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Lenovo Transparent Laptop: लेनोवो ने तगड़ी योजना MWC 2024 में पेश होगा ट्रांसपेरेंट लैपटॉप, डिज़ाइन हुआ लीक: रिपोर्ट

Lenovo Transparent Laptop: लेनोवो ने हाल ही में भारत में लीजन 9आई लैपटॉप का अनावरण किया है और अमेरिका में थिंकबुक प्लस जेन 5 हाइब्रिड मॉडल पेश किया है। 

रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनी अब कई मौजूदा लैपटॉप मॉडलों को रीफ्रेश करने की तैयारी कर रही है, जिसकी घोषणा बार्सिलोना में आगामी मोबाइल वर्ल्ड कांग्रेस (एमडब्ल्यूसी) 2024 में होने की उम्मीद है। 

केवल अपग्रेड के अलावा, ऐसे संकेत हैं कि लेनोवो एक पारदर्शी डिज़ाइन (Lenovo Transparent Laptop) वाला एक नया लैपटॉप मॉडल पेश करने के लिए तैयार है, जिसे कंपनी अब तक गोपनीय रखने में कामयाब रही थी।

Lenovo Transparent Laptop Design

लेनोवो के इस कथित पारदर्शी लैपटॉप के डिज़ाइन (Lenovo Transparent Laptop Design) रेंडर विंडोज रिपोर्ट द्वारा लीक किए गए थे। रिपोर्ट बताती है कि लेनोवो 26 फरवरी से 29 फरवरी तक होने वाले MWC 2024 में इस इनोवेटिव कॉन्सेप्ट का अनावरण कर सकता है।

इस बिल्कुल नए पारदर्शी लेनोवो लैपटॉप की सतह परावर्तक है और इसमें पूरी तरह से पारदर्शी होने की क्षमता है। आवश्यक आंतरिक घटकों को अपारदर्शी ठुड्डी के अंदर और नीचे रखा जाता है, जिससे वे दृश्य से दूर रहते हैं। इसके अतिरिक्त, एक पतली अपारदर्शी सीमा है जो पूरे डेक को कवर करती है, यह कथित तौर पर कई कनेक्टिविटी पोर्ट को समायोजित करने वाला है।

Lenovo Transparent Laptop Features

हालांकि रिपोर्ट पारदर्शी लेनोवो लैपटॉप के लिए विशिष्ट विशिष्टताएं प्रदान नहीं करती है, लेकिन यह बताती है कि यह विंडोज 11 पहले से इंस्टॉल के साथ आता है। डिज़ाइन की तुलना पारंपरिक लैपटॉप की तुलना में डुअल-स्क्रीन लैपटॉप से ​​अधिक की जाती है। उम्मीद है कि लेनोवो MWC 2024 में अपने अनावरण के दौरान इस लैपटॉप के अन्य फीचर्स और विशिष्टताओं का खुलासा करेगी।

Lenovo Transparent Laptop Upgrade Plans

रिपोर्ट के अनुसार, इस इनोवेटिव मॉडल के अलावा, लेनोवो विभिन्न मौजूदा मॉडलों के लिए अपग्रेड की योजना बना रहा है, जिसमें लेनोवो थिंकबुक 14 जी4, लेनोवो थिंकपैड टी14 जेन 5 (इंटेल और एएमडी दोनों संस्करण), लेनोवो थिंकपैड टी16 जेन 3, लेनोवो थिंकपैड x12 डिटेचेबल शामिल हैं। जेन 2, और लेनोवो थिंकविज़न एम14टी जेन 2।

CAA पर अमित शाह का बड़ा बयान: 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले भारत में लागू होगा CAA

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CAA Latest News: एक बड़े घटनाक्रम में, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को घोषणा की कि नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) को 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले मंजूरी दी जाएगी और लागू किया जाएगा। 

संसद ने दिसंबर 2019 में इस उपाय को अधिनियमित किया। दिल्ली में ईटी नाउ-ग्लोबल बिजनेस शिखर सम्मेलन में बोलते हुए, अमित शाह ने कहा: “सीएए देश का एक अधिनियम है, इसे निश्चित रूप से अधिसूचित किया जाएगा…इसे चुनाव से पहले अधिसूचित किया जाएगा…वहां इसे लेकर कोई भ्रम नहीं होना चाहिए।” 

