सिवनी -जिले के समस्त किसान जिनके द्वारा समर्थन मूल्य में धान विक्रय किया गया है तथा भुगतान लंबित है। ऐसे सभी किसानों का आगामी 3 दिवस के भीतर सम्पूर्ण भुगतान कर दिया जाएगा। कलेक्टर श्री प्रवीण सिंह अढ़ायच द्वारा जानकरी दी गयी है कि शासन द्वारा भुगतान संबंधी तकनीकी समस्या का निराकरण कर लिया गया है।
जिससे सभी किसानों के लंबित भुगतान आगामी 3 दिवस में भीतर कर दिए जाएंगे। जिसके लिए आवश्यक दिशा निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए जा चुके है।
सिवनी-आबकारी विभाग सिवनी द्वारा अवैध शराब की रोकथाम के लिए आज13 फरवरी दो टीमों ने प्रातः कार्यवाही की ,,, एक टीम ने थाना बरघाट के अंतर्गत ग्राम चिरचिरा में दबिश देकर 17 लीटर अवैध कच्ची शराब और 125 किलोग्राम महुआ लाहन जप्त किया .
कार्यवाही में तीन आरोपियों को गिरफ्तार करके उनके विरुद्ध मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम, 1915 के अंतर्गत तीन न्यायालयीन प्रकरण कायम किया गया ,,, आरोपियों में 1) बिंदे आत्मज मेहतर गोंड उम्र 50 वर्ष निवासी ग्राम चिरचिरा थाना बरघाट ,,, 2) सुंदरी बाई पत्नी भीकम सिंह गोंड उम्र 55 वर्ष निवासी ग्राम चिरचिरा थाना बरघाट 3) कमला बाई पत्नी पतंग गोंड उम्र 32 वर्ष निवासी ग्राम चिरचिरा थाना बरघाट है। इसके अलावा थाना बरघाट के अंतर्गत ग्राम बोरी के तालाब के किनारे अलग अलग स्थानों पर छुपाकर रखे गए मिट्टी के मटको में लगभग 240 किलोग्राम सड़ा हुआ महुआ लाहन बरामद कर नष्ट किया गया जिससे अवैध कच्ची शराब बनाई जानी थी। इसके अलावा मौके से प्लास्टिक की एक जरीकेन में लगभग 10 लीटर अवैध कच्ची शराब और कच्ची शराब बनाने में उपयोग किए जाने वाले बर्तन भी बरामद कर जप्त किये गए ,,, मौके पर कोई आरोपी उपस्थित नही मिला अतः अज्ञात के विरुद्ध प्रकरण कायम किया और आरोपियों का पता लगाया जा रहा है।
दूसरी टीम द्वारा आबकारी लखनादौन वृत में ग्राम पौड़ी में प्रेम आत्मज दर्शन गोंड के कब्जे से 5 लीटर अवैध कच्ची शराब जप्त कर मध्यप्रदेश प्रदेश आबकारी अधिनियम,1915 की धारा 34(1)(क) के अंतर्गत न्यायालयीन प्रकरण कायम किया गया है एवम ग्राम पौड़ी के पास नाले में 90 किलो सड़ा हुआ महुआ लाहन बरामद कर नष्ट किया गया है।
आबकारी विभाग द्वारा आज की गई कार्यवाही में कुल 06 प्रकरण कायम किए गए जिसमें कुल 32 लीटर अवैध कच्ची शराब एवम लगभग 455 किलोग्राम महुआ लाहन जप्त किया गया जिसकी अनुमानित कीमत रुपए 40,000 /- है।
आज की कार्यवाही में प्रणय श्रीवास्तव, हसनलाल गोहिया, विजय सेन सहायक जिला आबकारी अधिकारी एवं अर्चना घोरमारे, आशीष वाटिया, वर्षा डोंगरे, खुशबू प्रिया मरावी , रविन्द्र लिल्हारे आबकारी उप निरीक्षक के साथ मुख्य आरक्षक होरीलाल वाचक एवम आरक्षक संतराम, लेखसिंह, आनंद, विशाल, व्यास नारायण शामिल रहे ।
