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पकड़ाया पाल पेट्रोल पंप डकैती का आरोपी

सिवनी । बण्डोल थानांतर्गत नेशनल हाईवे पर स्थित पाल पेट्रोल पंप में बीति 14 मई को सुबह – सुबह डकैती डालने वाला एक आरोपी पुलिस की गिरफ्त में आया है।

बण्डोल पुलिस सूत्रों ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को बताया कि केवलारी के भाजपा विधायक राकेश पाल सिंह के नेशनल हाईवे स्थित पेट्रोल पंप को डकैतों ने तीसरी बार निशाना बनाया था। 14 मई को तड़के तीन नकाबपोशों ने महज दस मिनिट के अंदर लूट को अंजाम दिया था और फिर मौके से फरार हो गये थे।

पुलिस सूत्रों ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को बताया कि इस मामले में बण्डोल पुलिस के द्वारा एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी आनंद (27) पिता हररी सिंह, धार जिला का निवासी बताया जा रहा है। आरोपी ट्रक ड्राईवरी का काम करता है।पुलिस के द्वारा आरोपी को माननीय न्यायालय में पेश किया गया जहाँ से उसे जेल भेज दिया गया है।

भीषण जलसंकट : एक दूसरे के मुँह पर डब्बा मारेंगे और रोड जाम करेंगे

सिवनी- नीचे दिए वीडियो में देखे ग्रामीणों किस तरह जल संकट से जूझ रहे है। जिले में घटता जलस्तर एवं भीषण गर्मी के चलते जल परिवहन की स्थिति खड़ी हो गई है,सूखते कुयॉ एवं पानी की बजाय हवा उगल रहे हेंडपम्पो ने ग्रामीण अचल में भीषण पेय जल सकंट खड़ा कर दिया है जहा हर दिन ग्रामीणों को एक समय जल के लिये घण्टो मशक्त करनी पड़ रही है।

हलाकि पी एच ई विभाग नये नलकूप खनन करवा कर सम्सया को हल करने का प्रयास कर रहा है लेकिन बढ़ती आबादी एवं घटे हुए जल स्तर के कारण अभी तो समस्या बनी हुई है।

https://www.youtube.com/watch?v=QAhH4ComFzM

पद से हटाई गई गोपालगंज सरपंच

सिवनी-जिला मुख्यालय से नागपुर रोड स्थित आदर्श सांसद ग्राम गोपालगंज की सरपच श्रीमती ज्योति उइके को पद से पृथक कर दिया गया है।

जिला पंचायत सी ई ओ मंजूषा रॉय दवारा जारी आदेश के अनुसार आर्थिक अनियमित्ता के चलते ऊक्त कार्यवाही हुई है।

5 जून को बच्चो के साथ पहुँचे कंपनी गार्डन

5 जून विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पारम्परिक खेलों के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का दिया जाएगा संदेश

सिवनी -आगामी ५ जून विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर जिले वासियों खास तौर पर युवा वर्ग एवं बच्चों को प्रकृति से जोड़ने हेतु विशेष खेलों का आयोजन जिला मुख्यालय के कंपनी गार्डन में प्रातः 7.०० बजे से किया जाएगा।

जिसमें पर्यावरण संरक्षण से जुड़े रंगोली एवं ड्राईंग प्रतियोगिता के साथ पारम्परिक खेल जैसे रस्सी खीचना, टायर रेस, कंचे, गिल्ली डण्डा, गोला फेक जैसे खेलों का आयोजन किया जाएगा 7 साथ कार्यक्रम मे उपस्थित जनों को पौधे एवं बीज वितरण किए जायेंगे।

कलेक्टर श्री प्रवीण सिंह द्वारा जिले वासियों से अनुरोध किया है कि वे अपने परिवार सहित पर्यावरण दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम में सम्मलित होवें तथा प्राकृतिक संपदा संरक्षण तथा ग्लोबल वार्मिंग से होने वाले दुष्परिणामों की जानकारी प्राप्त कर आने वाली पीढ़ी एवं जीव जन्तु के जीवन को सुरक्षित बनाऐं

गरीबों की बिजली लिमिट तय, ज्यादा खर्च किए तो अमीरों वाला बिल आएगा

जबलपुर। सौ रुपए प्रतिमाह बिजली बिल (electricity bill) वाली इंदिरा गृह ज्योति योजना (Indira Ghar Jyoti Yojana) का लाभ (PROFIT) लेने के लिए उपभोक्ताओं (Consumers) को अब अपना बिजली खर्च भी 100 यूनिट तक सीमित रखना होगा। इससे ज्यादा बिजली खर्च करने पर सामान्य उपभोक्ता की तरह बिल की पूरी राशि चुकानी होगी। ऊर्जा विभाग ने आदेश जारी कर योजना के नियमों में बदलाव कर दिया है। सभी विद्युत वितरण कंपनियों को निर्देशित किया गया है कि नए बिल अब नए नियमों के हिसाब से ही तैयार किए जाएं।

