Home Blog Page 2165

17 सितम्बर को राकेश सिंह का आगमन

0

सिवनी- आगामी 3 अक्टूम्बर को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यछ अमित शाह के सिवनी आगमन की तैयारियों को लेकर बैठकों का दौर जारी है, वही प्रदेश अध्यछ नियुक्त होंने के बाद राकेश सिंह पहली बार सिवनी दौरे पर आ रहे है,आगामी 17 सितम्बर को राकेश सिंह सिवनी आयेगे जहा वे दोपहर 11 बजे जिला स्तरीय बैठक को सम्बोद्धित करेगे ।

वही दोपहर 1 बजे सिवनी से रवाना होकर बरघाट, सिवनी,केवलारी , लखनादौन में कार्यकर्ताओं की बैठक लेकर सिवनी से बालाघाट की प्रस्थान करेगे। जारी कार्यक्रम के अनुसार राकेश सिंह 16 सितम्बर को रात्रि में सिवनी में ही विश्राम करेगे ।

काव्यमय श्रद्धांजली 16 को

0

सिवनी । पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को काव्यमय श्रद्धांजली दिये जाने को लेकर 16 सितम्बर को शाम 7 बजे से गांधी चौक शुक्रवारी में राष्ट्रगीत एवं कवियों द्वारा कविताओं से अपनी भावभीनी श्रद्धांजली दी जावेगी। उक्ताशय की जानकारी भाजपा के वरिष्ठ नेता संजू मिश्रा एवं सांस्कृतिक प्रकोष्ठ संयोजक अशोक अकेला ने दी है। उन्होंने सभी से कार्यक्रम में उपस्थिति का अनुरोध किया है।

संजू मिश्रा के मार्गदर्शन में हुई बैठक

0

सिवनी-प्रदेश नेतृत्व के आव्हान पर सम्भागीय संग़ठन मंत्री माननीय केशव सिंह भदौरिया के आदेशानुसार ,सिवनी सम्पूर्ण जिले में ,भाजपा से महिलाओं जोड़ने का कार्य ,केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं के बारे में जानकारी देने का कार्य ,सिवनी महिला मोर्चा प्रभारी संजू मिश्रा (राजनैतिक फीडबैक प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य )द्वारा,सभी 24 मंडलो में किया जा रहा है.

, इसी तारतम्य में सिवनी ग्रामीण मण्डल की महिला बैठक में मुख्य वक्ता के रूप में नगरपालिका अध्यक्ष श्रीमती आरती शुक्ला,महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष श्रीमती गोमती ठाकुर,पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती पार्वती जँघेला,बैठक प्रभारी श्री शिव सनोडिया,मुनिया टांक मण्डल अध्यक्ष श्री नितेन्द्र बघेल,महामंत्री बसंत कटरे,श्रीमती लेखा राहंगडाले,विनोद यादव ,बंटी भांगरे,सरपंच अनीता पटले,सहित 300 महिलाओं ने हिस्सा लिया और फिर भाजपा फिर शिवराज के नारे को प्रखर किया।

पर्वराज पर्युषण – उत्तम क्षमा

0

सिवनी- श्री दिगंबर जैन समाज के दसलक्षण पर्वराज पर्युषण पर्व आज दिनाँक १४-०९-२०१८ आज से शुरू श्री दिगम्बर जैन मंदिर जी मे चातुर्मास कर रहे आचार्य श्री विद्या सागर जी महाराज के यशश्वी शिष्य प्रशममूर्ति मुनि श्री अजित सागर जी ,ऐलक श्री दया सागर जी,ऐलक श्री विवेकानंद सागर जी महाराज के पावन सानिध्य में श्रावक संस्कार शिविर आयोजित हो रहा है आज सुबह अभिषेक शांतिधारा पूजन हुई। कुंडलपुर के बड़े बाबा एवं आचार्य श्री विद्या सागर जी महाराज के छायाचित्र के सम्मुख दीप प्रज्ज्वलन करके कार्यक्रम की शुरुआत हुई।