सिवनी // राज्य शासन ने शासकीय नर्सिंग कॉलेज जबलपुर, उज्जैन और सभी शासकीय जनरल नर्सिंग प्रशिक्षण संस्थानों की पिछली भर्ती में अभी तक नौकरी ज्वाईंन नहीं कर सकी चयनित स्टाफ नर्सों को ज्वाईंन करने का एक और मौका दिया है।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी आदेशानुसार ऐसी स्टाफ नर्स, जिन्हें नियुक्ति पत्र प्राप्त नहीं हुए अथवा प्राप्त होने के बाद भी किसी कारणवश नौकरी ज्वाईंन नहीं कर पाई, उनसे 17 फरवरी 2019 तक निर्धारित प्रारूप में ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किये हैं।
आवेदक स्टाफ नर्स को अपना आवेदन संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएं की ई-मेल आईडी nursing.dhs@mp.gov.in पर मेल करना होगा। तत्पश्चात 25 फरवरी 2019 को स्वास्थ्य विभाग के संचालनालय में समस्त दस्तावेजों के परीक्षण के लिये सुबह 11 बजे आवश्यक रूप से उपस्थित होना होगा। आवेदिका द्वारा आवेदन प्रस्तुत करने के बाद जानकारी वाटसएप नम्बर 9713443738 पर भी दी जा सकेगी।
सिवनी- लोकसभा चुनावों को ध्यान में रखते केंद्रीय भाजपा संघटन द्वारा हर लोकसभा क्षेत्र में केंद्रीय मंत्रियों एवं राष्ट्रीय नेताओ को कार्यक्रताओं को सक्रिय कर पुनः केंद्र में भाजपा सरकार बनाने की दृष्टि से कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे
आज 14 फरवरी को जिला भाजपा कार्यलाय सिवनी में एक प्रेस कांफ्रेंस में ऊक्त जानकारी पूर्व विधायक नरेश दिवाकर एवं जिला भाजपा अध्यक्ष प्रेम तिवारी दवारा दी गई।
बताया गया कि पॉलीटेक्निक मैदान सिवनी में आयोजित इस कार्यक्रम को केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री नरेद्रसिह तोमर सम्बोधित करेगे।
इस कार्यक्रम में बालाघाट- सिवनी लोकसभा की 8 विधान सभाओं के कार्यकर्ता पालक सयोजक,बूथ प्रभारी उपस्थित रहेंगे,
मिली जानकारी के अनुसार केंद्रीय मंत्री नरेंद्र तोमर नागपुर से सड़क मार्ग से दोपहर 12 बजे सिवनी आयेगे जिसके बाद वे कार्यक्रम में शमिल होंगे।
प्रेस वार्ता में भाजपा जिला प्रवक्तता श्रीकांत अग्रवाल,आई टी सेल प्रमुख मनोज मर्दन त्रिवेदी,पिछड़ा वर्ग मोर्चा प्रभारी संजू मिश्रा,युवा मोर्चा प्रभारी नवनीत ठाकुर,एवं युवा मोर्चा जिला महामंत्री पप्पू सोनी उपस्थित थे।
Mulayam Singh wants Modi again as the Prime Minister. | Khabar Satta
लोकसभा चुनाव से ठीक पहले उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के संरक्षक मुलायम सिंह यादव ने बड़ा बयान दिया है. मुलायम सिंह यादव ने लोकसभा में अपने भाषण के दौरान कहा कि वह चाहते हैं कि नरेंद्र मोदी दोबारा प्रधानमंत्री बनें. उन्होंने कहा कि जितने सदस्य इस बार जीत कर आए हैं, दोबारा वह जीत कर आएं.