अमित शाह ने आगे कांग्रेस पर सीएए लागू करने की अपनी प्रतिज्ञा से पीछे हटने का आरोप लगाया। “सीएए कांग्रेस सरकार का एक वादा था।

जब देश का विभाजन हुआ और उन देशों में अल्पसंख्यकों पर अत्याचार हुआ, तो कांग्रेस ने शरणार्थियों को आश्वासन दिया था कि भारत में उनका स्वागत है और उन्हें भारतीय नागरिकता प्रदान की जाएगी। अब वे पीछे हट रहे हैं।” शाह ने कहा.

शाह ने इस बात पर जोर दिया कि सीएए की स्थापना नागरिकता प्रदान करने के लिए की गई थी, न कि “किसी की नागरिकता छीनने” के लिए।

उन्होंने कहा: “हमारे देश में अल्पसंख्यकों, विशेष रूप से मुस्लिम अल्पसंख्यकों को उकसाया जा रहा है। सीएए किसी को उनकी नागरिकता से वंचित नहीं कर सकता क्योंकि अधिनियम में इसके लिए कोई प्रावधान नहीं है। सीएए एक ऐसा कानून है जो बांग्लादेश में सताए गए शरणार्थियों को नागरिकता प्रदान करता है और पाकिस्तान।”

2019 में मोदी प्रशासन द्वारा पेश किया गया सीएए, बांग्लादेश, पाकिस्तान और अफगानिस्तान से सताए गए गैर-मुस्लिम शरणार्थियों को भारतीय नागरिकता प्रदान करना चाहता है, जो 31 दिसंबर 2014 से पहले भारत आए थे।

इस बीच, आने वाले चुनावों के बारे में टिप्पणी करते हुए, शाह ने विश्वास व्यक्त किया नरेंद्र मोदी प्रशासन सत्ता में वापस आएगा, जिसमें भाजपा 370 सीटें जीतेगी और एनडीए 400 से अधिक सीटें जीतेगा।

शाह ने कहा कि लोकसभा चुनाव के नतीजों को लेकर कोई अनिश्चितता नहीं है और यहां तक ​​कि कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने भी स्वीकार कर लिया है कि उन्हें एक बार फिर विपक्ष में बैठना होगा।

सिवनी: अंतर्राष्ट्रीय पत्र लेखन प्रतियोगिता में सहभागिता की अंतिम तिथि 5 मार्च

सिवनी: अधीक्षक डाकघर सिवनी द्वारा बताया गया कि भारतीय डाक विभाग द्वारा अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर 09 से 15 वर्ष आयु तक के छात्र-छात्राओं के लिए “अंतर्राष्ट्रीय पत्र लेखन प्रतियोगिता-2024” (International Letter Writing Competition 2024) का आयोजन किया जाना है।

जिसमें प्रतियोगिता का विषय- 150 साल पुराने वैश्विक डाक संघ (यूपीयू) ने आठ पीढ़ियों से अधिक समय तक दुनिया भर के लोगों की सेवा की है । तब से दुनिया काफी बदल गई है। आने वाली पीढ़ियों को उस दुनिया के बारे में एक पत्र लिखें जिसके बारे में आप आशा करते हैं कि वे उन्हें विरासत में मिलेंगी।

उक्त प्रतियोगिता में सम्मिलित होने के लिए आवेदन पत्र अधीक्षक डाकघर बालाघाट संभाग को प्रस्तुत करने की अंतिम तिथि 05.03.2024 है । प्रतियोगिता के अंतर्गत छात्र-छात्राएँ अंग्रेजी अथवा हिन्दी भाषा में पत्र लेखन कर सकते हैं ।

अंतर्राष्ट्रीय पत्र लेखन प्रतियोगिता -2024 ,संभागीय स्तर पर दिनांक 10.03.2024 (रविवार) को सुबह 10.00 बजे से 11.00 बजे तक आयोजित की जावेगी I परिमंडल स्तर पर प्रथम तीन विजेताओं को प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय पुरस्कार के रूप में क्रमश: रु. 25,000/- रु. 10,000/- एवं रु. 5,000/- तथा प्रमाण पत्र प्रदान किया जावेगा । राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय पुरस्कार के रूप में क्रमश: रु. 50,000/- रु. 25,000/- एवं रु. 10,000/- तथा एक प्रमाण पत्र प्रदान किया जायेगा ।

अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर यूनिवर्सल पोस्टल यूनियन विजेता प्रविष्टियों को चयनित करेगा तथा सर्वोत्तम 03 प्रविष्टियों को स्वर्ण, रजत एवं कांस्य पदक तथा प्रमाण पत्र प्रदाय किया जायेगा । साथ ही वैश्विक डाक संघ द्वारा चयनित प्रतिभागियों को अन्य पुरस्कार भी प्रदाय किए जाएँगे ।

स्वर्ण पुरस्कार प्राप्त करने वाले प्रतिभागी को वैश्विक डाक संघ के मुख्यालय बर्न, स्विट्ज़रलैंड की यात्रा करने का प्रस्ताव या एक वैकल्पिक पुरस्कार यूनिवर्सल पोस्टल यूनियन के विवेकाधिकार पर निश्चित किया जावेगा ।

सभी छात्र –छात्राओं से अनुरोध है कि वे उपरोक्त प्रतियोगिता में सम्मिलित होने के लिए अपना आवेदन अंतिम दिनांक से पूर्व प्रेषित करें। विस्तृत जानकारी भारतीय डाक विभाग की वेबसाइट https://www.indiapost.gov.in पर उपलब्ध है ।

सिवनी: बालआरोग्यसंवर्द्धन शिविर का आयोजन कर बच्चों का किया गया स्वास्थ्य परीक्षण

सिवनी: जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग ने जानकारी देते हुए बताया कि कलेक्टर श्री क्षितिज सिंघल के निर्देशन में “मुख्यमंत्री बाल आरोग्य संवर्द्धन कार्यक्रम” अन्तर्गत जिले में कुपोषित बच्चों की सेहत में सुधार हेतु महिला एवं बाल विकास विभाग तथा स्वास्थ्य विभाग द्वारा संयुक्त रूप महिला एवं बाल विकास के समस्त 76 सेक्टर मुख्यालयों पर बाल आरोग्य संवर्द्धन शिविर का आयोजन से किया गया।

बाल आरोग्य संवर्द्धन शिविर में महिला एवं बाल विकास विभाग की पर्यवेक्षकों द्वारा समस्त बच्चों की उंचाई एवं वजन का माप लिया गया तथा स्वास्थ्य विभाग के एएनएम द्वारा समस्त बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया।

शिविर के दौरान समस्त 76 सेक्टर मुख्यालयों के शिविर में कुल 335 SAM बच्चे एवं 1030 MAM बच्चों का पंजीयन किया गया।

शिविर में स्वास्थ्य विभाग की एएनएम द्वारा पंजीकृत SAM / MAM बच्चों की स्वास्थय जांच कर आईमैम प्रोटोकॉल अन्तर्गत पांच प्रकार की दवाईयों एंटीबायोटिक, मल्टीविटामिन आयरन सिरप, अल्बेंडजोल, फोलिक एसिड का वितरण किया गया एवं समक्ष में सेवन कराया गया तथा कुपोषित बच्चों को जिला अस्पताल स्थित पोषण पुनर्वास केन्द्र रेफर किया गया।

शिविर में महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से SAM / MAM बच्चों के पोषण हेतु न्यूट्रीशिनल किट का वितरण किया गया। साथ ही SAM / MAM बच्चों के परिवारों को पोषण आहार से बनने वाली विभिन्न रेसीपी पर्यवेक्षकों के द्वारा दी गई।

कुपोषित बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार हेतु बच्चों की उचित देखभाल, साफ-सफाई एवं उचित पोषण प्रबंधन के संबंध में परिवारों को समझाईस दी गई। उक्त शिविर में सभी जिला अधिकारी सेक्टर अधिकारी के रूप में उपस्थित हुए।

Jal Hath Abhiyan: मध्य प्रदेश में चलाया जाएगा “जल-हठ” अभियान : मंत्री तुलसीराम सिलावट

