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उल्टी दस्त की चपेट में आये सुकतरा ग्रामवासी : उपचार जारी

सिवनी- मध्यप्रदेश के सिवनी जिले के केवलारी विकासखंड अंतर्गत जनपद पंचायत केवलारी के ग्राम सूकतरा में 18 एवं 19 दिसम्बर की दरम्यिानी रात को लगभग 40 से 45 लोग उल्टी-दस्त की चपेट में आये जिन्हें उपचार हेतु सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र केवलारी व जिला चिकित्सालय सिवनी में लाया गया जहां उनका उपचार जारी है।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के.सी.मेश्राम ने जानकारी कि ग्राम सुकतरा में उल्टी-दस्त होने संबंधी जानकारी प्राप्त हुई थी विभागीय अमला सहित बीएमओ व राजस्व का अमला जांच में गया था ग्राम के लोग नाले (झिरिया) से पानी पीते है। पानी की जांच के लिए भेज दिया गया है उल्टी दस्त से बीमार हुए लोगो का उपचार जारी है तथा सभी स्वस्थ है।

डाॅ.ए.के. लकरा बीएमओ ने जानकारी दी कि पीने के पानी में संक्रमण हो सकता है क्योंकि यह नाले (झिरिया) से पानी पीते हैं नहर का पानी झिरिया में जाता है जिसकी जांच के लिए पीएचई में दे दिया गया है जो कि जांच के बाद सामने आएगा।

ज्ञात हो कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र केवलारी में 27 मरीज भर्ती किये जिनमें 19 महिला , 7 पुरुष एवं 13 वर्ष की एक बच्ची है अन्य मरीजो की हालत ठीक होंने की वजह से ग्राम में ही रखा गया है व एक महिला मरीज की हालत गंभीर होने से सिवनी जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है।

स्थानीय लोगों के अनुसार ग्राम के सभी लोग नाले (झिरिया) से पानी पीते हैं जिस में संक्रमण के चलते लोगों को अचानक उल्टी दस्त चालू हो गए ! जिसकी सूचना ग्रामीणों द्वारा 108 में दर्ज कराई गई इसके बाद ग्रामीणों को डाँक्टर ए.के.लकेरा द्वारा ग्राम केम्प लगाकर प्रभावित मरीजों का प्राथमिक इलाज किया गया एवं कुछ मरीजों को जिनकी हलात नाजुक थी उन्हें केवलारी समुदायिक स्वास्थ केन्द्र लाया गया है जिनका उपचार जारी है।

स्वास्थ्य विभाग के अमले द्वारा पानी के सैंपल जांच के लिए पीएचई विभाग को भेजा गया है जिसकी रिपोर्ट आना बाकी है। ग्राम के स्थानीय लोगों का कहना है विगत दो दिन पूर्व ग्राम में कुछ लोगों द्वारा विजय जुलूस निकाला गया एवं उसमें नमकीन एवं मिठाई बांटी गई जिस वजह से लोगों को फूडप्वाइजनिंग हुई है जो की जांच का विषय है।

एक शख़्स Twitter पर फैला रहा था फ़ेक न्यूज़,पुलिस ने अपने Swag से उसको चुप करा दिया

फ़ेक न्यूज़ को ख़त्म करो. 16 दिसंबर को एक ट्वीट के ज़रिये ये संदेश राजस्थान पुलिस ने दिया है.

@Ashok6510 नाम के ट्विटर हैंडल ने इस दावे के साथ एक वीडियो शेयर किया कि कुछ मुसलमान पुरुष राजस्थान के राजपुत परिवारों पर हमला कर रहे हैं. उस ट्वीट में लिखा था, ‘उटाम्बर में मुस्लिम समुदाय के पुरुष राजपुतों के घरों में घुस गए और महिलाओं को अनुचित तरीके से छुआ. अगर पांच घंटे के भीतर ऐसी हालत है, तो कल्पना करो कि पांच साल में क्या होगा.’

@Ashok6510 के ट्वीट पर राजस्थान पुलिस ने तुरंत प्रतिक्रिया दी और ट्वीट कर के बताया कि ये वीडियो पुराना है और इसका उटाम्बर की घटना से कोई ताल्लुक नहीं है और फ़ेक वीडियो ट्विटर हैंडल को कार्यवाही करने की चेतावनी भी दी.