विवाहिता महिला को डरा धमकाकर बलात्कार करने वाला आरोपी जीवन लाल बघेल गिरफ्तार
सिवनी । थाना कोतवाली सिवनी अंतर्गत ग्राम सिमरिया निवासी विवाहित महिला के द्वारा रिपोर्ट की गई कि करीब 4 साल पहले इसका विवाह ग्राम परास पानी में हुआ था , शादी के बाद इसके गांव का रहने वाला जीवन लाल बघेल इसके पति को अनेकों बार फोन करके गलत गलत बातें बताता रहता था जिसके कारण महिला का उसके पति से पति का झगड़ा होने लगा और गत अप्रैल 2018 से उक्त महिला अपने मायके में आकर ग्राम सिमरिया में रहने लगी ।
जीवन लाल बघेल निवासी सिमरिया के द्वारा महिला को शादी करने का झांसा देकर अपने साथ सिवनी में अभिषेक कॉलोनी में कमरा लेकर रहता अनेकों बार दुराचार किया और नागपुर ले जाकर भी साथ में रख कर दुराचार किया , परेशान महिला ने जब कोई रास्ता नहीं दिखा तो थाने में रिपोर्ट कि , जिस पर जीवन लाल बघेल निवासी सिमरिया के विरुद्ध धारा 376 376 (2) (N) , 344 भारतीय दंड विधान का अपराध पंजीबद्ध किया जा कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है ।
जुआं एवं सट्टे के आदतन अपराधी विवेक उर्फ गोलू लाला निवासी भैरोगंज सिवनी का जिला बदर
पुलिस अधीक्षक सिवनी श्री ललित शाक्यवार द्वारा सिवनी जिले में जुआं एवं सट्टा खिलाने वाले आदतन अपराधियों के विरुद्ध सख्त से सख्त वैधानिक कार्यवाही किए जाने के निर्देश समस्त थाना प्रभारियों को दिए गए हैं ।
उक्त आदेश के पालन में कोतवाली टी.आई. अरविंद जैन के द्वारा जुआ एवम सट्टा खिलाने के आदतन अपराधी विवेक उर्फ गोलू लाला पिता ईश्वरी प्रसाद श्रीवास्तव उम्र 36 साल निवासी अंबिका चौक भैरव गंज सिवनी जिसके विरुद्ध जुआ ,सट्टा, मारपीट , अवैध हथियार एवं प्रतिबंधात्मक कार्रवाई के कुल 29 आपराधिक प्रकरण थाना कोतवाली एवं थाना डूंडा सिवनी में दर्ज हैं , के विरुद्ध मध्य प्रदेश राज्य सुरक्षा अधिनियम 1990 के तहत जिला बदर किए जाने हेतु प्रतिवेदन पुलिस अधीक्षक सिवनी श्री ललित शाक्यवार के द्वारा जिला दंडाधिकारी सिवनी के समक्ष पेश किया गया।
जिला बदर आपराधिक प्रकरण क्रमांक 60 / 2018 की सुनवाई के उपरांत जिला कलेक्टर सिवनी श्री प्रवीण अढायच द्वारा मध्य प्रदेश राज्य सुरक्षा अधिनियम 1990 की धारा 5 (क) एवं 6 (ग) के अंतर्गत दिनांक 8 फरवरी 2019 को पारित आदेश के द्वारा विवेक और गोलू लाला ईश्वरी प्रसाद श्रीवास्तव उम्र 36 साल निवासी अंबिका चौक भैरोगंज को अगले 1 वर्ष तक के लिए जिला सिवनी और सिवनी जिले के समीपवर्ती जिला छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, जबलपुर, बालाघाट एवं मंडला जिले की राजस्व सीमाओं से 1 वर्ष की कालावधि हेतु निष्कासित किए जाने का आदेश जारी किया गया।
उक्त जिला बदर आदेश के पालन में टीआई कोतवाली अरविंद जैन द्वारा विवेक उर्फ गोलु लाला को अगले 48 घंटे में जिला सिवनी एवम सीमावर्ती जिलों से बाहर जाने के लिए आदेश तामील किया गया है।
अगर आप भी हैं नौकरी की तलाश में और रखते हैं अपेक्षित योग्यता तो फूड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (FCI) ने विभिन्न पदों पर भर्ती के लिए निकाली है बंपर वैकेंसी. इसी महीने की 23 तारीख से ऑनलाइन आवेदन करने के लिए विभाग की वेबसाईट उम्मीदवारों के लिए खोल दी जाएगी. रिक्तियों में सहायक ग्रेड-II, स्टेनो ग्रेड -II, टाइपिस्ट (हिंदी), अस्सिस्टेंट ग्रेड- III, अकाउंटेंट, जूनियर इंजीनियर (जेई) (सिविल इंजीनियरिंग / इलेक्ट्रिकल मैकेनिकल इंजीनियरिंग) के कई पद शामिल हैं.
