए खास और सीख से भरपूर अनुभव

कार्यक्रम में शामिल छात्राओं ने भी इसे बेहद उपयोगी बताया। उन्होंने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम उन्हें आत्मनिर्भर बनाने में बड़ी भूमिका निभाते हैं। अनेक छात्राओं ने पहली बार माहवारी स्वच्छता से जुड़े वैज्ञानिक तथ्यों को विस्तार से समझा।

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सिवनी: इस शासकीय विद्यालय में शिक्षा नहीं… संघर्ष चल रहा है! बरामदे में क्लास, टूटे हाल, प्यासे छात्र – जिम्मेदार कब जागेंगे?

सिवनी/बरघाट/धारनाकला – रिपोर्ट: एस. शुक्ला: सिवनी जिले के धारनाकला का शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय इन दिनों बदहाली की जीती-जागती मिसाल बन चुका है। सरकार एक ओर शासकीय स्कूलों में “उत्तम शिक्षा” देने के दावे करती है, जबकि दूसरी ओर इस विद्यालय की जर्जर स्थिति इन दावों की हकीकत को सामने ला रही है। बैठक व्यवस्था टूटी, कक्षाएँ बरामदे में, और छात्रों को पीने का पानी तक नसीब नहीं… आखिर जिम्मेदार कब जागेंगे?

बरामदे में लग रही क्लास, छात्र फर्श पर बैठने को मजबूर

विद्यालय की सबसे बड़ी विकराल समस्या है—कक्षाओं की कमी और बैठने की दयनीय व्यवस्था। स्थिति इतनी खराब है कि सैकड़ों छात्र-छात्राओं की कक्षाएँ बरामदे में लग रही हैं, वह भी फर्श पर दरी बिछाकर

प्राचार्य और स्टाफ कई बार जनप्रतिनिधियों व विभागीय अधिकारियों को समस्याओं से अवगत करा चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
यह उपेक्षा छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ है।

865 छात्र-छात्राएँ शिक्षा ग्रहण कर रहे, पर हालात बेहाल

विद्यालय में कुल 865 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं, लेकिन इनके लिए जो व्यवस्था होनी चाहिए, वह कहीं दिखाई नहीं देती।

  • नवमी से बारहवीं तक के बच्चों को क्लासरूम में जगह नहीं
  • हाल में लगी बेंचों पर चार-चार छात्र ठूंसे जा रहे
  • बाकी विद्यार्थियों को बरामदे में बैठाकर पढ़ाया जा रहा

ऐसी स्थिति में “गुणवत्तापूर्ण शिक्षा” सिर्फ एक सरकारी नारा बनकर रह गया है।

पेयजल समस्या ने बढ़ाई परेशानी, धँसे बोर से पानी की आस खत्म

विद्यालय में लंबे समय से पेयजल संकट बना हुआ है।
स्टाफ के अनुसार—

“जब से विद्यालय के पास स्थित बोर धँस गया है, तब से छात्रों को पीने के पानी के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।”

पहले इसी बोर से पानी की सप्लाई होती थी, परंतु अब विद्यालय को पानी के लिए भटकना पड़ रहा है।
समस्या की जानकारी जनप्रतिनिधियों और विभागीय अधिकारियों को दी जा चुकी है, लेकिन अब भी समाधान का इंतज़ार जारी है।

जनप्रतिनिधियों की निष्क्रियता पर उठ रहे सवाल

जहाँ सांसद और विधायक निधि से गाँवों में सड़कें व पुलिया निर्माण हो रहे हैं, वहीं शिक्षा से जुड़े सबसे महत्वपूर्ण संस्थान—विद्यालय—उपेक्षित पड़े हैं।

जनता का सवाल वाजिब है:

➡️ जब भविष्य इन्हीं विद्यालयों में गढ़ा जाता है, तो जनप्रतिनिधि अपनी निधि का उपयोग यहाँ क्यों नहीं करते?
➡️ स्कूलों की समस्याओं को प्राथमिकता क्यों नहीं दी जाती?

क्या जिले के जिम्मेदार अधिकारी और जनप्रतिनिधि अब जागेंगे?

धारनाकला विद्यालय की हालत किसी भी आधुनिक शिक्षा व्यवस्था के लिए शर्मनाक तस्वीर पेश करती है। यदि समय रहते सुधार नहीं हुआ, तो इसका विपरीत प्रभाव सीधे बच्चों की पढ़ाई और उनके भविष्य पर पड़ेगा।

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