राजस्थान पुलिस ने अपने ट्वीट में कहा, ‘राजस्थान पुलिल आपको Watch कर रही है. ये पुराना पुरानी वीडियो है, जो झारखंड के रांची का है. आप तुरंत इसे Delete करें अन्यथा Cyber Unit को ये Case सौंप दिया जाएगा.’

राजस्थान पुलिस के इस ट्वीट के बाद @Ashok6510 ने वो फ़ेक वीडियो के अपने अकाउंट से हटा दिया.

आपको बता दें कि राजस्थान में मतगणना के दिन उटाम्बर में दो समुदायों के बीच पथराव और झड़प हुई थी, जिससे इलाके में अशांति फ़ैल गई थी.

स्थानीय परिवाद समिति के अशासकीय सदस्यों के चयन हेतु आवेदन पत्र 21 दिसंबर तक आमंत्रित

सिवनी // मध्यप्रदेश शासन महिला एवं बाल विकास विभाग मंत्रालय वल्लभ भवन भोपाल द्वारा महिलाओं का कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न (निवारण प्रतिषेध एवं प्रतितोषण) अधिनियम 2013 के क्रियान्वयन हेतु स्थानीय परिवाद समिति का पुर्नगठन किया जाना है।

इस समिति में (एक अध्यक्ष, जो महिला होगी तथा 03 अन्य सदस्य होंगे) अध्यक्ष सामाजिक कार्य के क्षेत्र में प्रख्यात और महिलाओं की समस्याओं के प्रति प्रतिबद्व महिला। सदस्य -1 महिला-जिले में विकासखंड, तहसील, वार्ड अथवा नगरपालिका में कार्यरत महिला।

सदस्य 02 जिनमें से एक सदस्य महिला होगी जो महिलाओं की समस्या के प्रति प्रतिबद्व ऐसे गैर सरकारी संगठन या संगमों में से नामांकित की जायेगी या लैंगिक उत्पीड़न से संबंधित मुद्दों से सुपरिचित हो परंतु कम से कम एक को विधि की पृष्ठभूमि या विधिक ज्ञान हो। इनमें से एक नामित व्यक्ति अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति या अन्य पिछड़ा वर्ग या केन्द्र सरकार द्वारा अधिसूचित अल्पसंख्यक समुदाय की महिला।

उक्त स्थानीय परिवाद समिति के लिये अध्यक्ष एवं सदस्यों की नियुक्ति के लिये आवेदन आमंत्रित किये जा रहे है। जो महिला पुरूष उक्त कार्य करने हेतु इच्छुक हैं, वे सादे कागज पर अपना आवेदन जिसमें आवेदक का नाम, आवेदित पद का नाम, जन्म तिथि, वर्ग/श्रेणी, पत्राचार हेतु पता एवं दूरभाष क्रमांक, शैक्षणिक योग्यता एवं कार्य अनुभव अंकित हो,

दस्तावेजों की स्वप्रमाणित प्रतियां 1. स्वंय का फोटो, के साथ कार्यालय जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास (बाल संरक्षण शाखा) जिला-सिवनी, प्रायवेट बस स्टेंड के पास हॉकी स्टेडियम के पीछे, जिला सिवनी में कार्यालयीन दिवसों में 21 दिसंबर तक जमा कर सकते हैं।

2 फरवरी को आयोजित होगी सिवनी सायकल-ऑन

सिवनी। जिला मुख्यालय के उत्साही, जागरूक युवाओं द्वारा सभी आम नागरिकों के सहयोग से प्रतिवर्ष आयोजित होने वाली सिवनी सायकल-ऑन का आयोजन इस वर्ष 2 फरवरी 2019 दिन शनिवार की प्रात: 8:30 बजे से होगा।