ये भर्ती 4103 पदों पर होनी हैं. इन पदों पर आवेदन के लिए ग्रेजुएट होना अनिवार्य है साथ ही अलग-अलग पदों के लिए अतरिक्त योग्यताओं की अपेक्षा है. ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 23 फरवरी 2019 से शुरू होगी, जबकि आवेदन करने की अंतिम तारीख 25 मार्च 2019 है. अलग-अलग पदों के लिए अलग-अलग योग्यता निर्धारित की गई है. अगर आप इन पदों पर आवेदन करना चाहते हैं, तो नीचे दी गई जानकारी आपके काम की है इसे ध्यान से पढ़ने के बाद आवेदन करें.
पदों के विवरण सहायक ग्रेड-II, स्टेनो ग्रेड -II, टाइपिस्ट (हिंदी), अस्सिस्टेंट ग्रेड- III, अकाउंटेंट, जूनियर इंजीनियर (जेई) (सिविल इंजीनियरिंग / इलेक्ट्रिकल मैकेनिकल इंजीनियरिंग)
कुल पदों की संख्या 4103 पद
क्वालिफिकेशन आवेदन करने वाले उम्मीदवार का ग्रेजुएट होना अनिवार्य है. इसके साथ ही विभिन्न पदों के लिए अलग-अलग योग्यताएं निर्धारित की गई है. क्वालिफिकेशन संबंधित अन्य जानकारी अभ्यर्थी ऑफिशियल नोटिफिकेशन में चेक कर लें.
आयु सीमा उम्मीदवारों की उम्र आवेदन के समय 18 से 25 साल होनी चाहिए. आरक्षित श्रेणी के उम्मीदवारों को नियमानुसार आयु में छूट दी जाएगी.
ऐसे होगा चयन उम्मीदवारों को ऑनलाइन परीक्षा के आधार पर चयनित किया जाएगा.
आवेदन फीस 500 रुपये होगी जो ऑनलाइन ही जमा करनी होगी.
दिए गए लिंक पर जाकर कर सकेंगे आवेदन इच्छुक उम्मीदवार www.fci.gov.in पर क्लिक करें और निर्धारित तारीख से करें आवेदन.