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देश के प्रत्येक ग्राम में “हर घर जल” पहुंचाने के लिए वर्ष 2019 में जल जीवन मिशन शुरू किया गया। इस मिशन की पूर्ण सफलता के लिए मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के नेतृत्व में “जल-हठ” अभियान जन आंदोलन के रूप में चलाया जाएगा।

जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट ने कहा है कि इसमें सरकार और समाज की भागीदारी से हर गांव, हर नगर में पुराने तालाबों एवं अन्य जल स्रोतों का उन्नयन, विकास, सौंदरीकरण, गहरीकरण कराया जाएगा तथा जल स्रोतों के आस पास किए गए अतिक्रमण को हटाकर वृक्षारोपण किया जाएगा। 

जल संसाधन मंत्री श्री सिलावट ने इस संबंध में विभागीय प्रस्ताव पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल को उनके निवास पहुंचकर प्रदान किया तथा अनुरोध किया कि प्रदेश के प्रत्येक ग्राम में “जल-हठ” अभियान को जन आंदोलन के रूप में चलाया जाए।

मंत्री श्री पटेल ने आश्वस्त किया के  प्रदेश की हर ग्राम पंचायत में जल स्रोतों के संरक्षण एवं जल संवर्धन को जन आंदोलन का रूप दिया जाएगा। 

अभियान के अंतर्गत जल स्रोतों के अतिक्रमणों को प्राथमिकता से हटाया जाएगा। प्रदेश के तालाबों एवं अन्य जल स्रोतों में अतिक्रमण से उनका कैचमेंट एरिया समाप्त होता जा रहा है, जिससे जल स्रोतों में प्रदूषण की समस्या बढ़ रही है तथा सिंचाई एवं पीने का पानी कम हो रहा है।

ग्रामीण क्षेत्र के छोटे-छोटे नदी नालों में पहले वर्ष भर जल संरक्षित रहता था, ये नदी नाले अब समाप्तप्राय हो गए हैं। वर्षा के जल को संरक्षित करने एवं भूजल उन्नयन के लिए इन्हें पुनर्जीवित करना अत्यंत आवश्यक है।

“जल-हठ” अभियान के अंतर्गत प्रदेश के सभी जिलों में प्राकृतिक जल स्रोतों, तालाबों के पुनर्जीवन कार्य के  लिए उन्हें चिन्हित कर विभागीय योजना बनाई जाएगी और समाज के विभिन्न वर्गों एवं स्वेच्छिक  संगठनों के सहयोग से इसे जन आंदोलन के रूप में चलाया जाएगा। अभियान में सभी जनप्रतिनिधियों, सामाजिक/ सांस्कृतिक संगठनों, खेल संस्थाओं, शैक्षणिक संस्थानों, संत महंतों तथा बुद्धिजीवी वर्ग का भी पूरा सहयोग लिया जाएगा।

मध्य प्रदेश में जल संरक्षण एवं संवर्धन की समृद्धशाली परंपरा रही है। प्रदेश की चंदेल एवं गोंडकालीन जल संरक्षण प्रणाली न केवल भारत में, बल्कि पूरे विश्व में प्रसिद्ध रही। हमने प्रदेश में सिंचाई संसाधनों की बढ़ोतरी में आशातीत सफलता पाई है। वहीं तालाबों के पुनर्जीवन और जीर्णोद्धार के लिए कई व्यापक कार्य किए गए हैं। सरकार की प्राथमिकता प्राकृतिक जल स्रोतों एवं तालाब को बचाने की है और उसके लिए हम योजनाबद्ध तरीके से काम कर रहे हैं।

चौधरी चरण सिंह, पीवी नरसिम्हा राव और डॉ. स्वामीनाथन को भारत रत्न: MP CM मोहन यादव ने व्यक्त की प्रसन्नता

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह, पूर्व प्रधानमंत्री श्री पीवी नरसिम्हा राव और कृषि वैज्ञानिक डॉ. एमएस स्वामीनाथन को मरणोपरांत भारत रत्न से सम्मानित किए जाने का निर्णय समूचे देश के लिए प्रसन्नता का विषय है।