विगत 18 दिसंबर को होटल बाहुबली में आयोजित एक बैठक में समिति ने सर्वसम्मिति से निर्णय लिया है कि यह रैली मिशन स्कूल मैदान से आरंभ होगी। रैली में भाग लेने के लिये सभी आयु वर्ग के प्रतिभागियों के लिये 1 जनवरी से रजिस्ट्रेशन का कार्य शुरू होगा।
इस दौरान रैली की समाप्ति के बाद 21 प्रतिभागियों को लकी ड्रॉ के माध्यम से साइकिल प्रदान की जायेगी, इसके अलावा सबसे कम उम्र एवं सबसे अधिक उम्र के प्रतिभागियों को भी विशेष रूप से सम्मानित किया जायेगा। बैठक के दौरान आयोजन में महिला और पुरूषों सहित सभी परिवारों को आकर्षित करने के लिये सबसे अधिक फिटनेश वाले पति-पत्नि को भी सम्मान दिया जायेगा।
इसके अलावा हर वर्ष अनुसार विभिन्न संदेश देने वाली साज-सज्जायुक्त साइकिल लेकर रैली में भाग लेने वाले प्रतिभागी भी आयोजन समिति के माध्यम से सम्मानित होंगे। स्वास्थ्य पर्यावरण के प्रति सभी नागरिकों को जागरूक बनाने के लिये उक्त आयोजन का यह चौथा वर्ष है। समिति ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया है कि 2 फरवरी के पूर्व प्रत्येक सप्ताह को रविवार की सुबह 7 बजे से नगर के विभिन्न खेल मैदानों पर रैली के प्रमोशन के लिये कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे।
कल हुई बैठक में संतोष अग्रवाल, पीयूष शाह, कपिल पांडेय, विपिन यादव, दादू निखिलेंद्र नाथ सिंह गट्टू, सुदेश ठाकुर, डॉ. संदीप उपाध्याय, संजय मंडल, अरूण राय, नमन चौरसिया, मीना जायसवाल, ऋषिकांत त्रिवेदी, अनुप मिश्रा, श्वेत अग्रवाल, निशांत तिव्हन, पिंकी उपाध्याय, सूर्यकांत चतुर्वेदी, आयुष दंडवते, विजय चौहान, अभय श्रीवास्तव, अजय अवस्थी, राजदीप सेंगर, शरद खत्री, विपिन शर्मा एवं टिंकल जैन उपस्थित रहे।

आधार के लिए बनाया दबाव, तो भरने होंगे एक करोड़ का जुर्माना और ….

नयी दिल्ली : आधार नंबर के लिए अगर बैंक आैर टेलीकाॅम कंपनियां किसी पर दबाव बनाती हैं, तो उन्हें एेसा करने पर एक करोड़ रुपये का जुर्माना देने के साथ ही 10 साल तक भी सजा हो सकती है. आधार कार्ड की अनिवार्यता को लेकर केंद्र सरकार की आेर से अहम फैसला किया है, जिसमें अब किसी को भी बैंक खाता खुलवाने या सिम लेने के लिए आधार नंबर देना जरूरी नहीं है. यह ग्राहकों की इच्छा पर निर्भर होगा. इतना ही नहीं, एेसा करने वाली कंपनियों के कर्मचारियों को तीन से 10 साल तक की सजा भी हो सकती है. 

इसके साथ ही, आधार जारी करने वाला भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) को अतिरिक्त शक्तियों के साथ उसकी नियामकीय भूमिका बढ़ाने का प्रस्ताव है. इसके तहत प्राधिकरण के पास बायोमेट्रिक पहचान के दुरूपयोग पर कार्रवाई करने तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों तथा आंकड़ों में सेंध लगाने वालों के खिलाफ जुर्माना लगाने का अधिकार होगा. एक शीर्ष सूत्र ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निजी कंपनियों के आधार के उपयोग पर पाबंदी के फैसले के मद्देनजर मंत्रिमंडल ने यूआईडीएआई की शक्तियां बढ़ाने तथा नियमों का उल्लंघन होने पर कड़े सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने के इरादे से सोमवार को आधार कानून में संशोधन का प्रस्ताव किया. प्रस्तावित संशोधन शीर्ष अदालत के आदेश का अनुपालन है. 

इसके साथ सिम कार्ड प्राप्त करने तथा बैंक खाता खोलने में आधार के स्वैच्छिक उपयोग को लेकर टेलीग्राफ कानून तथा मनी लांड्रिंग निरोधक कानून (पीएमएलए) नियमों में संशोधन किया जायेगा. प्रस्तावित संशोधन को मंजूरी के लिए संसद में पेश किया जायेगा. आधार कानून में प्रस्तावित संशोधन श्रीकृष्ण समिति की सिफारिशों के अनुरूप है, जिसने कहा था कि यूआईडीएआई को निर्णय लेने के मामले में न केवल स्वायत्तता होना चाहिए, बल्कि प्रवर्तन कार्रवाई के लिए अन्य नियमकों के समरूप शक्तियां होनी चाहिए. 