प्रदेश की पिछली भाजपा सरकार ने 200 रुपए में बिजली देने की सरल बिल योजना लागू की थी। फरवरी में नई सरकार ने इंदिरा गृह ज्योति योजना लागू करते हुए बिल की राशि 100 रुपए प्रतिमाह कर दी थी। योजना सामान्य तौर पर पंजीकृत मजदूरों और निम्न वर्ग के कामगारों के लिए लागू की गई थी। सरकार ने 100 रुपए प्रतिमाह बिल योजना में बिजली खर्च की कोई सीमा निर्धारित नहीं की थी। पुरानी और नई सरकार के काल में हुए पंजीयन के बाद इंदौर की पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के अंतर्गत 15 जिलों में कुल करीब 21 लाख लोग इस योजना में पंजीकृत होकर लाभ ले रहे हैं।

इंदौर जिले में करीब सवा दो लाख विद्युत उपभोक्ता ऐसे हैं जिन्होंने अपना पंजीयन इंदिरा गृह ज्योति योजना के अंतर्गत श्रमिक के तौर पर करवाया हुआ है। इंदौर शहर में ऐसे उपभोक्ताओं की संख्या करीब एक लाख पांच हजार है। बीते दिनों ऊर्जा विभाग ने योजना के तहत पंजीकृत सभी उपभोक्ताओं के बिलिंग पैटर्न की जानकारी मांगी थी। पता चला था कि योजना में पंजीकृत आधे से ज्यादा उपभोक्ताओं का बिजली का खर्च 200 यूनिट से भी ज्यादा है। आम घरेलू उपयोग के लिए दी जा रही सस्ती बिजली का तमाम उपभोक्ता अपव्यय भी कर रहे हैं।

बिजली कंपनी ने रिपोर्ट दी थी कि बिजली के इस अपव्यय से बिजली कंपनी के फीडरों पर भी लोड बढ़ रहा है। बिल की चिंता नहीं रहने से तमाम उपभोक्ता बिजली बर्बाद कर रहे हैं। इसी के चलते शहर में भी बिजली की डिमांड भी रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची है और समस्याएं भी पैदा हो रही हैं। ट्रांसफॉर्मर-केबल जल रहे हैं और ट्रिपिंग होने से तमाम उपभोक्ता परेशान हो रहे हैं। रिपोर्ट में सुझाया गया था कि बिजली का अपव्यय रुकेगा तो न केवल सरकार और कंपनी पर बोझ कम होगा बल्कि बिजली नेटवर्क की समस्या भी घटेगी। इसके बाद ऊर्जा विभाग ने ताजा आदेश जारी कर दिया।

1755 लीटर महुआ लाहन नष्ट

सिवनी- रविवार 2 जून को श्रीमान कलेक्टर श्री प्रवीण सिंह के निर्देशन तथा जिला आबकारी अधिकारी बी. आर.वैध के मार्गदर्शन में वृत दक्षिण सिवनी द्वारा कुरई के ग्राम बीजापुर के जंगल के नाले में एवं पिपरवानी के जंगल में दबिश देकर 8 प्रकरण कायम किये गए ।

जिसमें किशोर पिता बैशाखू कवरेती बीजापुर एवं प्रेमबतीबाई पति रामचन्द्र भोई बीजापुर 10-10 लीटर महुआ शराब जब्त की गई।नाले में 755 लीटर महुआ लाहन नष्ट किया। एक अज्ञातमें प्रकरण दर्ज किया।

इसी तरह ग्राम पिपरवानी के जंगल में भी दबिश दी गयी । अनिल पिता मनीराम उईक पिपरवानी,पवन पिता मंत्री लाल पिपरवानी , विनोद पिता रामाजी गोंड पिपरवानी, रामु पिता सुक्कल गौंड पिपरवानी ,दयाराम पिता चैतछ कुतरे पिपरवानी 15-15 लीटर शराब जप्त की गई तथा 1000 लीटर महुआ लाहन नष्ट किया।

एक प्रकरण अज्ञात में कायम किया ।कार्यवाही में सहायक जिला आबकारी अधिकारी विजय सेन आरक्षक व्यासनारायण शर्मा धर्मेन्द्र यादव आनंद मरावी सम्मिलित थे।