अभिषेक पूजन के पश्चात विराजमान तीनो महाराज श्री के दसलक्षण धर्म के प्रथम दिवस उत्तम क्षमा धर्म में उपदेश दिया।ऐलक दया सागर जी ने कहा कि धर्म स्वाधीन है आत्मा से जोड़ता है क्षमा की नींव पर ही स्वभाव का क्षमा का महल खड़ा होता है अपनो से अपेक्षा ही क्रोध का कारण है क्रोध में होश नहीं होता है अतः यह क्रोध कषाय भव भव तक भटकती रहती है अज्ञानरूपी अंधकार को जो नष्ट करे वह उत्तम है हमें क्षमा कर्तव्य एवं धर्म समझकर धारण करना चाहिए सुख शांति एवं सामाजिक एकता का कारण क्रोध नहीं क्षमा है आत्मा को दुःख कष्ट देने वाली कषाय होती है अतः इन कषायों को छोड़कर उत्तम क्षमा को धारण करनी है बदले की भाव न रखना ही क्षमा है।
मुनि श्री अजित सागर जी ने कहा कि क्रोध का कारण कमजोरी- धर्म आत्मा का स्वभाव है उसका अनुभव किया जाता है कहा नही जाता वस्तुतः स्वभाव को समझना अत्यंत कठिन है क्षमादि दसधर्म नही हैं ये धर्म के लक्षण है पर्याय हमेशा विंशति रहती है पर द्रव्य शाश्वत रहता है जैसे पानी को जिस बर्तन में रखते है उसी को कहा जाता है पर पानी विशाल है जो श्रेष्ठ उत्तम सुख को धारण करा दे वह धर्म ह”ै ज्ञानी मौन क्षमा शक्तों ” ज्ञानी हमेशा मौन रहता है और शक्ति पाकर क्षमा धारण करता है जो बोलता है उसकी दशा पैरो में होती है जैसे पायल जो मौन रहता है वह हार जो गले को शोभा बनता है क्रोध में जुबान भी बिगड़ती है चेहरा बिगड़ता है लाल होता है शरीर कांपने लगता है १०मिनट का क्रोध ६००मिनट की शाँति को नष्ट करता है “अधजल घघरी छलकत जाए”अल्पज्ञानी उद्दण्ड होता है पूर्ण ज्ञानी भरे हुए कलशे के समान है सर्वजन के हित के लिए उपकारी है धर्मरूपी महल के दशद्वार है मुख्य द्वार क्षमा है कायर ही क्रोधी है रूप गुण ज्ञान क्षमा मनुष्य का आभूषण रूप है रूप का आभूषण ज्ञान है ज्ञान का आभूषण क्षमा है।अतः जिसमे क्षमा है वही रूपवान गुणवान ज्ञानवान होता है हम सब गुण ग्राही बन कर अपने स्वभाव को पाए जहाँ ज्ञान है वही क्षमा होती है। अतः वृक्ष की भांति फलदार बनो जो पत्थर खाकर भी फल देता है संतो जैसा जीवन परमोपकारी है वैसा ही हम बने यही हमारे लिए लाभकारी है।दसलक्षण धर्म सभा मे पर्युषण की साधना हेतु बाहर से भी साधकगण आये हुए है १०० साधक सब कुछ त्याग कर साधना कर रहे है श्री दिगंबर जैन श्रमण संस्कृति संस्थान सांगानेर(जयपुर) से भी विद्वान श्री नरेन्द्र शास्त्री जी धर्मलाभ देने पधारे है।


आज अभिषेक शांतिधारा करने एवं श्रावक श्रेस्ठी बनने का सौभाग्य श्री वीरेंद्र नायक शशांक नायक ,सुधीर बाँझल संजीव बाँझल एवं परिवार को प्राप्त हुआ प्रश्नमंच का पुण्यार्जक बनने का सौभाग्य श्री नरेंद्र सुरेन्द्र नितेश नितिन नैवैद्य गोयल एवं परिवार को प्राप्त हुआ