सूत्रों के अनुसार, प्रस्तावित संशोधन यूआईडीएआई को नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए अधिक शक्तियां प्रदान करेगा. प्रस्तावित बदलाव के तहत आधार कानून की धारा 57 को हटाया जायेगा. धारा 57 के तहत पूर्व में निजी इकाइयों के साथ डेटा साझा करने की अनुमति थी, जिसे शीर्ष अदालत ने खारिज कर दिया. प्रस्तावित बदलाव की जानकारी देते हुए सूत्र ने बताया कि यूआईडीएआई आदेश के खिलाफ दूरसंचार विवाद निपटान और अपीलीय न्यायाधिकरण के समक्ष अपील दायर करने का प्रावधान होगा. टीडीसैट के खिलाफ अपील उच्चतम न्यायालय की जा सकेगी. 

इसमें यूआईडीएआई की शक्तियां बढ़ाने का प्रस्ताव किया गया है, ताकि वह निर्देश जारी कर सके और अगर निर्देश का अनुपालन नहीं होता है, वह जुर्माना लगा सके. जो इकाइयां सत्यापन के लिए आधार का अनुरोध करेंगी, वह प्राथमिक रूप से दो श्रेणियों से जुड़ी होंगी. ये दो श्रेणियों में एक वो इकाइयां शामिल होंगी, जिन्हें संसद में बने कानून के तहत अधिकार मिला है और दूसरी वे इकाइयां जो राज्य के हित में काम कर रही हैं. इसके लिए नियम केंद्र यूआईडीआईएआई के परामर्श से बनायेगा. इस प्रकार का सत्यापन स्वैच्छिक आधार पर होगा. 

श्रीकृष्ण समिति ने आधार कानून में संशोधन का सुझाव दिया था, जिसमें सत्यापन या आॅफलाइन सत्यापन के लिए सहमति प्राप्त करने में विफल रहने पर जुर्माना शामिल है. इसमें तीन साल तक की जेल या 10,000 रुपये तक जुर्माना शामिल है. इसके अलावा, मुख्य बायोमेट्रिक सूचना के अनधिकृत उपयोग के लिये 3 से 10 साल तक की जेल और 10,000 रुपये तक का जुर्माना का सुझाव दिया गया है.



स्व. पिता की याद में 13 लाख खर्च कर कच्चे रास्ते को बनाया ‘विश्व स्तरीय सड़क’ में!

असम के डिब्रूगढ़ की एक सड़क पर आप चलेंगे तो लगेगा कि आप कहीं विदेश में हैं। इस सड़क का नाम है हेरम्बा बारदोलोई पथ!

इस सड़क का निर्माण करवाया है गौतम बारदोलोई ने और इस सड़क का नाम उनके पिता हेरम्बा बारदोलोई के नाम पर है। हेरम्बा एक सामाजिक कार्यकर्ता थे। डिब्रूगढ़ की ‘पहली विश्व-स्तरीय सड़क,’ जिस पर सोलर स्ट्रीट लाइट, अच्छा ड्रेनेज सिस्टम और सड़क के दोनों तरफ बाग़ भी है।

इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए बोइरगिमोथ के निवासियों ने बताया कि यह सड़क कभी कच्चा रास्ता हुआ करती थी। बरसात के दिनों में लोगों का इस रास्ते से जाना मुहाल हो जाया करता था। 50-वर्षीय प्रतिमा दास ने कहा कि पहले ये रास्ता एक बड़े-गड्ढे से कम नहीं था। बारिश में घुटनों तक पानी भर जाता था। पर आज, कोई भी इस बदलाव को शब्दों में बयान नहीं कर सकता है।

लेकिन यह बदलाव आया कैसे?