मुख्यमंत्री ने इस निर्णय के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का आभार माना है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में दलगत राजनीति से ऊपर उठकर विभिन्न क्षेत्रों के योगदान को उदारतापूर्वक याद रखने और भारत रत्न से सम्मानित करने का निर्णय लिया गया है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह ने अपनी शैली से सर्वहारा वर्ग में एक विशेष छवि बनाई। लोकतंत्र के सेनानी के रूप में उन्होंने आपातकाल का डटकर विरोध किया। वे उत्तरप्रदेश के किसानों के बड़े नेता के रूप में जाने जाते हैं और उनके कृषि क्षेत्र के योगदान को सदा याद रख जाएगा।

मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री श्री पीवी नरसिम्हा राव एक मूर्धन्य विद्वान थे। इनका राजनैतिक जीवन विधायक, सांसद, मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री और प्रधानमंत्री के रूप में देश को समर्पित रहा है। शांत प्रवृत्ति के होने के बावजूद भी उनका काम बोलता था। उनके वित्तीय प्रबंधन ने राष्ट्र निर्माण में अहम भूमिका निभाई है। 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि डॉ. एमएस स्वामीनाथन को भारत रत्न दिया जाना कृषि जगत के लिए उल्लास का क्षण है और वैज्ञानिक जगत के लिए गौरव की बात है। हरित क्रांति के क्षेत्र में उनके योगदान से कृषि लाभ का धंधा बन पाया और असंख्य किसानों के जीवन में सुख का सूरज निकल सका। 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने तीनों विभूतियों के देश के विकास में दिए गए योगदान को याद कर नमन किया।

MP: अभियोजन स्वीकृति से संबंधित मंत्रि परिषद समिति का पुनर्गठन

राज्य शासन द्वारा लोकायुक्त संगठन, आर्थिक उपराध प्रकोष्ठ एवं अन्य एजेंसियों में पंजीबद्ध प्रकरणों में अधिकारी/कर्मचारियों के विरूद्ध अभियोजन स्वीकृति देने संबंधी प्रकरणों में विधि एवं विधायी कार्य विभाग एवं प्रशासकीय विभाग के अभिमत में भिन्नता होने पर ऐसे प्रकरणों में विचार करने के लिये मंत्रि-परिषद समिति का पुनर्गठन किया गया है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इसके अध्यक्ष होंगे। उप मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा, उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल, नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, श्रम विभाग मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल एवं लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग मंत्री श्रीमती सम्पतिया उईके सदस्य होंगे। मुख्य सचिव समिति के सचिव और अपर मुख्य सचिव सामान्य प्रशासन विभाग समिति के समन्वयक होंगे।

उक्त समिति मुख्यमंत्री से संबद्ध सामान्य प्रशासन, गृह, जेल, औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन, जनसंपर्क, नर्मदा घाटी विकास, विमानन, खनिज साधन, लोक सेवा प्रबंधन, प्रवासी भारतीय विभाग के अलावा ऐसे विभाग जो किसी अन्य मंत्री को न सौंपे गये हो। इन विभागों के संबंध में समिति निर्णय लेगी।

Haldwani violence: हलद्वानी हिंसा में 5 मौत, DM का दावा भीड़ ने ‘पुलिस कर्मियों को जिंदा जलाने की कोशिश की’

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Haldwani violence: हलद्वानी के जिला मजिस्ट्रेट ने शुक्रवार को कहा कि भीड़ द्वारा “पुलिस स्टेशन के अंदर फंसे पुलिस कर्मियों को जिंदा जलाने” का प्रयास किया गया था। इस बीच पिछले दिन की हिंसा में मरने वालों की संख्या बढ़कर पांच हो गई है, जबकि तीन की हालत गंभीर है।

बनभूलपुरा इलाके में कथित तौर पर नजूल भूमि पर एक मस्जिद और एक मदरसा खड़ा था, जिसके बाद गुरुवार को प्रशासन द्वारा विध्वंस अभियान चलाने के बाद हिंसा भड़क गई थी। पथराव, कारों में आग लगाने और एक पुलिस स्टेशन को घेरने के बाद, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने देखते ही गोली मारने के आदेश जारी किए थे।

शुक्रवार दोपहर को, उत्तराखंड के डीजीपी अभिनव कुमार ने बताया कि मरने वालों की संख्या पांच है। पुलिस ने पहले कहा था कि उन्हें “आत्मरक्षा में” गोली चलाने के लिए मजबूर किया गया था। जिले में कर्फ्यू और भारी पुलिस तैनाती जारी है।