कलेक्टर सर, सीएम साहब को बताना, अध्यापकों को 3 माह से वेतन नहीं मिला

मंडला। शनिवार को नव गठित ट्रायवल वेलफेयर टीचर्स एसोसिएशन के बैनर तले जिले के अध्यापकों ने कलेक्टर मण्डला डाॅ जगदीश चन्द्र जटिया को मुख्यमंत्री श्री कमलनाथ और प्रमुख सचिव आदिम जाति विभाग व आयुक्त जनजातीय विभाग श्रीमती दीपाली रस्तोगी के नाम ज्ञापन सौंपा। एसोसिएशन के प्रांतीय संयोजक डी के सिंगौर की अगुवाई में सौपं गये ज्ञापन में कहा गया है कि अध्यापकों के म.प्र. जनजातीय एवं अनुसूचित जाति शिक्षण संवर्ग नियम 2018 द्वारा नियुक्ति की कार्यवाही प्रचलन में है। साथ ही रेगुलर वेतन हेड से वेतन भुगतान की प्रक्रिया चल रही है जिसमें अध्यापकों के साथ कई समस्याएं आ रहीं है जिसका अतिशीघ्र निराकरण किया जाये। 

ज्ञापन में कहा गया है कि संविदा शिक्षक,गुरूजी, अध्यापक और विभाग के नये केडर में नियुक्त हो चुके प्राथमिक, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक शिक्षकों में से किसी का भी वेतन नहीं हो रहा है। उपरोक्त सभी का वेतन 2 माह से लम्बित है। बजट अचानक समाप्त हो जाने के कारण कई अध्यापकों का 3 माह से वेतन नहीं हुआ है। रेगुलर हेड से वेतन व्यवस्था में कई विसंगतियां आ रही हैं जैसें खाता नम्बर गलत होना, एम्पलाई कोड जारी नहीं होना, मूलवेतन त्रुटिपूर्ण होना, अनेक कारणों से प्रोफाइल पंजीयन नहीं होना, वेतन हेड में पर्याप्त बजट नहीं होना आदि। 

सके चलते सभी कर्मचारियों का वेतन भुगतान नहीं हो रहा है। वेतन के अभाव में अध्यापक भूख हड़ताल जैसा कदम उठाने मजबूर हो सकते हैं। आयुक्त कार्यालय द्वारा मात्र कुछ ही उच्च माध्यमिक शिक्षकों के नियुक्ति आदेश अपलोड हुये हैं शेष सभी के नियुक्ति आदेश महीनों से लम्बित है। उपायुक्त कार्यालयों द्वारा सभी माध्यमिक शिक्षकों के नियुक्ति आदेश जारी नहीं किये गये हैं साथ ही माध्यमिक शिक्षकों के आदेश में विषय का उल्लेख नहीं है। इस सम्बंध में उपायुक्त द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की जा रही है।

शिक्षा विभाग की शालाओं से ट्रांसफर द्वारा आने वाले अध्यापक, प्रतिनियुक्ति पर गये अध्यापक, छात्रावास अधीक्षक के पद से अध्यापक संवर्ग में संविलयन हुये अध्यापक, जाति प्रमाणपत्र की समस्या वाले अध्यापकों आदि का शिक्षक प्रोफाइल पंजीकरण अभी तक नहीं हुआ है। अध्यापकों को जुलाई 2018 से सांतवा वेतनमान दिये जाने का प्रावधान है। जुलाई 2019 आने वाला है। लेकिन शिक्षक इसके लाभ से वंचित हैं अध्यापकों ने छंठवे वेतनमान की प्रथम किश्त प्राप्त कर ली है द्वितीय किस्त का भुगतान अप्रैल 2019 से होना लम्बित है। 

आईएफएमएस साफ्टवेयर से द्वितीय किश्त का भुगतान, हड़ताल अवधि के वेतन का एरियर का भुगतान  नहीं हो रहा है। एनपीएस मिसिंग का समायोजन आईएफएमएएस से नहीं हो रहा है। एम्पलाई कोड जारी होने के बाद आईएफएमएस में कई शिक्षकों के मूलवेतन वास्तविक से कम या ज्यादा फीड हैं जो कि न तो डीडीओ स्तर से और न ही ट्रेजरी स्तर से एडिट हो रहें हैं ऐसें शिक्षकों का वेतन डीडीओ द्वारा रोका जा रहा है। अध्यापकों के राज्य शासन के कर्मचारी के रूप में नियुक्ति प्राप्त हो जाने के बाद दिवंगत कर्मचारी के आश्रित को राज्य शासन के कर्मचारियों की भांति अनुकम्पा नियुक्ति मेें लाभ नहीं मिल रहा है।