बोइरगिमोथ इलाके की यह सबसे पुरानी सड़क है। इस कॉलोनी में हजारों लोग रहते हैं। साल 2008 में इस गली को गौतम के पिता हेरम्बा बारदोलोई का नाम दिया गया और संयोग से, उसी वर्ष शहर के इस महान समाजसेवी का निधन हो गया था।


गौतम बारदोलोई 

गौतम ने द इंडियन एक्सप्रेस को बताया, “जब दिब्रूगढ़ नगर पालिका ने इस सड़क का नाम मेरे पिता के नाम पर रखा तो यह बहुत गर्व की बात थी। लेकिन इस सड़क की हालत बहुत ही दयनीय थी।”

इसलिए गौतम ने इस रास्ते की कायापलट करने का निर्णय किया। गौतम ने बताया, “मेरे पिता पत्रकार थे और उन्होंने अपना पूरा जीवन लोगों की भलाई के लिए समर्पित किया। साल 1968 में बाढ़ के दौरान उन्होंने अकेले एक मछुआरे समुदाय के पुनर्वास में मदद की। उन्होंने उनके लिए जमीन के कागज़ात तैयार करवाए, लाइब्रेरी बनवाई और साथ ही, एक प्रार्थना घर भी। मेरी माँ को आज भी उस गाँव में हर साल बिहू पर मेरे पिता की जगह झंडा फहराने के लिए बुलाया जाता है।”

गौतम ने सड़क का पुनर्निर्माण कार्य साल 2013 में शुरू किया और इसके बीच वे डिब्रूगढ़ और होंगकोंग के बीच यात्रा करते रहते क्योंकि उनका काम होंगकोंग में है।

उन्होंने कुछ स्थानीय लड़कों को संगठित किया और सड़क को लगभग डेढ़-फ़ीट तक ऊँचा करने के लिए रास्ते को भरना शुरू किया। उन्होंने बाद में व्यक्तिगत घरों के दरवाजे के सामने पीवीसी पॉवर ब्लॉक का भी उपयोग किया। हालांकि, इस रास्ते को मॉडर्न सड़क में तब्दील करने के लिए असल काम साल 2017 में शुरू हुआ।

“मैंने सबसे पहले ड्रेनेज सिस्टम पर काम किया क्योंकि इसके ना होने के कारण ही हर बार बारिश में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो जाती थी। इसके बाद हमने सड़क के दोनों तरफ बगीचा लगाना शुरू किया। कुछ स्थानीय लड़कों ने मेरी सड़क को पेंट करने में भी मदद की,” गौतम ने कहा।

उन्होंने 178 मीटर लम्बी सड़क के दोनों तरफ बगीचा लगाया है, जिसमें उन्होंने पपीता, हल्दी और धनिया आदि जैसे पेड़ लगाए हैं। “मैं एक आदर्श विश्व स्तरीय सड़क बनाना चाहता था,” गौतम ने मुस्कुराते हुए कहा।


इस सड़क पर सोलर लाइट्स भी लगी हुई हैं और साथ ही, फुटपाथ मार्कर, रबर स्पीड ब्रेकर आदि भी हैं। दीवारों पर विनाइल पोस्टर लगाये गये हैं जिन पर सफाई और सड़क सुरक्षा के संदेश हैं।

वैसे तो, गौतम इस काम की वास्तविक लागत के बारे में अनिश्चित हैं, लेकिन वह अनुमान लगाते हैं कि इसमें करीब 13 लाख रुपये लगे है!

“यह करने में मुझे पांच साल लगे। लोग सबसे पहले मुझसे पूछते हैं, ‘आपका कितना पैसा खर्च हुआ? क्या यह एक सामुदायिक पहल थी?’ जब मैं बताता हूँ कि मैंने अकेले किया है तो लोग चौंक जाते हैं। लेकिन यह चौंकने वाली बात नहीं है। मेरे पिता ने अपना पूरा जीवन सामाजिक सेवा में समर्पित किया। यह तो कम से कम मैं कर ही सकता था,” गौतम कहते हैं।

26 को सिवनी आएंगे भारत के पहले दिव्यांग आयरन मैन प्रवीण तेवतिया! जो 26/11 के जांबाज कमांडो है

11 राज्यों से आमंत्रित शहीदों के परिजनों का स्वागत व् सम्मान 26 को शुक्रवारी में होगा  होटल ताज व् मुंबई आतंकी हमले में गोली लगने के बाद भी 150 लोगो को जान बचाने वाले प्रवीण तेवतिया भी होंगे शामिल