इस बीच डीएम ने कहा कि जिस संपत्ति पर दो संरचनाएं स्थित थीं, वह नगर निगम की नजूल भूमि के रूप में पंजीकृत है – सरकारी भूमि जिसका राजस्व रिकॉर्ड में आधिकारिक तौर पर उल्लेख नहीं किया गया है।

“30 जनवरी को जारी नोटिस में तीन दिनों के भीतर अतिक्रमण हटाने या स्वामित्व दस्तावेज उपलब्ध कराने की आवश्यकता थी। 3 फरवरी को, कई स्थानीय लोगों ने हमारी टीम के साथ चर्चा करने के लिए नगर निगम का दौरा किया।

उन्होंने एक आवेदन प्रस्तुत किया और अदालत के फैसले का पालन करने पर सहमति जताते हुए उच्च न्यायालय में अपील करने के लिए समय देने का अनुरोध किया,” डीएम ने इस बात पर जोर देते हुए कहा कि तब अधिक समय नहीं दिया गया क्योंकि पर्याप्त समय पहले ही प्रदान किया जा चुका था।

“उस रात, हमारी सेना ने अगले दिन विध्वंस की तैयारी में एक फ्लैग मार्च किया। हालाँकि, स्थानीय लोगों ने एक आवेदन के निस्तारण के संबंध में 2007 में नैनीताल के तत्कालीन डीएम को जारी किया गया उच्च न्यायालय का आदेश प्रस्तुत किया। निपटान की वैधता को सत्यापित करने में असमर्थ, हमने उचित कानूनी प्रक्रियाओं का पालन सुनिश्चित करने के लिए विध्वंस को स्थगित कर दिया।

हमने सर्वसम्मति से मदरसा नामक संरचना को सील कर दिया, यह पुष्टि करते हुए कि यह खाली थी, ”उसने कहा, यह देखते हुए कि विध्वंस से पहले सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई थीं।

“अगले दिन, हमारे कार्यालय में 2007 के आदेश की जांच के बाद, संबंधित पक्ष ने उच्च न्यायालय से नोटिस पर रोक लगाने की मांग की। दो दिन की सुनवाई के बाद हाई कोर्ट ने कोई भी राहत देने से इनकार कर दिया. चूंकि विध्वंस के लिए हमारी तैयारी पहले ही तय हो चुकी थी, हम अभियान के साथ आगे बढ़े, ”उसने कहा।

Haldwani violence: हलद्वानी हिंसा में 5 मौत, DM का दावा भीड़ ने ‘पुलिस कर्मियों को जिंदा जलाने की कोशिश की’

हलद्वानी के जिला मजिस्ट्रेट ने शुक्रवार को कहा कि भीड़ द्वारा “पुलिस स्टेशन के अंदर फंसे पुलिस कर्मियों को जिंदा जलाने” का प्रयास किया गया था। इस बीच पिछले दिन की हिंसा में मरने वालों की संख्या बढ़कर पांच हो गई है, जबकि तीन की हालत गंभीर है।

सिवनी जिला चिकित्सालय में सोमवार से शुक्रवार तक बनेंगे दिव्यांग प्रमाण पत्र

सिवनी: सिविल सर्जन सह-मुख्य अस्पताल अधीक्षक सिवनी द्वारा बताया गया कि कलेक्टर श्री क्षितिज सिंघल के निर्देशानुसार जिला चिकित्सालय सिवनी में आगामी 11 मार्च तक प्रतिदिन सोमवार से शुक्रवार तक दिव्यांग प्रमाण-पत्र बनाये जायेंगे।

विकासखंड स्तर पर आयोजित दिव्यांग शिविरों में बनाए गए ऐसे दिव्यांग प्रमाण-पत्र जो अपूर्ण है एवं त्रूटिपूर्ण है ऐसे दिव्यांग प्रमाण पत्रों का यूडीआईडी कार्ड जनरेट नहीं हो पा रहे हों ऐसे सभी दिव्यांगजन जिला चिकित्सालय सिवनी में अपने पुराने दिव्यांग प्रमाण पत्र, आधार कार्ड एवं समग्र आईडी की छायाप्रति लेकर प्रतिदिन सोमवार से शुक्रवार तक कक्ष क्रमांक 10 में उपस्थित होकर दिव्यांग प्रमाण पत्र जारी करवाकर यूडीआईडी कार्ड जनरेट करवा सकते हैं।