सपाक्स करे समरसता बनाने में मदद -शिवराज

0

भोपाल। प्रदेश में जातिवाद की आग सुलगने के बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान गुरुवार को पहली बार सपाक्स (सामान्य पिछड़ा एवं अल्पसंख्यक वर्ग अधिकारी-कर्मचारी संस्था) के पदाधिकारियों से रूबरू हुए। उन्होंने संस्था से प्रदेश में समरसता बनाने में मदद की अपील की है। 15 मिनट चली चर्चा में एट्रोसिटी एक्ट, पदोन्नति में आरक्षण, संस्था की मान्यता और बैकलॉग पदों पर भर्ती को लेकर बात हुई। करीब सात महीने बाद मुख्यमंत्री चौहान ने संस्था के पदाधिकारियों को सीएम हाउस बुलाया था। यहां ‘माई के लाल” बयान पर मुख्यमंत्री ने कहा कि मेरा आशय ऐसा नहीं था। वहीं संस्था की अन्य मांगों पर सहृदयता से विचार करने का भरोसा दिलाया है।

प्रतिनिधिमंडल में संस्था के संस्थापक सदस्य अजय जैन, पूर्व अध्यक्ष डॉ. आनंद सिंह, अध्यक्ष केएस तोमर, उपाध्यक्ष रक्षा दुबे, डीएस भदौरिया, सचिव राजीव खरे, जेएस गुर्जर और राजेश तिवारी शामिल थे।

g

गलती सुधारेंगे संस्था ने बैकलॉग के रिक्त डेढ़ लाख पदों की गणना में गड़बड़ी की आशंका जताई। साथ ही इन पदों पर नियुक्ति में अनारक्षित वर्ग को भी शामिल करने की मांग की। इस पर मुख्यमंत्री चौहान ने पदों की गणना में हुई गलती को सुधारने का भरोसा दिलाया है। पदोन्नति में आरक्षण समाप्त करने की मांग पर मुख्यमंत्री ने कहा कि कोर्ट का फैसला आने दें, फिर देखेंगे। जबकि एट्रोसिटी एक्ट के तहत गिरफ्तारी से पहले जांच की मांग पर सीएम बोले कि मामले में शासन उचित कार्यवाही कर रहा है। संस्था की मान्यता का मुद्दा भी इस दौरान चर्चा में आया। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं तो पहले ही मान्यता देने का कह चुका हूं। अब तत्काल कार्यवाही करेंगे। संस्था ने सहायक प्राध्यापकों की भर्ती में गड़बड़ी की भी शिकायत की। पदाधिकारियों ने कहा कि इस भर्ती में आरक्षण और रोस्टर निर्धारण में गंभीर अनियमितता हुई है।

स्मैक के साथ आरोपी गिरफ्तार

0

लखनादौन- जुआरियों और सटोरियों की नाक में नकेल कसने के बाद लखनादौन नगर निरीक्षक एम डी नागोतिया ने अब नषेडि़यों पर कार्यवाही का मन बना लिया हैं। जिसके तहत गत दिवस मादक पदार्थ स्मैक के साथ एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया गया।

मुखबिर द्वारा लखनादौन पुलिस को सूचना मिली की वार्ड क्र. 08 में मयूर स्टूडि़यों के सामने चाय दुकान में एक व्यक्ति मादक पदार्थ को बेचने की फिराक में खड़ा हुआ हैं और ग्राहक का इंतजार कर रहा हैं, जिसकी सूचना थाना प्रभारी ने अपने वरिष्ठ अधिकारियों को दी। पुलिस कप्तान विवके राज सिंह का दिषा निर्देष और एसडीओपी अरविन्द श्रीवास्तव के मार्गदर्षन में तथा थाना प्रभारी के एम डी नागोतिया के नेतृत्व में पुलिस की टीम ने योजना बनाकर आरोपी महाराज सिंह पिता सरजू उर्फ सूरज सिंह पटैल उम्र 45 वर्ष निवासी सूरवारी थाना ठेमी जिला नरसिंहुपर को पकड़ा जिसके पास से 8 ग्राम 81 मिलीग्राम मादक पदार्थ स्मैक, जिसकी अनुमानित कीमत 50 हजार रू हैं, को जप्त कर एनडीपीएस (मादक पदार्थ अधिनियम) की धारा 8/21 के अंतर्गत आरोपी को न्यायालय में पेश कर दिया हैं। इस कार्यवाही में थाना प्रभारी सहित प्रधान आरक्षक भूणेष्वर, आरक्षक अजय वर्मन, होमेष्वर, जयप्रकाष उइके, राघेवन्द्र तथा वाहन चालक आरक्षक प्रकाष की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