पूर्व समुद्री कमांडों प्रवीण तेवतिया

पूर्व समुद्री कमांडों प्रवीण तेवतिया (33 वर्षीय) भारत के पहले दिव्यांग आयरनमैन बन गए हैं। उन्होंने  दक्षिण अफ्रीका में आयरनमैन ट्रायथलॉन चैम्पियनशिप 2018 की दुनिया की सबसे कठिन और प्रतिष्ठित प्रतियोगिता का खिताब जीता है। साल 2008 में  मुंबई में हुए ताज हमले में आतंकवादियों के खिलाफ ऑपरेशन के दौरान प्रवीण को चार गोली लगी थी। उन्हें गोली उनके फेफड़ों और कान में लगी थी। जिसके चलते उनके सुनने की क्षमता चली गयी। इसके बाद उन्हें सर्विस में नॉन-एक्टिव ड्यूटी दी गयी।

पर तेवतिया इस से संतुष्ट नहीं थे। उन्होंने स्वयं को ड्यूटी के लिए पूरी तरह से फिट बनाने का फैसला किया। इसीलिए उन्होंने मैराथन में भाग लेना शुरू किया। यूपी के बुलंदशहर से ताल्लुक रखने वाले वाले तेवतिया ने बताया, “मैं स्वयं को और नेवी को यह साबित करना चाहता था कि मैं न केवल अपने हौसलों से बल्कि शारीरिक रूप से भी ड्यूटी के लिए फिट हूँ। आज तक भारत में किसी भी नेवी सैनिक ने आयरनमैन का ख़िताब नहीं जीता है।”

आयरनमैन ट्रायथलॉन में 180.2 किलोमीटर तक साइकिल चलानी होती है। 110 किमी के लिए साइकिल चलाने के बाद, तेवतिया की साइकिल का डरेलर टूट गया और वे सड़क पर गिर गये। इस दुर्घटना में उनके घुटने व टखने में चोट आयी; लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। कुछ दुरी पर ही साइकिल की मरम्मत करने वाली टीम का टैंट था। जिन्होंने उनकी साइकिल को 35 मिनट में ठीक करके दिया।

तेवतिया ने फ्री प्रेस जर्नल को बताया, “अगले 70 किमी तक साइकिल से चढ़ाई करना वाकई मुश्किल था, लेकिन मैंने हौंसला नहीं खोया और 7:37 घंटों में 180.2 किमी को पूरा किया।” अब अगले साल फरवरी में अमेरिका के अल्ट्रामन ख़िताब को जीतना उनका लक्ष्य है। हम प्रवीण को उनकी जीत के लिए बधाई देते हैं और उम्मीद करते हैं कि और भी लोग उनसे प्रेरणा लेंगें।

FACEBOOK गर्लफ़्रेंड के चक्कर में पाकिस्तानी जेल जा पहुंचे प्रेमी की 6 साल बाद हो रही है भारत वापसी

पिछले कुछ सालों से सोशल मीडिया पर हनीट्रैप के कई मामले सामने आ रहे हैं. सोशल मीडिया पर कुछ लोग किसी को जाने बगैर उस पर भरोसा करने लगते हैं. ऐसे में जालसाजों द्वारा बिछाए गए जाल में फंसकर अब तक कई लोगों की ज़िंदगियां बर्बाद हो चुकी हैं.

एक ऐसा ही मामला साल 2012 में भी देखने को मिला था. मुंबई के रहने वाले हामिद निहाल अंसारी को फ़ेसबुक के ज़रिये एक पाकिस्तानी लड़की से मोहब्बत हो गई थी. और हामिद अपने प्यार को पाने के लिए अवैध रूप से सरहद पार कर पाकिस्तान पहुंच गए. इसी दौरान पाकिस्तान सैन्य अदालत ने फ़र्जी पाकिस्तानी पहचान पत्र रखने के आरोप में उन्हें गिरफ़्तार कर लिया. 15 दिसंबर, 2015 को हामिद को 3 साल कैद की सज़ा सुनाई थी.

दरअसल, नवंबर 2012 में काबुल से नौकरी का ऑफ़र आने की बात कहकर हामिद मुंबई से अफ़गानिस्तान के लिए निकला था. इसके बाद वो फ़र्जी पहचान पत्र दिखाकर पाकिस्तान पहुंचा और वहां किसी लॉज में रुका. इस दौरान हामिद की गर्लफ़्रेंड ने ही उसके रुकने का इंतजाम किया था. 12 नवंबर को भारतीय जासूस होने के आरोप में हामिद को उसी लॉज से गिरफ़्तार किया गया था.