India Gate – इंडिया गेट (वास्तविक रूप से इसे अखिल भारतीय युद्ध स्मारक भी कहा जाता है) एक युद्ध स्मारक है। जो राजपथ, नयी दिल्ली में बना हुआ है, राजपथ को प्राचीन समय में किंग्सवे भी कहा जाता था।
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इंडिया गेट का इतिहास – India Gate History in Hindi
मूल रूप से अखिल भारतीय युद्ध स्मारक के रूप में जाने जाने वाले इस स्मारक का निर्माण अंग्रेज शासकों द्वारा उन 82000 भारतीय सैनिकों की स्मृति में किया गया था जो ब्रिटिश सेना में भर्ती होकर प्रथम विश्वयुद्ध और अफ़ग़ान युद्धों में शहीद हुए थे। यूनाइटेड किंगडम के कुछ सैनिकों और अधिकारियों सहित 13300 सैनिकों के नाम, गेट पर उत्कीर्ण हैं, लाल और पीले बलुआ पत्थरों से बना हुआ यह स्मारक दर्शनीय है।
जब इण्डिया गेट बनकर तैयार हुआ था तब इसके सामने जार्ज पंचम की एक मूर्ति लगी हुई थी। जिसे बाद में ब्रिटिश राज के समय की अन्य मूर्तियों के साथ कोरोनेशन पार्क में स्थापित कर दिया गया। अब जार्ज पंचम की मूर्ति की जगह प्रतीक के रूप में केवल एक छतरी भर रह गयी है।
1971 में बांग्लादेश आज़ादी युद्ध के समय काले मार्बल पत्थरो के छोटे-छोटे स्मारक व छोटी-छोटी कलाकृतियाँ बनाई गयी थी। इस कलाकृति को अमर जवान ज्योति भी कहा जाता है क्योकि 1971 से ही यहाँ भारत के अकथित सैनिको की कब्र बनाई हुई है।
इंडिया गेट का प्रारंभिक इतिहास – India Gate History
इंडिया गेट भारत के दिल्ली में स्थित है, जिसे मूल रूप से अखिल भारतीय युद्ध स्मारक भी कहा जाता है। और यह इतिहासिक धरोहर इम्पीरियल वॉर ग्रेव कमीशन (IWGC) का भी एक भाग है। जिसकी स्थापना प्रथम विश्व युद्ध में मारे गये सैनिको के लिये की गयी थी।
1920 के दशक तक,पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन पूरे शहर का एकमात्र रेलवे स्टेशन हुआ करता था। आगरा-दिल्ली रेलवे लाइन उस समय लुटियन की दिल्ली और किंग्सवे यानी राजाओं के गुजरने का रास्ता, जिसे अब हिन्दी में राजपथ नाम दे दिया गया है। पर स्थित वर्तमान इण्डिया गेट के निर्माण-स्थल से होकर गुजरती थी। आखिरकार इस रेलवे लाइन को यमुना नदी के पास स्थानान्तरित कर दिया गया।
इसके बाद सन् 1924 में जब यह मार्ग प्रारम्भ हुआ तब कहीं जाकर स्मारक स्थल का निर्माण शुरू हो सका। 42 मीटर ऊँचे इण्डिया गेट से होकर कई महत्वपूर्ण मार्ग निकलते हैं। पहले इण्डिया गेट के आसपास होकर काफी यातायात गुजरता था। परन्तु अब इसे भारी वाहनों के लिये बन्द कर दिया गया है।
शाम के समय जब स्मारक को प्रकाशित किया जाता है तब इण्डिया गेट के चारो ओर एवं राजपथ के दोनों ओर घास के मैदानों में लोगों की भारी भीड़ एकत्र हो जाती है। 625 मीटर के व्यास में स्थित इण्डिया गेट का षट्भुजीय क्षेत्र 306,000 वर्ग मीटर के क्षेत्रफल में फैला है।
इण्डिया गेट के सामने स्थित वह छतरी अभी भी ज्यों की त्यों है। इस छतरी के नीचे किसी जमाने में जार्ज पंचम की भव्य मूर्ति हुआ करती थी। भारत के आज़ाद होने के बाद उस मूर्ति को सरकार ने वहाँ से हटा कर कोरोनेशन पार्क में स्थापित कर दिया।