थाना प्रभारी श्री नागोतिया ने बताया कि पूर्व में भी नरसिंहपुर जिले के अंतर्गत थाना ठेमी में भी आरोपी महाराज सिंह पर मादक पदार्थों की तस्करी के मामले दर्ज हैं । लखनादौन क्षेत्र में जिस तरह जुंआ सट्टा, गौकषी और अवैध शराब में मामले में कार्यवाही हो रही है उसी तरह मादक पदार्थ बेचने वालों ऐसी कार्यवाही आगे जारी रहेंगी। जिसमें आमजन का सहयोग आवष्यक हैं।

हिंदी हमारा अभिमान है, हिंदी हर भारतवासी का स्वाभीमान है

0

सिवनी -आज 14 सितम्बर को विश्व हिंदी दिवस के अवसर एक कार्यक्रम मिशन स्कूल में हुआ।

हिन्दी भाषा हमारे देश की राष्ट्रभाषा है और भारत में सबसे ज्यादा बोली जाने वाली सरल सुगम और संुदर भाषा है भारत के हर व्यक्ति को इस भाषा से संवाद करने में आसानी होती है साथ ही आपस मे अच्छे संबंध स्थापित होते हैं क्योकि भाषा से ही किसी व्यक्ति के व्यक्तित्व का अंदाजा लगाया जा सकता है। उक्ताशय के उद्गार बड़े मिशन स्कूल के प्राचार्य अजय प्रभाकर ढवले द्वारा आज हिंदी दिवस के अवसर पर छात्र छात्राओ के समक्ष प्रस्तुत किये गये उन्होने कहा कि हर राष्ट्र की अपनी भाषा होती है जो उस देश का मान बढ़ाती है।

इस अवसर पर शाला की वरिष्ठ और हिंदी की शिक्षिका किरण जेम्स ने कहा कि हिंदी भारत की राष्ट्रभाषा ही नही बल्कि राष्ट्रीय एकता की प्रतीक और भारतीयो की पहचान भी है हमें हिंदी बोलने में गर्व महसूस होना चाहिये तथा इस भाषा के प्रति सजग होने की प्रतिज्ञा ली जाये। इसी क्रम में शाला की शिक्षिका मधुलिका सिंह ने छात्र/छात्राओ से प्रतिज्ञा दिलवाई कि ‘‘हिंदी हमारा अभिमान है, हिंदी हर भारतवासी का स्वाभीमान है‘‘, हम सब का अभिमान है हिंदी, भारत देश की शान है हिंदी‘‘ हम इसके गौरव को बनाये रखने मे हर संभव योगदान देंगे।

हिंदी में परीक्षा देकर भी बन सकते हैं डॉक्टर

0

इंदौर -मध्यप्रदेश में चिकित्सा पाठ्यक्रमों की परीक्षाओं के दौरान करीब 40,000 विद्यार्थियों के लिये भाषा अब कोई बाधा नहीं रह गयी है।सूबे में हिन्दी में पर्चा देकर भी एमबीबीएस और अन्य पाठ्यक्रमों की प्रतिष्ठित डिग्री हासिल की जा सकती है।यह बात मध्यप्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविधालय के इसी साल से लागू अहम फैसले से मुमकिन हो सकी है।फैसले के बाद हिन्दी पट्टी के इस प्रमुख राज्य में एमबीबीएस के अलावा नर्सिंग, डेंटल, यूनानी, योग, नेचुरोपैथी और अन्य चिकित्सा संकायों के पाठ्यक्रमों की परीक्षाएं हिन्दी में दिये जाने का सिलसिला शुरू हुआ है।