पाकिस्तान हाईकोर्ट ने ख़ारिज की थी याचिका

12 दिसंबर 2015 को जब पाकिस्तान की एक सैन्य अदालत ने हामिद को जासूसी और पाकिस्तान विरोधी गतिविधियों का दोषी ठहराया तो उसके भारत लौटने की सारी संभावनाएं लगभग ख़त्म हो गईं. इसके बाद हामिद ने अपने बचाव में सैन्य अदालत के फ़ैसले के ख़िलाफ़ पाकिस्तान हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी, लेकिन अगस्त 2018 में कोर्ट ने हामिद की याचिका ख़ारिज कर दी थी.

गर्लफ़्रेंड से मिले बिना 6 साल बाद वतन वापसी

इस बीच सरकार और पाकिस्तान गृह मंत्रालय की लगातार कोशिशों के बाद जांच में पता चला कि फर्जी पहचान पत्र उन्हें पाकिस्तानी गर्लफ़्रेंड ने ही भेजा था. हामिद अब पूरे 6 साल बाद आज भारत लौट रहे हैं. अटारी बॉर्डर पर हामिद को लेने के लिए उनके माता-पिता और भाई पहुंचे हैं.

परिवार को बेटे के लिए बेचना पड़ा मकान

हामिद का परिवार वर्सोवा मेट्रो स्टेशन के पास रहता है. बेटे को बचाने के लिए पिता नेहाल अंसारी ने बैंक की नौकरी तक छोड़ दी. जबकि परिवार को अपना पुश्तैनी घर बेचकर दिल्ली आना पड़ा ताकि हर हफ़्ते पाकिस्तान उच्चायोग जाकर बेटे के केस के लिए गुहार लगा सकें. हामिद की मां फौजिया मुंबई में एक कॉलेज की वाइस प्रिंसिपल हैं.

हामिद को बचाने में मुंबई के वरिष्ठ पत्रकार जतिन देसाई ने अहम भूमिका निभाई. देसाई पाकिस्तानी जेलों में बंद भारतीय मछुआरों की रिहाई के लिए लंबे समय से लगे हुए हैं. देसाई ने मुंबई और कराची के प्रेस क्लब के बीच एक मजबूत संबंध बनाए हैं. इसके अलावा वो ‘पाकिस्तान-इंडिया पीपल्स फ़ोरम फ़ॉर पीस ऐंड डेमोक्रेसी के महासचिव भी हैं.

Positive News : घर छोड़ा, पढ़ाई छोड़ी, YOUTUBE से बन रहा CARRIER

Sagar Jr (Sagar Janvi & Raj )  Singer

अहमदाबाद // यह तब की बात जब मैं भविष्य से अज्ञात बच्चा था, स्कूल में गायन करना सिर्फ एक अच्छी भावना थी, वो भी लड़कियों को प्रभावित करने के लिए कह सकते हैं। मेरे स्कूल के दिनों में मैंने कभी भी कैरियर के रूप में संगीत को कॅरियर बनाने का विचार कभी नहीं किया, जब तक मैं कॉलेज में नहीं आया तब तक जीवन हर किसी के रूप में चल रहा था।

मैं पढ़ाई में औसत से ऊपर था लेकिन कुछ भी भविष्य के साथ हमेशा कम संतुष्ट नहीं था। जीवन में कई प्रकार के बुरे अनुभव होते हैं, जिससे जीवन उल्टा हो जाता है। मेरी पढ़ाई में 0% भी रुचि नही थी, माता-पिता का विश्वास खो गया और सिर्फ उनके दिल की धड़कन का रुकना बचा था ।

मैंने इस समय के मध्य में अपनी इंजीनियरिंग छोड़ दी और अपने पिता के साथ व्यापार से जुड़ गया । अतीत मेरे चल रहे जीवन के साथ साथ मुझे परेशान कर रहा था। तब मुझे एहसास हुआ कि पिछले वर्षों में मैंने जो किया है वह सिर्फ एक दुःखप्रद था और मुझे अपने माता-पिता के बारे में सोचना चाहिए था। ये सभी अवसाद मेरा अकेलापन की भावना के माध्यम से मुझे पता चला था। मैं नरक की तरह टूट गया था। रातो को नींद नही ओर दिन भर बैचैन रहने लगा था । हर समय मुझे अंदर से बेचैनी थी, मैं बिल्कुल खुश नहीं था, क्योंकि मैं अपने जीवन से संतुष्ट नहीं था। मैं अपने अच्छी तरह से तैयार जीवन का आनंद नहीं ले रहा था। मैं हमेशा लक्ष्य को पाने की लिए स्वयं संघर्षरत रहा।