शहीद सैनिकों की स्मृति में यहाँ एक राइफ़ल के ऊपर सैनिक की टोपी रखी गयी है जिसके चार कोनों पर सदैव ‘अमर जवान ज्योति’ जलती रहती है। इसकी दीवारों पर उन हज़ारों शहीद सैनिकों के नाम हैं। सबसे ऊपर अंग्रेज़ी में लिखा है-
भारतीय सेनाओं के शहीदों के लिए, जोफ्रांस और फ्लैंडर्स मेसोपोटामिया,फारस, पूर्वी अफ्रीका गैलीपोली और निकटपूर्व एवं सुदूरपूर्व की अन्य जगहों पर शहीद हुए, और उनकी पवित्र स्मृति में भी जिनके नाम दर्ज हैं और जो तीसरे अफ़ग़ान युद्ध में भारत में या उत्तर-पश्चिमी सीमा पर मृतक हुए।
इंडिया गेट के आस पास हरे भरे मैदान, बच्चों का उद्यान और प्रसिद्ध बोट क्लब इसे एक उपयुक्त पिकनिक स्थल बनाते हैं। इंडिया गेट के फव्वारे के पास बहती शाम की ठण्डी हवा ढेर सारे दर्शकों को यहां आकर्षित करती हैं।
शाम के समय इंडिया गेट के चारों ओर लगी रोशनियों से इसे प्रकाशमान किया जाता है जिससे एक भव्य दृश्य बनता है। स्मारक के पास खड़े होकर राष्ट्रपति भवन का नज़ारा लिया जा सकता है। सुंदरतापूर्वक रोशनी से भरे हुए इस स्मारक के पीछे काला होता आकाश इसे एक यादगार पृष्ठभूमि प्रदान करता है। दिन के प्रकाश में भी इंडिया गेट और राष्ट्रपति भवनके बीच एक मनोहारी दृश्य दिखाई देता है।
हर वर्ष 26 जनवरी को इंडिया गेट गणतंत्र दिवस की परेड का गवाह बनता है जहां आधुनिकतम रक्षा प्रौद्योगिकी के उन्नयन का प्रदर्शन किया जाता है। यहां आयोजित की जाने वाली परेड भारत देश की रंगीन और विविध सांस्कृतिक विरासत की झलक भी दिखाती है। जिसमें देश भर से आए हुए कलाकार इस अवसर पर अपनी कला का प्रदर्शन करते है।
इंडिया गेट की कुछ रोचक बाते – India Gate Interesting Facts
दिल्ली शहर के मध्य में स्थित इंडिया गेट 42 मीटर ऊँचा है और भारत के प्रसिद्ध सैनिको का नाम इंडिया गेट की दीवारो पर उकेरा गया है। उस दीवार पर उन सैनिको के नाम लगे हुए है जिन्होंने अफगान और प्रथम विश्व युद्ध के समय अपने प्राणों की आहुति दी थी। दिल्ली का यह स्मारक दिल्ली की मुख्य सड़को से जुड़ा हुआ है।
इंडिया गेट का निर्माण कार्य 1921 में शुरू हुआ था और इस स्मारक को पूरा बनने में पुरे 10 साल लगे थे और 1931 में इंडिया गेट बनकर तैयार हुआ। कहा जाता है की पेरिस के अर्क दी ट्रिओम्फे से प्रेरित होकर इस स्मारक का निर्माण किया गया था। भारत के इंडिया गेट को एडविन लुटएंस ने आर्किटेक्ट किया था।
इंडिया गेट में प्रसिद्ध अमर जवान ज्योति भी है, जो 24×7 जलती रहती है। इस अमर जवान ज्योति को 1971 के इंडो पाक युद्ध में शहीद हुए सैनिको के लिए बनायी गयी थी। 1972 में गणतंत्र दिवस के मौके पर भारत की प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने इसे जलाया था।
अमर जवान ज्योति गेट के तीर्थ स्थल पर मार्बल से बनी हुई है। इसके ऊपर एक रिफिल और सैनिक की टोपी भी बनायी गयी है।
भारत के राष्ट्रपति एवं प्रधानमंत्री इंडिया गेट को देश के प्रसिद्ध तीर्थ स्थलो में से एक मानते है। भारत में सभी लोग इंडिया गेट के महत्त्व को जानते है।
भारत की जल, वायु और थल तीनो सेनाये अमर जवान ज्योति के महत्त्व को जानते है।