महाविद्यालयों के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ

जबलपुर स्थित विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. रविशंकर शर्मा ने गुरुवार को बताया कि परीक्षाओं के दौरान हमारे लिये यह जांचना जरूरी होता है कि किसी विद्यार्थी को संबंधित विषय का ज्ञान है या नहीं। इस सिलसिले में भाषा की कोई बाधा नहीं होनी चाहिये. यही सोचकर हमने अपने सभी पाठ्यक्रमों की परीक्षाओं में अंग्रेजी के विकल्प के रूप में हिन्दी या अंग्रेजी मिश्रित हिन्दी के इस्तेमाल को अनुमति देने का फैसला किया है. उन्होंने बताया कि इस साल सूबे के 10 चिकित्सा महाविद्यालयों के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ, जब एमबीबीएस पाठ्यक्रम के विद्यार्थियों को हिन्दी या अंग्रेजी मिश्रित हिन्दी में परीक्षा देने की आजादी मिली। इस बार एमबीबीएस प्रथम वर्ष पाठ्यक्रम के कुल 1,228 में से 380 विद्यार्थियों यानी लगभग 31 प्रतिशत उम्मीदारो ने हिन्दी या अंग्रजी मिश्रित हिन्दी में परीक्षा दी है।

*हिन्दी की स्तरीय पुस्तकों का अभाव*

शर्मा ने कहा कि इस परीक्षा का नतीजा एकाध महीने में घोषित होने की उम्मीद है. हमें भरोसा है कि यह परिणाम गुजरे वर्षों की तुलना में बेहतर होगा क्योंकि इस बार परीक्षार्थियों को हिन्दी या अंग्रेजी मिश्रित हिन्दी में पर्चा देने का मददगार विकल्प भी मिला है।

उन्होंने यह भी बताया कि मध्यप्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय के सभी पाठ्यक्रमों के करीब 40,000 विद्यार्थी केवल सैद्धांतिक परीक्षा ही नहीं, बल्कि प्रायोगिक और मौखिक परीक्षा (वाइवा) में भी हिन्दी या अंग्रेजी मिश्रित हिन्दी का इस्तेमाल कर सकते हैं। बहरहाल, चिकित्सा पाठ्यक्रमों में हिन्दी में पढ़ाई की डगर विद्यार्थियों के लिये उतनी आसान भी नहीं है. खासकर एमबीबीएस पाठ्यक्रम के लिये हिन्दी की स्तरीय पुस्तकों का गंभीर अभाव है।

अंग्रेजी से हिन्दी में अनुवाद में होता है अनर्थ

इंदौर के शासकीय महात्मा गांधी स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय के सह-प्राध्यापक (एसोसिएट प्रोफेसर) डॉ. मनोहर भंडारी ने इस बात की पुष्टि की और कहा कि चिकित्सा पाठ्यक्रमों के विद्यार्थियों के लिये हिन्दी की अच्छी किताबें बेहद जरूरी हैं. वर्ष 1992 में हिन्दी में शोध प्रबंध (थीसिस) लिखकर एमडी (फिजियोलॉजी) की उपाधि प्राप्त करने वाले विद्वान ने कहा कि चिकित्सा पाठ्यक्रमों के लिये हिन्दी की कुछ किताबें तो ऐसी हैं जिन्हें पढ़कर सिर पीट लेने का मन करता है।खासकर तकनीकी शब्दों के अंग्रेजी से हिन्दी में अनुवाद के समय इन पुस्तकों में अर्थ का अनर्थ कर दिया गया है।

युवाओ ने की सफाई

0

सिवनी- आज 13 सितम्बर की सुबह से ही नगर के वीभन्न तालाबो में तीज पर्व के अवसर पर व्रत रखने के बाद फुल्हेरा विषर्जन करने पहुची। नगर के दलसागर तालाब में भी हजारो फुल्हेरा का विषर्जन किया गया इस दौरान महावीर व्यायाम शाला सिविनि के स्वयं सेवकों द्वारा तुरत तालाब ने विसर्जित की गई सामग्री को बाहर निकाला गया ताकि पानी प्रदुसित ना हो।