मैं गायन में अच्छा था और मेरे पूरे जीवन में कुछ और नहीं था। कोई भी मेरे विचार से खुश नहीं था और और इसके लिए मुझे अनुमति नहीं दी। लेकिन फिर मुझे कटु रास्ता चुनना पड़ा क्योंकि मैं भी अपने जीवन में माता-पिता को गर्व महसूस कराना चाहता हूं। यह जानते हुए भी कि जीवन यहां से कठिन होगा लेकिन मेरे देर से प्रेरित जुनून ने मुझे अपने स्थान पर मजबूत बना दिया। मैंने कई बाधाओं और संघर्ष के बावजूद अपने जीवन का आनंद लेना शुरू कर दिया।

मैं अकेला ही चला था जानिब-ए-मंज़िल मगर
दोस्त साथ देते गए और कारवाँ बनता गया
मेरे दोस्तो ने मेरा साथ कभी नही छोड़ा हमेशा मेरा सपोर्ट करते रहे और आज भी मेरे प्रिय मित्र Janvi और Raj जो मेरे नाम (Sagar JR) के साथ जुड़े है और हमेशा मेरे साथ जुड़े रहेंगे ।

जानवी & राज


इसके बाद मैं JG College Of BPA में प्रदर्शन कला कार्यक्रम के अहमदाबाद के कॉलेज में शामिल हो गया , यह जगह मुझे मौलिक सिद्धांतों और संगीत की मूल बातें सिखाती थी, जहां गायन के मेरे जुनून को नए कौशल मिलते थे।

कई साल बीत गए है मैंने घर छोड़ दिया लेकिन एक ही आत्मविश्वास है। इस विचार को स्वीकार करते हुए कि मैं मैदान में देर से काम कर रहा हूं, मुझे अच्छे स्तर तक पहुंचने के लिए प्रगति की अपनी गति को बनाए रखना है। कॉलेज में शामिल होने के तुरंत बाद मैंने यूट्यूब की अपनी परियोजनाओं की योजना बनाना शुरू कर दिया। कई असफलता मिलने बाद भी अंत में मैं यूट्यूब पर कुछ वीडियो जारी करने का प्रबंधन किया , यूट्यूब पर कुछ महीने हो गए हैं, और अब मैं अधिक उत्साहित हूं, सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं और प्रशंसाओं को देख रहा हूं।

मुझे अभी भी बहुत लंबा रास्ता तय करना है तय करने के लिए बहुत लंबा और आशा करता हूँ मेरा जुनून और काबिलियत के साथ साथ आप सभी का प्यार मुझे अपने जीवन मे खुदको साबित करने का मीका मिलेगा जिससे मेरे माता पिता को भी मुझपे गर्व होगा साथ ही साथ देश को अपने शहर को गर्व के पल दे पाउ ।

आपका अपना सागर

Unplugged Cover | Dheere Dheere Pyaar Ko Badhana Hai | Sagar JR | Kumar Sanu | Phool Aur Kante

Musafir Jaane Waale | Gadar | Udit Narayan | Sagar JR | Sunny Deol | Amisha Patel

Unplugged Cover | Tune Zindagi Mein Aake | Humraaz | Sagar JR | Janvi SR | Udit Narayan | Bobby Deol

SEONI स्कूली समय में हुआ परिवर्तन

सिवनी-जिले में शीत ऋतु की तीव्रता के कारण विद्यार्थियों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए जिला कलेक्टर महोदय के निर्देशानुसार जिले के समस्त शासकीय/अशासकीय/केंद्रीय/सी.वी.एस. ई. विद्यालयों को सूचित किया जाता है कि कक्षा 1 से 10वी तक के समस्त विद्यालयों का संचालन प्रातः 8:30 बजे के उपरांत ही किया जावेगा । समस्त संस्था प्रमुख उक्त निर्देशो का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करेंगे ।