इंडिया गेट को विश्व को सबसे बड़ी वैश्विक युद्ध धरोहर माना जाता है। जिसे रोज़ लाखो भारतीय देखने आते है।
इंडिया गेट का इतिहासिक महत्त्व होने के कारण और आस-पास हरा भरा गार्डन होने के कारण यह स्थल एक प्रसिद्ध पिकनिक स्पॉट भी है।
इंडिया गेट 26 जनवरी को होने वाली गणतंत्र दिवस परेड के लिए काफी प्रसिद्ध है।
इंडिया गेट एक सरकारी धरोहर है और इसका वैश्विक और राष्ट्रिय महत्त्व भी है। सभी और इसे देश की इज़्ज़त और सम्मान से देखते है। इंडिया गेट हमारे लिये निश्चित ही गर्व की बात है।
Amar Jawan Jyoti – अमर जवान ज्योति एक भारतीय स्मारक है जिसका निर्माण 1971 के इंडो-पाक युद्ध के बाद शहीद हुए भारतीय सेना के सिपाहियों को स्मरण करते हुए किया गया।
एक भारतीय स्मारक “अमर जवान ज्योति” – Amar Jawan Jyoti Information
3 दिसम्बर 1971 से 16 दिसम्बर 1971 तक पूर्वी पाकिस्तान में मुक्ति संग्राम के समय भारतीय सेना का पाकिस्तान का साथ टकराव (1971 का इंडो-पाक युद्ध) हुआ था। स्वतंत्र बांग्लादेश के निर्माण में भारतीय सेना ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी, जिसमे हजारो भारतीय सैनिको को अपनी जान गवानी पड़ी।
दिसम्बर 1971 में इंडो-पाक युद्ध के बाद इंदिरा गांधी ने अमर जवान ज्योति को इंडिया गेट के निचे बनवाने में आर्थिक सहायता की थी। इस स्मारक का निर्माण 1971 के इंडो-पाक युद्ध में मारे गए भारतीय सैनिको में याद में किया गया था।
26 जनवरी 1972 को (23 वा भारतीय गणतंत्र दिवस) इंडिया गाँधी ने अधिकारिक रूप से इस स्मारक का उद्घाटन किया था।
1972 से हर साल गणतंत्र दिवस के दिन (गणतंत्र दिवस की परेड से पहले) देश के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, एयर स्टाफ के मुख्य, नवल स्टाफ के मुख्य, आर्मी स्टाफ के मुख्य और सभी मुख्य अतिथि अमर जवान ज्योति पर पुष्पांजलि भी चढाते है, ताकि युद्ध में मारे गए सैनिको को वे श्रद्धांजलि अर्पण कर सके।
अमर जवान ज्योति नयी दिल्ली के राजपथ पर इंडिया गेट के निचे बनी हुई है। इस स्मारक पर संगमरमर का आसन बना हुआ है, जिसपर स्वर्ण अक्षरों में “अमर जवान” लिखा हुआ है और स्मारक के शीर्ष पर L1A1 आत्म-लोडिंग राइफल भी लगी हुई है, जिसके बैरल पर किसी अज्ञात सैनिक का हेलमेट लटका हुआ है।
1971 से इसके एक कलश में लगातार आग जल रही है। इसकी देखरेख करने वाली इंसान की जिम्मेदारी यही है की वह इस आग को बुझने ना दे।
1971 से 2006 तक आग जलती रहने के लिए एलपीजी का उपयोग किया गया और 2006 के बाद से CNG का उपयोग किया जाने लगा। सालभर में चार में से केवल एक ही कलश साल भर जलता रहता है।
स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस पर ही चारो कलशो को एकसाथ जलाया (प्रज्वलित करना) जाता है। अमर जवान ज्योति को आर्मी, वायु सेना और जल सेना तीनो सम्मान की नजर से देखते है।
महत्त्व:
इसका निर्माण 1971 के इंडो-पाक युद्ध के बाद किया गया, अमर जवान ज्योति युद्ध में शहीद हुए सैनिको की याद में बनाया गया एक स्मारक है। जिसकी जलती हुई लौ को अजर अमर भी कहा जाता है और इसका निर्माण भी उन्ही को सम्मान देते हुए किया गया था।