अधिक जानकारी के लिए मोबाईल नंबर 9584674590 एवं 9407315544 में संपर्क किया जा सकता है।

सिवनी: ताहिर अली का फटाका लायसेंस निलंबित, गोलू पंडित पर FIR दर्ज करने की कार्यवाही

सिवनी: प्रमुख मुख्य सचिव, म.प्र.शासन, गृह विभाग मंत्रालय वल्लभ भवन भोपाल द्वारा विस्फोटक अनुज्ञप्ति धारियों व्दारा विस्फोटक अधिनियम 1884 एवं विस्फोटक पदार्थ अधिनियम 1908 तथा विस्फोटक नियम 1908 तथा विस्फोटक नियम 2008 का जिले के अनुज्ञप्ति धारियों से पालन कराये जाने हेतु निर्देश प्राप्त हुआ था।

जिसके परिपालन में कलेक्टर श्री क्षितिज सिंघल के मार्गदर्शन में जिलें के सभी अनुविभागीय दण्डाधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी पुलिस द्वारा विस्फोटक अनुज्ञाधारियों कि जाँच कर भौतिक सत्यापन कराया गया।

ताहिर अली फटाका लायसेंस निलंबित 

जाँच के दौरान एक लायसेंसी ताहिर अली आ० मोहम्मद अली निवासी सिवनी जिनका अनुज्ञप्ति स्थाई फटाका लायसेंस था जो कि सिवनी के सब्जी मंडी के सामने सघन आबादी एवं अन्य दुकाने से सटे होने के उक्त लायसेंसी का अनुज्ञप्ति स्थाई फटाका लायसेंस निलंबित किया गया।

इसी प्रकार सिवनी शहर के फतेह बाबा दरगाह के पास, दुर्गा चौक सिवनी निवासी विजय मिश्रा उर्फ गोलू पंडित पिता सुरेश प्रसाद मिश्रा द्वारा बिना बैद्य लायसेंस के कूलर की दुकान पर दो कार्टून फायर वर्क रखे गये जिसके विरुद्ध कार्यवाही करने थाना कोतवाली में एफआईआर दर्ज करने की कार्यवाही की गई ।

2611 माचिस के बक्से पाये जाने पर नोटिस जारी किया गया

चावल मण्डी सिवनी में संचालित शीला ट्रेडर्स की दुकान में माचिस की 288 पेटियों भण्डारित की जाना पाई गई। दुकान में अग्नि सुरक्षा संबंधी उपकरण एवं व्यवस्था नहीं पाई गई। जिससे उक्त दुकान को खाली कराकर खैरीटेक नागपुर रोड सिवनी में स्थित अमित आहुजा पिता ठाकुरदास आहुआ के गोदाम में पुलिस एवं राजस्व के संयुक्त दल के द्वारा रखवाया गया।

इसी प्रकार रानी दुर्गावती बाई गंज वार्ड सिवनी में स्िथत मेसर्स बलराम सेवलानी पिता स्व. रूपचंद सेवलानी के माचिस के गोदाम की जाँच की गई। गोदाम में 2611 माचिस के बक्से पाये गये।

उक्त माचिस के दोनों गोदाम घनी बसाहट क्षेत्र में संचालित होने, अग्नि सुरक्षा संबंधी अनापत्ति प्रमाण पत्र न होना तथा ज्वलनशील सामग्री का वृहद मात्रा में भण्डारण किए जाने हेतु विधिक अनुज्ञा नहीं होना पाया गया जिसके परिणाम स्वरूप मेसर्स अमित आहूजा पिता ठाकुरदास आहुजा निवासी स्टेडियम रोड सिंधी कॉलोनी सिवनी तथा मेसर्स बलराम सेवलानी पिता स्व. रूपचंद सेवलानी निवासी बारापत्थर सिवनी को अनुविभागीय दण्डाधिकारी सिवनी के विस्फोटक अधिनियम के अंतर्गत नोटिस जारी किया जाकर कार्यवाही की जा रही है।