पटवारी संतोष सिंह भ्रष्टाचारी साबित: 5 साल की जेल, 65 लाख जुर्माना

जबलपुर। लोकायुक्त के विशेष न्यायाधीश ने आय से 379.4 प्रतिशत अधिक सम्पत्ति अर्जित करने वाले पनागर के तत्कालीन पटवारी संतोष सिंह को 5 साल का कारावास और 65 लाख रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड अदा नहीं करने पर पटवारी को 2 साल का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। न्यायालय ने छापे के दौरान पटवारी के घर से मिले नकद 5 लाख 13 हजार रुपए को राजसात करने का आदेश दिया है। इसके साथ आय से अधिक चल-अचल सम्पत्ति को नीलाम कर उससे मिलने वाली रकम को राजसात करने को कहा है।

यह है मामला 

अभियोजन के अनुसार लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक को सूचना मिली की पनागर के पटवारी संतोष सिंह ने आय से अधिक सम्पत्ति अर्जित की है। लोकायुक्त की टीम ने 18 दिसंबर 2013 को पटवारी के शुक्ला नगर गढ़ा और झिन्ना भेड़ाघाट स्थित निवास पर छापा मारकर जांच की। जांच में पटवारी के घर से 5 लाख 13 हजार रुपए नकद मिले। पटवारी की कुल चल-अचल 81 लाख 28 हजार 128 रुपए होना पाया गया। लोकायुक्त की ओर से वैध आय की गणना में पाया गया कि पटवारी ने 2 अप्रैल 1988 से 18 दिसंबर 2013 तक 16 लाख 95 हजार 472 रुपए की आय अर्जित की है। 

64 लाख 32 हजार 654 रुपए की आय से अधिक संपत्ति
जांच में पाया गया कि पटवारी संतोष सिंह ने आय से अधिक 64 लाख 32 हजार 654 रुपए यानी 379.4 प्रतिशत अधिक सम्पत्ति अर्जित की है। न्यायालय ने पटवारी को सम्पत्ति अर्जित करने का स्त्रोत बताने का पूरा अवसर दिया, लेकिन पटवारी सम्पत्ति अर्जित करने का वैध स्त्रोत बताने में पूरी तरह नाकाम रहा। विशेष लोक अभियोजक प्रशांत शुक्ला ने तर्क दिया कि पटवारी ने अपनी आय से कई गुना यानी 379.4 प्रतिशत अधिक सम्पत्ति अर्जित की है। इसलिए उसे कठोर से कठोर दंड दिया जाना चाहिए। सुनवाई के बाद न्यायालय ने पटवारी संतोष सिंह को भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम की धारा 13 (1) (ई)13 (2) में 5 साल का कारावास और 65 लाख रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई है। 

सवा दो साल में हुए 62 गवाहों के बयान
लोकायुक्त की ओर से 6 दिसंबर 2016 को पटवारी के खिलाफ आरोप-पत्र पेश किया गया था। इस मामले की सुनवाई के दौरान सवा दो साल में 62 गवाहों का परीक्षण और प्रतिपरीक्षण किया गया। अभियोजन की ओर से 61 और बचाव पक्ष की ओर से 61 गवाह पेश किए गए। 

चल-अचल सम्पत्ति की नीलामी के बाद राजसात होगी रकम न्यायालय ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि छापे के दौरान पटवारी के घर से मिले नकद 5 लाख 13 हजार रुपए को राजसात किया जाए। इसके साथ ही पटवारी की आय से अधिक चल-अचल सम्पत्ति को सार्वजनिक रूप से नीलाम की जाए। नीलामी से मिलने वाली रकम को राजसात किया जाए।

सिवनी एसपी होंगे कुमार प्रतीक

सिवनी । 2012 बैच के आईपीएस कुमार प्रतीक अब तक सागर, ग्वालियर, भिंड, टीकमगढ़ ,शिवपुरी रह चुके हैं।

यंहा पोस्टिंग के दौरान इन्होंने अपने कार्य को बखूबी किया है। आम नागरिक हो या अफसर हर कोई यही कहता फिरता है की श्री कुमार प्रतीक सरल स्वभाव के धनी आईपीएस है ।

बता दे की वर्तमान सिवनी पुलिस अधीक्षक ललित शाक्यवार की नवीन पदस्थापना कटनी जिले में कर दी गयी है।